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सरकारी राशन दुकान गलत तरीके से आबंटन करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग :- जन मुक्तिमोर्चा

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दल्लीराजहरा :- सरकारी राशन दुकान आबंटन घोटाला ले रहा विस्पोटक रूप आज जन मुक्तिमोर्चा का प्रतिनिधि मंडल घोटाले की जांच कराने व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने गतल तरीके से आबंटित सरकारी दुकानों को तत्काल निरस्त करने की मांग पत्र जो कलेक्टर बालोद के नाम से सम्बोधित करते हुवे अनुविभागीय अधिकारी दल्लीराजहरा के कार्यलय में सौपा गया। जनमुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत रावटे ने बताया कि 6 नये सरकारी राशन दुकान खोलने हेतु अनुविभागीय अधिकारी डौंडी लोहारा द्वारा विज्ञापन जारी किया गया था। जिसमे से 5 दुकानों को अनुचित तरीके से वितरण किया गया। जिसमे जनमुक्ति मोर्चा को आपत्ति है। कलेक्टर महोदय तत्काल इन बिंदुओं पर विचार कर राशन दुकानों का आबंटन रद्द कर नये शिरे से विज्ञापन जारी कर पारदर्शी तरीके से आबंटन किया जाये। साथ ही सम्बंधित अधिकारी जिसने भ्रष्टाचार किया है। उनके खिलाफ कार्यवाही करे।आपत्ति दर्ज करने के कारण बिंदुवार है। 1. दिये गये 5 दुकानों में से 3 दुकानों का संचालन वार्ड क्रमांक 20 के महिला स्व. सहायता समूहों को दिया गया जो सीधा सीधा साठ गांठ को दर्शाता है। 2. दल्लीराजहरा के जमीन में आज तक केवल 10 ही राशन दुकान संचालित है। शेष 5 दुकान केवल ऑनलाइन करके सरकार व जनता को गुमराह किया गया है। 3. ऑनलाइन जानकारी अनुसार इन पांच महिला समूहों के कर्मचारी के रूप में 4 परुषों को रखना दर्शाया गया है। जो कि आपके द्वारा लगाए गए नियम शर्तो का उल्लंघन है। अतः इन सभी बिंदु को ध्यान में रखकर तत्काल सरकारी राशन दुकानों के आबंटन पर रोक लगाते हुवे नये शिरे से आवेदन आमंत्रित किया जाए यदि शीघ्र हमारे मांग पर कार्यवाही नही की जाती तो भ्रष्टाचार के खिलाफ जन मुक्तिमोर्चा सड़क की लडाई लड़ेगा। प्रतिनिधि मंडल में मुख्यरूप से बसन्त रावटे ,संजय सिंह, पवन, देवाशीष सरकार शामिल थे।

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बंगीय बंधु मेरे परिजन, सेवा का दायित्व निभा रहा हूं: रेखचंद जैन

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  • बंगीय समाज के सामुदायिक भवन का निर्माण होगा विधायक निधि से

जगदलपुर बंगीय समाज मेरा परिवार है। पिछले चुनाव में आपने सेवा करने का जो दायित्व सौंपा है, उसे मैं सम्पूर्ण निष्ठा से निभा रहा हूं। रविवार को नगर के महारानी वार्ड में सामुदायिक भवन निर्माण के भूमिपूजन समारोह में पहुंचे संसदीय सचिव व जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने उपस्थितजनों को संबोधित करते यह बात कही। कार्यक्रम के प्रारंभ में जैन, नगर निगम सभापति कविता साहू, बंगीय समाज अध्यक्ष मनोरंजन राय, वार्ड पार्षद मानिकराम नाग, एमआईसी सदस्य राजेश राय, पार्षद सूर्या पाणि, गौरनाथ नाग आदि का स्वागत किया गया। निगम अध्यक्ष कविता साहू व राजेश राय ने संक्षिप्त संबोधन दिया।

मुख्य अतिथि रेखचंद जैन ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद से सतत रूप से जन समस्याओं का समाधान करने प्रयासरत हैं। बंगाली समाज के लोगों ने सदैव मुझे अपार स्नेह दिया है। मेरे लिए इस समाज के लोग पारिवारिक सदस्य हैं। मेरे विधायक बनने में इस समाज का भी अहम योगदान है। आप लोगों ने सेवा का जो दायित्व मुझे सौंपा है, उसे ममैं पूरी निष्ठा से निभा रहा हूं।उपस्थितजनों के साथ कार्यक्रम संचालक व समाज के सचिव मानिक वैदाग्य ने भी विधायक जैन की सक्रियता व सहज उपलब्धता के लिए उनकी भूरि- भूरि प्रशंसा की।

सामुदायिक भवन का किया भूमिपूजन

विधायक रेखचंद जैन ने विधायक निधि के लगभग 10 लाख रुपए से वार्ड में सामुदायिक भवन बनाने के लिए भूमिपूजन समाज के सदस्यों के साथ किया। इस दौरान मनोरंजन राय, मानिक वैदाग्य, तपन देबनाथ, संजय समद्दार, धन्नो सेन, विपद रंजन, निमाई डे, अनंत सरदार, परितोष पाल, शीतल कुंडू, धीरेंद्र बर्मन, रामप्रसाद दास, संतोष बालाजी, निमाई मजूमदार, रीता चौधरी, शिवानी मलिक, सरस्वती सरकार, अनिता साहा, अणिमा अधिकारी, एस नीला, विजय सिंह, निर्मल लोढ़ा, नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा, ईई एमपी देवांगन, अशोक कोर्राम, चर्चित चांडक, बसंत कुंजाम आदि मौजूद थे।

ओम माथुर ने विपक्षी दलों के बहिष्कार को कहा टुच्ची हरकत

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  • प्रदेश भाजपा प्रभारी की टिप्पणी पड़ सकती है भाजपा पर भारी
  • नए संसद भवन के लोकार्पण समारोह के बॉयकॉट पर प्रतिक्रिया

जगदलपुर छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी ओम माथुर यहां विपक्षी दलों पर टिप्पणी करते भाषायी मर्यादा लांघ गए। नए संसद भवन के उद्घाटन एवं लोकार्पण समारोह के विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार किए जाने पर पत्रकारों के समक्ष अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के लिए एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल कर दिया, जो भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है। पूर्व राजयसभा सदस्य एवं पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर 28 मई की शाम जगदलपुर पहुंचे।

बस्तर संभाग में उनका चार दिनों तक बेहद व्यस्त कार्यक्रम है। माथुर बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं के साथ बैठकें करेंगे और मिशन 2024 के लिए उन्हें रिचार्ज करेंगे। 28 मई की शाम जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह का विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद की पुरानी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, निकट भविष्य में लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन भी होने वाला है। तब सदस्यों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इस लिहाज से नए संसद भवन का निर्माण जरूरी हो गया था। जिस कांग्रेस के एक परिवार ने देश पर 65 सालों तक राज किया, उसने इस दिशा में सोचा भी नहीं। वर्तमान भाजपा सरकार ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सुविधापूर्ण संसद भवन का निर्माण कराया है। नए संसद भवन के लोकार्पण समारोह का कांग्रेस समेत 21 दलों द्वारा बहिष्कार किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और उन दलों के लिए काला दिन है। विपक्षी दलों को हमारे खिलाफ बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। सेंगोल के विरोध के सवाल पर माथुर ने कहा कि जिस दंड ( सेंगोल ) को नेहरू जी ने स्वीकार किया था, उस ऐतिहासिक दंड को एक कोने पर रख दिया गया था। हमारी सरकार ने उसे ढूंढ निकाला और उसे उसका सम्मान वापस दिलाते हुए नए संसद भवन में प्रतिष्ठित कराया है। यह दंड शासक पर नियंत्रण रखने का प्रतीक है। भाजपा नेता ओम माथुर ने कहा कि स्वयं को लोकतंत्र का झंडाबरदार कहने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के लोकार्पण समारोह का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया है, टुच्ची हरकत की है। माथुर ने विपक्षी दलों के खिलाफ जिस टुच्ची शब्द का इस्तेमाल किया है, वह भाजपा और उसकी केंद्र सरकार पर भारी पड़ सकता है। भाजपा के पूर्व छत्तीसगढ़ प्रभारी पुरंदेश्वरी ने भी कांग्रेस के खिलाफ ऐसे ही बिगड़े बोल कहे थे। उसके बाद राज्य में भाजपा का क्या हश्र हुआ, सबके सामने है।

मंत्री और वरिष्ठ अफसरों के नाम पर एफसीआई में जमकर वसूली

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  • प्रति लॉट चावल रिश्वत दर में 1500 रुपए की कर दी बढ़ोत्तरी
  • छ्ग राईस मिलर्स एसोसिएशन कोषाध्यक्ष चंद्राकर ने की शिकायत

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिएशन ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई ) के राज्य में पदस्थ अफसरों पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि एफसीआई के अधिकारी चावल बोरों की लॉट को स्वीकार करने के नाम पर राईस मिलर्स से जमकर रकम की वसूली की जा रही है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि रिश्वतखोरी के दम पर इन अफसरों ने करोड़ों की संपत्ति बना ली है।छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर ने मामले की शिकायत केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय खाद्य सचिव, एफसीआई के सीएमडी, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, विभागीय ईडी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पदस्थ रिजनल ऑफिसर, सभी जिलों में पदस्थ प्रबंधक लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। बताया गया है कि ये अधिकारी पहले 29 मिट्रिक टन चावल के एक लॉट को स्वीकार करने के एवज में राईस मिलर्स से 6 हजार रुपए बतौर रिश्वत लेते थे। इस वर्ष से इसे बढ़ाकर 7500 रु. प्रति लॉट कर दिया गया है। रिश्वत की रकम में डेढ़ हजार रु. प्रति लॉट बढ़ोत्तरी की जानकारी एफसीआई के अफसरों ने राईस मिलर्स की बैठक लेकर दी थी। इसके पीछे अफसरों की दलील थी कि केंद्रीय मंत्री, खाद्य सचिव, सीएमडी तक रकम पहुंचाना पड़ती है इसलिए निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने रकम बढ़ाने के लिए कहा है। रौशन चंद्राकर ने अपनी शिकायत में बताया है कि वर्ष 2021-22 में एफसीआई ने कुल 3244615 मिट्रिक टन चावल मंजूर किया था और इसके एवज में रिश्वत के तौर पर कुल 76.13 करोड़ रुपए वसूले गए थे। वर्ष 2022 – 23 में अब तक 3319342 मिट्रिक टन चावल स्वीकार किया गया है और इसके एवज में 85.85 करोड़ रु. वसूले गए हैं। शिकायत में आगे बताया गया है कि खाद्य निगम के अफसरों ने इस रिश्वतखोरी के चलते अरबों खरबों की संपत्ति अपने रिश्तेदारों के नाम पर बना ली है। रौशन चंद्राकर ने बताया है कि जो राईस मिलर्स रिश्वतखोरी का विरोध करते हैं, उनके चावल को तरह तरह की बहानेबाजी कर रिजेक्ट कर दिया जाता है और बिल अटका दिए जाते हैं।

पहली बार खोली भ्रष्टाचार की पोल

छत्तीसगढ़ में सैकड़ों राईस मिलें संचालित हैं। राज्य में चावल ही मुख्य कृषि उत्पादन है। छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था का आधार भी चावल उत्पादन ही है। पहले भी राज्य के राईस मिलर्स दबी जुबान से एफसीआई के अधिकारियों के इस भ्रष्टाचार की शिकायत और चर्चा करते रहे हैं, लेकिन पहली बार छत्तीसगढ़ राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष ने प्रदेश में एफसीआई द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की परत खोलकर रख दी है। कोषाध्यक्ष रौशन चंद्राकर ने 26 मई को एक लिखित पत्र केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को भेजकर इस मामले की जांच सीबीआई और ईडी से करवाने की मांग की है।

छत्तीसगढ़, एमपी, राजस्थान की खातिर ब्रम्हास्त्र चला सकते हैं मोदी

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  • एक देश, एक चुनाव, पार लगेगी भाजपा की नाव

(अर्जुन झा)

रायपुर हिमाचल और कर्नाटक की हार के बाद छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में दुर्दशा से बचने भाजपा कोई ऐसा ब्रम्हास्त्र चला सकती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभामंडल का सीधा असर राज्यों के चुनाव पर पड़े। पहले देखा जा चुका है कि आम चुनाव में देश की जनता ने मोदी की खातिर भाजपा को समर्थन दिया लेकिन राज्यों के चुनावों में स्थानीय मुद्दे प्रभावी रहे। वहां मोदी का जादू नहीं चल पाया। मोदी मैजिक राज्यों में भी चले, इसका एक उपाय है कि देश में एक साथ चुनाव की वह व्यवस्था बहाल हो जाये, जो 60 के दशक में बंद हो गई। ऐसा हुआ तो देश में एक साथ चुनाव हो सकते हैं, इसके लिए आम सहमति की जरूरत है। इस बाबत प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2019 में ही पहल कर चुके हैं। अब इस दिशा में तेजी से कदम उठाने का समय आ गया है। भारत निर्वाचन आयोग इस विषय पर सकारात्मक रुख अपना सकता है। मोदी के अचानक फैसलों को देखते हुए चर्चा जोर पकड़ रही है कि मोदी है तो कुछ भी मुमकिन है। पर, क्या वह विपक्ष इस पर सहमत हो सकता है, जो मोदी के हर फैसले का घनघोर विरोध करता है। वैसे केंद्र सरकार के सिटीजन एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म MyGov ने लोकसभा और राज्य विधानसभा दोनों के लिए एक साथ चुनाव कराने पर चर्चा शुरू की है। यह राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री दोनों द्वारा एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में बोलने के बाद सामने आया है। कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर संसदीय स्थायी समिति की 79वीं रिपोर्ट पिछले साल संसद के दोनों सदनों में पेश की गई थी । यह रिपोर्ट ‘लोक सभा और राज्य विधान सभाओं के एक साथ चुनाव कराने की व्यवहार्यता’ के मुद्दे पर है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में अनुभव किया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस शुरू की जानी चाहिए और बार-बार चुनाव से बचने के लिए राष्ट्रीय आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। विदित है कि 1960 के दशक के अंत में एक साथ चुनावों का सिलसिला रुक गया। लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के पहले आम चुनाव 1951-52 में एक साथ हुए थे। 1957, 1962 और 1967 में हुए तीन आम चुनावों में यह क्रम जारी रही। 1968 और 1969 में कुछ विधान सभाओं के विघटन के साथ यह क्रम बाधित हो गया। 1970 में लोकसभा को समय से पहले ही भंग कर दिया गया और नए चुनाव 1971 में हुए। पहली , दूसरी और तीसरी लोकसभा ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। संविधान के अनुच्छेद 352 (इमरजेंसी) के तहत 5 वीं लोकसभा का कार्यकाल 1977 तक बढ़ाया गया था। मतलब यह कि एक देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था भारत में पहले थी। यह जैसे बदल गई, वैसे इसकी बहाली भी हो सकती है। मोदी पर विपक्ष वैसे भी मनमाने ढंग से फैसले लेने, तानाशाही करने के आरोप लगाते रहता है। एक आरोप और सही। कहने वाले कह सकते हैं कि मोदी कड़े और बड़े फैसले लेने में जरा भी संकोच नहीं करते। जीएसटी लागू कर दी, नोटबंदी लागू कर दी, धारा 370 खत्म कर दी, तीन तलाक खत्म कर दिया, देश भर में लंबा लॉक डाउन कर दिया, पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर दी, 2 हजार के नोट फिर बंद कर दिए। वे कुछ भी कर सकते हैं। एक साथ चुनाव का फैसला भी मौका देखकर कर सकते हैं। देश की जनता इस फैसले का समर्थन कर सकती है। चुनाव आयोग भी यही चाहेगा कि बार बार चुनाव में देश का धन खर्च न हो। सरकारी तंत्र चुनाव में वर्तमान स्थिति जैसा न उलझे। अब राजनीतिक पहलू यह है कि भाजपा छत्तीसगढ़ में दुर्बल है। मध्यप्रदेश में जोड़तोड़ करके सत्ता में है लेकिन अब स्थिति ठीक नहीं है। राजस्थान में भी कोई सत्ता की थाली उसके सामने नहीं है। इसके बाद लोकसभा चुनाव सिर पर हैं। यदि एक साथ चुनाव की व्यवस्था बहाल हो गई तो मोदी के नाम का फायदा भाजपा को मिल सकता है। वैसे दांव उलटा भी पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो राजनीति नए सांचे में ढल जाएगी।

राशन दुकान पहुंचने से पहले पार कर दिया 1.74 क्विंटल चावल

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  • ट्रक ड्राइवर और परिवहन ठेकेदार की बड़ी लापरवाही आई सामने

बकावंड राशन दुकान संचालक ही डंडीमारी नहीं करते, बल्कि उनकी दुकानों तक पहुंचने वाले राशन की हेराफेरी अब दूसरे लोग भी करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला दरभा विकासखंड में सामने आया है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत भेजे गए चावल में पौने दो क्विंटल चावल कम निकला। दरभा ब्लाक की ग्राम पंचायत छिंदवाड़ा स्थित शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में आज एक ट्रक से चावल व नमक पहुंचा। दुकान संचालक संतोष कुमार बघेल ने अनलोडिंग के बाद जब चावल की तौलाई की, तो 1 क्विंतल 74 किलोग्राम चावल कम निकला।

उसकी दुकान में 89 क्विंटल 82 किलोग्राम चावल भेजा गया था, जबकि पहुंचा महज 88 क्विंटल 8 किलोग्राम। 1.74 किलोग्राम चावल कम पाया गया। राशन विक्रेता संतोष ने बताया कि उसकी दुकान ने 90 क्विंटल चावल भंडारण पहुंचना था, लेकिन ट्रक ड्राइवर और परिवहन ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण कम चावल पहुंचा। वहां मौजूद लोगों की उपस्थिति में चावल का पंचनामा बनाकर सभी के हस्ताक्षर लिए गए। ट्रक की पड़ताल करने पर एक बोरा चावल ड्राईवर केबिन के अंदर रस्सी व अन्य सामानों के नीचे छुपाकर रखा पाया गया। ट्रक ड्राइवर गोलू विश्वकर्मा व हमाल तबीर, विजय आदि यह राशन लेकर संतोष बघेल की दुकान में पहुंचे थे।

मासिक धर्म पर कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता जरूरी

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  • मासिक धर्म पर गलतफहमियां दूर करने की है दरकार : सफीरा साहू
  • कलेक्टर और महापौर के नेतृत्व में चलाया गया सफाई अभियान

जगदलपुर विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर 28 मई को दलपत सागर में सैकड़ों लोग जुटे और मासिक धर्म से संबंधित कुरीतियों को खत्म करने के लिए जागरूकता का संदेश दिया। महापौर सफीरा साहू और कलेक्टर विजय दयाराम के की अगुवाई में दलपत सागर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।नागरिकों को संबोधित करते हुए महापौर सफीरा साहू ने कहा कि मासिक धर्म के संबंध में व्याप्त भ्रांतियों ने अब कुरीतियों का रूप ले लिया है। यह समस्या सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी देखी जाती है। इन्हे दूर करने की आवश्यकता है।कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि मासिक धर्म एक नियमित शारीरिक प्रक्रिया है, किंतु इसे लेकर समाज में कई ऐसी कुरीतियां व्याप्त हो गई हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान आमतौर पर महिलाओं पर किसी सामान को छूने या कहीं आनें जाने पर पाबंदी लगाई जाती है। वहीं मासिक धर्म को कन्या के विवाह के अवसर से भी जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि विवाह के लिए न्यूनतम आयु कानून में निर्धारित है तथा मासिक धर्म के आधार पर किसी कन्या का विवाह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आज युवतियों के सपने बड़े हैं तथा वे अपने आप को सिर्फ बेसिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर स्वयं की प्रतिभा को भी साबित करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आज यहां दलपत सागर के स्वच्छता अभियान तथा विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक दिख रही है, जो एक अच्छा संकेत है। उन्होंने दलपत सागर के तट पर मासिक धर्म के संबंध में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ इस जागरूकता संदेश को गांव गांव और घर घर तक पहुंचने की अपील की।

  • दिखा बैक्टिरियल ई बॉल का कमाल

जलकुंभी और हाइड्रीला से पटे 360 एकड़ रकबे वाले दलपत सागर जलाशय की सफाई के लिए पिछले सप्ताह प्रायोगिक तौर पर कुछ क्षेत्रों में डाली गई बैक्टिरियल ई बॉल का कमाल नजर आया।

ई बॉल डाले जाने के बाद हाइड्रिला और जलकुंभियां सूखकर पानी की सतह पर तैरती नजर आईं यहां बड़ी संख्या में जुटे स्वच्छता प्रेमियों ने इसकी जल कुंभियों सफाई की। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर हरेश मंडावी, नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा सहित बड़ी संख्या में राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना, वन विद्यालय के प्रशिक्षु, स्वच्छता ब्रांड एंबेसेडर, दलपत बचाओ अभियान के सदस्य, युवोदय के स्वयंसेवक, स्वच्छता दीदियां, ग्रामीण स्वच्छता मिशन के कार्यकर्ता, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

शहर की नन्ही परी श्रावणी ने लांघी 13,500 फीट की ऊंचाई

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  • सात साल की बच्ची ने हिमालयन ट्रेकिंग में में रच दिया इतिहास
  • जगदलपुर के वरिष्ठ पत्रकार रवि एवं शोभा दुबे की पोती है श्रावणी

जगदलपुर नगर की एक नन्ही परी ने हिमालयन ट्रेकिंग एंड एक्सपेडिशन अभियान में नया इतिहास रच दिया है। इस छोटी सी गुड़िया श्रावणी दुबे ने वह कमाल कर दिखाया है, जिसे करने में बड़े बड़ों के पसीने छूट जाते हैं। श्रावणी ने ट्रेकिंग अभियान में साढ़े तेरह हजार फीट ऊंचाई वाले पहाड़ की चढ़ाई कर डाली और इतनी ऊंचाई तक चढ़ाई करने वाली छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की पहली कन्या बनने का खिताब अपने नाम कर लिया। शहर के वरिष्ठ पत्रकार रवि दुबे की पोती श्रावणी को साहसिक अभियानों में भाग लेने का जज्बा अपने पिता से मिला है। श्रावणी के पिता नेवी के रिटायर्ड ऑफिसर हैं और फिलहाल रायपुर की एक बैंक शाखा में कार्यरत हैं। श्रावणी की मां भी बैंककर्मी है। श्रावणी के पिता शुरू से साहसिक गतिविधियों और अभियानों में हिस्सा लेते रहे हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर श्रावणी ने महज तीन साल की उम्र में तैराकी सीख ली थी और अब पहाड़ों के ऊंचे और कठिनतम डगर को नापने का साहस दिखाया है। यूथ हॉस्टल एसोसिशन ऑफ इंडिया द्वारा इसी माह उत्तराखंड के उत्तर काशी जिले में स्थित देवक्यारा में आयोजित हिमालयन ट्रेकिंग कम एक्सपेडिशन अभियान में भाग लेने गए अपने पिता के साथ श्रावणी भी वहां गई थी। इस ट्रेकिंग में भाग लेने की न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष तय थी, मगर 7 साल की श्रावणी भी इसमें भाग लेने की जिद पाल बैठी। आयोजक इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे। अंततः श्रावणी की जिद और लगन के आगे सभी नत मस्तक हो गए। श्रावणी के माता – पिता से लिखित में जिम्मेदारी लेने के बाद श्रावणी को भाग लेने का मौका दिया गया। आखिरकार श्रावणी ने 13 हजार 500 फीट की ऊंचाई तक चढ़ाई कर ट्रेकिंग पूरी कर दिखाई। बताया गया है कि इतनी कम उम्र में इतनी ज्यादा ऊंचाई तक चढ़ाई पूरी करने वाली वह छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की पहली बालिका बन गई है।

शोक संतप्त परिवार के आंसू पोछने पहुंचे विधायक रेखचंद

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  • दुखी सोनी परिवार को कांग्रेस के साथ रहने का जैन ने दिलाया भरोसा

जगदलपुर रविवार को संसदीय सचिव व जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन हाटकचोरा निवासी राजू सोनी के असामयिक निधन पर शोक संतप्त परिवार के आंसू पोंछने व उनके परिजनों से मिलने पहुंचे। जैन ने स्वर्गीय सोनी की धर्मपत्नी व बच्चों को दिलासा देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में समस्त कांग्रेस परिवार उनके साथ है। उन्होंने सोनी से अपने आत्मिक व व्यक्तिगत संबंधो का भी जिक्र किया। इस दौरान जैन के साथ वार्ड पार्षद पंचराज सिंह, पार्षद सुशीला बघेल, गौरनाथ नाग, सूर्या पाणि, रामचंद्र नाग, संतोष सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद थे।

भाजपा का पोल खोल अभियान राजनैतिक नौटंकी : लखेश्वर

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  • भाजपाई गांव जाकर देखें, पता चल जाएगा शौचालय और रतनजोत प्लांटेशन का हश्र – बघेल

बस्तर बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष एवं विधायक लखेश्वर बघेल ने भाजपा के जाबो गौठान, खोलबो पोल अभियान को राजनैतिक नौटंकी बताते हुए कहा है कि भाजपा को देखना ही है तो गांवों में रतनजोत प्लांटेशन और स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालयों तथा रमन मोबाइल फोन का हाल देखें। पता चल जाएगा कि जमीनी सच्चाई क्या है। श्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार की महत्वपूर्ण नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना ऐतिहासिक एवं रचनात्मक पहल है। प्रदेश के मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच का परिणाम है कि आज नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना की तारीफ देश विदेश मे हो रही है, किंतु मुद्दाविहीन भाजपा के नेताओं को यह सब नहीं दिखता। भाजपा ने 15 साल तक प्रदेश में सरकार चलाने के बाद भी राज्य का विकास ही नहीं किया। केवल प्रदेश के सभी वर्गों का शोषण करते हुए छल किया। गांव, गरीब, किसान, आदिवासी, नारी शक्ति की कभी सुध नहीं ली। आज भाजपा के नेता सत्ता में नहीं है तो प्रदेश के आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओ के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।विधायक बघेल ने कहा कि नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों मे गौठान का निर्माण कर स्व सहायता महिला समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर रही है। हम राजीव गांधी गोधन न्याय योजना के माध्यम से आज गौठानों मे गोबर खरीदी कर रहे हैं, जिसकी तारीफ देश के अनेक राज्य सहित विदेशों मे होने लगी है। आज प्रदेश के किसानों का धान 2640 रु प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दे रहे हैं। इसकी सराहना करना छोड़ भाजपा के नेता सस्ती लोकप्रियता के लिए गोठानों में अपनी फोटो खिंचवा कर राजनैतिक नौटंकी कर रहे हैं। लखेश्वर बघेल ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा के लोग गोठानों में जाकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। प्रदेश की जनता भाजपा की नीति और कार्यो से भलीभांति परिचित हो चुकी है। भाजपा शासनकाल में रतनजोत पौधरोपण और शौचालय निर्माण योजना बुरी तरह से गांवों में असफल हुईं है। अब जनता भाजपा के झांसे मे आने वाली नहीं है। आने वाले चुनाव मे प्रदेश की जनता उन्हें पुनः जवाब जरूर देगी।

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