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लोकतंत्र बनाम माओवाद पर विचार गोष्ठी कल

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जगदलपुर बस्तर शांति समिति जगदलपुर द्वारा ‘लोकतंत्र बनाम माओवाद’ थ्येन आनमन की विरासत का बोझ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन 3 मई को सुबह 9.30 बजे 11. 30 बजे तक किया गया है। शहर के नया बस स्टैंड में जिला पंचायत के सामने स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हॉल में होने वाली इस विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा होंगे। अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप करेंगे मुख्य वक्ता प्रसिद्ध लेखक एवं विचारक राजीव रंजन प्रसाद होंगे। नगर एवं अंचल के बुद्धिजीवियों एवं अमन पसंद नागरिकों से विचार गोष्ठी में उपस्थिति की अपील की गई है।

मुसीबत में पड़े मरीजों का कैसे हो उपचार जब एंबुलेंस ही पड़ गई हैं बीमार

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  •  कोंडागांव में गंभीर मरीजों का अब भगवान ही सहारा

अमरेश झा-

कोंडागांव आज भी जब कोई एंबुलेंस सायरन बजाती हुई तेजी से निकलती है, तो हर व्यक्ति मन ही मन भगवान से यही विनती करता है कि भगवान यह व्यक्ति जो भी हो, उसकी जान बचा लेना।मगर जीवन रक्षक की भूमिका निभाने वाली एंबुलेंस ही बीमार पड़ जाए तो मुसीबत में फंसे मरीजों का हाल क्या होगा ?

जिन मरीजों की जान पर बन आई होती है, उनकी प्राण रक्षा में एंबुलेंस की अहम भूमिका होती है। ऐसे में अगर एंबुलेंस ही बीमार हालत में पड़ी हो तो मरीजों का भगवान ही मालिक है। अगर एंबुलेंस अपनी ही लाचारी पर आंसू बहाने लगे तो फिर क्या कहा जा सकता है। जी हां हम बात कर रहे हैं कोंडागांव जिले की सरकारी एम्बुलेंसों की जो कोंडागांव के विभिन्न गैराजों में विगत कई महीनों से और कुछ तो कई वर्षों से खराब होकर खड़ी हैं। उनका हालचाल जानने वाला कोई नहीं है। एक कॉल पर सडक़ों पर दौडऩे वाली एम्बुलेंस इन दिनों जहां कबाड़ हो रही हैं। वहीं एम्बुलेंस के कई पुर्जे गायब भी हो चुके हैं। उसके बाद भी जिम्मेदार एम्बुलेंस को उठवाने में कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं। गौरतलब है कि मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए शासन द्वारा लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। जिससे आपातकाल में गंभीर बीमारी से ग्रसित या विषम परिस्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल लाया जा सके। लेकिन यह तभी संभव है जब एंबुलेंस फिट हालत में हो। पुरानी एंबुलेंस विभाग ठीक करने की जहमत नहीं उठाता । जिसके चलते सभी पुरानी एम्बुलेंस खड़ी कर दी गई हैं। वह जंग खाने लगी हैं। लंबे समय से खराब खड़ी एंबुलेंस जंग और धूल खा रही हैं। एंबुलेंस की स्थिति जर्जर हो चुकी है। लेकिन विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी नीलामी के लिए भी कोई पहल नहीं की जा रही है। आपातकाल में मरीजों की जान बचाने वाली एंबुलेंस धूल, मिट्टी, धूप, वर्षा से स्वयं दम तोड़ रही है। जब अस्पताल में गम्भीर रूप से बीमार कोई मरीज को आकस्मिक दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को लाया जाता है तो डॉक्टरों द्वारा उक्त घायलों या मरीजों को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है तब भी एम्बुलेंस का ही सहारा लिया जाता है। फिर इन एम्बुलेंसों के असली महत्व का पता चलता है? और इन्ही हालातों में जब परिजन इन एम्बुलेंसों के बारे में पता करते है तो मालूम पड़ता है कि जो एम्बुलेंस बची है, वो किसी अन्य मरीज को छोड़ने गई है।

उसके बाद कितनी बार अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति निर्मित होती है। संबंधित डॉक्टरों का कहना होता है कि एम्बुलेंस की व्यवस्था नही है और जो है भी वे या तो खराब पड़ी है या किसी अन्य मरीज को छोड़ने अन्य जगहों पर गई हैं। ऐसे में मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति चिंतनीय है।आपको बताते चले कि अति इमरजेंसी सेवा में काम आने वाली 108 और 102 नंबर की फ्री एंबुलेंस सेवा का असल हाल देखना हो तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के पीछे नजर डालिए। यहां छह से सात एंबुलेंस कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। यही हाल अन्य अस्पतालों या कार्यालय परिसर में भी देखने को मिल जाती है। जहां इन कंडम एंबुलेंस को इस तरह से छोड़ दिया गया है, जो झाड़ियों में गुम हो गई हैं। परंतु विभाग कुंभकर्णी नींद से जागने में अपनी असमर्थता जता रहा है अब तो कोई चमत्कार ही विभाग को नींद से जगा सकता है।

अब छाछ, लस्सी, सॉफ्ट ड्रिंक से नहीं, चिल्ड बियर से गला तर करने लगी है अपने शहर की नारी

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  • सचमुच मॉडर्न हो रहा है हमारा अपना जगदलपुर
  • मेट्रो सिटी की तर्ज पर शराब दुकानों में पड़ने लगे बस्तर की नारी के कदम

अर्जुन झा-

जगदलपुर कौन कहता है हमारा बस्तर जिला, हमारा अपना जगदलपुर शहर पिछड़ा हुआ है? कौन कहता है हम बस्तरिहा आज भी आदिम युग में जी रहे हैं? न – न, ऐसा कहने की जुर्रत भी मत कीजिएगा। हम भी और हमारे शहर की मातृशक्ति भी मेट्रो सिटीज़ के मॉडर्न सोसाइटी वालों की तरह कतई पीछे नहीं हैं। हमारे शहर की युवतियां और दो – तीन बच्चों वाली माताएं भी बेधड़क शराब दुकानों से चिल्ड बियर और व्हीस्की खरीदकर अपना गला तर करने लगी हैं।

शेष दुनिया के लोग बस्तर को अनपढ़, नासमझ और लंगोटी पहनकर रहने वालों का इलाका मानते हैं। लोगों की धारणा बन गई है कि बस्तर के लोग आदिम युग में जी रहे हैं। दुनिया की चकाचौंध बस्तर तक नहीं पहुंच पाई है, बस्तरिहा सल्फी, ताड़ी और महुआ की शराब से अपने नशे की लत पूरी करते हैं। ऐसा मानने वाले लोग मुगालते में न रहें। बस्तरिहा अब मेट्रो सिटीज़ के लोगों से कतई पीछे नहीं रह गए हैं। यकीन न हो तो अच्छी तरह से आंखें खोलकर इस तस्वीर पर नजरे इनायत कर लीजिए, आपको बदलते भारत के साथ तेजी से बदलते बस्तर और जगदलपुर की झलक साफ दिख जाएगी। चौंकिएगा मत यह तस्वीर जगदलपुर की ही है।शहर के चांदनी चौक स्थित शराब दुकान में यह युवती और महिला धनिया, मिर्च का भाव पता करने नहीं पहुंची थीं, बल्कि गला तर करने का खास सामान लेने गईं थीं।भीषण गर्मी में हमारे शहर की कुछ महिलाएं अब ठंडे पानी, छाछ, दही, लस्सी, नीबू पानी, आम पना या आइसक्रीम से अपना गल तर नहीं करतीं, बल्कि वे जमाने के साथ चलते हुए चिल्ड बियर के साथ व्हीस्की का कॉकटेल पैग मारकर अपने गले और आत्मा को तृप्त करने लगी हैं। यह कोई एक दिन की बात नहीं है, बल्कि अमूमन रोज कुछेक महिलाएं और युवतियां शराब दुकानों में बेधड़क पहुंचकर मन पसंद ब्रांड की व्हीस्की और बियर खरीद कर ले जाती हैं। एक शराब दुकान के सेल्समैन के अनुसार उनकी दुकान में अक्सर आम महिलाएं शराब खरीदने आती हैं। लेकिन अब कुछ दिनों से कुछ कुलीन परिवारों की महिलाएं भी खुद दुकान पहुंच अपनी मनपसंद ब्रांड की बीयर और शराब की मांग करती हैं। चांदनी चौक रस्थित शराब दुकान के सेल्समैन बताते हैं कि सरकार बदलने के साथ ही शराब की मनपसंद ब्रांड मिलने लगी है।अब महिलाएं भी शराब दुकान में आकर शराब खरीदने लगी हैं।

विकासखंड शिक्षा कार्यालय परिसर में प्राचीन गुरुकुल जैसा हराभरा और शांत, सुरम्य वातावरण

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  •  बीईओ मानसिंह भारद्वाज और स्टॉफ का प्रकृति प्रेम अर्जुन झा
    जगदलपुर शिक्षा विभाग नई पीढ़ी को संवारने का ही काम नहीं करता, बल्कि प्रकृति को भी संवारने का काम करता है। इसका ताजा उदाहरण है विकासखंड शिक्षा कार्यालय जगदलपुर में देखने को मिला है, जहां हरियाली अनुपम छटा बिखेर रही है। यह संभव हो पाया है विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज और उनके स्टॉफ के प्रकृति प्रेम के चलते। यह कार्यालय पुराने दौर के गुरुकुल का आभास कराता है।
    बस्तर जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। इंसान, पशु पक्षी सब गर्मी से बेहाल हुए जा रहे हैं। पेड़ पौधे भी सूखने लगे हैं। शीतल छांव देने वाले पेड़ निर्जीव ठूठ में तब्दील हो चले हैं। मवेशी छांव की तलाश में भटकते रहते हैं। इंसान भी हलाकान है। ऐसे जानलेवा हालात में विकासखंड शिक्षा कार्यालय परिसर जगदलपुर हरियाली से आच्छादित नजर आ रहा है। यहां बहने वाली शीतल बयार तन मन में नई स्फूर्ति ला देती है। गर्मी से बेहाल परिंदे भी यहां आकर चहकने लग जाते हैं। पक्षियों की चहचहाहट दिल को सुकून पहुंचाती है। मानो परिंदे भी कैंपस को हरियाली से आच्छादित करने वाले बीईओ मानसिंह भारद्वाज और उनके स्टॉफ का यशोगान कर रहे हों। विकास खंड शिक्षा कार्यालय परिसर में तरह तरह के पेड़ पौधे लगाए गए हैं, जो पूरे परिसर में हरियाली बिखेर रहे हैं। पक्षियों के लिए पानी के सकोरे भी कुछ पेड़ों पर टांगे गए हैं। यानि यहां हर प्राणी का ध्यान रखा गया है। बीईओ मानसिंह भारद्वाज बताते हैं कि कार्यालय परिसर में यह हरितिमा हमारे सहकर्मियों के प्रकृति प्रेम की बदौलत आ पाई है। हमारे सारे सहकर्मी साथी इन पेड़ पौधों की नियमित देखभाल करते हैं, उन्हें खाद पानी देते हैं।


यह संयोग है या दैव योग?
कार्यालय परिसर में लगे कई पेड़ पौधों के बीच रुद्राक्ष का एक पेड़ हरे हरे फलों से लदा नजर आया। जिज्ञासा हुई तो हमने बीईओ मानसिंह भारद्वाज से इस बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि इस पेड़ को भी कर्मचारियों ने ही लगाया है। कर्मचारियों की प्रकृति के प्रति निष्ठा का ही सुफल है कि अब रुद्राक्ष का यह पेड़ फलों से लद चुका है।कुछ समय बाद इस देव वृक्ष के ये देव आभूषण पककर देवालयों, देवताओं और श्रद्धावान लोगों के कंठ की शोभा बनेंगे। वैसे रुद्राक्ष को देव, आचार्यो और गुरुओं का गहना भी माना जाता है।विकासखंड शिक्षा कार्यालय भी हमारे गुरुओं का ही कार्यालय है। इस कार्यालय में रुद्राक्ष पेड़ का होना क्या महज एक संयोग है या दैवयोग? वैसे परिसर में रुद्राक्षे लगाने के पीछे खंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज का तर्क था कि यह पेड़ घना और हृदय को शांति पंहुचने वाली छांव देता है। सनातन परंपरा के अनुसार चूंकि यह देव वृक्ष है अतः शिक्षा परिसर में इसे लगाए जाने से इस परिसर के अलावा आसपास का भी वातावरण शांत और शुद्ध रहता है। पुराने जमाने गुरुकुलों में इस प्रकार के ही पौधे और वृक्ष लगाए जाते रहे हैं।

अवैध शराब बिक्री करने वाला आरोपी को किया गिरफ्तार

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  • जिला बालोद पुलिस द्वारा अवैध शराब परिवहन पर की गई कार्यवाही। आरोपी द्वारा मध्यप्रदेश निर्मीत अंग्रेजी व्हीसकी गोवा शराब को छत्तीसगढ़ में खपाने की थी तैयारी।

पुलिस थाना पुरूर जिला बालोद छ.ग. घटना में 1. एक सफेद रंग की मारूति सुजकी स्वीफ्ट डिजायर कार क्रमांक CG-07-AS-2621 कीमती करीब 3,00,000/रु०2.09 पेटी अंग्रेजी शराब गोवा जुमला 81 बल्क लीटर कीमती करीब 51,750/रूपये 3. एक नग रियलमी कम्पनी का एंड्रायड मोबाईल पुरानी इस्तेमाली कीमती करीब 5,000/रू० जुमला कीमती

3,56,750/ रूपये को जप्त किया गया। प्रकरण में 01 आरोपी को किया गया गिरफ्तार।

नाम आरोपी :- विक्की कुमार यादव पिता गजराज सिंह यादव उम्र 31 वर्ष निवासी बजरंग पारा कोहका थाना सुपेला भिलाई जिला दुर्ग (छ०ग०)

अवैध मादक पदार्थ, शराब की तस्करी के रोकथाम हेतु पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग रामगोपाल गर्ग के निर्देशन प्राप्त होने पर  पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद  एस०आर० भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय  अशोक कुमार जोशी के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुरूर  बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस थाना पुसर गई। की टीम को अवैध शराब परिवहन रोकने में सफलता हासिल की

अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी एवं परिवहन के रोकथाम हेतु पुलिस थाना पुरूर के पुलिस पार्टी को निर्देश प्राप्त हुआ था। कि दिनांक 31.05.2024 के 14.00 बजे जरिये मोबाईल, मुखबीर से सुचना मिला कि एक सफेद रंग की मारुति सुजकी स्वीफ्ट डिजायर कार क्रमांक CG-07-AS- 2621 के डिक्की में अवैध अग्रेजी शराब छिपा कर रखा हुआ है। जिसे रायपुर की तरफ से जगदलपुर बिक्री हेतु भारी मात्रा में शराब लेकर जा रहे हैं, कि सूचना तस्दीकी हेतु हमराह स्टाफ व गवाहनो के एन एच 30 मार्ग पॉवर हाउस के पास ग्राम चिटाँद में पहुंच कर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे मुखबिर के बताए अनुसार एक सफेद रंग की मारुति सुजकी स्वीफ्ट डिजायर कार क्रमांक CG-07-AS-2621 आया जिसे इसारा कर रोका गया कि वाहन चालक गाडी रोककर गाडी से उत्तरकर भागने का प्रयास कर रहा था। जिसे हमराह स्टाफ के घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिससे नाम व पता पूछने पर वाहन चालक ने अपना नाम विक्की कुमार यादव पिता गजराज सिंह यादव उम्र 31 वर्ष निवासी बजरंग पारा कोहका थाना सुपेला भिलाई जिला दुर्ग (छ०ग०) का रहने वाला बताया तथा उक्त वाहन की डिक्की में अंग्रेजी शराब गोवा कम्पनी का छिपाकर रखना जिसे म०प्र० से लेकर जगदलपुर बिक्री हेतु परिवहन करना बताया। बाद आरोपी विक्की कुमार यादव को उसके कब्जे के वाहन क्रमांक CG-07-AS-2621 की तलाशी लेने हेतु नोटिस दिया, नोटिस देकर तलाशी हेतु सहमति प्राप्त किया, तलाशी लेने के पूर्व पुलिस पार्टी गवाह एवं शासकीय अधिग्रहित वाहन सीजी 05 ए एल 6754 का तलाशी आरोपी विक्की कुमार यादव के द्वारा लेने पर कोई संदेहास्पद वस्तु नहीं मिला, जिसका पंचनामा तैयार किया गया। बाद आरोपी के कब्जे की एक सफेद रंग की मारुति सुजकी स्वीफ्ट डिजायर कार क्रमांक CG-07-AS-2621 की तलाशी लेने पर उसके डिक्की में खाकी रंग का कार्टून 09 पेटी जिसमें GLASS 50×180 ML GOA। लिखा है प्रत्येक पेटी में 50-50 नग कुल जुमला 450 नग अग्रेजी शराब गोवा व्हीस्की प्रत्येक पौवा में 180-180 एमएल शराब भरी हुई, सीलबंद हालत में for sale in madhyapradesh only लिखा हुआ। कुल जुमला शराब 81 बल्क लीटर कीमती 51,750 रूपये एवं आरोपी विक्की कुमार यादव के पास से एक नग रियलमी कम्पनी का एन्ड्रायड मोबाईल पुरानी इस्तमाली कीमती करीब 5000/रु० मिला। कुल जुमला 3,56,750/रु जब्त कर कब्जा पुलिस लिया गया कि आरोपी का कृत्य धारा सदर का अपराध पाये जाने से आरोपी विक्की कुमार यादव के विरुध्द अपराध क्रमांक 86/2024 धारा 34

(2)आबकारी अधिनियम कायम कर विवेचना में लिया गया। उक्त प्रकरण में सउनि रूपेश्वर राम भगत, आरक्षक लिखन कुमार साहू गुणेश यादव, विवेक सिन्हा, थनेन्द्र देवांगन, किशोर साहू की सराहनीय भूमिका रही।

मालगांव के सचिव, रोजगार सहायक तकनीकी सहायक सब लगे हैं सरकारी माल हजम करने में

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  •  रोजगारमूलक कार्यों में किया मशीनों का उपयोग
  • डबरी निर्माण कार्य की रकम हजम कर ली सभी ने

अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले की जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायतों में जो न हो, वो कम है। जनपद सीईओ की छत्रछाया में उपयंत्री, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक,  सहायक सभी सरकारी खजाने को लूटने में लगे हुए हैं। जनपद क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। ऐसा ही एक बड़ा मामला बकावंड जनपद की ग्राम पंचायत मालगांव में सामने आया है, जहां पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक की तिकड़ी ने बड़ा गुल खिलाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मालगांव में किसान तुलसी और बुदरी के नाम पर वर्ष 2021- 22 में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत डबरी निर्माण हेतु हितग्राही मूलक कार्य मंजूर हुआ था। बताते हैं कि प्रत्येक डबरी निर्माण के लिए 2 लाख 93 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। डबरी निर्माण कार्य में हितग्राही किसान के परिवार को तथा आवश्यकता के अनुरूप गांव के अन्य मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना था। मगर सरपंच बलराम, पंचायत सचिव दीपिका दास, रोजगार सहायक देबी सिंग, तकनीकी सहायक श्रवण ने मजदूरों से काम कराने के बजाय मशीनी उपकरणों से डबरी का निर्माण करा दिया। हितग्राही परिवारों के दो चार लोगों को ही दिखाने भर के लिए थोड़ी बहुत मिट्टी खोदाई और मलबा निकासी लिए काम पर रखा गया था। चूंकि डबरी निर्माण कार्य हितग्राही मूलक और रोजगार मूलक थे, इसलिए उसमें लगाए गए मशीनी उपकरण का भुगतान दस्तावेजों में लिखा नहीं जा सकता था। इसलिए सरपंच, पंचायत सचिव रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक ने फर्जी मस्टररोल बना दिया। मगर उसमें भी जरूरत से ज्यादा मजदूरों का नाम डालकर मशीनी उपकरण की किराया राशि से अधिक राशि निकाल ली। इस राशि की बंदरबांट कर ली गई। इसी तरह मनरेगा मद से भी 1 लाख 69 हजार रुपए फर्जी मस्टर रोल के सहारे निकाल लिए जाने की खबर सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जनपद शिकायत जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ एसएस मंडावी से भी की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। सीईओ कार्रवाई करते भी कैसे, क्योंकि सारा खेल उन्हीं के संरक्षण में जो चला है। सरकारी धन की मची लूट को लेकर मालगांव के ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सचिव दीपिका दास बीते 8- 9 साल से मालगांव पंचायत में पदस्थ हैं और उनकी मनमानी बढ़ती जा रही है।

रामानुजम ने की शिकायत

ग्राम पंचायत मालगांव में चल रही गड़बड़ी और सरकारी धन की बंदरबांट की सिलसिलेवार शिकायत जनपद पंचायत बकावंड के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता आचार्य रामानुजम ने वरिष्ठ अधिकारियों से की है। आचार्य रामानुजम ने बस्तर के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, मनरेगा के जिला पंचायत में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी और बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मालगांव ग्राम पंचायत में मनरेगा के नाम पर की गई आर्थिक गड़बड़ी से जुड़े संपूर्ण मामले की लिखित शिकायत की है। आचार्य रामानुजम ने डबरी निर्माण की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक पहुंचे डौंडीलोहारा राजमहल, किए श्रीराम और दंतेश्वरी माई के दर्शन

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  •  युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम ने रखी समस्याएं, निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर भी चर्चा

बालोद डौंडीलोहारा के राजमहल में गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निज सहायक तुलसी कौशिक व भजन साय का आगमन हुआ। इस दौरान युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम ने उनसे विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के बारे में चर्चा की। साथ ही नगर पंचायत और आने वाले ग्राम पंचायत चुनाव की रणनीति को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। फिर वे सभी के साथ राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे इसके बाद राजपरिवार की कुल देवी मां दंतेश्वरी का भी आशीर्वाद लिया। इस दौरान निज सहायक श्री कौशिक ने सभी से बारी बारी मुलाकात की। वहीं इस बीच बालोद जिले के युवा पत्रकार दीपक यादव के इलाज और परेशानी को भी उन्हे युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम ने अवगत कराया। बताया कि उनके गले का दो ऑपरेशन हुआ है और करीब 40 दिन से वे संघर्ष कर रहें हैं। उनके आगे इलाज में शासन से मदद दिलाने की बात हुई। जिस पर निज सहायक श्री कौशिक ने भी पूर्णतः आश्वस्त किया इस बारे में मुख्यमंत्री को विशेष रूप से अवगत कराकर आचार संहिता उपरांत पत्रकार दीपक यादव की मदद की जाएगी। इस दौरान प्रमुख रूप से लाल कौशल सिंह टेकाम, पार्षद नारायण सिन्हा, पार्षद सोहद्रा देवांगन, हिंदू ह्रदय सम्राट विशाल मोटवानी, युवा नेता जयदीप गुप्ता, युवा नेता निखिल शर्मा, राजू भंसाली, हिम्मत देशमुख, प्रणव साहू, निरंजन पड़ोटी, अंगद टेकाम, श्रीराम राणा, मनीष साहू, कोमल जंघेल, रजनीश यादव मौजूद रहे।

बड़े नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में झंडा गाड़ा सीआरपीएफ ने, शुरू किया फील्ड अस्पताल

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  • अस्पताल होगा 16 तरह की बीमारियों का ईलाज
  • ग्रामीणों को मिलेगी मुफ्त उपचार की सुविधा

अर्जुन झा-

जगदलपुर जहां परिंदे भी पर मारने से हिचकिचाते हैं ऐसी नक्सलियों की शाला में सीआरपीएफ ने झंडा गाड़ दिया है। बस्तर के सबसे घोर नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती में सुकमा जिला प्रशासन के सहयोग से सीआरपीएफ ने फील्ड अस्पताल शुरू किया है। इस अस्पताल को आरोग्यधाम नाम दिया गया है। इस फील्ड अस्पताल में 16 प्रकार की बीमारियों की सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की तरह उत्तम दर्जे का निशुल्क जांच उपचार एवं दवाइयों की सुविधा सातों दिन चौबीसों घंटे ग्रामीणों को मिलेगी।

पूवर्ती टॉप नक्सली कमांडर हिड़मा का गृहग्राम है। यहां स्थापित हॉस्पिटल में आधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस एंबुलेंस की भी सुविधा उपलब्ध है, ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को भी लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ सुरक्षित हायर सेंटर रेफर किया जा सके। घोर नक्सल प्रभावित एवं अंदरूनी क्षेत्र होने से पूवर्ती अंचल में एक भी अस्पताल नहीं था। अंचल के ग्रामीण बीमार होने पर जड़ी बूटी और झाड़ फूंक का सहारा लेते रहे हैं। उचित उपचार न होने से कई ग्रामीणों की अकाल मृत्यु हो जाती थी। हॉस्पिटल शुरू हो जाने से ग्राम पूवर्ती व आसपास घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का निशुल्क लाभ मिल सकेगा।विदित हो कि ग्राम पूवर्ती माओवादियों के हार्डकोर नक्सली हिड़मा का पैतृक गांव हैं। पूवर्ती व आसपास क्षेत्र बहुत ही लम्बे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है, माओवादी भय के कारण ग्रामीण शासन की किसी भी योजना का लाभ नही ले पा रहे थे। आएदिन माओवादियों द्वारा क्षेत्र में ग्रामीणों पर प्रतिबंध लगाए जाने से ग्रामीण ईलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी नही जा पा रहे थे। हाल ही में सुरक्षाबलों ने पूवर्ती में नया कैंप स्थापित किया है। इसके बाद से शासन की योजनाओं का लाभ गांव में ही लोगों को मिलने लगा है।

हॉस्पिटल में हैं ये सुविधाएं

सीआरपीएफ द्वारा स्थापित आरोग्यम अस्पताल में एचबी जांच, एफबीएस, पीपीबीएस, आरबीएस जांच,

लिपिड प्रोफाईल, लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिन रूटीन टेस्ट, मलेरिया कार्ड टेस्ट, डेंगू टेस्ट, टाईफाईड टेस्ट, संपूर्ण रक्त का थक्का जमने का परीक्षण, सर्प दंश पर एंटी वेनम ट्रीटमेंट, ईसीजी, ऑक्सीजन कंसट्रेटर, सिलेंडर और मास्क,

डिफाइब्रिलेटर, बीएलएस एसीएलएस एम्बुलेंस,एम्बू बैग आदि की सुविधा उपलब्ध है।

ग्रामीणों की हर संभव मदद

इस संबंध में सुकमा के एसपी किरण चौहान का कहना है कि ग्रामीणों को हर स्तर पर सहयोग के करने का प्रयास किया जा रहा है। माओवाद के चलते सालों से देश दुनिया से कट चुके इस इलाके में शासन की योजनाओं को पहुंचाने का काम किया जा रहा है। पूवर्ती में सीआरपीएफ की मदद से फील्ड अस्पताल शुरू किया गया है। जिसमें 16 प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।

विजय शर्मा का संकल्प

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा का संकल्प नक्सल प्रभावित बस्तर में फलीभूत होने लगा है। मंत्री पद सम्हालते ही विजय शर्मा नक्सल प्रभावित गांवों तक विकास और आधुनिक संसाधन तथा शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने कैसे लिए जो कदम उठाए, उनके सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं। विजय शर्मा छत्तीसगढ़ के पहले गृहमंत्री हैं, जो वारदात होने पर धुर और अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित गांवों तक जाने में भी गुरेज नहीं करते। ऐसे गांवों के लोगों का दिल जीतने में विजय शर्मा कामयाब साबित हुए हैं। इसके अलावा शर्मा नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी पूरी दमदारी के साथ कदम बढ़ा रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने नक्सलियों से वार्ता की पेशकश की थी, मगर सामने वाले पक्ष ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए नीति बनाने का काम कर रहे हैं। बस्तर संभाग में बड़े पैमाने पर हो रहा नक्सलियों का आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की ईमानदार कोशिशों का ही नतीजा है।

मार्शल आर्ट क्लब द्वारा विभिन्न मार्शल आर्ट गेम का आयोजन किया गया 6 नंबर स्कूल के प्रांगण में

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दल्ली राजहरा– मार्शल आर्ट क्लब दल्लीराजहरा द्वारा विभिन्न मार्शल आर्ट गेम कलरीपयट्टू, जूडो, कराटे ,म्यूथाई , मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण शिविर मार्शल आर्ट क्लब दल्ली राजहरा के प्राथमिक शाला क्रमांक 6 के प्रांगण में आयोजित किया गया है। यह प्रशिक्षण शिविर लगातार 25 वर्षों से चल रहा है ।प्रशिक्षण प्रातः 6:30 बजे से 8:00 बजे तक एवं शाम 5:30 से 7:30 बजे तक दिया जाता है। मार्शल आर्ट क्लब के अध्यक्ष अनिल खोबरागड़े ने बताया कि ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को मार्शल आर्ट की विधाओं से प्रशिक्षित करना, आत्मरक्षा के साथ-साथ स्कूल गेम, ओपन गेम ,खेलो इंडिया ,नेशनल गेम्स में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना एवं खेल के स्किल एवं बारीकियां को सिखाना है ताकि खिलाड़ी जिला ,राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक अपना प्रतिनिधित्व कर सके।इन सभी खेलों के खिलाड़ियों को कुशल प्रशिक्षकों के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है जैसे(1) जूडो में कोच प्रणव शंकर साहू एवं गगन सोनी (2)कराते में कोच लखन कुमार साहू ब्लैक बेल्ट थर्ड डान(3) कलारीपयट्टू में कोच कुमारी हरबंस कौर(4) म्यूथाई में कोच कुमारी हरबंस कौर (5)बॉक्सिंग में कोच किशोर नाथ योगी के द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण 25मई से लेकर 10 जून तक दिया जाएगा । इसके पश्चात प्रतिदिन सुबह 5.30 बजे से 7:30 बजे तक नियमित क्लास जारी रहेगी। मार्शल आर्ट के सभी खेल संघों एवं खिलाड़ियों को समय-समय पर छत्तीसगढ़ शासन, बालोद जिला प्रशासन एवं बीएसपी प्रबंधन राजहरा माइंस द्वारा सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहता है।

एक लखबंधु के बिना नहीं रुका आयुष्मान पंजीयन

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  •  अन्य कर्मियों ने समर्पण के साथ किया पंजीयन कार्य

बकावंड विकासखंड बकावंड की टलनार ग्राम पंचायत में सहायक सचिव लखबंधु के नदारद रहने के बावजूद भी आयुष्मान कार्ड पंजीयन शिविर में अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भागीदारी देकर राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाया।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन पूरी लगन के साथ किया।

बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर पूरे बस्तर जिले में बचे हुए 1 लाख 83 हजार 676 नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों में पंजीयन शिविरों का आयोजन 29 एवं 30 मई को किया गया था। बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत टलनार में भी शिविर लगाया गया था। यहां के शिविर में पंचायत के सहायक सचिव लखबंधु कश्यप दोनों ही दिन नदारद रहे। वहीं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों ने बराबर उपस्थिति दर्ज कराई और ग्रामीणों का आयुष्मान पंजीयन कार्ड हेतु किया। ग्रामीणों ने इन शासकीय कर्मचारियों की सक्रियता की जमकर सराहना की है। स्थानीय पंचायत के लोगों ने भी शिविर में ग्रामीणों की पूरी मदद की। शासकीय कर्मचारियों की कर्तव्य निष्ठा के चलते महा अभियान को टलनार ग्राम पंचायत में आशातीत सफलता मिली है।

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