दुर्ग – दुर्ग जिले के गातापार क्षेत्र स्थित पूर्व जिला पंचायत जयंती साहू और उनके भाई विमल साहू के घर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड पड़ी है। ED की 13 सदस्यीय टीम सोमवार तड़के यहां पहुंची और घर को सील कर दिया है। ED ने यह रेड रायपुर के शराब कारोबारी सुभाष शर्मा के साथ जुड़े तार के चलते मारी है। सुभाष ने कुल 54 करोड़ रुपए का घोटाला किया था।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयंती साहू के भाई विमल साहू के ऊपर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनी के नाम से दस्तावेज तैयार करके करोड़ों रुपए का बैंक लोन लेकर गबन किया है। इसके साथ ही दोनों के यहां करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति का पता चला है। इन दोनों के दल्लीराजहरा समेत अन्य जगहों MVT सेंटर एवं फुटबॉल ग्राउंड चौक पर रह रहे इनके रिश्तेदारों के घरों में भी छापा मारा है, देर रात तक चली कार्रवाई |
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ED ने कुछ दिन पहले ही सुभाष शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। वहीं ED ने जब सुभाष शर्मा को 10 दिनों के लिए रिमांड में लेकर पूछताछ की तो उन्हें गातापार निवासी जयंती साहू और विमल साहू के बारे में पता चला था। इसके बाद यहां रेड डाली गई है।
सुभाष शर्मा शराब कारोबारी होने के साथ इसके कई बड़े होटल व अन्य कारोबार भी हैं। इसके खिलाफ रायपुर के गोल बाजार और सिविल लाइन थाने में कई अपराध दर्ज हैं। सुभाष ने राणा की जमीन को बंधक रखकर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 16.50 करोड़ का कर्ज लिया था। इसके बाद उसने उस लोन की किस्त नहीं अदा की तो बैंक ने राणा को नोटिस भेजा। सुभाष शर्मा के खिलाफ होटल सफायर इन, गुडलक पेट्रोलियम कंपनी और मेसर्स विदित ट्रेडिंग कंपनी के लिए 38.50 करोड़ का कर्ज लेकर किस्त अदा न करने का भी आरोप है। इस तरह करके उसने कुल 54 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला किया है।
अबुझमाड़ टाइगर्स ने फिल फाइटर्स बिलासपुर को हराकर खिताब किया अपने नाम
खेलमंत्री उमेश पटेल ने विजेता टीम को 5 व उपविजेता टीम को 2.5 लाख इनामी राशि व ट्रॉफी प्रदान की
उद्योगमंत्री कवासी लखमा सुकमा से हेलीकॉप्टर से मैच देखने पहुँचे
छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस और वीर स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अविनाश छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट अंतर्गत फिल फाइटर बिलासपुर और अबुझमांड टाइगर्स के बीच फाइनल मैच संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ खेल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने जानकारी देते हुए बतलाया कि फाइनल मैच में अबुझमांड टाइगर्स ने 5 विकेट से जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। अबुझमांड टाइगर्स की टीम ने टॉस जीतने के बाद फील्डिंग करने का फैसला किया। लिहाजा फिल फाइटर बिलासपुर को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। बिलासपुर ने 7 विकेट खोकर 20 ओवर में कुल 141 रन बनाए। स्कोर का पीछा करते हुए अबुझमांड टाइगर्स की टीम ने अंतिम ओवर तक रोमांचकारी क्रिकेट खेला। अंतिम 6 गेंदों में 7 रनों की आवश्यकता थी जिसे अंतिम गेंद पर हासिल कर अबुझमांड ने 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। विजेता टीम के बल्लेबाज केएस. राठौड़ को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया। राठौड़ ने 54 गेंदों का सामना कर पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से कुल 69 रनों का योगदान दिया। वहीं राठौड़ ने गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर फेंके और 13 रन देकर 2 विकेट लेने में भी सफलता हासिल की। वहीं यशांक कुमार ने 31 रनों की पारी खेलकर टीम को जिताने में अहम भूमिका अदा की। फिल फाइटर बिलासपुर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शादाब खान ने बल्लेबाजी करते हुए 53 रनों की पारी खेली। वहीं लवयम राजपूत ने 25 रन बनाकर टीम के स्कोर को बढ़ाने में योगदान दिया। वहीं गेंदबाजों की बात करें तो बाबू लाल ने 3 विकेट प्राप्त किए। बिलासपुर की टीम फाइनल हार गई लेकिन खिलाड़ियों ने अबुझमांड टाइगर्स को अंतिम ओवर तक कड़े संघर्ष के लिए बाध्य किया और आसान दिखने वाले मुकाबले को कठिन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
समापन अवसर पर मुख्य अथिति के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के खेल मंत्री उमेश पटेल ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी तथा कहा कि इस तरह के प्लेटफार्म ना सिर्फ क्रिकेट बल्कि सभी खेलों के लिए तैयार किए जा रहे हैं आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए अनेकों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, अबुझमांड टीम की हौसला अफजाई के लिए उद्योग मंत्री मैच शुरू होते ही स्टेडियम पहुंच गए वे अपना सुकमा दौरा बीच में ही छोड़ हेलीकॉप्टर से रायपुर पहुंचे और बस्तर की टीम का हौसला अफजाई करते हुए पूरे मैच का आनंद लिया। इस अवसर पर विधायक देवेंद्र यादव, राज्यमंत्री नीता लोधी, ओलंपिक संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, कोषाध्यक्ष साहीराम जाखड़ ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी। टुर्नामेंट में बेस्ट कोच विवेक राय, बेस्ट इमर्जिंग प्लेयर धर्मेंद्र उरांव, बेस्ट विकेट कीपर खितेश मुरारी, बेस्ट फील्डर धनंजय नेताम, सर्वाधिक रन ऑरेंज केप यशान्त एल्मकार, सर्वाधिक विकेट पर्पल केप मोहम्मद अमान, बेस्ट कैच चंद्रहास वर्मा और मैन ऑफ द सीरीज केएस राठौर जिन्होंने 205 रनों के अलावा टुर्नामेंट में 15 विकेट प्राप्त किए को चुना गया। विजेता टीम को ट्रॉफी व 5 लाख हीरा ग्रुप की ओर से तथा उप विजेता टीम को आर आर रियल्टर्स की ओर से ढाई लाख नगद की राशि भी खेल मंत्री उमेश पटेल द्वारा प्रदान की गई।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट प्रतिपक्ष भाजपा ने किया वॉकआउट
रायपुर, 13 मार्च । विधानसभा में आज प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती और अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मामला जोर शोर से उठा। इस मुद्दे पर प्रतिपक्ष भाजपा के विधायकों ने अपने तीखे सवालों के घेरे में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को घेरा। प्रतिपक्ष के प्रश्नों के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री लगातार उनके प्रश्नों का उत्तर देते रहे, लेकिन भाजपा विधायकों ने मंत्री द्वारा दिए गए जवाब पर असहमति जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
प्रश्रकाल में आज विधायक अजय चंद्राकर ने अपने मूल प्रश्न करते हुए विभागीय मंत्री से पूछा कि प्रदेश के स्कूलों में 14 हजार 580 व्याख्याता शिक्षक, सहायक शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया में कितने पद पर भर्ती हो चुकी, कितने पर बाकी है और प्रक्रिया में कितने शिक्षकों का सत्यापन हो चुका है के साथ ही अभ्यर्थियों की सूची के वैद्यता को लेकर सवाल उठाएं।
इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि व्याख्याता संवर्ग में 2548 शिक्षक संवर्ग में 2814 एवं सहायक शिक्षक संवर्ग में 2209 पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है । व्याख्याता संवर्ग में 629 शिक्षक संवर्ग में 3083 तथा सहायक शिक्षक संवर्ग में 3297 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। स्कूल शिक्षा मंत्री में बताया कि व्याख्याता संवर्ग में 6,130 शिक्षक संवर्ग में 7296 एवं सहायक शिक्षक संवर्ग में 4268 शिक्षकों का सत्यापन प्रक्रियाधिन है। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधायक अजय चंद्राकर के प्रश्न के जवाब में जानकारी दी कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की संख्या 1735 है उनके नियमितीकरण के लिए सरकार की कोई कार्ययोजना अभी नहीं है। इस पर प्रतिपक्ष भाजपा के अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री से प्रश्नों की झड़ी लगाई अजय चंद्राकर के द्वारा बार-बार यह कुछ जाने पर कि अतिथि शिक्षको के नियमितीकरण के लिए योजना कब तक बनेगी का भी शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि इसकी समय सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि 48 प्रतिशत शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई, कई शिक्षकों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रति असंवेदनशील है इसलिए मंत्री के उत्तर को असन्तोषजनक बताते हुए भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
प्रतिपक्ष भाजपा सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव लाकर इस मामले में आसंदी से चर्चा कराये जाने की मांग की
विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को किया अग्राह्य
स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य होने पर भाजपा सदस्यों ने किया हंगामा
रायपुर, 14 मार्च । छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सोमवार को प्रतिपक्ष भाजपा सदस्यों ने नया रायपुर में किसानों का आंदोलन एवं इस दौरान एक किसान की मौत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। भाजपा सदस्यों ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराये जाने की मांग की। भाजपा सदस्यों ने आंदोलरत किसानों की मांग को पूरा करने के साथ मृत किसान के आश्रितों को 50 लाख रूपये मुआवजा राशि एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया, जिसके बाद भाजपा सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया।
शून्यकाल में आज भाजपा सदस्यों ने नया रायपुर में पिछले करीब दो माह से आंदोलन कर रहे किसानों का आंदोलन के साथ इस आंदोलन में एक किसान की मौत के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाया। सबसे पहले भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने स्थगन प्रस्ताव की जानकारी सभापति को देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन काल में आंदोलन कर रहे किसानों को विपक्ष में रहते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लेकर सभी कांग्रेस ने समर्थन किया था और उनसे वादा किया था कि उनकी सरकार आने के बाद किसानों की हर मांग पूरी की जाएगी। लेकिन सरकार में आने के बाद कांग्रेस अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि करीब दो माह से नया रायपुर में किसानों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के साथ वहां एक किसान की मौत भी होती है, लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ 4 लाख रूपये का मुआवजा की घोषणा करते है।
भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नया रायपुर से महज 2 किमी. दूर पर करीब 70 दिनों से किसानों का आंदोलन सरकार के नाक के नीचे चल रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री उन किसानों से बात तक नहीं करते, बल्कि जहां किसान आंदोलन कर रहे है उसे कांजी हाऊस बना दिया गया है, जैसे किसान आतंकवादी हो। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी बात करने वाली कांग्रेस सरकार सो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली में हुए किसानों के आंदोलन पर बोलते है कि प्रधानमंत्री उनसे बात क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस जगह पर किसान धरना दे रहे थे वो जगह तो बहुत दूर थी, लेकिन नया रायपुर में मंत्रालय से महज 2 किलोमीटर दूरी पर किसान धरना दे रहे मुख्यमंत्री फिर उनसे मिलने क्यों नहीं जा रहे है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक किसान की मृत्यु हो गई। यह स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है क्योंकि गर्मी के दिनों में पिछले 70 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों में कई बुजुर्ग और कई बीमार लोग भी शामिल है। अगर किसानों को कुछ हुआ तो इस कलंक का टिका कांग्रेस सरकार पर लगेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश राज्य के खीरी लखीमपुर में हुई घटना में मृत किसानों को 50-50 लाख रूपये देते है, जबकि प्रदेश के मृत किसान परिवार को 04 लाख रूपये मुआवजा देते है। उन्होंने मांग की जब दूसरे राज्य के मृत किसान परिवार को 50 लाख रूपये दे सकते है तो प्रदेश के मृत किसान परिवार को 01 करोड़ रूपये देना चाहिए साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार पेपरों में विज्ञापन पर करोड़ों खर्च करते है, लेकिन पिछले तीन साल में प्रदेश में 600 से अधिक किसानों ने प्रताडि़त होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में एक किसान की जमीन का रकबा परिवर्तन करने का काम किया गया। 3.45 एकड़ खेती होती है 3 साल तक धान को बेचने का काम चलता रहा। प्रताडि़त होकर किसान ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले के साथ दोषी अधिकारी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। डा. रमन सिंह ने कहा कि नया रायपुर में किसान की मौत का जवाबदार कौन है। इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 27 गांव के किसान 70 दिनों से आंदोलन कर रहे है। उन पर लाठीचार्ज भी हो रही है। पैदल मार्च किया गया जिसमें एक किसान की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दूसरे राज्यों में हो रहे किसानों के आंदोलन में प्रदेश से चावल भेजने का काम किया है, दूसरे राज्य में मृत किसानों के परिवारों को 50-50 लाख रूपये भेजने का काम किया है, और यहां नया रायपुर में आंदोलन कर रहे किसानों के लिए पानी, भोजन तक का प्रबंध तक नहीं किया गया है।
जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी का आज बस्तर के तीन दिवसीय प्रवास पर आगमन हुआ। भाजपा प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी इस प्रवास में बस्तर के विभिन्न जिलों के संगठनात्मक दौरे पर हैं। बस्तर पहुंचने पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत के दौरान डी. पुरंदेश्वरी ने भरोसा व्यक्त किया कि जिस तरह चार राज्यों के चुनाव में सफलता हासिल की है, उसी तरह अगले चुनाव में छत्तीसगढ़ में भी सफल होंगे।
उन्होंने बताया कि अपने प्रवास के दौरान वह बस्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विफलताओं पर भी चर्चा करेंगी। पुरंदेश्वरी बस्तर पर लगातार फोकस कर रही हैं। वह कोशिश कर रही हैं कि बस्तर में भाजपा की उखड़ चुकी जमीन को फिर से उपजाऊ बना सकें। छत्तीसगढ़ में बस्तर भाजपा के लिए मरुस्थल की तरह हो गया है। यहां बस्तर लोक सभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है तो अंचल की सभी 12 विधानसभा सीटें, नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं पर कांग्रेस का हाथ बहुत मजबूत है। ऐसी स्थिति में पुरंदेश्वरी का सारा जोर इस पर है कि नेताओं द्वारा की गई उपेक्षा के कारण जो जमीनी कार्यकर्ता घर बैठ गए हैं, उन्हें सक्रिय किया जाए। इसीलिए वह छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े नेताओं को दरकिनार कर अकेली ही बस्तर में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संघर्ष करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि हाल ही हुए पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार राज्यों में जीत हासिल की है और इससे भाजपा के छत्तीसगढ़ और बस्तर के कार्यकर्ताओं में उत्साह उत्पन्न हुआ है। लेकिन छत्तीसगढ़ में स्थिति अलग है। चार राज्यों की जीत की चमक पुरंदेश्वरी के चेहरे पर साफ नजर आ रही है। उनका सपना है कि बस्तर में फिर से कमल खिले।
बस्तर ने तो भाजपा का बहुत साथ दिया लेकिन यहां भाजपा जनता तो दूर अपने कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर भी खरी नहीं उतर सकी। लिहाजा कार्यकर्ता निराश होकर पार्टी के कार्यक्रमों से दूर होते चले गए। जिसके परिणाम स्वरूप बस्तर में भाजपा ने अपनी साख खो दी। बस्तर में भाजपा की जड़ें खोखली करने में उन नेताओं का ही हाथ है जो 15 साल तक सत्ता का सुख तो भोगते रहे लेकिन न तो अपने कार्यकर्ताओं पर ध्यान दिया और न ही जनता की जरूरतों पर। हवा-हवाई विकास के दावे खोखले साबित हुए और आखिरकार बस्तर से भाजपा का सफाया हो गया। अब पुरंदेश्वरी बस्तर में नए सिरे से भाजपा की जमीन तलाश रही हैं तो उनके सामने यही चुनौती है कि वह अपने समर्पित कार्यकर्ताओं में चेतना किस तरह और किस स्तर तक जागृत कर पाती हैं।
जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी अगले साल के आखिरी में होने वाले चुनाव के लिए बस्तर में सक्रिय हैं। वे लगातार यहां का दौरा कर रही हैं। वे 14 मार्च से 17 मार्च तक बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और बस्तर जिले में दौरा करेंगी। बस्तर में पुरंदेश्वरी की अकेले अकेले यानि बिना बड़े नामधारी नेताओं के सतत सक्रियता राजनीति में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही है। वे बस्तर दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा के स्वनामधन्य नेताओं को दरकिनार कर रही हैं तो इस पर भाजपा को कांग्रेस के व्यंग्य बाण झेलने पड़ते हैं। अब तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इस मामले में कह रहे हैं कि डी. पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ आती हैं तो अच्छा लगता है। वह यहां आकर बड़े-बड़े भाजपा नेताओं को उनकी औकात दिखा जाती हैं। भाजपा इसका तथ्यात्मक जवाब देने से बचती है और उसकी तरफ से पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का राजनीतिक जवाब है कि भूपेश बघेल हंटर वाली से डर गए हैं। वैसे भूपेश बघेल हंटर वाली से डरते हैं या नहीं डरते हैं अथवा कितना डरते हैं, यह राजनीतिक नोंकझोंक है लेकिन भाजपा के बस्तरिया नेता हंटर वाली के लिए कितने सजग हैं, यह भी बस्तर में देखा जा रहा है।
पुरंदेश्वरी के दौरे की तैयारी चल रही है। कैसी तैयारी है, इसकी बानगी सामने आई है कि बैठक में प्रदेश महामंत्री किरणदेव बौद्धिक देते रहे और प्रदेश मंत्री श्रीनिवास मद्दी अपनी धुन में मस्त रहे। यदि अपनी ही प्रदेश प्रभारी के बस्तर दौरे के मद्देनजर होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी तक का ऐसा व्यवहार सामने आएगा तो आम कार्यकर्ता तक आखिर क्या पैगाम जाएगा? अब यदि भाजपा की मौजूदा स्थिति की बात करें तो ऐसा जान पड़ता है कि प्रदेश प्रभारी ने रणनीति के तहत ही छत्तीसगढ़ भाजपा के बड़े बड़े महारथियों को राजधानी तक सीमित कर रखा है। वे संगठन की रणनीतिक बैठकों में तो सभी नामी नेताओं से चर्चा करती हैं लेकिन बस्तर से उन्हें दूर रखती हैं, जैसे कह रही हों कि भैया लोग यहां आपकी जरूरत नहीं है। कार्यकर्ता ही आप लोगों के नाम से बिदकते हैं तो जनता आपके नाम पर क्या खाक समर्थन देगी। दरअसल पुरंदेश्वरी उन जमीनी कार्यकर्ताओं को जगा रही हैं, काम पर लगा रही हैं, जिसकी मेहनत की दम पर नेताओं ने पंद्रह साल तक सत्ता की भरपूर मलाई खाई लेकिन यही कार्यकर्ता वंचित और उपेक्षित रह गया। जब भाजपा नेताओं ने मैदानी कार्यकर्ताओं से दूरी बना रखी थी तो जनता के काम कैसे होते। यही वजह है कि भाजपा का देवदुर्लभ कार्यकर्ता रूठ गया। नतीजा सामने है कि बस्तर भाजपा के लिए उजड़ा चमन हो गया और कांग्रेस के लिए मखमली बिस्तर सज गया।
पुरंदेश्वरी अब रूठे कार्यकर्ता को मना रही हैं, बदरंग चेहरों से परहेज कर रही हैं और कह रही हैं कि नए और युवा चेहरे सामने लाये जायेंगे तो एकदम से भरोसा नहीं होता किंतु भाजपा के शिखर नेतृत्व ने जिस तरह लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ भाजपा के सारे के सारे बल्व बदल डाले थे, उसे देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि अगले विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ता ही आगे लाये जा सकते हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने जो प्रयोग किया, वह उम्मीद से बहुत ज्यादा सफल रहा। अनजान से चेहरों ने धुरंधरों को धूल चटा दी। कदाचित पुरंदेश्वरी की रणनीति यही है लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि भाजपा को नेतावाद से मुक्त किया जाय। मां दंतेश्वरी की धरा में पुरंदेश्वरी का स्वागत है लेकिन चुनाव में होगा वही, जो बस्तर चाहेगा। बस्तर क्या चाहता है, यह पुरंदेश्वरी शोध कर रही हैं, बस्तर की चाहत समझ रही हैं, बस्तर के अनुकूल तैयारी करेंगी तो भाजपा के वीराने में बहार आने की उम्मीद भाजपा कर सकती है।
बस्तर …. बस्तर ब्लॉक के ग्राम मधोता के वन सुरक्षा समिति के द्वारा पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत वन परीक्षेत्र के चारों तरफ निरीक्षण कर अतिक्रमण क्षेत्र को अपने कब्जे में कर लिया है तथा चारों तरफ बनाए हुए पत्थर की बाउंड्री वालों को अपने कब्जे में कर लिया है तथा वन विभाग के द्वारा अतिक्रमण जगह का क्षेत्रफल माप कर सागौन पेड़ लगाने की मांग की है |
वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष हरि सिंह ठाकुर एवं उपाध्यक्ष भकचंद नाग सचिव खेतर सिंह ठाकुर का कहना है कि पिछले 3-4 दिनों से अतिक्रमित भूमि लगभग 15-20 हैक्टेयर क्षेत्र भ्रमण कर ग्रामीण एवं महिलाएं अपने घर के कार्य को छोड़कर इसी कार्य में लगे हैं तथा वन विभाग से हमारी मांग है कि जितना भी अतिक्रमण क्षेत्र है उस पर सागोन का पौधा लगाया जाये।इस काल कार्य में क्षेत्र के वन रक्षक एवं ग्रामीणों का सहयोग रहा है।
बीजापुर 13 मार्च 2022- प्रदेश के मुख्यमंत्री शभूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों सहित वनवासियों और निर्धन वर्ग के हितों के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। वहीं आदिवासी अंचलों के विकास हेतु सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पहल कर रही है। विगत 3 वर्षों में समाज के हर वर्ग की बेहतरी और विकास को बढ़ावा देने के फलस्वरूप अब नये बदलाव परिलक्षित होने के साथ ही गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार होने लगा है। यह बात प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जिला बीजापुर कवासी लखमा ने जिले के उसूर ब्लाक मुख्यालय आवापल्ली में 8 करोड़ रूपए लागत के 20 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने के पश्चात आमसभा को सम्बोधित करते हुए वहीं। इस मौके पर उन्होने आवापल्ली शासकीय महाविद्यालय का शुभारंभ किया। वहीं 106 लाख 28 हजार रूपए की लागत से नवनिर्मित आयुर्वेदिक औषधालय आवापल्ली, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आवापल्ली, उप स्वास्थ्य केन्द्र एंगपल्ली एवं उसूर सहित व्यावसायिक परिसर तर्रेम का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 542 लाख 86 हजार रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली खेल मैदान आवापल्ली, तालाब सौन्दर्यीकरण आवापल्ली, बाजार शेड आवापल्ली, बस स्टेण्ड आवापल्ली सहित नवीन तालाब निर्माण एंगपल्ली, कोरसागुड़ा, मलेपल्ली, लिंगागिरी तथा शापिंग काम्पलेक्स गलगम और जल-जीवन मिशन आवापल्ली, दुगईगुड़ा, पेदागेलूर, नुकनपाल एवं तिम्मापुर का भूमिपूजन किया। इस दौरान विधायक निधि से आवापल्ली, बासागुड़ा, उसूर, ईलमिड़ी, तिम्मापुर, मुरदण्डा, चिंताकोंटा, चेरामंगी, मुरकीनार, सेमलडोडी, लंकापल्ली, एंगपल्ली, संकनपल्ली एवं संड्रेल ग्राम पंचायतों को पेयजल टैंकर प्रदाय किया गया।
प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से आम जनता में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, समर्थन मूल्य में लघु वनोपज खरीदी, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, ग्रामीण भूमिहीन खेतिहर मजदूर न्याय योजना आदि के जरिये किसानों, वनवासियों और गरीब लोगों के जीवन में बदलाव आया है। राज्य सरकार बस्तर अंचल में विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर पहल कर रही है। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई के साधनों के विकास, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, पेयजल सुविधाओं की सुलभता, विद्युत सुविधा ईत्यादि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जिससे सिलगेर, तर्रेम, गलगम, बेचापाल, बेदरे जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिला है। अब इन क्षेत्रों के रहवासी विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनकर प्रदेश के विकास में व्यापक सहभागिता निभा रहे हैं। प्रभारी मंत्री लखमा ने क्षेत्र की जनता की मांग पर आवापल्ली में विश्रामगृह निर्माण सहित पामेड़ एवं मोदकपाल में नवीन धान खरीदी केन्द्र शुरू करने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण विक्रम मंडावी ने क्षेत्र की जनता को 8 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिले में विकास कार्यों को अंदरूनी ईलाकों तक पहुँचाने के लिए भरसक प्रयास किया जा रहा है। आगामी दिनों में इस ओर और अधिक ध्यान केन्द्रीत कर पहल किया जायेगा। इस अवसर पर विधायक अंतागढ़ अनूप नाग ने राज्य सरकार के विगत 3 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए कटिबद्ध होकर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार कर रही है। आमसभा को जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य नीना रावतिया उद्दे तथा जिला पंचायत सदस्य एवं छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के सदस्य बसंत राव ताटी ने भी संबोधित किया। आरंभ में कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने जिले के विकास गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारें में अवगत कराया। इस अवसर पर विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनान्तर्गत 103 हितग्राहियों को सामग्री वितरण तथा चेक प्रदान किया गया। वहीं अतिथियों ने विभिन्न विभागों के द्वारा लगाई गई स्टॉल का अवलोकन कर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी आरपी सिंह सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप तथा जिला प्रशासन के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
बस्तर. जगदलपुर अनुसूचित जाति जनजाति ऑल इंडिया परिसंघ के अध्यक्ष सतीश वानखेडे उपाध्यक्ष मनीष गढ़पाले अनुसूचित जाति के अध्यक्ष विक्रम लहरें के द्वारा महारा समाज के स्थापना दिवस के अवसर पर रैली का स्वागत किया और कार्यक्रम में शिरकत किया |