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खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी की हुई घोषणा

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खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव के लिए लंबी बैठको और मंथन के बाद आज कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।

खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव को लेकर प्रत्याशी चयन करना राजनीतिक दलों के सामने टेढ़ी खीर साबित हो रहा था, दावेदारों की लंबी फेहरिस्त के बीच कांग्रेसी पार्टी ने अपने विधानसभा उपचुनाव प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा नीलांबर वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यशोदा वर्मा के नाम की घोषणा होने के बाद उनके समर्थक उन्हें बधाई देने पहुंचने लगे। कांग्रेस पार्टी के द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर यशोदा वर्मा ने कहा कि वह जनता के बीच प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार के विकास कार्य और उनकी योजनाओं को लेकर जाएंगी, उन्हें पूरी उम्मीद है कि खैरागढ़ क्षेत्र की जनता कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करेगी।

यशोदा वर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से की गई है। यशोदा वर्मा वर्ष 1999 से 2014 तक देवारीभांट से सरपंच रह चुके हैं, तो वही पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ ही वह कांग्रेस पार्टी के संगठन में कई पदों पर रही हैं और वर्तमान में वे खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष है। इसके अलावा यशोदा वर्मा लोधी समाज महिला विंग की जिलाध्यक्ष भी है। खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया की जा रही है। खैरागढ़ के राजा स्वर्गीय देवव्रत सिंह कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव जीते आए हैं, लेकिन वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता कांग्रेस-जे से चुनाव लड़ कर जीत हासिल की थी। ऐसे में यहां उपचुनाव के लिए राजपरिवार से ही किसी को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा भी रही, लेकिन लोधी समाज की बाहुल्यता वाले खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जाति समीकरण को देखते हुए कांग्रेस ने लोधी समाज से ही यशोदा वर्मा पर भरोसा जताया है और उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

लोकसभा में लगातार दूसरे दिन भी बस्तर सांसद दीपक बैज ने हवाई सेवा विस्तार की रखी मांग…

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सांसद बैज ने जगदलपुर में नए एयरपोर्ट व नाइट लैंडिंग की मांग भी केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के समक्ष रखी..

आज लोकसभा में लगातार दूसरे दिन भी बस्तर सांसद दीपक बैज ने बस्तरवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फिर एक बार बस्तर में हवाई सेवा विस्तार का मुद्दा केन्द्रीय उड्डयन मंत्रालय के अनुदान मांग की चर्चा में सांसद बैज ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा बस्तर जैसे क्षेत्र से अन्य पड़ोसी राज्यों एवं बड़े शहरों को जोड़ने की आवश्यकता है जिससे बस्तर को उक्त शहरों से कनेक्टिविटी मिल सके।

⭕ कोलकाता-झारसुगुड़ा-जगदलपुर-विशाखापट्टनम..

⭕ बेंगलुरु-विशाखापट्टनम-जगदलपुर..

⭕ भुवनेश्वर-जगदलपुर विशाखापट्टनम-हैदराबाद..

⭕ नागपुर-जगदलपुर- विशाखापट्टनम..

जैसे फ्लाइट संचालित करने की आवश्यकता है साथ ही सांसद बैज ने केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के समक्ष ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की जगदलपुर में बहुत पुराना एयरपोर्ट है यहां नए एयरपोर्ट बनाने की आवश्यकता है साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां नाइट लैंडिंग की व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि रात में कोई भी फ्लाइट या हेलीकॉप्टर उड़ सके इस हेतु जगदलपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।ज्ञात हो कि इस से पूर्व भी सांसद दीपक बैज द्वारा वर्तमान में चल रहे हवाई सेवा को लेकर भी पिछले समय लोकसभा में आवाज बुलंद की थी जिसकी वजह से आज हवाई यात्रा चालू है आगे भी इस तरह से बस्तर से होते हुए अन्य नए शहरों तक कनेक्टिविटी मिल सके इसके लिए लगातार प्रयासरत है।

वन कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से लकड़ी तस्करों की बल्ले बल्ले

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बस्तर जिला के वनकर्मचारी हड़ताल में बैठे हैं और इधर लकड़ी तस्करों की बल्ले बल्ले हो गयी है वन कर्मचारियों के हड़ताल का लाभ उठाते हुए लकड़ी तस्कर आज दिनाँक 22-03-2022 को एक टाटा पिकअप वाहन में 20 नग सागौन लकड़ी तस्करी करते हुए परपा थाना जगदलपुर द्वारा पकड़ा गया और आगामी कार्यवाही करने हेतु वन परिक्षेत्र कार्यलय में वाहन लकड़ी सहित भेजा गया है ।

लकड़ी की नापजोख कर आगे की कार्यवाही जारी है।
उक्त जानकारी अमित कुमार झा जिला संरक्षक वनकर्मचारी संघ बस्तर के द्वारा दी गयी।

बेहतर वित्तीय प्रबंधन से छत्तीसगढ़ में इस वर्ष राजस्व सरप्लस की स्थिति

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पिपरिया, कुंडा, बचरापोड़ी, चलगली, हसौद और सरगांव में नई तहसील की घोषणा

अगले कैलेंडर वर्ष से पत्रकारों की अधिमान्यता का नवीनीकरण 2 वर्ष में

रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज चर्चा के बाद 1 लाख 12 हजार 603 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि का छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा] छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था देश के पहले से स्थापित बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अच्छी है। राज्य के पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है और वित्तीय घाटा भी बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन से लगातार कम किया जा रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ में राजस्व सरप्लस की स्थिति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण राज्य के राजस्व में कमी आई, लेकिन बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते हम कम ऋण भी ले रहे हैं। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के बाद सबसे कम ऋण इस वर्ष लिया है। चालू वर्ष में केवल एक हजार करोड़ का शुद्ध ऋण लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार सर्वजन हिताय- सर्वजन सुखाय की भावना के साथ काम करते हुए प्रदेश के किसानों, आदिवासियों युवाओं, महिलाओं, मजदूरों के हित में प्रारंभ की गई योजनाओं को पूरा करेगी और मितव्ययता को अपनाते हुए अनुत्पादक व्ययों में कमी लाने का हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा नवीन तहसीलों के गठन की मांग पर सदन में कबीरधाम जिले में पिपरिया और कुंडा, कोरिया जिले में बचरापौड़ी, बलरामपुर में चलगली, जांजगीर-चांपा जिले में हसौद और मुंगेली जिले में सरगांव में तहसील के गठन की घोषणा की। उन्होंने पत्रकारों को अधिमान्यता के नवीनीकरण में होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए अधिमान्यता नियम में संशोधन करने तथा अगले कैलेंडर वर्ष से पत्रकारों की अधिमान्यता का नवीनीकरण 2 वर्ष में करने की घोषणा की।

केंद्रीय करों में कमी के कारण लिया ऋण

मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 3 वर्षो में केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि में 13 हजार 89 करोड़ रूपए की कमी तथा कोविड आपदा के कारण राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के कारण राज्य सरकार को ऋण लेना पड़ा। राज्य सरकार द्वारा केवल 33 हजार 886 करोड़ रूपए का शुद्ध ऋण लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 के मुख्य बजट में पूंजीगत व्यय हेतु 13,839 करोड़ का प्रावधान था, जो पुनरीक्षित अनुमान में बढ़कर 14,191 करोड़ तथा वर्ष 2022-23 के बजट में 15,241 करोड़ रखा गया है। इसी प्रकार वित्तीय घाटा भी लगातार कम किया जा रहा है।

14 डिप्टी कलेक्टर बनाए गए सीईओ जनपद पंचायत

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बस्तर संभाग के अधिकांश जिला पंचायतों में नियुक्ति

रायपुर। राज्य शासन ने 14 परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टरों को जनपद पंचायतों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग से मंगलवार को जारी आदेश में जिन लोगों को नई पदस्थापना दी गई है उनमें अनुपम आशीष टोप्पो डिप्टी कलेक्टर गरियाबंद को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर, सरोज कंमार महिलांगे दुर्ग काे सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग कोंदल, जिला कांकेर, विनय कुमार कश्यप कबीरधाम को सीईओ जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर, रेखा चंद्रा कबीरधाम को जनपद पंचायत खरसिया, सुब्रत प्रधान बालोद को सीईओ जनपद पंचायत दरभा जिला बस्तर, करूण कुमार डहरिया जांजगीर-चांपा को सीईओ जनपद पंचायत गरियाबंद, निकिता मरकाम मुंगेली काे सीईओ जनपद पंचायत फरसगांव जिला कोंडागांव, अनिकेत साहू सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत माकड़ी, जिला कोंडागांव, अनमोल विवेक टोप्पो सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत तमना जिला रायगढ़, आकांक्षा त्रिपाठी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत ओडगी, जिला सूरजपुर, पोषक चौधरी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत तोकापाल, जिला बस्तर, बजरंग सिंह वर्मा सूरजपुर को सीईओ जनपद पंचायत दुलदुला, जिला जशपुर, प्रशांत कुमार कुशवाहा कोरिया को सीईओ जनपद पंचायत भैरमगढ़, जिला बीजापुर, कावेरी मरकाम बस्तर को जनपद पंचायत भानूप्रतापपुर, उत्तम सिंह पंचारी कांकेर को जनपद पंचायत उसूर, जिला बीजापुर, डॉ. कल्पना ध्रुव कांकेर को जनपद पंचायत दंतेवाड़ा और गौतमचंद पाटिल कोंडागांव को जनपद पंचायत जगदलपुर में पदस्थ किया गया है।

अंगना में शिक्षा कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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राज्य शासन के मनसा अनुरूप राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आज दिनांक 22 मार्च 2022 को बस्तर संभाग स्तरीय अंगना में शिक्षा कार्यक्रम सह मेला का आयोजन बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर में स्थित प्राथमिक शाला बॉलिकोंटा में आयोजन किया गया।

इस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आंगनबाड़ी एवं कक्षा पहली दूसरी तीसरी अर्थात 5 साल से लेकर 8 वर्ष के बच्चों के मध्य हम भाषाई कौशल और गणितीय कौशल कैसे सिखाएं इस पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें बस्तर संभाग के अट्ठारह विकासखंड से प्रति विकास खंड 2 महिला शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें सुकमा, बीजापुर ,दंतेवाड़ा एवं बस्तर जिले के प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को प्राप्त किया। इस इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक विकासखंड से आए दोनों शिक्षकों द्वारा अपने अपने विकासखंड में जाकर इस प्रशिक्षण को प्रत्येक प्राथमिक शाला के शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे साथ ही यह प्रशिक्षण संकुल स्तर तक रहेगा।

प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर आशा कुरैशी द्वारा गंभीरता पूर्वक इस प्रशिक्षण को प्रदान किया । प्रशिक्षण के इस शुभ अवसर पर बस्तर जिले के डीएमसी अखिलेश मिश्रा संकुल कालीपुर के प्राचार्य वंदना भदोरिया, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी तिवारी लोहंडीगुड़ा एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बस्तर जिले के ए पी सी प्रशिक्षण गणेश तिवारी उपस्थित रहे कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे प्रारंभ होकर के 4:00 बजे तक संपन्न हुआ।

छत्तीसगढ़ में 1.7 प्रतिशत हुई बेरोजगारी दर:मुख्यमंत्री ने कहा-बेरोजगारी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मॉडल अपनाए सरकार

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सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए

रायपुूर। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर को महज 1.7% बताया है। यानी प्रदेश के प्रत्येक 100 लोगों में से बमुश्किल दो लोग ही बेरोजगार हैं। इन आंकड़ों से उत्साहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेरोजगारी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मॉडल अपनाने की सलाह दी है।

आंकड़े जारी होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, एक युद्ध बेरोजगारी के विरुद्ध। आप सबको बताना चाहूंगा कि सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ में सिर्फ 1.7 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। जबकि देश की बेरोजगारी दर 7.4 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने लिखा, मोदी जी से आग्रह है कि देश की बेरोजगारी कम करने के लिए देशहित में छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार का मॉडल जरूर अपनाएं।

विकास का यह छत्तीसगढ़ मॉडल क्या है?

2022-23 के बजट वाले दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको परिभाषित किया था। उन्होंने कहा था, आम जनता के हाथ में पैसा ही छत्तीसगढ़ मॉडल है। फिलहाल इस मॉडल के तहत सरकार कृषि और संबद्ध सेवाओं में बड़ा निवेश कर रही है। गोधन न्याय योजना के जरिए गांवों के गोठानों को ग्रामीण आद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। जहां कुटीर उद्योगों का संचालन स्व-सहायता समूहों के जरिए किया जा रहा है। सरकार ने किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के हाथ में नकद पैसा दिया है। मनरेगा को भी कई योजनाओं से जोड़ दिया गया है। नए उद्योगों स्थापना से भी लोगों को रोजगार मिला है। सरकार का कहना है कि उनकी कोशिशें इन आंकड़ों में भी दिख रही है।

क्या है सीएमआईई

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी एक थिंक टैंक है जो देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सूचकांक जारी करता रहता है। मार्च की शुरुआत में उसने फरवरी 2022 के बेरोजगारी आंकड़े जारी किए थे। उसमेें देश की बेरोजगारी दी 8.10 प्रतिशत बताई गई थी। उसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दर 8.35 प्रतिशत की उच्चतम दर पर थी। साप्ताहिक आंकड़ों में बेरोजगारी दर में गिरावट दिख रही है। दिसम्बर में यह आंकडा 7.7% था। वहीं छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत बताई गई थी।

नई सूची में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य

ओडिशा – 1 प्रतिशत,मेघालय – 1.4 प्रतिशत ,छत्तीसगढ़ – 1.7 प्रतिशत,कर्नाटक – 2 प्रतिशत,गुजरात – 2.5 प्रतिशत

पड़ोसी राज्यों में ऐसी है बेरोजगारी दर

मध्य प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,उत्तर प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,महाराष्ट्र – 4.3 प्रतिशत,तेलंगाना-12.9 प्रतिशत,झारखंड – 15 प्रतिशत

छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किलेपाल का ब्लॉक अध्यक्ष रोजलीन बेचक को मनोनीत किया गया

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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार एवं संभागीय अध्यक्ष अनिल बड़कस के द्वारा ब्लॉक बस्तानार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किलेपाल का ब्लॉक अध्यक्ष रोजलीन बेचक को मनोनीत किया गया और 15 दिन के अंदर अपनी कार्यकारिणी बनाने के लिए उन्हें बताया गया उपस्थित कर्मचारियों में जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह बस्तर ब्लॉक अध्यक्ष सावित्री नाग मेडिकल कॉलेज अध्यक्ष रीता नायक जिला सचिव अजय आचार्य लैब टेक्नीशियन प्रकोष्ठ अध्यक्ष अरुण पानी ग्राही, नेत्र सहायक अधिकारी प्रकोष्ठ हनुमंत राव, महारानी अस्पताल सचिव नीरज कुमार, राजेश तिवारी आदि कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे |

ब्लैक लिस्टेड कंपनी को करोड़ों भुगतान, विधानसभा कमेटी करेगी जांच

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राज्य बीज निगम ने किया था त्रिमुर्ति साईस कंपनी को ब्लैक लिस्टेड

रायपुर – विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड त्रिमूर्ति साइंस प्लांट फर्म को गलत ढंग से करोड़ों रुपये का भुगतान करने का मामला उठाया। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि कृषि विभाग और बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्ट किये गए कंपनी त्रिमूर्ति साइंस प्लांट को ब्लैक लिस्ट से हटाया नहीं गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि त्रिमूर्ति साइंस फर्म को अनुचित ढंग से बकाया राशि का भुगतान किया गया है। मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराए जाने की स्वीकृति के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा की समिति से जांच कराने की घोषणा की।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि इस कंपनी को विभाग ने ब्लैक लिस्ट से कब हटाया? ब्लैक लिस्टेड त्रिमूर्ति कंपनी को राज्य बीज निगम द्वारा भुगतान किए जाने के मामले की जांच, विधानसभा की कमेटी से करवाने की मांग की। जिस पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधानसभा की कमेटी से मामले की जांच करवाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, मामले की जांच, विभाग द्वारा की जा रही है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में कहा, कल ही इसी सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार सजग है। एक साथ 15 अधिकारियों को निलंबित किया गया। इस प्रकरण में भी सब गलतियां स्पष्ट है ऐसे में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही कराई जा सकती।

ये था पूरा मामला

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा त्रिमूर्ति प्लांट साइंस फर्म को 2019-20 में हाईब्रिड मक्का बीज और हाईब्रिड वेजीटेबल सीड के क्रय आदेश जारी किए गए थे। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड के जाने के बाद कंपनी की राशि राजसात करने और भुगतान रोकने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी कंपनी को 2 करोड़ 61 लाख की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया था। सीमा के बाहर जाकर कंपनी को भुगतान करने के बाद उसे फिर से प्रतिबंधित किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने जांच को दी हरी झंडी

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की मांग को दोहराया। अजय चंद्राकर ने कहा कि दोषियों का पर्दाफाश करने के लिए विधानसभा की कमेटी से ही मामले की जांच कराई जाए। बीजेपी विधायकों की मांग पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन की समिति से जांच करवाने पर अपनी सहमति जता दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी को राज्य बीज निगम द्वारा किए गए भुगतान के मामले की जांच, विधानसभा की कमेटी से करवाने का सदन में घोषणा की।

बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किये जाने का मुद्दा उठा, सदन की कमेटी से जांच कराने की घोषणा

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नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्रकाल में उठाया मुद्दा

रायपुर,22 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किये जाने का मुद्दा उठा। इस मामले में विपक्ष ने सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस मामले में कहा कि किसानों के साथ कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि हम सदन की कमेटी से जांच कराने के लिए तैयार है, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले की जांच सदन की कमेटी से कराये जाने की घोषणा की।

प्रश्रकाल में आज नेताप्रतिपक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने इससे संबंधित मामला उठाया। भाजपा विधायक के प्रश्रों के जवाब में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि 01 जनवरी 2019 से लेकर 31 जनवरी 2022 तक अवधि में संचालनालय कृषि द्वारा किसी भी उर्वरक , बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र-उपकरण प्रदायकर्ता कंपनी या फर्म को ब्लैक लिस्टेड, डीबार, प्रतिबंधित नहीं किया गया है। मंत्री ने बताया कि छग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसी भी कंपनी को डिबार से हटाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि त्रिमूर्ति प्लांट सार्इंस फर्म को डिबार सूची से हटाया नहीं गया है, बल्कि उसे आरसीओ-53 हाईब्रीड पैडी सीड नोटिफाइड वर्ष 2019-20 के अंतर्गत डिबार किया गया है। उक्त संस्था के अन्य आरसीओ यथा आरसीओ-01 एवं आरसीओ-54 में क्रय आदेश जारी किये गये है।

कृषि मंत्री ने बताया कि बीज अधिनियम 1966 बीज नियम 1968 तथा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों में मात्र प्रमाणित बीजों के अंकुरण क्षमता, भौतिक शुद्धता आदि के परीक्षण हेतु नमूने लेने एवं अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजने की प्रक्रिया का उल्लेख है, जिसके प्रावधानों के अनुरूप ही विभागीय बीज निरीक्षकों द्वारा प्रमाणित बीज के नमूनों को लेकर नियमानुसार राज्य शासन द्वारा अधिसूचित प्रयोगशालाओं में भेजे जाते है। चौबे ने बताया कि बीज अधिनियम, नियमोंव आदेशों में हाईब्रिड बीजों के नमूने लेने अथवा इनका परीक्षण कराने संबंधी प्रक्रिया, नियम का उल्लेख नहीं है इसलिए हाईब्रिड बीज के नमूनों नहीं भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि विभागीय योजनाओं में वितरित हाईब्रिड बीजों के गुणवत्ता का परीक्षण करने की दृष्टि मात्र से हाईब्रिज बीजों के नमूने को लेकर इनका परीक्षण शासकीय कृषि विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं में कराया गया है। बीज से संबंधित अधिनियम, नियम, आदेश में बीजों के डीएनए परीक्षण के संबंध में मौन होने के कारण उक्त प्रयोगशालाओं को नमूना परीक्षण हेतु भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है, अपितु संबंधित कंपनी, प्रदायक संस्था द्वारा किया गया है। इसके अतिरिक्त विभागीय बीज निरीक्षकों द्वारा हाईब्रिड धान एवं हाईब्रिड मक्का बीज के नमूने अंकुरण क्षमता, भौतिक शुद्धता आदि के परीक्षण हेतु भी छग राज्य बीज प्रमाणिकरण संस्था के अधीन संचालित बीज परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे गये जो शासन द्वारा अधिसूचित प्रयोगशाला है।

इस मामले में नेताप्रतिपक्ष कौशिक ने पूरक प्रश्र करते हुए मंत्री से कहा कि बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भी भुगतान कर दिया गया। मंत्री ने इसे स्वीकार किया। जिसके बाद नेताप्रतिपक्ष सहित भाजपा के अन्य सदस्यों ने इस मामले में सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की। कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि मैंने स्वीकार किया है कि ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किया गया है, लेकिन पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसलिए वे मामले में सदन की कमेटी से जांच कराने के लिए तैयार है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डा.चरणदास महंत ने सदन की कमेटी से जांच कराने की घोषणा की।

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