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तिरंगा यात्रा में भारत माता जय की गूंज

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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सेना के सम्मान में शनिवार को नगर पालिका दल्ली राजहरा द्वारा निकाली गई, तिरंगा यात्रा मे सभी ने हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के नारों के साथ एकता व सम र्पण का संदेश दिया lतिरंगा यात्रा मार्ग पर देशभक्ति गीत व भारत माता की जय नारों से गूंजता रहा यह तिरंगा यात्रा नगर पालिका से प्रारंभ होकर जैन भवन चौक से बस स्टैंड चौक गुप्ता चौक होते हुए वापस नगर पालिका परिषद पहुंचने पर एक समारोह के रूप में परिवर्तित हुआ l

नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के कायराना हमले को पूरा विश्व निंदा कर रहा हैl आतंकवादियों ने जिस तरह से पहलगाम बैसरन घाटी में पर्यटको पर जाति- धर्म पूछकर गोलियां बरसाई यह उसकी संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है lप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद से निपटने के लिए देश की सेना को खुली छूट दी l देश की एकता अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाले आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया l हमारे देश की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चला कर देश का मान बढ़ाया और पाकिस्तान को मात्र कुछ ही दिनों में उसकी औकात दिखा दियाl तिरंगा यात्रा में आए हुए जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किये l

कार्यक्रम का आभार मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वारडेकर द्वारा किया गया l इस तिरंगा यात्रा में नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे, पाषर्दगण, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद वाधवानी, जनप्रतिनिधि गण,व्यापारीगण, भूतपूर्व सैनिकों के साथ दल्ली राजहरा के समस्त आम जनता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि,सफाई मित्र समूह की महिलाए, नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी उत्साह पूर्वक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए l

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में फिर उठ रही पेशा कानून लागू करने की मांग

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  • बकायदा बालोद जिले में ग्राम की तैयार

बालोद। छत्तीसगढ़ के कई जिले आदिवासी बाहुल्य है और इसमें आदिवासी बाहुल्य बालोद है तथा यहां कई गांवों में बकायदा पेशा कानून के तहत् ग्राम सभा की तैयारी कर रही है जिसके लिए बकायदा फार्मेट भी बनाया गया है जबकि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज्य अधिनियम के तहत् ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है जिसके कारण गांवों में ऐसे सभा से टकराव की स्थिति निर्मित हो सकती है। अब देखना है कि शासन प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाती है क्योंकि पेशा कानून को मानने शासन-प्रशासन बाध्य नहीं है।

कानून जरुर लेकिन छत्तीसगढ़ में प्रभावशील नहीं

अनुच्छेद 13(3) (क) भारतीय संविधान का एक प्रावधान है जो “कानून” को परिभाषित करता है। इसका अर्थ है कि अनुच्छेद 13 के तहत, “कानून” में कोई भी अध्यादेश, आदेश, उप-कानून, नियम, विनियम, अधिसूचना, प्रथा या प्रथा शामिल है जो भारत के राज्यक्षेत्र में कानून का बल रखती है.

अनुच्छेद 13 (3) (क) के अनुसार, “कानून” में कोई भी ऐसा नियम या व्यवस्था शामिल है जो भारत में कानून के रूप में मान्यता प्राप्त है. यह किसी भी विधानमंडल या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा बनाया गया कोई भी कानून हो सकता है.

अध्यादेश, आदेश, उप-कानून आदि

यह परिभाषा किसी भी अध्यादेश, आदेश, उप-कानून, नियम, विनियम या अधिसूचना को परिभाषित कर

प्रथा और प्रथाएं अनुच्छेद 13 (3) (क) यह भी कहता है कि प्रथाएं और प्रथाएं भी कानून का हिस्सा हैं, यदि वे भारत के राज्यक्षेत्र में कानून का बल रखती हैं.

अनुच्छेद 13 का उद्देश्यः

अनुच्छेद 13 यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी कानून, जिसमें मौजूदा या भविष्य की विधियाँ शामिल हैं, मूल अधिकारों का उल्लंघन न करें.

मूल अधिकारों का संरक्षण

अनुच्छेद 13 मूल अधिकारों को सुरक्षित करता है और उन्हें ऐसे कानूनों से बचाता है जो अन्यथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं.

न्यायिक समीक्षा

यदि कोई कानून मूल अधिकारों के साथ असंगत पाया जाता है, तो न्यायालयों को उसे रद्द करने का अधिकार है.

संविधान की सर्वोच्चता

अनुच्छेद 13 संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखता है और सुनिश्चित करता है कि विधायिका या कार्यपालिका सहित कोई भी प्राधिकारी व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता है.

जलसंचय नारी शक्ति और शिक्षा की पुरोधा थी लोकमाता अहिल्याबाई – रंजना साहू

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  • पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होलकर की 300 जयंती मे शामिल हुए सांसद भोजराज नाग पूर्व विधायक धमतरी रंजन साहू

बालोद । लोकमाता मालवा की महारानी अहिल्या बाई होलकर के 300 वी जयंती पर भाजपा जिला कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला में मुख्यरूप से कांकेर सांसद भोजराज नाग मुख्यवक्ता धमतरी की पूर्व विधायक रंजना साहू जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख विशेषरूप से उपस्थित रहे l

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने लोकहित में अनेक मूलभूत सुविधा के कार्य किये उनके अदम्य साहस और वीरता की गाथा आज भी मालवा क्षेत्र में याद कर उनकी पूजा की जाती है भारतीय संस्कृति को सहेजने वाली धर्मपरायण महिला अहिल्या बाई होलकर को मालवा सहित मध्यक्षेत्र में माता स्वरूप माना जाता है उन्हें क्षेत्र में लोकमाता का दर्जा प्राप्त है तथा उनकी अनेक मंदिर बनवाये तथा उनकी मूर्ति स्थापित है जिसकी पूजा वहां की जनता करती हैl

आयोजन कार्यशाला की मुख्यवक्ता रंजना साहू ने अपने उद्बोधन में लोकमाता के जीवन पर विस्तार से बताया कि भारत में कई वीरांगनाओं ने जन्म लिया परंतु भू पटल पर अमित छाप छोड़ने वाली अहिल्याबाई होल्कर एक महान मराठा शासिका थीं, जिन्होंने 1767 से 1795 तक मालवा क्षेत्र पर शासन किया वे एक कुशल शासक, कुशल प्रशासक और एक परोपकारी के रूप में जानी जाती हैं अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौडी गांव में हुआ था, और उनका निधन 13 अगस्त 1795 को इंदौर में हुआ वे अपने शासनकाल में मालवा क्षेत्र में हजारों कुएं तालाब और बावड़ी बनवाये और जल संचय का कार्य किया उन्होंने मुगलों के द्वारा तोड़े गए अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया और नए मंदिर भी बनवाये वहीं नारी शिक्षा और किसानों की आय बढ़ाने जैसे अनेक लोकहित के कार्य उन्होंने किये

अहिल्याबाई का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम मनकोजी शिंदे था, जो अपने गांव के पाटिल थे. 12 वर्ष की उम्र में उनका विवाह मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव से हुआ पति की मृत्यु के बाद, अहिल्याबाई विधवा हो गईं और उन्होंने अपने राज्य की देखभाल करना शुरू किया जीवन में उन्होंने इतने संघर्ष किया उनके लिए कहा जा सकता है पुरुषार्थ केवल पुरुष ही नहीं करते नई भी पुरुषार्थ करने में किसी से काम नहीं उनकी न्याय प्रीयता इतनी थी कि आसपास के राजा भी उनसे सलाह लेने आते थे उन्होंने अपने पुरुषार्थ से अनेक राजाओं को पराजित किया पर दुर्भाग्य है कि ऐसी भारतीय वीरांगना को इतिहास से मिटाने का कुकृत्य कार्य यहां के इतिहासकारों ने किया है जो निंदनीय है नारी शक्ति का वास्तविक शुसाशन की पुरोधा रही जिनका पुरा जीवन समाजिक सुधार सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार करने और संस्कृति पुनर्जागरण के लिए समर्पित रहा

स्वागत उद्बोधन में जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा 300 वर्ष बाद पुण्यश्लोक लोक माता अहिल्याबाई होल्कर के बारे में जानने का सौभाग्य मिल रहा है उनके जीवन की प्रेरणा जन-जन तक पहुंचे इस हेतु कार्यक्रम की रचना हुई है

कार्यक्रम का आभार व्यक्त करते हुए निवर्तमान जिला अध्यक्ष पवन साहु ने कहा कि आज जन हित मे जो योजनाएं चलाई जा रही है प्रकृति के संरक्षण में जो उपाय किए जा रहे हैं लोक हित में जो सुशासन किया जा सकता है वो सभी कार्य 300 वर्ष पूर्व लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने किया था इससे पता चलता है कि वे कितनी दुर्दर्शी थी

कार्यशाला आयोजन में विशेषरूप से यशवंत जैन, पवन साहू कृष्णकांत पवार, लेखराम साहू,यज्ञदत्त शर्मा , अभिषेक शुक्ला,राकेश छोटू यादव, देवेन्द्र जायसवाल , नरेश यदु, ठाकुर राम चंद्राकर,जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी,तोरण साहु, लाल देवेंद्र सिंह टेकाम सरस्वती टेमरिया सोनबरसा दीपा साहू , लक्ष्मी साहू ,प्रभा नायक, मीना साहू ,मोहंती चोरका, कुंती देवांगन, कांति सोनेश्वरी, नीतू सोनवानी, प्राची लालवानी ,कमलेश सोनी ,पुष्पेंद्र चंद्राकर, सहित मंडल अध्यक्ष महामंत्री, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष,जिला पदाधिकारी जनप्रतिनिधि एवं भाजपा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे

शिव संस्कार धाम सेवा समिति द्वारा अध्यक्ष नगर पालिका परिषद को स्नानागार में टाइल्स लगाने दिया आवेदन

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शिव संस्कार धाम परिसर वार्ड नंबर 8 में स्थित है l जहां पर भगवान शिव मंदिर एवं पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर है l इस मंदिर परिसर में हिंदू धर्म संबंधित विभिन्न संस्कार किए जाते हैं l जिसमें मुंडन संस्कार ,नामकरण संस्कार हैं साथ ही हिंदू धर्म के परंपरा अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर तीज नहावन पंच नहावन दसकरम एवं तेरहवीं शिव संस्कार धाम परिसर मैं निशुल्क संपन्न होता है l यहां पर महिलाएं एवं पुरुषों के द्वारा इस संस्कार को संपन्न करवाया जाता है l जो कि पूरे दल्ली राजहरा में एक ही जगह स्थित है l

वर्तमान मे शिव संस्कार धाम के महिला एवं पुरुष दोनों ही स्नानागार के टाइल्स क्षतिग्रस्त हो चुके हैं l

जिसके लिए शिव संस्कार धाम सेवा समिति के द्वारा तोरण लाल साहू (अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा ) को ज्ञापन सौंप कर टूटे हुए टाइल्स को उखाड़ कर फिर से नई टाइल्स लगाने के लिए ज्ञापन सौपा है!

शिव संस्कार धाम संरक्षक हेमशंकर साहू ने बताया कि शिव संस्कार धाम एक ऐसा धाम है जहां पर सभी कार्यक्रम निशुल्क किए जाते हैं l किसी तरह का भी शुल्क नहीं लिया जाता है हमारा शिव संस्कार धाम सभी कार्य के लिए सभी कार्य के लिए स्थल निशुल्क सेवा भाव से उपलब्ध कराते हैं l लेकिन स्नान वगैरह आदि के लिए उपयोग होने वाले का बाथरूम अत्यधिक जर्जर हो गया है काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है शिव संस्कार धाम समिति चाहती है कि उसे अति शीघ्र इस जनमानस के सेवा कार्य को किया जाए l आवेदन देने हेतु विशेष रूप से मौजूद रहे समिति के अध्यक्ष निलेश श्रीवास्तव, संरक्षक सोमिल साहू, संगठन सचिव संजय सिंह, उपकोषाध्यक्ष रमेश रावटे, सह सचिव मदनलाल देवांगन, सांस्कृतिक सचिव जे आर यादव विशेष रूप से मौजूद रहे

सियासत के फेर में पड़े पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, भूमिपूजन से दूर रख रहे हैं कांग्रेसी जिपं सदस्य योगेश बैज को

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  • निर्वाचन क्षेत्र के विभागीय कार्यक्रमों में घोर उपेक्षा 

-अर्जुन झा-

लोहंडीगुड़ा लगता है बस्तर जिले के लोक निर्माण विभाग के अधिकारी राजनीति के फेर में पड़ गए हैं। जिस क्षेत्र में विभागीय निर्माण कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन होता है, उस क्षेत्र के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज को आमंत्रित नहीं किया जाता। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज कांग्रेसी हैं। वहीं दूसरे क्षेत्र के भाजपाई जिला व जनपद सदस्यों को न केवल ऐसे कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, बल्कि आमंत्रण पत्र में उनके नाम बड़े ही सम्मान के साथ छपवाए भी जाते हैं।

लोक निर्माण विभाग लोहंडीगुड़ा में निर्मित 100 सीटर विद्यालय भवन व बस्तर से तामड़ाघूमर मार्ग कार्य सहित अन्य निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए छपवाए जाने वाले आमंत्रण पत्रों में सिर्फ भाजपा नेताओं के ही नाम अंकित होते हैं। तामड़ाघूमर मार्ग के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए छपवाए आमंत्रण पत्र में लोहंडीगुड़ा के जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज का नाम ही नहीं है। जबकि श्री बैज जहां सड़क निर्माण होना है उसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस आमंत्रण पत्र में दूसरे क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य का नाम अंकित है। आमंत्रण पत्र में विनीत में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग अंकित है। इससे जाहिर होता है कि लोक निर्माण विभाग का भजपाईकरण हो गया है या फिर विभाग के अधिकारी आगे चलकर भाजपा में प्रवेश करने वाले हैं। विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार कांग्रेसी जनप्रतिनिधि की ऎसी ही उपेक्षा की जा रही है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का नाम न होना दुर्भाग्य का विषय है, आखिरकार जिस क्षेत्र में भूमिपूजन हो रहा है उसी क्षेत्र से जीते हुए जनप्रतिनिधि का नाम न होना विभाग की राजनीति प्रेरित हरकत का परिचायक है। लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों को इसका जवाब देना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज ने बताया लगातार भूमिपूजन के कार्यक्रम में उनका नाम काट दिया जाता है। आखिर पीडब्ल्यूडी पर किसका दबाव है? आखिर पीडब्ल्यूडी विभाग इस तरह का कारनामा क्यों रहा है? क्यों एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान किया जा रहा है। क्या पीडब्ल्यूडी पर किसी नेता का दबाव है? यह पीडब्ल्यूडी को स्पष्ट करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए छपवाए गए आमंत्रण पत्र में जिला पंचायत सदस्य का नाम क्यों नहीं लिखा गया इस बात का जवाब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को देना चाहिए।

ममता के आगे हार गया जंगल का राजा

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  •  शावक को बचाने बाघ पर टूट पड़ी मादा भालू 
  • वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा अद्भुत, अकल्पनीय 

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के निर्वाचन क्षेत्र अबूझमाड़ के जंगलों में भी सुशासन आ गया है। वहां तमाम तरह के वन्य प्राणियों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। बाघ, भालू रास्ते पर नजर आ जाते हैं, हिरण, नीलगाय कुलांचे मारते दिख जाते हैं।अबूझमाड़ के जंगल में एक मां की ममता के आगे जंगल के राजा को दुम दबाकर भागना पड़ा। यह दृश्य आपको रोमांचित कर देगा।

अबूझमाड़ के जंगलों में भालुओं की अच्छी खासी आबादी है और कई बाघ भी हैं। महुआ फल खाने अपने शावक के साथ जंगल में घूम रही मादा भालू का सामना बाघ से हो गया। बाघ भालू शावक पर नजरें गड़ाए हुए था और उस पर झपट्टा मारने की तैयारी में था। यह देख मादा भालू बेहद आक्रामक हो उठी। वह अपने पिछले दोनों पैरों के सहारे खड़ी हो गई और बाघ को ललकारने लगी। मादा भालू खतरनाक अंदाज में आवाज भी निकाल रही थी। अपने बच्चे को बचाने के लिए मादा भालू ने बाघ पर हमला बोल दिया। फिर क्या था, जंगल का राजा दुम दबाकर भाग निकला। मादा भालू कुछ दूर तक बाघ के पीछे दाड़ी भी।उस दौरान पास ही मौजूद एक शख्स ने अपने मोबइल फोन के कैमरे में इस शानदार नजारे को कैद कर लिया। यह वीडियो उसी क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तक भी पहुंची और उनकी अच्छी प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने कहा- अदभूत, अकल्पनीय, मेरे क्षेत्र का गौरव है यह।

समस्याएं हल न होने पर बिफरे पार्षद गौतम पाणिग्रही

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  •  विजय वार्ड में पेयजल समस्या का समाधान नहीं 

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर निकाय के विजय वार्ड के पार्षद गौतम पाणिग्रही ने महापौर संजय पांडेय सहित अन्य निगम सभापतियों की उपस्थिति में समाधान शिविर की बखिया उधेड़ डाली और इसे औपचारिकता बताया। उन्होंने शिविर का व्यापक प्रचार प्रचार नहीं होने की बात कही।

विजय वार्ड के रहवासियों द्वारा दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप पार्षद गौतम पाणिग्रही ने लगाया। श्री पाणिग्रही ने कहा कि विजय वार्ड में पेयजल आपूर्ति एक विकराल समस्या है। यह समस्या वर्षों से है, लेकिन इस ओर शासन- प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। श्री पाणिग्रही ने सरकार से पेयजलापूर्ति हेतु व्यापक कार्ययोजना बनाकर काम करने की अपील की। महापौर संजय पांडेय ने कहा कि पार्षद गौतम पाणिग्रही ने वार्ड की प्रमुख समस्याओं को रखा जिसमें पेयजल आपूर्ति की भी समस्या है। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।

बीजापुर के ऑपरेशन केजीएच का बड़ा असर; तेलंगाना में 20 नक्सली गिरफ्तार, 8 ने किया आत्मसमर्पण

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  •  भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार भी हुआ बरामद 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सीआरपीएफ की अगुवाई में चलाए गए ऑपरेशन केजीएच का बड़ा असर बीजापुर जिले से सटे पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी देखने को मिल रहा है। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों के बीच ऎसी खलबली मचा दी है कि वे अब भागे भागे फिर रहे हैं। इसी फेर में बीस नक्सली तेलंगाना पुलिस के हत्थे चढ़ गए। वहीं आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। गिरफ्त में आए नक्सलियों से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। तेलंगाना पुलिस ने नक्सलियों के बड़े शहरी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में तेलंगाना की सीमा से सटी कर्रेगुट्टा पहाड़ी जो केजीएच यानि कर्रेगुट्टालु हिल के नाम से भी जानी जाती है। केजीएच छत्तीसगढ़, तेलंगाना और सीमावर्ती आंध्रप्रदेश के बड़े नक्सली लीडर्स की शरण स्थली रही है। इस पहाड़ी पर सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी द्वारा लगातार 21 दिनों तक चलाए गए ऑपरेशन में 31 नक्सली मारे गए और नक्सलियों के दर्जनों बंकर, गुफाएं, हथियार फैक्ट्री, हथियार भंडार, छुपने के ठिकाने आदि तबाह कर दिए गए। पहाड़ी से दो टन बारूद, 12 टन अनाज, हठगोले आदि बरामद किए गए थे। देश में यह सबसे बड़ा सफल एंटी नक्सल ऑपरेशन साबित हुआ। इस ऑपरेशन नक्सली लीडर्स में खलबली मच गई है। कई बड़े नक्सली पड़ोसी राज्यों में जा छुपे हैं। तेलंगाना राज्य के मुलुगु जिले में पुलिस ने 20 नक्सलियों की गिरफ्तारी ऑपरेशन केजीएच का ही सुफल है। इन नक्सलियों के पास ने दर्जनों घातक हथियार बरामद किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि मूलुगू जिले के एसपी के नेतृत्व में सर्चिंग अभियान पर निकले सुरक्षा बलों को यह बड़ी कामयाबी मिली है। मूलूगु जिले के वाजेडु, वेंकटापुरम और कन्नईगुड़म क्षेत्रों से 20 नक्सली गिरफ्तार किए गए। इन नक्सलियों में एक डिवीजनल कमांडर, 5 एरिया कमांडर और 14 पार्टी सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार नक्सलियों से 3 इंसास रायफललें, 4 एसएलआर, एक लोकल राइफल, विस्फोटक, वाकीटॉकी व बड़ी मात्रा में नगदी रकम बरामद की गई है। इसके अलावा तेलंगाना पुलिस के समक्ष आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि यह नक्सलियों के शहरी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार‌ है। सूत्रों ने बताया कि कर्रेगुट्टा आपरेशन के बाद से क्षेत्र के नक्सलियों पर दबाव बढ़ने से वे तेलंगाना जाकर गिरफ्तार हो रहे और आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम शर्मा और वन मंत्री कश्यप को मेयर पाण्डेय ने भेंट की निगम बजट की प्रति

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जगदलपुर महापौर संजय पाण्डे ने आज सुबह जगदलपुर सर्किट हाउस में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप का स्वागत किया एवं उन्हें नगर निगम बजट की कॉपी सौंपी। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य व पार्षदगण उपस्थित रहे।

चिंगावरम के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

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जगदलपुर 17 मई 2010 को सुकमा जिले के चिंगावरम में नक्सलियों ने यात्री बस को बम से उड़ाते हुए 15 निर्दोष ग्रामीण यात्रियों और 16 पुलिस जवानों की हत्या कर दी थी। इस घटना से छत्तीसगढ़ राज्य के नागरिकों को गहरा आघात पहुंचा था, जो आज भी छत्तीसगढ़ की जनता को याद है कि कैसे नक्सलवादियों ने मासूम बच्चों सहित आदिवासी ग्रामीणों व पुलिस जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी। चिंगावरम में उन सभी शहीदों को याद करते हुए आज शहीद स्मारक सिरहासार चौक जगदलपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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