जगदलपुर डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र के समक्ष प्राचार्य मनोज शंकर द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। प्राचार्य, शिक्षक शिक्षिकाओं और सभी बच्चों ने पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात हवन कार्यक्रम में प्राचार्य, शिक्षक एवं बच्चों ने मिलकर आहूति दी। प्राचार्य ने डॉ. अंबेडकर के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू नामक गांव में हुआ था। बाबा साहेब के नाम से मशहूर डॉ.भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माता और संविधान के पिता कहे जाते हैं। उन्होने न सिर्फ संविधान निर्माण में सबसे अहम भूमिका अदा की बल्कि समाज में दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ, जनसंख्या नियंत्रण, मौलिक दायित्यों के लिए भी आवाज़ उठाई। अपने प्रगतिशील विचारों के चलते वे आज करोड़ों भारतीयों के प्रेरणास्रोत हैं। सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हवन में आहूति दी और अपने उज्जवल भविष्य की कामना की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
भाजपा के संकल्प पत्र को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया नहीं जुमला पत्र
- भाजपा, संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करे : बैज
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के संकल्प पत्र को जुमला पत्र करार दिया है। बैज ने कहा कि पिछले दो बार के चुनावों में अपने वादों को भूल जाने वाले भाजपा ने किस नैतिकता से नया संकल्प पत्र जारी किया है। भाजपा को जनता से नया वादा करने का भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा के लिये घोषणा पत्र केवल जनता को ठगने का एक हथियार है। जनता में भाजपा और मोदी दोनों की ही विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। भाजपा का संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2014 और 2019 के संकल्प पत्र के वादों के बारे में बात करने की भाजपाई हिम्मत नहीं करते। भाजपा बताए युवाओं के लिए सालाना 2 करोड़ नौकरियों देने का क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी करने का क्या हुआ? एमएसपी की कानूनी गारंटी का क्या हुआ? किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य देने के वादे का क्या हुआ? हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में 15 लाख देने का क्या हुआ? भाजपा बताए एससी, एसटी, के अधिकारों को सुरक्षित करने के वादे का क्या हुआ? एससी व एसटी पर 46 प्रतशित व 48 प्रतिशत अपराध क्यों बढ़ा? महिला आरक्षण लागू करने व महिला अत्याचार रोकने का क्या हुआ? 100 स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? भाजपा के सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवो का क्या हुआ? 2020 तक गंगा सफ़ाई का क्या हुआ? 2022 तक हर परिवार के सर पर छत का क्या हुआ? 2022 तक सबको चौबीस घंटे बिजली देने का क्या हुआ? 2022 तक भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का क्या हुआ? “लाल आंख“ और “मैं देश नहीं झुकने दूंगा” का क्या हुआ? हमारी जमीन पर चीन ने 2000 किलोमीटर तक कब्जा कैसे कर लिया? 2022 तक 40 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग का क्या हुआ? केंद्रीय विभागों में लाखों पद रिक्त होने के बावजूद भर्तियां क्यों बंद हुई? सेना में नियमित भर्ती बंद करके ठेके पर 4 साल के लिये अग्निवीर योजना का क्या औचित्य है? पहली बुलेट ट्रेन का क्या हुआ? मोदी और भाजपा के इन वादों का हिसाब जनता मांग रही है इस लोकसभा चुनाव में पूरा भारत जुमलेबाजों को हराएगी। दीपक बैज ने कहा कि 10 साल में वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बना चुकी भाजपा में साहस नहीं कि वह कोई नया वादा जनता से कर पाए। इसीलिए भाजपा का घोषणा पत्र पूरी तरह सतही और चुनावी औपचारिकता दिख रहा है। भाजपा के घोषणा पत्र में भाजपा की हार की झलक साफ दिख रही है। इसीलिए भाजपाई नया वादा करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। ट्रेनों को बंद करने वाले वर्ल्ड क्लास स्टेशन बुलेट ट्रेन बनाने के लिए झूठे वादे कर रहे है। कांग्रेस के घोषणा पत्र से चुराकर गिग वर्कस के बारे में भी वादा कर रहे हैं। जबकि 10 सालों के मोदी राज में सबसे ज्यादा शोषण गिग वर्कर और असंगठित क्षेत्र का हुआ है। भाजपा के घोषणा पत्र में सक्षम और स्वावलंबी भारत बनाने की दिशा में कुछ भी नहीं है।
अचानक सूख गई इंद्रावती नदी और मुरझा गई गरीब किसानों की तकदीर भी
- नदी के भरोसे धान फसल ले रखी है कई किसानों ने
- नदी में पानी न रहने से सूख रही है खड़ी फसल
अर्जुन झा
बकावंड जो नदी पचास साल में कभी जल विहीन नहीं हुई, वह अचानक सूख गई और इसी के साथ मुरझा गई उन किसानों की तकदीर भी, जिन्होंने इंद्रावती नदी के भरोसे धान की फसल उगा रखी है। पानी के बिना फसल तेजी से सूखती जा रही है और उसी रफ्तार से किसानों के माथे की लकीरें भी चिंता में बड़ी होती जा रही हैं।किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों ने इंद्रावती नदी में बांध से पानी छोड़ने की मांग की है, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रह सके।

बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की पांच ग्राम पंचायतों के पचासों किसान नदी किनारे स्थित अपने खेतों में हर साल गर्मी के मौसम में भी फसल लगाते हैं। धान की फसल को पानी देने के लिए किसानों ने डीजल पंप भी वहां लगा रखे हैं। पंपों की मदद से नदी के पानी को लिफ्ट कर खेतों तक पहुंचाते हैं और नदी के दम पर अच्छी उपज भी प्राप्त कर लेते हैं। मगर इस बार इंद्रावती नदी लगभग पूरी तरह सूख गई है और खुद प्यास से तड़पती नजर आ रही है। नदी में पानी न के बराबर रह गया है। किसान पंप से पानी खींचने की कोशिश करते हैं, तो पंप जवाब दे देते हैं और पाईप में नदी की रेत भर जाती है।किसान बताते हैं कि पचास साल के इतिहास में पहली बार इंद्रावती नदी अप्रैल के महीने में सूखी है। इससे पहले कभी ऐसे हालात पैदा नहीं हुए थे। ओड़िशा की सीमा से लगकर स्थित भसकली समेत अन्य गांवों के आसपास इंद्रावती नदी पूरी तरह निर्जल हो गई है। इन गांवों के आसपास सिंचाई का कोई और साधन नहीं है कि किसान अपनी सूखती फसल की जान बचा सकें।
बांध से पानी छोड़ने की मांग
लंबोदर पटेल, रघुनाथ, काड़ी, कमलू राम नाग, नंदो राम नाग, शंकर नाग, भुजबल बघेल, अमर, पाकलू समेत अन्य किसानों ने बताया कि ओड़िशा से आकर भास्कली के पास इंद्रावती नदी से मिलने वाली नदी में ओड़िशा सरकार ने बांध बना रखा है। इस वजह से इंद्रावती नदी में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। किसानों ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अगर ओड़िशा सरकार से चर्चा कर ओड़िशा के बांध से पानी छोड़ने की पहल करती है तो किसानों की फसल बच सकती है। किसानों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जगदलपुर के विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और वन मंत्री केदार कश्यप से इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया है।
बस्तर में पड़े राहुल के कदम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य ने छोड़ी पार्टी
- आख़िरकार सच निकली बवंडर वाली खबर
–अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर कांग्रेस में भगदड़ के हालात और कई नेताओं के पार्टी छोड़ने बात अंततः सच साबित हुई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कदम बस्तर की धरती पर पड़े और कांग्रेस में बड़ा बवंडर आ गया। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य ने अध्यक्ष पद के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से शनिवार की शाम इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू ने मंजूर भी कर लिया है। अब श्री मौर्य के भाजपा में शामिल होने के पूरे आसार हैं।
जगदलपुर में तीन दिन से चर्चा चल रही थी कि ‘राहुल गांधी के बस्तर आते ही कांग्रेस में बड़ा बवंडर आएगा और कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। बीते कई दिनों से
बस्तर में कांग्रेस के अंदर भगदड़ के हालात बने हुए हैं। कहा जा रहा था कि राहुल गांधी के बस्तर आते ही कई बड़े कांग्रेस नेता कांग्रेस से बाहर जाने के लिए तैयार बैठे हैं। यह चर्चा राहुल की बस्तर नगर पंचायत मुख्यालय में आयोजित चुनावी सभा के खत्म होते होते सच में तब्दील हो गई। पुराने और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलराम मौर्य ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पार्टी के प्रदेश कार्यालय को प्रेषित कर दिया। उनका इस्तीफा पीसीसी के प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैदू ने मंजूर भी कर लिया है। श्री मौर्य ने अपने त्याग पत्र में अपने साथ कांग्रेस में हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा है कि दुर्व्यवहार से आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने का फैसला किया है। ऐन लोकसभा चुनाव और राहुल गांधी के बस्तर आगमन के बीच बलराम मौर्य के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच खबर है कि बलराम मौर्य 12 अप्रैल को ही कांग्रेस छोड़ने वाले थे, लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ व्यस्त रहने के कारण वे इस्तीफा नहीं दे पाए थे। अब बलराम मौर्य के भाजपा में जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक बलराम मौर्य ने उन्हें भाजपा में मंडल अध्यक्ष नियुक्त करने और उनके फॉलो गार्ड व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बरकरार रखने की शर्त रखी थी, लेकिन इस पर फाइनल फैसला नहीं हो सका था। वैसे कहा जा रहा है कि बलराम मौर्य को भाजपा में उनके कांग्रेसी कद के मुताबिक जिम्मेदारी दी जा सकती है। ज्ञात हो कि इससे पहले महापौर सफीरा साहू, वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव और कुछ अन्य नेता कांग्रेस का दामन झटककर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। मेयर सफीरा साहू को भाजपा में भेजने में सज धजकर घूमने वाले जगदलपुर के एक कांग्रेस नेता की बड़ी भूमिका रही है। बताते हैं कि इस नेता ने ही नगर निगम में मेयर के जरिए काला पीला काम करवा कर करोड़ों रुपए बटोरे और रायपुर में बैठे अपने आका तक भी हिस्सा पहुंचाया। इस नेता को भरोसा था कि कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी तो पूरा मामला दबा रहेगा, मगर उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। राज्य में भाजपा सत्तारुढ़ हो गई। इससे यह नेता खौफ में आ गए और खुद को फंसने के लिए मेयर को भाजपा की वाशिंग मशीन में डाल दिया। सूत्र बताते हैं कि अब यही कांग्रेस नेता खुद भी भाजपा में जाने लालायित हो उठे हैं। कुछ दिनों पहले बस्तर के आमाबाल आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष वे भाजपा प्रवेश करना चाहते थे, ताकि उनकी सियासी ब्रांडिंग हो सके। तब इस नेताजी के सपने पर यहां के जमीनी भाजपा नेताओं के प्रबल विरोध ने चकनाचूर कर दिया। ये कांग्रेसी नेताजी अब मुख्यमंत्री के समक्ष भाजपा प्रवेश की तैयारी में हैं।
साय सरकार के तीन माह में ही स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, न दवा, न जांच, न ईलाज: दीपक बैज
- केंद्र सरकार ने टीबी की दवा भेजना बंद कर दी
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आते ही छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह से चरमरा गई है। सरकारी अस्पतालों में मरीज को न पर्याप्त दवा मिल पा रही है, न जांच हो पा रही है और न ही समुचित इलाज का प्रबंध है। डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ को केंद्र से पिछले सवा माह से टीबी की दवाई की सप्लाई भी बंद कर दी गई है जिससे टीबी के मरीज बेमौत मरने मजबूर हैं।
दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार आने के बाद से विगत 3 माह में प्रशासन की उपेक्षा और घोर लापरवाही के चलते 20 करोड़ से अधिक की पोलियो वैक्सीन एक्सपायर हो गई है। हितग्राहियों को वैक्सीन लगवाने, व्यवस्था करने या सुपरविजन तक की जहमत उठाना भाजपा की सरकार जरूरी नहीं समझती है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार की उपेक्षा के चलते ही लगभग 300 करोड़ से अधिक के टेस्ट किट विगत तीन माह के दौरान एक्सपायर होकर अनुपयोगी हो चुके हैं। भाजपा की साय सरकार का पूरा फोकस केवल नए-नए तरह के उपकरण, दवा और केमिकल खरीदी में है, ताकि जमकर कमीशनखोरी की जा सके। अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने, जांच दवा और इलाज की समुचित व्यवस्था करने में विष्णु देव साय सरकार की कोई रुचि नहीं है। भाजपा के 15 साल में 4 सरकारी मेडिकल कॉलेज बने थे। कांग्रेस के विगत 5 वर्षो के कार्यकाल में 8 सरकारी नए मेडिकल कॉलेज बने। सभी जिला अस्पतालों को मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल के रूप में उन्नयन किया गया था। सभी ब्लाक अस्पतालों में भर्ती की सुविधा शुरू की गई थी। 1900 से अधिक वेलनेस सेंटर संचालित थे। कांग्रेस के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर तीन गुना अधिक बेहतर हुआ था। साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही पूर्ववर्ती सरकार के दौरान संचालित हमर अस्पताल, हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक, शहरी स्लम चिकित्सा केंद्र में भी बदहाली का आलम है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आयुष्मान योजना का ढोल पीटने वाले भाजपा नेता यह बताएं कि अस्पतालों का लंबित भुगतान क्यों रोका गया है? छत्तीसगढ़ के किसी भी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। किसी न किसी बहाने मरीजों को कार्ड से इलाज के बजाय नगद जमा करने बाध्य किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के संरक्षण में आयुष्मान पर इलाज के नाम पर धोखाधड़ी और लूट मची है। विगत दिनों केंद्र सरकार के सीएजी की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ है कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के नाम पर मृत व्यक्तियों के इलाज पर खर्च दिखाकर भारी भरकम राशि निकाली गई, फर्जी कार्ड बनाए गए। वास्तविक हितग्राहियों का इलाज आयुष्मान कार्ड से नहीं हो पा रहा है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के नाम पर 25 लाख तक चिकित्सा सहायता दी जाती थी, वह भी अघोषित तौर पर बंद कर दी गई है। विष्णुदेव साय सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ के लोग इलाज की सुविधा से वंचित हैं। साय सरकार कमीशनखोरी में मस्त है।
देश में हो रहा चुनाव दो विचारधाराओं की लड़ाई है: राहुल गांधी
- बस्तर की चुनावी सभा में प्रधानमंत्री और मीडिया पर बरसे राहुल गांधी
- भाजपा और मीडिया पर लगाया आदिवासी विरोधी होने का आरोप
जगदलपुर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा, आरएसएस और मीडिया पर जमकर बरसे। उन्होंने भाजपा और मीडिया को दलित आदिवासी विरोधी करार दिया।
बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर नगर पंचायत के लालबहादुर शास्त्री मैदान पर चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में अभी हो रहे चुनाव में दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी और इंडी एलायंस जो लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए लड़ रहे हैं और दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी अडानी और आरएसएस के लिए काम करते हुए देश के संविधान को खत्म करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की सरकार आदिवासियों को जल जंगल जमीन से भगाना चाह रही है। जबकि हमने पेसा कानून लाया है। हसदेव के पेड़ों को काटकर जंगल को खत्म करना चाह रहे हैं और इस जंगल की जमीन अडानी जैसे उद्योगपतियों को देकर आदिवासियों से जंगल से भगा देंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब देश में कोविड महामारी का प्रकोप था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को थाली बजाने के लिए कहते थे, कोविड के समय में एक ओर जहां अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी वही दूसरी ओर प्रधानमंत्री लोगों को मोबाइल की लाईट जलाने की बात करते थे। कोविड काल में मजदूर अपने कार्य स्थल से अपने मूल गांवों में लौटना चाह रहे थे उनके लिए मोदी जी ने कुछ नहीं किया। श्री गांधी ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई की समस्या विकराल है, लेकिन इस संबंध में प्रधानमंत्री कुछ नहीं बोलते। राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की मीडिया बिक गई है। आज देश में जितने भी चैनल हैं, उनमें कोई दलित वर्ग के नहीं है कोई एंकर और पत्रकार भी दलित, आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग से नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि राम मंदिर का उद्घाटन हुआ तो देश की राष्ट्रपति को वहां जाने से मना कर दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासी एवं दलित तथा पिछड़ा वर्ग का विरोधी है। इस अवसर पर राहुल गांधी ने घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के बाद देश में कांग्रेस व इंडी गठबंधन की सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा एवं युवाओं को एक वर्ष का अप्रेंटिस दिया जाएगा।अप्रेंटिस के दौरान युवाओं को एक लाख रूपये वार्षिक भत्ता दिया जाएगा और इसके बाद उसे उसी कंपनी में नौकरी भी देंगे। इसी तरह गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को महालक्ष्मी योजना के तहत एक लाख रूपये वार्षिक दिया जाएगा।राहुल गांधी के पूर्व इस जनसभा को बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तथा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने भी संबोधित किया।
बैज ने तीर चलाए सांय सांय
राहुल गांधी से पहले सभा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संबोधित किया। बैज ने विष्णु देव साय सरकार पर सांय सांय तीर चलाए। दीपक बैज ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने पांच साल आदिवासियों को इमली, महुआ टोरा का वाजिब दाम दिया, उसे इस सांय सांय सरकार ने बंद कर दिया। हमने बस्तर में शांति लौटाई थी, मगर सांय सांय सरकार ने बस्तर को फिर से अशांत कर दिया है, आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा रहा है, फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। हसदेव के जंगलों की कटाई सांय सांय शुरू कर दी गई, युवाओं का बेरोजगारी भत्ता सांय सांय बंद कर दिया गया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि हमारी सरकार गोबर खरीदी के लिए पैसा देती थी, उसे भी इस सरकार ने सांय सांय बंद कर दिया। किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त को सांय सांय बंद कर दिया, हमारी सरकारी गरीबों को 35 किलो चावल देती थी, अब 5 किलो देकर उसे भी सांय सांय बंद कर दिया। दीपक बैज के इस ओजस्वी और सांय सांय भाषण के बीच जमकर तालियां बजती रहीं।
झूठ के पुलिंदे के सिवाय कुछ नहीं है कांग्रेस का घोषणा पत्र : महेश कश्यप
- प्रदेश की सत्ता हासिल करने के वास्ते किए 36 वादों में एक भी पूरा नहीं किया
- कांग्रेस की विश्वनीयता पूरी तरह खत्म, झूठे वादों के जरिए पाना चाहते हैं सत्ता
जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने बस्तर विधानसभा क्षेत्र के मधोता, बालेंगा, टिकनपाल, मिचनार, बोदरा सहित अन्य गांवों में सघन जनसंपर्क किया।
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर भाजपा के लिए मतदान की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप बस्तर विधानसभा के मधोता बालेंगा, टिकनपाल, मिचनार, बोदरा सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क किया। इस दौरान बालेंगा में उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान भगवा गमछा व श्रीफल प्रदान कर किया। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप ने कहा कि 3 माह पहले बस्तर और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को उखाड़ फेंका था और फिर एकबार भाजपा के हाथों प्रदेश की बागडोर सौंपी। मनीराम कश्यप ने ग्रामीणों से आह्वान करते हुए कहा कि आगामी 19 अप्रैल को बस्तर विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाता अनिर्वाय रूप से भाजपा के पक्ष में मतदान कर एक बार फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाएं।
क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही प्रदेश के 18 लाख आवासहीनों का प्रधानमंत्री आवास देने का कार्य किया है। यह मोदी की ही गारंटी है कि प्रदेश की महिलाओं के खाते में महतारी वंदन का पैसा आ रहा है। मतदान के दिन भाजपा को वोट देना है और देश मे भाजपा की सरकार बनाना है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ वासियों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति दी है। महतारी वंदन योजना के तहत 2 माह की राशि खाते में हस्तांतरित की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा में आदिवासी महिला को देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनाया। प्रत्याशी महेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा है। कांग्रेस प्रत्येक चुनाव में ऐसे ही झूठे सपने बेचती है।प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने 36 वादे किए थे, जिसमें से उन्होंने एक भी पूरा नहीं किया। इसलिए प्रदेश की जनता ने उन्हें उखाड़ फेंका। देश और प्रदेश की जनता कांग्रेस के जुमलों से भलीभांति परिचित है। महेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की देश में विश्वनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसलिए वह घोषणा पत्र में ऐसे वादे कर रहे हैं, जो संभव ही नहीं हैं। श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र को जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। इसलिए जनता के बीच इनके चुनावी जुमलों की चर्चा तक नहीं हो रही है।
कांग्रेस की पहचान घोटाले
महेश कश्यप ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को पर्याप्त अवसर दिया, पर कांग्रेस ने तरह तरह के घोटालों से जनता का जमकर शोषण किया, देश और प्रदेश की जनता के सामने कांग्रेस की सच्चाई आ चुकी है और वह कांग्रेस के किसी भी छलावे में नहीं फंसने वाली। महेश कश्यप ने बस्तर विधानसभा क्षेत्र की जनता से अपने लिए आशिर्वाद मांगते हुए कहा कि 19 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में बीजेपी के पक्ष में मतदान कर भारी बहुमत से भाजपा को विजय दिलवाएं। इस दौरान आनंद मोहन मिश्रा, चुन्नूलाल ठाकुर, छवि श्याम यादव, नरपत कश्यप, बसंत गावड़े, मोहन मौर्य, अनिल सहारे, सुशील खम्बारी सहित अन्य मौजूद थे।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा की पार्टी के प्रति अद्भुत समर्पण भावना
- तपती धूप, खाली पेट, निर्जला व्रत और नंगे पैर गली गली चुनाव प्रचार
- भाजपा विधायक भावना की तपस्या से लोग खुश
पंडरिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह देश के लिए तपस्या कर रहे हैं, उसी तरह पंडरिया क्षेत्र की भाजपा विधायक भावना बोहरा भी पार्टी हित में लगातार तपस्या कर रही हैं। वे तपती धूप में खाली पेट और निर्जला एवं नंगे पैर रहकर गांव गांव तथा गली गली में घूम घूमकर राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र भाजपा प्रत्याशी संतोष पाण्डेय के लिए लोगों से मतदान की अपील कर रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित भावना बोहरा पहली बार पंडरिया सीट से विधायक चुनकर आई हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली किसी मंजे हुए जनप्रतिनिधि की तरह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर नवरात्रि में निर्जला व्रत रखते हैं। उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए भावना बोहरा भी नवरात्रि में निर्जला व्रत रखती हैं। अन्न का एक दाना और बूंद भर पानी भी वे ग्रहण नहीं करतीं। और तो और उन्होंने नौ दिनों के लिए चप्पल जूती तक का भी त्याग कर दिया है। इतनी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में भी भावना बोहरा नंगे पैर चलती हैं। जब धरती आग की तरह गर्म हो जाती है तब भी भावना बोहरा अपने शरीर और पैरों की परवाह न करते हुए पार्टी के लिए खुद को खपा दिया है। वे रोज करीब दो दर्जन गांवों में पहुंचती हैं और गली गली पैदल घूमते हुए लोगों से जीवंत संपर्क करती हैं। उनके साथ महिलाओं की टीम भी रहती है। उनकी टीम में शामिल ज्यादातर महिलाएं भी नवरात्रि का उपवास कर रही हैं। गर्मी के मामले में पंडरिया क्षेत्र कुछ ज्यादा ही आगे है। इस इलाके में भीषण गर्मी पड़ती है और इन दिनों यहां गर्मी कयामत बरपा रही है। खाली पेट, निर्जला व्रतधारी और नंगे पैर रहने वाली भावना बोहरा की पार्टी के प्रति समर्पण भावना को यह भीषण गर्मी रत्तीभर भी नहीं डिगा पा रही है। चेहरे पर वही ओज, वही मुस्कान बरकरार रहता है, जैसा कि आम दिनों में। भावना बोहरा की यह कठिन तपस्या ग्रामीणों को सहज ही आकर्षित कर रही है और उन्हें देखकर लोग सहज ही भाजपा के साथ जुड़ते चले जा रहे हैं। उन्हें अपने बीच पाकर महिलाओं और युवतियों में जबरदस्त उत्साह पैदा हो जाता है। अल सुबह अपनी महिला टीम के साथ विधायक भावना बोहरा अपने निवास से गांवों की ओर निकल पड़ती हैं और जब तक 20- 25 गांवों में जनसंपर्क पूरा न कर लें, घर नहीं लौटतीं। अक्सर वे देर रात घर लौटती हैं। नवरात्र के उपवास के बीच खाली पैर चलकर लोगों से लोकसभा चुनाव में मोदीजी के लिए आशीर्वाद मांगती गांव गांव और गली गली घूम रहीं भावना बोहरा ने बीते दिन पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के दशरंगपुर, लिटीपुर, बिरनपुर, बिटकुली, गुढ़ा, तमरुआ, कुंआ, कोयलारी, बिपतरा, मरका, चचेड़ी, इंदौरी, कोसमंदा समेत अन्य गांवों में जनसंपर्क किया। कई गांवों में जहां बुजुर्ग माताओं ने उनके सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया, वहीं महिलाओं ने उन्हें गले लगाकर भाजपा को साथ देने का संकल्प व्यक्त किया। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भी शारदीय नवरात्रि में भावना बोहरा ने पूरे नौ दिनों तक निर्जला व्रत रखा था। तब भी वे नंगे पैर रहकर अपने चुनाव प्रचार में गांव गांव घूमती नजर आई थीं। मातारानी ने उनकी विनती सुन ली और वे विधायक चुन ली गईं। इस नवरात्रि में भी मातारानी उनकी तपस्या का फल भाजपा को जरूर देंगी।

स्मृति और सरोज जैसा क्रेज
वहीं दूसरी ओर युवतियां और बालिकाएं उनसे ऑटोग्राफ लेने के लिए लालायित दिखीं। भावना बोहरा के प्रति ठीक वैसा ही क्रेज देखने को मिल रहा है, जैसा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री स्मृति ईरानी और दुर्ग की पूर्व लोकसभा सांसद डॉ. सरोज पाण्डेय के प्रति देखा जाता है। भावना बोहरा भी किसी युवती व बालिका को निराश नहीं करतीं और मुस्कुराते हुए ऑटोग्राफ देती हैं। भावना बोहरा अब तक लगभग सैकड़ा भर गांवों का दौरा के भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में जबरदस्त माहौल बना चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों महिलाओं समेत हर आयु वर्ग के लोगों में अथाह प्यार देखने को मिल रहा है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और फड़ मुंशियों को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप का बयान
- फड़ मुंशियों का बढ़ाया जाएगा मानदेय
- खाता विहीन तेंदूपत्ता संग्राहकों को किया जाएगा नगद भुगतान
जगदलपुर लोकसभा चुनाव के चुनाव प्रचार में भाजपा पूरा जोर लगा रही है। वनमंत्री केदार कश्यप शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के दौरे पर थे। जहां चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और फड़ मुंशियों के मानदेय के संबंध में बड़ी बात कही।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लगातार आदिवासी हित में फैसला लेकर समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार हर वर्ग की चिंता कर रही है। वनमंत्री ने कहा कि ऐसे तेंदूपत्ता संग्राहक जिनके पास बैंक खाता नहीं है, उन संग्राहकों को लोकसभा चुनाव के बाद नगद राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही फड़मुंशियों के मानदेय में भी वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में फड़ मुंशियों को न्यूनतम मानदेय 7200 रुपए प्राप्त हो रहा है इसे लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ाकर देंगे।
–
कम होने का नाम नहीं ले रही हैं कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा की मुसीबतें
- हेट स्पीच पर बीजापुर के दो थानों में मामले दर्ज
- मोदी के मरने की कामना और पुलिस को मारने की नसीहत पड़ गई भारी
–अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी अपने लखमा हास परिहास और बिगड़े बोल के कारण हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अब उनकी यही आदत उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है। उनकी मुसीबतें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आचार संहिता के बीच रुपए बांटने के मामले के बाद पुलिस वालों को तीर धनुष से मारकर भगाने की नसीहत ग्रामीणों को देना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौत की कामना करना कवासी लखमा के लिए भारी पड़ गई है। हेट स्पीच और अमर्यादित भाषण को लेकर कवासी लखमा के खिलाफ बस्तर संभाग के दो थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस को तीर-धनुष से मारने वाले बयान पर पूर्व मंत्री लखमा के खिलाफ दो थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण देने पर भी कवासी लखमा घिर गए हैं। पूर्व मंत्री व बस्तर से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा एकबार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे कवासी लखमा अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। लखमा के विवादित बोल का मामला अब थाने तक पहुंच गया है।कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के खिलाफ बीजापुर जिले के 2 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। मिरतुर और कुटरू थाने में आईपीसी की धारा 500, 188, 506 के साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कवासी लखमा ने चुनाव प्रचार के दौरान कुटरू की सभा में पुलिस के जवानों को तीर धनुष से मार भगाने की नसीहत ग्रामीणों को देते नजर आए थे। इसके अलावा कवासी लखमा ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बहुत ही आपत्तिजनक भाषण दिया था। इन बिगड़े बोल पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए संज्ञान के बाद एफआईआर दर्ज हुई है। उल्लेखनीय कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बस्तर दौरे से एक दिन पहले बस्तर लोकसभा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ जिला निर्वाचन आयोग ने बीजापुर जिले के अलग- अलग थानों में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई है और गिरफ्तारी होने की भी संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि एफआईआर भैरमगढ़ तहसीलदार के आवेदन पर दर्ज की गई है।
यह कहा था कवासी लखमा ने
उल्लेखनीय कि पीएम मोदी पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बाद कवासी लखमा ने ग्रामीणों के बीच क्षेत्रीय बोली गोंडी में कहा था कि कवासी लखमा जीतोड़, नरेंद्र मोदी ढोलतोर। यानि कवासी लखमा जीतेगा और नरेंद्र मोदी मरेगा, खेल खत्म, राम-राम। कवासी लखमा के खिलाफ अब तक तीन मामले दर्ज हो चुके हैं। सबसे पहले कवासी लखमा से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे जगदलपुर के एक मंदिर के पास लोगों को पांच -पांच सौ रुपए के नोट बांटते नजर आए थे। इस मामले पर जगदलपुर के कोतवाली थाने में प्रकरण पंजीबद्ध हुआ है। इसके बाद कुछ दिनों पहले ही कवासी लखमा बीजापुर जिले के ही कुटरू गांव में पुलिस के जवानों को तीर-धनुष से मारकर भागने की बात कही थी। इन दोनों बयानों को लेकर बीजापुर निर्वाचन आयोग ने अलग- अलग थाने में हेट स्पीच के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।


