City Media - Page 987 of 1867 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 987

सीआरपीएफ ने किया बस अड्डे के गैराज और डिपो पर अवैध कब्ज़ा

0
  • औचित्यहीन होकर रह गया है जगदलपुर का बस स्थानक
  • तत्कालीन कलेक्टर के आदेश की सरेआम हो रही है अवहेलना
  • बस ऑपरेटरों और वाहन मालिकों को हो रही है बड़ी परेशानी


जगदलपुर केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ ) ने नगर के बस स्टैंड स्थित डिपो और गैराज पर कब्ज़ा जमा लिया है. इसके चलते बस ऑपेरटेरों तथा अन्य वाहन मालिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व कलेक्टर रजत बंसल ने सीआरपीएफ अधिकारियों को बस स्टैंड का डिपो और गैराज खाली करने का आदेश दिया था, जिस पर ना तो सीआरपीएफ के अफसरों ने ध्यान दिया और ना ही जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अब तक कोई पहल की है.


नक्सली समस्या को देखते हुए बस्तर संभाग में सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. सीआरपीएफ की एक यूनिट को अस्थायी तौर पर रुकने के लिए नगर के बस स्टैंड कैम्पस में बने डिपो और गैराज में जगह दी गई थी. कुछ माह के भीतर इस यूनिट को बकावंड ब्लॉक के मसगांव में शिफ्ट कर दिए जाने की बात कही गई थी. सालों बीत जाने के बाद भी सीआरपीएफ बस स्टैंड के डिपो और गैराज में ही डेरा जमाए हुए है. वाहनों की मरम्मत का कार्य गैराज में होना चाहिए, लेकिन मरम्मत के लिए पहुंचे वाहनों को बसों के खड़े होने की जगह पर खड़ा किया जा रहा है. इससे बस स्टैंड परिसर में अव्यवस्था के हालात बन गए हैं. वहां बसों और दीगर वाहनों का ऐसा रेलमपेल मचा रहता है कि कुछ पूछो मत. बस स्टैंड का स्वरूप ही बिगड़ गया है.
बस स्टैंड में फैली अव्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल ने सीआरपीएफ के अधिकारीयों को डिपो और गैराज खाली कर अपनी यूनिट को जल्द से जल्द मसगांव में शिफ्ट कर लेने की हिदायत दी थी. कलेक्टर श्री बंसल का तबादला हो गया और इसी के साथ उनका आदेश भी कहीं गुम हो गया लगता है. सीआरपीएफ के अधिकारियों ने अपनी यूनिट को कहीं और शिफ्ट करने की पहल ही नहीं की. वहीं जिला प्रशासन तथा जगदलपुर नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों ने भी कलेक्टर के आदेश के परिपालन में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. नतीजतन बस स्टैंड का औचित्य समाप्त सा हो गया है. बस्तर की जनता को सीआरपीएफ अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण बस स्टैंड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वाहन मालिकों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में मज़बूरीवश वाहन खड़े करना पड़ता है. इसके कारण उन्हें आएदिन निगम प्रशासन व जिला प्रशासन का कोपभाजन बनना पड़ता है

कांग्रेस के लोगों ने राजीव भवन में मनाई गांधी और शास्त्री की जयंती

0

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के हर बूथ में पहुंचेगी कांग्रेस की पदयात्रा
जगदलपुर. विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर कांग्रेस का विधानसभा स्तरीय प्रत्येक बूथ में भारत जोड़ो पदयात्रा का होगा आगाज़ किया गया. राजीव भवन में अहिंसा के पुजारी व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई. कांग्रेसियो ने उनके छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.


संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन ने बापू और शास्त्री जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज ही के दिन दो महान युग पुरुषों का जन्म हुआ जिन्हें बापू और शास्त्री के नाम से जाना जाता है. इन महान पुरुषों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सत्य औऱ अहिंसा को हथियार बनाकर कर अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया अवज्ञा आंदोलन, दांडीयात्रा, असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह जैसे प्रमुख चरणबद्ध आंदोलन करके आज़ाद भारत की नीव रखी. गांधी जी ने 1894 में दक्षिण अफ्रीका में अन्याय के खिलाफ अवज्ञा आंदोलन चलाया और पूर्ण होने तक वहीं रहे सन 1916 में वे अफ्रीका से भारत लौटे फिर देश की आज़ादी के लिए कदम उठाए. 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की. गांधी एक महान लीडर थे. सादा जीवन उच्च विचार को मानने के स्वभाव के कारण लोग उन्हें महात्मा के नाम से सम्बोधित करते थे. वाराणसी के छोटे से गांव में एक शिक्षक परिवार में लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म हुआ. वह देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे. भारत को आजादी दिलाने और भारत के भविष्य का निर्माण करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी. काशी विद्यापीठ से जुड़ने के बाद उनका महान हस्तियों तथा बुद्धिजीवियों से संपर्क बढ़ा और वे देश को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी दिलाने के लिए गांधी के साथ हो चले. अपने जीवन काल में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे. जय जवान जय किसान का नारा देकर उन्होंने गांधी जी के साथ अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया तथा भारत के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि गांधी- शास्त्री महान नेता थे. उन्होंने देश की आज़ादी में अहम भूमिका अदा की. गांधी जी प्रजातंत्र के परम समर्थक थे. सत्य अहिंसा के बल पर भारत को आज़ाद कराया उन्होंने समाज मे फैली छुआछूत की भावना को दूर करने के लिए बहुत प्रयास किए. उन्होंने पिछड़ी जातियों को ईश्वर के नाम पर हरि-जन नाम दिया. जीवन पर्यन्त उनके उत्थान के लिए प्रयासरत रहे. गांधी जी का स्वराज्य गांव में बसता था और वे ग्रामीण उद्योगों की दुर्दशा से चिंतित थे. खादी को बढ़ावा देना तथा विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार उनके जीवन के आदर्श थे. गांधी जी का कहना था कि खादी का मूल उद्देश्य प्रत्येक गांव को भोजन व कपड़े के विषय मे स्वावलम्बी बनाना है. ऐसे समय में जब पूरा संसार बुनियादी वस्तुओं की खरीद के लिए संघर्ष कर रहा है, गांधी जी का ग्राम स्वराज एवं स्वदेशी का विचार ही हमारा सही मार्गदर्शन कर सकता है. भारत जैसे विकाशशील देश की आगे की नीति यही होनी चाहिए. जिला महामंत्री अनवर खान, कौशल नागवंशी व अन्य वक्ताओं ने भी बापू और शास्त्री जी की जीवनी पर प्रकाश डाला और कहा कि स्वतंत्रता के महानायक गांधी, शास्त्री ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंगे आजादी में अहिंसा को हथियार बनाकर लंबी लड़ाई लड़ी. अंग्रेजों को यह समझ में आ गया था हमें इस वीर भूमि से खदेड़ा जाने वाला है, हमारा अंत निश्चित है तथा अब हम फूट डालो राज करो की नीति पर इस धरती पर राज नहीं कर सकते. अंततः अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए इन महापुरुषों ने देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। वक्ताओं ने बापू, शास्त्री को श्रद्धांजलि देकर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया.कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल शर्मा ने किया और कहा कि स्वतन्त्रता के उन महापुरूषों के संदेशों को कांग्रेसजन तक पहुंचाने तथा उनका सदैव स्मरण करने की बात कही. अंत में 2 मिनट का मौन धारण कर इन महापुरुषों को श्रद्धान्जलि दी गई. कार्यक्रम में प्रदेश, जिला, ब्लॉक, जोन, सेक्टर, बूथ व अनुभाग के पदाधिकारी, सेवादल, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई सहित अन्य मोर्चा, प्रकोष्ठ, विभागों के पदाधिकारी सोशल मीडिया के प्रशिक्षित कार्यकर्ता, सहकारिता क्षेत्र के सदस्य, निर्वाचित व मनोनीत पार्षद त्रिस्तरीय पंचायत के जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ कांग्रेसी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

नवरात्रि पर्व एवं गांधी जयंती के अवसर पर जयस्तंभ चौक बालोद में लगाया गया यातायात जागरूकता अभियान

0


दिनांक 02.10.2022 यातायात नियमों का पालन करने वाले चालकों को गुलाब फुल देकर किया गया सम्मानित।

 यातायात बालोद पुलिस द्वारा यातायात नियमों का पालन करने किया गया अपील।

पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में, श्रीमान् अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर एवं उप पुलिस अधीक्षक राजेश बांगडे के मार्गदर्शन एवं यातायात प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में हमराह स्टाप के आज दिनांक 02.10.2022 को जयस्तंभ चौक बालोद में नवरात्रि पर्व एवं गांधी जयंती के अवसर पर गांधीवादी विचारधारा के साथ अहिंसा का पाठ पढ़ाते हुए, यातायात नियमों का फ्लैक्सी लगाकार आम जनता को यातयाात नियमों एवं संकेतों के बारे में बारी-बारी से समझाईश देकर जागरूक किया गया।

साथ ही यातायात नियमों का पालन करने वाले चालको को गुलाब फुल देकर सम्मानित किया गया तथा हेलमेट लगाने के लिए जागरूक किया गया। यातायात बालोद पुलिस आम नागरिकों से अपील करता है कि वाहन चालन के दौरान हेलमेट सीट बेल्ट का प्रयोग करे, नाबलिक वाहन चालको को वाहन चलाने न देवे, शराब सेवन कर वाहन नहीं चलायें, रेड़ सिग्नल जंप नहीं करेे, एवं दुपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाकर वाहन नहीं चलाये।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

हेलमेट लगाने के फायदेः- 01. हेलमेट लगाने से आकस्मिक दुर्घटना होने पर सिर में आने वाले गंभीर चोट से बचा जा सकता है।

  1. आईएसआई मार्क एवं अच्छी क्वालिटी के हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए।
  2. हेलमेट लगाने से वाहन चलाते समय ध्यान केन्द्रित रहता है।
  3. हेलमेट लगाने से दुर्घटना में मौत की संभावन 70 प्रतिषत तक कम होती है।
  4. हेलमेट लगाने से ऑख में धुल मिट्टी कंकड से बचाव होता है।
  5. हेलमेट लगाने से तेज धुप से बचाव होता है।
  6. हेलमेट लगाने से स्कॉर्फ बांधने की आवशयकता नही होती है। चेहरे में पड़ने वाले धुल मिट्टी से होने
    वाले धाग धब्बे झुर्रियां की खतरे को काफी हद तक कम करता है।
  7. हेलमेट लगाने से थकान कम महसूस होता है।
  8. हेलमेट लगाने से कान में वाहनों की ध्वनि शोर-शराबा कम हो जाता है। जिससे बहरेपन से बचा जा
    सकता है।
  9. हेलमेट लगाने से वाहन चालन (राइडिंग) सुरक्षित रहती है।
  10. हेलमेट तेज हवा धुल मिट्टी किटाणु वायु प्रदूषण से तो बचाता ही हैं साथ ही आपको तरोताजा भी
    रखता है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई गई

0

दल्ली राजहरा – छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी व जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के निर्देशानुसार केबिनेट मंत्री व लोकप्रिय क्षेत्रीय विधायक श्रीमती अनिला भेंडिया जी के मार्गदर्शन में ब्लाक कांग्रेस कमेटी दल्लीराजहरा के द्वारा आज दिनांक 02/10/2022 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की व लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती वार्ड नं 20 गांधी चौक में मनाई गई

सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी के मूर्ति व लाल बहादुर शास्त्री जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया तिलक व पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजली दी गई।

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

गांधी की जयंती के अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर, नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर, मंडल अध्यक्ष विवेक मसीह व संतोष पाण्डेय, जिला महामंत्री रतिराम कोसमा, एल्डरमेन प्रमोद तिवारी,ब्लाक उपाध्यक्ष मोहन लाल साहू,एल्डरमैन जगदीश श्रीवास, ईश्वर लाल सोनवानी, महामंत्री सुरेश ठाकुर, युकां जिला महामंत्री परितोष हंसपाल,पार्षद रोशन पटेल, नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक मुमताज कुरैशी ने महात्मा गांधी जी की जीवनी पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन दक्षिण मंडल अध्यक्ष सन्तोष पाण्डेय व आभार प्रदर्शन उत्तर मंडल अध्यक्ष विवेक मसीह ने किया।

इस अवसर पर जिला महामंत्री काशी राम निषाद, जिला सयुक्त महामंत्री विजय जोगदण्ड, जिला सचिव के ईश्वर राव, ब्लॉक महामंत्री श्रीनिवास राव, प्रदीप बाघ, प्रवीण शर्मा, पार्षद स्वप्निल तिवारी, एल्डरमैन जी ईश्वर राव, रामू शर्मा, प्रदीप बबलू, पूर्व पार्षद रमेश भगत, अनिल कोम्बे, नगर उपाध्यक्ष अ जा विभाग अजय बघेल, सयुक्त महामंत्री जितेन्द्र मेश्राम, आदिभ भगत, जसविंदर सिंह गिल, बसंत साहू, रूपलाल साहू, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

बस्तर से नवनिर्वाचित युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रियाज खान को जीत की बधाई एवं शुभकामनायें दी साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की

0

आज बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल जी के जगदलपुर स्थित निवास पर बस्तर से नवनिर्वाचित युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रियाज खान को जीत की बधाई एवं शुभकामनायें दी साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की

बस्तर विधायक जी को युथ कांग्रेस के सदस्यों ने मुलाकात की और विधायक जी ने संगठन की मज़बूती के लिए योगदान हेतु उनका उत्साहवर्धन किया

जिसमें मौजूद रहे दिनेश यदु, राकेश मिश्रा, अयोध्या पांडे,रियाज खान, अंकित पारख, दिनेश यदु,मनीराम, लखेश्वर कश्यप, राजेश कुमार,पिंटू यादव, अनस खान, मनु राम,एवं युथ कांग्रेस के सदस्यगण उपस्थित रहे

उत्तर प्रदेश से आए हुए साधु का भेष धारण कर दो मुस्लिम युवकों द्वारा बच्चा चोरी का प्रयास कर सनातन प्रेमियों का अपमान

0

आज नगर दल्ली राजहरा के विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति द्वारा नगर अधीक्षक को गुरुर में हुए अपहरण और साधु का वेश बनकर आए मुस्लिम युवकों को सख्त सजा देने की मांग विश्व हिंदू परिषद और मातृशक्ति द्वारा की गई दूसरे राज्य से आए हुए अधर्मी जोकि साधु का वेश धारण कर घूमते हुए पाए गए और उनके द्वारा बच्चा चोरी का प्रयास किया गया

जिसे ग्रामीणों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया जिसके विरोध में दल्ली राजहरा भी अछूता नहीं है और मातृशक्ति द्वारा इसका कड़ा विरोध किया गया और यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में कोई भी मुस्लिम साधु संतों का अपमान ना करें नहीं तो उसे कतई ना बर्दाश्त किया जाएगा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से नगर अध्यक्ष शंकर साहू जिला उपाध्यक्ष नीलेश श्रीवास्तव नगर उपाध्यक्ष गणेश निषाद रामू भारती नगर मंत्री पंकज धनकर श् मंत्री गोलू जायसवाल मातृशक्ति जिला संयोजिका सत्या साहू नगर संयोजिका जानकी देवी नगर सह संयोजिका नंदा पसीने रूमा राय आदि उपस्थित थे ।,

घरबैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

बस्तर दशहरा के बीच बयानों की दिवाली जैसी सियासी बमबाजी

0

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और मंत्री कवासी लखमा में जुबानी जंग नाना – नाती और गुरु – चेले के रिश्ते में राजनैतिक कड़वाहट

अर्जुन झा.

जगदलपुर बस्तर की राजनीति में हाल के दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच चला वाकयुद्ध चर्चा का विषय बना रहा. जहां देखो वहां लोग चटखारे ले लेकर चंगू- मंगू की ही बातें करते दिख जाया करते थे. सियासी ड्रामे का यह दौर थमा ही था, कि अब नाना – नाती और गुरु – चेले के बीच शुरू हुई नई जुबानी जंग हर आम और खास के लिए किस्सागोई का सबब बन गई है. यह जुबानी जंग बस्तर के पूर्व वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और छत्तीसगढ़ की मौजूदा कांग्रेस सरकार में मंत्री कवासी लखमा के बीच छिड़ी है. रिश्ते में नेताम और लखमा नाना और नाती लगते हैं. वहीं नेताम को लखमा का राजनैतिक गुरु भी माना जाता है.

इन दिनों पूरे अंचल में जहां बस्तर दशहरा की धूम मची हुई है, वहीं दूसरी ओर बस्तर की राजनीति में बयानों की दिवाली जैसी आतिशबाजी भी शुरू हो गई है. सियासी सलाहों और छींटाकशी की फुलझड़ियां जमकर छोड़ी जा रही हैं. बयानों के बम फोड़े जा रहे हैं. इस सियासी बमबाजी की शुरुआत सीपीआई नेता मनीष कुंजाम ने शुरू की थी और अब इसमें नाना अरविंद नेताम तथा नाती कवासी लखमा की एंट्री हो गई. छ्ग के केबिनेट मंत्री कवासी लखमा के निर्वाचन क्षेत्र कोंटा के अंतर्गत सुकमा जिला मुख्यालय में मनीष कुंजाम ने एक बड़ी जनसभा आयोजित की थी. सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद नेताम भी आमंत्रित थे. पहले अपने भाषण में कुंजाम ने कवासी लखमा पर आदिवासियों के हक़ में काम न करने समेत कई आरोप लगाए. इसके बाद माईक थामते ही अरविंद नेताम ने तो कवासी लखमा पर आरोपों की ऐसी बमबारी कर डाली कि दीपावली की आतिशबाजी भी फीकी पड़ जाए. श्री नेताम ने अपने भाषण में कुंजाम द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए लखमा को जमीन पर रहने की नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा कि कवासी लखमा आदिवासियों के हक़ में काम करें, ना कि बड़े उद्योपतियों के. इसके जवाब में कवासी लखमा ने श्री नेताम को बुढ़ऊ करार देते हुए उन्हें घर में रहकर आराम करने की नसीहत दे डाली. बहरहाल इन दोनों नेताओं के बयानों ने बस्तर की राजनैतिक फ़िज़ा में दीपावली की आतिशबाजी जैसा माहौल बना दिया है और लोग मजे ले रहे हैं.*लखमा आकाश में ना उड़ें : नेताम*पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने सार्वजनिक मंच से कहा कि कवासी लखमा को पद का गरूर नहीं करना चाहिए और ना ही ज्यादा उड़ने की कोशिश करनी चाहिए. पंछी कितनी भी ऊंचाई तक उड़ान भर रहा हो, लेकिन अंततः दाना चुगने के लिए उसे जमीन पर ही आना ही पड़ता है. इसलिए लखमा को भी अपनी जमीन पहचाननी चाहिए. जीवन की यात्रा जब पूरी हो जाती है तो आखिर में सभी को समाज और परिवार के ही लोगों के कंधों की जरूरत पड़ती है. मैं भी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुका हूं और मुझे जीवन की सच्चाई का खासा अनुभव है. कवासी लखमा भले ही सबके दादी कहलाते हैं, लेकिन मैं उनका नाना हूं. उन्हें राजनीति में लाने वालों में से एक मैं भी हूं. श्री नेताम ने श्री लखमा को सलाह दी कि वे अपने पद का सदुपयोग करते हुए बस्तर और राज्य के आदिवासियों के हित में काम करें, न कि अडानी जैसे उद्योगपतियों के. *नेताम बुढ़ा गए हैं, अब घर में आराम करें, : लखमा*मंत्री कवासी लखमा ने अरविंद नेताम के आरोपों का सधे हुए शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि श्री नेताम से जरूर मैंने राजनीति सीखी है, वे मेरे राजनैतिक गुरु हैं, मगर यह भी सच है कि श्री नेताम को राजनैतक पहचान और बड़े पद कांग्रेस की बदौलत मिली है. वे कांग्रेस में कई बड़े पदों पर रहे केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई थी. बावजूद श्री नेताम ने बस्तर और आदिवासियों के हित में कोई काम नहीं किया. वे बूढ़े हो चुके हैं. इसलिए उल्टी सीधी बातें ना करते हुए घर में रहकर आराम करना चाहिए. अनकी सेवा करने के लिए घर में और भी नाती – पोते हैं. श्री नेताम मेरे राजनैतिक गुरु हैं इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं और उनके खिलाफ इससे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता. लेकिन यह सच्चाई भी किसी से छुपी नहीं है कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी श्री नेताम ने बस्तर और आदिवासियों के हित में कुछ भी नहीं किया.

बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया

0

बस्तर विधायक ने कहा की हम सब प्रदेशवासी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं एवं श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं पूज्य बापू के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ ग्राम स्वराज की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है हम सब मिलकर बापू के सपने साकार करेंगे और सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी सिर्फ नाम नहीं बल्कि विचारधारा हैं, उन्हें वही कहा जिसपर खुद अमल किया उनके प्रेरक विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे आज महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें मैं कोटि-कोटि नमन करता हूँ

बस्तर विधायक ने कहा की सादगी और वैचारिकी के पर्याय, गांधीवादी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर सादर नमन वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया, जिससे सारा देश एकजुट हो गया ऐसे कर्मयोगी देश को सदा प्रेरित करते रहेंगे

जिसमें मौजूद रहे दिनेश यदु,राकेश मिश्रा, अयोध्या पांडे,अंकित पारख, रियाज खान, मनी राम, लखेश्वर कश्यप, कमलकिशोर दुबे, वीरेंद्र कश्यप राजेश कुमार, जागेंद्र कुमार, अनस खान, पिंटू, बद्रीनाथ जोशी,मनु राम, गुप्तेश्वर,सुमंत नाग,उषा ठाकुर, हरीश पूरी, सत्येंद्र यादव,मगतू मांझी, चैतन, परमानंद शोरी, श्रवण,मेघनाथ नेताम, एवं समस्त कार्यकर्त्तागण उपस्थित रहे ।

बजावंड में बनेगा कंकालीन माता मंदिर

0


बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने किया मंदिर के लिए भूमिपूजन
जगदलपुर. बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने ग्राम बजावंड में कंकालीन माता मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया. बजावंड पहुंचने
पर ग्रामवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया. श्री बघेल के ग्राम आगमन को लेकर बच्चों और युवाओं में काफ़ी उत्साह नज़र आया.


विधायक ने बजावंड के मंदिर प्रांगण में पहुंचकर मां हिंगलाजिन एवं कंकालीन माता के दर्शन कर क्षेत्रवासियों तथा प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की. समारोह को संबोधित करते हुए बघेल ने युवकों से अपील की कि वे देवी देवताओं के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव हमेशा रखें तथा धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर सहभागिता दें और पूर्वजों के रास्ते पर चलते रहें. उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के प्रति आस्था रखने से आत्मबल बढ़ता है तथा बुरे कर्मों से बचने की शक्ति मिलती है. भक्ति भाव रखने वाला व्यक्ति ना तो स्वयं कभी बुरा कर्म करता है और ना ही दूसरे की बुराई के बारे में सोचता है. भगवान की भक्ति से हमारी सोच सकारात्मक बनी रहती है. इसीलिए हमारे बुजुर्ग गांव गांव में मंदिर और देवालय बनवाया करते थे. उन्होंने कहा कि सभी लोग देवी देवताओं के पूजा स्थल पर अधिक समय देते हुए धार्मिक स्थलों को अधिक बढ़ावा दें और एक नई संस्कृति का सूत्रपात करें.
विधायक श्री बघेल ने माता हिंगलाजिन एवं कंकालीन माता मंदिर में पांच लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवाल बनाने, सिरहापारा में सांस्कृतिक मंच हेतु तीन लाख पचास हजार रूपये तथा नवयुवकों लाउड स्पीकर सेट देने की घोषणा की. लोगों में काफ़ी उत्साह देखा गया. ग्रामीणों ने विधायक का आभार प्रकट किया.
कार्यक्रम में कृषि उपज मंडी समिति उपाध्यक्ष आयतु राम, विधायक प्रतिनिधि जानकी राम भारती, ब्लॉक अध्यक्षगण गणेश बघेल, शिवराम बिसाई, उत्तम नाइक, जनपद सदस्य नारायण बघेल, मोहन झाली,अर्जुन पांडे, राजेश कुमार एवं समस्त कार्यकर्ता, एवं ग्राम प्रमुख, पुजारी, माता बहनें, मंदिरकमेटी सदस्य उपस्थित थे

बुजुर्गों से ही है संस्कृति और सभ्यता का अस्तित्व : अनिला भेड़िया

0

समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री मदन चौहान और पद्मश्री शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठ नागरिक किए गए सम्मानित
राजधानी में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में जुटे प्रदेश के वरिष्ठजन
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत, समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया और योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा हुए शामिल
जगदलपुर. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग ने रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए लगभग तीन हजार बुजुर्ग शामिल हुए। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथियों द्वारा सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान और समाज सेविका पद्मश्री शमशाद बेगम सहित 16 वरिष्ठजनों का समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह से सम्मान किया।अतिथियों ने सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम द्वारा प्रकाशित वृद्धजनों से संबंधित पत्रिका संज्ञान का विमोचन भी किया।

विभिन्न जिलों से आए बुजुर्गों का श्रीफल, शॉल और वॉकिंग स्टिक देकर सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसी तारतम्य में राजधानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।
मंत्री अनिला भेड़िया ने बुजुर्गों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सम्मान और सभ्यता बुजुर्गों से जुड़ी है। सामूहिक परिवार में रहने की प्रथा अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में श्रेष्ठ है। उन्होंने बुजुर्गों के लिए सुखमय जीवन की मंगल कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुजुर्गों के लिए एक नवंबर, राज्य निर्माण दिवस से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ करने की बड़ी घोषणा की है। यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें देश-विदेश में माता पिता से अलग अन्य स्थानों में कार्यरत हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 31 वृद्धाश्रम संचालित हैं. यहां निराश्रित बुजुर्गों के लिए खाने पीने से लेकर आश्रय, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। जिले से लेकर राज्य स्तर पर बुजुर्गाे की समस्या निवारण की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। इसके लिए सभी बुजुर्गाे को सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के
विकास में बुजुर्गाे का भी अहम योगदान है। नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूरी है। अच्छे महौल और सबके सहयोग से ही हम नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार करने में सफल होंगे।
डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बुजुर्गाे के प्रति पहली जिम्मेदारी उनके बच्चों के साथ पूरे समाज की है। राज्य सरकार ने पेंशन सहित बुजुर्गाे की जरूरत के लिए कई व्यवस्थाएं की है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए आत्मीयता और मान-सम्मान सबसे बड़ी जरूरत है इस दिशा में नौजवानों को सोचना होगा। ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि एकाकी परिवार की वजह से बुजुर्ग बहुत प्रभावित और उपेक्षित हुए हैं। भौतिकतावाद के कारण सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी को लेना चाहिए। नई पीढ़ी प्रेरणा लेकर सम्मान का वातावरण फिर से लाए।
इनका हुआ सम्मान रायपुर से पद्मश्री मदन चौहान का कला साधना के लिए, डॉ. चितरंजन कर का साहित्य साधना के लिए सम्मान किया गया। बालोद जिले से पद्मश्री शमशाद बेगम का साक्षरता अभियान और सामाजिक बुराईयों के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह बिलासपुर के नित्यानंद शर्मा का स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए, बलरामपुर जिले के बिरझु सिंह का स्वच्छता और खैरवार जनजाति के उत्थान के लिए सम्मान किया गया। बस्तर से नवी मोहम्मद का वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निराश्रितों की सहायता के लिए सम्मान किया गया। कांकेर जिले राजूराम मरकाम को स्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क उपचार के लिए और धमतरी की लखमशी भाई भानुशाली को निराश्रित बच्चों और बुजुर्गों के कल्याणार्थ कार्यों के लिए सम्मान किया गया। बलौदाबाजार जिले के मिक्खा सिंह सम्मान से सम्मानित सरजू साहू को उनकी खेलकूद प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया। धमतरी के अश्विनी गजेंद्र का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, गरियाबंद के नूतन लाल साहू का रचनात्मक लेखन और गतिविधियों के लिए, सरगुजा के मंगाराम का कोविड-19 संक्रमणकाल में सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान किया गया। इसी तरह नारायणपुर जिले की एनके आजाद को बच्चों की शिक्षा, वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रितों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। मुंगेली जिले के अशोक तिवारी को स्काउट शिक्षा और योग प्रशिक्षण के लिए, कोण्डागांव जिले के खेम वैष्णव को उनके लोक चित्रों के लिए, दंतेवाड़ा जिले के अमर सिंह ठाकुर को सामाजिक कार्यों में सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया ।

MOST POPULAR

HOT NEWS