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छात्रवृत्ति के लिए बैंक खातों को आधार लिंक कराना जरूरी

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जगदलपुर बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने बताया है कि छग शासन के निर्देशानुसार कक्षा तीसरी से 10वीं तक के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त संस्थाओं के विद्यार्थियो को राज्य छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु आधार आधारित भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया गया है। राज्य छात्रवृत्ति हेतु पात्र सभी लाभार्थियों को अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य होगा। विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी स्कॉलरशिप पोर्टल पर जाकर प्राप्त कर सकते है।

 

रेलमंत्री ने सांसद कश्यप को पत्र भेजकर दी नई रेल लाइन की खबर

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जगदलपुर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने बस्तर सांसद महेशकश्यप को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि उनकी मांग पर रावघाट- जगदलपुर नई रेल लाइन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सांसद कश्यप ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव की गंभीरता को प्रणाम और नमन करता हुए कहा है कि उन्होंने आज़ादी के 78 वर्ष के बाद बस्तर को रेल की सौग़ात दी है। मेरा भी सौभाग्य हैं कि उन्होंने मुझे पत्र लिखकर अवगत कराया है। उनके संवेदनशीलता को बारंबार नमन करता हूं। बारंबार नमन करता हूं।

 

 

 

बीजापुर पहुंचे सीएम साय

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सीआरपीएफ जवानों की करेंगे हौसला अफजाई

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के ग्राम गलगम पहुंचे।गलगम में हैलीपेड पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फोर्स के अधिकारियों ने सीएम साय का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीआरपीएफ जवानों का हौसला बढ़ाने पहुंचे हैं।बीजापुर के करेगुट्टा में हाल ही में फोर्स को नक्सलियों के खिलाफ जंग में बड़ी सफलता मिली है। गलगम में मुख्यमंत्री श्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी मौजूद हैं।

आज भाजपा के दो बड़े कार्यक्रम

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  •  वन नेशन, वनइलेक्शन और वक्फ बिल पर होंगी संगोष्ठियां

जगदलपुर बस्तर जिला भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज 15 मई को दो महत्वपूर्ण संगोष्ठियां आयोजित की गईं हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन विषय पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी भवन टाऊन हाल जिला पंचायत कार्यालय जगदलपुर के सामने दोपहर 12 बजे संगोष्ठी होगी। मुख्य वक्ता कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप होंगे। इसी तरह दोपहर 3 बजे वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर भाजपा ने बस्तर चेंबर भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया है। इसमें भी मुख्य वक्ता वन मंत्री केदार कश्यप होंग।

मंत्री वर्मा और कश्यप पहुंचे जगदलपुर

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप जगदलपुर पहुंचे। जगदलपुर एयरपोर्ट पर महापौर संजय पाण्डेय एवं अन्य भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।

दल्ली राजहरा नगर के सभी कुओं एवं तालाबों को संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किए जाने की मांग की समर्थ लखानी

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दल्लीराजहरा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के पाँच जिले “क्रिटिकल ज़ोन” के रूप में अंकित किए जा चुके हैं, जो कि जल संकट की गंभीर स्थिति की ओर संकेत करता है। ऐसी स्थिति में हमारे नगर में जल संरक्षण के स्थायी उपाय अत्यंत आवश्यक हो गए हैं।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि नगर क्षेत्र में स्थित समस्त पुराने कुओं एवं तालाबों को यथाशीघ्र चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए, तथा उन्हें नगर पालिका की संरचना योजना में शामिल करते हुए उनका उचित संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए।

इस पहल से न केवल नगर का जलस्तर स्थिर रहेगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन एवं जनहित में भी यह कदम अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। आशा है कि आप शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर नगर हित में यह कार्य प्रारंभ करवाएंगे।

 

वेदांश मिश्रा ने दसवीं सीबीएससी में 99 प्रतिशत अंक पाकर राजधानी को पहुंचाया शीर्ष पर

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  • वरिष्ठ पत्रकार पीयूष मिश्रा के पुत्र हैं मेधावी वेदांश 
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का असर रायपुर से लेकर बस्तर तक 

रायपुर छात्र वेदांश मिश्रा ने दसवीं सीबीएससी की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होकर शिक्षा जगत में राजधानी को शीर्ष पर पहुंचा दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का असर दिख रहा है। रायपुर से लेकर बस्तर तक शानदार शैक्षणिक क्रांति आई है।

हालांकि अभी तक सीबीएसई दसवीं की मेरिट लिस्ट की घोषणा नहीं हुई है मगर 99 प्रतिशत अंक अपने आप में एक बड़ा परसेंट माना जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार पीयूष मिश्रा के पुत्र हैं वेदांश, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वेदांश आगे जाकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। उनका मानना है कि विज्ञान के क्षेत्र में अभी भी भारत पिछड़ा है जिसकी कमी उन्हें खलती है और वह इस कमी को पूरा करना चाहते हैं। वेदांश की यह उपलब्धि बताती है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश शिक्षा विभाग के स्कूलों में ही नहीं, बल्कि सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में भी उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण बनाने की दिशा में सराहनीय काम किया। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शिक्षा विभाग के अधिकारी इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी वेदांश की प्रतिभा के कायल हो गए। जब वेदांश ने ओपी चौधरी से मुलाकात की और अपने रिजल्ट के बारे में उन्हें बताया तो चौधरी ने वेदांश को गले लगा लिया, बधाई दी और तरक्की की शुभकामनाएं दी।शिक्षा के मामले में अति पिछड़ा माने जाने वाले बस्तर जिले में भी शिक्षा व्यवस्था अब काफी मजबूत हो चुकी है। बस्तर कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जो जमीनी पहल की जा रही है, उसके सार्थक परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं। यहां के कई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। साय के सुशासन का असर छत्तीसगढ़ का शिक्षा जगत में भी दिख रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न

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  • वनोपज से वनांचल के लोगों में आ रही है आर्थिक समृद्धि

रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 306वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय एम-10 के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अंतविभागीय समिति(आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 305वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही 2021 सीजन के वनोपजों की लॉट क्रमांक 123(ब) के आवंटन हेतु प्रस्ताव पर चर्चा की ।

बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों—महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इसके अलावा गोदामशुल्क रहित महुआ फूल (बीज रहित) की एक लाख क्विंटल (101 लॉट) के विक्रय को पूर्व स्वीकृत दरों पर निर्यात हेतु स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत गोदामशुल्क रहित वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, कार्यकारी संचालक मनीवासगन, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन संकल्प को लेकर साय सरकार में नजर आई आपसी विश्वास की कमी: दीपक बैज

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  •  मारे गए नक्सलियों की पहचान में भी विरोधाभास

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन संकल्प से साय सरकार में आपसी विश्वास तथा मुख्यमंत्री और गृहमंत्री में सामंजस्य न होने का तथ्य उजागर हुआ है।

दीपक बैज ने कहा कि पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा नक्सल अभियान चलाया गया जिसका गृहमंत्री ने पुरजोर खंडन करते हुए ऐसे किसी ऑपरेशन से इंकार किया था। जबकि मुख्यमंत्री ने अभियान चलाए जाने की बात कही थी। श्री बैज ने कहा कि इतने बड़े ऑपरेशन पर सरकार एक राय नहीं थी। कैसे गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी? इस घटनाक्रम से साबित होता है सरकार मे आपस मे विश्वास का संकट है। दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दावा किया कि ऑपरेशन संकल्प में 22 नक्सली मार गिराए गए हैं। उसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कोई ऑपरेशन संकल्प नहीं चल रहा है और ऐसी कोई संख्या नहीं है, यह झूठ है। लेकिन पता चला कि बीजापुर ज़िला अस्पताल में 22 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे हैं। बीजापुर की स्थानीय मीडिया, बस्तर की मीडिया और प्रदेश की भी मीडिया को अस्पताल में नहीं जाने दिया गया। चारों ओर सवाल उठे, शव मोर्चुरी में सड़ने लगे तब पुलिस ने 12 मई की शाम प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि ऑपरेशन संकल्प में कुल 31 नक्सली मारे गए हैं। बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनो में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ में बरामद नक्सलियों के शवों में से अब तक कुल 20 नक्सलियों के शवों की पहचान कर ली गई है। पहचाने गए 20 नक्सलियों के शवों में से 11 शवों को पोस्टमार्टम और कानूनी औपचारिकता के पूरा होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। मुठभेड़ में बरामद शेष 11 नक्सलियों के शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उनके शव भी परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। दीपक बैज ने कहा कि इस प्रेस रिलीज़ में भी विरोधाभास है। अगर 20 की पहचान कर ली गई है तो सिर्फ़ 11 क्यों सौंपे गए? अगर 20 की पहचान हो गई तो 11 की पहचान की प्रक्रिया कैसे जारी हो सकती है? हमारा सवाल है क्या ऑपरेशन संकल्प चल रहा है? अगर हां तो इसका क्या विवरण है? ऐसा कैसे हो सकता है कि पुलिस कोई ऑपरेशन चला रही है और गृहमंत्री को इसकी जानकारी नहीं है? कुल कितने शव बरामद किए गए? अगर 31 नक्सली मारे गए तो बीजापुर में 22 शव ही कैसे पहुंचे और बाक़ी शव कहां हैं? अगर सुरक्षा बलों को इतनी बड़ी सफलता मिली तो इसकी घोषणा करने में इतना समय क्यों लगा? जिनकी पहचान की गई उनके क्या-क्या नाम हैं? जिन शवों को पहचान कर हैंडओवर किया गया, उनके क्या नाम हैं और मृतकों से उनका क्या क्या रिश्ता है? कितने शव को पहचानना अभी बाक़ी है?

खनिज संपदा मित्रों के हवाले

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर की बहुमूल्य खदानों को मित्रों को सौंप रही डबल इंजन की सरकार। बस्तर के संसाधनों पर भाजपा सरकार की बुरी नजर है, विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉरपोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की चार बड़ी लौह अयस्क खदानें निजी पूंजीपतियों कोदे दी गई हैं। 2 खदानें बैलाडीला-1 और बैलाडीला-1ए की खदान आर्सेलर मित्तल को 50 साल के लिए लीज पर दी गई है। बैलाडीला 1 बी खदान रूंगटा स्टील को 50 साल के लिए दिया गई है।कांकेर जिले के हाहालादी खदान सागर स्टोन को 50 साल के लिए दे दिया गया है। यह शुरूआत है इसके बाद बस्तर की सभी बहुमूल्य खनिज संपदा को अडानी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अडानी के लिए बस्तर में रेड कार्पेट बिछाई जा रही है। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर में खनन आधारित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्थापित करने के बजाय, बहुमूल्य खनिज संसाधन औने-पौने दाम पर पूंजीपतियों को लुटा रही है।विगत दिनों केंद्रीय इस्पात मंत्री छत्तीसगढ़ आए थे, तमाम विरोध के बावजूद भारत सरकार का सरकारी उपक्रम फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भिलाई स्थित यूनिट को मात्र 320 करोड़ में बेच दिया गया। जबकि यह उपक्रम कभी घाटे में नहीं रहा बल्कि लगभग 100 करोड़ प्रति वर्ष का मुनाफा कमा रहा था। श्री बैज ने कहा कि रमन सिंह की सरकार के दौरान बस्तर के नागराज पर्वत मोदी के मित्र अदानी को बेचा गया। ग्राम सभा की फर्जी एनओसी लगाई गई, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने जांच के बाद आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव केंद्र की मोदी सरकार को भेजा था, लेकिन वह भी आज तक लंबित है। बस्तर के नगरनार में 20 हजार करोड़ से अधिक के सार्वजनिक क्षेत्र एनएमडीसी के प्लांट को बेचने के लिए केंद्र की मोदी सरकार विनिवेशीकरण की सरकारी साइट ‘‘दीपम’ पर सेल लगाकर रखी है। बस्तर के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बेच रही है मोदी सरकार। चुनाव के समय मोदी और अमित शाह ने बस्तर की जनता से वादा किया था कि नगरनार नहीं बिकेगा लेकिन बेचने की प्रक्रिया आज भी जारी है।भाजपा की सरकार की बुरी नजर केवल बस्तर के संसाधनों पर है। कांग्रेस पार्टी बस्तर के संसाधनों के बंदरबांट के खिलाफ शीघ्र ही बड़ा जन आंदोलन चलाने जा रही है। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, रविशंकर तिवारी, राजेश राय, महामंत्री जाहिद हुसैन, सुभाष गुलाटी, असीम सुता,युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान, अनुराग महतो, पार्षद अफरोज बेगम, शुभम् यदु, लोकेश चौधरी, शादाब अहमद, एस नीला,ज्योति राव, सलीम जाफर आदि मौजूद रहे।

फोरलेन सड़क को सिक्सलेन करने पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मंत्री गडकरी को लिखा पत्र

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  • संतोष बाफना ने दिया यातायात में हुए बेतहाशा इजाफे का हवाला 

जगदलपुर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष बाफना ने पत्र लिखकर धमतरी से जगदलपुर मार्ग की बदली हुई परिस्थितियों का हवाला देकर स्वीकृत फोरलेन सड़क मार्ग को धमतरी से धनपूंजी तक सिक्स लेन में परिवर्तित करने की मांग की है।

बता दें कि धमतरी से जगदलपुर तक फोरलेन सड़क बनाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक संतोष बाफना वर्ष 2019 से लगातार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पत्राचार कर रहे थे। वर्ष 2023 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी फोरलेन से संबंधित दस्तावेजी पत्राचार कर बस्तर की इस बहुप्रतीक्षित मांग को केंद्रीय स्तर पर उठाने का आग्रह किया था। जिसके पश्चात् हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा बहुप्रतिक्षित धमतरी से जगदलपुर तक फोरलेन की मांग को स्वीकृति प्रदान की गई। श्री बाफना ने अपने पत्र में कहा है कि पत्राचार करने के बीते 5 वर्षों में इस मार्ग की यातायात संबंधी परिस्थितियां पहले की तुलना में अब पूरी तरह से बदल चुकी हैं एवं स्वीकृत फोरलेन सड़क परियोजना को संशोधित कर इसे धमतरी से धनपूंजी तक सिक्सलेन में परिवर्तित करने की ज्यादा आवश्यकता है। क्योंकि 20 हजार से भी अधिक छोटे-बड़े वाहन प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जो कि फोर लेन की तुलना से कहीं अधिक हैं। यातायात दबाव अधिक होने की वजह से प्रतिदिन यह मार्ग खून से लाल हो रहा है। रोज घटित होने वाली 3 से 4 दुर्घटनाओं में औसतन 5 से 6 लोगों को अपनी जान इस मार्ग पर प्रतिदिन गंवानी पड़ रही है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। आप चाहें तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं परिवहन मंत्रालय से भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के 7 से भी अधिक जिले व सीमावर्ती राज्यों के नजदीकी जिलों के आवागमन की निर्भरता पूरी तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 30 के इसी हिस्से पर टिकी हुई है। यातायात की दृष्टि से बस्तर संभाग के लोगों की यही एकमात्र लाईफ लाइन भी है। इस मार्ग के अलावा बस्तर को प्रदेश की राजधानी रायपुर से जोड़ने के लिए अभी वर्तमान में अन्य कोई विकल्प नहीं है

सिक्सलेन से बस्तर में होगा निवेश

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा है कि बस्तर में एनएमडीसी माईनिंग, एस्सार जैसी बड़ी खनन कंपनियां पूर्व से स्थापित हैं और बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल, रूंगटा स्टील, सागर स्टोन, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, निको जायसवाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बस्तर में निवेश को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है जबकि टाटा, जिंदल, सारडा स्टील, लायड स्टील जैसी देश- दुनियां की बड़ी कंपनियां बस्तर में निवेश की दौड़ में शामिल हैं। सिक्सलेन जैसी बेहतर कनेक्टिविटी होने से बस्तर में निवेश को आकर्षित करने में और भी सहायक सिद्ध हो सकती है।

परिवहन लागत में आएगी कमी

पूर्व विधायक श्री बाफना ने कहा है कि बस्तर के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी के इस्पात संयंत्र से भी उत्पादन कार्य शुरू हुए दो-ढाई वर्ष हो चुके हैं और निकट भविष्य में संयंत्र के पास ही कई सहायक उद्योगों के प्रारंभ होने की प्रबल संभावनाएं है। एनएमडीसी के इस्पात संयंत्र के साथ बस्तर संभाग में जितनी भी लौह अयस्क व अन्य खनिज की खदानें संचालित हैं वह सभी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रं. 30 से जुड़ी हुई हैं। एवं इस मार्ग से ही प्रतिदिन सैकड़ों-हजारों की संख्या में ट्रकों के माध्यम से एनएमडीसी नगरनार में उत्पादित एचआर कॉयल व बस्तर की खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क व अन्य खनिजों का परिवहन होता है। धमतरी से धनपूंजी तक सिक्स लेन सड़क होने से माल व श्रम की आवाजाही सुलभ रूप से स्थानांतरित करने में मदद मिल सकेगी व इसमें लगने वाला समय भी कम होगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और उद्योगों को लाभ होगा।

सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी

संतोष बाफना ने कहा है कि धमतरी से धनपूंजी तक मार्ग को सिक्स लेन में परिवर्तित करना सड़क की सुरक्षा में सुधार कर सकता है जिससे प्रतिदिन इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगाई जा सकती है। एवं बेहतर सड़क सुरक्षा के लिए भी यही केवल एकमात्र उपाय भी है।

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