- ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर की जगह खपवा रहे हैं लोकल
- शराब निर्माता कंपनियों से ले रहे हैं जमकर कमीशन
-अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग ही नहीं बल्कि अमूमन पूरे छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के बड़े अधिकारी शासन और शराब प्रेमियों के साथ ब्लंडर फ्राड कर रहे हैं। ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर, ओल्ड मंक जैसी ब्रांडेड शराब की जगह हल्के दर्जे की लोकल शराब सरकारी दुकानों के जरिए खपाई जा रही है। लोकल शराब निर्माता कंपनियों से भारी भरकम कमीशन लेकर इन कंपनियों द्वारा निर्मित शराब की बिक्री करवाई जा रही है। ग्राहकों को यह कहकर छला जा रहा है कि ब्रांडेड शराब का उत्पादन बंद हो गया है। वहीं दूसरी ओर लोकल शराब में भी मिलावट का खेल चल रहा है। इस तरह ग्राहकों और शासन को दो तरफा चूना लगाया जा रहा है।
बस्तर संभाग समेत पूरे छत्तीसगढ़ की ज्यादातर अंग्रेजी शराब दुकानों में ग्राहकों को ब्लंडर प्राइड, सिग्नेचर, ओल्ड मंक, हंड्रेड पाइपर व अन्य ब्रांडेड व्हीस्की में नहीं मिल रही है। इन ब्रांडों वाली शराब की मांग करने पर ग्राहकों से कहा जाता है कि इनका उत्पादन बंद हो गया है और लंबे समय से आपूर्ति भी नहीं हो रही है। इनकी जगह ग्राहकों को 8 पीएम, एसी नीट, इंडिया नंबर 1, फ्रंट लाइन, आईबी, विकर, पार्टी स्पेशल जैसी हल्की क्वालिटी की लोकल शराब की बोतलें थमा दी जाती हैं। ग्राहकों से इनकी कीमत ब्रांडेड शराब की जैसी वसूली जाती है। ग्राहक मन मार कर ऐसी स्तरहीन शराब खरीदने मजबूर हो जाते हैं। शराब दुकानों में कार्यरत सेल्समैन बार बार यही दुहाई देते रहते हैं कि आप जिस ब्रांडेड शराब की डिमांड कर रहे हैं, उसका उत्पादन तो सालों से बंद हो गया है। जबकि सच्चाई यह है कि उल्लेखित ब्रांड की तमाम शराब अभी भी कई राज्यों में आसानी से मिल रही है। मध्यप्रदेश, ओड़िशा, दिल्ली, राजस्थान, आंध्राप्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की शराब दुकानों में हर ब्रांडेड कंपनी की अंग्रेजी शराब मिल जाती है। सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में उक्त ब्रांडेड शराब की बिक्री कमीशनखोरी के चक्कर में नहीं करवाई जा रही है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व गोवा की कुछ शराब निर्माता कंपनियों ने आबकारी विभाग के राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही जिलों में पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को खरीद लिया है। जिस तरह दवा निर्माता कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट की खपत बढ़ाने और हर डॉक्टर तक पहुंच बनाने के लिए मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) नियुक्त कर रखे हैं, उसी तरह लोकल शराब निर्माता कंपनियों ने अपनी शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए वाइन रिप्रेजेंटेटिव (डब्लूयूआर) नियुक्त कर रखे हैं। शराब कंपनियों के ये प्रतिनिधि सीधे जिला आबकारी अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। वे कंपनी के पैकेज, कमीशन, बेशकीमती गिफ्ट्स आदि का लालच देकर आबकारी अधिकारियों से अपना प्रोडक्ट बिकवाने में सफल हो जाते हैं। मोटी रकम और महंगे गिफ्ट के प्रलोभन में फंसे अधिकारी शराब निर्माता बड़ी कंपनियों को दरकिनार कर लोकल कंपनियों की शराब बिकवाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि अंग्रेजी शराब दुकानों से ब्रांडेड शराब गायब हो गई है और लोकल शराब की बहार आ गई है। सूत्रों के मुताबिक बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव जिलों की शराब दुकानों के जरिए धड़ल्ले से लोकल ब्रांड की अंग्रेजी शराब खपाई जा रही है। लोकल शराब निर्माता कंपनियों से जिला आबकारी अधिकारियों को हर माह लाखों रुपए बतौर कमीशन मिल रहे हैं।शराबियों की जान से खिलवाड़
शराब प्रेमी ग्राहक हल्की शराब पीने तो मजबूर हैं ही, उनके साथ करेला, ऊपर से नीमचढ़ा वाली कहावत भी चरितार्थ हो रही है। उन्हें लोकल शराब भी ढंग की नहीं मिल रही है। पीने वाले बताते हैं कि दुकानों के सेल्समैन और सुपरवाइजर भी शराब की बोतलों में पानी व केमिकल की मिलावट कर कमाई करने में लगे हुए हैं। मिलावट के चलते शराब और भी ज्यादा स्तरहीन हो जाती है। ऐसी घटिया शराब जैसे ही हलक में उतरती है, पीने वाले को उबकाई आने लग जाती है। आबकारी अधिकारी, सुपरवाइजर और सेल्समैन शराब प्रेमियों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
आबकारी विभाग के बड़े अफसर कर रहे हैं ब्लंडर फ्राड
ब्लॉक के 93 पंचायत सचिवों से वसूले गए थे 20 लाख
- रकम उगाही की जिम्मेदारी एक चहेते सचिव को दी गई थी
- कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराने का मामला
- बकावंड जनपद सीईओ मंडावी पर है गंभीर आरोप
अर्जुन झा
बकावंड जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी फंड उपलब्ध कराने व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में पंचायत सचिवों को झोंक देने के मामले में नया खुलासा हुआ है। खबर है कि एक चहेते सचिव को विकासखंड के सभी 93 पंचायत सचिवों से तयशुदा रकम वसूलने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस सचिव के जरिए लगभग बीस लाख रू. संग्रहित किए गए थे। यह रकम किस शख्स के पास भेजी गई, इसका खुलासा होना बाकी है। खबर है कि कांकेर के एक बड़े नेता के इशारे पर यह रकम जमा की गई थी और उसका उपयोग कांग्रेस के चुनाव अभियान में किया गया है।मंडल भाजपा करपावंड के प्रभारी एवं बस्तर जिला भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य नारायण बिसाई ने आरोप लगाया है कि बकवंड जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे थे। उन्होंने पंचायत सचिवों से धन एकत्रित कर कांग्रेस को चुनावी फंड उपलब्ध कराया था। इसके अलावा सीईओ पर पंचायत सचिवों से कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार कराने का भी आरोप लगा है। साथ ही विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में से कमीशनखोरी के भी आरोप हैं। श्री बिसाई ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर को पत्र लिखकर श्री मंडावी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच एक नया खुलासा यह हुआ है कि बकावंड जनपद की 93 ग्राम पंचायतों के सचिवों से करीब बीस लाख रुपए जमा किए गए थे और इस रकम को अज्ञात शक्ति के पास भेजा गया था।

कांकेर के नेता के इशारे पर खेल
कहा जा रहा है कि पंचायत सचिवों से रकम वसूली की जिम्मेदारी एक खसमखास पंचायत सचिव को सौंपी गई थी। सूत्र बताते हैं इस खेल में पर्दे के पीछे कांकेर जिले के एक बड़े नेता का हाथ रहा है। इसी नेता के इशारे पर सीईओ ने फंड जमा करवाया था। सचिवों से रकम उगाही की खबर इस समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद सभी पंचायत सचिवों में खलबली मच गई है। राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं के करीबी माने जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बकावंड जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी भी अब भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। मंडावी पर कांग्रेस शासनकाल में जमकर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में उन्होंने खूब धन अर्जित किए हैं। नारायण बिसाई ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल में जनपद क्षेत्र के गांवों में विकास एवं निर्माण कार्यों में जमकर अनियमितता बरती गई है। इन कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता में जमकर ढिलाई बरती जाती रही। ताकि अधिक से अधिक धन वसूला जा सके। इस अवैध कृत्य में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी संरक्षण देते रहे हैं। बिसाई ने आरोप लगाया है कि जनपद सीईओ द्वारा कांग्रेस के लिए चंदा इकट्ठा कर चुनावी फंड उपलब्ध कराया गया और कांग्रेस के पक्ष में काम किया गया। श्री बिसाई का यह भी आरोप है कि सीईओ ने सभी पंचायत सचिवों को चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने के लिए दिन रात लगा दिया था|
स्वच्छता के ध्वज वाहकों का आज हर नागरिक करे सम्मान
जगदलपुर हम सभी के द्वारा उत्पन्न किए गए कचरे की जो लोग सफाई करते हैं वे वह नर नहीं नारायण है, वह नारी नहीं नारायणी हैं। ये लोग वंदनीय और अभिनंदनीय हैं। ऐसी पुण्य आत्माओं का सम्मान करना हर नागरिक का दायित्व है। नगर के समाजसेवी ने कहा है कि हम सभी के घरों से निकलने वाले कचरे को रोज सुबह दरवाजे पर पहुंचकर संग्रहित करने वाली स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के पुण्य कार्यों को नववर्ष के प्रथम दिन 1 जनवरी को नमन कर उन्हें प्रोत्साहित करें, उन्हें पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित करें या अन्य प्रकार से उनका प्रोत्साहन करें। ताकि जगदलपुर शहर स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच सकें। उनके
अभिनंदन की फोटो संग्रहण हेतु वाट्सएप पर भी भेजें।
फिर पकड़े गए 15 हजार रू. के गांजे के साथ दो आरोपी
- आरोपी मोटरसाइकिल से कर रहे थे गांजा की तस्करी
- आरोपियों के कब्जे से 1.480 किलो गांजा बरामद
नगरनार थाना नगरनार क्षेत्र में 29 वर्षीय युवक नवीन पुजारी पिता जगन्नाथ पुजारी व एक अन्य युवक को गांजा की तस्करी करते पकड़ा गया है। नवीन पुजारी दाबगुड़ा थाना बिसिंगपुर जिला कोरापुट ओडिशा व मंगल बिसाई पिता चंदर बिसाई निवासी ग्राम टलनार थाना नगरनार के निवासी हैं। उनके कब्जे से 1किलो 480 ग्राम गांजा व एक बाईक बरामद की गई है।
एक व्यक्ति के बाईक की डिक्की में गांजा लेकर ओड़िशा से नगरनार की ओर आने की सूचना मिलने पर नगरनार में घेराबंदी कर आरोपी नवीन पुजारी पिता जगन्नाथ पुजारी उम्र 39 वर्ष निवासी दाबगुड़ा थाना बिसिंगपुर ब्लॉक बोरीगुमा जिला कोरापुट ओडिशा को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से कुल 1.48 किलोग्राम गांजा मिला। गांजा की कीमत 14 हजार 800 रु. बताई गई है। एक मोटर साइकिल व मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। आरोपी का कृत्य अपराध धारा एनडीपीएस एक्ट का पाया जाने से आरोपी को गिरफ्तार कर उससे मेमोरेंडम कथन लिया गया। उसने जप्त गांजा को ग्राम टलनार निवासी मंगल बिसाई को देने ले जाना बताया। आरोपी मंगल बिसाई पिता चंदर बिसाई निवासी ग्राम टलनार थाना नगरनार को भी गिरफ्तार कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपियों को पकड़ने में निरीक्षक शिवानंद सिंह, सहायक उप निरीक्षक सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक खेदूराम ठाकुर, आरक्षक भीमसिंह ध्रुव, चंद्र कुमार व सैनिक जगदीश सत्यनारायण ने अहम भूमिका निभाई।
बड़े मोरठपाल में अटल टिंकलिंग कार्यशाला का आयोजन
बकावंड सेजेस बड़े मोरठपाल में 26 से 30 दिसंबर तक 5 दिवसीय अटल टिंकरिंग लैब वर्कशॉप का आयोजन किया गया। भिलाई से आए प्रशिक्षक मानस देवांगन एवं अटल लैब प्रभारी विनय कुमार सिंधे ने छात्र – छात्राओं को टेक्नालॉजी आधारित प्रशिक्षण दिया। छात्रों ने उत्साह और जोश के साथ कार्यशाला में भाग लिया। सभी ने 10 नए प्रोजेक्ट बनाए। ये प्रोजेक्ट होम आटोमेशन, आटोमेटिक वाटर प्लांटेशन सिस्टम, स्मार्ट एग्रीकल्चर, स्मार्ट क्रासिंग सेफ्टी ग्लासेज फॉर ड्राइवर्स, डिस्टेंस मेजरेमेंट सिस्टम, एयर मॉनिटरिंग सिस्टम, रोबोटिक आर्म, स्मार्ट लैंप, वोटिंग मशीन आदि पर आधारित थे। अटल टिकरिंग लैब की स्थापना केंद्र सरकार के नीति आयोग द्वारा युवाओं में रचनात्मकता, जिज्ञासा और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने के लिए की गई है। सेजेस के प्राचार्य प्रेम बहाल सिंह ठाकुर ने छात्र -छात्राओं द्वारा बनाए गए मॉडल्स की प्रशंशा की और कहा कि इस कार्यशाला से विद्यार्थीयो में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।
लोगों ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात
बकावंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात सुनने हेतु कार्यक्रम का आयोजन भाजपा बकावंड मंडल के उपाध्यक्ष रामजी नायक की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत बारदा में किया गया। ग्रामीणों ने मोदी की बातों को ध्यान पूर्वक सुना और सराहा। इस दौरान किसान मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जितेंद्र पाणीग्रही, ग्राम पंचायत बारदा के सरपंच कमल मौर्य, उप सरपंच शसज्जन लाल, फालगू राम चौहान, घसुराम शैसिंग, सुरज चौहान, रेखा नायक, रामलाल चौहान, काशी नायक, सुकरु कश्यप, कैलाश पठेल, नरसिंह बधेल, एवं समस्त भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत उकारी में मनाया विकसित भारत संकल्प यात्रा
दल्लीराजहरा विकसित भारत संकल्प यात्रा दिनांक 31दिसंबर 2023 को ग्राम पंचायत उकारी में प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुआ विकसित भारत संकल्प यात्रा रथ की पूजा अर्चना सरपंच मती शिवरात्रि टेकाम ग्राम पंचायत उकारी ,मनीष झा मण्डल अध्यक्ष, सोमेश शोरी अध्यक्ष नगर पंचायत डोंडी, दिनेश अग्रवाल पूर्व विधायक प्रतिनिधि डोंडीलोहारा, अजय चौहान भाजपा कार्यकर्ता नगर पंचायत डोंडी मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी डी मंडले तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया उसी कड़ी मे माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मन की बात की 108 वी कड़ी का लाइव देश के नाम संदेश ग्राम पंचायत उकारी के कार्यक्रम स्थल पर आम नागरीको के समक्ष सुना गया |

मुख्य अतिथि मनीष झा मण्डल अध्यक्ष डोंडी के द्वारा आम नागरिकों एवं विभागीय अधिकारियों को स्वच्छता शपथ दिलाया गया तथा 100% डिजिलिटेशन के लिए ग्राम पंचायत उकारी के सरपंच श्रीमती शिवरात्रि टेकाम को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया मेरी कहानी मेरी जुबानी के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ,उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन ,किसान क्रेडिट कार्ड ,आयुष्मान कार्ड ,प्रधानमंत्री बीमा योजना, प्रधान मंत्री सुपोषण योजना आदि के लाभांवित हितग्राहियों द्वारा स्वयं उद्बोधन कर अपनी कहानी बताया गया उक्त कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी डी मंडले, परियोजना अधिकारी श्रीमति दीपा शाह महिला बाल विकास विभाग,कृषि विकास विस्तार अधिकारी यदु जी , अतिरिक्त मुख्य कार्यपालिका अधिकारी पाड़े एवं दीपेश रात्रे एवं समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ग्राम पंचायत उकारी सरपंच श्रीमती शिवरात्रि टेकाम,उप सरपंच, पंच एवं ग्रामीण जनों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के महिलाओं एवं स्कूल के छात्राओं द्वारा धरती कहे पुकार के कार्यक्रम के तहत धरती माता को प्रदूषण मुक्त एवं साफ़ स्वच्छ रखने हेतु संकल्पित किया गया, उज्ज्वला गैस कनेक्शन के हितग्राहियों को गैस सिलेण्डर, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वच्छता कीट मुख्य अतिथि मनीष झा द्वारा प्रदान किया गया एवं कार्यक्रम प्रदान करने वाले बच्चों एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के महिलाओं को मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया
धान की सूखत के नाम जारी है किसानों से खुली लूट
- कचनार केंद्र में लिया जा रहा है 4 किलो ज्यादा धान
- केंद्र प्रभारी करती हैं किसानों से अभद्र व्यवहार
अर्जुन झा
बकावंड धान की सूखत के बहाने किसानों से लूट का खुला खेल चल रहा है। बस्तर जिले के अधिकतर धान खरीदी केंद्रों में प्रति बोरा चार किलोग्राम तक अतिरिक्त धान तौला जा रहा है। बकावंड विकासखंड अंतर्गत कचनार स्थित धान खरीदी केंद्र में भी किसानों से जमकर ठगी की जा रही है। सूखत के नाम पर तराजू के धान वाले पलड़े को इतना ज्यादा झुका दिया जा रहा है कि किसानों की कमर टूटने लगी है। धान खरीदी केंद्र प्रभारी एवं प्रबंधक की मिलीभगत से किसानों के धान को अधिक मात्रा में तौलकर प्रत्येक धान बोरे में एक से चार किलोग्राम तक का ज्यादा धान लिया जा रहा है। किसानों से ठगी के इस खेल को धान खरीदी केंद्र प्रभारी व लेंपस प्रबंधक उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम देते आ रहे हैं। 80 किलोग्राम की भर्ती वाले बोरे में 84 किलोग्राम धान तौलकर मात्र 80 किलोग्राम ही खरीदी रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। जो किसान अतिरिक्त धान तौले जाने का विरोध करते हैं, उन्हें डराया धमकाया जाता है। उनके धान को ज्यादा नमी वाला तथा गुणवत्ता विहीन बताकर रिजेक्ट कर दिया जाता है। ऐसे में दूर दराज के गांवों से धान बेचने पहुंचे किसान मजबूर होकर खरीदी केंद्र प्रभारी के सामने आत्म समर्पण कर देते हैं। खरीदी केंद्र प्रभारी के इस रवैए को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

खप रहा है कोचिंयों का धान
कचनार गांव ओड़िशा की सीमा से लगा हुआ है। कचनार समेत आसपास के तथा ओड़िशा के गांवों में दर्जनों धान कोचिया सक्रिय हैं। स्थानीय कोचिए जरूरतमंद ग्रामीणों से 50 किलोग्राम से लेकर दो ढाई क्विंटल तक धान खरीद खरीद कर इकट्ठा कर लेते हैं और ज्यादा मात्रा में धान संग्रहित हो जाने पर उसे कचनार के खरीदी केंद्र में खपा देते हैं। इसी तरह ओड़िशा के कोचिए और व्यापारी वहां से ट्रेक्टरों व पिकअप वाहनों में भरकर लाए गए धान को इस खरीदी केंद्र में आसानी से बेच लेते हैं। उनके धान को स्थानीय किसानों के नाम पर खरीदा जाता है। इस तरह खरीदी केंद्र प्रभारी व प्रबंधक लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं। बीते वर्ष भी कचनार खरीदी केंद्र में इसी तरह गोलमाल किया गया था।खरीदी केंद्र प्रभारी ललिता राव चर्चा करने पर वे इस संवाददाता पर ही बिफर पड़ी। वे धमकाते हुए कहने लगीं कि कि आप हमारे धान खरीदी केंद्र में किसका परमिशन लेकर घुसे हो, आपके संपादक कौन हैं, बताओ। खरीदी केंद्र प्रभारी अपने स्टॉफ और किसानों से भी अभद्र व्यवहार करती हैं। खरीदी केंद्र प्रभारी के इस बेरूखे व्यवहार से किसान व स्टाफ भी परेशान हैं। खरीदी प्रभारी ने यह भी कहा कि कोई भी आए पहले परिचय देते हैं उसके बाद खरीदी केंद्र में घुसते की इजाजत दी जाती है। बाद में थोड़ा नरम पड़ते हुए खरीदी केंद्र प्रभारी ने कहा कि थोड़ा बहुत तो झूकत लेना पड़ता है। बाद में धान सूख जाता है तो इसकी भरपाई कैसे होगी? वहीं जिला सरकारी बैंक के मैनेजर श्री पांडे ने ज्यादा अतिरिक्त धान तौले जाने के सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।
वर्सन
पता करवाता हूं
सूखत की वजह से तय मात्रा में ही अतिरिक्त धान लिया जाता है। अगर कचनार खरीदी केंद्र में ज्यादा अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, तो पता करवा लूंगा।
-श्री नायक
लेंपस प्रबंधक, कचनार
मंडी बोर्ड के अधीक्षण यंत्री मेहरबान, तो गधे भी हो गए पहलवान
- अपात्र ठेकेदारों पर बरसती रही एसी की विशेष कृपा
- कांग्रेस शासनकाल में की गई नियमों की अनदेखी
-अर्जुन झा-
जगदलपुर खुदा मेहरबान, तो गधा भी पहलवान। यह कहावत छत्तीसगढ़ राज्य मंडी बोर्ड में चरितार्थ हो रही है। बोर्ड में इस कहावत की पंक्तियां कुछ बदल जाती हैं। यहां अधीक्षण अभियंता (एसी) मेहरबान, तो गधे भी पहलवान बन जाते हैं। गधे मेहनती तो होते हैं, पर उनमें समझदारी घोड़ों से कम ही होती है। मंडी बोर्ड में जो काम घोड़ों जैसी काबिलियत रखने वाले ठेकेदारों से कराए जाने चाहिए, उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी अपात्र और अल्प ज्ञानी ठेकेदारों को दे दी गई। योग्य ठेकेदार मुंह ताकते रह गए। इंजीनियर का काम टाइम कीपर से कराएंगे, तो काम का बेड़ागर्क होना ही है। कुछ ऐसी ही भर्राशाही मंडी बोर्ड में भी खूब चली है। अपने कांग्रेसी आकाओं को खुश करने के लिए एसी ने अपात्र ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के ठेके दे दिए। सरकार बदलते ही अब नियम विरुद्ध दिए गए ऐसे ठेके के खिलाफ आवाज उठने लगी है।
मंडी बोर्ड के अधिकारी कांग्रेसी मानसिकता वाले अपात्र ठेकेदारों को भी निर्माण कार्यों के ठेके देने के लिए नियमों को शिथिल करते रहे हैं। बोर्ड के अधीक्षण अभियंता के कामकाज पर उंगलियां उठ रही हैं। राज्य मंडी बोर्ड की तकनीकी शाखा पर कृषि उपज मंडियों में सड़क, प्लेटफार्म, शेड, भवन आदि बनवाने की जिम्मेदारी रहती है। कांग्रेस शासन के चला चली की बेला में तकनीकी शाखा के अधीक्षण अभियंता द्वारा कांग्रेस से जुड़े ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के ठेके दे दिए गए। ये ठेकेदार संबंधित कार्य को कराने के लिए पात्र नहीं हों तब भी नियमों को शिथिल कर उन्हें ठेके देने का खेल चलता रहा। ऐसा करके अधिकारी ने शासन को जमकर चूना लगाया है। सूत्र बताते हैं कि तकनीकी शाखा के अधीक्षण यंत्री कांग्रेस शासनकाल में पूरे पांच साल तक ऐसे कृत्य को अंजाम देते रहे हैं। उनकी यह कारगुजारी सरकार बदलते ही सामने आने लगी है। पता चला है कि अधीक्षण यंत्री ने निविदा की शर्तों में बदलाव और नियमों को शिथिल कर अपात्र कांग्रेसी ठेकेदारों को पात्र घोषित कर करोड़ों के ठेके दे दिए गए। अब सरकार बदलने के बाद पीड़ित पात्र ठेकेदारों द्वारा इसकी मय सबूत लिखित शिकायत करने की गई है। मिली जानकारी के अनुसार रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में धनेली से धनसुली तक 3 किमी लंबी चार करोड़ रू. की लागत वाली सड़क के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। इस निविदा से पात्र ठेकेदारों को महज इसलिए बाहर कर दिया गया कि वे गैर कांग्रेसी हैं। ये ठेकेदार मंडी बोर्ड के सभी मापदंडों खरे उतरते हैं। निर्माण कार्यों का उनके पास खासा तजुर्बा भी है। ऐसे योग्य ठेकेदारों को बेतुके कारण बताकर निविदा से बाहर करके अपात्र ठेकेदार के नाम से आनन फानन में कार्य स्वीकृत कर दिया गया। कहा जा रहा है ऐसे ठेकेदार को कार्य देने में मंडी बोर्ड के सभी नियमों को शिथिल कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश में मंडी बोर्ड से संबंधित अन्य निर्माण कार्यों में भी उक्त अधिकारी ने ऐसी ही भर्राशाही की है। विष्णुदेव साय सरकार अगर इन तमाम ठेकों की बारीकी से जांच कराती है, तो बड़ी गड़बड़ी और करोड़ों का घोटाला उजागर हो जाएगा।सवाल में उलझ गए अधीक्षण यंत्री
अधीक्षण अभियंता एनके डिडवानी का कहना है कि ठेके देने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। नियमानुसार ठेके दिए गए हैं। मगर श्री डिडवानी नियमों को शिथिल किए जाने और चुनाव से कुछ दिन पहले ही आनन फानन में ठेके दिए जाने, पात्र ठेकेदारों को निविदा से बाहर कर दिए जाने जैसे सवालों पर चुप रहे। बार बार कुरेदने पर भी उनकी खामोशी नहीं टूट पाई। इससे जाहिर होता है कि दाल में कुछ तो नहीं, बल्कि बहुत कुछ काला है।
वर्सन
गड़बड़ी हुई है, तो होगी जांच
मामले के बारे में आपको अधीक्षण यंत्री से ही बात करनी चाहिए। फिर भी अगर ठेके देने में गड़बड़ी की गई है, तो इसकी जांच कराई जाएगी।
-यशवंत कुमार
एमडी, छ्ग राज्य मंडी बोर्ड
हसदेव के आदिवासियों और जंगल को बचाएं केदार कश्यप : सुशील
- शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य का वनमंत्री को सलाह
जगदलपुर बस्तर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने वनमंत्री केदार कश्यप से हसदेव के जंगल, आदिवासियों और वन्य प्राणियों की रक्षा करने की अपील की है। यहां जारी एक बयान में सुशील मौर्य ने कहा है कि हसदेव के जंगलों में 50 हजार पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। इससे सफेद भालू व अन्य जीव जंतुओं का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले आदिवासियों को जेल में डाला जा रहा है। सुशील मौर्य ने केदार कश्यप को वनमंत्री बनाए जाने पर बधाई देते व उनके उज्जवल राजनैतिक भविष्य की कामना करते हुए बस्तर व समस्त वन क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण में महत्वपूर्ण व उल्लेखनीय कार्य करने का आग्रह उनसे किया है। मौर्य ने कहा कि केदार कश्यप स्वयं आदिवासी वर्ग से हैं और वे जल जंगल एवं जमीन की अहमियत को बेहतर जानते हैं। सुशील मौर्य ने कहा है कि आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद सरगुजा संभाग से आते हैं पर वे हसदेव जंगल की कटाई पर मौन हैं, हसदेव के जंगल में अभी तक 50 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। इससे दुर्लभ सफेद भालू व अन्य जीव जंतुओं एवं दुर्लभ वनस्पतियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। सरकार माईनिंग को तुरंत से निरस्त करे। जंगल का विनाश केवल पूंजीपतियों के लिए किया जा रहा है। देश के इतिहास में पहली बार सुरक्षा बलों की पहरेदारी में जंगल की कटाई की जा रही है और क्षेत्रीय आदिवासियों को जेलों में डाला जा रहा है। सुशील मौर्य ने प्रदेश के सभी पर्यावरण प्रेमियों से भी अपील की है कि वे आगे आकर मुख्यमंत्री व वनमंत्री को पत्र लिखकर कटाई पर प्रतिबंध लगाने की मांग करें। सुशील मौर्य ने आगे कहा कि इस स्थिति में केदार कश्यप की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि अब वे वनमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जब बड़ी घटना पर एक राज्य का मुख्यमंत्री मौन हो जाता है, तो उसके बाद विभागीय वनमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
पछता रहे हैं आदिवासी
सुशील मौर्य ने कहा है कि प्रदेश का आदिवासी समुदाय हसदेव में पेड़ों की कटाई से अपने मतदान पर पछता रहा है और कह रहा है कि आदिवासी मुख्यमंत्री कुछ नहीं कर पा रहे हैं। एक कमजोर आदिवासी नेता को प्रदेश की कमान दे दी गई है। उनका रिमोट कंट्रोल मोदी- शाह जैसे नेताओं के हाथों में है। विष्णुदेव साय सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह गए हैं। इस स्थिति में अब वनमंत्री केदार कश्यप ही कुछ कर सकते हैं। वैसे अब देखना होगा कि केदार कश्यप आदिवासी हित में हसदेव जंगल कटाई पर कुछ कदम उठाएंगे या फिर कुछ न कर पाने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के रास्ते पर चलकर मंत्रीपद पर विराजमान होकर राजभोगने का आनंद लेते रहेंगे। अगर ऐसा हुआ, तो कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।


