- जिला दंडाधिकारी एवं ने जारी किया आदेश
जगदलपुर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की घोषणा की गई है। लोकसभा निर्वाचन के घोषित कार्यक्रम अनुसार बस्तर जिले में 19 अप्रैल को मतदान एवं 4 जून को मतगणना प्रस्तावित है। लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव सामग्री, मतदान दलों एवं चुनाव में भाग लेने वालों की सुरक्षा तथा मतदाताओं को बिना डर, भय के निर्भिक होकर अपने मत का प्रयोग करने का अवसर प्रदान करने एवं चुनाव के अवसर पर कानून व्यवस्था को नियंत्रित कर आदर्श आचार संहिता का पालन भी सुनिश्चित किया जा सके। इस हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विजय दयाराम के. ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया है।
जारी आदेश के अनुसार 16 मार्च से 4 जून तक किसी भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा भले ही वह अनुज्ञप्तिधारी हो, किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र- शस्त्र, लाठी, डंडा एवं धारदार हथियार लेकर जिला कार्यालय परिसर, जिले के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय एवं क्षेत्र के मतदान केंद्र, सामग्री वितरण एवं वापसी केंद्र तथा मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। ड्यूटी में तैनात सीआरपीएफ, एसएएफ, सशस्त्र बटालियन एवं अन्य सशस्त्र सुरक्षा कर्मी इस प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभाव से मुक्त रहेंगे। कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा उक्त अवधि में विस्फोटक सामग्री, लाठी, डंडा, अस्त्र-शस्त्र एवं धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा, न ही चलने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। यह आदेश बस्तर जिले की सामान्य जनता के नाम पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के अधीन एक पक्षीय पारित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभावशील होकर 4 जून की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।
पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान जिले में शांति व्यवस्था के लिए धारा 144 लागू
गर्ल्स हॉस्टल को तहसील कार्यालय बनाने का विरोध, अभाविप ने किया प्रदर्शन
- वेटनरी पॉलिटेक्निक कॉलेज को भी भूमि दें
जगदलपुर। अभाविप बस्तर ने संभाग की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के भवनों और जमीन का दीगर कार्यों के लिए उपयोग किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को परिषद के कार्यकर्ताओं ने संभाग आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
बताया गया है कि अभाविप ने दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय के सामने स्थित कन्या छात्रावास को तहसील कार्यालय के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका विरोध किया गया तथा वेटनरी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जगदलपुर से लगी हुई पशु चिकित्सा विभाग की भूमि को महाविद्यालय की भावी योजनाओं के लिए महाविद्यालय को आवंटित करने की मांग की गई। विद्यार्थी परिषद बस्तर के कार्यकर्ताओं ने बस्तर संभाग में बीते कुछ समय से हो रही विभिन्न अनियमितताओं से अवगत कराने के उद्देश्य बस्तर संभाग आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अभाविप प्रदेश सहमंत्री व बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने बताया कि बस्तर संभाग के समस्त छात्रावास की व्यवस्था चौपट हो रही है। दिन प्रतिदिन छात्रावासों से अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं। छात्रावासों में सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वेटनरी पॉलीटेक्नी कॉलेज बस्तर संभाग का एकमात्र वेटनरी महाविद्यालय है। वेटनरी पॉलीटेक्नीक महाविद्यालय जगदलपुर से पशु चिकित्सा विभाग की भूमि लगी हुई है। परंतु वेटनरी पॉलीटेक्नीक महाविद्यालय के पास खेल मैदान, लाइव स्टॉक फॉर्म, छात्रावास भवन निर्माण के लिए कोई भूमि नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग की भूमि को महाविद्यालय को आवंटित किया चाहिए। जिससे आगामी समय में महाविद्यालय की अन्य गतिविधियों के लिए भूमि संरक्षित रह सके। परंतु उस भूमि को नालंदा शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयत्न किया जा रहा है। इसी तरह दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय जगदलपुर बस्तर जिला का एकमात्र महिला महाविद्यालय है। दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय के समीप ही छात्राओं के लिए छात्रावास बनाया गया है। परंतु उस छात्रावास को अब तहसील कार्यालय के रूप में विकसित करने का प्रयत्न किया जा रहा है। छात्राओं की भविष्य को देखते हुए उस भवन को छात्रावास के रूप में ही विकसित किया जाना चाहिए। छात्रावास के आंगन में ही एक और भवन निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार भवन को एसडीएम कार्यालय एवं छात्रावास को तहसील कार्यालय के रूप में परिवर्तित करने का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। यह कदम छात्राओं के साथ अन्यायपूर्ण है। इस दौरान परिवेद, अश्विन, प्रशांत, भगतू, केशव, मनीष समेत अभाविप के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
होंडा स्मार्ट मोटरसाइकिल का एलॉय व्हील टूटने से युवक बोलोरो पिकअप से टकराकर हुआ घायल
दल्लीराजहरा मानपुर रोड में बिटाल के पास चलती मोटरसाइकिल का एलॉय व्हील टूटने से मोटरसाइकिल सवार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़ी एंगल से भरी बोलोरो पिकअप से जा टकराया । गनीमत यह रही कि युवक द्वारा हेलमेट लगाया हुआ था जिसकी वजह से लोहे के एंगल में पीछे से टकराने के बाद युवक के चेहरे पर चोट आई मौके से पुलिस विभाग के अधिकारियों की गाड़ी का काफिला जा रहा था जिसमें एडिशनल एसपी एवं सीएसपी घटना को देखकर रुक गए एवं स्थिति को देखने के पश्चात दल्ली राजहरा थाना प्रभारी सुनील टिर्की ने रुक कर घायल युवक को 108 की मदद से अस्पताल पहुंचवाया। होंडा कंपनी की स्मार्ट मोटरसाइकिल क्रमांक सी.जी.24 पी.9348 का समतल रोड पर एलॉय व्हील का टूट जाने से लोगों को आश्चर्य हुआ खेत में काम कर रहे लोगों ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार दल्ली राजहरा से मानपुर की ओर जा रहा था अचानक से मोटरसाइकिल से आवाज आई जिसके बाद मोटरसाइकिल सवार लड़खड़ा कर सड़क के किनारे खड़ी बोलोरो पिकअप क्रमांक सी.जी.-08 ए.एन-8302 से टकरा गया।

पुत्रमोह में धृतराष्ट्र बन बैठे नेता तुल गए हैं कांग्रेस का बेड़ागर्क करने पर
- गैर आदिवासी नेताओं की साजिश से कांग्रेस बेहाल
- कांग्रेस नेतृत्व को खुली रखनी होंगी अपनी आंखें
-अर्जुन झा-
जगदलपुर बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस की बस्तर में लुटिया डुबोने के लिए कांग्रेस के ही कुछ नेता ही तुल गए हैं। संतान मोह में धृतराष्ट्र बन चुके ये नेता कांग्रेस का ही बेड़ागर्क कर रहे हैं। रही सही कसर कांग्रेस के बड़े नेता पूरी कर दे रहे हैं। सन 2018 के विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस ने पूरी बारह सीटें जीत ली थी। लंबे वनवास के बाद छत्तीसगढ़ की सत्ता में कांग्रेस के काबिज होते ही यहां के कुछ कांग्रेस नेताओं का अहंकार इतना बढ़ गया कि वे अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं को नीचा दिखाने और कदम दर कदम अपमानित करने में लग गए। केबिनेट मंत्री पद से नवाजे गए बस्तर के एक कांग्रेस नेता तो आसमान में ही उड़ने लगे। अपने उल जलूल हरकतों और एक विशेष आदत की वजह से इस नेता ने बस्तर में कांग्रेस का मटियामेट करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। बस्तर में टांग खिंचाई की राजनीति यहां के आदिवासी नेताओं ने पहले कभी नहीं की थी। बस्तर के इतर प्रदेश के चंद बड़े गैर आदिवासी नेताओं ने बस्तर के कुछ गैर आदिवासी कांग्रेस नेताओं को मोहरा बनाकर संभाग के एक आदिवासी नेता के इर्द गिर्द उन्हें लगा दिया। इन बस्तरिहा तथा बस्तर के बाहर के गैर आदिवासी नेताओं ने ऐसी चाल चली, ऐसा जाल बुना कि बस्तर का एक आदिवासी नेता उसमे उलझ गया। यह सारी साजिशें तेजी से उभरे एवं छत्तीसगढ़ और नई दिल्ली की राजनीति में बड़ा मुकाम बना चुके बस्तर के उच्च शिक्षित युवा आदिवासी नेता दीपक बैज के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए रची गईं। विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की इस चांडाल चौकड़ी ने कांग्रेस की दुर्गति कराने में बड़ी भूमिका निभाई। चित्रकोट विधानसभा सीट से दीपक बैज और अन्य सीटों से कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी गई, जमकर रुपए बहाए गए, गांव गांव में घूम घूमकर शराब, मुर्गा बकरा, साड़ियां, रकम बंटवाई गई। नतीजा यह हुआ कि दीपक बैज जीती बाजी हार गए। साथ ही बस्तर संभाग की अधिकांश सीटें कांग्रेस को गंवानी पड़ गईं।
मकसद नेतृत्व की नजरों में गिराना
दीपक बैज और अन्य प्रत्याशियों को हराने का खास मकसद दीपक बैज को पार्टी नेतृत्व की नजरों में गिराना रहा है। दीपक बैज जिस तेजी से उभरे, जन मानस में लोकप्रिय हुए। संसद में मुखर रहकर एवं दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शनों में उनकी सहभागिता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी से दीपक बैज की बढ़ती नजदीकियां छत्तीसगढ़ के चंद गैर आदिवासी नेताओं को खटकने लगी थी। छत्तीसगढ़ के कुछ कांग्रेस नेता उन्हें अपनी राह का कांटा मान बैठे। हालांकि दीपक बैज निर्विकार, निर्विवाद और साफ सुथरी छवि वाले नेता माने जाते हैं। वे कभी किसी का अहित नहीं चाहते।. पार्टी के लिए उनका समर्पण भाव जग जाहिर है। फिर भी गैर आदिवासी नेताओं में यह डर समा गया था कि अगर खुदा न खास्ता दीपक बैज मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो उनकी (गैर आदिवासी नेताओं) की पॉलिटिकल करियर ही खत्म हो जाएगा। इसीलिए इस सारा तिकड़म किया गया।
कांग्रेस की देरी न पड़ जाए भारी
इस बार लोकसभा चुनाव में बस्तर संभाग की दोनों सीटों बस्तर और कांकेर में कांटे के मुकाबले के आसार दिख रहे थे, लेकिन प्रत्याशी चयन में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा की जा रही देरी कांग्रेस की संभावनाओं के द्वार को बंद करती प्रतीत हो रही है। भाजपा ने काफी पहले ही अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे और दोनों प्रत्याशी तथा भाजपा के नेता यह जंग जीतने के लिए जी जान लगाकर जुट गए हैं। भाजपा के दोनों प्रत्याशी व्यापक जन संपर्क कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेताओं को कुछ भी नहीं सूझ रहा है। प्रत्याशी की घोषणा के इंतजार में बस्तर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। मतदान को माह भर भी नही बचा है और नामांकन को महज एक हफ्ता बाकी है। कांग्रेस की यह देरी पार्टी को ही भारी न पड़ जाए। कांग्रेस आलाकमान ने अब तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। लगता है बस्तर में अपना सुपड़ा साफ करवाने खुद कांग्रेस ही तत्पर है। पिछले विधान सभा चुनाव में भी कांग्रेस को अपनो ने ही धोया था। लोकसभा चुनाव में भी इसकी पुनरावृत्ति होती दिख रही है। मैं इधर चला, वो उधर चला के फिल्मी गीत सरीखी हास्यास्पद स्थिति से पार्टी गुजर रही है। कांकेर सीट के लिहाज से देखें तो सरकार में रहते कांग्रेस के वो मंत्री जो ताल ठोंककर एक दूसरे को नीचा दिखाते थे, अब लोकसभा चुनाव लडने के नाम पर कन्नी काटते फिर रहे हैं।
संपत्ति विरूपण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई
जगदलपुर आदर्श आचार संहिता लागू होते ही नगर निगम प्रशासन द्वारा संपत्ति विरूपण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कलेक्टर विजय दयाराम के निर्देश पर पर संपत्ति विरूपण के तहत नगर निगम प्रशासन की टीम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्र से राजनीतिक दलों के झंडे बैनर पोस्टर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया कि संपत्ति विरूपण के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। निगम प्रशासन की टीम बनाई गई है जो निगम क्षेत्र के 48 वार्डो एवं मुख्य मार्ग में संपत्ति विरूपण के तहत कार्रवाई कर रही है।

दीदी मड़ई में शामिल हुए विधायक किरण भैया
जगदलपुर दरभा मंडल की लेंड्रा पंचायत में दीदी मड़ई कार्यक्रम में विधायक किरण देव शामिल हुए। तीरथधारा स्व सहायता समूह द्वारा दीदी मड़ई कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजन में पहुंचे विधायक किरण देव का महिला स्व सहायता समूह की बहनों ने तिलक लगाकर एवं पारंपरिक बस्तरिया वाद्य यंत्रों के द्वारा पारंपरिक रूप से स्वागत किया। इस दौरान विधायक किरण देव ने दीदी मडई की सभी बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश में 72 लाख से अधिक माता बहनों के खाते में प्रतिमाह एक हजार एवं साल में 12 हजार रू देने का काम शुरू कर दिया है। हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा कर रही है। इस दौरान पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष विद्याशरण तिवारी, जनपद अध्यक्ष जानकी राव, दरभा मंडल अध्यक्ष फूलसिंह सेठिया, महामंत्री हरीश कश्यप, अनंत राम कश्यप एवं अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

विधायक किरण देव ने दरभा मंडल में लाखों के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
- सड़क, सामुदायिक भवन बोर का किया शिलान्यास
- नेगानार, लेंड्रा, चिंगपाल मावलीपदर एवं केशापुर पहुंचे विधायक
जगदलपुर विधायक किरण देव ने शुक्रवार की शाम दरभा मंडल में लाखों के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। ग्राम नेगानार, लेंड्रा, मावलीपदर, चिंगपाल एवं केशापुर में भूमिपूजन करने पहुंचे विधायक किरण देव का ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से उनका तिलक लगाकर स्वागत किया। दरभा मंडल के नेगानार में विधायक मद से सीसी सड़क निर्माण लागत 6.31 लाख , मावलीपदर में बस्तर विकास प्राधिकरण मद के 6.50 लाख से सामुदायिक भवन निर्माण, सीसी सड़क निर्माण लागत 6.50 लाख, केशापुर में सीसी सड़क निर्माण कार्य विधायक मद से 6.31 लाख, केशापुर में सीसी सड़क निर्माण लागत 5.20 लाख, मुंडागढ़ में विधायक मद से सामुदायिक भवन निर्माण लागत 9.74 लाख, चिंगपाल में सांस्कृतिक मंच निर्माण विधायक मद से लागत 3.46 लाख, जिंदपाल में सीसी सड़क निर्माण लागत 5.20 लाख, एवं 10 जगह हैंडपंप खनन हेतु एससीए मद से लागत 14.20 लाख समेत कुल लगभग 70 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। विधायक किरण देव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अपनों के बीच पहुंचकर हमारे बस्तर के पारंपरिक स्वागत से अभिभूत हूं। श्री देव ने कहा आप सभी की मांग के अनुरूप गांव में विकास कार्य किए जा रहे हैं विकास अनवरत जारी रहेगा। आपके क्षेत्र में करोड़ों के सड़क निर्माण कार्य बजट में शामिल किया गया है। बहुत जल्द इन सड़कों का भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सड़क निर्माण से आप लोगों की समस्या दूर होगी। हमारी डबल इंजन की सरकार में सभी वर्गों का विकास हो रहा है। जो वादा किया था उसे पूरा कर रहे हैं। विधायक किरण देव ने अपना अभिभाषण हल्बी में दिया । इस दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विद्याशरण तिवारी, जनपद अध्यक्ष जानकी राव, जनपद उपाध्यक्ष अनंत राम कश्यप, सरपंच बलराम, पदो कश्यप, उप सरपंच अर्जुन सिंह, दरभा मंडल अध्यक्ष फूलसिंह सेठिया, महामंत्री हरीश कश्यप, हरिप्रसाद, लक्ष्मण कश्यप, ललित कश्यप, जगन्नाथ, सीता नाग, दरभा जनपद सीईओ फाफा एवं काफी संख्या में गांव के लोग उपस्थित थे। वहीं भूमिपूजन कार्यक्रम में नवीन राशन कार्ड का वितरण भी किया गया।

दल्ली राजहरा मार्शल आर्ट क्लब के खिलाड़ी कुमारी साधीके दुबे छत्तीसगढ़ शासन की ओर से एक लाख की नगद राशि पुरस्कार से सम्मानित किया गया
दल्ली राजहरा :- छत्तीसगढ़ राज्य खेल अलंकरण का आयोजन 14 मार्च 2024 को पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित की गई थी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री माननीय टंक राम वर्मा, वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य मंत्री गण विधायक उपस्थित थे| जिसमें कलारिपयत्तू यूथ गेम खेलो इंडिया जो पंचकूला हरियाणा में आयोजित थी उसमें छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से खेलते हुए सादीके दुबे ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिए प्रथम कांस्य पदक जीता था। उनके इस उपलब्धि पर बीएसपी राजहरा महाप्रबंधक आर बी गहरवार, नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर, व्यापारी संघ से गोविंद वाधवानी सहित मार्शल आर्ट क्लब के खिलाड़ी पालक एवं खेल प्रेमियों ने बधाई दी यहां समस्त जानकारी छत्तीसगढ़ प्रदेश कलारिपयत्तू संघ के अध्यक्ष संचालक राजहरा मार्शल आर्ट्स क्लब लखन कुमार साहू ने प्रदान की।

जेब में रखे मोबाईल लूट ले जाने वाले आरोपी गिरफ्तार
दल्लिराहरा जुर्म जरायम निराकरण एवं आरेापियों की धरपकड हेतु पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद एस0आर भगत के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पुरूर बोनीफस एक्का कं पर्यवेक्षक मं थाना प्राभारी पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा एवं सायबर प्रभारी उप निरिक्षक जोगेन्द्र साहू के नेतृत्व में थाना व सायबर की संयुक्त टीम गठित कर लूट के आरोपियो को पकडने में सफलता हासिल की गई।जितेन्द्र कुमार देशलहरे निवासी गा्रम बोरतरा थाना गुरूर जिला बालोद ने दिनांक 11.09.23 को थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि अपने महेन्द्रा बोलेरो पिकप क्रं सीजी 04 पी बी 0401 है जिसमें कांकेर की ओर से रायपुर आ रहा था जो दिनांक 11.09.23 को रात्रि करीबन 1 :30 बजे एन एच 30 मार्ग ग्राम चिटौद हनुमान मंदिर के पास दो व्यक्तियों द्वारा गाडी रूकवाकर चाकू दिखाकर रूपये पैसे का मांग करने लगा तथा जेब में रखे मोबाईल कीमती 73,299/ रूपये को लूट कर अपने मोटर सायकल से भाग गये रिपोर्ट पर थाना पुरूर में अपराध पंजीबध्द कर विवेचना की जा रही थी विवेचना के दौरान संदेही राहुल बारले निवासी जालमपुर वार्ड धमतरी एवं विधि से संघर्षरत बालक से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर घटना कारीत करना स्पीकार किया व घटना में प्रयुक्त् वाहन मोटर सायकल चाकु एव्र लूटैग गये मोबाईल को जप्त किया गया है बाद आरेापी राहुल बारले को माननीय न्यायालय बालोद एव्र विधि से संघर्षरत् बालक को माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गिरफ्तार करने में प्रभारी पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा एवं आरक्षक गणेश यादव उमाशंकर जारके लिन साहू किशोर साहू छोटू सोनकर थनेन्द्र देवांगन कुलदीप नागवंशी संदीप यादव सायबर सेल प्रभारी जोगेन्द्र साहू प्र0आर0 भूनेश्वर मरकाम विवेक साहू आर0 राहुल मनहरे आकाश दुबे विपिन गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही
लोक निर्माण विभाग में कार्यों की जांच के नाम पर ठेकेदारों को किया जा रहा है टार्चर
- विभाग के इएनसी के बर्ताव से ठेकेदार परेशान
- आर्थिक और मानसिक तौर पर पीड़ित हैं ठेकेदार
रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग में अजब गजब खेल चल रहा है। विभाग के इंजीनियर इन चीफ (इएनसी) ने कार्यों की गुणवत्ता की जांच के नाम पर ठेकेदारों को प्रताड़ित करने की प्रथा विभाग में चला रखी है। जांच के नाम पर बनी बनाई पूरी सड़क को उधेड़ कर रख दिया जा रहा है। इस करतूत से राज्य भर के ठेकेदार परेशान हैं। उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है और मानसिक यंत्रणा के दौर से गुजरना पड़ रहा है। कुछ ठेकेदार तो आत्महत्या तक कर लेने की बात कहने लगे हैं।
राजधानी में बैठे लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ पिंपरी की कार्यप्रणाली से पूरे छत्तीसगढ़ के विभागीय ठेकेदार परेशान हो उठे हैं। बस्तर जैसे घोर नक्सल प्रभावित संभाग के सुदूर गांवों में अपनी जान जोखिम में डालकर और और अपने करोड़ों रुपयों के वाहनों, यंत्रों और उपकरणों को दांव पर लगाकर काम करने वाले ठेकेदारों को भी इएनसी और उनके मातहत अधिकारियों द्वारा जमकर प्रताड़ित किया जा रहा है। यह सर्व विदित तथ्य है कि बस्तर के धुर नक्सल समस्या ग्रस्त गांवों में सड़क, पुल पुलिया भवन आदि जैसे निर्माण कार्यों को पूर्ण कराना कोई हंसी मजाक का खेल नहीं है। इस तरह के निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों, उनके कर्मचारियों, मजदूरों की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। निर्माण में लगे वाहनों, भारी मशीनों, उपकरणों और यंत्रों में आएदिन आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं। बावजूद ठेकेदार अपने परिवार का गुजारा करने के लिए यह जोखिम उठाते हैं। लेकिन शायद लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ को ठेकेदारों की इस त्रासदी से कोई वास्ता नहीं है। उल्टे वे ठेकेदारों की परेशानी को और भी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखना और उनकी जांच करना लोक निर्माण विभाग के इएनसी और अन्य अधिकारियों का दायित्व है, मगर जांच के नाम पर बनी बनाई सड़क को पूरी तरह उधेड़ देना कतई तर्क संगत नहीं है। पिछले लंबे समय से लोक निर्माण विभाग में नव निर्मित सड़कों को उखाड़ कर जांच करने की तानाशाही प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया जाने लगा है। बस्तर संभाग में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सड़कों को विभागीय अधिकारी उधेड़वा दे रहे हैं। जिस सड़क को बनाने में ठेकेदार, उनके कर्मचारी और मजदूर हफ्तों पसीना बहाते हैं, करोड़ों रुपए लगा देते हैं, उस सड़क को विभाग के अधिकारी चंद घंटे में नेस्तनाबूद कर देते हैं।जबकि केवल थोड़ी सी छेद कर जांच करने का प्रावधान है। मगर इस प्रावधान के विपरीत जाकर अधिकारी ठेकेदारों को जानबूझ कर परेशान करने पर तुल गए हैं।
पिस रहे हैं निर्दोष ठेकेदार
ठेकेदार अगर दर बढ़ाकर कार्य लेता है, तो सरकार को चूना लगाने और मिलीभगत से कार्य लेने का आरोप लगता है। वहीं कम दर पर काम लेने से ठेकेदार पर भ्रष्टाचार और गुणवत्ता को नजर अंदाज करने का इल्जाम लगाकर कर कई प्रकार की जांच की जाती है।पिछले कई माह से बस्तर संभाग के ठेकेदार इएनसी की गैर जिम्मेदाराना हरकत से नाराज चल रहे हैं। पिछले दिनों एक ठेकेदार और एसी या ईई में हुई मारपीट भी इएनसी की मनमानी का ही परिणाम है। अधिकारी जांच के नाम पर ठेकेदार को काफी परेशान करते हैं। जिससे समूचे प्रदेश के ठेकेदार अब या तो संबंधित अधिकारी से उलझने लगे हैं या फिर काम छोड़ने की सोच रहे हैं। वहीं कुछ ठेकेदार अपने अधिकारियों की मनमानी के चलते आर्थिक और मानसिक रूप से इस कदर टूट चुके हैं कि वे आत्महत्या कर लेने की बात तक कहने लगे हैं।











