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जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह का हुआ शुभारंभ

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जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के.और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकत्सा एवं स्वास्थ आधिकारी डॉ आरके चर्तुवेदी के निर्देशन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भैरमदेव वार्ड में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया।

भैरमदेव वार्ड की पार्षद व मीतानिन त्रिवेणी रंगारी व सयुंक्त संचालक स्वास्थ डॉ. केके नाग ने विटामिन ए की दवा पिलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

जेडी डॉ. नाग ने बच्चों को बीमारियों से बचाने और संपूर्ण टीकाकरण, आयरन सिरप और विटामिन ए की खुराक पिलाने के फायदे बताए और कहा कि प्रत्येक 6 माह में शिशु संरक्षण माह का आयोजन विभाग द्वारा किया जाता है। शिशु संरक्षण माह दिनांक 19 जुलाई से 23 अगस्त तक मनाया जाएगा। यह स्वास्थ, स्वच्छता और पोषण पर आधारित है। जिला टीकाकरण आधिकारी डॉ. सी.मैत्री ने बताया इस दौरान 9 माह से लेकर 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को विटामिन ए की दवा 6 माह के अंतराल में पिलाई जा रही है विटामिन ए की खुराक दी जा रही है व नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण शिशु संरक्षण माह में किया जाएगा। 5 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन लिया जायगा। इस मौके पर स्वास्थ विभाग से जिला टीकाकरण अभियान में डॉ. सी.मैत्री, डॉ. निशांत बागड़े चिकत्सा अधिकरी, डॉ. रीना लक्ष्मी डीपीएम, रजनी मलगावकर, नरेश मरकाम, प्रशांत श्रीवास्तव, सुंदर मरकाम, मितानिन कमला जांघम के अलावा वार्ड की महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे।

सड़कों पर गौवंश हो रहे सड़क हादसे का शिकार, गौ अभ्यारण्य का पता नहीं

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  •  जगदलपुर की गौशाला में जगह की हो गई है तंगी

जगदलपुर बस्तर जिले में सड़कों में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में गौ वंश की मृत्यु हो रही है और कई मवेशी गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। घायल गौ वंशों को बजरंग दल जिला इकाई द्वारा पशु चिकित्सालय से उपचार करा कर हैप्पी कामधेनु गौशाला भेजा जा रहा है।

एनजीओ द्वारा संचालित उक्त गौशाला में पहले से ही सैकड़ों की संख्या में गौवंश हैं। जिस कारण वहां जगह की कमी भी हो रही है। और संपूर्ण जिले में सड़क हादसो मे घायल गौवंश रोजाना 6-8 की संख्या में आ रहे हैं, जो नई परेशानियों को जन्म दे रहा है। बजरंग दल विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने बताया कि बीते दिनों बस्तर ब्लॉक एसबीआई चौक नेशनल हाईवे पर ट्रक ने 3 गौवंशों को कुचल दिया था। बजरंगदल ने घायल गौ वंश को ईलाज हेतु जगदलपुर हैप्पी कामधेनु गौशाला भेजा और 2 का अंतिम संस्कार किया। श्री कश्यप ने कहा शासन प्रशासन और गौ पालकों की लापरवाही और तेज रफ़्तार वाहनों की वजह से गौ वंश की हालत आज दयनीय है। गौ माता का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसका संरक्षण और स्थिति सुधार हेतु सरकार और समाज को आगे आकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। पिछली सरकार ने गोठान योजना चलाकर गौ वंश संरक्षण करने प्रयास किया था, जो विफल रहा। लगातार हादसे और गौ तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। वर्तमान सरकार भी गौ अभयारण्य बनाने की घोषणा करने के बाद चुप बैठ गई है। पूरे बस्तर जिले में सड़क चौराहों में गौ वंश विचरण करते रहते हैं और दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं। विहिप नगर अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने बताया कि बस्तर जिले में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, शहरी व ग्रामीण इलाकों सहित चौक चौराहों व सड़कों में गौ वंश बैठे रहते हैं। जिस कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसों में गौवंश की मृत्यु हो जाती है और कई गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। लगातार गौ वंश को कुचलकर मौत के घाट उतारने वाले वाहन चालकों और गैर जिम्मेदार पशु पालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कलेक्टर मामले को संज्ञान में लेते हुए कठोर कार्रवाई करें। सार्थक पहल नही होने की स्थिति में बजरंग दल उग्र आंदोलन करने बाध्य होगा। ज्ञापन देते समय बजरंग दल विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, नगर अध्यक्ष विवेक शुक्ला, नगर सत्संग प्रमुख हरिसिंह ठाकुर, नगर सेवा प्रमुख दसी पटेल, गौरक्षा प्रमुख शंकर, मानसाय बघेल, रोहित चंदेल, चेतन कश्यप उपस्थित थे l

प्राकृतिक आपदा पीड़ित 11 परिवारों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

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  • हर परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद 

जगदलपुर विभिन्न हादसों और प्राकृतिक आपदाओं में मृत बस्तर जिले के 11 लोगों के परिजनों के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता राशि मिलेगी।

बस्तर तहसील अंतर्गत दुबे उमरगांव निवासी गुली उर्फ इच्छा कश्यप की मृत्यु सांप काटने से होने पर उसके पिता मिठूराम को, ग्राम भोंड निवासी फुलबती की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसकी नानी रूकमनी को, बस्तर निवासी देवेंद्र की मृत्यु नहर नाली में डूबने से होने पर उसके पिता कमलू को, ग्राम घाटकवाली निवासी अंतूराम की मृत्यु नदी में डूबने से होने पर उसकी पुत्री लच्छमनी को, तहसील तोकापाल के कुरेंगा निवासी सदा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी रयमती को, तहसील लोहंडीगुड़ा के कोड़ेनार निवासी दयाराम की मृत्यु नदी में डूबने से होने पर उसकी माता दशसाय को, तहसील भानपुरी अन्तर्गत सिवनी निवासी गुड्डू राम की मृत्यु नारंगी नदी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी सुकरी को, ग्राम कावंड़गांव निवासी लखन की मृत्यु नदी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी उर्मिला को, ग्राम केशरपाल निवासी गौतम की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसके पिता सुकनाथ को, तहसील बकावंड के बेलपुटी निवासी धनसिंग की मृत्यु नदी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी सुहागी को और ग्राम कोसमी निवासी परमेश्वर की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसके पिता दयनु को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।

बस्तर कमिश्नर श्याम धावड़े ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के एमडी बने

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  •  डोमन लाल होंगे बस्तर के नए संभाग आयुक्त

जगदलपुर बस्तर संभाग के आयुक्त श्याम लाल धावड़े को छत्तीसगढ़ राज्य ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशनके एमडी का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्री धावड़े की जगह बिलासपुर संभाग के अपर आयुक्त डोमन सिंह को बस्तर संभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है।

बैतालों के सवालों से विचलित हुए बिना कर्म पथ पर अग्रसर हैं बीजापुर के विक्रम, निभा रहे आदिवासी होने का धर्म

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  • रिश्ते निभाने और मानवीय संवेदना से नहीं करते सुलह 

अर्जुन झा

जगदलपुर बैतालों के उल्टे सीधे सवालों से हार नहीं मानने वाला है यह विक्रम। मौन रहकर भी हर सवाल का जवाब देने का माद्दा रखता है बीजापुर का विक्रम। हम बात कर रहे हैं बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी की।जहां जनहित और मानवीय संवेदना की बात हो, वहां विक्रम मंडावी अपनी जान दांव पर लगाने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि बीजापुर विधानसभा क्षेत्र की जनता उन पर आंख मूंदकर भरोसा करती है।

दो दिन पहले विधायक विक्रम मंडावी बीजापुर जिले में हुई भारी बारिश के चलते बाढ़ में फंस गए थे। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियाम के भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होना जरूरी था। यह मानवीय संवेदना का मसला था। सामने उफनता नाला था। रपटे पर जांघ तक पानी बह रहा था। लिहाजा विधायक विक्रम मंडावी ने अपने वाहन को बीजापुर जाने वाले रास्ते पर छोड़ दिया और एक किसान का ट्रेक्टर लेकर खुद ही उसे ड्राइव करते हुए बाढ़ग्रस्त रपटे को पार कर गए। बीजापुर के कुछ घोर विरोधी और विपक्ष के लोग विधायक विक्रम मंडावी के इस कदम को नाजायज ठहरा रहे हैं। वे दलील दे रहे हैं कि विधायक के इस कदम से लोगों में गलत संदेश जाएगा और हर कोई ऐसा दुस्साहस करने लगेगा। कोई और मौका होता तो हम भी विधायक के उफ़नते नाले को पार करने की हम कतई पैरवी नहीं करते। मगर उस समय जो हालात थे और मानवीय संवेदना का जो मसला था, उन परिस्थितियों के चलते ही विधायक मंडावी को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी थी। यहां यह बताना बहुत जरुरी है कि आदिवासी एक दूसरे से रिश्ते निभाने और दुख की घड़ी में हमदर्द बनकर खड़े रहने में विश्वास ही नहीं रखते, बल्कि ऐसा करते भी हैं। सो विक्रम मंडावी भी एक सच्चे आदिवासी होने के नाते ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर हुए थे। वैसे उनकी जीवटता के उदाहरण हमें पहले भी देखने को मिल चुके हैं। एक दफे नक्सलियों ने विधायक विक्रम मंडावी की गाड़ी पर फायरिंग कर दी थी। श्री मंडावी इस घटना में बाल बाल बचे थे, मगर तब भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और न ही वे जरा भी विचलित हुए। इस घटना के कुछ ही देर बाद विक्रम मंडावी युवकों और बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आए थे। इसे कहते हैं जिगर वाला आदिवासी। वैसे विक्रम बैताल की कहानी तो आपने सुनी ही होगी। बैताल हर बार राजा विक्रमादित्य को घेरने की कोशिश करता है प्रश्नों के जरिए, ताकि वह राजा विक्रम यानि विक्रमादित्य की चुप्पी तुड़वा सके। राजा विक्रम हर बार मौन रहकर कर्म पथ परआगे बढ़ते रहे। कुछ ऎसी ही कहानी बीजापुर के विक्रम की भी है, जो निर्विकार भाव से कर्म पथ पर चलते हुए सच्चे आदिवासी का धर्म निभा रहे हैं।

पीएचई विभाग का बस्तर में गजब कारनामा, पानी का इंतजाम नहीं, गांवों में बिछा दी करोड़ों की पाईप लाइन

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  •  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बहाई उल्टी गंगा
  • केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन में बड़ी गड़बड़ी

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा शुरू से यही रही है कि हर गांव के हर घर में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचे। इसके लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन शुरू किया है, मगर इसकी जमकर धज्जियां बस्तर संभाग में उड़ाई गई हैं।जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए मिली राशि की बंदरबांट कर ली गई है। बिना बोर कराए और पानी का इंतजाम किए बिना ही गांवों की गलियों में पाईप लाइनें बिछा दी गई हैं, हर घर में नल कनेक्शन पहुंचा दिए गए हैं। मगर सारे नल प्यासे हैं।

निर्माण कार्यों के मामले में बस्तर संभाग में लंबे समय से उल्टी गंगा बहाई जा रही है। जनता के टैक्स से मिलने वाली शासकीय राशि का अपव्यय या कहें या निज हित में उपयोग, वह किसी से छुपा नहीं रह गया है। पेयजल आपूर्ति हेतु पानी की व्यवस्था नहीं है और घर- घर तक पाईप लाईन बिछा दी गई है। जोकि अव्यवहारिक है। ऎसी उल्टी गंगा पेयजल की व्यवस्था करने वाले विभाग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अफसरों ने बस्तर जिले के कई गांवों में बहाई है। इस कारगुजारी

का जवाब देने के लिए विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी तैयार नहीं है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का सूत्र वाक्य हर घर जल लेकिन यह सूत्र वाक्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। धरातल पर मिशन की सच्चाई कोसों दूर है। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंडरीपानी- 2 में 15 जुलाई 2023 को 133.45 लाख रुपए की लागत से एकल ग्राम आधारित नल जल प्रदाय योजना से घेरलू नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय का कार्य स्वीकृत हुआ है। इसकी स्वस्कृति मिलने से ग्रामीणों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा, मगर यह खुशी अब गायब हो चुकी है। दरअसल घरों में पाईप लाईन बिछाए महिनों बीत गए किंतु पानी की एक बूंद भी घरों में नहीं पहुंच पाई है और बारिश के मौसम में पेयजल आपूर्ति होगी उसकी संभावना कम है। दो माह बाद 15 सितंबर 2024 को इस कार्य के पूर्ण होने की मियाद है, किंतु पेयजल आपूर्ति के लिए बोर खनन नहीं होने से इस योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाएगा क्योंकि बारिश जारी है और इससे से कार्य प्रभावित हो सकता है।

बार -बार हो रहे फेल हो रहे बोर

पंचायत सचिव मुरारी लाल शर्मा ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एकल ग्राम आधारित नल -जल प्रदाय योजना का कार्य चल रहा है, लेकिन यह सुस्त गति से चल रहा है। बोर खनन का बार बार फेल होना भी इस लेट लतीफी के लिए जिम्मेदार है। अब वर्तमान में संचालित खुले बोर को इसमें जोड़ने की योजना है जिससे घरों में पानी की आपूर्ति हो लेकिन इसमें भी समय लग सकता है।

दो घंटे की झड़ी में जल महल बन गया जगदलपुर, शहर हो गया जलमग्न, बह गया नगर निगम का दावा

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  • कई वार्डों के घरों में भरा पानी, सड़कें लबालब
  • ड्रेनेज की खुली पोल, सुरक्षित वार्ड भी बेहाल

अर्जुन झा

जगदलपुर शुक्रवार को सुबह 5 बजे से 8 बजे तक हुईझमाझम बारिश के चलते से पूरा जगदलपुर शहर जलमग्न हो गया, सड़कें तरणताल में तब्दील हो गईं, घरों में पानी भर गया, स्कूल कॉलजों और सरकारी दफ्तरों में भी जल प्रलय का मंजर बन गया। बारिश ने नगर निगम के दावे को भी धोकर रख दिया।जिससे नगरीय निकाय द्वारा ड्रेनेज सिस्टम को सहीं करने को प्रमुख माना जा रहा है। निगम के उप नेता राजेश राय ने इस संबंध में महापौर सफीरा साहू व निगम आयुक्त हरीश मंडावी को अवगत भी कराया लेकिन उसके बाद भी नगर की ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया तथा पहली बार देखने को मिला कि शहर की मुख्य सड़कों में भी पानी भर गया। दूसरी तरफ गंगानगर, रमैया वार्ड, अम्बेडकर, गायत्री नगर, सनसिटी व दलपत सागर के इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में घुटनों तक पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। नगरीय निकाय क्षेत्र के पार्षद निचली बस्तियों का दौरा करते हुए देखे गए जिसके तहत अपने अपने स्तर पर ड्रेनेज सिस्टम सुधारने में लगे हुए दिखे।

मेयर के ‘घर’ में कोहराम

ज्ञात हो कि कांग्रेसी पार्षदों के साथ भाजपाई पार्षदों द्वारा भी यह कहा जा रहा है कि मानसून पूर्व ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के प्रयास नहीं किया गया, जिसके कारण यह समस्या सामने आई है। विगत दिनों हल्की बारिश के कारण गायत्री नगर में हरिशंकर सिंह के घर के पास जलभराव हो गया था तो गंगा नगर वार्ड के विकास दास व गोल्डी ने बताया कि हर गली बारिश के पानी से सराबोर है। रमैया वार्ड स्थित हरीश साहू की गली के लोग भी इस मंजर से परेशान हैं। महापौर सफीरा साहू भले ही बलीराम कश्यप वार्ड की पार्षद हैं किंतु उनका घर अंबेडकर वार्ड में है जोकि जलमग्न हो गया था। नगर में 48 वार्ड हैं और ऐसा कोई वार्ड नहीं जो आज हुई बारिश से प्रभावित न हुआ हो। रवींद्र नाथ टैगोर वार्ड हो या महारानी वार्ड या कहें प्रवीर विजय वार्ड, सभी जगह मंजर एक जैसा ही था।

अधिकतर स्कूलों में भरा पानी

भारी बरसात ने स्कूलों को भी लबालब कर दिया। नगर के केंद्रीय विद्यालय, विद्या ज्योति स्कूल, निर्मल विद्यालय, दीप्ति कान्वेंट स्कूल के साथ -साथ कई शासकीय स्कूलों में भी लबालब पानी भर गया। निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया। वहीं शासकीय स्कूलों में छुट्टी नहीं देने के बाद भी छात्र छात्राओं की उपस्थिति नहीं के बराबर थी। अचानक हुई बारिश के कारण स्कूल प्रभावित हुए। देश के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की ज्यादा घटनाएं सामने आती हैं लेकिन शुक्रवार सुबह 5 बजे हल्की बारिश के बीच अचानक ऎसी तेज बारिश शुरू हो गई कि लोगों को बादल फटने का मंजर नजर आने लगा। संभाग मुख्यालय जगदलपुर जलमग्न हो गया। जगदलपुर के मुख्य मार्ग पर घुटनों से ऊपर तक पानी बहने लगा, तो निचली बस्तियों के अधिकांश घरों में पानी घुस गया। जिसके कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 1 जून से 30 सितंबर तक मानसूनी के सक्रिय रहने का काल माना जाता है। अब तक बस्तर तगड़ी मानसूनी बरसात से वंचित था, मगर जब बरसात हुई तो ऎसी हुई कि पूछो मत।बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में 19 जुलाई को सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में 82 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। 19 जुलाई को सुबह 5 बजे से 8 बजे तक हुई तगड़ी बारिश से ही 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि इस मानसून सीजन में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड है।

खुली निगम की पोल: निकेत

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर महामंत्री निकेत राज झा ने जगदलपुर शहर में हुई बारिश के बाद उपजे हालात को लेकर कहा है कि महज एक घंटे की बारिश ने नगर निगम की तैयारियों और दावों की पोल खोलकर रख दी है। सिर्फ एक घंटे की बारिश में शहर जलमग्न हो गया। सभी वार्डो के घरों में गंदा पानी घुसने से लोग काफी परेशान हो रहे हैं। नालियों की साफ़ सफाई नहीं होने से थोड़ी बारिश में ही शहर में सब तरफ पानी ही पानी भर गया।वर्षा को लेकर नगर निगम की तैयारी के तमाम दावों की पोल आज खुल गई है। महज एक घंटे की वर्षा से प्रमुख सड़क, मोहल्ले, कालोनियों सहित पूरे वार्ड और शहर जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा नाली-नालों का कचरा सड़क पर बहने से स्थिति और भी खराब हो चुकी है। महामंत्री निकेत राज झा ने कहा कि नगर निगम ने तैयारी का दावा किया था। निगम प्रशासन का कहना था कि वर्षा पूर्व नाली-नालों की सफाई की गई है और काम चल रहा है। बरसात के पानी की निकासी की व्यवस्था कर ली गई है। लोगों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन एक घंटे की ही बारिश ने निगम के तमाम दावे को गलत साबित कर दिया है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त और महापौर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।

सेजेस कुसुमकसा में बाउंड्रीवॉल निर्माण का हुआ भूमि पूजन

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स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी /हिंदी माध्यम विद्यालय कुसुमकसा में बाउंड्रीवॉल निर्माण का भूमि पूजन माननीय देवलाल ठाकुर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बालोद के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य श्रीमती सुनीता यादव ने कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि बाउंड्रीवॉल के अभाव में शाला असुरक्षित था। काफी लंबे समय से बाउंड्रीवॉल बनाने की जद्दोजहद की जा रही थी ।अंततः आज जाकर , साकार रूप में परिणित होते देखकर समस्त ग्रामवासी तथा शाला परिवार गौरांवित महसूस कर रहा है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि देवलाल ठाकुर ने कहा कि बाउंड्रीवॉल का निर्माण शाला तथा स्थानीय लोगों की लंबे समय से लंबित मांग थी जो आज जाकर पूरा हो रहा है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि नई आहता बनने से न केवल शाला की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि शाला के कर्मचारियों को शाला के विकास के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी जिससे शाला में बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके । तथा विद्यार्थियों को ज्ञानी और बुद्धिमान नागरिक बनाकर देश के विकास में मदद किया जा सके। शाला के सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा खेल के क्षेत्र में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए अन्य योजनाओं में भी सहयोग करने की बात कही। विशिष्ट अतिथि संजय बैस जनपद सदस्य डोडी ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के अंतर्गत 10 लाख रुपए की स्वीकृति की गई है जिसमें लगभग 200 मी बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। बाउंड्रीवॉल बनाते समय वास्तु के बेसिक नियम को ध्यान में रखते हुए बाउंड्रीवॉल की ऊंचाई, मोटाई तथा डिजाइन का निर्धारण किया जाएगा। शाला के प्रदर्शन को देखते हुए शाला परिवार से अपील किया कि छात्रों को आकार देने और हमारे समाज के विकास में योगदान देने के लिए शिक्षक अपने मिशन को तत्परता से जारी रखें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए व्याख्याता टी एस पारकर ने कहा कि शाला में भौतिक संसाधन उपलब्ध न होने के कारण शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित होती रही है। हमें उम्मीद है कि नई आहता बनने से न केवल शाला की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि शाला के भौतिक संसाधनों के उपयोग से हमारे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बनेंगी। उन्होंने बताया कि विगत शैक्षणिक सत्र 2023 – 24 में कक्षा दसवीं में खुशी विश्वकर्मा 95.88% तथा भूमिका धनकर 95.66% के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ 10 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक प्राप्त किया तथा कक्षा 12वीं में कु दिलेश 88.60% कुमारी रिया 87.40% के साथ 6 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक अर्जित कर शाला तथा जिला को गौरांवित किया । इसी प्रकार क्रीडा के क्षेत्र में व्यायाम शिक्षक लक्ष्मण गुरुंग के मार्गदर्शन में पांच खिलाड़ियों ने जिमनास्टिक ,एक खिलाड़ी कुश्ती तथा एक खिलाड़ी कबड्डी में राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व प्राप्त किया।

बाउंड्री वॉल निर्माण की भूमि पूजन कार्यक्रम के विशेष अतिथि ग्राम सरपंच शिवराम सिंदरामे तथा सचिव नेम सिंह अलेंद्र थे । वरिष्ठ व्याख्याता ए के सिन्हा ने आभार प्रदर्शन किया।इस अवसर पर ग्राम पंचायत कुसुमकसा के पंचगण, वरिष्ठ नागरिक गण तथा समस्त व्याख्यातागण सुश्री गीता गुप्ता,एम जॉर्ज, यू त्रिपाठी,आर के अवाड़े,इंद्राणी मुखर्जी ,रंजना खोबरागड़े ,किरण झा,मांडवी मिश्रा ,सविता स्वर्णकार ,आशा प्रधान ,भारत नायक , सी बी डाहरे ,कृतिका साहू ,दीपमाला जोशी, देहुती कोठारी ,चंद्रकला सक्सेना,डाली मेस्राम , शीतला नायक, विजयलक्ष्मी साहू , उमेश सिंहा आदि उपस्थित थे।

पिता बलिराम कश्यप के खुलवाए स्कूल को समस्याओं से निजात दिलाएंगे मंत्री कश्यप

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  • करपावंड हायर सेकंडरी स्कूल में 31 वर्ष पुरानी हैं समस्याएं
  • मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप से बच्चों ने लगाई गुहार

अर्जुन झा-
बकावंड जिस सरकारी स्कूल की स्थापना दिवंगत सांसद बलिराम कश्यप ने करवाई थी, उस स्कूल में उनके पुत्र वन मंत्री केदार कश्यप एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप के कदम पड़े। छात्रों इन जनप्रतिनिधियों को स्कूल की समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री केदार कश्यप यह जानकर हैरान रह गए कि 31 साल बाद भी स्कूल में तीन प्रमुख विषयों के व्याख्याताओं की नियुक्ति ही नहीं हुई है। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर स्कूल में व्याख्याता नियुक्त कराने के लिए कहा।


हम बात कर रहे हैं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करपावंड की। यह स्कूल अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहते बलिराम कश्यप ने सन 1993 में खुलवाया था। बस्तर के सांसद रहे बलिराम कश्यप के पुत्र केदार कश्यप छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह सरकार में शिक्षा मंत्री रहे हैं तथा अभी विष्णु देव साय सरकार में वन मंत्री हैं। विधानसभा स्तरीय मतदाता आभार एवं अभिनंदन समारोह में आए वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करपावंड के भी विजिट पर गए। स्कूल प्रांगण में छात्राओं ने तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ से मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद महेश कश्यप का स्वागत किया। इस स्कूल में गणित, भौतिकी, रसायन विषयों के विशेषज्ञ व्याख्याता नहीं हैं। छात्राओं ने व्याख्याताओं की पदस्थापना करने की मांग की। मंत्री केदार कश्यप ने तत्काल उच्च अधिकारियों को फोन कर शिक्षकों की पदस्थापना करने के लिए निर्देशित किया। छात्रों ने विधायक किरण सिंह देव के लिए भी मांग पत्र तैयार किया था। लेकिन उन्हें मांग पत्र सौंपा नहीं जा सका। छात्राओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव सिंह से भी आग्रह किया है कि मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का कष्ट करेंगे।


विदित हो कि स्वर्गीय सांसद बलिराम कश्यप के अविभाजित मध्यप्रदेश के शासनकाल में मंत्री रहते वर्ष 1993 में करपावंड हाई स्कूल खोला गया था। तब से आज 31 वर्ष हुए उक्त विषयों के शिक्षकों की पदस्थापन नहीं हो पाई है। छात्रा रिंकी मंडल ने मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप को अवगत कराया कि जबसे स्कूल प्रारंभ हुआ है, तबसे आज तक गणित, भौतिकी, रसायन विषयों के शिक्षकों व्याख्याताओं की पदस्थापना नहीं हुई है। रिंकी मंडल ने बताया कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में हमें शिक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहीं-कहीं गणित, भौतिकी, रसायन एक ही विषय के दो-दो शिक्षक पदस्थ हैं। उन स्कूलों से एक एक शिक्षक हमारे स्कूल को मिल जाएं तो अनुभवी विषय शिक्षको का अध्यापन लाभ हम लोगों को भी मिल सकेगा और हमारा भविष्य चौपट होने से बच जाएगा। छात्रों ने मंत्री श्री कश्यप से कहा कि हम आपसे आशा और उम्मीद लगाकर आए हैं। आप हमारी मांग जरूर पूरी करेंगे । विभाग तो ध्यान नहीं दे रहा है। इसीलिए आपसे हमें बहुत ही आशा है। शाला संचालन प्रबंधन समिति अध्यक्ष नरेश गुप्ता, सदस्य ओमप्रकाश गुप्ता, दयालु बघेल, नवीना दास ने भी नए स्कूल भवन की मांग अगले बजट में शामिल करने के लिए रखी। यह स्कूल दो शिफ्टों में संचालित होता है। इस वजह सेअध्यापन के समय में लगभग डेढ़ घंटे नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है। मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप एवं विधायक किरण देव सिंह से विद्यार्थियों और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने आग्रह किया कि भवन की मांग अतिशीघ्र पूरी कराएं। पालकों ने भी सभी जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग पूरी करने के लिए आग्रह किया।

शहीद जवानों के सम्मान में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिया अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला

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  • कार्यकर्ताओं और समर्थकों के नाम जारी की अपील

रायपुर, 18 जुलाई बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में एसटीएफ के 2 जवान भारत साहू व सतेर सिंह शहीद हो गए और 4 जवान घायल हो गए। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस दर्दनाक घटना से आहत होकर अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी अपील की है – आज जब मेरे भाई शहीद हुए हैं, मेरा मन आहत व व्यथित है आप सभी मेरे शुभचिंतक मेरा जन्मदिन न मनाएं और इस कठिन समय में शहीद जवानों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करें।

विजय शर्मा ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और समाज और सरकार उनके अमर बलिदान को स्मरणीय रखेगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद जवानों की आत्मा को शांति मिले और घायल जवान जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। उन्होंने कहा कि इस दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें यह सोचने पर विवश कर दिया है कि बस्तर की सेवा के लिए हमारे जवान कितनी कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की और उन्हें हर संभव सहायता और साथ देने का वचन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माओवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ पूरा प्रदेश खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान देश के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है और हमें उनकी वीरता पर गर्व है। श्री शर्मा का जन्मदिन न मनाने का फैसला उनके गहरे मानवीय संवेदनाओं और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की शहादत हमें हमेशा याद रखना चाहिए और उनके सम्मान में हमें एकजुट रहकर देश की सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध रहना है । श्री शर्मा के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला जन्मदिन था। श्री शर्मा और उनके समर्थक काफी उत्साहित थे और इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां भी की जा रही थीं। कवर्धा सहित पूरे राज्य के विभिन्न स्थानों में जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के अपना जन्मदिन नहीं मनाने के निर्णय के बाद तैयारियों को अचानक रोक दिया गया है।

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