चरोदा – नगर निगम के वार्ड क्र 2 के कांग्रेस पार्षद सूरज बंछोर 39 वर्ष की हत्या कर दी गई | सरकारी स्कूल के पीछे बंधवा तालाब के पास खून से लथपथ हालत में मिला ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्षद सूरज बंछोर बीती रात सोमवार को लगभग 9 बजे अपने दोस्तों के साथ बैठे हुए थे कुछ देर बाद उनके दोस्त वहां से चले गए जब देर रात वे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें फ़ोन किया तो फ़ोन नहीं उठाया | कुछ देर पश्चात् सूरज बंछोर खून से लथपथ तालाब के किनारे मिला जिसे तुरंत परिजन उन्हें लेकर बीएम शाह अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके चेहरे और पीठ पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। हमलावरों ने धारदार या नुकीले हथियार और रॉड या डंडे से उनके ऊपर वार किया था।
हत्या के एक दिन पहले ही मृतक का जन्मदिन था |
हॉस्पिटल ले जाने के पश्चात् पुलिस को इसकी सूचना मिली थी | शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है | पुलिस ने पार्षद की हत्या को लेकर संदेह के आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जा चूका है इसके साथ परिजनों व दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है | पुलिस इसके पीछे विवाद को वजह मान रही है |
बालोद – बैंक में चोरों ने एटीएम तोड़कर चोरी का प्रयास किया | प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना बालोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत 8 किमी दूर दुधली गाँव के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का मामला है | जहाँ पर बीती रात्रि बैंक के सामने का शटर व एटीएम का कैप टुटा हुआ मिला | इस पुरे घटनाक्रम में बैंक व एटीएम से रुपये चोरी की पुष्टि नहीं हुई है जैसा कि बैंक मेनेजर द्वारा बताया गया किन्तु जिस प्रकार चोरों ने शटर व एटीएम कैप तोड़ा इससे अंदाजा यही लगाया जा सकता है कि चोर चोरी के इरादे से आये थे |
बैंक मेनेजर द्वारा उक्त घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी गई है पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है | सीसीटीवी ही एकमात्र जरिया है जिसके द्वारा चोरों तक पहुंचा जा सकता है |
आईपीएस गिरिजा शंकर जायसवाल के नेतृत्व में 10 लाख रूपये के ईनामी नक्सली कंपनी नंबर-06 का कमाण्डर साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी को मार गिराया डीआरजी नारायणपुर के जवानों ने
साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी 30 से अधिक नक्सल अपराधों में नामजद आरोपी रहा है, अधिकतर अपराधों का मुख्य लीडर और मास्टर माइंड भी रहा
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर श्री सुन्दरराज पी. के निर्देशानुसार संचालित नक्सल अभियान के तहत् गोपनीय सुत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के नेतृत्व में आज दिनांक 15.11.2021 के प्रातः 09ः30 बजे छोटेड़ोंगर से डीआरजी नारायणपुर की 02 टीम ग्राम बांहकेर की ओर एरिया डाॅमिनेशन हेतु रवाना की गई थी। करीबन 10.30 बजे ग्राम बांहकेर के जंगल में पुलिस पार्टी पहुंची तो साकेत नरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के नेतृत्व वाली कम्पनी नम्बर-06 के लगभग 35-40 सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों ने पुलिस बल को जान से मारने की नियत से अंधाधुध फायरिंग करना प्रारंभ कर दिया गया जिसके फलस्वरूप डीआरजी के जवानों ने भी आत्मसुरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही करते हुए नक्सलियों पर फायरिंग की। पुलिस बल के जवाबी कार्यवाही को भारी पड़ता देखकर सशस्त्र नक्सली फरार हो गये। फायरिंग रुकने पर पुलिस बल के द्वारा क्षेत्र की सर्चिंग की गई इस दौरान एक वर्दीधारी नक्सली का शव तथा एक ए.के.-47 रायफल बरामद किया गया। आत्मसमर्पित नक्सलियों और उपलब्ध प्रोफाईल फोटो के आधार पर नक्सली के शव की शिनाख्तगी की करवाई गई, जिसमें शव की पहचान कंपनी नंबर-6 के कमांडर साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के रूप में की गई।
उल्लेखनीय है कि साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी, उम्र-40 वर्ष, साकिन बुढ़ाकुर्से थाना आमाबेड़ा जिला कांकेर छ0ग0 का निवासी था। जो कि सीवायपीसी (कंपनी पार्टी कमेटी) कंपनी नंबर-06 का कम्पनी कमाण्डर था। साकेत नरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी एके-47 रायफल, यूबीजीएल और मेनपैक सेट रखता था। इनके अधीन कम्पनी नंबर- 06 के करीबन 45-50 वर्दीधारी नक्सली शामिल थे। इनका मुख्य कार्यक्षेत्र, छोटेड़ोगर, धनोरा, बेनूर, फरसगांव, धौड़ाई, बारसूर, कुदूर, मर्दापाल, बयानार, झारा, बड़ेडोंगर और केशकाल का सम्पूर्ण क्षेत्र के साथ माड़िन नदी के किनारे से होकर बारसूर तक का क्षेत्र रहा है। राज्य सरकार के आदेश के तहत् इनके पदीय दायित्वों के आधार पर 10,00,000/- (शब्दों में दस लाख) रूपये ईनाम था।
साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के नेतृत्व में घटित प्रमुख घटनाएं:-
1- दिनांक 23.03.2021 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कड़ेनार और कन्हारगांव के मध्य बुकिंगतोर पुलिया के पास नक्सल गस्त आपरेशन से लौटते हुए वाहन में आईईडी ब्लास्ट कर फायरिंग किया गया, जिसमें 05 जवान शहीद हुये तथा 23 जवान घायल हुये थे। 2- दिनांक 24.01.2018 को ओरछा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम ईरपानार के जंगल के पास नक्सल आपरेशन गस्त पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें 04 जवान शहीद हो गये। 3- दिनांक 20.08.2021 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कडेमेटा से कड़ेनार के बीच प्रोटेक्टिव पेट्रोल सर्च आॅपरेशन में हमला किया गया, जिसमें 02 जवान शहीद हुये। 4- दिनांक 20.07.2021 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कडेमेटा से कड़ेनार के बीच आरओपी एवं एरिया डाॅमिनेशन पार्टी में हमला किया गया, जिसमें 01 जवान शहीद और 01 जवान घायल हुये। 5- दिनांक 27.07.2020 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत नवीन कैम्प कड़ेमेटा में कैम्प लूटने की नियत से फायरिंग किया गया, जिससे मोर्चा में तैनात 01 जवान शहीद हो गये। 6- दिनांक 06.03.2016 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत अमदईघाटी हिल्स के उपरी छोर में सड़क निर्माण सुरक्षा और नक्सल आपरेशन गस्त पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें 04 जवान घायल हुये और 01 रायफल लूट लिये थे। 7- दिनांक 10.12.2015 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत अमदईघाटी कैम्प में हमला किया गया जिसमें 01 जवान शहीद हुआ। 8- दिनांक 29.04.2020 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कड़ेमेटा एवं बुरगुम के बीच बेचा मोड़ पहाडी के पास पुलिस पार्टी में फायरिग किया गया, जिसमें 02 जवान घायल हुये तथा इस घटना में 01 महिला नक्सली का शव और हथियार भी बरामद हुआ था। 9- दिनांक 28.12.2019 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम बुरगुम के जंगल के पास सडक सुरक्षा और नक्सल गस्त में लगे पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें 01 जवान घायल हुआ था। 10- दिनांक 26.10.2016 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कीलम के जंगल के पास नक्सल आपरेशन गस्त पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें 02 जवान घायल हुये थे। 11- दिनांक 25.01.2020 को धौड़ाई थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम तिरकानार-पण्डरीपारा के जंगल में एक ग्रामीण को अगवा कर हत्या कर दिया गया था। 12- दिनांक 27.11.2017 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम तोयेमेटा और कावानार के जंगल के पास नक्सल आपरेशन गस्त पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें जवाबी कार्यवाही के दौरान 05 नक्सली गिरफ्तार किया गया। 13- दिनांक 25.10.2016 को छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत कीलम और बेचा के जंगल के पास नक्सल आपरेशन गस्त पुलिस पार्टी में हमला किया गया, जिसमें जवाबी कार्यवाही के उपरांत 01 वर्दीधारी महिला नक्सली का शव बरामद किया गया।
उपरोक्त के अलावा अन्य 16 अपराधों में प्रमुखता से शामिल था ।
कुर्मी भवन में कल समन्वय बैठक में बनेगी आगे की रणनीति
बालोद :- विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला की अगुवाई में कल कुर्मी भवन में राजनीतिक संगठन व हिंदू संगठनों का समन्वय बैठक रखा गया है। इस महत्त्वपूर्ण बैठक में संघ के प्रांतीय पदाधिकारी व सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख छत्तीसगढ़ राधेश्याम जलक्षत्री जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे । संघ परिवार व विश्व हिंदू परिषद व अन्य हिंदू संगठनों सहित भाजपा के जिला स्तर व मंडलों के प्रमुख पदाधिकारियो को बुलाया गया है। बालोद जिला में संघ परिवार व हिंदू संगठनों की अगुवाई में आगामी कार्ययोजना के सम्बंध में यह बैठक होगी |
बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल,जिला मातृ शक्ति,धर्म जागरण मंच सहित अन्य संगठन के प्रमुख बालोद शहर के अंदर कुर्मी भवन में दोपहर 1 बजे एकत्र होंगे इस बैठक में विहिप के जिला व प्रखण्ड के बड़े पदाधिकारी, भाजपा के पूर्व विधायक, सहित प्रदेश पदाधिकारी, जिला भाजपा अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, महामंत्री,मंत्री,सहित 9 मंडलों के अध्यक्ष व दोनों महामंत्री वही जिला पंचायत सदस्यगण,जनपद अध्यक्ष, प्रदेश मोर्चा व पदाधिकारी व प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, सहित जिला मोर्चा व प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष,व वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
विहिप जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने बताया कि यह बैठक काफी महत्त्वपूर्ण है। जिसमे संगठन के सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में आगामी कार्ययोजना बनेगी |
पढ़ी-लिखी बेटियों को प्रदेश सरकार 1 लाख रुपए उनके खाते में जमा करेगी। महिला एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से चलाई जा रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसी तारतम्य में आज दिनांक 15 नवम्बर को वार्ड क्र 16 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र क्र 25, 26 में नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 1 लाख की राशि बालिका को 18 वर्ष पूर्ण व 12 वी कक्षा उत्तीर्ण होने के पश्चात् मिलेगा | प्रमाण पत्र महिला बाल विकास विभाग व भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा दिया गया जिसका वितरण वार्ड पार्षद सोहद्रा ठाकुर द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पासिंह, रेखा साहू की उपस्थिति में वितरण किया गया | इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों मिन्नी, तमन्ना, अनीता, आराधना, लीना, डॉली, हिमांशी, अनिता को प्रमाण पत्र वितरित किया गया |
आपको बता दें कि केन्द्र सरकार बेटियों के लिए एक ओर जहां सुकन्या समृद्धि योजना लागू की है तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की बेटियों के लिए नोनी सुरक्षा योजना के जरिए एक लाख रुपए उनके खाते में जमा कर रही है। सरकार ने 1 अप्रैल 2014 को इस योजना की शुरूआत की है।
सट्टा पट्टी के साथ 03 आरोपी गिरफ्तार, सट्टा पट्टी एवं रजिस्टर बरामद
03 आरोपियों के कब्जे से कुल 7800/- रूपये बरामद, पथरागुड़ा, आमागुड़ा और हाटगुड़ा क्षेत्र में कार्यवाही
जगदलपुर शहर में चल रहे सट्टा पर बस्तर पुलिस को कार्यवाही करने में सफलता मिली है । ज्ञात हो कि सूचना प्राप्त हुआ था कि जगदलपुर शहर में कुछ व्यक्तियों के द्वारा लोगों से रूपये-पैसे लेकर सट्टा खेलाया जा रहा है । सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्री ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के नेतृत्व में टीम गठित कर रेड कार्यवाही हेतु रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा शहर के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में रेड कार्यवाही किया गया। जिसमें पथरागुड़ा शिव मंदिर के पास रेड कर संदेही सचिन देवांगन को पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर अपने द्वारा सट्टा खिलाना स्वीकार किया गया एवं जिसके कब्जे से 2800/-रूपये एवं सट्टा पट्टी बरामद किया गया एवं आमागुडा चैक में रेड कार्यवाही कर संदेही कुश कुमार को पकड़ा गया जिसके कब्जे से सट्टा पट्टी एवं 2500/-रूपये बरामद कर जप्त किया गया। तत्पश्चात् ग्राम हाटगुड़ा में रेड कार्यवाही कर संदेही घनश्याम को पकड़ा गया जिसके कब्जे से सट्टा पट्टी एवं 2500/-रूपये बरामद कर जप्त किया गया है। तीनों आरोपियों का कृत्य जुआ एक्ट की परिधी में आने से तीनों आरोपी सचिन देवांगन, कुश कुमार एवं घनश्याम के विरूद्ध धारा 4 (क) जुआ एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों के कब्जे से कुल 7800/-रूपयें बरामद कर जप्त किया गया।
नाम आरोपी –
सचिन देवांगन पिता देव प्रसाद देवांगन उम्र 40 वर्ष, निवासी लालबाग पथरागुडा, जगदलपुर।
कुश कुमार पिता केशव कुमार, उम्र 31 वर्ष, निवासी आमागुड़ा जगदलपुर।
घनश्याम पिता रामधर, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम हॉटगुड़ा जगदलपुर
आर्म्स एक्ट के तहत की गई कार्यवाही, जप्त प्रतिबंधित बटनदार चाकू
अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में लगातार अपराधिक तत्वों पर कार्यवाही की जा रही है इसी तारतम्य में आज सूचना प्राप्त हुआ था कि कोई व्यक्ति कुम्हारपारा क्षेत्र में अपराध करने की नियत से घूम रहा है सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , जितेन्द्र सिंह मीणा व अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक किरण चण्हाण के पर्यवेक्षण में निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम गठित कर रवाना किया गया। उक्त टीम के द्वारा जमाल मिल
के पास एक व्यक्ति को पहचान कर घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम अमीरचंद सारथी निवासी संतोषीवार्ड का होना बताया गया जिसकी तलाशी लेने पर जिसके पास प्रतिबंधित बटनदार चाकू मिला जिस संबंध में पूछताछ करने पर उचित प्रत्युत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया संदेही का उक्त कृत्य आर्म्स एक्ट की परिधि में आने पर आरोपी अमीरचंद सारथी के विरुद्ध धारा 25 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया एवं आरोपी से एक बटनदार प्रतिबंधित चाकू जप्त किया गया आरोपी को मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा गया है !
नाम आरोपीः- अमीरचंद सारथी उर्फ बाबू पिता फूलचंद सारथी उम्र 29 साल निवासी संतोषी वार्ड , जगदलपुर
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:- निरीक्षक- एमन साहू उप निरीक्षक – होरीलाल नाविक आरक्षक- रवि सरदार
जगदलपुर :- बस्तर सांसद दीपक बैज 60 यात्रियों को सकुशल लेकर आज सुबह जगदलपुर पहुंच गए हैं। इस मौके पर बस्तर के कांग्रेसियों ने सांसद दीपक बैज और यात्रियों का एयरपोर्ट परिसर में भव्य स्वागत किया, सांसद दीपक बैज इन सभी यात्रियों को एयरअलाइंस की विशेष विमान में से लेकर पहुंचे।
दरअसल कल रविवार दोपहर एयर अलायंस की हैदराबाद से जगदलपुर उड़ान भरने वाली विमान तकनीकी खराबी की वजह से रद्द कर दी गई थी। जिसके बाद एयर एलायंस ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की और ना ही यात्रियों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था की ,जिससे नाराज सांसद दीपक बैज ने सभी यात्रियों के साथ एयरपोर्ट के भीतर ही 3 घंटे तक पर बैठ गए और आखिरकार एयर अलायंस के जिम्मेदार अधिकारियों को झुकना पड़ा, जिसके बाद अपनी गलती मानते हुए एयर एलाइंस ने सभी 60 यात्रियों की ठहरने की व्यवस्था करने के साथ ही उनके भोजन और सभी सुविधा का इंतजाम किया।
आज वापस जगदलपुर लौटे यात्रियों का कहना है कि बस्तर सांसद चाहे तो अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से जगदलपुर लौट सकते थे और उन्हें सरकारी सुविधा भी मिल सकती थी लेकिन उन्होंने सभी जगदलपुर के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ खड़े रहे और आखिरकार सभी यात्रियों को आज सुबह विशेष विमान से जगदलपुर सकुशल पहुंचाया।
सांसद दीपक बैज ने कहा कि जिस तरह से एयर अलायंस की फ्लाइट कैंसिल होने से उनके साथ-साथ यात्रियों को जो दुविधा पहुंची है, इसे ध्यान में रखते हुए वे संसद में जल्द से जल्द एक और विमान की शुरुआत किए जाने की मांग केंद्रीय उड्डयन मंत्री से करने के बात कही है।
मामले में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने भी अधिकारियों व कर्मचारियों को ठहराया है जिम्मेदार
जगदलपुर शासकीय सेवा में रहते हुए कर्मचारी के निधन के पश्चात इनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए शासन द्वारा कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन, कर्मचारी के मौत के पश्चात उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने हेतु सरकारी अधिकारियों के प्रताडऩा सहते हुए किस प्रकार इन्हें विभाग के उच्च अधिकारी के द्वारा उनकी अनुकंपा नियुक्ति पाने के दायरे से ख़त्म करने का प्रयास किया जाता है, यहाँ, इस मामले से स्पष्ट तौर पर परिदर्षित हो रहा है कि एक विधवा माँ अपने दो बेटियों के साथ विगत आठ वर्षों से अपनी बड़ी बेटी को अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही है. लेकिन, अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही, बल्कि इसके विपरीत विभाग के अधिकारी अपना राजनैतिक पकड़ का धौंस दिखाते उलजूल आदेश पारित करने से बाज नहीं आ रहे हैं. उक्त परिवार इन सात वर्षों में अब इस कदर परेशान हो गया है कि उन्हें सामूहिक आत्मदाह करना ही एक मात्र उपाय दिख रहा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनल मिश्रा के पिता स्व. दिनेश मिश्रा जो जिला मलेरिया कार्यालय में कार्यरत थे। उनकी मृत्यु 18 मार्च 2013 को हो गई। इसके एवज में इनके द्वारा अनुकंपा नियुक्ति हेतु इसी वर्ष अगस्त माह में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया गया। सोनल द्वारा अनुकंपा नियुक्ति हेतु प्रस्तुत आवेदन में अपनी नियुक्ति प्रकरण पर तत्काल सुनवाई हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से निवेदन किया था, तत्कालीन प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (संयुक्त संचालक) ने सोनल को 4 स्थानों पर पद रिक्त होने की बात मौखिक तौर पर कही थी और उन्हें आश्वासन भी दिया की अनुकम्पा नियुक्ति हो जाएगी. लेकिन एक सप्ताह बाद पुनः जानकारी लेने पर स्थिति पूरी उलट हो चुकी थी और अधिकारियों सहित कर्मचारियों ने फाइल को कलेक्टर कार्यालय भेजने की बात कही और मामले को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया. जब सोनल ने कलेक्टर कार्यालय से जानकारी लेनी चाही तो इस कार्यालय ने भी धता दिखाते हुए उसे पुनः मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय भेज दिया गया. यहाँ यह कहना लाजमी होगा कि यहाँ से महिला और उसके दो बेटियों के ऊपर प्रशासनिक आतंकवाद का साया मंडराने लगा और तब से लेकर आज पर्यंत तक उक्त परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है और इनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है.
मामले में अधिकारियों की लापरवाही और मानसिक तौर पर परेशान सोनल द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ अपने स्व. पिता के विभाग के उच्चअधिकारियों से संपर्क साधकर अपने मदद की गुहार लगाई गई किंतु, वहां से भी विभिन्न प्रकार के नियम-कानून की बात कहकर उसे अनुकंपा नियुक्ति में पात्र नहीं होने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा यह कहा गया कि चूंकि तुम्हारी माता अन्य सरकारी विभाग में कार्यरत है. अत: तुम अनुकंपा हेतु पात्रता नहीं रखती हो। इसी प्रकार 60 हजार वार्षिक आय की पारिवारिक पात्रता रखने के कारण भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं हो सकती। इन्हीं सब कायदे-कानून में उलझाकर विभाग के उच्च अधिकारियों ने अब तक सोनल मिश्रा को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान नहीं की है बल्कि मौखिक रूप से यह भी अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है कि कई बार उन्हें नियुक्ति दिए जाने की बावजूद उनके द्वारा उपस्थित नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जबकि, महिला वर्तमान में भी स्थानीय जनपद कार्यालय में अर्द्ध-शासकीय तौर पर दैनिक वेतन भोगी है. महिला का आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत और बंदरबांट करते हुए ऐसे ही मामले में अन्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की है, लेकिन उन्हें विगत तक़रीबन आठ वर्षों से घुमाया जा रहा है.
सोनल ने जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी जगदलपुर के समक्ष बार-बार अपनी अनुकंपा नियुक्ति संबंधित बातों का खंडन किया है और कहा है कि केवल मौखिक रूप से मुझे यहां-वहां नियुक्ति देने की बात कही जा रही है जबकि, मुझे अब तक किसी भी नियुक्ति संबंधित आदेश के कागज अब तक नहीं मिले हैं। हालांकि, इस मामले में कई वर्ष गुजर जाने के बावजूद सोनल मिश्रा अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण में जिला कलेक्टर द्वारा जांच कमेटी का गठन भी किया गया था। लेकिन उस जांच कमेटी के सदस्य डॉ. जीसी शर्मा एवं डॉ. डी राजन जो वर्तमान में जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी जिला बस्तर हैं, उनके द्वारा भी निष्पक्ष जांच के बहाने सोनल के अनुकंपा प्रकरण में प्रतिकूल निर्णय देकर नियुक्ति देने में कई प्रकार के अड़चन पैदा कर इस मामले को और पेंचीदा बना दिया है।
यही नहीं, वर्ष 2016 में राज्य के संचालनालय (स्वास्थ्य सेवाएं) से प्राप्त पत्र के मुताबिक, प्रकरण का शासन के नियमानुसार निराकरण नहीं किया गया जिसके लिए अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं और तत्कालीन समय तक किसी भी प्रकार का कार्यवाही नहीं की गयी.
वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा किसी भी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु नियम कानून को सरल किया गया है किंतु, अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले परिवार को अब भी सरकारी अधिकारियों के उत्तपीडऩ का शिकार होना पड़ रहा है। सोनल प्रकरण में लगभग आठ साल का समय गुजर चुका है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक इस प्रकरण का निर्णय नहीं हो पाया है।
मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. राजन को मामले में अधिक जानकारी लेने के लिए कॉल किया गया था लेकिन ख़बर लिखे जाने तक उनसे चर्चा नहीं हो पायी.
आज हैदराबाद से विशेष विमान द्वारा सकुशल यात्रियों को लेकर लौटे बस्तर साँसद बैज का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। साथ ही कल सभी घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री मा0 भूपेश बघेल जी ने भी फोन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगो के लिये धरने पर अडिग रहकर उनकी मदद करने के लिये सांसद दीपक बैज को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है…