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केबल जलने से डूमरगुड़ा में हफ्तेभर से बिजली गुल, जल आपूर्ति भी ठप

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  •  बकावंड की राजनगर ग्राम पंचायत का वार्ड है डूमरगुड़ा
  • जलापूर्ति बंद हो जाने के चलते, 2 किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा ग्रामीणों को

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत राजनगर के डूमरगुड़ा में हफ्ते भर से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न रहने से बस्ती ने पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो रही है और ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। बिजली का केबल जलने से यह समस्या पैदा हुई है, मगर बार बार शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी केबल बदलने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली बंद रहने और जल आपूर्ति न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

 

राजनगर ग्राम पंचायत की डूमरगुड़ा बस्ती की बिजली एक सप्ताह गुल है। ग्रामीणों ने बताता कि ट्रांसफार्मर का केबल जल जाने से यह समस्या पैदा हुई है। ट्रांसफार्मर का केबल बार बार जल जाता है। एक सप्ताह बाद भी विद्युत विभाग के स्थानीय उपयंत्री और कर्मचारी केबल बदलने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि ग्रामीण कई बार विद्युत कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। बरसात के इस मौसम में सांप बिच्छू निकलते रहते हैं और ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पेयजल को लेकर हो रही है। बिजली न रहने से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। डूमरगुड़ा की महिलाओं, बालिकाओं और ग्रामीण युवाओं को दो किलोमीटर दूर स्थित कुंए से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है। कोई साईकिल से पानी ढो रहा है, कोई कांवर से तो कोई सिर पर गुंडियां रखकर पानी कुंए से ला रहा है।

नल का शुद्ध पानी पीते आ रहे ग्रामीणों को कुंए का पुराना हो चुका पानी रास नहीं आ रहा है। फिर भी ग्रामीण कुंए का पानी उपयोग करने मजबूर हैं क्योंकि गांव में पानी का और कोई दूसरा साधन नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के युवाओं ने बताया कि हम लोग विद्युत कार्यालय में फोन से कई बार सूचना दे चुके हैं, मगर आज तक केबल बदलने या सुधरने के लिए कर्मचारी नहीं भेजे गए हैं। युवाओं के मुताबिक केबल बार बार जल जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप खनन किया गया था, जो एक सप्ताह में ही खराब हो गया। उसके बाद अधिकारी जनप्रतिनिधि शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

आईईडी ब्लास्ट में कोबरा बटालियन के दो जवान हुए शहीद

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  • आईईडी की चपेट में आया कोबरा जवानों से भरा ट्रक
  • ट्रक पर सवार अन्य जवान हैं पूरी तरह सुरक्षित

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी के ब्लास्ट होने से कोबरा बटालियन के दो जवान शहीद हो गए। शहीद जवान ट्रक से एंटी नक्सल ऑपरेशन पर टीम के साथ निकले थे। इसी दौरान उनका ट्रक ने आईईडी की चपेट में आ गया। शहीद हुए दोनों जवान 201 कोबरा बटालियन में चालक और सह चालक थे। ट्रक पर सवार अन्य जवान सुरक्षित हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जगरगुंडा थाना क्षेत्र कैंप सिलगेर से 201 कोबरा वाहिनी की एडवांस पार्टी का मुव्हमेंट आरओपी ड्यूटी के दौरान ट्रक एवं मोटर सायकल पर सवार होकर टेकलगुडे़म कैंप की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। सिलगेर से टेकलगुड़ेम जाने के रास्ते पर नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी प्लांट किया गया था। सुरक्षा बलों के मूव्हमेंट के दौरान आईईडी की चपेट से 201 कोबरा वाहिनी का एक ट्रक आ गया। आईईडी ब्लास्ट होने से ट्रक चालक एवं सह चालक जवान मौके पर शहीद हो गए एवं ट्रक पर सवार बाकी सभी जवान सुरक्षित हैं। शहीद जवानों के नाम विष्णु आर. एवं शैलेंद्र बताए गए हैं। शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को घटना स्थल से निकाला जा रहा है। उन्हें सुकमा लाया जाएगा। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि की है।

जगदलपुर के महारानी जिला अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रोत्साहन राशि घोटाला

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  •  नोडल अधिकारी डॉ. शर्मा ने अपने चहेतों को बांट दिए लाखों रुपए
  • योजना के हकदारों को लाभ से कर दिया वंचित

अर्जुन झा

जगदलपुर: सरकारी डॉक्टर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना को भी अवैध कमाई का जरिया बना चुके हैं। ऐसा ही एक मामला महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर में सामने आया है। महारानी अस्पताल में पदस्थ डॉ. भंवर लाल शर्मा पर आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में लाखों का घोटाला करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि डॉ. शर्मा ने प्रोत्साहन राशि अपने चहेतों के नाम दर्शाकर आहरित कर ली है और वास्तविक हकदार कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी ही नहीं है। मामले की शिकायत पीड़ितों ने बस्तर संभाग के आयुक्त और कलेक्टर से की है।

शिकायत पत्र के मुताबिक महारानी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. भंवरलाल शर्मा ने प्रोत्साहन राशि का वितरण नियम विरुद्ध कर दिया है। उनके द्वारा अपने चहेतों को डाटा एंट्री कार्य दिया जा रहा है और जिन्हें प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए, उन्हें नहीं देकर कुछ ही लोगों के बीच अधिक राशि का वितरण किया जा रहा है। शिकायत के साथ प्रोत्साहन राशि वितरण की सूची भी बस्तर के दोनों उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है सूची में बताया गया है कि डॉ. भंवर लाल शर्मा ने अपने नाम पर 56 लाख 50 हजार 884 रुपए, कॉउंसलर अनुश्री पाल के नाम पर 1 लाख 72 हजार 319 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संजीव झा के नाम पर 1 लाख 69 हजार 606 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोषी दोहरे के नाम पर 1 लाख 48 हजार 604 रुपए, फार्मासिस्ट अंकुश मेश्राम के नाम पर 2 लाख 67 हजार 954 रुपए, फार्मासिस्ट विपुल सागर जग्गी के नाम पर 2 लाख 72 हजार 189 रुपए, फार्मासिस्ट शुभम त्रिपाठी के नाम पर 2 लाख 80 हजार 600 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर चामसिंह बघेल के नाम पर 1 लाख 54 हजार 205 रुपए और लैब मैनेजर विनोद पाणिग्रही के नाम पर 1 लाख 99 हजार 975रुपए 54 पैसे का वितरण दर्शाकर पूरी राशि आहरित कर ली है। इस तरह आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में डॉ. भंवर लाल शर्मा द्वारा लाखों रुपए की धांधली की गई है।

डॉ. प्रसाद पर भी गंभीर आरोप

महारानी जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद पर भी शिकायत कर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक डॉ. संजय प्रसाद की भांजी अनुश्री पॉल जिला चिकित्सालय में कॉउंसलर के पद पर नियुक्त हैं, मगर उन्हें अनुचित ढंग से और नियम विरुद्ध तरीके से आयुष्मान भारत योजना की डाटा एंट्री के कार्य में लगवा कर डॉ. प्रसाद ने दोहरा लाभ दिलवाया है। अनुश्री पॉल को डाटा एंट्री कार्य के एवज में 1 लाख 72 हजार 319 रुपए की आयुष्मान भारत योजना मद से प्रोत्साहन राशि दिलाई गई है। इसके अलावा अनुश्री पॉल को कॉउंसलर के तौर पर तन्खावाह तो मिलती ही है, हेपेटाईटिस डोटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर भी हर माह दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है। बताया गया है कि अनुश्री पाल द्वारा हेपेटाईटिस डाटा एंट्री का कार्य किया ही नहीं जा रहा है, फिर भी उन्हें प्रति माह इस कार्य के एवज में दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस तरह सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी रिश्तेदार को अनुचित आर्थिक लाभ दिलाया है।

अब नकली नोट भी छापने लगे हैं नक्सली, सुकमा के जंगल से प्रिंटर मशीन, इंक और फेक करेंसी बरामद

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  •  पहली बार बस्तर संभाग में सामने आई विस्फोटक खबर
  • अंदरुनी क्षेत्रों के बाजारों में लंबे समय से खपाते आ रहे थे नकली नोट
  • आदिवासियों के बीच खपाते रहे हैं इन नकली नोटों को

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले से नक्सालियों से जुड़ी बड़ी विस्फोटक खबर सामने आई है। खबर यह है कि अब बस्तर में सक्रिय नक्सली नकली नोट भी छापने लगे हैं। इन नकली नोटों को नक्सली सुदूर गांवों के साप्ताहिक बाजारों में सामान बेचने आए भोले भाले और आशिक्षित आदिवासियों के पास ही लंबे समय से खपाते आ रहे हैं। इस तरह खुद को आदिवासियों का मसीहा बताने वाले नक्सली आदिवासियों से तो छल कर ही रहे हैं, देश की अर्थ व्यवस्था को भी आघात पहुंचा रहे हैं। इस खुलासे के बाद नक्सलियों का असली चेहरा भी सामने आ गया है। दरअसल सुरक्षा बलों ने सुकमा जिले के जंगल से नकली नोट छापने की प्रिंटर मशीन, विभिन्न रंगों की स्याही, प्रिंटर रोलर व अन्य सामग्री बरामद की जाने के बाद यह विस्फोटक खुलासा हुआ है।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में नक्सलियों द्वारा नकली नोट छापकर खपाए जाने की सूचना मिलने पर 22 जून को जिला पुलिस बल, डीआरजी, बस्तर फाईटर और सीआरपीएफ की 50वीं वाहिनी की संयुक्त पार्टी विशेष नक्सल गश्त सर्चिंग के लिए ग्राम मैलासूर, कोराजगुड़ा, दंतेशपुरम व आसपास के क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। इस अभियान के दौरान सुरक्षा बल जंगल -झाड़ियों की सर्चिंग करते हुए आगे बढ़ रहा था। इसी बीच 22 जून की शाम ग्राम कोराजगुड़ा के जंगल पहाड़ी में मौजूद नक्सली सुरक्षा बलों की गतिविधियों को देखकर जंगल पहाड़ी की आड़ लेकर भाग निकले। इसके बाद सुरक्षा जवानों द्वारा घटना स्थल की सघन सर्चिंग करने के दौरान अलग- अलग जगहों पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए नकली नोट बनाने का उपकरण, कलर प्रिंटर मशीन, इन्वर्टर मशीन, कलर इंक एवं 50, 100, 200 व 500 रूपए के नकली नोट के सेम्पल तथा भरमार बंदूक, वायरलेस सेट, मैग्जीन पोच, नक्सली काली वर्दी, कपड़े एवं भारी मात्रा में विस्फोटक सामाग्री बरामद की गई।

ये हैं आदिवासियों के मसीहा?

सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि वर्ष 2022 में बड़े नक्सली कैडरों द्वारा प्रत्येक एरिया कमेटी के एक- एक नक्सली सदस्य को नकली नोट छापने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण पश्चात अपने-अपने एरिया कमेटी में प्रशिक्षित नक्सलियों द्वारा नकली नोट छापकर अंदरुनी क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजारों में खपाया जा रहा है। अपने-आप को आदिवासियों का हितैषी बताने वाले नक्सली नकली नोट छापकर उन्ही आदिवासियों के साथ छल कर रहे हैं। क्षेत्र के आदिवासियों द्वारा रात-दिन मेहनत मजदूरी कर बनाए गए सामान और उनकी उपज को नकली नोट से खरीद कर नक्सली अपनी काली करतूत का परिचय दे रहे हैं। इन नकली नोटों का चलन बढ़ा कर भारतीय अर्थ व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश भी अब नक्सलियों द्वारा की जा रही है।

ये सामान हुए बरामद

डंप से बरामद सामानों में कलर प्रिंटर मशीन 1 नग, ब्लैक प्रिंटर मशीन 1 नग, इन्वर्टर मशीन 1 नग,

50 रुपए, 100 रुपए, 200 रुपए एवं 500 रुपए के नकली नोट, भरमार बंदूक 2 नग, भरमार बंदूक बैरल 1 नग, प्रिंटर मशीन कॉटिज 4 नग, ईमेज किंग, जीपीएस पाउडर प्रिंटर मशीन 118 नग, प्रिंटर इंक 23 नग, प्रिंटर रोलर 9 नग, इलेक्ट्रानिक क्लीनर 2 नग, मल्टीमीटर 1 नग, कैल्कुलेटर 1 नग, वायरलेस सेट 6 नग, वायरलेस सेट चार्जर 6 नग, वायरलेस सेट बैटरी 2 नग, वायरलेस सेट एंटिना 4 नग, वायरलेस सेट क्लीप 7 नग, चार्जर 5 नग, बैटरी क्लीप 8 नग, बैटरी चार्जर एक नग, कोर्डेक्स वायर गांठ लगा हुआ 16 नग, छोटी सोल्डर मशीन, स्टील स्केल 1 नग, मोबाईल चार्जर 1 नग, सूखी डीसी बैटरी 1 नग, मैग्जीन पोच 4 नग एंकलेट 1 नग, पिट्ठू बैग 1 नग, स्टेपलर पिन 3 डिब्बे, नक्सली बैनर कपड़ा, नक्सली काली वर्दी 2 जोड़ी, ढोलक 1 नग, कम्बेट बैरल कैप 2 नग, दवाईयां, नक्सलियों के दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।

पहले भी खबरों के माध्यम से किया था आगाह

बस्तर संभाग के पत्रकारों ने नक्सलियों की आर्थिक क्षमता को लेकर खबर प्रकाशित कर काफी पहले ही शासन, प्रशासन और पुलिस को आगाह कर दिया था। दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा हर तरह से नक्सलियों की कमर तोड़ने की कवायद के बाद भी नक्सली आर्थिक रूप से सक्षम कैसे हैं, जंगलों में घूमते पकड़े जाने वाले नक्सलियों के पास से हजारों रुपए कैसे बरामद हो रहे हैं और आखिर उन्हें आर्थिक मदद कौन पहुंचा रहा है? इन ज्वलंत सवालों को केंद्र में रखकर पत्रकारों ने अपने समाचार पत्र में विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। संभाग के जंगलों में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने अलग अलग जगहों से एक महिला नक्सली और एक पुरुष नक्सली से 500 -500 रुपयों के कुल 50 हजार रुपए बरामद किए थे। एक नक्सली के पास से 30 हजार रुपए और दूसरे के पास से 20 हजार रुपए बरामद किए गए थे। इसी को आधार बनाकर पत्रकारों ने विवेचनात्मक खबर का प्रकाशन किया था और आख़िरकार यह खबर सच निकली।

हरियाली से आच्छादित होंगे मातागुडी, देवगुडी, घोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक और धरोहर स्थल

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  •  आस्था स्थलों के पास किया जाएगा वृक्षारोपण
  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर 5 लाख 62 हजार पौधों का किया जाएगा रोपण

अर्जुन झा-

जगदलपुर आदिवासियों एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों का जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ सेवी- अर्जी स्थलों पर अटूट आस्था रहती हैं। देव- माता गुड़ी स्थलों के आसपास वृक्षों को देवता तुल्य मान्यता है। गुड़ी स्थल पर स्थित पेड़ पौधों को संरक्षित रखा जाता है। इसी भावना के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार बस्तर क्षेत्र के सभी देवगुड़ियों, मातागुड़ियों, प्राचीन मृतक स्मारक स्थलों के आसपास अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने की योजना बनाई गईहै।

बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े ने बताया कि संभाग के सातों जिलों में कुल 7055 देवगुड़ी, मातागुड़ी, जारी 3455 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों के 2607.200 हेक्टेयर रकबे पर 5 लाख 62 हजार 500 वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वृक्षारोपण कार्य के लिए जिलों की जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन देव स्थलों पर फलदार, फूलदार, छायादार पौधे यथा नीम, आम, जामुन, करंजी, अमलतास व ग्रामवासियों के सुझाव अनुसार पौधों का रोपण विशेष अभियान चलाकर किया जाएगा। वृक्षारोपण के दिन ग्राम प्रमुख, बैगा, सिरहा, पेरमा, मांझी, चालकी, गुनिया, गायता, पुजारी, पटेल, बजनिया, अटपहरिया तथा जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। वृक्षारोपण कार्य वन विभाग के सहयोग से वन महोत्सव कार्यक्रम को 15 जुलाई तक पौधरोपण कार्य को पूर्ण करवा लिया जाएगा। उन्होंने जिलों के कलेक्टरों को समय सीमा की बैठक में इसकी सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि बस्तर संभाग में स्थापित आस्था एवं जीवित परम्पराओं के केंद्र मातागुडी, देवगुड़ी, घोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक, सेवा-अर्जी स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन करने के लिए अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3(1) (5) के तहत देवी- देवताओं के नाम से ग्रामसभा को 3455 सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं तथा 3600 गैर वन क्षेत्र में स्थित देवगुड़ी, मातागुड़ी, प्राचीन मृतक स्मारक एवं घोटुल स्थल को राजस्व अभिलेख में प्रविष्टि किया जा चुका है। कुल 7055 मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक के लिए 2607.20 हेक्टेयर यानि 6466 एकड़ भूमि राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि कर संरक्षित की गई है।

बस्तर में सर्वाधिक आस्था केंद्र

स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाना है। जिसमें बस्तर जिले में 1643 देवगुड़ी, मातागुड़ी, जारी 999 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 628.81 हेक्टेयर रकबे में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 1 लाख 60 हजार, कोंडागांव जिले में 1410 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 1121 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 551.81 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 1 लाख 40 हजार, कांकेर जिले में 1179 देवगुड़ी -मातागुड़ी, जारी 303 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 329.0हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 85 हजार, नारायणपुर जिले में 860 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 110 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 225.21 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 51 हजार 500, दंतेवाड़ा जिले में 570 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 244 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 231.77 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 51 हजार, बीजापुर जिले में 856 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 490 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 385.42 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 10 हजार और सुकमा जिले में 537 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 188 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों में 255.16 हेक्टेयर रकबा में पौधरोपण हेतु अनुमानित लक्ष्य 65 हजार है। संभाग के सातों जिलों में कुल 7055 देवगुड़ी – मातागुड़ी, जारी 3455 वन अधिकार मान्यता पत्र स्थलों के 2607.200 हेक्टेयर रकबे पर 5 लाख 62 हजार 500 पर वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वृक्षारोपण कार्य के लिए जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ जिलों के वन मंडलाधिकारी को आवश्यक सहयोग के लिए निर्देशित किया गया है।

करपावंड तहसील कार्यालय में दुकान खोलकर बैठे अर्जी नवीस ग्रामीणों से कर रहे हैं बेतहाशा उगाही

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  •  आवेदन और दस्तावेज बनाने के एवज में ग्रामीणों से 500 रुपए तक की वसूली

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण एवं अंदूरूनी क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों को लाभ दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह भी स्वस्थ और समृद्ध होकर छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बन सकें। इसी के तहत बस्तर जिले की जनपद पंचायत बकावंड के ग्राम करपावंड को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए नई तहसील बनाया गया है।ताकि ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र तथा भूमि से संबंधित अन्य कार्यों के लिए भटकना न पड़े। इस तहसील के निर्माण से ग्रामीणों में काफी हर्ष का माहौल बना हुआ था और सरकार की इस पहल से ग्रामीण खुशी भी जाहिर कर रहे थे। मगर उनकी खुशियां तहसील कार्यालय में अर्जी नवीसी की दुकान खोलकर बैठे एक व्यक्ति ने छीन ली है। यह व्यक्ति छोटे मोटे आवेदन के लिए भी गरीब ग्रामीणों और आदिवासियों से 200 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की वसूली कर रहा है।और कोई दूसरा दस्तावेज लेखक या अर्जी नवीस न होने के कारण लोग मजबूर होकर उसी अर्जी नवीस से काम करा रहे हैं।

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होन के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण करपावंड तहसील कार्यालय पहुंचकर आय, जाति, निवास तथा भूमि संबंधित दस्तावेज के लिए आवेदन प्रस्तुत करने में लगे हुए हैं। इस तहसील कार्यालय में अर्जी नवीस तथा दस्तावेज लेखक का पद रिक्त होने के कारण यहां दुकान लगाकर बैठे अर्जी नवीस द्वारा आदिवासी ग्रामीणों की अशिक्षा का लाभ उठाते हुए छोटे-छोटे कामों के लिए 200 से 500 रूपये तक वसूला जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा कम पैसे देने की बात कहने पर काम करने के लिए मना कर दिया जाता है। जिसके कारण आदिवासी ग्रामीणों को मजबूरन अधिक पैसा देकर काम करवाना पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में तहसीलदार मंडावी से फोन पर चर्चा करने पर उन्होंने इसकी जानकारी नही होने और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। आपको बता दें कि करपावंड में नया तहसील कार्यालय खुलने से स्टाम्प वेंडर तो है किन्तु अर्जी नवीस एवं दस्तावेज लेखक के पद रिक्त हैं। जिसका फायदा उठाकर दुकान खोले बैठे अर्जी नवीस अनपढ़ आदिवासियों से अवैध उगाही करने में लगे हुए हैं। इस ओर संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों की स्थिति को देखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए। ताकि अवैध उगाही को रोका जा सके।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से भेंटकर नई एमआईसी टीम ने संभाला कार्यभार

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  • किरण देव ने महापौर व नई टीम को दी बधाई
  • शहर के बेहतर विकास व जनसेवा को दें प्राथमिकता : किरण देव

जगदलपुर नगर निगम की नवगठित मेयर इन कौंसिल के सदस्यों ने शुक्रवार को महापौर सफीरा साहू के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव से भेंट की और आभार प्रकट कर उनका अभिनंदन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने नई एमआईसी को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए शहर के विकास व जन सामान्य की सेवा में प्राण प्रण से कार्य करने को कहा।

किरण देव से मिलने के बाद महापौर और नई एमआईसी टीम के सदस्यों ने नगर निगम कार्यालय पहुंच कर अपने-अपने विभाग का कार्यभार संभाला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने एमआईसी सदस्यों से कहा कि शहर के विकास के कार्य निरंतर पूरे हों, जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान समय पर हो, इस दिशा में सकारात्मक भाव से समवेत रुप से कार्य करें। नगर निगम के कार्य जनता की मूलभूत सुविधाओं से सीधे जुड़े हैं। आमजन से सतत संपर्क बना कर अपने दायित्वों को पूरा करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विकास की गाथा लिखने का काम भाजपा की नई एमआईसी टीम करेगी।महापौर एवं एमआईसी सदस्यों ने भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मंडावी और पूर्व वन विकास निगम अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी से भी मुलाकात की। नई एमआईसी टीम के सदस्यों में यशवर्धन राव, नरसिंह राव, आलोक अवस्थी, दयावती देवांगन, भारती श्रीवास्तव, निर्मल पाणिग्रही, मानिकराम नाग शामिल रहे।

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सांसद भोजराज नाग का दल्ली राजहरा में हुआ भव्य स्वागत

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दल्ली राजहरा कांकेर लोकसभा क्षेत्र के नव निर्वाचित सांसद भोजराज नाग का विजय उपरांत दल्ली राजहरा में प्रथम आगमन हुआ। दल्ली राजहरा के नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका राजहरा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी के अगवानी में भव्य स्वागत किया गया l

दल्ली राजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष, सभी पदाधिकारी व विभिन्न संगठनों के लोग दल्ली राजहरा के झरन माता मंदिर के समीप एकत्र हुए। वहां सांसद श्री नाग के द्वारा मां झरन की पूजा अर्चना की गई। भाजपा मंडल के सभी पदाधिकारियों और विभिन्न संगठनों द्वारा विशाल रैली निकाली गई। सर्वप्रथम पुराना बाजार व्यापारी संघ एवं संघर्ष समिति द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह चौक पर सांसद भोजराज नाग का स्वागत किया गया। संसद द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह की विशाल मूर्ति पर फूल माला अर्पित कर उनके द्वारा किए गए ज़नहित के कार्यों को नमन किया गया। राजहरा परिवहन संघ की ओर से कार्यालय के पास भोजराज नाग को लड्डुओं से तौला गया। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता श्याम जायसवाल ने अपने निवास स्थान के सामने विशाल गजमाला के साथ भोजराज नाग, जिला अध्यक्ष पवन साहू एवं प्रवक्ता देवलाल ठाकुर का स्वागत किया। विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष शंकर साहू, बजरंग दल के जिला अध्यक्ष जिला संयोजक शशांक तिवारी, विजय कुशवाहा एवं निलेश श्रीवास्तव, हरीश बाघ, साहिल साहू, नंदा पसीने, जानकी यादव द्वारा सांसद को श्रीफल से तौला गया। विशाल रैली गुरुद्वारा के समक्ष रुकी। सांसद श्री नाग ने गुरुद्वारा में जाकर मत्था टेका। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा शाल एवं श्रीफल से स्वागत किया गया। जैन समाज द्वारा भी साफा एवं श्रीफल से उनका स्वागत किया गया। गुप्ता चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास जैन समाज, व्यापारी संघ, साहू समाज, मानिकपुरी समाज की ओर से उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया।

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजीव सिंह एवं उनके साथियों द्वारा शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी चौक बस स्टैंड के पास विशाल गजमाला के साथ स्वागत किया गया। रैली छत्तीसगढ़ की पारंपरिक राउत नाचा एवं डीजे के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर पहुंची जहां रैली का समापन हुआ। वहां पर भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने सांसद का विशाल गजमाला के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजहरा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने उनके दल्ली राजहरा आगमन पर हार्दिक स्वागत किया एवं इस आभार रैली में सहयोग देने के लिए सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

सांसद नाग ने माना आभार

सांसद भोजराज नाग ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि मैं दल्ली राजहरा निवासियों का शुक्रगुजार हूं उनके एवं क्षेत्र के सभी मतदाताओं के आशीर्वाद से मैं विजयी होकर दिल्ली पहुंचा हूं। आप सभी ने मोदी जी को तीसरी बार सरकार बनाने पर जो सहयोग दिया है उसे भुलाया नहीं जा सकता।भाजपा सरकार ने अपनी गारंटी में सभी माता और बहनों को 1000 रुपए प्रति माह देने का जो वचन दिया था उसे पूरा कर दिखाया एवं किसान भाइयों को 3100 रुपए क्विंटल धान खरीदी का जो वादा किया था, उसे भी पूरा कर दिखाया है। विष्णु देव साय की सरकार और मोदी जी की सरकार दोनों मिलकर देश का और राज्य का बेहतर विकास करेंगे, यह मेरा और भारतीय जनता पार्टी का वादा है। जिला मंत्री राजेश दसोड़े, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष शीतल नायक, सुदेश सिंह, मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह, मदन माइती, सुरेश जयसवाल, राजू कुकरेजा, रमेश गुर्जर, रामेश्वर साहू, संतोष देवांगन , किरण सिन्हा, राजेश कांबल, महेंद्र पिपरे, भूपेंद्र श्रीवास, सोनू ठगेल, सुभद्रा ठाकुर, लीलावती साहू, सुखवंतीन ठाकुर, सुजीत झा, जनार्दन, गिरधर सिन्हा, सुरेंद्र बेहरा, रंभा कोसमा, लीलावती साहू, रमणी बाग, हरीश बाग, मोनू चौधरी, संजीव सिंह, एम सृजित, दमनदीप सिंह, रंजीत गुप्ता, सुमीत जैन, मनन गुप्ता, बंटी चोपड़ा, मोनू चौधरी, हरिनाथ, शंकर साहू,निलेश सिन्हा, अंजू साहू, राजकुमार गुप्ता, सागर गजीर, राकेश कोसरे, दुर्गेश गुप्ता,बीरेंद्र साहू, पवन विश्वकर्मा, देवेंद्र साहू, चंद्रशेखर निर्मलकर, संतोष यादव, श्याम जायसवाल, मेवा पटेल, अमित कुकरेजा, दुष्यंत समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास पथ पर फिर सरपट दौड़ेगा बस्तर: केदार कश्यप

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  •  गांव, गरीब और किसान हित में लिए बड़े फैसले, क्षेत्र का विकास प्राथमिकता

जगदलपुर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री व नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने विधानसभा क्षेत्र के मांदलापल, सिवनी व सोनारपाल में 10.97 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दौरान ग्रामीणों को स

संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनते ही फिर के एक बार छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर लौट आया है। राज्य में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं, किसानों व गरीबों के हित में कई बड़े फैसले लिए और अपने चुनावी घोषणा पत्र को पूरा किया। पूर्व कांग्रेस सरकार ने केवल घोटाले किए विकास कार्य को रोकने का काम किया।

10 ग्राम पंचायतों के लिए 10.97 करोड़ का हुआ भूमिपूजन मंत्री केदार कश्यप ने किया।बस्तर विकासखंड के मांदलापल में माता मंदिर के पास 2 मीटर पुलिया 4.5 लाख, किवरामुंडा-रेंगाबेडा मार्ग पर पुल 4.5 लाख, गुमगा से नवापारा तक 2 पुल 9 लाख, कावड़गांव पनिका समाज भवन 5 लाख, चेराकुर रंगमंच निर्माण 3.50 लाख, पाथरी कोदई गुड़ी माता मंदिर निर्माण 5 लाख, सिवनी में एनीकट तटरक्षन कार्य 752.21 लाख, छोटा अलनार माता गुड़ी मार्ग पर 3 मीटर पुल निर्माण 6.5 लाख, चमिया रंगमंच निर्माण 3.5 लाख, सोनारपाल माध्यमिक शाला से चपका सड़क पुलिया सहित 296.07 लाख, सोनारपाल पुजारी पारा में सामुदायिक भवन 5 लाख, तारागांव आरसीसी स्लैब पुलिया निर्माण 3 लाख के कार्यों का भूमिपूजन मंत्री  कश्यप द्वारा किया गया।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कशयप, निर्देश दीवान, कुलेश्वर कशयप, उमाकांत कश्यप, विजय पांडेय, खितेश मोर्य, प्रवीण सांखला, लूदर सेठिया, खगेश्वर कश्यप, रघुनाथ कशयप, फकीर कश्यप सहित अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित रहे।

सरकारी दस्तावेजों में ही उगा डाले उद्यानिकी विभाग ने 21 लाख रूपए की लागत से अमरुद के 1623 पेड़

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  •  ढोढरेपाल के 6 किसानों के नाम पर सरकारी धन की लूट 
  • न पेड़ों का पता है, न किसानों को लाभ मिला 

अर्जुन झा

बकावंड अपना बकावंड विकासखंड भी गजब है। इस विकासखंड में जो न हो जाए, कम है। यहां अधिकारी कागजों में डबरी निर्माण करा लेते हैं, सड़क, नालियां भी कागजों पर बना दी जाती हैं। उद्यानिकी फसलें भी कागजों और फाइलों में ही उगा ली जाती हैं। सचमुच गजब का टैलेंट दिया है ऊपर वाले ने हमारे बकावंड ब्लॉक के अधिकारियों को। यह विकासखंड प्रायः सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सबसे सुरक्षित चारागाह बन गया है।छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग के अधीक्षक ने तो ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि पूछो मत। कथित हितग्राही किसानों को भी पता नहीं है कि उनकी जमीन पर अमरुद के पेड़ उग आए हैं। अमरुद पौधेरोपण में संबंधित किसानों के परिजनों को रोजगार देने का दावा भी उद्यानिकी विभाग ने किया है मगर किसानों को नहीं मालूम कि उन्हें कभी रोजगार मिला था। योजना का रत्तीभर भी लाभ भले ही हितग्राही किसानों को न मिला हो, लेकिन विभागीय अधिकारी ने जरूर मालामाल हो गए हैं। पूरे 21 लाख रुपए का शगुन जो उन्हें अमरुद के एवज में मिल गया है।

उद्यानिकी विभाग द्वारा सन 2021 में हितग्राही मूलक पौधारोपण योजना के अंतर्गत बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत ढोढरेपाल के किसान बुधसिंह और छह अन्य किसानों की निजी जमीन पर अमरुद के 1623 पौधे लगाने के लिए 21 लाख 37 हजार 300 रुपए जिला खनिज निधि फंड और एनएमएच से स्वीकृत करा लिए गए, लेकिन इस रकम से किसी भी किसान की जमीन पर अमरुद के पौधे लगाए ही नहीं गए। वहीं मनरेगा के तहत काम कराने के नाम पर किए गए इस फर्जीवाड़े खेल में मस्टररोल पर 521 मानव श्रम दिवस तक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए 4 लाख 51 हजार 649 रुपए 88 पैसे का मजदूरी भुगतान दर्शाया गया है। जबकि न तो किसी किसी किसान की जमीन पर अमरुद का पौधेरोपण किया गया है और न ही किसी को एक दिन भी रोजगार दिया गया है। पूरी राशि का आहरण किश्तों में की गई है।ग्राम पंचायत ढोढरेपाल में किसान बुधसिंह और अन्य 6 किसानों की जमीन का चयन जरूर किया गया था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के अधीक्षक ने सबसे मिलीभगत करके योजना को केवल कागजों में ही निपटा दिया है। यह योजना बकावंड ब्लॉक की तीन अन्य ग्राम पंचायतों में लागू की गई है मगर ढोढरेपाल में बड़ा खेल किया गया है।

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