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भूपेश ने जीत लिया माहारा समाज का भरोसा

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  • अजा का दर्जा दिलाने का श्रेय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिया समाज ने

जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने फिर एक वादा पूरा कर दिखाया है। भूपेश बघेल सरकार और बस्तर के सांसद दीपक बैज की पहल पर माहारा समाज के लोगों को अनुसुचित जाति वर्ग का दर्जा मिला है। अब समाज के लोगों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनना भी प्रारंभ हो रहा है। इसके लिए माहरा समाज ने भूपेश बघेल सरकार का आभार व्यक्त किया है।

बस्तर संभाग माहारा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा है कि भूपेश है, तो भरोसा है कहावत को चरितार्थ करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश ने माहारा समाज का भरोसा जीत लिया है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा है कि बस्तर संभाग में आदिवासी वर्ग के बाद सबसे ज्यादा आबादी माहारा समाज के लोगों की है। पिछले भाजपाई शासनकाल में इस समाज को कई प्रकार की यातनाएं झेलनी पड़ी और कई पदाधिकारियों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए। कांग्रेस के शासनकाल में हमारे समाज को सम्मान मिला है। समाज के प्रदेश अध्यक्ष व बस्तर सांसद दीपक बैज ने माहारा समाज का पालक बनकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित केंद्रीय स्तर पर माहारा समाज की समस्याओं को रखा, जिसका प्रतिफल सामने है। कल देर रात माहारा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद दीपक बैज के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेलसे मुलाकात कर उनके प्रति आभार जताया।

हालात बदले होते तो भाजपा को नहीं पड़ती परिवर्तन यात्रा की जरूरत

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन की जद्दोजहद में भारतीय जनता पार्टी दो छोर से परिवर्तन यात्रा निकाल रही है। छत्तीसगढ़ के दक्षिण क्षेत्र में सत्ता के समीकरण का उत्तर तलाशने भारत के गृहमंत्री अमित शाह दंतेवाड़ा से परिवर्तन यात्रा आरंभ कर रहे हैं। दूसरे छोर जशपुर से ऐसी ही यात्रा को आरंभ करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आ रहे हैं। भाजपा ने दोनों दिशाओं में अपने परिवर्तन यात्रा रथ रवाना कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि भाजपा की इस परिवर्तन यात्रा का औचित्य क्या है? यह यात्रा केवल सत्ता के परिवर्तन के लिए है अथवा हालत में बदलाव के लिए यदि बात हालत में बदलाव के लिए है? स्थिति में बदलाव के लिए है तो भाजपा ने 15 साल के शासन में और भाजपा की केंद्रीय सत्ता के 9 साल में यदि हालात बदले होते तो उसे परिवर्तन यात्रा शुरू करने के लिए अमित शाह और नड्डा को नहीं भेजना पड़ता। ठीक है कि विपक्ष में रहने वाले हर राजनीतिक दल को परिवर्तन यात्रा निकालने का अवसर मिलना ही चाहिए। कांग्रेस भी परिवर्तन यात्रा निकालती थी। अब भाजपा परिवर्तन यात्रा निकाल रही है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद पहले चुनाव के समय राज्य में चारों दिशाओं में परिवर्तन यात्राएं निकाली थीं एक यात्रा के महारथी तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष नंद कुमार साय आज कांग्रेस की सरकार में एक उपक्रम के अध्यक्ष हैं।

इससे यह अंदाज किया जा सकता है कि जब भाजपा का संस्थापक सदस्य कांग्रेस की सरकार में इस तरह का रुतबेदार बनना पसंद कर ले तो भाजपा की स्थिति क्या है? विपक्ष को पूरा अधिकार है कि वह सत्ता में आने के लिए हर तरह के जतन करें। करना ही चाहिए। अन्यथा लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। किंतु लोकतंत्र को गाय बकरी की तरह हांकने की मानसिकता कभी भी सिरे नहीं चढ़ती। 20 साल पहले छत्तीसगढ़ में भाजपा ने परिवर्तन यात्रा निकाली। जनता ने परिवर्तन किया। 15 साल तक कांग्रेस को परिवर्तन यात्रा निकालनी पड़ी। इसके बाद जनता ने परिवर्तन कर दिया। अब यहां देखने वाली बात यह है कि 2018 में जनता के परिवर्तन को कांग्रेस ने सत्ता के परिवर्तन के रूप में देखा अथवा छत्तीसगढ़ के हालात के परिवर्तन के रूप में। स्पष्ट देखा जा सकता है कि कांग्रेस ने इस भावना के सत्य को स्वीकार किया है की परिवर्तन केवल सत्ता का परिवर्तन नहीं होता और न ही ऐसा होना चाहिए। बल्कि सत्ता परिवर्तन का मूल उद्देश्य हालात के परिवर्तन से होता है। तो कांग्रेस ने 5 साल में जितना भी बन पड़ा, उतना परिवर्तन हालात में किया है। यदि भाजपा ने छत्तीसगढ़ के 15 साल और केंद्रीय सत्ता के 9 साल में छत्तीसगढ़ के हालात बदले होते तो उसे परिवर्तन यात्रा निकालने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती। यह जरूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि भाजपा ने छत्तीसगढ़ की जनता के आशीर्वाद से मिले अवसर को जनता की भावनाओं के अनुकूल कार्य रूप में परिणत करने में पर्याप्त रुचि नहीं ली। अब परिवर्तन यात्राओं का क्या अर्थ है? भाजपा किस बात का परिवर्तन करना चाहती है, यह जनता जानना चाहती है। क्या भाजपा राज्य में जनता की परिस्थितियों में बदलाव के लिए परिवर्तन चाहती है? यदि चाहती है तो उसने छत्तीसगढ़ के हालात में परिवर्तन तब क्यों नहीं किया, जब उसे छत्तीसगढ़ की जनता ने लगातार तीन बार सरकार बनाकर अवसर दिया। कांग्रेस जनता की कसौटी पर कितनी खरी उतरी, यह तो आने वाला परिणाम बतायेगा। किंतु यदि मैदानी राजनीति की बात की जाए तो कांग्रेस ने ‘वक्त है बदलाव का’ जो नारा दिया था, उसके मुताबिक छत्तीसगढ़ के हालात में बदलाव करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। कई क्षेत्रों में कुछ असफलताएं हो सकती हैं लेकिन असफलता और सफलता के तराजू पर जनता तौलती है और जब जनता इसका फैसला करती है तो इस पर कोई भी राजनीतिक पंडित होने का दावा करने वाला व्यक्ति खरा नहीं हो सकता। खरा सिर्फ वही उतरता है जिसने जनता की भावनाओं के अनुकूल काम किया हो। अब एक सवाल यह है कि भाजपा अपने अंदर कितना परिवर्तन कर पाई है? क्योंकि कहते हैं कि निज पर शासन, फिर अनुशासन। तो भाजपा में आज जो आंतरिक अनुशासन चल रहा है, वह क्या उसे सत्ता में ला सकता है? बस्तर के संदर्भ में बात की जाए तो भाजपा के कई दिग्गज भी यहां आत्मग्लानि का अनुभव करते नजर आते हैं कि कहां फंस गए। वे जनता को प्रभावित तो कर सकते हैं लेकिन उनके बस्तर के नेता अपनी कार्यशैली, भाव भंगिमा और आचरण से भाजपा के लिए कितने मुफीद हो सकते हैं, यह भाजपा का वह कॉडर महसूस करता है, जिसे बस्तर में राजनीतिक हालात बदलने के लिए तैनात किया गया है। ऐसी स्थिति में अमित शाह को जरूरत यह है कि परिवर्तन यात्रा शुरू करने के पहले भाजपा के आंतरिक हालात में परिवर्तन करें।

नवीन साहू बने चौथी बार तहसील साहू संघ के युवा अध्यक्ष

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दल्लीराजहरा तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा में अध्यक्ष युवराज साहू जी के अध्यक्षता में बैठक की गई जिसमें तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया l जिसमें सर्वसम्मति से तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर नवीन साहू सर्वसम्मति से मनोनीत किए गए हैं l नवीन साहू का युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष पद पर चौथा कार्यकाल है l नवीन साहू ने कहा कि समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने के लिए युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है उसे मैं अपनी टीम के साथ बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा l तथा सदैव समाज हित में काम करूंगा l युवा प्रकोष्ठ के अन्य पद पर मनोनीत किए गए समाज के अन्य पदाधिकारी है उपाध्यक्ष सुनील साहू एवं आसाराम साहू सचिव चंदन साहू कोषाध्यक्ष कुंदन साहू उपकोषाध्यक्ष पंकज गोयल देवकरण साहू अविनाश साहू सह सचिव पंकज साहू ऋषभ साहू संगठन सचिव चिरंजीव साहू सागर साहू सह संगठन सचिव प्रवीण साहू प्रचार सचिव कौशल साहू सह प्रचार सचिव प्रकाश साहू शिव साहू दुष्यंत साहू कमेटी के सदस्य लोकेश साहू उदित साहू लोमेश साहू कुलेश्वर साहू भीम साहू ओमप्रकाश साहू महेश साहू नीरज साहू एवं कृष्णा साहू l अन्य उपस्थित सदस्य गण तहसील साहू संघ राजहरा उपाध्यक्ष रेखु राम साहू सचिव श्री घना राम साहू पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल साहू पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद राम साहू  गंगाधर साहू परीक्षेत्रीय अध्यक्ष राजहरा बाबा परिक्षेत्र  दीपक साहू गांधी चौक परिक्षेत्र पुरुषोत्तम साहू पूर्व अध्यक्ष राजहरा बाबा परिक्षेत्र जीवनलाल साहू  राधेश्याम साहू  शीतल साहू  जीवन साहू सेवक राम साहू हूमन साहू  गजेंद्र साहू टोमन लाल साहू  देवेंद्र साहू एवं अन्य समाज के सदस्य लोग उपस्थित थे l

डीएवी स्कूल प्रबंधन और बीएसपी प्रबंधन द्वारा मासूम बच्चों से फीस के लिए दबाव डालकर आवेदन लिखवाया कि फीस जमा नहीं करने पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा, शर्मनाक, मुश्ताक अहमद सांसद प्रतिनिधि

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आज दिनांक 11-09-2023 को सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद ने क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी को ज्ञापन सौंपकर डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन एवं बी.एस.पी. प्रबंधन द्वारा बच्चों से दबाव पूर्वक फीस जमा करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा प्रवेश पत्र प्रदान नहीं करने व परीक्षा से वंचित रखने की शिकायत एवं त्वरित कार्यवाही करने का आग्रह किया और उन्हें इस ज्ञापन के माध्यम से बताया कि डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन द्वारा आज दिनांक 11.09.2023 को

नैतिकता की सारी सीमायें लांघते हुए छोटे छोटे बच्चों को फीस जमा करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बच्चों से जबरन दबाव पूर्वक उनसे आवेदन लिखाया गया कि अगर बच्चों के द्वारा परीक्षा से पूर्व फीस जमा नहीं किया गया तो उन्हे परीक्षा में बैठने नहीं दिया जायेगा। स्कूल प्रबंधन के इस प्रकार के रवैये से बच्चों में

काफी दशहत का महौल है, अब बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं, क्योंकि इन बच्चों को अन्य बच्चों के सामने डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन द्वारा नीचा दिखाया गया।सोचनीय विषय यह है कि हम स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहते हैं, जहाँ बच्चों को स्कूली शिक्षा के अलावा नैतिकता का भी पाठ पढ़ाया जाता है। लेकिन आज डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन एवं बी.एस.पी. प्रबंधन ने नैतिकता की सारी सीमायें लांघ दी और बच्चों से जिस तरह फीस जमा करने के लिए दबाव डालकर लिखित आवेदन लिखवाया गया उससे बच्चों में काफी डर का माहौल है। जबकि फीस के संबंध मे डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन को पालकों से चर्चा करनी चाहिए ओर लिखित पत्राचार करना चाहिए। किन्तु बच्चों को मानसिक रूप से डरा कर डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन व बी.एस.पी. प्रबंधन अपनी निम्न सोच की मानसिकता का परिचय दे रहा है। डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों फीस के लिए लिखाये गये इस आवेदन का उनकी मानसिकता पर कितना असर हुआ है यह तो आने वाले समय में पता चलेगा, मगर आगामी बुधवार से आरम्भ होने वाली परीक्षा में बच्चे किस मानसिकता के साथ शामिल होंगे यह चिन्ता का विषय है। और डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को

फीस के लिए जिस प्रकार डर का माहौल बनाया गया है, उससे यदि कोई बच्चा डर के कारण कोई गलत कदम उठा लेता है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन

एवं बी.एस.पी. प्रबंधन की होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन एवं बी.एस.पी. प्रबंधन द्वारा फीस के लिए जिस प्रकार की तत्परता दिखाई जा रही है, वैसी ही तत्परता पढ़ाई को लेकर नहीं दिखाया जा रहा है। बच्चों को घर से पढ़कर आने व नोट्स बनाकर लाने को कहा जाता है। जबकि बच्चा स्कूल में पढ़ने जाता है लेकिन वहाँ पढ़ाया नहीं जाता, स्कूल में प्रश्नों के उत्तर नहीं लिखाये जाते, बच्चों को इंटरनेट के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर

दुढ़ने के लिए कहा जाता है, और उन्हें मोबाईल पर लिंक भेजा जाता है। जबकि 8वीं 9वीं

कक्षा का बच्चा जो अपनी शारीरिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा होता है उसे पालको द्वारा मोबाईल से दूर रखने का प्रयास किया जाता है, किन्तु स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से भाग कर बच्चों को मोबाईल का लत लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसा लग रहा है

कि डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन केरौना काल की ऑन लाईन पढ़ाई से नहीं उबर पाया है। और स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को मोबाईल में बच्चों को नोट्स भेजा जाता है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुश्ताक अहमद ने सांसद मोहन मंडावी को बताया कि बी.एस.पी. प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग को भी ज्ञापन सौंपा गया है और ईस जिला शिक्षा अधिकारी से बालोद में कार्यलय में पहुंच कर उनसे भी ईस विषय पर चर्चा हुई और जिला शिक्षा अधिकारी ने विषय की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ईसपर जांच करवाने के लिए टीम गठित कर दी है। साथ ही सभी जिम्मेदार विभाग से आग्रह किया गया है कि इस पर अविलम्ब एक बैठक बुलायी जाये तथा समस्त समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाये और इसमें जो भी दोषी हो उन पर सख्त कार्यवाही की जाये। साथ ही डी.ए.व्ही. स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया जाये कि सभी

बच्चों को परीक्षा से पूर्व प्रवेश पत्र प्रदान किया जाये। जिस पर सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि क्षेत्र के गरीब , किसान, आदिवासी और स्थानीय बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान करें और साथ ही उनको मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराये किंतु ऐसा लगता है कि बीएसपी प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ कर सिर्फ खदान में खनन और अधिक से अधिक उत्पादन करने में लगीं हैं और क्षेत्र का शोषण करने में लगीं हैं जोकि निंदनीय है साथ सांसद मोहन मंडावी ने बीएसपी प्रबंधन को दूरभाष से निर्देशित किया है कि सबसे पहले सभी बच्चों को तत्काल प्रवेश पत्र परीक्षा के पूर्व वितरित करें और ईस बात को भी अपने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर सुनिश्चित करें कि डीएवी स्कूल में पढ़ रहे सभी ठेका श्रमिकों और गैर बीएसपी बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान करें जैसे पूर्व में बीएसपी प्रबंधन स्वयं के द्वारा संचालित स्कूलों में करती आ रही थी।

रागी डोसा और पिज्जा के दीवाने हो गए मुख्य सचिव जैन

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  • सीएस अमिताभ जैन ने मिलेट कैफे में लिया मिलेट्स फूड का जायका, की तारीफ

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने रविवार की शाम जगदलपुर के दलपत सागर आइलैंड के समीप स्थित सेहत बाजार मिलेट कैफे का अवलोकन किया। उन्होंने बस्तर के पारंपरिक लघु धान्य फसल कोदो- कुटकी एवं रागी से बने व्यंजनों के बारे में जानकारी ली और रागी से तैयार डोसा, बड़ा एवं रागी पिज्जा का स्वाद लिया। जैन ने इन व्यंजनों के स्वाद की तारीफ की और मिलेट कैफे संचालन करने वाले मोम्स फूड के सदस्यों से चर्चा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

इस मौके पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में मिलेट मिशन के अंतर्गत मिलेट फसलों की खेती सहित मिलेट उत्पादों के सम्बंध में जैन को विस्तार से जानकारी दी। मिलेट कैफे के माध्यम से आम लोगों को पौष्टिक तत्वों से भरपूर विभिन्न व्यंजनों की उपलब्धता के बारे में भी उन्हें अवगत कराया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा, जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कांग्रेस ने घोषित की कोर कमेटी और कैंपेन कमेटी

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  •  कोर कमेटी में कुमारी शैलजा, भूपेश बघेल और दीपक बैज शामिल

रायपुर अभा कांग्रेस कमेटी ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए कोर कमेटी और कैंपेंन कमेटी घोषित कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद राष्ट्रीय महासचिव ने कमेटियों के सदस्यों की सूची जारी की है।

जारी सूची के अनुसार कोर कमेटी में छ्ग कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, डॉ. चरणदास महंत, मंत्रीद्वय ताम्रध्वज साहू व शिवकुमार डहरिया को कन्वर्नर बनाया गया है। इलेक्शन कैंपेन कमेटी में डॉ. चरणदास महंत चेयरपर्सन और भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मो. अकबर, डॉ. शिव कुमार डहरिया, कवासी लखमा, प्रेमसाय सिंह टेकाम, अनिला भेंड़िया, जयसिंह अग्रवाल, अमरजीत भगत, गुरु रूद्र कुमार, मोहन मरकाम, राजीव शुक्ला, उमेश पटेल, संत कुमार नेताम ज्योत्सना महंत एवं रंजीत रंजन, फूलोदेवी नेताम, केटीएस तुलसी, धनेंद्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, यूडी मिंज, अरुण वोरा, अमितेश शुक्ल, राम कुमार यादव, देवती कर्मा, लखेश्वर बघेल, किस्मत लाल नंद, कुंवर सिंह निषाद, नंद कुमार साय, छाया वर्मा, पुष्पा देवी सिंह, गंगा पोटाई, पीआर खूंटे, धनेश पटिला, राम पुकार सिंह, गुरूमुख सिंह होरा, विकास उपाध्याय, पारस चोपड़ा, राजेश तिवारी, महंत रामसुंदर दास, इदरीश गांधी, रवि घोष, बालम चक्रधारी, राम कुमार पटेल, संदीप साहू, राम गिडलानी, लोकेश कन्नौजे, तरुण बिजौरा, लोचन विश्वकर्मा, नंद कुमार साय, अल्ताफ अहमद, मलकीत सिंह गैदू, ब्रिग्रेडियर प्रदीप यदु, राजेंद्र तिवारी, रामकुमार कश्यप, बालकृष्ण पाठक, आनंद कुकरेजा, प्रवीण मेश्राम, सुभाष धुप्पड़, पूर्णचंद्र पाढ़ी कोको, रुक्मिणी कर्मा, एमआर निषाद, मो. असलम, कमलेश्वर वर्मा, अंबिका मरकाम, ऊषा पटेल, शेषराज हरबंश, विभा सिंह, सावित्री मंडावी, मधु सिंह, चित्रकांत श्रीवास को शामिल किया गया है।

प्रोटोकॉल कमेटी में अमरजीत भगत चेयरपर्सन, शिवसिंह ठाकुर कन्वर्नर, अजय साहू कोऑर्डिनेटर, विकास विजय बजाज, सुनील कुकरेजा, लुकेश्वर साहू, गजाला खान, शब्बीर खान, सागर दुल्हानी, दिलीप चौहान, राजेश चौबे, सद्दाम सोलंकी, प्रभजोत सिंह लाडी, मतीन खान, राहुल इंदौरिया, दानिश रफीक, प्रगति मोहित वाजपेयी, अरशद अली, रेणु मिश्रा, के. सूरज, जयेश तिवारी, उत्कर्ष वर्मा, जितेंद्र सिन्हा, मो. अजहर और अब्दुल रब शामिल किए गए हैं।

कम्युनेशन कमेटी में चेयरपर्सन रविंद्र चौबे, कन्वर्नर राजेश तिवारी व विनोद वर्मा, कोऑर्डिनेटर सुशील आनंद शुक्ला, इंग्रिड मैकलाड, आरपी सिंह जयवर्धन बिस्सा, कृष्ण कुमार मरकाम, नीता लोधी, नितिन भंसाली, हेमंत ध्रुव, रवि भारद्वाज, रुक्मणि कर्मा, राजेंद्र सिंह परिहार व अनुराग महतो को शामिल किया गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कांग्रेस ने पूछे आठ सवाल

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  • नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण, नंदराज पहाड़ अडानी को देने, वनोपज आदि मुद्दे उठाए

जगदलपुर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आठ सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि रमन सिंह सरकार के पंद्रह सालों के कार्यकाल में बस्तर बदहाल स्थिति में पहुंच गया था। प्रदेश अध्यक्ष बैज ने आरक्षण विधेयक, नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण, नंदराज पहाड़, की खदानें अडानी समूह को दी जाने, एनएमडीसी का मुख्यालय छ्ग में न होने, दल्ली राजहरा- जगदलपुर रेल लाईन निर्माण रोके जाने, भारतमाला परियोजना से बस्तर संभाग को वंचित रखने, वन अधिकार तथा बस्तर में फर्जी मुठभेड़ पर सवाल उठाए। वहीं प्रभारी सचिव सप्तगिरी उल्का, मंत्री कवासी लखमा व मोहन मरकाम ने भी सवाल दागे।

आदिवासियों पर जुल्म ढाए भाजपा ने
बैज ने कहा कि 15 साल तक छत्तीसगढ़ में राज करने वाली रमन सिंह सरकार ने बस्तर के आदिवासियों को जल,जंगल और जमीन के संवैधानिक अधिकार से वंचित रखा, पचासों आदिवासी युवाओं और बच्चों को फर्जी मुठभेड़ों में मरवा दिया गया, आदिवासियों के खिलाफ पुलिस ने फर्जी मामले दर्ज कराकर उन्हें अदालती पचड़े में फंसा दिया गया, सैकड़ों आदिवासी जेलों ने डाल दिए गए, आदिवासियों को बेदखल कर उनकी जमीन उद्योगपतियों को दे दी गई। आदिवासियों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ के आदिवासी कभी माफ नहीं करेंगे।
नगरनार स्टील प्लांट पर जवाब दें शाह
दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी किसानों की जमीन पर स्थापित नगरनार इस्पात संयंत्र को भी मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्र के हवाले करने जा रही है। ऐसा करके मोदी सरकार बस्तर के आदिवासी युवाओं को नौकरियों के अवसर से वंचित कर रही है। बैज ने एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में न होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती रत्नगर्भा है। यहां लौह अयस्क और अन्य खनिजों के अकूत भंडार हैं, बावजूद राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में न रखकर हैदराबाद में बनाया गया है।उन्होंने कहा कि रमन सरकार के कार्यकाल में बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदराज पहाड़ का बड़ा भाग लौह अयस्क खनन के लिए अडानी समूह को लीज पर दे दिया गया है। केंद्र सरकार इस लीज को क्यों निरस्त नहीं कर रही है? बैज ने कहा कि बस्तर की धरती पर खडे होकर अमित शाह को इन दोनों मुद्दों का जवाब देना होगा।

भारतमाला से बस्तर अछूता क्यों?
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भारतमाला परियोजना एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके तहत सड़कों से अनेक राज्यों को आपस में जोड़ा जा रहा। ऐसी ही एक सड़क बस्तर के नगरनार से महज कुछ किलोमीटर दूरी से निकल रही है, मगर इसका लाभ बस्तर को नहीं मिल रहा है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के तहत वाया नगरनार जगदलपुर को भी जोड़े जाने पर जोर दिया।

जगदलपुर -दल्ली रेल लाईन क्यों अटकाई?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जगदलपुर – दल्ली राजहरा रेल लाईन के निर्माण को मोदी सरकार ने लंबित कर दिया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार होने और बस्तर के आदिवासियों के कांग्रेस के पक्ष में एकजुट हो जाने के का बदला भाजपा ले रही है। बैज ने कहा कि यह रेल लाईन न सिर्फ बस्तर संभाग, बल्कि रायपुर और दुर्ग संभागों के रहवासियों के लिए एक बड़ी सौगात होगी, बल्कि भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील के लिए भी यह स्वर्णिम अध्याय साबित होगी। इस रेल लाईन से बैलाडीला खदान समूह की खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क का परिवहन आसान हो जाएगा। बैज ने कहा कि इस मसले पर भी अमित शाह से कुछ कहेंगे, ऐसी उम्मीद बस्तर वासियों की है।

आरक्षण विधेयक क्यों लटकाया?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा कि आरक्षण विधेयक को राजभवन में लंबित रखवा कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के आदिवासियों, ओबीसी, अनुसूचित जाति व गरीब तबके के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।  बैज ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की केबिनेट ने आरक्षण विधेयक पारित कर मंजूरी के लिए राजयपाल के पास कई कई माह पहले भेज दिया है। विधेयक में आदिवासियों को 32 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत और गरीबों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान हमारी सरकार ने किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दबाव में यह विधेयक राजभवन में अटका हुआ है। इसके अलावा  बैज ने कई अहम सवाल भी शाह के समक्ष रखे हैं।

कांग्रेस ने बस्तर के हालात बदल दिए, परिवर्तन यात्रा की जरूरत नहीं है- दीपक बैज

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  • कांग्रेस अध्यक्ष ने दागे शाह पर सवाल*

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में आयोजित संयुक्त पत्र वार्ता में कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आठ सवाल दागे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, एआईसीसी सचिव सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, आदिवासी विकास मंत्री मोहन मरकाम, विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम, जगदलपुर विधायक संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायक लखेश्वर बघेल, चंदन कश्यप, शिशुपाल सोरी, विक्रम शाह मण्डावी, देवती कर्मा, राजमन बेंजाम, अनूप नाग, सावित्री मण्डावी, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ए आर निषाद, क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, जगदलपुर महापौर समीर साहू, नगर निगम सभापति कविता साहू, ग्रामीण जिला अध्यक्ष बलराम मौर्य, शहर अध्यक्ष सुनील मौर्य ने पत्र वार्ता में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने बस्तर के हालात में परिवर्तन कर दिया है। भाजपा ने 15 साल में बस्तर के लिए कुछ नहीं किया। एआईसीसी सचिव सप्तगिरि शंकर उल्का ने कहा कि पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद दीपक बैज ने कहा कि हमारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल है कि 2013 में झीरम में जहां हमारे नेता शहीद हुए थे, क्या वे वहां नमन करके परिवर्तन यात्रा निकालेंगे?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सवाल किया कि मोदी सरकार ने 2006 के वन अधिकार अधिनियम में संशोधन क्यों किया ? भारतमाला परियोजना रोड को जगदलपुर से क्यों नहीं जोड़ा जा रहा? 15 साल में भाजपा की सरकार के समय बस्तर के मासूम आदिवासियों को छोटी-छोटी धाराओं में वर्षों तक जेल की सलाखों में बंद रखा गया। उनकी जमीनों को कौड़ियों के दाम लूटने का षड्यंत्र रचा गया। जल जल जंगल जमीन पर आदिवासियों के नैसर्गिक अधिकारों का हनन किया गया। 15 सालों तक साढ़े पांच लाख से अधिक वन अधिकार पट्टों को लंबित रखा गया। क्या अमित शाह बस्तर की जनता से माफ़ी मांगेंगे?

 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में दल्ली राजहरा रेल मार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा।प्रधानमंत्री का आश्वासन छलावा निकला। अमित शाह बताएं कि यह रेल मार्ग योजना कब पूरी होगी?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अमित शाह जी एक बार फिर से बस्तर आ रहे हैं। इसके पहले भी बस्तर आए थे।बस्तर की जनता उनसे जानना चाहती है कि 15 सालों तक छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार के दौरान बस्तर के आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को बंधक बनाकर क्यों रखा गया था? उन्होंने कहा कि आरक्षण विधेयक कब तक लंबित रहेगा?नगरनार प्लांट क्यों बेच रहे हैं? नंदराज पहाड़ की लीज केंद्र सरकार रद्द क्यों नहीं कर रही?एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?

सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का कृत्रिम आभाव

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  •  मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मशीनों के लाभ से वंचित कर दिए गए मरीज 
  • निजी संस्थानों में गरीब हो रहे हैं लूट के शिकार

अर्जुन झा

जगदलपुर यहां संचालित बस्तर संभाग के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में चिकित्सकीय उपकरणों का कृत्रिम अभाव और तथाकथित तकनीकी खराबी पैदा कर मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन दोनों अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों को कबाड़ बताकर मरीजों को लाभ से वंचित कर दिया गया है। सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एंजियोग्राफी आदि के लिए मरीजों को निजी संस्थानों में भेजा जा रहा है। निजी संस्थानों पर लोगों की निर्भरता बढ़ गई है। इन निजी संस्थानों में लोगों की जेबें ढीली हो रही है। इस ओर शासन प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहें हैं।

महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। वहां कई गंभीर मरीजों को डॉक्टर सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एंजियोग्राफी कराने की सलाह देते हैं। दोनों ही बड़े सरकारी अस्पतालों के सोनोग्राफी सेंटर्स में ताले जड़े हुए हैं। कहा जा रहा है कि दोनों अस्पतालों की सोनोग्राफी मशीनों में कथित तकनीकी खराबी आ गई है। यह तकनीकी खराबी स्वाभाविक रूप से आई है या जानबूझकर छेड़छाड़ करके पैदा की गई है, यह जांच का विषय है। एक बात तो तय है कि इन अस्पतालों में उपकरणों का रख रखाव सही ढंग से नहीं किया जाता है, अन्यथा इतनी जल्दी ऐसी बेशकीमती मशीनें खराब हो जाएं, यह बात गले नहीं उतरती।

महारानी अस्पताल का सूरत ए हाल

महारानी अस्पताल में सोनोग्राफी, एक्स-रे व सीटी स्कैन को ऑपरेट करने के लिए तकनीशियन तो नियुक्त हैं, लेकिन संबंधित मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण रिपोर्ट जारी नहीं की जाती है। एक डॉक्टर सेवानिवृत्त हो गए हैं, तो दूसरे डॉक्टर अपने निजी संस्थान पर ज्यादा ध्यान देते हैं। ये महाशय अस्पताल से अक्सर भी नदारद रहते हैं और अपना ज्यादातर समय अपने स्वयं के संस्थान में गुजारते हैं।

टीएल बैठक से गायब रहते हैं अहम मुद्दे

बस्तर जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की हर माह समय सीमा (टीएल) बैठक लेते हैं। यह बैठक औपचारिकता मात्र बनकर रह गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल जैसे ज्वलंत मुद्दों पर न बात होती है और न इन मामलों की प्रगति व कार्यों समीक्षा की जाती है। जिला प्रशासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले टीएल की बैठक संबंधी समाचार में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के मामले प्रशासनिक उदासीनता की झलक दिखाई देती है।

जनप्रतिनिधि भी हैं उदासीन

विभिन्न समाचार माध्यमों से मेडिकल कॉलेज व महारानी अस्पताल के कारनामे आएदिन उजागर होते रहते हैं। जनप्रतिनिधि इन समाचारों पर स्वतः संज्ञान लेते ही नहीं। अगर संज्ञान लेते तो प्रशासन पर जरूर दवाब बनाते, मगर ऐसा होता कहीं नजर नहीं आ रहा है। जनप्रतिनिधियों की ऐसी उदासीनता के चलते सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है और जनता की जेबें कट रही हैं।

छेडछाड करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा/ डौंडी महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद जितेंद्र , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक जिला बालोद व नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा राजेश बागडे के मार्गदर्शन में दिये गये दिशा निर्देशों के परिपालन में छेडछाड करने वाले आरोपी को थाना डौण्डी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर आरोपी को रिमांड पर भेजा गया।

पीडिता के रिपोर्ट पर आरोपी सुनील गौर पिता कृष्णा राम गौर उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम नर्राटोला थाना डौण्डी जिला बालोद के द्वारा गांव के पीड़िता को अकेली देखकर पीडिता को पीडिता के माता पिता के बारे में पुछताछ करने पर नही होना बताने पर कुछ देर बाद पीड़िता के घर अन्दर जाकर पीडिता के साथ जबरदस्ती हांथ बांह को पकडकर छेडछाड किया है।

पीडिता के द्वारा पीडिता के माता पिता घर आने पर पीडिता के द्वारा घटना के बारे में जानकारी देने पर पीडिता के द्वारा परिजन के साथ आवेदन पेश करने पर महिला विवेचना अधिकारी सउनि सीता गोस्वामी द्वारा अपराध पजींबध्द कर विवेचना में लिया गया। बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर ज्युडिशियल रिमांड पर भेजा गया।

प्रकरण के कार्यवाही में थाना प्रभारी डौण्डी निरीक्षक सुनील तिर्की स .उ .नि.दुर्जन लाल रावटे, प्रआर. विष्णु तारम, आरक्षक खिलावन सिन्हा की सराहनीय भूमिका रही।

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