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मेयर को पहले भाजपाई घेरते थे, अब कांग्रेसी चलाने लगे शब्द बाण

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  •  कांग्रेस नेताओं ने महापौर पर लगाए भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप 

जगदलपुर पहले भाजपा के लोग महापौर पर भाजपा पार्षदों के वार्डों की उपेक्षा का आरोप लगाते थे, मेयर के भाजपाई बन जाने के बाद अब ऐसा ही आरोप कांग्रेस के लोग लगाने लगे हैं।

इसी मसले पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महापौर पर जमकर शब्द बाण चलाए। कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स व उप नेता प्रतिपक्ष राजेश राय ने महापौर पर संगीन आरोप लगाए। सुशील मौर्य ने कहा कि महापौर निधि से महापौर अपने पूरे कार्यकाल में एक भी कार्य का शिलालेख नही लगवा पाई हैं। विकास कार्यों के मामले में महापौर कांग्रेसी वार्डो की घोर उपेक्षा कर रही हैं। कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं, जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। सुशील मौर्य ने सवाल किया कि आखिर महापौर निधि की रकम जा कहां रही है? सुशील मौर्य ने कहा कि जिलाध्यक्ष बनते ही मैं मेयर को लगातार आगाह करता रहा कि आप भ्रष्टाचार बंद कर अपने कार्यों निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक करें। सभी वार्डो में कार्य कराएं। कांग्रेस वार्डो में कार्य कराएं, कांग्रेसी वार्डो में आप कोई कार्य नही करा रही हैं। मौर्य ने कहा कि महापौर सिर्फ भाजपा के संजय पांडे के साथ मिलकर अपनी निधि खर्च कर रही हैं। आपके खुद के निवास क्षेत्र कर भी कई वार्डो की स्थिति खराब है। कई कांग्रेस वार्डो की स्थिति पूर्णतः खराब है। बकौल सुशील मौर्य- मैंने कहा था कि यदि आप अपने कार्यों को साफ सुथरा नहीं रखती हैं तो आने वाले समय में आपको कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा। परंतु अपने भ्रष्टाचार को छुपाने व सम्मान न होने की बेतुकी व अमर्यादित बयानबाजी कर कांग्रेस पार्टी बदनाम करने के लिए महापौर ने भाजपा प्रेवश किया। भाजपा प्रवेश पश्चात आज तक महापौर निधि की जांच तक नहीं हुई है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि महापौर निधि की जांच व इसका भौतिक सत्यापन हो।वही मौर्य ने कहा आज महापौर का सम्मान कितना हो रहा है ये बस्तर की जनता भलीभांति जानती है। नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स ने कहा कि महापौर सफीरा साहू ने जो भ्रष्टाचार किया है उसकी जांच प्रशासन को करनी चाहिए। क्या भाजपा में जाते ही महापौर के दाग धुल गए? यही भाजपाई महापौर जब कांग्रेस में थी तब पूरे शहर में कहती फिरती थी कि अब तो यह स्पष्ट है महापौर भ्रष्ट है। लेकिन अब भाजपा प्रवेश के बाद उसी महापौर के जांच के विरुद्ध भाजपाई मुंह में दही जमाए बैठे हैं। जो संजय पांडे निगम के सामने धरना देते थे, वे आज खामोश क्यों हैं?

कहां है माइकल गली : राय

निगम के कद्दावर नेता माने जाने वाले उप नेता प्रतिपक्ष राजेश राय ने कहा महापौर निधि की जांच व भौतिक सत्यापन होना चाहिए। शहर में महापौर भ्रष्टाचार के बीज बो रही है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में बने जिम में न उचित सामान न ही व्यवस्था है महापौर निधि द्वारा पूरे लाखों रुपये का जिम सामग्री में भ्रष्टाचार नज़र आ रहा है।

कहां है माईकल गली, और किस वार्ड में आती है यह माईकल गली? महापौर निधि से माईकल नामक गली में पाइप लाइन विस्तारीकरण को लेकर पूरे 2 लाख रुपये का गबन किया गया है। जबकि आदेशित पत्र में न ही इस माईकल नामक गली के वार्ड का नाम अंकित है और न ही इस माईकल गली को कोई जानता है फिर कहां की माईकल गली के पाइपलाइन विस्तारीकरण का कार्य महापौर द्वारा करवाया जा रहा है!इसके अलावा शहर के कई वार्डो में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में महापौर द्वारा लगभग 50 लाख रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है जिसकी जांच प्रशासन को तत्काल करनी चाहिए। महापौर जनता के हक का पैसा भ्रष्टाचार कर अपनी जेबें भरने का काम कर रही हैं।

बालिका आश्रम से बच्ची गायब

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  • लामड़ागुड़ा के कस्तूरबा कन्या आश्रम का मामला

अर्जुन झा-

लोहंडीगुड़ा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के ग्राम लामड़ागुड़ा में संचालित कस्तूरबा कन्या आश्रम की एक बालिका तीन दिनों सेगायब है और आश्रम अधीक्षिका एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी मामला दबाए बैठे रहे।

मामला लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत लामड़ागुड़ा का है। बच्ची तीन दिन से लापता है और इसकी सूचना आश्रम अधीक्षिका ने न तो पुलिस को दी और न परिजनों को। तीन दिन तक बेटी से संपर्क न होने पर जब परिजन आश्रम में पहुंचे तब उन्हें पता चला कि बच्ची तीन दिन से आश्रम में नहीं है। बच्ची कहां चली गई और आश्रम से कैसे निकल गई, इस बारे में भी न तो आश्रम अधीक्षिका कुछ जवाब दे रही हैं और न बीईओ या बीआरसी। जानकारी लगने पर लोहंडीगुड़ा के टीआई, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी आज लामड़ागुड़ा कन्या आश्रम पहुंचे।. पुलिस आश्रम अधीक्षिका और गायब बच्ची की सहपाठी छात्राओं से पूछताछ कर रही है। बच्ची की तलाश के लिए गुहार लगाने आज परिजन कलेक्टर के पास पहुंचे थे। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने बच्ची के लापता हो जाने को गंभीर मामला बताते हुए इस घटना के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कलेक्टर से की है। वैसे बस्तर संभाग के आदिवासी छात्रावासों, कन्या आश्रमों से छात्राओं के गायब होने, उनके शोषण, उनके साथ दुराचार की घटनाएं आम हैं। एक छात्रावासी छात्रा के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने का मामला बीजापुर जिले से सामने आ चुका है। इसके आलावा छात्राओं से छात्रावास एवं आश्रम परिसर में झाड़ू पोंछा करवाने, कपड़े धुलवाने, उन्हें सड़ी गली सब्जी व घटिया चावल पकाकर देने के मामले भी आम हैं।

कलेक्टर, सीईओ ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड डे मील का स्वाद चखा

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  •  ओड़िशा के सीमा से लगे गांवों तक पहुंचे अफसर 

बकावंड कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत के सीईओ प्रकाश सर्वे आज बकावंड विकासखंड के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल, स्कूलों और अन्य सरकारी दफ्तरों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर और सीईओ ने बजावंड में प्राथमिक शाला के बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। कलेक्टर ने बच्चों उनका हलचल और पढ़ाई के बारे में पूछा।

कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे गुरुवार को ओड़िशा के सीमा के करीब बसे गांवों तक गए। उन्होंने मालगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बकावंड के बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और स्टॉफ के बारे में जानकारी ली। बीएमओ ने बताया कि पर्याप्त एंबुलेंस न होने के कारण कुछ असुविधा होती है। एक और एंबुलेंस मिल जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। दोनों अधिकारियों ने करितगांव में छात्रावास, उलनार में पीडीएस दुकान, ग्राम पंचायत, केवायसी कार्य का जायजा लिया।

कलेक्टर ने ओड़िशा की सीमा से लगे ग्राम तारापुर में उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएमश्री स्कूल और सीमावर्ती कृषि उपज चेक पोस्ट, बजावंड में देवगुड़ी एवं प्रधानमंत्री आवास निर्माण, नलपावंडी के हायर सेकंडरी स्कूल, बदलावंड में सीमावर्ती धान चेक पोस्ट, पीडीएस दुकान भवन निर्माण, करपावंड में ग्राम पंचायत कार्यालय भवन निर्माण, उप तहसील कार्यालय एवं बालक आश्रम का निरीक्षण किया। कलेक्टर और सीईओ ने बकावंड में विश्राम गृह निर्माण, सीएचसी में वार्डों एवं कार्यालय भवन निर्माण और छात्रावास तथा विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके अलावा जिले के दोनों शीर्ष अफसरों ने अन्य कार्यों का का भी निरीक्षण किया।

आगामी दीपावली त्यौहार के पहले बालोद पुलिस द्वारा किया गया रात्रि में कॉम्बिंग गश्त

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बालोद शहर के जवाहर पारा, अटल आवास, खाल्हे पारा, नया पारा मे जाकर संदिग्ध लोगों को चेक कर पुछताछ किया गया। अपराधिक गतिविधियों में नही रहने हिदायत दी गई। बालोद के लॉज, ढाबा, हॉटल की सघन चेंकिग की गई। दीगर जिला व राज्य से आने वाले मूसाफिरो को चेक किया गया।बालोद शहर के निगरानी एवं गुण्डा बदमाशों को किया गया चेक ।कानून उल्लंघन करने वाले संदेहीयों/ निगरानी एवं गुण्डा बदमाशों के खिलाफ की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही।

पुलिस अधीक्षक बालोद एस आर भगत के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी के मार्गदर्शन पर व एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में, रक्षित निरीक्षक श्रीमति रेवती वर्मा, थाना प्रभारी बालोद श्री रविशंकर पाण्डेय व सायबर सेल प्रभारी जोगेन्द्र साहू ,थाना बालोद, सायबर सेल टीम व रक्षित केन्द्र के महिला/पुरूष बल के साथ दीपावली त्यौहार को ध्यान मे रखते हुए दिनॉक 17.10.2024 के देर रात्रि बालोद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कॉम्बिंग गश्त किया गया।

कॉम्बिंग गश्त के दौरान बालोद शहर के विभिन्न हॉटल/लॉज- भगवती लॉज, मंगलम् लॉज, अरविंदो लॉज, भावेष लॉज, रैन बसेरा आदि एवं बस स्टैण्ड की सघन चेंकिग कर वहां के रजिस्टर के अनुसार रूकने वाले लोगो को तस्दीक कर उनका पहचान पत्र चेक किया गया। व्यापार के लिए दीगर राज्य व अन्य जिलों से आने वाले लोगो को थाने के मुसाफिरी रजिस्टर से मिलान किया गया जो लोग हाल ही में आये है उन्हे थाने लाकर उनका मुसाफिरी नोट किया गया साथ ही शांति से रहने एवं किसी प्रकार से कानून का उल्लंघन न करने की हिदायत दी गई।

बालोद के अटल आवास, जवाहर पारा, खाल्हे पारा, नया पारा क्षेत्रों में कॉम्बिंग गश्त कर सघन चेकिंग किया गया। निगरानी व गुण्डा बदमाशों को गस्त के दौरान चेक किया गया। जो अपने निवास पर उपस्थित मिले उन्हे समझाईस दी गई कि अपराधिक गतिविधियों में न रहे और जो अनुपस्थित मिले उन्हे फोन के माध्यम से तस्दीक कर 2 दिवस में थाने आकर उपस्थिती दर्ज कराने हिदायत दिया गया।

बालोद पुलिस की यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी l उक्त कार्यवाही में कुल 56 अधिकारी , जवान सम्मिलित रहे l

Big Breaking बोलेरो पिकअप की टक्कर से बीएसपी कर्मी की मौत एक अन्य घायल

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दल्ली राजहरा दास चौक के पास कच्चे माइंस की बोलेरो पिकअप गाड़ी क्रमांक सीजी 10 एन बी 7871 से राजहरा क्वारी से माइंस ऑफिस में कागज छोड़ने आया था छोड़कर वापस जा रहा था बताया जा रहा उसका डेली रूटीन का काम था

वापस जाते समय मोटरसाइकिल सवार बीएसपी कर्मी को टक्कर मारी जिससे बीएसपी कर्मी की जगह पर मौत हो गई बीएसपी कर्मी का नाम जगत राम ठाकुर बताया जा रहा है वही स्कूटी सवार घायल हो गया है जिसे बीएसपी अस्पताल लाया गया वहां से सेक्टर 9 रेफर किया जा रहा है घायल का नाम उत्तम कोठारी बताया जा रहा है। मौके पर पुलिस पहुंचकर आगे की कार्रवाई कर रही है |

इस हम्माम में तो सबके सब नंगे हैं जनाब

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  •  रेत के काले खेल में दोनों दलों के नेता हैं शामिल
  • अब पत्रकारों को मोहरा बनाकर मलाई खाने की कवायद में जुटे नेता

अर्जुन झा-

जगदलपुर एक कहावत है कि हम्माम में सभी नंगे रहते हैं, मगर सुकमा जिले के एक हम्माम में तो सबके सब नंगे हैं। पहले कांग्रेस नेता का तौलिया नीचे गिरा, अब भाजपा की लुंगी भी खिसक कर नीचे आ गई है। बात सुकमा जिले की शबरी नदी की रेत के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ है। पहले कांग्रेसी नेताओं ने रेत से जमकर मलाई निकाली, अब भाजपा के कुछ नेता यही मलाई छानने में लग गए हैं। हाथ से माल निकलता देख अब कांग्रेस के नेता पत्रकारों को मोहरा बनाकर रेत के गोरख धंधे में अपना वजूद बरकरार रखने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में बहने वाली शबरी नदी रेत के रूप में सोना उगलती है। इसी रेत रूपी सोने को हथियाने की जंग इन दिनों सुकमा क्षेत्र में चल रही है। सुकमा जिले की सीमाएं तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और ओड़िशा राज्यों से लगी हुई हैं। इन राज्यों तक रेत की तस्करी बड़ा ही आसान काम है। जिसकी लाठी, उसकी भैंस वाली कहावत भी सुकमा में चरितार्थ होती आई है। शबरी नदी से रोजाना सैकड़ों ट्रक रेत निकाल कर दूसरे राज्यों में भेजने का खेल न कल रुका था, न आज रुक पाया है। बस लाठी अब दूसरे हाथों में चली गई है। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले हजारों ट्रक रेत का भंडारण कोंटा इलाके में किया गया था। क्योंकि नदी के बाढ़ग्रस्त रहने पर वहां से रेत खनन मुमकिन नहीं होता है। पूरे बरसात के मौसम में भंडारित रेत की तस्करी पड़ोसी राज्यों में बेधड़क चलती रही। तबकी लाठी वाले नेताजी का खौफ ऐसा कि अधिकारी मुंह तक खोलने से कांपते नजर आते थे। ऐसे में रेत तस्करी पर कार्रवाई की उम्मीद करना भी बेमानी ही थी। सत्ता परिवर्तन के कई माह बाद तक लाठी उसी पुराने नेताजी के हाथ में रही और भैंस भी उन्हीं की मिल्कीयत बनी रही। बाद में जब मौजूदा सत्ताधारी दल के नेताओं को रेत की मलाई की अहमियत समझ में आई, तो उन्होंने कांग्रेसी नेताजी के हाथों से भैंस छीन ली। अब रेत की यह मलाई भाजपा के कुछ स्थानीय नेता छानने लगे हैं। यह बात कांग्रेसी नेताजी भला कैसे सह पाते, सो उन्होंने पत्रकारों के कंधों पर बंदूक रखकर चलना शुरू कर दिया। भूरे रंग की रेत का खेल खेलने वाले राजनीतिक दलों के लोग पत्रकारों को किस तरह मोहरा बनाकर अपना राजनीतिक और आर्थिक रसूख चमकाने का प्रयास करते हैं, उसका नमूना सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। अपनी पार्टी की सरकार के दौरान शबरी नदी का सीना छलनी कर रेत का व्यापार कांग्रेस के नेता करते रहे, तो आज बीजेपी के कुछ नेताओं ने यह धंधा सम्हाल लिया है। रोज सैकड़ों ट्रक रेत को दूसरे राज्य पार करने में इन्हीं नेताओं के साथ मिलकर प्रशासन ने किया है। सरकार बदलते ही धंधे के नेतृत्वकर्ता बदल गए। अब अपना वर्चस्व बनाए रखने में जुटे पुराने धंधेबाजों ने पत्रकारों के माध्यम से पुनः इस धंधे में अपनी हुकूमत कायम करना चाहते हैं। प्रशासन की मदद से सरकार के करीबी ने इस मामले को राजनीति से नहीं सुलझा कर दवाब से सुलझाना चाहा जिसका परिणाम सामने है अब प्रशासन और सरकार के करीबी खामोशी की चादर ओढ़ कर रणनीतिक पैतरेबाजी को देख रहे हैं।वहीं पुराने धंधेबाज अब इस काम को हथियाने तो नहीं बल्कि इस मामले में अच्छे समझौते की राह खोज रहे हैं, ताकि रेत से निकलने वाली मलाई का कुछ हिस्सा उन्हें भी मिल जाए। कल सुकमा में हुए पत्रकारों के आंदोलन के दौरान मंच पर राजनीति के पुराने खिलाड़ी की उपस्थिति से अन्य जिले से आए पत्रकारों को सब समझ में आ गया कि पूरे प्रकरण में धंधा ही प्रमुख उद्देश्य है। पत्रकारों को महज उपयोग ही किया जा रहा है। वे पूछ रहे हैं कि जब फैसला इनसे ही हो जाता तो नाहक ही पत्रकार एकता के नाम पर प्रशासन पर दवाब बनाने का प्रयास आखिर क्यों किया जा रहा है?

सरस मेले में पहुंचे कलेक्टर

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जगदलपुर बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस बस्तर मेला में कलेक्टर हरिस एस ने सपरिवार पहुंचे। उन्होंने सरस मेला के स्टालों का अवलोकन किया। क्षेत्रीय सरस मेला में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्य से स्व- सहायता समूह द्वारा लगाए गए 180 स्टॉलों में विविध प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन सह विक्रय हेतु लगाए गए समस्त स्टॉलों का विजिट कलेक्टर ने किया और समूह सदस्यों से उनके उत्पादों के विषय में जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश कुमार सर्वे भी उपस्थित रहे।

नगरीय निकायों में प्रचंड जीत दर्ज कराएगी कांग्रेस: सुशील मौर्य

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  •  निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्षदों व संगठन पदाधिकारियों की बैठक 

जगदलपुर संभाग मुख्यालय के राजीव भवन में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर शहर जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों व संगठनों के अध्यक्षो एवं कांग्रेस पार्षदाें की बैठक हुई।

बैठक में जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि जिले के सभी नगरीय निकायों में कांग्रेस प्रचंड जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव को लेकर जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में पूरी लगन से कार्य करेंगे। हम पूरी तरह से निकाय चुनाव के लिए तैयार हैं। भाजपा किसी भी कीमत पर नगरीय निकाय चुनाव नहीं जीत पाएगी। भाजपा की वादाखिलाफी से जनता हताश और परेशान है। किसान, महिला, पुरुष, युवा, व्यापारी सभी डरे सहमे हुए हैं। आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं। भाजपा कुछ भी कर ले, उसे नगरीय निकाय चुनाव में हार का मुंह देखना ही पड़ेगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 400 पार का आंकड़ा दिया था, लेकिन बड़ी मुश्किल से 240 सीट हासिल की है. विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से भाजपा ने झूठ बोला था, मोदी की गारंटी का ढिंढोरा पीटा था, लेकिन उसमें से आज एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है.बिजली महंगे दर पर मिल रही है. रजिस्ट्री में गरीबों को दी जाने वाली 30 फीसदी की छूट को खत्म कर दिया गया है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. युवाओं को रोजगार देने के वादे पर वे नाकाम रहे हैं। इस सरकार में रोजगार छीना जा रहा है। क्रेडा कर्मचारियों का रोजगार छिन गया है, वन विभाग में छंटनी की गई है, अब जो मितानिन इतने सालों से सेवा देते आ रही थी, उनकी नौकरी भी सरकार की नीतियों के कारण जाने वाली है. भाजपा का झूठ अब जनता पहचान चुकी है. नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा बुरी तरीके से परास्त होगी। इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, जतिन जायसवाल, अतिरिक्त शुक्ला, निगम अध्यक्ष कविता साहू, नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, राजेश राय, सतपाल शर्मा, हनुमान द्विवेदी, अनवर खान, रामशंकर राव, परमजीत जसवाल, कैलाश नाग, राजेश चौधरी,सहदेव नाग,रोजविन दास,पार्षद विक्रम डांगी, बलराम यादव, आभास महंती, कमलेश पाठक, सुषमा कश्यप, कोमल सेना, ललिता राव, सुखराम नाग, सुशीला, शुभम यदु, पंचराज सिंह, सूर्या पानी,विजय कुमार जोहन सुता, सूर्या पानी, सुषमा सुता ,हरीश साहू, अमरनाथ सिंह, हरीश साहू,ज़ाहिद हुसैन, निकेत झा, महेश द्विवेदी, अल्ताफ़ उल्ला खान, अनुराग महतो, अजय बिसाई, संदीप दास, सायमा अशरफ, तरणजीत सिंह रंधावा, विशाल खंबारी, नीलम कश्यप, मनीता राउत, अंजना नाग, अफरोज, शहनाज बेगम, दुर्योधन कश्यप, महेश ठाकुर, उस्मान रज़ा आदि मौजूद रहे।

अब विदेशी भी पढ़ पाएंगे बस्तर के पुरखती कागजात को

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  •  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अंग्रेजी संस्करण का विमोचन
  • पुरखती में बस्तर के देवी देवताओं की वाचिक परंपरा, इतिहास का है संकलन 

जगदलपुर बस्तर की वैभव गाथा को अपने आप में समेटे दस्तावेज पुरखती कागजात को अब विदेशी पर्यटक भी आसानी से पढ़ सकेंगे। पुरखती कागजात के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुरिया दरबार कार्यक्रम में किया।

बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के माध्यम से आदिवासी परंपरा, रीति-रिवाज, सांस्कृतिक विविधता एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित तथा संवर्धित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में बस्तर संभाग अंतर्गत देवी देवताओं की शक्तिशाली वाचिक परंपरा, इतिहास एवं उत्पति के बारे में गांव-गांव से गुनिया-बैगा, सिरहा, माटी पुजारी, पेरमा, मांझी, गांयता, पटेल से विस्तृत चर्चा करते हुए जानकारी संकलित कर आनेवाली पीढियों को अपने देवी-देवताओं की सेवा परंपरा से अवगत कराने के लिए “पुरखती कागजात” नामक पुस्तक तैयार की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्राधिकरण को बधाई दी। कार्यक्रम में उपस्थित वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, जगदलपुर विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने भी पुस्तक की सराहना की।ज्ञात हो कि सामाजिक, सांस्कृतिक से परिपूर्ण बस्तर के देवी, देवता जागृत रूप में स्थित है। बस्तर की विविध जनजातियों को पृथक भौगोलिक निवास क्षेत्र हैं। बस्तरवासी अपनी पारम्परिक प्राचीन मान्यताओं के अनुसार साम्य देव और कुल देवी- देवताओं को पूजते हैं। कुछ कुटुंब स्तर पर, कुछ ग्राम स्तर पर, कुछ ग्राम समूहों में और कुछ परगना स्तर पर महत्व रखते हैं तथा कुछ देवी-देवता सम्पूर्ण बस्तर क्षेत्र में आराध्य हैं। बस्तर के धार्मिक संस्कारों में देवी-देवताओं के वंशज या परिवारों का विस्तार सदियों से होता आ रहा है और उनके वंशज या परिवार गांव-गांव में स्थापित है। बस्तर में देवी-देवताओं के नाम, लोक मान्यता और लोक विश्वास की परम्परा अद्‌भुत और सदियों पुरानी है। सेवा विधि भी अत्यंत रोचक और ठेठ आदिम है। सदियों पूर्व से इसके नियम बने हुए हैं कि किस देवता की सेवा किस कामना के लिए की जाए और कौन से देवता किस मनोकामना को पूर्ण करते हैं। बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत बस्तर संभाग में आदिवासी आस्था के केंद्र, मातागुड़ी, देवगुड़ी, सेवा-अर्जी स्थल आदि कुल 7055 स्थलों को चिन्हित किया गया है। जैसे मातागुड़ी में मां दंतेश्वरी, शीतलादई, कोला कासमीन, गांवदई, बंगेडोकरी, जलनदई, तुलमुते, कानीबूड़ी, आनामुंडा, चिकलादई, पीरनता माता, बावड़ी मातागुड़ी, शीतलादई, चमलदई, समरैया आदि तथा देवगुड़ियों में गुमोरुगाल, इर्सहूंगा, चुडइंगा कुपेर, भीमाराज पेन, नंदराज पेन, हूंगा, वेला, बूम उसेंडी, इंगल माइको, पालबोमड़ा, विज्जा मंडा, फोतालगुड़ी, बरें हिड़मा दादी, हुर्रा मोरला दादो, हांदल कोसा, वूम हिर्रा, हिड़माराज, कोंडराज, कर्रेओड़ आदि के साथ ही गोटुल और प्राचीन मृतक स्मारकों के नाम ‘भुंईयां’ के माध्यम से खसरा के कैफियत कालम में दर्ज कर कुल 26000 हेक्टेयर यानि 7000 एकड़ भूमि बस्तर संभाग में संरक्षित की गई है। उक्त स्थलों को अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के अन्तर्गत धारा 3 (1) (ठ) के तहत ग्रामसभा को सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी करके संरक्षित किया गया है। प्राधिकरण द्वारा पुरखती कागजात पुस्तिका बस्तर अंचल के देवी- देवताओं, मान्यताओं के प्रति एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगी, साथ ही देवगुड़ियों, आदिवासी धर्मस्थलों, सामुदायिक सेवा-अर्जी स्थलों का दस्तावेजीकरण होने से बस्तर को एक अलग पहचान मिलेगी। इसी क्रम में बस्तर तथा युवाओं द्वारा इस पुरखती कागजात का अंग्रेजी अनुवाद की मांग के आधार पर पुरखती कागजात का अंग्रेजी में अनुवाद कर विश्व स्तर पर बस्तर की सांस्कृतिक विविधता एवं ऐतिहासिक विरासत को अलग पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।

मातृशक्ति को सशक्त बनाने गांव में होगा महतारी सदन का निर्माण: मंत्री केदार कश्यप

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  •  महिलाओं को अब गांव में ही मिलेगा रोजगार 
  • मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने भाजपा सरकार संकल्पित: केदार कश्यप

जगदलपुर प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को अब गांव में ही रोजगार प्रदान करने के क्षेत्र में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्रिमंडल द्वारा महिलाओं को रोजगार के साथ जोड़ने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की जा रही इस योजना का नाम महतारी सदन योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में महतारी सदन बनाने की घोषणा की गई है।महतारी सदन के निर्माण से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। महतारी वंदन योजना के बाद अब विष्णुदेव सरकार महतारी सदन के माध्यम से गांव की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान सशक्त करना चाहती है। महतारी सदन सर्व सुविधायुक्त होगा जहां महिलाओं के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। मंत्री केदार कश्यप की पहल पर नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के पांच गांवों में महतारी सदन बनाने की स्वीकृति राज्य सरकार ने दी है।नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत केसरपाल, मुंडागांव, भानपुरी, करंदोला और सोनारपाल में महतारी सदन का निर्माण कराया जाएगा। इन महतारी सदनों के तहत महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का अवसर सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है। महतारी वंदन योजना के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी सदन योजना की शुरूआत की जा रही है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने मंत्री कश्यप का माना आभार

नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों एवं महतारी सदन के लिए रचना महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सुखमनी नाइक ने मंत्री केदार कश्यप का आभार जताते हुए कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पुल- पुलिया तो बन ही रहे हैं, इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बेहतरीन तरीके से काम किया जा रहा है। यह कार्य बहुत ही सराहनीय है। छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं हमारे क्षेत्र के विधायक और शासन में मंत्री केदार कश्यप ने भी महिलाओं को आगे बढ़ाने में पूरा प्रयास किया है। उनके प्रयासों से हमारे क्षेत्र में महतारी सदन का निर्माण होगा। जिससे हम माताओं बहनों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सशक्तिकरण के दिशा में महिलाएं आगे बढ़ेगी। जिसके लिए मैं अपने स्व सहायता समूह की ओर से उनका हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।

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