जगदलपुर बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में कॉलेजियम प्रणाली में सुधार से संबंधित सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विधि और न्याय मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार ने हाल के दिनों में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों को वापस कर दिया है? यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और उच्चतम न्यायालय द्वारा इस संबंध में व्यक्त किए गए विचार क्या हैं?सांसद दीपक बैज ने पूछा कि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के मुद्दे को हल करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मौजूदा कॉलेजियम प्रणाली के कार्यकरण पर कोई चिंता/ आपत्ति जताई गई है और यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है? उन्होंने पूछा कि क्या सरकार उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी समिति में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों को नियुक्त करने पर विचार कर रही है और यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है तथा उस पर राज्यों और उच्चतम न्यायालय की प्रतिक्रिया क्या है और उक्त पहल को समर्थन देने वाले राज्यों के नाम क्या हैं? सांसद दीपक बैज के सवाल के जवाब में विधि और न्याय मंत्री किरेन रिजीजू ने सदन के पटल पर विवरण रखा। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली में सुधार से संबंधित लोकसभा तारांकित प्रश्न के जवाब में जानकारी दी कि हाल ही में 18 प्रस्तावों पर उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा पुनर्विचार की मांग की गई थी। इन प्रस्तावों की परीक्षा करते हुए एससीसी ने छह मामलों को दोहराने का विनिश्चय किया है 7 मामलों में एससीसी ने उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम से अद्यतन इनपुट मांगे हैं और 5 मामलों को उच्च न्यायालयों को भेजने का विनिश्चय किया है। विधि मंत्री ने बताया कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 217 और 224 तथा उच्च न्यायालय के 6 अक्टूबर 1993 के साथ पठित 28 अक्टूबर 1998 की उनकी सलाहकारी राय के अनुसरण में 1998 में तैयार किए गए प्रक्रिया ज्ञापन में अधिकथित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए विद्यमान प्रक्रिया ज्ञापन के अनुसार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा रिक्ति के 6 माह पूर्व किसी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश की रिक्तियों को भरने के लिए प्रस्ताव का आरंभ किया जाना अपेक्षित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उच्चतम न्यायालय में 9 और उच्च न्यायालयों में 120 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है और वर्ष 2022 में उच्चतम न्यायालय में तीन और उच्च न्यायालयों में 165 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। 1 फरवरी 2023 तक 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या में से उच्चतम न्यायालय में 27 न्यायाधीश कार्यरत हैं और हाल ही में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम से 7 रिक्तियों की सिफारिशें ग्रहण की गई हैं। उच्च न्यायालयों में 1108 न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या में से 775 न्यायाधीश कार्यरत हैं तथा 333 न्यायाधीशों के पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों में से उच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए गए 142 प्रस्ताव प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर हैं और उच्च न्यायालयों में 191 रिक्तियों की सिफारिशें उच्च न्यायालय कॉलेजियम से प्राप्त की जानी है।
स्थानीय मजदूरों को काम न देकर जेसीबी से काम करा रहे हैं रेंजर
- बकावंड वन परिक्षेत्र अधिकारी की मनमानी पर कोई नियंत्रण नहीं
- काजू प्लांट में चल रहे खोदाई कार्य में ली जा रही है मशीनों की मदद
अर्जुन झा
बकावंड राज्य शासन विभिन्न विभागों के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों में अधिक से अधिक मानव शक्ति के उपयोग को प्रोत्साहित करता है। इसके पीछे शासन की मंशा है कि लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सके, लेकिन वन परिक्षेत्र बकावंड के वन परिक्षेत्र अधिकारी मानव की जगह मशीनों को प्राथमिकता देकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने में लगे हुए हैं।बकावंड वन परिक्षेत्र अधिकारी के माध्यम से वन विभाग द्वारा ग्राम पंचायत सोनपुर के काजू प्लांट में कराए जा रहे गड्ढा खोदाई कार्य में सोनपुर व आसपास के गांवों के ग्रामीणों को काम न देकर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। किराए पर जेसीबी मशीनें लगवाकर वन परिक्षेत्र अधिकारी निजी हित साधने में लगे हुए हैं। इस कार्य में मजदूर लगाए जाते, तो स्थानीय गरीब आदिवासियों का भला होता, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी की ऊपरी कमाई ज्यादा नहीं हो पाती, क्योंकि की राशि सीधे मजदूरों के खातों में भेजने की व्यवस्था जो कर दी गई है। जानकारी मिली है की जेसीबी मशीनों का भाड़ा ज्यादा दर्शाकर राशि की अफरा तफरी की जा रही है। ज्ञात हो कि बकावंड वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा कराए गए प्रायः सभी निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। रेंजर आवास निर्माण में गड़बड़ी, पेड़ों की छंटाई के नाम पर सागोन, बीजा, साजा आदि प्रजाति के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, गोदाम निर्माण में अनियमितता, देवगुड़ी के संरक्षण कार्य में धांधली जैसे अनेक कार्यों में शासकीय राशि की अफरा तफरी की जा चुकी है।
ओड़िशा के मजदूरों से कराते हैं काम
वन परिक्षेत्र अधिकारी विभागीय निर्माणों व दीगर रोजगारमूलक कार्यों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के बजाय ओड़िशा के मजदूरों से काम कराया जाता है। ओड़िशा के अनेक गांव बकावंड विकासखंड की सीमा से लगकर बसे हुए हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों को ओड़िशा के इन सीमावर्ती गांवों में भेजकर वहां से मजदूर बुलवा लेते हैं और उनसे विभागीय कार्य कराते हैं। ओड़िशा के मजदूर स्थानीय मजदूरों की अपेक्षा कम मजदूरी लेते हैं और भाषायी समझ के अभाव में वे वन परिक्षेत्र अधिकारी की पोल पट्टी नहीं खोल पाते। इसलिए वन परिक्षेत्र अधिकारी को गड़बड़ी करने में बड़ी सहूलियत हो जाती है। दो माह पहले ही ऐसा एक मामला उजागर हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्थानीय मजदूरों के हित में उपलब्ध कराए गए धन का व्यापक पैमाने पर दुरूपयोग किया गया था। वहीं देवगुड़ी संरक्षण कार्य के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए धन की गड़बड़ी के मामले में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल इस वन परिक्षेत्र अधिकारी को सरेआम फटकार भी लगा चुके हैं, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी अपना रवैया बदलने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
बस्तर सांसद दीपक बैज ने भूपेश को बताया बेहतरीन टीम लीडर
- अभा राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रायपुर में हुई एलडीएम की बड़ी बैठक
जगदलपुर राजीव भवन रायपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी की लीडरशिप डेवलप मिशन (एलडीएम) की बड़ी बैठक हुई। कांग्रेस अपने लीडरशिप डेवलपमेंट के जरिए नई प्लानिंग के साथ काम कर रही है। इसके लिए अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग तथा अल्पसंख्यक समुदायों को साधने तथा लोकसभा और विधानसभा सीटों पर नए लीडरशिप डेवलपमेंट तैयार करने हेतु एलडीएम के तहत नए एजेंडे पर कांग्रेस कार्य कर रही है। इसके लिए प्रदेश, जिला, विधानसभा क्षेत्र, ब्लाक, जोन, सेक्टर और बूथ स्तर तक को-ऑर्डिनेटर व कन्वेनर की नियुक्तियां की जाएंगी।पिछले दिनों ऐसी ही महत्वपूर्ण बैठक झारखंड में हुई थी और अब छत्तीसगढ़ में रखी गई। राजीव भवन रायपुर में हुई बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय एसटी, एससी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक विभाग के संयोजक के.राजू, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, सह प्रभारी चंदन यादव,अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी राव मोघे,प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम, अनुसूचित जाति कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व बस्तर के सांसद दीपक बैज, छ्ग शासन के केबिनेट मंत्री शिव डहरिया विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में लीडरशिप डेवलप करने पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई और आगामी कार्ययोजन तैयार कर काम करने के लिए निर्देशित किया गया। इस बैठक में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजकुमार अंचल, छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष जनक राम ध्रुव, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष चौलेश्वर चंद्राकर, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष अमीन मेमन समेत इन सभी विंग्स के जिला अध्यक्ष एवं कांग्रेस कमेटी के भी जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।

शैलजा ने सराहा सांसद बैज की बातों को
एलडीएम की बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बस्तर सांसद एवं आदिवासी कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रभारी दीपक बैज ने लीडरशिप डेवलपमेंट पर बड़ा ही प्रभावी और ओजस्वी भाषण दिया।श्री बैज छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आदिवासियों के हितों के लिए किए गए व कराए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बेहतरीन टीम लीडर साबित हुए हैं। बघेल का टीम मैंनेजमेंट इतना शानदार है कि उनके सारे मंत्रिमंडलीय सहयोगी बढ़िया परफॉरमेंस दिखाते हुए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभावी प्रबंधन के दम पर आज छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय, अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में ग्राम, जनपद व जिला पंचायतों में पंच सरपंच, सदस्य आदि कांग्रेस की नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद दीपक बैज की बातों को सुनकर छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा ने अपने उद्बोधन में सांसद दीपक बैज की तारीफ करते हुए कहा कि बैज ने बेहद अच्छे तरीके से लीडरशिप डेवलपमेंट के ऊपर ओजस्वी बातें रखी। इनकी बातों से मैं व्यक्तिगत तौर पर मैं बेहद प्रभावित हूं।
बस्तर संभाग में अल्पसंख्यक आयोग का सेमिनार 6 से
जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में अलग अलग तिथियों पर सेमिनार का आयोजन 6 फरवरी से किया जा रहा है। सेमिनार में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल की जाएगी।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग कार्यालय से जारी प्रेस नोट के मुताबिक बस्तर जिले के लिए 6 फरवरी को कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरिय में दोपहर दो बजे से सेमिनार का आयोजन जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं विधायक लखेश्वर बघेल तथा विधायक राजमन बेंजाम की उपस्थिति में होगा। इसी तरह कोंडागांव जिले में 7 फरवरी को कोंडागांव के रेस्ट हाउस में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम की उपस्थिति में सेमिनार होगा। 8 फरवरी को कांकेर जिले के लिए जिला पंचायत सभागृह में मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, विधायक शिशुपाल सोरी, विधायक सावित्री मंडावी व अनूप नाग की उपस्थिति में सेमिनार होगा। इन तीनों जिलों में अल्पसंख्यकों भलाई के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रचार एवं अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए कार्यरत संगठनों के सम्मान पर विचार विमर्श होगा। इन्हीं तिथियों पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा (केबिनेट मंत्री दर्जा ), उपाध्यक्ष हफिज खान, सदस्य अनिल जैन एवं सचिव एमआर खान जिला कलेक्टर कार्यालयों में अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे। आयोग ने अल्पसंख्यक समुदायों से सेमिनार में उपस्थिति की अपील की है।
36 किमी पैदल चलकर पदयात्री भानपुरी विश्राम
जगदलपुर दंतेवाड़ा शक्तिपीठ से 30 जनवरी को रवाना हुई सर्व आदिवासी समाज की पदयात्रा गुरूवार को जगदलपुर में रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार की सुबह रायपुर के लिए रवाना हुई। दिनभर में 36 किमी पैदल चलकर पदयात्री भानपुरी में रात्रि विश्राम के लिए रूके। शहर से जमकर नारेबाजी करते निकले पदयात्रियों ने 32 प्रतिशत आरक्षण हमारा अधिकार है इसे लेकर रहेंगे की आवाज बुलंद की।

पदयात्रा में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर जिले के आदिवासी नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पदयात्रियों का आसना से भानपुरी तक जगह-जगह स्वागत किया गया। चपका मोड़ पर बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत चपका के सरपंच के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासियों को मिले अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। राज्यपाल को बिना देरी के हस्ताक्षर कर फाईल को लौटा देना चाहिए। राज्यपाल खुद आदिवासी वर्ग से हैं इसलिए उन्हें मालूम है कि आरक्षण का लाभ मिलने से आदिवासियों को कहां-कहां कितना फायदा पहुंच सकता है। बताया गया कि 12 फरवरी को रायपुर पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और उन्हें बस्तर संभाग के सभी 7 जिले के सर्व आदिवासी समाज की भावनाओं से अवगत कराएंगे।
बेसोली में हुआ राम मंदिर निर्माण के लिये भूमिपूजन
- धर्म संस्कृति के रक्षा करने धर्मांतरण से बचना होगा- भंजदेव
भानपुरी– बस्तर विकासखंड के ग्राम बेसोली में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया प्रस्तावित राम मंदिर का भूमिपूजन बस्तर राजपरिवार सदस्य कमलचन्द भंजदेव व अध्यक्षता भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने किया विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान,भूषण गुप्ता,टिकेश्वरी मण्डावी उमाकांत कश्यप उपस्थित रहे। इस दौरान राजपरिवार सदस्य कमलचन्द भंजदेव ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में प्रत्येक गांव में राममंदिर का निर्माण होना चाहिए यह हमारे श्रद्धा का केंद्र है।धर्मांतरण के अराजक तत्व समाज मे विध्वंस कर रहे हैं आपस मे समाज को विभाजन कर रहे हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति धर्मांतरण का विरोध करे जागरूक करें यह हमारी संस्कृति की रक्षा के लिये आवश्यक होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केदार कश्यप ने कहा प्रत्येक हिन्दू जन के सहयोग से सभी के गिलहरी प्रयास से राम मंदिर निर्माण होगा मन्दिर निर्माण समिति के संरक्षक राजेश सागर व कमलेश दीवान ने बताया कि प्रस्तावित राम मंदिर का निर्माण भव्य रूप से समाज के सहयोग से होगा जिसका बजट लगभग 30 लाख रुपये होगा,समिति के सदस्यों ने निर्माण में सहयोग का अपील किया है।
जजों की नियुक्ति पर सांसद बैज ने संसद में उठाए सवाल
- सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के मसले पर केंद्र सरकार को घेरा बस्तर के सांसद दीपक बैज ने
जगदलपुर बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने एकबार फिर संसद में केंद्र सरकार को जमकर घेरा। इस दफे सांसद बैज ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच चल रहे टकराव जैसे हालात पर सवाल उठाए। इसके जवाब में कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि खोजबीन सह चयन समिति जजों का पैनल तैयार कर भेजेगी, जिस पर कोलेजियम फैसला लेगी।
लोकसभा में सांसद दीपक बैज ने भारत सरकार के न्याय मंत्री से सवाल पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को वापस भेज दिया है? अगर हां तो इसका ब्यौरा दिया जाए, जजों की नियुक्ति के मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, कॉलेजियम के कार्यकरण और कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति जताई गई है, क्या सरकार जजों की नियुक्ति करने वाली समिति में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, यदि हां तो इस पर न्यायाधीशों की प्रतिक्रिया क्या है?
इसके लिखित जवाब में विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 18 प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने कहा था। छह मामलों को एससीसी ने दोहराने का विनिश्चय किया है तथा सात मामलों पर हाईकोर्ट के कॉलेजियम से अद्यतन इनपुट मांगे हैं और पांच मामलों को उच्च न्यायालयों के पास भेजने का फैसला किया है। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति भारतीय संविधान में की गई व्यवस्था के तहत सलाहकारी राय के अनुशरण में 1998 में तैयार किए गए प्रक्रिया ज्ञापन अधिकथित प्रक्रिया के तहत की जाती है।इसके तहत उच्च न्यायालयों में जजों की रिक्तियां होने के छह माह पूर्व पूर्व रिक्तियों को भरने का प्रस्ताव शुरू कर दिया जाना अपेक्षित है। सन 2021 में सुप्रीम कोर्ट में नौ और विभिन्न हाईकोर्ट में 120 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई। इसी तरह 2022 में उच्चतम न्यायालय में तीन एवं उच्च न्यायालयों में 165 जजों की नियुक्ति की गईं हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी जवाब में बताया गया है कि 1 फरवरी 2023 की स्थिति में 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या में से उच्चतम न्यायालय में 27 न्यायाधीश कार्यरत हैं और हाल ही में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम से सात रिक्तियों की सिफारिशें ग्रहण की गई हैं। इसी तरह उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत पद संख्या 1108 है और वर्तमान में 775 न्यायाधीश कार्यरत हैं तथा न्यायाधीशों के 333 पद उच्च न्यायालयों में रिक्त हैं। इन रिक्तियों में से उच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए गए 142 प्रस्ताव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं। 191 रिक्तियों की सिफारिशें उच्च न्यायालय कॉलेजियम से प्राप्त की जानी हैं। उच्च न्यायालयों में रिक्तियों को भरा जाना कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच की सतत, एकीकृत और समन्वयकारी प्रक्रिया है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर विभिन्न संवैधानिक प्राधिकारियों से परामर्श और अनुमोदन अपेक्षित है।विद्यमान रिक्तियों को भरने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है। पदोन्नति, पदत्याग सेवनिवृत्ति आदि के कारण उच्च न्यायालयों में रिक्तियों के कारण हैं। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कॉलेजियम प्रणाली न्यायाधीशों की नियुक्ति को और भी पारदर्शी, व्यापक और जवाबदेह नियुक्ति तंत्र के साथ बदलने तथा अधिक वस्तुनिष्ठता लाने के लिए सरकार ने 2015 में संविधान संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम प्रभाव में लाया था। इन दोनों अधिनियमों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने दोनों अधिनियमों को असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया था।विद्यमान कॉलेजियम प्रणाली को प्रवर्तनशील घोषित किया गया था। उच्चतम न्यायालय ने एनजेएसी रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि भारत सरकार भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श कर प्रक्रिया ज्ञापन को अंतिम रूप दे।
संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कार्यालय के सामने कांग्रेस परिवार के साथ किया अय्यप्पा स्वामी के भव्य शोभायात्रा का स्वागत
अय्यप्पा शरणम् के नारों से गूंज उठा विधायक कार्यालय श्रद्धालुओं को मिष्ठान एवं पेयजल वितरण कर सभी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया गया विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने अय्यप्पा स्वामी जी का विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की अय्यप्पा स्वामी मंदिर के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा इस अवसर पर विधायक
जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन ने कहा की अय्यप्पा स्वामी जी का आशीर्वाद बस्तर एवं छत्तीसगढ़ पर सदा बना रहे बस्तर में सदा सुख शांति समृद्धि कायम रहे यही कामना अय्यप्पा स्वामी जी से करते हैं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ वरिष्ठ पार्षद राजेश राय, पार्षद कोमल सेना, बलराम यादव, मनोनीत पार्षद कौशल नागवंशी, अमरनाथ सिंह, सुरेन्द्र झा,हरीश साहू, राजीव गांधी युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह महामंत्री हेमू उपाध्याय,साकेत शुक्ला, अनुराग महतो, शायमा अशरफ,एस नीला अवधेश झा,विजय सिंह, कुलदीप सिंह भदौरिया,विनोद कुकडे, धर्मेन्द्र चौहान,लव मिश्रा,अंकित सिंह, अभिषेक,नीलम कश्यप समेत बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सीएम बघेल आगे बढ़ा रहे हैं बापू के स्वच्छ ग्राम मिशन को : जैन
- बुरूंदवाड़ा सेमरा पंचायत में हो रही है कचरा प्रबंधन केंद्र की स्थापना
जगदलपुर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने ग्राम पंचायत बुरुंदवाड़ा सेमरा में निर्माणाधीन मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी का निरीक्षण किया। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से 6 करोड़ रुपए की लागत से बुरूंद वाड़ा सेमरा में कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। श्री जैन ने इस दौरान कचरा प्रबंधन हेतु 10 पंचायतों को ई – रिक्शा प्रदान की।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि महात्मा गांधीजी के स्वच्छ ग्राम पंचायत अभियान को हमारी भूपेश बघेल सरकार साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप अब शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर घर कचरा संग्रहण का कार्य किया जाएगा। पूरे छत्तीसगढ़ में यह मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी प्रथम केंद्र है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों से अनुरोध किया कि अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक से अधिक जागरुकता अभियान चलाएं, जिससे कि अधिक मात्रा में कचरे का प्रबंधन हो सके और स्वच्छता दीदियों को भी अपनी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सके।

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम, जनपद सदस्य इंदिरा राव बुरुंदवाड़ा सेमरा सरपंच बुधरी बघेल, उप सरपंच रामेश्वर बिसाई, आड़ावाल सरपंच जयंती कश्यप, सरपंच कुरंदी 2 धनमती पुजारी, सरपंच बाबू सेमरा उषा नाग, सरपंच मारकेल 2 रजनी नाग, सरपंच मारकेल बलराम कोकडू, सरपंच खम्हारगांव लैखन बघेल, सरपंच नकटी सेमरा दुशासन नाग सरपंच आमागुड़ा भगनराम बघेल, पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, वरिष्ठ नेता सूर्य नारायण नायडू, शंकर राव, विकास राव, एचडीएफसी बैंक से चिन्मय रथ, दिपेश शर्मा एवं सीईई सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन से अक्षय भोयटे और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौतम पाटिल समेत पंचायत सचिव एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
आत्महत्या के इरादे से नदी में कूदी युवती को बचाया युवकों ने
- तीनों बहादुर युवकों की जांबाजी को सैल्यूट किया बस्तर पुलिस ने
जगदलपुर आत्महत्या के इरादे से नदी में कूद गई एक युवती की जान तीन आदिवासी युवकों ने टॉर्च की रौशनी की मदद से बचा ली। इन तीनों युवकों की जांबाजी को बस्तर पुलिस ने सैल्यूट किया है।
पारिवारिक कलह से परेशान एक युवती ने बीती रात कुडनार पुल से नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। नदी पुल के नीचे से किसी महिला के रोने की आवाज सुनकर पुल के पास टहल रहे युवकों सूरज नागे, चंदन ठाकुर व तुषार नागे ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद जगदलपुर कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू, परपा थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा व सायबर सेल प्रभारी लालजी सिन्हा के साथ पुलिस टीम कुडकनार पुल पहुंची। नदी में उतरकर युवती को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घटना स्थल में सूरज नागे , चंदन ठाकुर ,तुषार नागे से पुल के नीचे उतरकर युवती को बाहर निकालने हेतु थाना प्रभारी एमन साहू ने आग्रह किया। रात गहरा चुकी थी और काफी अंधेरा था। तीन चार टॉर्च की रौशनी में युवती को नदी से निकालने की कोशिश युवकों ने शुरू कर दी। कुछ ही देर में युवकों ने युवती को सकुशल बाहर निकाल लाया। तीनों बहादुर युवकों के प्रति पुलिस विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


