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पोटा केबिन हॉस्टल अग्निकांड में जिंदा जल गई आदिवासी छात्रा

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  • सर्व आदिवासी समाज ने सरकार पर फोडा ठीकरा

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल पोटा केबिन में बीती रात हुई भीषण अग्नि दुर्घटना में लापता एक छात्रा की मृत्यु हो जाने की खबर है।सर्व आदिवासी समाज ने इसकी पुष्टि की है। वहीं सर्व आदिवासी समाज ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने घटना स्थल का दौरा किया और अधिकारियों तथा मृत छात्रा के परिजनों से चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में अशोक कुमार तलांडी, गोंडवाना समाज जिलाध्यक्ष नरेंद्र बुरका, हल्बा समाज प्रमुख गुज्जा राम पवार, आदिवासी समाज के ब्लाक संरक्षक बीएस नागेश, परधान समाज प्रमुख राम प्रसाद नक्का, दोरला समाज प्रमुख धुर्वा वीरैया, गोपाल, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग से चंद्रशेखर अंगमपली, गोंड समाज सदस्य तलांडी संतोष, महिला प्रभाग से लक्ष्मी ककेम, चिल्का मोडियम, सुशीला कोरम व अन्य समाज प्रमुखों ने बीजापुर जिले के आवापल्ली बालिका पोटा केबिन का दौरा करने के बाद बताया कि आग से पूरी पोटा केबिन पूर्णतः जलकर राख हो गई है। इस घटना में एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हुई है। बच्ची की आत्मा की शांति के लिए समाज प्रमुखों ने 2 मिनट मौन धारण किया और बच्ची को श्रद्धांजलि दी। समाज प्रमुखों ने मौके पर जाकर मामले की अपने स्तर पर जांच भी की। पोटा केबिन अग्निकांड में बच्ची की मौत तथा कन्या आश्रमों, शिक्षा परिसरों और छात्रावासों में रह रहे आदिवासी बच्चों की सुरक्षा के संदर्भ में अधिकारियों व मृत बालिका के परिजनों से रूबरू चर्चा की।

जिसमें स्पष्ट हुआ कि आदिवासी समाज के बच्चे और युवा शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, पर सरकार की नाकामी की वजह से बीजापुर जिले के विभिन्न शासकीय आश्रमों, छात्रावासों पोटा केबिन में आएदिन घटनाएं हो रही हैं। अशोक तलांडी ने सरकार को आड़ेहाथ लेते हुए चेतावनी दी है कि इस प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टियां पक्ष विपक्ष में रहते हुए केवल खानापूर्ति के लिए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं।आदिवासी बहुल क्षेत्र में पांचवी अनुसूची, छठवीं अनूसूची पेसा कानून वन अधिकार अधिनियम के पालन साथ यहां के जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकार पर कोई भी दल गंभीरता नहीं दिखाता। अशोक कुमार तलांडी ने कहा कि हम आदिवासी जल, जंगल, जमीन के रखवाले और परंपरा, बोली भाषा के साथ ही भारतीय संविधान को मानने वाले लोग हैं। हम कतई नहीं चाहते कि जब कभी भी इस प्रकार के घटनाएं हों, तो छोटे कर्मचारियों को स्थानांतरित व निलंबित किया जाए। जबकि आश्रम, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थाओं के समुचित प्रबंधन और आदिवासी क्षेत्रों के सर्वागीण विकास के लिए जिला प्रशासन को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा करोड़ों का बजट दिया जाता है। हमारी मांग है कि शिक्षा के क्षेत्र में विगत 20 सालों से विभिन्न विभागों को किस किस मद से कितनी राशि आंबटित की गई है, उसे सार्वजनिक किया जाए। समाज प्रमुखों के साथ बैठक कर शासन प्रशासन समन्वय के साथ काम करे तभी आदिवासियों का भला हो पाएगा। स्थापित करना चाहते है। अशोक तलांडी ने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। यहां के मूल निवासियों को अच्छी शिक्षा ग्रहण कराने के उद्देश्य से करोड़ों का बजट आता है पर आज भी कई आश्रमों, छात्रावासों, पोटा केबिनों में समस्याओं का अंबार है। हॉस्टलों में स्वास्थ्य सुविधाओं, शौचालय, चारदीवारी, भवनों की दुर्दशा, विद्युत वायरिंग की कमी है। तलांडी ने आगे कहा कि पोटा केबिन का बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से वैकल्पिक व्यवस्था के रूप निर्माण हुआ था। सरकारें आईं गईं लेकिन आज तक शिक्षा का मंदिर जैसे भवनों का निर्माण नहीं किया गया। जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार से मांग है कि शिक्षा से जुड़े खंडहर भवनों की जगह यथाशीघ्र नए भवनों का निर्माण किया जाए। आवपल्ली पोटा केबिन में अध्ययनरत छात्राओं के आवश्यक सामान के साथ शैक्षणिक कागजात जलकर राख हो गए हैं। शासन व जिला प्रशासन से मांग है कि यथाशीघ्र संस्था में शिविर आयोजित कर बच्चों का आवश्यक कागजात बनवाए और संस्थाओं में संबंधित अधिकारी कर्मचारी नियमित रहें। अधिकांश जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नदारद रहते हैं। जिला प्रशासन के नियंत्रण के आभाव में ऐसी घटनाओं की वृद्धि हो रही है।

महाशिवरात्रि पर देवड़ा – रामपाल पहुँचकर भाजपा प्रत्याशी ने की पूजा अर्चना क्षेत्र के खुशहाली की कामना की

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  •  झाड़ेश्वर बाबा की पूजा अर्चना की

जगदलपुर:- आज महाशिवरात्रि के अवसर पर अनेको क्षेत्र के मंदिर पहुँचकर भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने पूजा अर्चना की है। रामपाल स्थित बाबा लिंगेश्वर, देवड़ा स्थित बाबा झाड़ेश्वर, कुदालगॉव, किंजोली सहित अन्य शंकर मन्दिर पहुँचकर बस्तर लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की है।
रामपाल मन्दिर पहुँचकर महेश कश्यप ने सपत्नीक बाबा लिंगेश्वर की दर्शन कर क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना भी की है। इस दौरान प्रत्याशी ने सभी से मुलाकात कर स्नेह व सहयोग का आग्रह किया है। इस दौरान नगरनार मण्डल अध्यक्ष सुब्रतो विश्वास, राधेश्याम पेन्द्रे,गणेश नागवंशी,कीर्ति पाढ़ी,शेखर विश्वास सहित अन्य मौजूद थे।

दंतेवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत

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  • साय का विधायकों और अफसरों ने किया स्वागत
  • दंतेश्वरी फाइटर की थर्ड जेंडर जवान ने भेंट की बुके
    जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महाशिवरात्रि के दिन शुक्रवार 8 मार्च को बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली हेलीपेड पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान दंतेश्वरी फाइटर की एक थर्ड जेंडर जवान ने भी मुख्यमंत्री को बुके भेंट की

एक दिवसीय प्रवास पर दंतेवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एंटी लैंड माईन व्हीकल का अवलोकन किया और दंतेश्वरी फाईटर्स की महिला जवानों के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय का दंतेश्वरी फाइटर्स के तृतीय लिंग जवान रानी मंडल ने पुष्प भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल तथा अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्याम धावड़े, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी., आयुक्त जनसंपर्क मयंक श्रीवास्तव, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

अपने ही घर में घिर गए हैं कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश, हो रहा है प्रबल विरोध

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  • सुकमा जिले के युवाओं की नाराजगी कांग्रेस को पड़ सकती है भारी
  •  पिता -पुत्र से नाराज हो चले हैं कोंटा के युवा मतदाता
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर पूर्व मंत्री तथा कोंटा के मौजूदा विधायक कवासी लखमा और उनके पुत्र हरीश कवासी का अपने ही घर में घिर गए हैं। उनका प्रबल विरोध शुरू हो गया है। सुकमा जिले के युवा इन दोनों पिता पुत्र के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। युवा मतदाताओं की नाराजगी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी पड़ सकती है
    कांग्रेस नेता कवासी लखमा बस्तर संभाग के सुकमा जिले में स्थित कोंटा विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते आए हैं। इसकी एक बड़ी वजह है कोंटा क्षेत्र के मतदाताओं का भोलापन।दरअसल कवासी लखमा राजनीति के बड़े ही चतुर और शातिर खिलाड़ी बन चुके हैं।कोंटा विधानसभा क्षेत्र में सुकमा शहर भी आता है और इस विधानसभा क्षेत्र के 90 फीसदी मतदाता अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं। समाज का यह तबका बड़ा ही सीधा, सरल और हर किसी पर आंख मूंद कर विश्वास करने वाला तबका है। उनके इसी भोलेपन के बेजा फायदा अब तक कवासी लखमा उठाते आ रहे हैं। भोले भाले आदिवासियों को ठगने की कला में कवासी लखमा माहिर हैं।

आदिवासी अपनी आस्था, संस्कृति और परंपरा से बेइंतहा प्यार करते हैं और उसके संरक्षण के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तत्पर रहते हैं। चूंकि कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी भी आदिवासी हैं। इसलिए वे आदिवासियों के गुण को अच्छी तरह से जानते हैं। मगर राजनीति में आने के बाद उनका आदिवासी प्रेम दिखावे भर का रह गया है। कवासी लखमा ने आदिवासियों को अपनी राजनीति चमकाने का आधार बना लिया है। इसके लिए वे साम, दाम, दंड, भेद, आस्था, पर्व परंपराओं तक का सहारा लेने से भी नहीं चूकते। दिल के साफ आदिवासी कवासी लखमा के ‘छद्म आदिवासी प्रेम’ के जाल में उलझ कर रह जाते हैं। वे उन्हें अपना मसीहा मान बैठते हैं और उन्हें हर बार के चुनाव में अपने वोटों से निहाल कर देते हैं। कवासी लखमा की जीत का एक सबसे बड़ा कारण कांग्रेस और इंदरा दाई (इंदिरा गांधी) भी है। कम्युनिस्ट पार्टी से विमुख होने के बाद कोंटा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की ओर ज्यादा हो गया है। मगर कांग्रेस के पाले में आ चुके आदिवासी मतदाताओं से भी पिता पुत्र की जोड़ी छल करने पर आमादा हो गई है। इस चरित्र को कोंटा के आदिवासी युवा अब समझ चुके हैं और कवासी लखमा एवं हरीश लखमा के विरोध में मुखर हो उठे हैं।

 

इसलिए नाराज हैं आदिवासी युवा
कवासी लखमा और हरीश कवासी के प्रति कोंटा क्षेत्र के आदिवासी युवाओं की नाराजगी बेवजह नहीं है। इन युवाओं का कहना है कि 2018 के विधान सभा चुनाव के दौरान कोंटा क्षेत्र में अपने पिता के कवासी लखमा के पक्ष में प्रचार के लिए पहुंचे हरीश कवासी लखमा ने युवा पीढ़ी से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया और अपने चहेते लोगों को उपकृत करने का काम किया है। यही वजह रही कि जब 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान फिर से पहुंचे हरीश कवासी को युवाओं ने उनकी क्लास लगाकर काफी खरी खोटी सुनाई थी। युवाओं का कहना था कि पांच साल तुमने सरकार का मजा लिया ओर अब वोट मांगने आए हो, जब काफी देर तक ग्रामीण उन्हें घेरे रहे तब अंत में बड़ी मुश्किल से वे वहां से किसी तरह निकल भागे। अब लोकसभा सीट से टिकट की मांग करने पर भी युवा विरोध करने लगे हैं। युवा ही नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के मतदाता हरीश कवासी के विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के नाम पर वर्षों से सुविधा भोगने वाले अब इसी पार्टी को नेस्तानाबूद करने पर तुल गए हैं। अपने किए कर्मो से बचने बीजेपी की गोद में बैठकर पार्टी को हराने प्रयास कर रहे हैं।

संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ एबीवीपी ने किया प्रदर्शन

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  •  बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन
  • महिलाओं को न्याय दिलाने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

जगदलपुर पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में राज्य सरकार संरक्षित अपराधियों द्वारा महिलाओं के साथ की गई बर्बरता के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बस्तर जिला इकाई ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन किया गया और कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में वहां की पीड़ित महिलाओं को इंसाफ दिलाने तथा ममता बनर्जी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई है।

अभाविप प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने बताया कि कुछ वर्षों से पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र की महिलाओं के साथ यौन शोषण, उनकी सामूहिक अस्मिता का हनन एवं उनके परिवारों पर सुनियोजित अत्याचार राज्य सरकार के संरक्षित अपराधियों द्वारा किया जा रहा है। संदेशखाली की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और विद्यार्थी परिषद इसकी कठोरतम भर्त्सना करती है। विगत 10 फरवरी 2024 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आनंद बोस के संदेशखाली दौरे के कारण इस वीभत्स शोषण की सच्चाई जनमानस के समक्ष आई। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा हिंदुओं के घरों से जबरन नाबालिग कन्याओं व महिलाओं सुनियोजित अपहरण कर राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालय में ले जाकर अत्याचार, दुराचार करने के कई जघन्य मामले सामने आए हैं। पीड़िताओं में अधिकांश महिलाएं अत्यंत पिछड़े एवं अनुसूचित वर्ग की हैं और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की अति से तंग आकर कई परिवार संदेशखाली से पलायन करने को मजबूर हैं। शैलेष ध्रुव ने कहा है कि पश्चिम बंगाल राज्य की महिला मुख्यमंत्री के संरक्षण में वर्षों के शारीरिक एवं मानसिक शोषण से तंग आकर संदेशखाली की हज़ारों महिलाएं आज राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलनरत हैं।

मुख्यमंत्री के संरक्षण में राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा संदेशखाली की महिलाओं का शोषण किया जाता रहा और ममता सरकार की पुलिस आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई करने में विफल रही है। इस दौरान प्रांत एफएसएफ प्रमुख ईश्वर आचार्य, नीलू मौर्य, परिवेद, वैभव, सौरभ , कमला, रितिक समेत बड़ी संख्या में अभाविप के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पत्रकार पर हमला करने वाले 2 आरोपी 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार

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  • प्राण घातक हमला करने वाले 02 आरोपियों को24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर भेजा जेल
  • पुलिया निर्माण की पुरानी रंजिश के चलते हुई घटना

दल्लीराजहरा दिनांक 06.03.2024 के शाम 05.45 बजे जेडी आफिस के सामने कैलाश होटल के पास प्रार्थी अजयन पिल्ले के साथ आरोपी हरविंदर सिंह भाटिया एवं उनका लड़का दिलराज भाटिया द्वारा मिलकर वार्ड क्रमांक 11 से 13 के मध्य बन रही पुलिया निर्माण की बातों को लेकर एसडीएम न्यायालय राजहरा में नगर पंचायत चिखलाकसा के अन्य पार्षदों की उपस्थिति में बैठक के दौरान वाद विवाद होने के दौरान जेडी आफिस के सामने मारपीट होने के बाद अजयन पिल्ले द्वारा थाना आते समय चाना के सामने ग्राउण्ड में पुनः गाली गलौज कर हाथ मुक्का से मारपीट कर आरोपी हरविंदर सिंह द्वारा अपने लड़का दिलराज भाटिया को उकसाने लगा कि मार साले को इसे जिंदा नहीं छोड़ना है, ये बार बार मेरे बारे मे गलत खबर छापता है बोलने पर दिलराज सिंह भाटिया द्वारा अपने हाथ में पहने स्टील के कड़ा से सिर पर प्राण घातक हमला कर चोट पहुंचाने से प्रार्थी को आई चोटों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शासकीय अस्पताल चिखलाकसा में परीक्षण हेतु भेजा गया था जहां से चॉट की गंभीरता को देखते हुए उच्च ईलाज हेतु जिला अस्पताल बालोद रिफर किया गया, प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना राजहरा अपराध धारा 294,506बी,325,34 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया, विवेचना दौरान मौके के गवाहो के कथन पर से प्रकरण गंभीर किस्म का होने से प्रकरण में धारा 307 भादवि जोडी गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए  पुलिस अधीक्षक महोदय एस. आर. भगत के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक जिला बालोद व नगर पुलिस अधीक्षक डॉ० चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजहरा सुनील तिर्की एवं स्टाप के द्वारा आरोपी को 24 घंटे के भीतर दिनांक 07.03.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया है।

महिला दिवस पर खेल आयोजन में महिलाओं का किया गया घोर अपमान

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  • मैदान पर सबके सामने खुलेआम बदलने पड़े कपड़े
  •  खेल विभाग ने नहीं की थी चेंजिंग रूम का व्यवस्था =
    -अमरेश झा-
    कोंडागांव महिलाओं के सम्मान में प्रतिवर्ष 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष भी महिला दिवस के उपलक्ष में 6 मार्च से जिला मुख्यालय कोंडागांव के विकास नगर स्थित स्टेडियम के मैदान पर तीन दिवसीय जिला स्तरीय महिला खेल उत्सव का आयोजन किया गया है। जिला स्तरीय महिला खेल उत्सव के पहले दिन शुभारंभ अवसर पर शर्मनाक घटना दिखाई दी। यहां खेल के लिए पहुंची महिलाओं को चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं होने के कारण खुलेआम मैदान पर ही अपने पतलून उतार कर और कपड़े बदलकर एथलीट खेलों में भाग लेना पड़ा। इस शर्मनाक मामले पर आयोजक खेल विभाग की वरिष्ठ खेल अधिकारी सुधा कुमार ने पत्रकारों को ही नसीहत दे डाली कि ऐसी कोई बात नहीं है आपको ऐसे मामलों का वीडियो रिकॉर्ड नहीं करना चाहिए।
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से कोंडागांव के स्टेडियम मैदान पर जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। तीन दिनों तक चलने वाली इस खेल प्रतियोगिता के तहत शुभारंभ अवसर पर एथलीट खेलों में दौड़, रस्सा कस्सी, लंबीकूद, गोला फेंक, कबड्डी इत्यादि खेलों को शामिल किया गया हैं। महिलाओं के सम्मान में आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं के शुभारंभ अवसर पर ही शर्मनाक घटना दिखाई दी। स्टेडियम मैदान में आयोजक खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से चेंजिग रूम की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते हुए मुख्य अतिथि और सैकड़ों पुरुषों की उपस्थिति में ही मैदान में खुलेआम अपने पतलून उतरकर एथलीट खेलों में महिलाओं, युवतियों और छात्राओं को उतरना पड़ा। चिलचिलाती गर्मी में चेंजिग रूम की व्यवस्था न होने से घर से प्रतिभागियों को घर से ही डबल कपड़े पहनकर आना पड़ा।कोंडागांव में मार्च माह के शुरुआती सप्ताह में ही गर्मी का असर दिखने लगा है। इधर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल होने वाली महिलाओं के लिए व्यवस्था न होने से महिलाओं को अपने ही घर से चिलचिलाती गर्मी के बावजूद डबल कपड़े पहनकर आना पड़ा। गर्मी के मारे प्रतिभागियों का बुरा हाल हो गया था।

    आज होगा प्रीतियोगिता का समापन
    6 मार्च को प्रारंभ हुई खेल प्रतियोगिता के तहत 3 दिनों तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है। प्रथम दिवस एथलीट गेम्स हुए। दूसरे दिन इंडोर गेम जैसे टेबल टेनिस व अन्य गेम संपन्न कराए गए। वहीं तीसरे दिन 8 मार्च को खेलों का समापन किया जाएगा। बहरहाल महिला दिवस के आयोजन में नारी शक्ति के अपमान को लेकर नगरवासियो में गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि वरिष्ठ खेल अधिकारी स्वयं एक महिला हैं, उनकी मौजूदगी में नारी का ऐसा अपमान असहनीय और निंदनीय है।

बस्तर में फिर एक भाजपा नेता को नक्सलियों ने उतारा मौत के घाट

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  •  भाजपा नेता कैलाश नाग को नक्सलियों ने मारी गोली
  • भाजपा नेताओं की टारगेट किलिंग लगातार जारी
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग में नक्सलियों के हाथों भाजपा नेताओं की टारगेट किलिंग थमने का नाम नहीं ले रही है। हफ्ता नहीं गुजरा है कि जांगला निवासी कैलाश नाग की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक सप्ताह के भीतर दो भाजपा नेताओं की हत्या नक्सली कर चुके हैं। इससे पहले 2 मार्च को भाजपाई जनपद सदस्य तिरुपति कटला की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी।
    बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भाजपा नेता कैलाश नाग की हत्या जांगला थाना क्षेत्र के कोटमेटा गांव में हुई है। गांव में नवीन तालाब निर्माण का कार्य चल रहा है। इस कार्य में जांगला निवासी कैलाश नाग की जेसीबी का उपयोग कराया जा रहा था। कैलाश नाग तालाब के कार्य स्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान वहां पहुंचे सशस्त्र नक्सलियों ने कैलाश नाग को गोलियों से भून डाला। तालाब निर्माण कार्य में में लगे कैलाश नाग के जेसीबी वाहन को भी नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। जांगला थाने में मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। कोटमेटा गांव के आसपास के जंगलों में नक्सलियों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों को रवाना कर दिया गया है। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक ने घटना की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले के ग्राम तोयनार में बीते 2 मार्च को भाजपा नेता एवं जनपद सदस्य तिरुपति कटला की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी। उस समय तिरुपति कटला एक विवाह समारोह में गए हुए थे।

    बौखला गए हैं सरकार की कड़ाई से
    छत्तीसगढ़ में जब से भाजपा की सरकार आई है, तबसे नक्सलियों के खिलाफ आरपार की लड़ाई छेड़ दी गई है। इसी की बौखलाहट में नक्सली अब लगातार भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में भी सुरक्षा बलों की पैठ बढ़ती जा रही है। सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिलों के धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी सुरक्षा बल कैंप स्थापित कर ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने की जमीनी पहल कर रहे हैं। हाल ही में सुकमा जिले के एक बड़े नक्सली नेता के गृहग्राम के 40 युवाओं को छत्तीसगढ़ के विकास से रूबरू कराने के लिए शासन की पहल पर रायपुर भ्रमण के लिए ले जाया गया था। शासन की इस पहल से युवाओं का ह्रदय परिवर्तन हो रहा है और वे नक्सलियों के दुष्प्रचार से विमुख होने लगे हैं। यह बात नक्सलियों को नागवार गुजर रही है और वे भाजपा नेताओं के टारगेट किलिंग को अंजाम देने लगे हैं। इससे पहले नारायणपुर जिले में भी हाल के दिनों में दो भाजपा नेताओं की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी।

इलेक्टोरल बांड के खुलासे की मांग, कांग्रेसियों ने बैंक के समक्ष किया प्रदर्शन

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  •  एसबीआई मेन ब्रांच के सामने जमकर हुई नारेबाजी

जगदलपुर चुनावी चंदे की पारदर्शिता के लिए इलेक्टोरल बांड के खुलासे की मांग करते हुए कांग्रेसियों ने यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मेन ब्रांच के सामने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य तथा अन्य वरिष्ठजनों ने दोपहर बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस के पार्षद व पदाधिकारियों ने एसबीआई मुख्य शाखा के समक्ष पहुंचकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेसियों ने कई मिनट तक नारेबाजी की और एसबीआई से तत्काल इलेक्टोरल बांड की जानकारी केंद्रीय चुनाव आयोग को देने की मांग की। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह एसबीआई को यह निर्देश दिया था। 6 मार्च को निर्धारित अंतिम तिथि के एक दिन पहले एसबीआई ने कोर्ट में आवेदन देकर 30 जून को जानकारी देने की बात कही है।

भाजपा को बचा रहा बैंक: जैन
जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि इस पूरे मामले में एसबीआई की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। प्रतीत हो रहा है कि बैंक भाजपा तथा उसके शीर्ष नेतृत्व को बचाने में जुटा है। कुल 22 हजार 217 बांड की जानकारी देने के लिए बैंक जितने दिन की मांग कर रहा है, उससे बैंक की क्षमता व कार्यप्रणाली पर आम लोग भी संदेह कर रहे हैं। पूर्व में बैंक ने कहा था कि एक लिफाफे में यह पूरी जानकारी स्टेट बैंक के मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी गई है और अब लंबा समय मांगा जा रहा है। जैन ने कहा कि इलेक्टोरल बांड की 70 फीसदी से अधिक रकम भाजपा को मिली है। देश के लोगों को यह जानने का हक है कि किस तारीख को किन लोगों या कंपनियों ने भाजपा को कितना चंदा दिया है ? इसके बदले में मोदी सरकार ने जो सरकारी सम्पत्ति उद्योगपतियों को दी है, उसके खुलासे से प्रधानमंत्री व भाजपा की कथित इमानदारी देश के सामने उजागर हो जाएगी। इसलिए भाजपा सरकार के दबाव में आकर एसबीआई लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद की तारीख मांग रहा है।
भाजपा का भ्रष्टाचार उजागर: मौर्य
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा है कि इलेक्टोरल बांड की जानकारी सार्वजनिक होने से भाजपा का भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा इसलिए एसबीआई ने यह मांग की है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है और देश व देशवासियों के हित में तत्काल चुनावी चंदे की रकम के खुलासे की मांग करती है। मौर्य ने कोर्ट से भी यह मांग की है कि देशहित में एसबीआई के आग्रह को स्वीकार न किया जाए और उसे बांड से संबंधित तमाम जानकारी सार्वजानिक करने निर्देशित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतपाल शर्मा, राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, जाहिद खान, अभिषेक नायडू, परमजीत जसवाल, रोजविन दास, नीलम कश्यप, विशाल खंबारी, सेमियल नाथ, सुरेंद्र झा, शहनाज बेगम, विक्रम सिंह डांगी, सूर्या पानी, पंचराज सिंह, कमलेश पाठक, दयाराम कश्यप, सुनीता सिंह, कोमल सेना, लता निषाद, भुवन झा, पापिया गाइन, विजय सिंह, कुलदीप भदौरिया, कौशल नागवंशी, संदीप दास, साकेत झा, बल्देव साहू, अफरोज बेगम, अंजना नाग, माही श्रीवास्तव, शंकर नाग, रामशंकर पिल्लई, ईश्वर बघेल,राजा ठाकुर, विक्रांत सिंह, गौरव आयंगर, करन बजाज, रविशंकर तिवारी आदि मौजूद थे।

नारी सशक्तिकरण की दिशा में एनएमडीसी की सार्थक पहल

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नगरनार। एनएमडीसी स्टील लिमिटेट नगरनार द्वारा स्टील प्लांट सीएसआर के सौजन्य से बस्तर की महिला उद्यमियों के विकास और सशक्तिकरण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों की महिलाओं को अद्यमिता विकास के लिए जागरूक किया गया।
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में एनएसएल टाऊनशिप के सभागार में 7 मार्च को महिलाओं में उद्यमिता विकास के द्वारा सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से बस्तर कि महिला उद्यमी बी. बुिदु संस्थापक कल्चर देवी एवं रेणुका सिंह संस्थापक बस्तर विलेजर द्वारा महिलाओं के उद्यमिता विकास के जरिए सशक्तिकरण एवं प्रगति पर विचार व्यक्त किए गए। इस कार्यशाला में अधिशासी निदेशक के. प्रवीन कुमार एवं श्रीमती जी. प्रियदर्शनी मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) एनएमडीसी स्टील लिमिटेड ने समाज के उज्जवल भविष्य हेतु महिलाओं के शिक्षा एवं स्वास्थय में व्यापक रूप से सुधार करने को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं ही परिवार की प्रगति की मुख्य आधार होती हैं। इसलिए उनका सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। कार्यक्रम में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के निकटवर्ती ग्रांम की महिलाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। एनएमडीसी स्टील प्लांट के महिला एवं सीआईएसएफ की महिला कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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