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मीठ लबरा हावे जिला के एक झन बड़े अधिकारी बच के रहु नवा कलेक्टर साहब

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  • गलती थी जिला पंचायत सीईओ की नप गए बेचारे बेकसूर कलेक्टर
  • सरकार के इस फैसले से हर कोई है हतप्रभ

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. के तबादले से हर कोई हैरान है। सरकार के फैसले पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस कथित गलती के लिए विजय दयाराम के. को बस्तर से हटाया गया है, उसके लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। हटाना सीईओ को था, लेकिन हटा दिए गए कलेक्टर। अब तो यहां लोग नए कलेक्टर को नसीहत दे रहे हैं कि ‘बड़ मिठलबरा हे जिला के बड़े अधिकारी, बचके रहू नवा कलेक्टर साहब।’

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बदलने का अधिकार सरकार को है, लेकिन बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. को जिस प्रकार मनरेगा में मानव दिवस सृजित नहीं करने का आरोप लगाते हुए हटाया गया वह किसी के गले नहीं उतर रहा है। जबकि इसके लिए सीधे- सीधे जिम्मेदार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे हैं। तत्कालीन कलेक्टरों को अपने मकड़जाल में फंसाने में माहिर इस अधिकारी से नए कलेक्टर हरीश एस. को बचने की जरूरत है।छत्तीसगढ़ में एक वाक्य है मीठ लबरा जिसका मतलब स्वीट पाईजन या चिकनी चुपड़ी और मीठी -मीठी बातें करने वाला। नए कलेक्टर को स्थानीय अधिकारी कर्मचारी भी कह रहें हैं कि अब्बड़ मिठलबरा हावे जिला के बड़े अधिकारी बच के रहु नवा कलेक्टर साहब। नगरीय निकाय की तरह जिला पंचायत भी स्वतंत्र निकाय मानी जाती है। जिले की ग्राम व जनपद पंचायतों से जुड़े सारे काम सीधे तौर पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित होते हैं। राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के कार्य भी जिला पंचायत सीईओ की ही निगहबानी में संपादित होते हैं। यानि रोजगार मानव दिवस सृजित करने की जवाबदेही भी पूरी तरह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की होती है। ऐसे में इसके लिए कलेक्टर को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है। पंचायतों, रोजगार गारंटी, गांवों में कराए जाने वाले कार्यों की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति के सारे अधिकार जिला पंचायत सीईओ के पास ही होते हैं। स्व सहायता समूह की बात करें या प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, मनरेगा जैसे काम कराने की जिम्मेदारी उनकी होती है लेकिन मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य में बस्तर जिला फिसड्डी रहा है। यह हम नहीं कह रहे ब्लकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कांफ्रेंस में यह गड़बड़ी पकड़ी और इसके नाम पर बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. को हटा दिया गया जबकि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। ज्ञात हो कि तत्कालीन कांग्रेस पार्टी की सरकार में स्व सहायता समूह को फंड आबंटित करने के दौरान यह अफसर नेताओं में झगड़ा करा बैठे तथा स्थानीय नेताओं ने कलेक्टर विजय दयाराम को कोप भाजन बनाया था। तो अब इसी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी के चक्रव्यूह में फंसे कलेक्टर विजय दयाराम का राज्य सरकार ने बलि का बकरा बना दिया। इसीलिए नागरिक और अधिकारी कर्मचारी नवागत कलेक्टर हरिस एस. को मिठलबरा यानि स्वीट पॉयजन इस अधिकारी से सचेत रहने के लिए आगाह कर रहे हैं।

बस्तर के नए कलेक्टर हरिस एस ने किया पदभार ग्रहण

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जगदलपुर बस्तर ज़िले के नव पदस्थ कलेक्टर हरीस एस ने सोमवार को पदभार ग्रहण किया। कलेक्टर हरिस एस 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इससे पूर्व वे सुकमा कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहें है।

पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। नए कलेक्टर ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, संयुक्त कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी, डिप्टी कलेक्टर हीरा, उप संचालक जनसंपर्क कमल बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मेडिकल कॉलेज डिमरापाल प्रबंधन ब्लैक लिस्टेड कंपनी बीएसईएस पर मेहरबान

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  • चित्रकोट विधायक गोयल ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को लिखा पत्र

मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में फिर ब्लैक लिस्टेड कंपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है जिसके खिलाफ विधायक चित्रकोट विनायक गोयल ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग जनक पाठक को पत्र प्रेषित कर बाहरी कंपनी को दूर करने की मांग किया है।

आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को लिखे पत्र में विधायक विनायक गोयल ने कहा है कि आपके विभाग के अधीन मेरे विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संचालित मेडिकल कॉलेज / अस्पताल डिमरापाल में सुरक्षा कार्य संचालन हेतु अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा टेण्डर प्रक्रिया 02/07/2024 को पूर्ण किया जाकर बीआईएस कम्पनी, बम्बई (महाराष्ट्र) को कार्य दिया गया है घोषित किया गया है उक्त कंपनी पूर्व में ब्लैक लिस्टेड है जिसकी जानकारी विगत 10 वर्षों से कार्यरत सुरक्षा कर्मियों (महिला/पुरुष) द्वारा मेरे निवास कार्यालय में समक्ष भेंट कर सूचित किया गया है।

 

वर्तमान में कार्यरत समस्त पुराने सुरक्षा कर्मियों द्वारा सरकारी धनराशि गबन दोषी एवं ब्लैकलिस्ट घोषित रही बीआईएस कम्पनी, बम्बई (महाराष्ट्र) के संचालक डीजीएम हर्षलाल द्विवेद्वी जो कि हमारे मेडिकल कॉलेज / अस्पताल डिमरापाल, जगदलपुर में विगत 5 माह (दिनांक 01/06/2023 से 25/10/2023 तक) सुरक्षा कार्य का टेण्डर लिया जाकर कार्यरत सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्र, अश्लील व्यवहार एवं सुरक्षा गार्ड नौकरी हेतु राशि वसूली जैसे भयाक्रांत होकर समुचित न्याय दिलाने हेतु निवेदन किया है।

गोयल ने कहा है कि आपके अवलोकन हेतु हर्षलाल द्विवेद्वी डीजीएम बाबत् बालाजी सुरक्षा कंपनी इन्दौर (म.प्र.) के मा० उच्च न्यायालय बिलासपुर पारित तिथि 20/10/2023 एवं गृह मंत्रालय रायपुर परिपत्र 27/09/2023 तथा संबंधित के पूर्व एवं वर्तमान में बीआईएस कम्पनी, बम्बई (महाराष्ट्र) के बतौर डीजीएम को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर (म.प्र.) द्वारा पारित तिथि 12/09/2019 में शासकीय धनराशि गबन के प्रकरण में अपराधिक क्रमांक 256/2019 में अग्रीम जमानत खारिज किया गया है। उक्त कंपनी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल में कार्यादेश दिया गया है जिसको रोका जाए।

इस्पात मंत्री स्पष्ट करें प्लांट नीलामी का जायजा लेने या मोदी की गारंटी पूरी करने आए हैं बस्तर :जावेद खान

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  •  विनिवेशीकरण की सूची में अब भी नगरनार इस्पात संयंत्र का है नाम

जगदलपुर केंद्रीय इस्पात मंत्री एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी के बस्तर प्रवास और नगरनार इस्पात संयंत्र के निरीक्षण को लेकर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने सवाल दागते हुए पूछा है कि बस्तर की जनता इस्पात मंत्री के बस्तर दौरे को लेकर चिंतित है और बड़ी उम्मीद भी लगाए बैठी है। बस्तर की जनता चिंतित इसलिए है कि क्या विनिवेशीकरण की तैयारियों का जायजा लेने इस्पात मंत्री बस्तर आए हैं? या फिर जो उम्मीद और वादा करके चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह गए थे कि नगरनार इस्पात संयंत्र बस्तर के लोगों का है और इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा उस वादे को पूरा करने विनिवेशीकरण की सूची से नगरनार इस्पात संयंत्र का नाम हटाने वे बस्तर आए हैं? आज उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए क्योंकि बस्तर की जनता यह जानना चाहती है।

जावेद ने कहा कि बस्तर की जनता के अंदर भय और भ्रम का माहौल है। कुछ दिन पूर्व मीडिया के माध्यम से यह बात निकल कर आई थी कि इस्पात मंत्रालय नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण की तैयारी पूरी कर चुका है और प्लांट की 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इसके लिए वह पीएमओ की हरी झंडी का इंतजार कर रहा है। जावेद ने कहा भाजपा मोदी की गारंटी देकर चुनाव में वोट बटोरती है और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में बस्तर की जनता ने मोदी की गारंटी पर भरोसा करके दोबारा केंद्र तथा छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में यदि मोदी की गारंटी जो नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर है उसे पूरा नहीं किया गया तो यह कृत्य बस्तर की जनता के साथ भाजपा का सबसे बड़ा छल होगा। जावेद खान ने बस्तर सांसद महेश कश्यप से भी मांग करते हुए कहा है कि जब-जब कांग्रेस कहती है कि मोदी सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचना चाहती है तो सांसद कहते हैं कांग्रेस भ्रम फैला रही है। आज सांसद बस्तर के पास एक सुनहरा अवसर है कि वे इस भ्रम को हमेशा के लिए खत्म करवाएं, केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से लिखित में नगरनार इस्पात संयंत्र के विनिवेशीकरण पर रोक लगाने का आदेश जारी करवाएं, विनिवेशीकरण की सूची से नगरनार स्टील प्लांट का नाम हटवाएं। जैसे विनिवेशीकरण की सूची से दुर्गापुर के एलाॅय प्लांट का नाम हटाया गया, इसी प्रकार नगरनार इस्पात संयंत्र का भी नाम उक्त सूची से पृथक करने का आदेश जारी करवाएं और इसे सार्वजनिक कर बस्तर की जनता के सामने लगातार खोते हुए विश्वास को दोबारा कायम करें। जावेद ने कहा कि बस्तर की जनता अब नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर किसी भी तरह के मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होने वाली। बस्तर की जनता अब किए हुए चुनावी वादे को पूरा करने की मांग कर रही है। यदि बस्तर सांसद इस्पात मंत्री से लिखित में आदेश लेने असमर्थ होते हैं तो नगरनार इस्पात संयंत्र को लेकर कांग्रेस और बस्तर की जनता से माफी मांगते हुए इस मामले में अपनी व्यक्तिगत स्थिति स्पष्ट करें कि वो नगरनार संयंत्र को बेचने वालों की तरफ हैं या बचाने वाले बस्तरवासियों के साथ खड़े होंगे।

कांग्रेस परिवार ने जश्ने ईद मिलादुन्नबी के जुलूस का किया भव्य स्वागत

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  •  प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है ईद मिलादुन्नबी का पर्व: सुशील मौर्य
  • पैगंबर मोहम्मद साहब ने समानता और सद्भाव पर दिया जोर: रेखचंद जैन 

जगदलपुर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के पर्व ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा निकाले गए जुलूस का बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन और कांग्रेस परिवार द्वारा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य व पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने परचम कुशाई में शामिल होकर शहर काजी, इमामों एवं सदर को ईद मिलादुन्नबी की बधाई दी एवं शहर में अमन चैन व समृद्ध की कामना की।

इस दौरान शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने मुस्लिम समाज को ईद मिलाद उन नबी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईश्वर ने हजरत मोहम्मद साहब को समाज में व्याप्त बुराई को खत्म करने के लिए धरती पर भेजा था, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैले अंधकार और बुराइयों को खत्म करना था। हजरत मोहम्मद साहब ने मानवता को एक नई दिशा दिखाई और समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने हमें सिखाया कि कैसे जीवन को सही तरीके से जीना है, कैसे दूसरों के साथ प्रेम और करुणा का व्यवहार करना है, और कैसे ईश्वर की इबादत करनी है।आज के दिन हमें उनके संदेश को याद करना चाहिए और उनके बताए हुए रास्ते पर अमल कर चलना चाहिए। हमें हजरत मोहम्मद साहब को याद कर उनके संदेश को सदैव अपने जीवन में उतारना चाहिए। परचम कुशाई के दौरान पूर्व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन ने पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर मैं समाज प्रमुखों सहित समस्त मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देता हूं। पैगंबर मोहम्मद साहब ने हमें प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों को दूसरों के प्रति दयालु होने और मानवता की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

मतभेदों को भूलकर एक दूसरे के साथ मिलकर रहें।पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाएं आपकी जिंदगी में रोशनी फैलाएं हम पवित्र कुरान की पवित्र शिक्षाओं को पूरी पवित्रता से आत्मसात करें और एक शांतिपूर्ण समाज बनाने का संकल्प लेते हुए पैगम्बर मोहम्मद साहब के बताए हुए रास्ते पर अमल कर उनके संदेश को अपने जीवन में उतारने का कार्य करें। पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाएं हमें हमेशा इंसानियत का पाठ पढ़ाती रहें। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता परमजीत जसवाल, रविशंकर तिवारी, गौरनाथ नाग, राजकुमार दंडवानी, पार्षद राजेश राय, सूर्यपानी, अमरनाथ सिंह, ज़ाहिद हुसैन, निकेत झा, शादाब अहमद सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस्पात मंत्री का भव्य स्वागत

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जगदलपुर केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी का भाजपा पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। महापौर सफीरा साहू, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं जगदलपुर नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद संजय पाण्डेय एवं अन्य नेताओं ने जगदलपुर के विमान तल पर मंत्री कुमार स्वामी का आत्मीय स्वागत किया। एचडी कुमार स्वामी नगरनार इस्पात संयंत्र का निरीक्षण करने सोमवार को बस्तर जिले के प्रवास पर आए थे।

 

पार्षद राजेश राय के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता

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  •  मेयर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को बताया गलत 

जगदलपुर नगर के वार्ड -23 गंगा नगर के कांग्रेस पार्षद राजेश राय के खिलाफ महापौर द्वारा पुलिस में की गई शिकायत को पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस कमेटी व अन्य कांग्रेस पार्षदों ने झूठा करार देते हुए दर्ज केस को रद्द करने की मांग की है।

इस संबंध में आज सोमवार को शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और पूर्व विधायक रेखचंद जैन के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा से भेंट की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि महापौर ने वार्ड 23 गंगानगर के पार्षद एवं नगर निगम में उप नेता प्रतिपक्ष राजेश राय के खिलाफ जो शिकायत की है, वह पूर्वाग्रह से ग्रसित है। राजेश राय एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं और हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं।. शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने उन्हें सूचना के अधिकार के जरिए नगर निगम के सभी कार्यों और गतिविधियों की जानकारी हासिल करने की जिम्मेदारी दे रखी है। इसी के तहत वे आरटीआई का इस्तेमाल करते हुए समय समय पर महापौर और नगर निगम का कच्चा चिट्ठा खोलते रहते हैं। नगर निगम की बैठकों में भी राजेश राय सशक्त विपक्षी की भूमिका निभाते हुए जनहित के मुद्दे उठाते रहते हैं।

इससे बौखला कर महापौर ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत की है। कांग्रेस नेताओं ने राजेश के खिलाफ दर्ज शिकायत को रद्द करने की मांग एसपी से की है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्षद लता निषाद, पार्षद सुषमा कश्यप, बी. ललिता राव, कोमल सेना व सुखराम नाग, कांग्रेस नेता कमलेश पाठक व अन्य लोग उपस्थित थे।

नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण की बात से इस्पात मंत्री कुमार स्वामी ने किया इंकार

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  • फिर झूठ कौन बोल रहा है कांग्रेस, कुमार स्वामी या केंद्र सरकार की वेबसाइट?

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर के इकलौते बड़े उद्योग नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण की बात से इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने साफ इंकार किया है। ऐसे में अब एक नया सवाल पैदा हो गया है कि इस स्टील प्लांट के बारे में झूठ आखिर कौन परोस रहा है – कांग्रेस, केंद्र सरकार की वेब साइट या फिर इस्पात मंत्री।

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम का नगरनार स्टील प्लांट अपनी स्थापना के आरंभिक दिनों से ही चर्चाओं के केंद्र में रहा है। कांग्रेस शुरू से आरोप लगाती आई है कि केंद्र की मोदी सरकार नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करने वाली है। कई अखबारों ने भी इस बात को हवा दी। संसद से लेकर सड़क तक संयंत्र के निजीकरण का मसला छाया रहा। तत्कालीन सांसद दीपक बैज इस मसले को लोकसभा में निरंतर उठाते रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में यह भी दलील दी थी कि नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचा जाना बस्तर के आदिवासियों के साथ विश्वासघात होगा। संयंत्र का निजीकरण हो जाने से वहां आरक्षण का क्राईटेरिया लागू नहीं हो पाएगा और वहां बस्तर के आदिवासी युवा नौकरी पाने से वंचित हो जाएंगे। श्री बैज ने सदन में यह भी मांग उठाई थी कि नगरनार इस्पात संयंत्र को छत्तीसगढ़ सरकार के हवाले कर दिया जाए, छग सरकार उसका बेहतर संचालन कर लेगी। बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सार्वजनिक मंचों से भी इसके निजीकरण का पुरजोर विरोध करते रहे हैं।. कई बार कहा गया कि नगरनार स्टील प्लांट को केंद्र सरकार अडानी ग्रुप के हाथों बेचने जा रही है। वहीं सर्व आदिवासी समाज भी संयंत्र के निजीकरण के विरोध में सड़क पर उतर आया था। इसके विरोध में बस्तर बंद का भी आह्वान किया गया था। वहीं विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान बस्तर दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भरी सभा में ऐलान किया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र को हरगिज बेचा नहीं जाएगा। उस पर पहला और पूरा हक बस्तर के आदिवासियों का है। अब एक नया मामला सामने आया है कि केंद्र सरकार की वेब साइट में नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचे जाने की प्रक्रिया का जिक्र है। इसे लेकर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि कुमार स्वामी इस बारे में अपना स्टैंड क्लियर करें। इन्हीं चर्चाओं और कयासों के बीच केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी का सोमवार को बस्तर आगमन हुआ। जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में मीडिया से चर्चा करते हुए इस्पात मंत्री कुमार स्वामी ने कहा कि वह नगरनार स्टील प्लांट के विजिट पर जा रहे हैं। वहां के कामकाज की समीक्षा करेंगे। जिन विषयों पर आज ही निर्णय लिया जा सकता है, लेंगे। अन्य विषय जिन पर अभी निर्णय नही हो सकता उसके लिए समय सीमा तय की जाएगी। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में दिए जाने की कोई योजना है ? कुमार स्वामी ने साफ कहा कि ऎसी कोई प्लानिंग ही नहीं है।

कांग्रेस के दोनों हाथ में लड्डू

कुमार स्वामी तो निजीकरण के सवाल का जवाब एक लाइन में दे गए, मगर अपने पीछे एक नया सवाल छोड़ गए कि फिर आखिर झूठ कौन बोल रहा है? क्या जनता के बीच कांग्रेस झूठ परोस रही है? क्या केंद्र सरकार की वेब साइट की बात झूठी है? क्या प्रधानमंत्री व गृहमंत्री बस्तर आकर झूठ बोल गए हैं या फिर स्वयं इस्पात मंत्री मीडिया को गलत जानकारी दे गए हैं? जब तक इन सवालों का तसल्ली भरा एकमुश्त जवाब नहीं मिल जाता, तब तक बस्तर की जनता की बेचैनी और चिंता दूर नहीं होने वाली है। इसलिए केंद्र सरकार को अपना स्टैंड क्लियर करना होगा। इस मामले में कांग्रेस के दोनों हाथों में लड्डू है। अगर केंद्र सरकार नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण कर देती है तो कांग्रेस डंके की चोट पर विरोध में न सिर्फ खड़ी हो जाएगी, बल्कि बस्तर की जनता को भी अपने साथ करने में सफल हो जाएगी। वहीं अगर निजीकरण नहीं होता है तो कांग्रेस जनता के बीच यह प्रचारित करेगी कि हमारे दबाव के चलते केंद्र सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना पड़ा है।

इस्पात मंत्री कुमार स्वामी से पूछता है बस्तर

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  • नगरनार स्टील प्लांट को बेचोगे तो नहीं?
  • आज नगरनार स्टील प्लांट के विजिट पर आ रहे मंत्री

अर्जुन झा-

जगदलपुर केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी आज 16 सितंबर को बेंगलुरु से जगदलपुर पहुंचेंगे। वे यहां बहुचर्चित नगरनार स्टील प्लांट का अवलोकन करने के बाद शाम को जगदलपुर से रायपुर जाकर सीधे भिलाई चले जाएंगे। कुमार स्वामी 17 सितंबर को भिलाई स्टील प्लांट का अवलोकन करने के बाद शाम को रायपुर एयरपोर्ट लौटकर नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री के बस्तर आगमन को लेकर यहां के लोगों में काफी उत्सुकता है। खासकर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के संबंध में मंत्री कुमार स्वामी से बस्तर पूछ रहा है कि नगरनार स्टील प्लांट को बेच तो नहीं दोगे?बस्तर संभाग के नागरिक और बस्तर के आदिवासी इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से यह स्पष्ट जानना चाहते हैं कि केंद्र सरकार की वेबसाइट में साफ नजर आ रहा है कि बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के नजदीक संचालित राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के नगरनार स्टील प्लांट को बेचने अथवा उसमें विनिवेशीकरण की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ हो चुकी है। बस्तर वासियों और यहां के बहुसंख्यक आदिवासियों का कहना कि पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान जब केंद्र में भाजपा के पूर्ण बहुमत की सरकार थी तब विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान बस्तर प्रवास पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की जनता और बस्तर के आदिवासियों के साथ तथा समूचे छत्तीसगढ़ की जनता से ताल ठोंकते हुए वादा किया था नगरनार स्टील प्लांट को हरगिज नहीं बचेंगे। प्रधानमंत्री ने तो यहां तक कहा था कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के आदिवासियों का है, उसे उनसे कोई नहीं छीन सकता। जबकि आज केंद्र सरकार की वेबसाइट बता रही है कि नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपने की पूरी तैयारी कर ली गई है। आज बस्तर पूछ रहा है कि क्या बस्तर की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने झूठ बोला था? बस्तर इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से यह भी पूछता है नगरनार स्टील प्लांट के बारे में केंद्र सरकार की असल नीति क्या है, इस बारे में मंत्री कुमार स्वामी अपनी राय स्पष्ट करेंगे? इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री कुमार स्वामी से बस्तर यह भी पूछ रहा है कि जब बस्तर संभाग के किरंदुल, बैलाडीला और बचेली में एनएमडीसी की बड़ी बड़ी लौह अयस्क खदानें हैं तथा सबसे ज्यादा राजस्व छत्तीसगढ़ से मिलता है तो एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर अथवा रायपुर में क्यों नहीं हो सकता? पूछता है बस्तर, जानना चाहता है बस्तर।

इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे पर कांग्रेस के सवाल, नगरनार के विनिवेशीकरण पर क्या है सरकार का स्टैंड?

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  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का सवाल
  • माइनिंग और उद्योग में छत्तीसगढ़ से भेदभाव क्यों
  • एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद से रायपुर क्यों नहीं लाया जा सकता ?

अर्जुन झा

जगदलपुर केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी के समक्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के हितों से जुड़े कई गंभीर सवाल रखते हुए उनका जवाब जानना चहा है। श्री कुमार स्वामी दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर 16 सितंबर को आ रहे हैं। वे बस्तर संभाग के एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उद्योग नगरनार स्टील प्लांट का भी विजिट करेंगे।

कुमार स्वामी के प्रवास के मद्देनजर पीसीसी चीफ दीपक बैज छत्तीसगढ़ के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे और सवाल उठाते हुए कहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि एनएमडीसी का नगरनार प्लांट निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा। केंद्र सरकार के विनिवेशीकरण की वेबसाइट दीपम पर एनएमडीसी के नगरनार प्लांट को बेचने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।  बैज ने कहा कि केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी को नगरनार प्लांट के विनिवेशीकरण के संदर्भ में भाजपा सरकार का स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। श्री बैज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के फोकस में केवल अपने चंद पूंजीपति मित्रों का हित है, भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ की लगातार उपेक्षा की जा रही है। लोकसभा में छत्तीसगढ़ से भाजपा के 10 सांसद हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ की लगातार उपेक्षा होने के बाबजूद भाजपा के सांसद मौन हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मध्य भारत में लौह अयस्क के उत्खनन का काम करने वाली अग्रणी नवरत्न कंपनी एनएमडीसी एक सरकारी उपक्रम है, जिसकी 6 बड़ी माइंस छत्तीसगढ़ में संचालित हैं। बचेली के अंतर्गत 5 नंबर, 10 नंबर और 11-ए नंबर की खदानें तथा किरंदुल के अंतर्गत 14 नंबर, 11 सी और 11 बी वर्तमान में कार्यशील हैं। एनएमडीसी की एक खदान कर्नाटक में संचालित है। उड़ीसा और आंध्र में एनएमडीसी की लौह अयस्क की कोई भी खदान नहीं है। एनएमडीसी का कुल वार्षिक टर्न ओवर लगभग 22000 करोड़ का है जिसमें से 80 प्रतिशत राजस्व एनएमडीसी को केवल छत्तीसगढ़ से ही प्राप्त होता है, लेकिन अब भी एनएमडीसी का मुख्यालय तेलंगाना के हैदराबाद में है। मुख्यालय दूसरे राज्यों में होने के कारण कॉरपोरेट टैक्स और जीएसटी में राज्य की हिस्सेदारी का भाग, जो छत्तीसगढ़ को मिलना चाहिए, वह छत्तीसगढ़ के हक का पैसा अन्य राज्यों को मिल रहा है। पूर्व में एनएमडीसी के मुख्यालय को हैदराबाद से रायपुर स्थानांतरित करने का विधानसभा का सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव केंद्र सरकार को अनुशंसा हेतु प्रेषित किया जा चुका है, केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री यह बताएं कि एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद से रायपुर कब स्थानांतरित होगा?

कोल रायल्टी की पेनल्टी लंबित

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ का आयरन ओर, छत्तीसगढ़ का कोयला, छत्तीसगढ़ से बॉक्साइड, टीन सहित तमाम खनिजों का दोहन केंद्र की सरकार और उनके सरकारी उपक्रम करते हैं, लेकिन जब छत्तीसगढ़ को उनके हक और अधिकार देने की बारी आती है तो भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ की हर बार उपेक्षा होती है। कोल की रॉयल्टी में पेनल्टी के छत्तीसगढ़ का हिस्सा पिछले 7 साल से केंद्र के पास लंबित है। आयरन ओर की रॉयल्टी में पहले प्रोडक्शन अर्थात खुदाई और संग्रहण पर रॉयल्टी मिलती थी, खनन कंपनियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब केंद्र की मोदी सरकार ने विक्रय पर रॉयल्टी देने की व्यवस्था बनाई है, जिससे छत्तीसगढ़ को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

स्थानीय को नौकरी क्यों नहीं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एनएमडीसी में स्थानीय लोगों की भर्ती पिछले 10 साल से लगभग बंद है। छत्तीसगढ़ से ही अपने कुल राजस्व का अधिसंख्यक हिस्सा प्राप्त करने वाली कंपनी एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद होने की वजह से रोजगार के मामले में भी छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं के हितों की उपेक्षा हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आयरन ओर पर रॉयल्टी, गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर तय होती है, लेकिन पिछले कई सालों से स्थानीय प्रशासन, माइनिंग विभाग और जियोलॉजी विभाग की मिलीभगत से आयरन ओर में आयरन की मात्रा और गुणवत्ता में रॉयल्टी के निर्धारण और भुगतान में हेरफेर करके सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है, इससे केंद्र के साथ ही छत्तीसगढ़ को भी प्राप्त होने वाले राजस्व में नुकसान उठाना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में एनएमडीसी को आबंटित खदानों में संचलित खनन गतिविधि, ग्रेडिंग की प्रक्रिया, विवरण, रिकॉर्ड, कुल मात्रा और गुणवत्ता, रायल्टी की गणना सहित तमाम अनियमितताओं पर पारदर्शिता पूर्वक जांच करके तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए।

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