रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन आज विपक्ष ने राज्य में खाद और बीज की जमाखोरी कालाबाजारी तथा बिजली न मिलने जैसे आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता पर चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर निशाने साधे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस विषय पर मिली स्थगन प्रस्तावों की सूचना के बारे में व्यवस्था दी कि सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का स्थगन प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को ग्राह्य किए जाने पर चर्चा के लिए व्यवस्था दी। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के साथ ही भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर सहित अन्य सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराया है। इसके बावजूद सहकारी समितियों में खाद नहीं है। खुले में अधिक दाम पर खाद बिक रहा है। राज्य में किसान बीज की कमी से परेशान हैं। बीज निगम के पास इसके लिए पैसा नहीं है और वह कर्ज मांग रहा है। राज्य में बिजली संकट की स्थिति है। किसान को बिजली नहीं मिल रही। खाद बीज और बिजली संकट से किसान जूझ रहा है। विपक्ष ने खाद बीज के मुद्दे पर कृषि मंत्री पर निशाना साधा। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट खाद के लिए किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि मानसून सत्र चल रहा है और यह सत्र इसलिए है कि किसान पर बात की जा सके। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव मान्य करने की मांग की।
शराब के मुद्दे पर विपक्ष ने दिखाए तेवर, जमकर नोंकझोंक
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विपक्ष ने शराब के मुद्दे पर तीखे तेवर दिखाते हुए शराब की गुणवत्ता और बिना परमिट की शराब बेचे जाने का आरोप लगाकर सरकार को घेरने की कोशिश की। भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से जानना चाहा कि जांजगीर चाम्पा, रायगढ़ व बिलासपुर जिले में 31 मई 2022 की स्थिति में देशी विदेशी मदिरा दुकानों की कितनी संख्या है। क्या उक्त जिले में संचालित देशी व विदेशी मदिरा दुकानों में ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक दर तथा बिना बिल दिए शराब का विक्रय किया जा रहा है? क्या बिना परमिट के मदिरा का विक्रय किया जा रहा है? यदि हां तो बिना परमिट के मदिरा विक्रय से अब तक सरकारी खजाने को कितनी राशि की हानि हुई है? क्या उक्त जिलों में मदिरा दुकानों में शराब में पानी मिलाने स्तरहीन व घटिया शराब का वितरण किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई है? यदि हां तो इन इस हेतु कौन दोषी है? दोषियों के विरुद्ध क्या क्या कार्रवाई की गई है? इस पर विभागीय मंत्री कवासी लखमा ने जवाब दिया कि 31 मई 22 की स्थिति में जिला जांजगीर चांपा, रायगढ़ एवं बिलासपुर में देशी-विदेशी मदिरा दुकानों की संख्या निम्नानुसार है जांजगीर चांपा में देसी दुकान 22, विदेशी दुकान 26, कंपोजिट16, रायगढ़ जिले में देसी दुकान 16, विदेशी 23, और कंपोजिट08, बिलासपुर जिले में देशी दुकान 25, विदेशी दुकान 26 और 15 कंपोजिट हैं। गौरेला पेंड्रा मरवाही की तीन विदेशी मदिरा दुकान का संचालन जिला बिलासपुर से किया जा रहा है।उक्त संख्या जिला बिलासपुर में संचालित दुकानों की संख्या में शामिल नहीं है। उक्त जिले में संचालित देशी व विदेशी मुद्रा दुकानों में ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक दर तथा बिना बिल दिए शराब का विक्रय नहीं किया जा रहा है। बिना परमिट के मदिरा का विक्रय नहीं किया जा रहा है। उक्त जिलों की मदिरा दुकानों में शराब में पानी मिलाने, स्तरहीन व घटिया शराब का विक्रय किए जाने की शिकायत प्राप्त शिकायत एवं की गई कार्रवाई की जानकारी उन्होंने दी। इस बार विपक्ष की ओर से सवालों की झड़ी लगा दी गई और यह भी कहा गया कि जब पेंड्रा मरवाही गौरेला जिले की मदिरा दुकान बिलासपुर से संचालित की जा रही है तो यह जिला बनाने की जरूरत क्या थी? विपक्ष की ओर से कहा गया कि जितनी शराब परमिट की बेची जा रही है उससे तीन गुनी ज्यादा शराब बिना परमिट के बिक रही है। शराब की क्वालिटी को लेकर सदन में काफी नोकझोंक हुई। इस बीच जमकर हाथ परिहास भी हुआ। शराब की गुणवत्ता की जांच के संदर्भ में भी सवाल उठे।
पीएम आवास पर रमन सिंह ने दिखाई गर्मी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे रोज आज पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासों के निर्माण संबंधी सवाल पर सरकार की जमकर घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि यह मेरे सवाल का असर है कि पंचायत मंत्री विभाग छोड़कर दिल्ली में बैठे हैं। डॉ. रमन सिंह ने वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा पंचायत विभाग छोड़ने के संदर्भ में लिखे गए पत्र की बातों का भी उल्लेख दिया और यह बताने की कोशिश की कि यह सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में कितनी विफल है। पंचायत मंत्री की गैरमौजूदगी में उनके विभाग के जवाब वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा दिए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति प्रकट की कि वह कैसे जवाब दे सकते हैं। इस पर यह प्रश्न भी उठा कि उन्हें किसने अधिकृत किया है। जब सिंहदेव पंचायत मंत्री का पद छोड़ चुके हैं तो वह इस विभाग से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए किसी को अधिकृत कैसे कर सकते हैं। इस पर अध्यक्ष चरणदास महंत ने टिप्पणी की कि मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। इस पर भी जबरदस्त बहस हुई। विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सवालों के समर्थन में कई सदस्यों ने सरकार पर हमला बोला। डॉ. रमन सिंह ने प्रश्न किया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2019- 20, 2020- 21, 2021- 22 और 2022- 23 में प्रदेश में कितने आवास स्वीकृत किए गए हैं? इन आवासों हेतु कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? आवास स्वीकृत किए गए हैं तो वर्ष 2019- 20, 2020 -21, 2021- 22 एवं 2022- 23 में प्रदेश में कितने प्रधानमंत्री आवास का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया है और कितने आवास अपूर्ण स्थिति में हैं? वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 में प्रदेश में कितने प्रधानमंत्री आवास पीएमएवाय योजना अंतर्गत स्वीकृत किए गए और कितने आवास का निर्माण किया गया?इन आवासों के निर्माण में राज्य सरकार द्वारा कितनी राशि स्वीकृत की गई? इस पर विभागीय मंत्री की ओर से वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद अकबर ने जवाब दिया तो इसके साथ ही विपक्ष ने उनके द्वारा जवाब दिए जाने पर आपत्ति कर दी।
आदिवासी श्रमिक स्वर्गीय अतिराम को मिले न्याय, भारतीय मजदूर संघ
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने नगर पुलिस अधीक्षक मनोज टीर्की को ज्ञापन सौंपकर मृतक स्वर्गीय अतिराम के दोषियों पर गैरजमानती धारा लगाने की मांग की है। मुश्ताक अहमद ने बताया कि पत्र द्वारा किये गए निवेदन पर पुलिस विभाग द्वारा किये गए जांच और कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराने का भी निवेदन किया है। और कहा कि संघ ने 28-09-2021 पत्र क्रमांक भा.म.सं./ख.म.सं/राज/Atiram_FIR/2021/66, दिनांक 21/08/2021 पत्र के माध्यम से संघ ने चौदह (14) बिंदुओं पर सप्रमाणिक तथ्यों के साथ आपके कार्यालय को अवगत कराते हुए यह निवेदन किया था कि दिनांक 21-08-2021 को आपके विभाग द्वारा दर्ज की गयी FIR No.- 0266 में आरोपित व्यक्तियों की सूची में ठेकेदार के नाम को भी जोड़ा जावे। साथ ही यह भी निवेदन किया था कि गेट पास में कूट रचना करके स्वर्गीय अतिराम को कुशल श्रेणी का कामगार दर्शाते हुए दुर्घटना के दिन (दिनांक 22.05.2020 को) उसे लाइनमैन का कार्य करने हेतु बाध्य करने एवं उक्त फेटल दुर्घटना में
स्वर्गीय अतिराम की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारीयों ( सर्वश्री पवित्र कुमार मंडल उपमहाप्रबंधक इलेक्ट्रिकल, आर. के. सिन्हा तत्कालीन महाप्रबंधक एवं एजेंट दल्ली यंत्रीकृत खदान महेंद्र सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक इलेक्ट्रिकल दल्ली यंत्रीकृत खदान ) पर भारतीय दंड संहिता के धारा 420,120 एवं धारा 304 के तहत अपराध कायम किया जावे।

28.09.2021के पत्र के माध्यम से की गयी शिकायत एवं निवेदन पर आपके विभाग द्वारा अब तक क्या करवाई की गयी है उसकी जानकारी देवे ,अगर आपके विभाग द्वारा संघ के इस विधिसंगत निवेदन पर कोई कारवाई नहीं की गयी है तो एक बार पुनः संघ आपसे निवेदन करता है कि जल्द से जल्द संघ के इस विधिसम्मत मांग पर समुचित कारवाई करते हुए दोषी ठेकेदार एवं अन्य आरोपित बी.एस.पी. अधिकारीयों पर भातरीय दंड संहिता के धारा 420,120 एवं धारा 304 के तहत अपराध दर्ज करते हुए दोषियों को समुचित सजा दिलवाये। संघ का यह स्पष्ट मानना है कि प्रकरण में उल्लेखित ठेके में कार्यरत सभी श्रमिक अकुशल श्रेणी के थे किंतु कार्य की प्रकृति कुशल श्रेणी के कामगारों की थी और इसलिए सम्बंधित अधिकारीगण एवं ठेकेदार द्वारा कूटरचना करते हुए स्वर्गीय अतिराम के गेटपास में उसे लाइनमैन दर्शाया गया जिससे कि दुर्घटना के दिन स्वर्गीय अतिराम अकुशल कामगार होते हुए भी कुशल श्रेणी के कामगार

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
https://36bestonlinesale.com/home
(लाइनमैन) का कार्य करने हेतु बाध्य हुआ। ठेकेदार एवं सम्बंधित आरोपित सभी अधिकारीयों द्वारा उक्त कृत्य यह जानते हुए भी कि स्वर्गीय अतिराम एक अकुशल श्रेणी का कामगार हैऔर उसके पास लाईनमैन का कोई प्रमाण पत्र ही नहीं है संघ को जानकारी मिली है कि स्वर्गीय अतिराम तीसरी तक पढ़ा था मगर उसके बाद भी बीएसपी के अधिकारियों ने सडयंत्र रचते हुए उसका झूठा लाईनमैन का प्रमाण पत्र बनाकर उसके गैटपास में लाईनमैन दर्शाया गया और यह सारा कृत्य जानबूझ कर किया गया। इस तरह से ठेकेदार एवं सभी आरोपित अधिकारीयों द्वारा किया गया, जिससे स्वर्गीय अतिराम को लाईनमैन बनाकर खंबे पर चढ़ा दिया गया और खंबे से गिरने से उसकी मृत्यु हो गई। उक्त कार्य को संघ घोखाघड़ी और जालसाजी की श्रेणी का मानता है और ठेकेदार एवं सभी आरोपित अधिकारीयों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 ,120 और धारा 304 के तहत अपराध कायम करने की मांग करता है। आपके विभाग द्वारा इस प्रकरण में आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304A के तहत अपराध कायम की गयी है जोकि जमानती अपराध है ईसी वजह से इन आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।जिसका संघ निम्न तथ्यों के आधार पर पुरजोर विरोध करता है और यह मांग करता है कि उक्त प्रकरण में आरोपित सभी अधिकारीयों

पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304,420,और 120 के तहत अपराध कायम की जावे। अपने मांग समर्थन में संघ निम्न तथ्यों को आपके समक्ष रखता है दिनांक 22.05.2022 को दल्ली यंत्रीकृत खदान में जो दुर्घटना घटी और अतिराम नामक ठेका श्रमिक की मृत्यु उक्त दुर्घटना में हुई उसका मुख्य कारण उक्त ठेका कार्य करने
वाला ठेकेदार एवं F.I.R. No.- 0266, Dtd- 21/08/2021, में आरोपित अधिकारीगण है। सभी अधिकारी एवं ठेकेदार यह बात अच्छे से जानते थे कि स्वर्गीय अतिराम एक अकुशल श्रेणी का कामगार था जिसके पास लाइनमैन बनने की की कोई वैधानिक पात्रता नहीं थी फिर भी उनके द्वारा कूटरचना करके उसे लाइनमैन दर्शाया गया और एक ऐसे ठेके में, जिसमें सभी श्रमिक नियमानुसार अकुशल श्रेणी के थे, स्वर्गीय अतिराम से कुशल श्रेणी का कार्य कराया जाता रहा। महोदय, सभी आरोपित अधिकारीगण पढ़े लिखे हैं और उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बनाये गए अधिनियम / नियम / उप-नियम आदि की पूरी जानकारी है। ऐसे में एक अकुशल श्रेणी के कामगार को बिना किसी पात्रता के कुशल श्रेणी (लाइनमैन) का कामगार बनाकर इन अधिकारीयों द्वारा जानबूझ कर गलत तरीके से कार्य कराया गया जबकि ये सभी अधिकारी इस बात को अच्छे से जानते थे कि उनके इस कृत्य से कभी भी कोई भी भीषण / गंभीर दुर्घटना घट सकती है जिसमें कार्य करने वाले श्रमिक की जान भी जा सकती है। ऐसे में संघ का यह स्पष्ट मानना है कि ठेकेदार एवं आरोपित अधिकारीयों द्वारा उक्त कार्य इस ज्ञान के साथ किया गया

कि उससे मृत्यु कारित करना संभव है, ऐसे कार्य धारा 304 के तहत दर्ज किये जाने वाले आपराधिक कृत्य हैं। किन्तु स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किये गए F.I.R. No.- 0266, Dtd- 21/08/2021 में ठेकेदार को आरोपित नहीं किया गया है और आरोपित सभी अधिकारीयों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304A के तहत अपराध कायम की गयी है जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है एवं पुनः आपसे यह मांग करता है कि ठेकेदार एवं आरोपित सभी अधिकारीयों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304,120और 420 के तहत अपराध कायम करते हुए F.I.R. No.- 0266, Dtd- 21/08/2021 में आवश्यक सुधार की जावे और कार्यवाही की जावे। जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने नगर पुलिस अधीक्षक मनोज टिर्की से निवेदन किया है कि एक आदिवासी ठेका श्रमिक को कूटरचना करके आरोपित अधिकारियों ने उसे मौत के मुंह में ढकेलने का काम किया और पूरे भरे पूरे परिवार को समाप्त कर दिया है ईनके ऊपर तत्काल कड़ी कार्यवाही करते हुए स्वर्गीय अतिराम को न्याय को दिलवाये।जिस पर नगर पुलिस अधीक्षक मनोज टीर्की ने संघ को आश्वस्त किया है कि पुलिस ईस पुरे प्रकरण का पुनः जांच करेगी और अगर धारा बदलने की आवश्यकता हुई तो आरोपियों के ऊपर धारा बदलकर कार्यवाही की जावेगी ।
दिल्ली पुलिस ने बस्तर साँसद दीपक बैज को किया गिरफ्तार…
सोनिया गांधी की ED द्वारा पूछताछ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल बस्तर साँसद दीपक बैज को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार…
नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ कर रही है. इस दौरान उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के साथ डॉक्टरों की टीम भी मौजूद हैं. वहीं सोनिया गांधी से पूछताछ के विरोध में कांग्रेसियों का संसद से लेकर सड़क तक प्रदर्शन जारी है.
अभिलाषा शुक्ला को पी एच डी अवार्ड
पण्डित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा अभिलाषा शुक्ला को “ग्रीन एच आर एम प्रेक्टिसेस इन सलेक्टेट पब्लिक एंड प्राइवेट सेक्टर बैंक्स इन छत्तीसगढ़” विषय मेनेजमेंट पर शोध डिग्री प्रदान की गई।
उन्होंने मैनेजमेंट विभाग की डॉ संस्क्रति जोसेफ मैनेजमेंट विभाग प.रवि शुक्ल विश्व विद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में शोध सम्पन्न किया।

अभिलाषा शुक्ला नगर के समाजसेवी व भारत स्काऊट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त डॉ सुरेश शुक्ला की ज्येष्ठ पुत्री हैं
रेंजर का राजनितिक कार्यक्रमों में ज्यादा दिलचस्पी, जनसरोकार से कोई लेना देना नहीं, निर्माण कार्यों में जमकर किया जा रहा भष्ट्राचार
बकावंड। बस्तर वनमंडल के बकावंड वन परिक्षेत्र में हो रहे वन परिक्षेत्र अधिकारी अपने मातहतों के मिलकर जमकर घटिया निर्माण कर रहें जिसको खुले आंखों से देखा जा सकता है।ग्रामीणों ने कई परिक्षेत्र अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाये हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजनीतिक कार्यों में दिलचस्पी जरुर लेते हैं किंतु उनको जनसरोकार से कोई लेना देना नहीं है। उदाहरण के लिए इन दिनों पौधरोपण का कार्य चल रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी व यही के अन्य कर्मियों की मिलीभगत से बंदरबांट करते हुए खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा पौधरोपण कार्यों की निगरानी के बजाए रेंजर अपने परिक्षेत्र क्षेत्र से अन्य क्षेत्र में जाकर राजनैतिक आयोजनों में मशगूल है।

राज्य सरकार के निर्देश पर वर्षा ऋतु में वन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाता है व यह सब परिक्षेत्र अधिकारी की निगरानी में होती है। पौधारोपण के बाद बाउंड्रीवाल हेतु सीमेंट पोल की घेराबंदी की जाती है और सीमेंट पोल जो लगाए जा रहें, वह घटिया व निम्न स्तर का है। ऐसा प्रतीत होता है कि घटिया काम से लाभ अर्जित दोनों हाथों से किया जा रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजकुमार ध्रुव व इनके अधीनस्थ कुछ कर्मचारी घटिया स्तर के सीमेंट पोल का स्वयं अपने कुछ ठेकेदारों की मदद से निर्माण कर विक्रय कर रहे हैं और शासन-प्रशासन व वन विभाग को लाखों का चुना लगा रहे हैं।

कांग्रेस विधायक के साथ देखे गए थे घुमते
बकावंड परिक्षेत्र अधिकारी दूसरे परिक्षेत्र में जाकर कार्य दिवस में घुमाते हुए देखे गए।
रेंजर ध्रुव अपने मूल कार्यों को छोड़ विगत कुछ समय से अन्य क्षेत्र के राजनितिक कार्यक्रमों शिरकत करते नजर आ रहे हैं जो कि शासकीय नियमों का उल्लंघन है. हाल ही में वे ग्राम संघकरमरी के कार्यक्रम में स्थानीय विधायक के कार्यक्रम में नज़र आये थे।
इसी सम्बन्ध में वन परिक्षेत्र अधिकारी व डीएफओ से जानकारी लेनी चाही लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया जिससे दोनों विभागीय अधिकारियों का पक्ष नहीं लिखा जा सका।
निर्माणाधीन मकान की छत से गये हाईटेंशन तार की करंट लगने से कार्य कर रहे मजदूर की मौत
- पूर्व में भी इस तरह कि निर्माणाधीन मकान की छत में करंट लगने से पुराना बाजार क्षेत्र में श्रमिक की मौत हो चुकी है
- इस प्रकार के निर्माणाधीन भवन को भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र किन के द्वारा प्रदान किया जाता है संज्ञान का विषय
- उचित मुआवजा क्यों नहीं प्रदान किया जाता ऐसी श्रमिकों को जबकि श्रम कार्ड में प्रावधान है
दल्ली राजहरा के पुराना बाजार मनोहर ऑफिस के सामने अवैध रूप से बिल्डिंग निर्माण कार्य किया जा रहा था इस निर्माणाधीन मकान के ऊपर से हाईटेंशन तार गई हुई थी मजदूर के कार्य करने दौरान करेंट लगने से मजदूर की मौत हो गई । घटना दिनांक 15.7.22 शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे की है । पुराना बाजार में घोड़ा मंदिर के पास गुलाब चंद जायसवाल के द्वारा अपने घर का निर्माण कराया जा रहा है ।

इसमें नर्राटोला निवासी 28 वर्षीय अनिल बघेल नामक युवक कार्य कर रहा था ।कार्य करने की धुन में उसे यह ध्यान ही रहा कि घर के ऊपर से बिजली का तार गया हुआ है । और वह युवक तार के चपेट में आ गया । करेंट लगने से अनिल बघेल दूर जा गिरा । जिससे उसके सिर व कमर में भी चोट आई है । आस पास के लोगो के मदद से उन्हें पास के शहीद अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया । लेकिन डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया । मृतक दो बच्चों का पिता था ।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
https://36bestonlinesale.com/home
बिजली विभाग के अधिकारी ने बताया कि मकान मालिक को कई बार सुचना देकर अवगत कराया गया था कि बिल्डिंग के ऊपर से हाई वोल्टेज का बिजली तार गया हुआ है । इसलिये मकान का निर्माण एक मंजिला से अधिक नही कराया जाये । लेकिन मकान मालिक द्वारा एवं लापरवाह ठेकेदार द्वारा इसे नजर अंदाज किया गया । और थोड़े से लालच के लिए एक ग्रामीण के परिवार की रोजी रोटी का आसरा छीन लिया इसके पूर्व भी पुराना बाजार क्षेत्र में इसी प्रकार की भवन निर्माण के दौरान एक श्रमिक की करंट लगने से मृत्यु हो गई थी इसके बाद भी नाही नगर पालिका के कर्मचारी जागे और ना ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया मामले की लीपापोती कर दी गई थी उस ग्रामीण के परिजनों को भी ना ही उचित मुआवजा दिया गया था और ना ही जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्यवाही की गई थी इस प्रकार की घटनाओं का असली जिम्मेदार कौन है यह तो तय होना आवश्यक है अन्यथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है नगर पालिका परिषद के मानचित्र कार संतोष देवांगन से इस संबंध में पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया कि मेरे द्वारा उक्त भवन की कोई भी भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है वहीं दूसरी ओर निर्माणाधीन भवन के मालिक द्वारा यह कहना है कि मेरे द्वारा भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया है

विरोधाभासी लगता है अगर नगर पालिका द्वारा उक्त मकान से टैक्स लिया जाता है तो भवन निर्माण अनुज्ञा प्रमाण पत्र किसके द्वारा जारी किया गया यह भी स्पष्ट होना आवश्यक है :: नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा में नव पदस्थ मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती शीतल चंद्रवंशी द्वारा इस संबंध में चर्चा की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि यह मेरे संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा कोई कार्य किया गया तो मेरे द्वारा अवश्य ही कार्रवाई की जाएगी ।

कमिश्नर और आईजी ने किया कोंटा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
राहत केंद्रों का किया निरीक्षण, लोगों से की चर्चा
जगदलपुर, 20 जुलाई 2022/बस्तर कमिश्नर श्याम धावडे और बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने आज सुकमा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय कोंटा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने राहत केंद्रों में लोगों से चर्चा कर बाढ़ में हुई क्षति तथा राहत शिविर में प्रदाय की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में स्वच्छता, जल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, भोजन व्यवस्था आदि का संज्ञान लिया। कमिश्नर धावड़े ने राहत केंद्र पर लोगों के समयानुसार जल्दी भोजन प्रदान करने हेतु निर्देशित किया है। इसके साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए। इस दौरान सुकमा कलेक्टर हरिस. एस, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। राहत शिविर में लोगों ने बताया कि प्रशासन द्वारा उन्हे सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
वार्ड में चल रहे सर्वे कार्य का किया अवलोकन
संभागायुक्त धावड़े सहित समस्त अधिकारियों ने कोंटा नगर के बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड 14 में सर्वे कार्य का अवलोकन भी किया। उन्होंने सर्वे कार्य में लगे अधिकारियों, पटवारियों को सभी ब्यौरे व्यवस्थित रूप से संधारण करने के निर्देश दिए, जिससे क्षति का सही मूल्यांकन किया जाए, और नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रभावितों को प्रदान की जा सके।
सिंगापुर में ग्रिट अवॉर्ड लेने के लिए बकावण्ड के काजू प्रसंस्करण यूनिट के सदस्य रवाना
जगदलपुर, 20 जुलाई 2022 – नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर पहला कदम रखते हुए कहा था ‘यह मानव के लिए एक छोटा कदम है, किन्तु मानवता केे लिए एक लंबी छलांग है’ उनकी यह उक्ति आज लघु वनोपज संघ से संबद्ध महिला स्व सहायता समूह की उन सदस्यों पर चरितार्थ हो रही है, जो ईएसजी के ग्लोबल समिट में ग्रिट अवार्ड लेने के लिए सिंगापुर रवाना होने के लिए विमान में सवार हो रही थी। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के उपरांत संभवतः यह पहला अवसर है, जब महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य, एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विदेश यात्रा पर जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर, वनमंत्री मोहम्मद अकबर के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के वन धन विकास केन्द्रों में लघु वनोपज के प्रसंस्करण कार्य में लगी महिला सदस्यों की समर्पित कार्य प्रणाली का परिणाम है, कि इस अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उनकी पहचान हुई है। सिंगापुर के लिए भरी गई यह उड़ान उनकी आकांक्षाओं और सपनों की ऊंची उड़ान है। बकावंड वन धन केन्द्र की सदस्य पद्मनी बघेल तथा बेलाबाई कश्यप तथा डोंगानाला वनधन केन्द्र की सदस्य सुश्री सरोज पटेल तथा फूल बाई नेती के विमान को एक बड़ी भीड़ ने जब हाथ हिला कर रवाना किया, तो पूरे छत्तीसगढ़ तथा विशेषकर कोरबा तथा बस्तर जिलों में हर्ष की लहर दौड़ गई। वन धन विकास के सदस्यों की यह उड़ान, ऐसी सैकड़ों महिलाओं और वनवासियों की आशाओं की उड़ान है। छत्तीसगढ़ के ये उल्लासित वनवासी प्रतिनिधि 150 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों के समक्ष यह पुरस्कार ग्रहण करते हुए, छत्तीसगढ़ माॅडल तथा सतत् विकास की कहानी भी सुनाएगी।
इस समारोह में पूरी दुनिया के व्यवसायी, बैंकर्स, इनवेस्टर्स, पर्यावरणविद तथा शासकीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति ‘छत्तीसगढ़-हर्बल्स’ की पुरी दुनिया में पहचान सुनिश्चित करेगी । इससे लघु वनोपज आधारित उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। ‘छत्तीसगढ़ माॅडल’ को पूरे विश्व में ‘सतत् विकास’ के माॅडल के रूप में पहचान मिलेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के इस दल का नेतृत्व प्रबंध संचालक संजय शुक्ला, द्वारा किया जाएगा तथा अपर प्रबंध संचालक बी. आनंद बाबू, एवं वनमंडलाधिकारी स्टायलो मण्डावी सहयोग हेतु दल में सम्मिलित होंगें। इस सात सदस्यीय दल का सिंगापुर एयरपोर्ट पर कार्पस्टेज सिंगापुर की डाॅ. निशा कोहली द्वारा स्वागत किया जाएगा, जो इस आयोजन की प्रमुख हैं।


