दल्लीराजहरा – लौहनगरी दल्लीराजहरा की पहचान देश विदेश में बनाने जुटे नगर के प्रतिभाशाली छात्र सिनेमाटोग्राफी की पढ़ाई एशियन अकेडमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविजन से पूरी कर चुके आदित्य रामटेके अपनी क्षमता को दिखाने हेतु अपने सुंदर गृह नगर दल्लीराजहरा पर जल्द ही एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के प्रयास में जुटे हुए है | दल्लीराजहरा एवं आसपास के क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ है | सात पहाड़ियों से घिरा हुआ दल्ली राजहरा शहर जिसके नाम पर सप्त्गिरी उद्यान एवं आसपास के पर्यटन स्थल लोगों को

मंत्रमुग्ध कर देते है | यहाँ के पर्यटन स्थल एवं मंदिर के विषय की जानकारी एवं मजदूरों के मसीहा माने जाने वाले शहीद शंकर गुहा नियोगी जिन्होंने छत्तीसगढ़ के लौहनगरी दल्ली राजहरा के गरीब मजदूरों के हक़ के लिए ही नही पूरे छत्तीसगढ़ के लिए लड़ाई लड़ी थी एवं उनके शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए शहीद अस्पताल एवं शहीद स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना की जो कि अपने आप में अलौकिक है | खनिज नगरी से निकलने वाला कच्चा लोहा यहाँ की फौलादी सोच को दिखाता है | जिसे जन जन तक पहुँचाने के लिए शहर के युवा आदित्य रामटेके जल्द ही डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने वाले है | उन्होंने ये कहा कि अभी इस महामारी के कारण अपनी फ़िल्म पर तेजी से काम नही कर पा रहे है , इसलिए वह अपनी फिल्म आने वाले साल के जनवरी महीने पर ही अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से रिलीस करेंगे ।

उन्होंने अपने सिनेमा के शिक्षक – संतोष स्वर्णाकर , एस. आर मुकेश , बिरजू रजक , और प्रितेश पांडेय सर का तहे दिल से धन्यवाद दिया है क्योंकि उन्होंने ही उन्हें फिल्मों के बारे में सिखाया है ।


















