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सड़क दुर्घटना में कमी लाने लगातार चलाया गया विशेष मोटर वाहन चेकिंग अभियान

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दिनांक 01.12.2022 बालोद पुलिस द्वारा इस माह नवम्बर 2022  माह नवम्बर में 1339 वाहन चालकों पर कार्यवाही कर 377400 रूपये वसूला गया जुर्माना। इस प्रकार की कार्यवाही माह दिसम्बर 2022 में भी किया जाना है।  आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से बालोद पुलिस की अपील हमेशा हेलमेट/सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाएं यातायात नियमों का पालन करें।पुलिस अधीक्षक बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं समस्त राजपत्रित अधिकारी (पुलिस) के दिशा-निर्देश में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के द्वारा जिले में इस माह नवम्बर 2022 में विषेश मोटर वाहन चेकिंग अभियान लगातार चलाया गया।

इस मोटर वाहन चेकिंग का मुख्य उद्देष्य सड़क दुर्घटनाआंे में कमी लाना एवं लापरवाह वाहन चालकों पर सख्ती से कार्यवाही करना है तथा आम जनता में यातायत जागरूकता पैदा करना है। माह नवम्बर 2022 में जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारीयों एवं यातायात बालोद द्वारा मोटरयान चेकिंग अभियान चलाकर कुल 1339 लापरवाह वाहन चालकों के विरूद्व मोटरयान अधिनियम् के तहत् कार्यवाही कर 377400 रू. राषि वसूल किया गया। बालोद पुलिस आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील करता है की, वाहन चलाते समय हेलमेट सीट बेल्ट लगांए, तेज गति एवं शराब सेवन कर वाहन नहीं चलाएं, ओव्हरलोड़ माल/यात्री परिवहन न करे, दोपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाकर वाहन न चलाएं, वाहनों में दोनो तरफ नम्बर प्लेट स्पष्ट अक्षरों में नियमानुसार लिखवाएं, वाहन चालन के समय वाहन के दस्तावेज साथ रखें, वाहन चलाते हुए मोबाईल से बात न करे।

इस प्रकार की चेकिंग से आम नागरिकों का पुलिस पर विशवास बढ़ेगा आम जनता एवं राहगीरों की सुरक्षा के लिए बालोद पुलिस सदैव तत्पर है। इस प्रकार की चेकिंग अभियान बालोद पुलिस द्वारा लगातार जारी रहेगा।

चारामा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मेगा रोड शो, उमड़ा हुजूम

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  • नागरिकों और महिलाओं ने छतों से मुख्यमंत्री पर की फूलों की वर्षा
  • बस्तरिहा मांदरी नृत्य ने बांधा समा, आंगादेव की झांकी निकली


कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी के पक्ष में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को चारामा में मेगा रोड शो किया। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदिवासी लोकगीतों के साथ मांदरी नृत्य करते बस्तरिहा ग्रामीणों के दल और आंगादेव की झांकी मुख्यमंत्री के काफिले के साथ चल रही थी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ रोड शो में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, प्रत्याशी सावित्री मंडावी, सहित अन्य मंत्री व नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आगमन को लेकर समूचे चारामा अंचल के ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा था। सीएम बघेल के रोड शो के पहले सावित्री मंडावी ने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ पैदल चलते हुए रोड शो किया। लोगों का अभिवादन करते चल रहीं श्रीमती मंडावी के साथ बड़ा काफिला था। पीछे महिलाओं का हुजूम चल रहा था। महिलाएं नारे लगाते चल रही थीं। कांग्रेस समर्थक युवाओं तथा युवक कांग्रेस के पदाधिकारी – कार्यकर्ताओं ने विशाल बाईक रैली निकालकर नगर भ्रमण किया। युवाओं का झुंड मनोज भैया जिंदाबाद, कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते आगे बढ़ता रहा। जैसे ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चारामा पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं और कांग्रेस के लोगों का उत्साह दुगुना हो गया। श्री बघेल ने खुले पिक अप वाहन पर सवार होकर रोड शो शुरू किया। इस वाहन पर भूपेश बघेल के साथ पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, मंत्री कवासी लखमा, अन्य मंत्री, कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी आदि सवार थे। पिक अप वाहन के आगे आगे सैकड़ों बाईक पर सवार युवा नारे लगाते हुए तथा लोक कलाकारों का दल मांदरी नृत्य करते चल रहे थे। आंगादेव की झांकी अलग छटा बिखेर रही थी। बस्तर की लोक संस्कृति की झलक लोगों का मन मोह ले रही थी। मुख्यमंत्री श्री बघेल और सावित्री मंडावी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहे थे। लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए लालायित नजर आ रहे थे। घरों की छतों पर खड़े होकर लोग मुख्यमंत्री पर फूलों की वर्षा कर रहे थे। लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रोड शो के बाद मुख्यमंत्री श्री बघेल ने चारामा में चुनावी सभा को संबोधित भी किया।

यहां तो टीचर्स मारते हैं बंक

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  • स्कूल में आधा दिन गुजारने के बाद अपने घर लौट जाते हैं शिक्षक
  • बच्चों को छोड़ जाते हैं भगवान भरोसे, हादसे की प्रबल आशंका


बकावंड विकासखंड बकावंड की सरकारी शालाओं का बुरा हाल है। एकल एवं द्विशिक्षकीय शालाओं को तो भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।ब्लॉक की ज्यादातर शालाएं अव्यवस्था के बीच संचालित हो रही हैं।
बकावंड विकासखंड में अधिकतर प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में एक या दो ही शिक्षक पदस्थ हैं। एक शिक्षकीय स्कूल के शिक्षक अवकाश पर चले जाते हैं तब संबंधित शाला में पढ़ाई बंद रहती है। बच्चे खेलकूद में मस्त रहकर समय गुजारते हैं। शिक्षक के अवकाश से लौटते तक शाला में यही स्थिति बनी रहती है। वहीं अनेक शालाओं के शिक्षक तय समय पर शाला नहीं पहुंचते और आधा दिन स्कूल में बिताकर घर लौट जाते हैं। बच्चों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। कुछ ऐसा ही हाल विकासखंड की ग्राम पंचायत राजनगर के मुंडापारा प्राइमरी स्कूल का है। इस शाला में कहने को तो दो शिक्षक पदस्थ हैं, मगर दोनों ही अपनी मर्जी के मालिक हैं। जब मर्जी हुई स्कूल चले आए और जब मर्जी हुई स्कूल से दफा हो गए। इच्छा होती तो स्कूल आते हैं, अन्यथा नहीं। दोनों शिक्षक प्रायः रोज 12 बजे के बाद स्कूल और विद्यार्थियों को भगवान के भरोसे छोड़ कर चले जाते हैं। शिक्षक श्रीनाथ नायक व एसपी कश्यप की इस मनमानी से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। इस स्कूल में पढ़ाई न के बराबर होती है। शासन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह के जतन कर रहा है। शिक्षकों का वेतन काफी बढ़ा दिया गया है, बावजूद कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। इससे शासन की मंशा और प्रयासों पर पानी फिरने लगा है। ग्रामीण बताते हैं कि दोनों शिक्षक हमेशा दोपहर में ही शाला छोड़कर चले जाते हैं। विभाग के जिम्मेदारी अधिकारी स्कूल का दौरा या निरीक्षण करने नहीं आते। इस वजह से शिक्षक मनमानी पर उतर आए हैं।
बच्चों के साथ हो सकता है हादसा
शिक्षक एक – डेढ़ घंटे स्कूल में बिताकर अपने -अपने घर लौट जाते हैं। शिक्षकों के चले जाने के बाद भी बच्चे स्कूल में ही रहकर खेलने में मस्त हो जाते हैं। उनकी निगरानी के लिए कोई नहीं रहता। ऐसे में इन नौनिहालों के साथ कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। विकासखंड के ही सेमरा गांव के स्कूल में दुखद घटना हो चुकी है। शिक्षिका की लापरवाही के कारण दूसरी कक्षा का एक छात्र खेलते खेलते गड्ढे में गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई। इसके बावजूद शिक्षक सबक नहीं ले रहे हैं। पालकों ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जिला शिक्षा अधिकारी से की है।
नए बीईओ से हैं उम्मीदें
बकावंड में पदस्थ रहे विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरुण देवांगन तो पालकों और विद्यार्थियों की उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाए। श्री देवांगन का तबादला बस्तर में कर दिया गया है। उनकी जगह तोकापाल के विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोतीराम कश्यप को पदस्थ करने का आदेश जारी हुआ है। पालकों को उम्मीद है कि नए बीईओ श्री कश्यप लापरवाह शिक्षकों पर नकेल कसेंगे और शालाओं की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में ठोस पहल करेंगे।

आदिवासी समाज से भूपेश बघेल को इतनी नफरत है कि चुनाव न लड़ने का हुक्म सुना रहे हैं- केदार

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जगदलपुर। प्रदेश भाजपा महामंत्री व छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व शिक्षामंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सर्व आदिवासी समाज को सामाजिक कार्य करने की सलाह देने पर कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि भूपेश बघेल यह ज्ञान देने वाले कौन होते हैं कि आदिवासी समाज को चुनाव लड़ना है तो राजनीतिक पार्टी बनाये। वे यह फैसला कैसे सुना सकते हैं कि आदिवासी समाज क्या करे और क्या न करे।

प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज को बंधुआ समझ रखा है। वे आदिवासी समाज का आरक्षण, शिक्षा और नौकरी तो निगलवा ही चुके हैं और अब आदिवासी समाज का लोकतांत्रिक अधिकार भी छीन लेना चाहते हैं। भूपेश बघेल आदिवासी समाज की ताकत से भयभीत होकर समाज को चुनाव लड़ने से रोकना चाहते हैं। आदिवासी किसी के गुलाम नहीं हैं। इस स्वाभिमानी समाज को भूपेश बघेल अपमानित करने की धृष्टता कर रहे हैं। इसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। जिस समाज ने उन्हें सत्ता सौंपी है, वह समाज उन्हें सत्ता से उखाड़ कर फेंक देने में सक्षम है।

प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल ही नहीं, उनकी पूरी मंडली आदिवासी समाज का अपमान कर रही है। भूपेश बघेल के मंत्री शिव डहरिया आदिवासी समाज को पंक्चर बनाने की सलाह देते हैं। आदिवासी समाज की कृपा से अस्तित्व में आई कांग्रेस सरकार आदिवासी अस्तित्व को ललकार रही है। आदिवासी अस्मिता से खिलवाड़ कर रही है। आदिवासी समाज से बैर निकाल रही है। आखिर भूपेश बघेल को आदिवासी समाज से इतनी नफरत क्यों है?

आरक्षण के मुद्दे पर आदिवासियों ने भाजपा सांसद मंडावी को घेरा

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  • कांकेर सांसद समझाते रहे और आदिवासी विरोध पर आमादा रहे
  • भानुप्रतापपुर क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशी के लिए वोट मांगने गए भानुप्रतापपुर के एक गांव में

कांकेर। आदिवासियों के आरक्षण में कटौती के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार जिम्मेदार है या फिर मौजूदा कांग्रेस सरकार ? ये सवाल अनुत्तरित ही है, लेकिन यह मुद्दा फिलहाल भाजपा के गले की फांस बन गया है। भाजपाई जनप्रतिनिधियों को आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही कांकेर के भाजपा सांसद मोहन मंडावी के साथ भी हुआ। मंडावी भानुप्रतापपुर विधानसभा के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने एक गांव में पहुंचे थे, जहां उनका आदिवासियों ने घेराव कर दिया।

आदिवासियों के आरक्षण में कटौती के खिलाफ आदिवासी लंबे समय से उद्वेलित हैं। बस्तर संभाग के आदिवासी इसे लेकर चक्काजाम और कांग्रेस विधायकों के आवासों का घेराव भी कर चुके हैं। भानुप्रतापपुर के उप चुनाव में आरक्षण का मुद्दा कुछ ज्यादा ही तूल पकड़ चुका है। भाजपा के विधायकों और सांसद को आदिवासियों के प्रबल विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांकेर के भाजपा सांसद मोहन मंडावी को भी भानुप्रतापपुर क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के लिए वोट मांगने जाना भारी पड़ गया। हाथों में आदिवासी प्रतीक चिन्ह से युक्त झंडे लिए आदिवासी नारेबाजी करते हुए मंडावी की कार के सामने डट गए। कार से उतरकर मंडावी आदिवासियों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे। मंडावी ने कहा कि मैं भी आदिवासी हूं और मुझे भी समाज की चिंता है। भाजपा सरकार ने 32 प्रतिशत आरक्षण दिया था। वर्तमान कांग्रेस ने कोर्ट में मामले को उलझा दिया। मैं और मेरी पार्टी आरक्षण के लिए राज्य से लेकर दिल्ली तक में लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां की कांग्रेस सरकार तो हमारी मोदी जी की सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को दिए गए 18 लाख मकानों के निर्माण के मसले को भी अटका रखा है। मंडावी ने कहा कि भाजपा आप लोगों के साथ है। वहीं भीड़ में मौजूद महिलाएं और पुरुषों ने मंडावी पर सवाल दागा कि जब हम आरक्षण के लिए सड़क पर उतरे थे तब आप कहां थे, समर्थन देने क्यों नहीं आए ? आज जब चुनाव हो रहा है और आपको वोट चाहिए तब हमारे पास आए हैं। इससे पहले तो आपके दर्शन भी नहीं हुए थे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा और सांसद मंडावी को निराश लौटना पड़ा।

इक मंजिल राही दो, फिर प्यार न कैसे हो

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(अर्जुन झा)

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति में तूफान आया हुआ है। भानुप्रतापपुर उपचुनाव के घमासान के बीच भाजपा उम्मीदवार ब्रम्हानंद नेताम पर दुराचार के आरोप से खलबली मची हुई है। राजनीतिक झटके पर झटके लग रहे हैं। इसके बीच राजनीति से हट के भी ऐसे नजारे देखने को मिल रहे हैं जो आज की कलुषता भरी राजनीति के दौर में सुखद अनुभूति करा रहे हैं कि राजनीति में अब भी सौहार्द शेष है। कांग्रेस और भाजपा की ओर से प्रचार जोरशोर से चल रहा है। भाजपा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष बिलासपुर सांसद अरुण साव अपने प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे हैं तो बस्तर सांसद दीपक बैज कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में धूम मचा रहे हैं। भानुप्रतापपुर के समर में उनकी सक्रियता आकर्षक का केंद्र बनी हुई है। अपने अपने प्रत्याशी के समर्थन में सुबह प्रचार के लिए निकले सांसद दीपक बैज और सांसद अरुण साव माकड़ी में जब मिले तो कुछ इस तरह आत्मीयता के साथ मिले कि जैसे कह रहे हों कि इक मंजिल राही दो, फिर प्यार न कैसे हो…! राजनीति में दलीय और वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, होते हैं लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिये। यह संदेश सांसद साव और सांसद बैज ने अपने अपने दलों को दे दिया है। वैसे भी बस्तर सांसद दीपक बैज अपने सौम्य स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी राजनीतिक शैली ऐसी है कि विरोधी दल के नेताओं को भी अपने आत्मीय व्यवहार से प्रभावित कर लेते हैं। राजनीति में वैमनस्यता को कोई अहमियत न देने वाले दीपक बैज की राजनीति जनहित पर केंद्रित है और वे इसमें सकारात्मक सहयोग करने वाले सभी को अपने पराये का भेद किये बिना श्रेय देते हैं। यह तस्वीर राजनीति की सुंदर झलक पेश कर रही है। जिसने भी दोनों सांसदों का यह मिलन देखा, वह इनका मुरीद हो गया।

अपराध पर लगाम लगाने हेतु वारंटीयों की धरपकड़ पर बस्तर पुलिस की कार्यवाही

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  • बस्तर पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत् वारंटीयो पर की बड़ी कार्यवाही
  • विगत कई वर्षो से लगातर फरार थे स्थायी वारंटी
  • जिला के अलग-अलग थाना क्षत्रों से वारंटीयों को किया गया गिरफ्तार
  • कुल 50 स्थायी वारंट तामिल कर माननीय न्यायालय पेश किया गया

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में जिला में असमाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिस तारतम्य में बस्तर जिला के अलग-अलग क्षेत्रों में कई वर्षो से फरार चल रहे स्थायी वारंटीयों पर विशेष अभियान चलाया गया है। जिस तारतम्य में उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाॅल के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के पर्यवेक्षण में अलग-अलग टीम गठित कर कार्यवाही हेतु रवाना किया गया।

बस्तर जिला के ऐसे अपराधी जो अपराध कारित कर, लम्बे समय से फरार चल रहे थे जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। ऐसे फरार स्थायी वारंटीयो पर विशेष अभियान के तहत् धरपकड़ कार्यवाही किया गया है। जिसके अन्तर्गत बस्तर जिला के थाना कोतवाली-15, थाना बोधघाट-17, थाना भानपुरी-09, थाना नगरनार-05, थाना बस्तर-03 एवं थाना लोहण्डीगुडा-01, कुल 50 वारंटीयों को पता तलाश कर वारंट तामिल कर, संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी-
उप0 पुलिस अधीक्षक (परिवीक्षाधीन)- आशीष नेताम निरीक्षक – एमन साहू,लालजी सिन्हा,किशोर केंवट,बुधराम नाग,लीलाधर राठौर,तामेश्वर चैहान उपनिरी0- प्रमोद ठाकुर, सहा0निरी0- लंबोदर कश्यप,नरहरि वैष्णव, विनायक ठाकुर, सतीश यादव, दिलीप ठाकुर, लक्ष्मीनारायण धु्रव, सतीश यदुराज, सुभाष सिंह प्रआर0- नकुल कश्यप, उमेश चंदेल, लवन पानीग्राही, पवन श्रीवास्तव,सुनील मनहर,नरेन्द्र नारायण प्रभाकर, खेदुराम मौर्य, पिलेश्वर साहू आरक्षक – प्रकाश नायक, युवराज ठाकुर, रवि सरदार, भुपेन्द्र नेताम, यशवंत नरेटी, प्रेम वर्मा एवं मआर0, सुनीता सिंह, ललीता तारम एवं रीना

रवि फसल धान हेतु जलाशय के पानी छोड़ने हेतु किसान मोर्चा एवं किसानों द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया

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जिला किसान मोर्चा एवं आसपास के लगभग 100 किसानों द्वारा आगामी रबी फसल धान हेतु जलाशय से पानी छोड़ने हेतु राज्यपाल के नाम जिला एडीएम योगेश श्रीवास को तत्काल पानी छोड़ने की मांग की गई उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रवि फसल दलहन तिलहन हेतु बांध से पानी देने व रवि फसल धान हेतु पानी नहीं देने का निर्णय लिया गया है जो कि अनुचित है ।

ज्ञापन में कहा गया है कि दलहन तिलहन के बजाय सरकार धान की फसल हेतु पानी की सुनिश्चित व्यवस्था करवाएं दलहन तिलहन फसल लेने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है साथ ही दलहन तिलहन फसल लगाने से बंदरों का प्रकोप बहुत ज्यादा हो जाती है इसलिए किसान अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं जिससे उन्हें रवि फसल सीजन में आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है दलहन तिलहन फसलों के लिए जलाशयों से पानी छोड़ा जाएगा तो किसानों किसानों द्वारा लगाए गए दलहन तिलहन की फसल सड गल कर नष्ट हो जाएगा क्योंकि किसानों की खेतों तक पानी पहुंचने के लिए शासन द्वारा पक्की नाली का निर्माण नहीं हुआ है साथ ही दलहन दलहन तिलहन खरीदी की उचित व्यवस्था शासन नहीं होने के कारण उत्पादित फसलों को बिचौलियों के पास कौड़ियों के भाव में बेचने को किसान मजबूर हो जाते हैं अतः समस्त किसान मांग करते हैं कि दलहन तिलहन हेतु पानी के बजाय धान की फसल हेतु पानी की मांग करते हैं यदि मांग पूर्ण नहीं होने पर किसान मोर्चा एवं किसानों द्वारा आगामी दिनों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा ।

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ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा तोमन साहू जिला महामंत्री किसान मोर्चा मनोहर सिन्हा हेमंत साहू गुंडरदेही मंडल अध्यक्ष टीकाराम निषाद प्रताप साहू श्यामल साहू दिनेश साहू महेश्वर यादव लोकेश्वर साहू जी साहू अमर सिंह साहू रविंद्र कुमार सिमरिया कचित् साहू शिवकुमार साहू राजकुमार कोलियार सेवाराम चुरेंद्र कन्हैया लाल यादव पार्थ साहू धर्मेश साहू मन्नूलाल झोरी ओम प्रकाश रात्रे भोला राम साहू संत राम नेताम आदि की उपस्थिति रही

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के सदस्य और दुर्ग लोकसभा के सांसद से मिला भारतीय मजदूर संघ का प्रतिनिधिमंडल

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आज भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं सदस्य स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड विजय बघेल से बीएसपी गेस्ट हाउस में सौजन्य भेंट किया। और उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर लौहनगरी में स्वागत किया। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि आज की मुलाकात एक औपचारिक मुलाकात थी सांसद विजय बघेल भानुप्रतापपुर चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे तो उनसे आग्रह कर कुछ समय बीएमएस के लिए मांगा गया था जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया और गेस्ट हाउस में मिलने का समय दिया।

भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने उन्हे खदान से संबंधित नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की समस्याओं के विषय में बताया और उनके निराकरण के लिए भी निवेदन किया। चर्चा में उन्हें बताया गया कि संघ की शुरू से मांग है कि राजहरा खदान समूह में जो स्पाट टेंडर के नाम पर अपने चहेते ठेकेदार को कार्य देने की परंपरा चली आ रही है उस पर तत्काल विराम लगाना चाहिए। बीएसपी के सभी पंजीकृत ठेकेदारों को ठेका की प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए एवं श्रम मंत्रालय भारत सरकार एवं खान सुरक्षा महानिदेशक द्वारा बनाए गए नियमों का पालन होना चाहिए। जिससे खदान में सुरक्षित माहौल में कर्मचारी कार्य कर सकें। किंतु खदान की सुरक्षा खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

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कर्मचारी चाहे वह नियमित हो या ठेका श्रमिक डर और दबाव में कार्य करने को मजबूर है। जिससे आए दिन कुछ ना कुछ दुर्घटना खदान में हो रही है। और काफी दुर्घटनाओं में श्रमिकों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है जोकि काफी चिंताजनक है। संघ लगातार खदान में सुरक्षा के मापदंडों के पालन के लिए प्रबंधन के साथ बातचीत करता रहता है परंतु प्रबंधन का सारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ उत्पादन पर रहता है। वह सुरक्षा के प्रति गंभीर दिखाई नहीं देती है। जिस पर सांसद विजय बघेल ने तत्काल उचित कार्यवाही करने की बात कही है। संघ ने सांसद से निवेदन किया कि खदान में सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन हो इसके लिए प्रबंधन के अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।


अंत में संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद विजय बघेल को शीतकालीन सत्र के बाद राजहरा आने का न्योता दिया जिसे सांसद ने सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिला मंत्री मुश्ताक अहमद, उपमहासचिव केन्द्रीय लखन लाल चौधरी , सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंग,जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर साहू, सांसद प्रतिनिधि राजेश दाशोडे,शिव कुमार नायक, विनोद कुमार आरडे, शिवकुमार पांचे, प्रकाश ठाकुर और अन्य भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


ब्रम्हानंद के मददगार भाजपा नेताओं पर हो कार्यवाही : सिंह

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  • कांग्रेस नेता आरपी सिंह ने दागी को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर भाजपा पर उठाए सवाल
  • अग्रवाल, चंद्राकर, साव, कौशिक और चंदेल पर दर्ज हो एफआईआर

कांकेर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अभा कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आरपी सिंह ने भानुप्रतापपुर सीट पर उप चुनाव लड़ रहे दागी भाजपा प्रत्याशी को छुपने में मदद करने वाले भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, वरिष्ठ भाजपा नेता धरम लाल कौशिक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है।आरपी सिंह बुधवार को सुबह यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने 20 तारीख को ही खुलासा कर दिया था कि भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के खिलाफ जमशेदपुर के टेल्को थाने में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और नाबालिग पीड़िता को देह व्यापार के अनैतिक कार्य में धकेलने के आरोप में गंभीर धाराओं के तहत तथा पास्को एकट का मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में नेताम व अन्य भाजपा नेताओं को फरार मान रखा है। इसके बावजूद भाजपा ने नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 21 तारीख को उनका नामांकन वापस नहीं कराया और उन्हें मैदान पर बनाए रखा। इससे भाजपा की निकृष्ट एवं गिरी हुई मानसिकता स्वतः उजागर हो जाती है। सिंह ने कहा कि इस तरह की गंभीर धाराओं के वांछित आरोपी को भाजपा के बड़े नेता बृजमोहन अग्रवाल, जो कि नेताम के चुनाव संचालक भी हैं, धरम लाल कौशिक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल फरारी अवधि में ब्रम्हानंद नेताम को संरक्षण देकर उन्हें छुपने में मदद कर रहे हैं। इन नेताओं का यह कृत्य भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 212 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। कांग्रेस नेता आरपी सिंह ने इस कृत्य के लिए अग्रवाल, कौशिक, साव, चंद्राकर एवं चंदेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। सिंह ने ने कहा कि भाजपा के पास जरा भी नैतिकता नहीं है। वरना वह गंभीर मामले के आरोपी को उम्मीदवार नहीं बनाती। उन्होंने कहा कि भानुप्रतापपुर के मतदाता भाजपा को उप चुनाव में जरूर सबक सिखाएंगे।

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