जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा है कि डॉ. श्रेयांश वर्धन जैन को महारानी अस्पताल जगदलपुर में संविदा चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्ति दी गई है। महारानी अस्पताल में पूर्व से ही चिकित्सकों की कमी है ऐसे में डॉ. जैन से महारानी अस्पताल में कार्य न लेकर उन्हें नोडल अधिकारी बनाकर उनसे अन्य कार्य लिया जा रहा है जो उचित नहीं है। महारानी अस्पताल में ऐसे ही चिकित्सक की कमी है और डॉ जैन से मूल कार्य न लेकर नोडल अधिकारी का कार्य लिया जा रहा है। जनहित में जिसका बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर जगदलपुर विरोध करती है। डॉ. जैन निजी प्रेक्टिस भी करते हैं। जबकि संविदा सेवा शर्तों के अनुसार वे प्राईवेट प्रेक्टिस नहीं कर सकते। अतः ऐसे चिकित्सक को तत्काल नोडल अधिकारी के पद से हटाकर महारानी अस्पताल जगदलपुर में चिकित्सकीय कार्य लिया जाए।
समय से पहले सूख गई इंद्रावती नदी, झुलसने लगी फसलें, मुरझाने लगे किसानों के चेहरे
- नदी सूखने से किसानों को भारी नुकसान, सैकड़ों एकड़ की फसल प्रभावित
–अर्जुन झा–
जगदलपुर इंद्रावती नदी तेजी से सूखती जा रही है, पानी के बिना फसलें झुलसने लगी हैं और किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। सैकड़ों एकड़ रकबे में ली गई मक्का, गेहूं, सब्जियों और रबी धान की फसलों को बचाने की चिंता में किसान घुले जा रहे हैं।
इंद्रावती के जलस्तर में भारी गिरावट आ जाने के कारण बस्तर विकासखंड के कई गांवों में सिंचाई संकट गहरा गया है। लामकेर, भोंड, नदीसागर सहित नदी तट के समीप बसे अनेक गांवों के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए जरूरी पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इन गांवों के किसान सिंचाई के लिए इंद्रावती नदी पर ही निर्भर हैं। लेकिन इस बार पानी की भारी कमी के कारण धान, गेहूं, मक्का,सब्जियों और अन्य फसलों पर संकट गहरा गया है। किसानो ने बताया कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी और उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

जनपद सदस्य एव सरपंच ने उठाई आवाज
नव निर्वाचित जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 22 हेमराज बघेल और ग्राम पंचायत लामकेर के सरपंच लक्ष्मण कश्यप ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए वे जल्द ही किसानों के साथ मिलकर कलेक्टर बस्तर एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाएगी।
जल्द उठाएं कदम: विधायक
क्षेत्र के विधायक लखेश्वर बघेल ने इस संबंध में किसानों की परेशानियों को दूर करने उचित पहल करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि लगातार गिरते भूजल स्तर और जल संचयन की कमी एनीकट में पानी का रुकाव न होने के कारण सिंचाई संकट बढ़ता जा रहा है। सरकार और प्रशासन को जल संरक्षण एवं प्रबंधन की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।
किसानों की मांग
किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करने, नहरों और तालाबों का गहरीकरण कराने तथा वैकल्पिक सिंचाई साधन विकसित करने की मांग की है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में बस्तर के किसानों को और गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
बस्तर की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित करने में लगी है हमारी सरकार: सांसद महेश कश्यप
- मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ चित्रकोट महोत्सव काआगाज
जगदलपुर सांसद बस्तर महेश कश्यप ने कहा कि चित्रकोट महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। यह आयोजन न केवल बस्तर की पहचान को नए आयाम दे रहा है, बल्कि प्रदेश के कलाकारों सहित स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला प्रस्तुत करने का बेहतर मंच प्रदान कर रहा है। साथ ही यहां के युवाओं को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता निभाने के लिए सुअवसर मिल रहा है। बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसे विश्व पटल पर स्थापित करने की यह पहल निस्संदेह एक प्रेरणादायक कदम है, जो आने वाले वर्षों में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उक्त बातें सांसद महेश कश्यप सोमवार को विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर 24 से 25 फरवरी तक आयोजित दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही।सांसद श्री कश्यप ने कहा कि जनता के विश्वास, शांति और सुरक्षा सहित विकास की जवाबदेही सरकार की है। साथ ही कला-संस्कृति, परम्परा और रीति-रिवाज के संरक्षण की जिम्मेदारी भी है। इसी अनुक्रम में आयोजित यह चित्रकोट महोत्सव बस्तर की पहचान को एक नए आयाम प्रदान कर रहा है। बस्तर को संवारने के लिए सरकार हर सम्भव पहल कर रही है और जल्द ही समूचे बस्तर में अमन-चैन एवं शांति स्थापित हो जाएगी और बस्तर के चंहुमुखी विकास में हम सभी सहभागिता निभाएंगे।
ज्ञात हो कि विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर 24 से 25 फरवरी तक आयोजित चित्रकोट महोत्सव में न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हो रही है, बल्कि स्थानीय युवाओं द्वारा खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में अपनी अदभुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही आम नागरिक और पर्यटक पैरामोटर राईड एवं नौकायन जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेकर रोमांच का अनुभव कर रहे हैं।
संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम
चित्रकोट महोत्सव का उद्देश्य बस्तर की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। साथ ही पर्यटकों को बस्तर की खूबसूरती की ओर आकर्षित करना भी है। चित्रकोट महोत्सव के दौरान लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और लोक कलाओं का प्रदर्शन कर दर्शकों को बस्तर की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया जा रहा है। महोत्सव में प्रसिद्ध गायक अनुराग शर्मा ने अपनी सुरीली आवाज़ से समां बांध दिया। इनके अलावा स्थानीय कलाकारों ने भी पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकगीतों के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक धड़कन को मंच पर उतारा। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
व्यंजनों और हस्तशिल्प का प्रदर्शन
महोत्सव के दौरान बस्तरिहा व्यंजन, स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक परिधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिससे आगंतुकों को बस्तर की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का अनुभव मिल रहा है। इससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों एवं कारीगरों को प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि उनकी हुनर एवं कला को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।चित्रकोट महोत्सव के माध्यम से बस्तर को सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन पर्यटकों को बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर सहित स्थानीय व्यंजनों के प्रति आकर्षित कर रही है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों की आमदनी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसे वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है, जिससे बस्तर की लोक संस्कृति को और भी व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सके।
भाजपा के सपने को तार तार कर दिया सुकमा की जनता ने: दुर्गेश राय
- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दुर्गेश राय ने माना मतदाताओं का आभार
- भाजपा के धनबल और बाहुबल की हुई हार: राय
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सुकमा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कवासी लखमा को जेल में डालकर चुनाव जीतने के भाजपा के सपने को सुकमा की जनता ने तार तार कर दिया है।
दुर्गेश राय ने कहा- भाजपा यह मुगालता पाले बैठी कि वह हमारे सीनियर लीडर कवासी लखमा को झूठे केस में फंसा कर और जेल भेजकर कांग्रेस के अभेद्य गढ़ सुकमा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जीत जाएगी, मगर जिले के समझदार मतदाताओं ने भाजपा के इस मुगालते को ध्वस्त कर दिया है। श्री राय ने इसके लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है और कांग्रेस के समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को साधुवाद दिया है। दुर्गेश राय ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हमारे कार्यकर्ताओं ने काफी मुस्किल घड़ी में कम संसाधन एवं धन बल,दबंगई का डट कर सामना किया। कुछ कार्यकर्ता हारे, लेकिन उनकी हार में भी हमारी जीत है। कुछ आस्तीन के सांपों के कारण हमारी कम मार्जिन से हार जीत हुई है, लेकिन
सांप की तरह ही हमारा निष्ठावान हर कार्यकर्ता उनकी इन हरकतों को याद रखेगा। दुनिया गोल है कहीं न कहीं टकराव जरूर होगी।
कुछ लोगों को भ्रम था कि कवासी लखमा को जेल में डालकर चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन देवतुल्य जनता ने उनको करारा जवाब दिया है। आज हमारा हर कार्यकर्ता दोगनी ताकत से धन बल बाहुबल वाली भाजपा को चारोंखाने चित्त कर दिया है। सभी नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जीत की एवं हमारे पराजित कार्यकर्ताओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए दुर्गेश राय ने कहा है कि अगली बार आप सभी जनप्रतिनिधि बन अपने क्षेत्र की जनता नेतृत्व करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को नक्सल प्रभावित क्षेत्र मे शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए बधाई दी है। दुर्गेश राय ने कहा- मैं विश्वास दिलाता हूं सुकमा की जनता को कि हमारा हर जनप्रतिनिधि वार्ड पंच से लेकर सरपंच, जनपद, जिला पंचायत सदस्य तक आपके साथ 24 घंटा आपकी सेवा मे खड़ा रहेगा। आपका प्यार सहयोग कांग्रेस पार्टी को इसी तरह मिलता रहे।
आबकारी घोटाला; अब कांग्रेस भी घेरे में, महामंत्री मलकीत सिंह गैदू से ईडी की पूछताछ
- जगदलपुर के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी हैं गैदू
–अर्जुन झा-
जगदलपुर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए शराब घोटाले को लेकर अब कांग्रेस भी ईडी के रडार पर आ गई है। वजह है घोटाले की रकम से बस्तर संभाग के सुकमा जिला मुख्यालय में कांग्रेस भवन का निर्माण। इसे लेकर ही आज रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में ईडी की टीम पहुंची है, जहां प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीt सिंह गैदू से ईडी के अफसर पूछताछ कर रहे हैं। मलकीत सिंह गैदू बस्तर संभाग के जाने माने नेता और समाजसेवी हैं।
शराब घोटाले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बयान के आधार पर ईडी की टीम आज मंगलवार को राजीव भवन पहुंची और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण के खर्चों को लेकर पूछताछ कर रही है।मिली जानकारी के अनुसार ईडी के दो अफसर आज 4 जवानों को साथ लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचे और कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू को ईडी ने चर्चा के लिए बुलाया। इस बात की जानकारी मिलने पर कांग्रेस की लीगल सेल के पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए हैं। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने प्रारंभिक जांच में यह पाया है कि आबकारी घोटाले के पैसे का इस्तेमाल सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण के लिए भी हुआ था। इस पूरे मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। कवासी लखमा अभी जेल में बंद हैं। समाचार लिखें जाने तक राजीव भवन में ईडी के अफसरों के साथ कांग्रेस के नेताओं की चर्चा चल रही है।
प्रदेश में पहली बार जेलों के अंदर बंदियों ने किया गंगाजल से पुण्य स्नान
- गुलाब की पंखुड़ियों से सुवासित गंगाजलयुक्त पानी से नहाकर धन्य हुए कैदी
- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की थी शानदार पहल
–अर्जुन झा-
जगदलपुर अपराध या तो मजबूरी में किए जाते हैं, या फिर इरादतन और निहित उद्देश्य के कारण। अपराधी भी मानव समाज के अंग हैं। धर्म के प्रति उनमें भी आस्था रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा गृह एवं जेल मंत्री विजय शर्मा ने राज्य की जेलों में बंद कैदियों को भी गंगाजल से पुण्य स्नान का लाभ दिलाने की पहल की है। आज 25 फरवरी को बंदी गुलाब की पंखुड़ियों की खुशबू से महकते गंगाजल मिश्रित पानी से स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।
हमारे छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की रचनात्मक पहल का कोई मुकाबला नहीं है। उनकी ऎसी क्रिएटिविटी के दर्जनों उदाहरण देखने को मिले हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने राज्य की सेंट्रल जेलों, जिला जेलों और उप जेलों में निरुद्ध बंदियों को आज महाशिवरात्रि के मौके पर गंगाजल से स्नान कराकर नया इतिहास रच दिया है। आज दुनिया भर के लोग प्रयागराज महाकुंभ में जाकर त्रिवेणी में पवित्र स्नान कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी महाकुंभ में स्नान करने गए थे। तभी उन्होंने छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों को भी गंगाजल से स्नान का लाभ दिलाने का संकल्प लिया था। वापस आने के बाद उन्होंने महाशिवरात्रि पर्व पर जेलों में गंगाजल स्नान की तिथि निर्धारित की थी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर आज राज्य की 5 सेंट्रल जेलों, 20 जिला जेलों और 8 सब जेलों में कैदियों को गंगा जल से स्नान कराया जा रहा है।आत्मशुद्धि और नैतिक उत्थान के लिए कैदियों ने गंगाजल युक्त पानी से स्नान किया। महाकुंभ और महाशिवरात्रि के ऐतिहासिक एवं पावन अवसर पर कैदियों को आध्यात्मिक लाभ देने के लिए साय सरकार ने उत्कृष्ट की पहल की है। कैदियों के गंगा स्नान के लिए जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। कैदियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि सरकार बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए आगे भी ऐसे कार्यक्रम चलाती रहेगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि संस्कार हमारी संस्कृति से जुड़े हैं और यह हमारी परंपराओं का एक अभिन्न हिस्सा है। समाज में सुधार और पुनर्वास की भावना के तहत यह निर्णय लिया गया है, जिससे कैदियों में आत्मशुद्धि और नैतिकता के भाव उत्पन्न हों। उन्होंने यह भी कहा कि यह महाकुंभ 144 साल बाद हो रहा है और हर व्यक्ति को इसका लाभ उठाने का अधिकार है। इसी सोच के तहत जेलों में बंद कैदियों को भी इस आध्यात्मिक अवसर से जोड़ा जा रहा है। शर्मा की पहल पर आज जेलों में गंगा स्नान की खास व्यवस्था की गई थी। गंगाजल से भरे पानी टैंकों में गुलाब फूलों की पंखुड़ियां भी डाली गई थीं। महकते गंगाजल से नहाने के लिए कैदियों में होड़ सी मच गई थी। इस साल का महाशिवरात्रि पर्व कैदियों के लिए अविस्मरणीय बन गया। निश्चय ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की यह पहल कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
रिकॉर्ड मतों से जीतकर 22 वर्षीय किरण बनीं दुबे उमरगांव की सरपंच
- किरण ने जीत में तोड़ा अपने चाचा का रिकॉर्ड
- किरण को 378 मतों से मिली ऐतिहासिक जीत
जगदलपुर राजनीति में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत दुबे उमरगांव में देखने को मिला। यहां 22 वर्षीय कुमारी किरण मौर्य ने सरपंच पद पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने 378 मतों के बड़े अंतर से विजय हासिल की है।

वहीं पिछले सरपंच चुनाव में किरण के चाचा राम्या राम मौर्य ने 321 वोट से जीत दर्ज की थी। अपने चाचा रिकार्ड तोड़ते हुए किरण ने त्रिकोणीय
मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज कराई है। किरण के सरपंच चुने जाने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। किरण मौर्य पूर्व सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष राम्या राम मौर्य की भतीजी हैं। इससे पहले राम्या राम मौर्य इसी ग्राम पंचायत के सरपंच रह चुके हैं। अब उसी परिवार से किरण मौर्य ने यह उपलब्धि हासिल की है। यह पहली बार है कि एक ही परिवार से लगातार दूसरी बार सरपंच चुना गया है।
सबसे कम उम्र वाली सरपंच
किरण मौर्य न केवल अपने गांव की, बल्कि पूरे ब्लॉक की सबसे युवा सरपंच बनी हैं। 22 वर्ष की उम्र में इस उपलब्धि को प्राप्त करना राजनीति में युवाओं की बढ़ती रुचि और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। किरण मौर्य की जीत के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है। उनके परिवार और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों ने उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व में गांव के विकास की उम्मीद जताई। यह जीत साबित करती है कि अगर युवा राजनीति में सक्रिय हों और सही नेतृत्व दें, तो वे बदलाव लाने में सक्षम हो सकते हैं।
बनवासी मौर्य और उनकी पत्नी संतोषी ने रच दिया इतिहास
- पति जिला पंचायत सदस्य, तो पत्नी सरपंच निर्वाचित
बकावंड भाजपा द्वारा की गई उपेक्षा से दुखी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता बनवासी मौर्य के साथ उनकी धर्मपत्नी संतोषी मौर्य ने भी जीत का इतिहास रच दिया है। बनवासी मौर्य जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं, तो उनकी पत्नी सरपंच निर्वाचित हुई हैं। इस जीत ने क्षेत्र में मौर्य दंपत्ति की ने बकावंड ब्लॉक में गहरी पकड़ का सबूत दे दिया है।

बकावंड विकासखंड में जिला जिला पंचायत बस्तर के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक -9 से निर्दलीय चुनाव लड़कर बनवासी मौर्य भारी अंतर से विजयी हुए हैं। वहीं उनकी पत्नी संतोषी मौर्य बनियागांव ग्राम पंचायत की सरपंच निर्वाचित हुई हैं। मौर्य दंपत्ति ने क्षेत्र की जनता को हार्दिक धन्यवाद देते हुए उनका आभार माना है। बनवासी मौर्य और संतोषी मौर्य ने कहा है कि वे ग्रामीणों की सेवा, हर समस्या के निराकरण और उनके हर काम के लिए हमेशा ततपरता के साथ खड़े रहेंगे। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने और पार्टी के प्रति सदैव निष्ठावान रहने वाले लोकप्रिय जननेता बनवासी मौर्य की उपेक्षा करते हुए भाजपा ने क्षेत्र क्रमांक-9 से कमजोर प्रत्याशी को मैदान पर उतार दिया था। इससे व्यथित होकर बनवासी मौर्य निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी समर में कूद गए थे। क्षेत्र के मतदाताओं में उनके फैसले पर मुहर भी लगा दी है। अब भी समय है कि भाजपा बनवासी मौर्य को अपने बहुमत वाली बस्तर जिला पंचायत में बड़ी जिम्मेदारी देकर अपनी भूल सुधार सकती है।
मतगणना में गड़बड़ी का आरोप, जनपद कार्यालय में हंगामा
- गुस्साए प्रत्याशी और ग्रामीण पहुंचे दफ्तर में
जगदलपुर बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत लेकर प्रत्याशी व ग्रामीण किलेपाल जनपद पंचायत निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचे किलेपाल नंबर दो ओर बड़े बोदेनार के प्रत्याशियों और ग्रामीणों का आरोप है कि मतगणना में गड़बड़ी हुई है। मतगणना पत्र पर कुछ और लिख दिया गया है। मतगणना सूची भी पीठासीन अधिकारियों द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई।किलेपाल नंबर दो और बोदेनार के प्रत्याशियों ने आज निर्वाचन अधिकारी को रिकाउंटिंग और हर मत पत्र को चेक करने के लिए आवेदन दिया। निर्वाचन अधिकारी ने पंचायत राज अधिनियम का हवाला देते हुई कहा कि यह जानकारी मैं नहीं दे सकता न ही पुनः गणना करवा सकता हूं।आप लोगों को शिकायत कल ही करना था। इस पर प्रत्याशी भड़क उठे। उनका कहना था कि प्रत्याशी के लिए कैसे आवेदन करना है किस दिन आवेदन करना है मतगणना पुनः मतगणना कैसे करना है इसकी जानकारी हम लोगों को पहले से प्रशिक्षण के माध्यम से देना चाहिए। यहां कम शिक्षित लोग हैं हम लोगों को यह जानकारी है ही नहीं कि तुरंत इसका आवेदन करना चाहिए अन्यथा हम लोग उसी समय इसकी शिकायत करते जब पोलिंग बूथ में मतगणना हो रही थी। देर रात तक मतगणना चलती रही और वहां बिजली की भी व्यवस्था नहीं थी। पीठासीन अधिकारी और और अन्य मतदान कर्मी जल्दबाजी में चले गए। किलेपाल-1 से पंच चुनाव में गड़बड़ी ओर बड़े बोदेनार ओर किलेपाल नम्बर 2 से सरपंच पद की मतगणना में गड़बड़ी की शिकायत की गई और पुनः मतगणना कराने के लिए आवेदन दिया गया है।
बोदेनार प्रत्याशी महरु राम ने आरोप लगाया कि वहां पर बोमड़ा नामक व्यक्ति जिसका मतदाता सूची में नाम ही नहीं है उससे विपक्ष के एजेंट ने फर्जी वोट दिलवाया है।
वर्सन
एसडीएम से करें शिकायत
जो भी शिकायत है वह एसडीएम से कर सकते हैं। उनके दिशा निर्देश पर ही पुनः मतगणना की जा सकती है।
–अंकुर रात्रे,
निर्वाचन अधिकारी बास्तानार
बस्तर में शहर से लेकर गांव तक खिला कमल
- जिला पंचायत की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा बरकरार, मगर कौन होगा अध्यक्ष ?
- जनपद पंचायतों में कब्जा जमाने भाजपा कांग्रेस ने शुरू की जोड़तोड़
- अधिकांश जनपदों में भाजपा का पलड़ा भारी
अर्जुन झा–
जगदलपुर बस्तर जिला पंचायत में भाजपा का कब्जा बरकरार है। भाजपा समर्थित 12 सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। इस तरह भाजपा ने जिला पंचायत में अपना दबदबा बरकरार रखा है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी किसे सौंपी जाएगी, इसे लेकर फिलहाल सस्पेंश बना हुआ है।
संगठन के सूत्रों की मानें तो वेदवती कश्यप अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं भाजपा के दो सीनियर नेताओं बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही के नामों को लेकर भी चर्चा सरगर्म है। बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही शुरू से भाजपा के निष्ठावन कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी जमीनी पकड़ गांवों में बेमिसाल है। इसके बावजूद भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य को नजरअंदाज कर उनके क्षेत्रों में कमजोर प्रत्याशी उतार दिए। अपनी उपेक्षा से दुखी होकर बनवासी मौर्य एवं सारिता पाणिग्रही ने बागी होकर चुनाव लड़ा और दोनों जीत भी गए। इतनी बड़ी जीत के बाद भी उनकी आस्था भाजपा पर बनी हुई है। भाजपा संगठन चाहे तो भूल सुधार करते हुए इन दोनों में से किसी को जिला पंचायत अध्यक्ष बना सकती है। इसी तरह जिले की सात जनपद पंचायतों में से अधिकांश जनपद पंचायतों में भाजपा समर्थिंत सदस्य चुनकर आए हैं। जिन जनपद पंचायतों में संख्या बल कम है वहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां जनपद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की जोड़ तोड़ में जुट गई हैं। दो चार दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस जनपद में किसकी ताजपोशी होती है। ज्ञातव्य हो कि कांग्रेस को जहां आपसी गुटबाजी में सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था और भाजपा सत्ता में आने के बाद से लगातार जीत की ओर अग्रसर हो रही है। निकाय चुनाव में जहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है तो वहीं पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत, जनपद एवं ग्राम पंचायतों में अधिकांश जगहों पर भाजपा की जीत से एक बार फिर गांव गांव में कमल खिल चुका है।
बनवासी, सारिता या वेदवती?
बस्तर जिला पंचायत के 15 सदस्यों में से भाजपा समर्थिंत 12 से अधिक सदस्यों ने जीत दर्ज कर जिला पंचायत में भाजपा का कब्जा बरकरार रखा है।भाजपा द्वारा अधिकृत 10 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है तो वहीं दो ऐसे सदस्य हैं जो पार्टी से बगावत कर चुनाव जीत गए हैं। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 8 से सरिता जितेंद्र पाणिग्रही और क्षेत्र क्रमांक 9 से बनवासी मौर्य हैं तो कट्टर भाजपा समर्थक लेकिन उन्होंने स्वतंत्र चुनाव लड़ा था। सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य ने भाजपा समर्थिंत प्रत्याशियों को पराजित कर जीत दर्ज की है। इन्होंने पार्टी के समक्ष क्षेत्र में अपनी पकड़ होने का बड़ा सबूत दे दिया है। भाजपा संगठन भी दो निर्दलीय प्रत्याशी को जीत के बाद भाजपा अपनी जीत बता रही है। इस लिहाज से अध्यक्ष पद के लिए सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य की दावेदारी तो बनती है। जिला पंचायत में कांग्रेस को मात्र दो सीटों पर जीत दर्ज कर संतुष्ट होना पड़ा है। इस हिसाब से कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी से कोसो दूर है। फिलहाल अध्यक्ष की दौड़ में वेदवती कश्यप, बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही के नामों की चर्चा है।
जनपद पंचायतों में जोड़तोड़
बस्तर जिले की 7 जनपद पंचायतों में अधिकांश में भाजपा प्रत्याशियों की जीत से भाजपा को अध्यक्ष की कुर्सी के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होगी। सिफ नामों को लेकर विचार मंथन कर सक्रियता के आधार पर नाम की घोषणा करनी होगी। जगदलपुर जनपद में जहां भाजपा की पूर्ण बहुमत हैं तो वहीं बस्तर के 24 में से 15 भाजपा समर्थिंत प्रत्याशी जीत कर आए हैं। यहां कांग्रेस को 9 सीटें ही मिल पाई हैं। लोहंडीगुड़ा में भाजपा की बहुमत है। जिन स्थानों पर आंकड़ा बहुमत के करीब नहीं है, वहां भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी की जोड़तोड़ में जुट गई है तो वहीं कांग्रेस के नेता निराश हो चुके हैं।


