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कांग्रेस कार्यालय के लिए हड़पी सरकारी जमीन, दुकानें बनाकर अपने चहेतों को दे दी

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  •  सुकमा के कोंटा में पूर्व मंत्री पर बड़ा आरोप
  •  ऐन लोकसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस की बदनामी
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के निवासी पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने सत्ता और पद का दुरूपयोग कर कांग्रेस की बड़ी फजीहत करा दी है। कांग्रेस कार्यालय बनाने के नाम पर बेशकीमती सरकारी जमीन हड़पकर वहां दुकानें बना ली गईं। उन दुकानों को औने पौने दाम पर कांग्रेस नेताओं के हवाले कर दिया गया। ऐन लोकसभा चुनाव के वक्त यह मामला सामने आने से कांग्रेस की जमकर किरकिरी हो रही है और इसका खामियाजा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है।
    मामला बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा नगर पंचायत का है। यह नगर विधानसभा क्षेत्र कोंटा का मुख्यालय भी है और सुकमा जिले का एकमात्र विधानसभा क्षेत्र है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्व मंत्री कवासी लखमा कई सालों से करते आ रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में भी कवासी लखमा यहीं से विधायक चुने गए हैं, लेकिन बड़ी मुश्किल से। मामला यह कि कोंटा में आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के छात्रावास की सरकारी जमीन पर विधायक के सहयोग से कांग्रेस नेताओं ने कब्जा कर लिया। उसके बाद तबके मंत्री और वर्तमान विधायक द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी धन से कांग्रेस का कार्यालय बनवा लिया। यही नहीं इस तथाकथित कार्यालय के सामने वाले हिस्से पर चार दुकानें भी बनवा ली गईं। दुकानों के निर्माण के लिए भी सरकारी धन का उपयोग किए जाने की खबर है। सूत्र बताते हैं कि हर दुकान के निर्माण में पांच लाख रुपए की लागत आई है, मगर इन दुकानों को मात्र 3- 3 लाख रुपए में बेच दिया गया। खरीदार कोई और नहीं, बल्कि मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक के चहेते कांग्रेस नेता और पार्षद ही हैं। इस तथाकथित कांग्रेस कार्यालय का उद्घाटन स्वयं कवासी लखमा ने किया था। कोंटा के आम कांग्रेस कार्यकर्ता और बेरोजगार आदिवासी युवक उन दुकानों को खरीदकर छोटा मोटा व्यवसाय करने की उम्मीद लगाए बैठे थे, मगर उन्हें और अन्य किसी को भी दुकानों के विक्रय की भनक तक नहीं लगने दी गई। इन युवकों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधायक कवासी लखमा ने ही अपने चहेतों को दुकानों का आवंटन कराया है, वह भी महज तीन -तीन लाख रुपए में। ये दुकानें कांग्रेस नेता नूर अली, पार्षद अंबाटी देवी, पार्षद कट्टम सत्ती और जिला पंचायत उपाध्यक्ष बोड्डू राजा को बेची गईं हैं। इन कांग्रेस नेताओं से बतौर एडवांस महज 20-20 हजार रुपए जमा कराए गए और शेष रकम 15 दिनों में जमा करने कहा गया था। बताते हैं कि किसी आवंटी ने अभी तक पूरी रकम जमा नहीं कराई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवकों का कहना है कि दुकानों की कथित बोली गुपचुप तरीके से कराई गई और उस समय नगर पंचायत अध्यक्ष भी मौजूद थीं, मगर दो खरीदार पार्षदों को छोड़कर और कोई पार्षद उपस्थित नहीं था। इस तरह कवासी लखमा और कांग्रेस नेताओं ने बड़ा खेल कर दिया है।

    बेटियों की जमीन पर किया कब्जा !
    जिस जमीन पर कांग्रेस कार्यालय और शॉपिंग काम्प्लेक्स बनाया गया है, वहां आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग का कन्या छात्रावास था। सालों से इस छात्रावास में रहकर कोंटा अंचल की आदिवासी बेटियां शिक्षा ग्रहण करती आ रहीं थीं। इस तरह तत्कालीन मंत्री और कांग्रेस नेताओं ने आदिवासी बेटियों की जमीन हथिया कर उनका हक छीन लिया। मंत्री जी के खौफ के कारण आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन इस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात, मुंह खोलने का भी साहस नहीं जुटा पाए। आज भी प्रशासन इस अवैध कब्जे के खिलाफ कोई कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है।

    भवन में लगाया सरकारी धन
    चर्चा है कि कांग्रेस कार्यालय और कांग्रेस की दुकानें बनाने के लिए मंत्री ने पहले तो आदिवासी बेटियों के हिस्से की सरकारी जमीन हड़प ली, फिर भवन और दुकान निर्माण के लिए सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया गया है। बताते हैं कि मंत्री ने इसके लिए विभिन्न मदों से सरकारी धन उपलब्ध कराया है। अगर मान भी लें कि कांग्रेस कार्यालय बनाने के लिए पार्टी फंड से राशि लगाई गई है, तो भी पार्टी फंड के दुरूपयोग का मामला तो बनता ही है। क्योंकि जिन दुकानों को बनाने के लिए पांच -पांच -लाख रुपए की लागत आई है, उन्हें तीन -तीन लाख रुपए में बेच जो दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को अपने ऐसे नेता पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वैसे भी कोंटा के कांग्रेस कार्यकर्ता और आम युवक मामले की शिकायत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री एवं उच्च अधिकारियों से करने की तैयारी कर चुके हैं।

    कार्यकर्ता हताश और निराश
    देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और बस्तर में कांग्रेस नेताओं की आपसी रंजिश, टांग खिंचाई और मनमानी है कि थमने का नाम ही नहीं ले रही है। कवासी लखमा की कारगुजारी कांग्रेस पर भारी पड़ रही है। बीते कुछ समय से वे जिस अंदाज में पार्टी विरोधी अभियान को अंजाम देते आ रहे हैं, उससे कांग्रेस की साख को बट्टा लग चुका है। आम मतदाता कांग्रेस से छिटकते जा रहे हैं। अपने बड़े नेता की इस कारगुजारी के कारण पार्टी के लिए समर्पण भाव से काम करने वाले मैदानी कार्यकर्ता हताशा और निराशा का शिकार होते जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं में नाराजगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हालत यहां तक पहुंच चुकी है कि पचासों कार्यकर्ता पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। इन तमाम कार्यकर्ताओं का कहना है कि आबकारी घोटाले में फंसे कवासी लखमा का राजनैतिक अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, इसलिए वे अपने पुत्र को लांच करने के लिए कांग्रेस का बेड़ागर्क करने पर तुल गए हैं। इन कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी से अपना घर (कोंटा क्षेत्र) तो सम्हाले नहीं सम्हल रहा है और चले हैं बस्तर लोकसभा क्षेत्र को सम्हालने का दंभ भरने।

भूपेश बघेल पर मुकदमा भाजपा की ओछी राजनीति का परिचायक: जावेद खान

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  • लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा ने मानी हार
  • संवैधानिक संस्थाओं के सहारे भाजपा जीतना चाहती है चुनाव : जावेद

जगदलपुर कांग्रेस के बस्तर संभागीय प्रभारी प्रवक्ता जावेद खान ने ईओडब्ल्यू में भूपेश बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने को भाजपा की हताशा और सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग का परिणाम बताया है।

प्रवक्ता जावेद ने कहा है कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। यह बात इलेक्टोरल बान्ड की सूची सार्वजनिक होने के बाद और पुख्ता हो गई है। लोकसभा चुनाव में विपक्ष के मजबूत उम्मीदवारों को दबाने, बदनाम करने और चुनाव में व्यावधान पैदा करने हठकंडे अपनाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं पर आरोप व दबाव डालकर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने या भाजपा प्रवेश कराकर उन्हें उपकृत कर उनके विरुद्ध जांच की कार्यवाही को समाप्त करने का प्रमाणित खेल लगातार भाजपा खेल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी भूपेश बघेल को मिल रहे व्यापक जन समर्थन से भाजपा की नींद उड़ गई है और वह हताशा में दबाव की कार्यवाही पर उतारू हो गई है। आर्थिक अपराध शाखा में 4 मार्च को विभिन्न लोगों के खिलाफ एफआरआई दर्ज की गई है, तो उसे आचार संहिता लगने के बाद सार्वजनिक किया जाना भाजपा की सोची समझी पूर्वाग्रही मानसिकता का परिचायक है और इससे यह भी प्रमाणित हो गया कि भाजपा सत्ता प्राप्त करने के लिए किस प्रकार से सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग करती है। सरगुजा से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी चिंतामणि महाराज का भी नाम ईडी के शिकायत पत्र में था किंतु उनके कांग्रेस छोड़ने व भाजपा प्रवेश के बाद उनका नाम हटाया जाना सत्ता के दुरुपयोग को साफ प्रदर्शित करता है। भूपेश बघेल के लोकसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित है इसी हताशा से सरकारी संस्था का दुरुपयोग कर यह कार्यवाही गई है। लेकिन राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र की जनता भूपेश बघेल को भारी मतों से जिताकर लोकसभा में भेज रही है। छत्तीसगढ़ में केवल भुपेश बघेल ही नहीं, बल्कि सभी 11 सीटों पर कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत है। भाजपा यह जान चुकी है इस बार छत्तीसगढ़ में सरकार होने के बावजूद ज्यादातर लोकसभा सीटें कांग्रेस जीत रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर चुनाव को अपने पाले में लेने भरसक प्रयास में लगी है। भाजपा चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है।

देवता भी करते हैं नवरात्रि में देवी की आराधना : आचार्य तिवारी

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  • परलोक सुधारना है तो देवी भागवत का श्रवण करें

जगदलपुर मां दंतेश्वरी दरबार में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के चौथे दिन इला और उसके पुरुष रूप सुद्दुम की कथा सुनाते हुए महामाया धाम पाटन से पहुंचे आचार्य पंडित कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि हमारी इच्छाएं ही प्रतिफल का कारक है। जिस भावना से हम फल की कामना करते हैं और वह दृढ़ हो तो फल भी मनोवांछित होता है। भौतिक वस्तुओं को प्राप्त कर हम अपना परलोक नहीं सुधार सकते, अगर परलोक सुधारना है तो श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का श्रवण करें, चूंकि देवता भी करते हैं नवरात्र में देवी की आराधना।

शहर मध्य स्थापित मां दंतेश्वरी मंदिर का निर्माण वर्ष 1890 में किया गया था। बीते 134 वर्षों में यहां पहली बार श्रीमद् देवी भागवत महापुराण जिला पत्रकार संघ बस्तर द्वारा आयोजित है। इसके साथ ही देवी के नौ रूपों की पालकी निकालने की परंपरा भी यहां शुरू की गई है। इस अनुष्ठान के दौरान ही सोमवार को नवरात्रि की महत्ता, राजा जन्मेजय, इला – सुद्दूम, महिषासुर वध, निशुंभ कथा और देवी कालिका उत्पत्ति का वर्णन आया। श्रोताओं को संबोधित करते हुए आचार्य कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि जब तीर्थयात्रा पर जाते हैं तो तैयारी महीना भर पहले शुरू कर देते हैं। अपने रिश्तेदारों और मित्रों को साथ चलने कहते हैं, किंतु अपनी अंतिम यात्रा कष्टप्रद न हो और परलोक बेहतर हो, इसकी तैयारी नहीं कर रहे हैं, इसलिए संतजन परलोक सुधारने की बात कहते आ रहे हैं और परलोक सुधारने का सुलभ मार्ग देवी भागवत महापुराण का श्रवण है। इसके श्रवण से सांसारिक भोग तो मिलते हैं, जीव को मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।

निकली मां कुष्मांडा की पालकी

चौथे दिन की कथा के समापन उपरांत देवी के नौ रूपों में चौथे कर्म पर स्थापित मां कुष्मांडा की पालकी निकाली गई। पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह पालकी सिरहासार चौक से गोल बाजार, मिताली चौक, पैलेस रोड होते हुए दंतेश्वरी मंदिर पहुंची। तत्पश्चात माता की आरती उतार प्रसाद वितरण किया गया। दंतेश्वरी मंदिर में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के लिए पखनागुड़ा निवासी मूर्तिकार जीवराखन चक्रधारी ने मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। एक तरफ जहां मां दुर्गा प्रतिमा की नित्य पूजा अर्चना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रतिदिन संध्या काल में मांई जी की पालकी निकाली जा रही है।

आज के कार्यक्रम

श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के तहत मंगलवार 19 मार्च को सूर्यवंशी राजाओं की कथा, सुकन्या कथा, राजा हरिश्चंद्र की कथा और मां शाकंभरी की कथा का वर्णन होगा।इसके तत्काल बाद स्कंधमाता की पालकी निकाली जाएगी।

गांजा तस्करी करते 1 आरोपी गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा।अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के रोकथाम हेतु  पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग  रामगोपाल गर्ग के निर्देशन प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक महोदय बालोव एस०आर० भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय  अशोक कुमार जोशी के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुरूर योनीफास एक्का के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस थाना पुरूर की टीम को अवैध मादक पदार्थ गांजा के अवैध परिवहन रोकने में सफलता हासिल की गई।

अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी एवं परिवहन के रोकथाम हेतु पुलिस थाना पुरूर के पुलिस पार्टी को निर्देश प्राप्त हुआ था। कि दिनांक 17.03.2024 के 11.00 बजे मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि ग्राम कनेरी मनेरी पारा में लुकेश मरकाम अपने घर के सामने एक सफेद रंग के कपडे के थैला में गोजा रखा है व गांजा का पुडिया बना-बना कर बेच रहा है, हमराह स्टाफ के रवाना होकर ग्राम कनेरी मनेरी पारा पहुंच कर देखा कि एक व्यक्ति अपने घर के पास बैठा है बाजू में सफेद रंग का कपडे का थैला रखा हुआ है, अचानक पुलिस को देखकर हडबडाकर भागने की कोशिश किया जिसे हमराह स्टाफ के पकड़ा गया। पकड़े गये व्यक्ति से पूछताछ करने पर अपना नाम लुकेश मरकाम पिता भूखन मरकाम उम्र 32 वर्ष जाति गोंड निवासी ग्राम कनेरी मनेरीपारा थाना पुरूर जिला बालोद (छ०ग०) का रहने वाला बत्ताया। एवं अपने कब्जे में रखे एक सफेद रंग के थैले में अवैध मादक पदार्थ गांजा रखना बताया। जिसे पुडिया बनाकर विकय करना बताया। आरोपी के कब्जे से एक सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में सीलबंद कुल वजनी मादक पदार्थ गांजा 03.090 कि०ग्रा० व सफेद रंग की कपडे का थैला, प्लास्टिक की झिल्ली एवं कागज सीलबंद कुल वजनी 150 ग्राम एवं आरोपी के कब्जे से नगदी रकम 800/ रूपये कुल जुमला किमतो 30,800 / रूपये को समक्ष गवाहन जप्त कर कब्जा पुलिस लिया एवं अपराध 46/24 धारा 20 (ख) NDPS ACT कायम कर आरोपी 1. लुकेश मरकाम पिता भुखन मरकाम उम्र 32 वर्ष जाति गोड़ साकिन कनेरी मनेरीपारा थाना पुरूर जिला बालोद (छ०ग०) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

उक्त प्रकरण में थाना पुरूर प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि अजयशंकर अविनाशी, आरक्षक लिखन कुमार साहू, सुरेश पटेल, रूपेश चौरे, महेन्द्र जैन, किशोर साहू, गुणेश यादव, कुलदीप नागवंशी, छोटू सोनकर की सराहनीय भूमिका रही।

बप्पा की शरण में बैज

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जगदलपुर बस्तर के सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज इन दिनों मुंबई प्रवास पर हैं। उन्होंने मुंबई स्थित विश्वप्रसिद्ध  सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश वासियों की सुख- समृद्धि की कामना की बैज ने कहा – विघ्नहर्ता हम सभी के जीवन में समृद्धि लाएं और राष्ट्र को खुशहाल बनाएं।

मोदी के संकल्प को पूरा करने कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में जुट गए हैं कई कांग्रेस नेता

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  • आदिवासी नेता दीपक बैज को निपटाने के फेर में कांग्रेस को खत्म करने की साजिश
  •  खुद का वजूद बचाने ले रखे हैं भाजपा से सुपारी
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर छत्तीसगढ़ के कई कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के संकल्प को मूर्तरूप देने में लगे हुए हैं। इन कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेसमुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए भाजपा से सुपारी ले रखी है। ये लोग एक सर्वमान्य आदिवासी कांग्रेस नेता दीपक बैज को निपटाने के फेर में कांग्रेस को ही निपटाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
    अपनी बेदाग छवि, सतत सक्रियता और लोकप्रियता के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के कई स्थापित नेताओं को लोकप्रियता के मामले में मीलों पीछे छोड़ दिया है। सत्ता के भूखे कुछ कांग्रेस नेताओं को दीपक बैज का सियासी कद बढ़ना बुरी तरह खटक रहा है। इसीलिए दीपक बैज का सियासी करियर खत्म करने कथित कांग्रेस नेता तरह तरह के हठकंडे अपना रहे हैं। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी का मोहरा बनने में भी ये नेता जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व के सामने दीपक बैज की गलत छवि प्रस्तुत करने के इरादे से पहले दीपक बैज के गृह संभाग में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ज्यादातर सीटों पर हरवा दिया गया। महादेव एप सट्टा, आबकारी घोटाला, कोयला घोटाला, राशन घोटाला जैसे गंभीर आरोपों से घिरे छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता ईडी और सीबीआई के रडार पर हैं। कई नेताओं पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। इसलिए बीजेपी की सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और कमजोर करने का षड्यंत्र लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार यही षडयंत्रकारी पूर्व मंत्री के बेटे को बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट दिलाने के लिए पूर्व सीएम के सहारे लामबंद हो गए हैं। जानकारी तो यह भी है कि दीपक बैज को कांग्रेस की राजनीति से जुदा करने के लिए उन्हें कांकेर लोकसभा सीट से टिकट दिलाने की की कोशिश की जा रही है, ताकि कांकेर में दीपक बैज पर थोपे गए प्रत्याशी होने का दाग लग जाए और स्वाभाविक रूप से वे आपसी विरोध में घिर जाएं। इसके बाद का हश्र सर्विदित है। दूसरी ओर बस्तर लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री के बेटे को टिकिट दिलाने प्रयासरत कांग्रेस के कुछ खिलाड़ी उस पूर्व मंत्री के कर्मो से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्हे केवल अपनी कोठी पर कब्जा बरकरार रखना है। और यही चंद विलासिता के भोग से अभिभूत होकर वे अपनी मातृ संस्था कांग्रेस से भी छल करने पर आतुर हैं। अगर दिल्ली में इनकी चल गई, तो बस्तर संभाग की दोनों लोकसभा सीटों से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ जाएगा। इस तथ्य में शक की कोई गुंजाईश नहीं है। इस बात को सियासी बातों से सरोकार रखने वाला हर शख्स अच्छे से जानता है।

‘वाशिंग मशीन’ का सहारा
कांग्रेस और तमाम विपक्षi दलों के नेता भाजपा को वाशिंग मशीन बता कर उस पर कटाक्ष करते हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि भाजपा वो वाशिंग मशीन है, जिसका दामन थाम लेने के बाद बड़े दाग वाले नेता भी बेदाग हो जाते हैं। क्या अब इसी वाशिंग मशीन के सहारे प्रदेश के बड़े कांग्रेस नेता अपने दामन पर लगी कालिख को धोने की फिराक में हैं और क्या इसके लिए उन्होंने अपनी मां समान कांग्रेस पार्टी की भी बलि देने की ठान रखी है? यह सवाल आज छत्तीसगढ़ में गूंज रहे हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम, कुछ पूर्व केबिनेट मंत्री और बड़े कांग्रेस नेताओं पर महादेव सट्टा एप, कोयला घोटाला, आबकारी घोटाला, राशन घोटाला के गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं। ये नेता ईडी और सीबीआई के रडार पर हैं तथा उन पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। चर्चा है कि आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में भाजपा का वर्चस्व क़ायम करने के लिए बस्तर का रास्ता चुना गया है। बस्तर पूर्णतः आदिवासी बहुल है। बस्तर में मिली जीत को पूरे राज्य में मिली जीत माना जाता है। यही वजह है कि दागी कांग्रेस नेताओं के सहारे कांग्रेस के जिताऊ प्रत्याशियों को किनारे लगाने का बड़ी साजिश रची गई है। इस साजिश में शामिल कांग्रेस नेताओं को दोहरा लाभ नजर आ रहा है। पहला यह कि उनकी आंखों में कांटे की तरह खटक रहे दीपक बैज का सियासी वजूद खत्म हो जाएगा और दूसरा भाजपा में शामिल हुए बिना भी भाजपा की वाशिंग मशीन के सहारे उनके भी दाग धुल जाएंगे।

मोदी के संकल्प को पूरा करने कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में जुट गए हैं कई कांग्रेस नेता

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  • आदिवासी नेता दीपक बैज को निपटाने के फेर में कांग्रेस को खत्म करने की साजिश
  • खुद का वजूद बचाने ले रखे हैं भाजपा से सुपारी

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के कई कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के संकल्प को मूर्तरूप देने में लगे हुए हैं। इन कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेसमुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए भाजपा से सुपारी ले रखी है। ये लोग एक सर्वमान्य आदिवासी कांग्रेस नेता दीपक बैज को निपटाने के फेर में कांग्रेस को ही निपटाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

अपनी बेदाग छवि, सतत सक्रियता और लोकप्रियता के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के कई स्थापित नेताओं को लोकप्रियता के मामले में मीलों पीछे छोड़ दिया है। सत्ता के भूखे कुछ कांग्रेस नेताओं को दीपक बैज का सियासी कद बढ़ना बुरी तरह खटक रहा है। इसीलिए दीपक बैज का सियासी करियर खत्म करने कथित कांग्रेस नेता तरह तरह के हठकंडे अपना रहे हैं। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी का मोहरा बनने में भी ये नेता जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व के सामने दीपक बैज की गलत छवि प्रस्तुत करने के इरादे से पहले दीपक बैज के गृह संभाग में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ज्यादातर सीटों पर हरवा दिया गया। महादेव एप सट्टा, आबकारी घोटाला, कोयला घोटाला, राशन घोटाला जैसे गंभीर आरोपों से घिरे छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता ईडी और सीबीआई के रडार पर हैं। कई नेताओं पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। इसलिए बीजेपी की सुपारी लेकर कांग्रेस को हराने और कमजोर करने का षड्यंत्र लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार यही षडयंत्रकारी पूर्व मंत्री के बेटे को बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट दिलाने के लिए पूर्व सीएम के सहारे लामबंद हो गए हैं। जानकारी तो यह भी है कि दीपक बैज को कांग्रेस की राजनीति से जुदा करने के लिए उन्हें कांकेर लोकसभा सीट से टिकट दिलाने की की कोशिश की जा रही है, ताकि कांकेर में दीपक बैज पर थोपे गए प्रत्याशी होने का दाग लग जाए और स्वाभाविक रूप से वे आपसी विरोध में घिर जाएं। इसके बाद का हश्र सर्विदित है। दूसरी ओर बस्तर लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री के बेटे को टिकिट दिलाने प्रयासरत कांग्रेस के कुछ खिलाड़ी उस पूर्व मंत्री के कर्मो से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्हे केवल अपनी कोठी पर कब्जा बरकरार रखना है। और यही चंद विलासिता के भोग से अभिभूत होकर वे अपनी मातृ संस्था कांग्रेस से भी छल करने पर आतुर हैं। अगर दिल्ली में इनकी चल गई, तो बस्तर संभाग की दोनों लोकसभा सीटों से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ जाएगा। इस तथ्य में शक की कोई गुंजाईश नहीं है। इस बात को सियासी बातों से सरोकार रखने वाला हर शख्स अच्छे से जानता है।

वाशिंग मशीन’ का सहारा

कांग्रेस और तमाम विपक्षi दलों के नेता भाजपा को वाशिंग मशीन बता कर उस पर कटाक्ष करते हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि भाजपा वो वाशिंग मशीन है, जिसका दामन थाम लेने के बाद बड़े दाग वाले नेता भी बेदाग हो जाते हैं। क्या अब इसी वाशिंग मशीन के सहारे प्रदेश के बड़े कांग्रेस नेता अपने दामन पर लगी कालिख को धोने की फिराक में हैं और क्या इसके लिए उन्होंने अपनी मां समान कांग्रेस पार्टी की भी बलि देने की ठान रखी है? यह सवाल आज छत्तीसगढ़ में गूंज रहे हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम, कुछ पूर्व केबिनेट मंत्री और बड़े कांग्रेस नेताओं पर महादेव सट्टा एप, कोयला घोटाला, आबकारी घोटाला, राशन घोटाला के गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं। ये नेता ईडी और सीबीआई के रडार पर हैं तथा उन पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। चर्चा है कि आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में भाजपा का वर्चस्व क़ायम करने के लिए बस्तर का रास्ता चुना गया है। बस्तर पूर्णतः आदिवासी बहुल है। बस्तर में मिली जीत को पूरे राज्य में मिली जीत माना जाता है। यही वजह है कि दागी कांग्रेस नेताओं के सहारे कांग्रेस के जिताऊ प्रत्याशियों को किनारे लगाने का बड़ी साजिश रची गई है। इस साजिश में शामिल कांग्रेस नेताओं को दोहरा लाभ नजर आ रहा है। पहला यह कि उनकी आंखों में कांटे की तरह खटक रहे दीपक बैज का सियासी वजूद खत्म हो जाएगा और दूसरा भाजपा में शामिल हुए बिना भी भाजपा की वाशिंग मशीन के सहारे उनके भी दाग धुल जाएंगे।

जगदलपुर की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका मिश्रा पचौरी का हुआ सम्मान

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  • आशादेवी रेखचंद लूनिया चेरिटेबल ट्रस्ट ने किया समारोह का आयोजन

जगदलपुर आशादेवी रेखचंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान किया। इस समारोह के दौरान अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली जगदलपुर की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका मिश्रा पचौरी का भी सम्मान हुआ।

सरस्वती शिशु मंदिर टिकरापारा रायपुर में आशा देवी रेखचंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को उत्कृष्ट महिला सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोपा सान्याल पत्रकार एवं गायिका शास्रीय एवं लोक संगीत, विशेष अतिथि छतीसगढ़ डिफेंस अकादमी के रूपेंद्र साहू थे। अध्यक्षता डीपी गोस्वामी संचालक सैनिक मिलिट्री रिम्स ने की। कार्यक्रम प्रभारी पीयूष जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। महिला सम्मान समारोह में आकांक्षा तिवारी को पशु सेवा, हरिता पटेल को महिला सशक्तिकरण, डॉ. साधना सिंह को चिकित्सा, गीतांजलि पंकज को खेल, डॉ प्रियंका मिश्रा पचौरी को अनुसंधान के क्षेत्र में सम्मनित किया गया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं। प्रधानाचार्य हेमलता यादव, तुलसी श्रीवास, सरोजनी यदु, आरती गोस्वामी, द्रोपदी साहू, भूमिका साहू, अमिता यादव, माधुरी सेन, सुनीता यादव, न्यू विजन पब्लिक स्कूल से मधुलिता मिश्रा , नीता साहू, राधिका झारिया, भाग्यश्री नसरे, नीलम मिश्रा, नीलिमा तिवारी, छतीसगढ़ डिफेंस से हेमलता साहू, सैनिक मिलिट्री रिम्स से अनिकेता भारद्वाज, गीता सिन्हा, मां दुर्गा महिला समिति से लक्ष्मी साय, सुरजा बाई नागेश, नीता जैन, शांति सिन्हा आदि उपस्थित थीं, जिन्हें सम्मनित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत नृत्य आदि की प्रस्तुति दी गई। मंच संचलन डॉ. भूमिका तिवारी और आभार प्रदर्शन सरस्वती शिशु मंदिर की प्रधानाचार्या हेमलता यादव द्वारा किया गया।

मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराए दो नक्सली, भारी मात्रा में हथियार बरामद

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  • कमांडर एवं मिलिशिया सदस्य रहे हैं नक्सली
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, नक्सल सामग्री एवं दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की पहचान सुरेश मुहंदा और सन्नू मुहंदा के रूप में हुई है। इसे पुलिस की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एंटी नक्सल ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। जिले में दो भाजपा नेताओं की हत्या के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने बीजापुर जिले नक्सलियों के खिलाफ बड़ी तगड़ी मुहिम छेड़ दी है। वहां रूटीन के तहत चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान थाना बेदरे क्षेत्र अंतर्गत हिंगमेंटा- लंका केजंगलों में इंद्रावती एरिया कमेटी के प्लाटून नम्बर 16 कमांडर मल्लेश, माड़ डिवीज़न कंपनी नंबर 1 के कमांडर अरुण उर्फ रुपेश और 20- 25 अन्य नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर डीआरजी बीजापुर एवं थाना बेदरे का संयुक्त बल 14 मार्च 24 को नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था।अभियान के दौरान 14 मार्च की शाम 5 बजे हिंगमेटा के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराने में पुलिस बल को सफलता मिली। पुलिस बल को भारी पड़ता देख नक्सली जंगलों में भाग निकले। मुठभेड़ थमने के बाद सुरक्षा बल द्वारा हिंगमेटा में नक्सलियों के कैंप को ध्वस्त किया गया। सर्चिंग के दौरान 2 भरमार, टिफिन बम, डेटोनेटर, मेकेनिज्म, जिलेटिन स्टीक, कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, इलेक्ट्रिक वायर, चाकू, नक्सली वर्दी, पिटठू, बैटरी एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई।


मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त हो गई है। मृत नक्सली सुरेश मुहंदा निवासी हिंगमेंटा थाना बेदरे, इंद्रावती एरिया कमेटी अंतर्गत विगत 10 वर्षो से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था। वर्तमान में वह नक्सली संगठन में मिलिशिया कमांडर के रूप में तैनात था। मारा गया दूसरा नक्सली सन्नू मुहंदा हिंगमेटा थाना बेदरे इंद्रावती एरिया कमेटी अंतर्गत बाल संघम के रूप में भर्ती हुआ था और विगत 5 वर्षो से संगठन में सक्रिय था। वर्तमान में वह संगठन में मिलिशिया सदस्य के रूप में तैनात था। मारे गए नक्सलियों के शवों का पंचनामा, पोस्टमार्टम कराया गया और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

जिस गांव में देवी नहीं वह गांव-गांव ही नहीं: आचार्य कृष्ण कुमार तिवारी

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  •  योगमाया प्राकट्य के साथ मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  • भक्तों ने निकाली मां चंद्रघंटा की पालकी
  •  देवी भागवत कथा में जुट रहे प्रतिदिन सैंकड़ों भक्त
    जगदलपुर जिस गांव में देवी नहीं, वह गांव तो गांव ही नहीं है। इस बात को बस्ती के सियान अच्छी तरह से समझते हैं। इसीलिए हर गांव में शीतला माता मंदिर है। बस्तर वाले इसे मातागुड़ी कहते हैं। माता ही जग कल्याणी है। जिसे हम षोडश मातृका के नाम से जानते हैं तथा अलग-अलग नाम से पूजते हैं। यह 16 देवी ही परम श्रेष्ठ हैं। उक्त बातें मां दंतेश्वरी मंदिर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के तीसरे दिन महामाया धाम पाटन से पधारे आचार्य कृष्णकुमार तिवारी ने कही। देवी भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और उनकी बहन योगमाया का प्राकट्य उत्सव मनाया गया। इसके साथ ही नगर में मां चंद्रघंटा की पालकी बड़े हर्ष और उल्लास के साथ निकाली गई। जिला पत्रकार संघ बस्तर द्वारा मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण आयोजित है। अनुष्ठान के तीसरे दिन भगवान राम, कृष्ण, योगमाया अवतार के साथ ही मानव सृष्टि की उत्पत्ति की कथा सुनाई गई। कथा वाचन करते हुए आचार्य ने बताया कि भगवान विष्णु की प्रेरणास्रोत ही पराशक्ति देवी हैं। ब्रह्मांड में कई पृथ्वी हैं। जिनका का संचालन भी पराशक्ति देवी द्वारा प्रकट किए गए ब्रह्मा, विष्णु और महेश करते आ रहे हैं। पराशक्ति देवी ने ही उन्हें सरस्वती, लक्ष्मी और गौरी प्रदान की। उन्होंने बताया कि धर्म की पत्नी श्रद्धा, मित्र, दया, शांति आदि हैं। इसलिए धर्म के प्रति श्रद्धा, मित्रता, दया और शांति भाव प्रसाद ग्रहण करना चाहिए। पं. तिवारी ने कथा वाचन करते हुए बताया कि ब्रह्मा ने अपने छोटे पुत्र का नाम दक्ष रखा था। दक्ष का मतलब होता है अंगूठा और आज इंसान का अंगूठा हर कार्य में उपयोगी साबित हो रहा है। कहने का अर्थ यह है कि हमारे पौराणिक नामों का सदियों से अपना अलग वैज्ञानिक आधार है। जिसे नई पीढ़ी को समझने की आवश्यकता है। अनुष्ठान स्थल में भगवान की बहन योगमाया तथा भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाते हुए दही लूट का आयोजन हुआ। इस उत्सव के तत्काल बाद नगर में शौंडिक और कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा मां चंद्रघंटा की पालकी निकाली गई। जिसमें नगर के सैकड़ो भक्त जुटे। धरमपुरा की जसगीत मंडली भी प्रतिभागी रही। पालकी के मंदिर पहुंचने के बाद आरती हुई और प्रसाद वितरित किया गया।

आज के कार्यक्रम
सोमवार 18 मार्च को देवी भागवत महापुराण के तहत महिषासुर वध, कुंभ- निशुंभ कथा तथा देवी कालिका उत्पत्ति की कथा आचार्य पं. कृष्ण कुमार तिवारी द्वारा सुनाई जाएगी। तत्पश्चात चौथी पालकी निकाली जाएगी।

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