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सचिव संघ बकावंड के निर्विरोध अध्यक्ष बने रमेश चंद्र ठाकुर

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  • सरगीपाल पंचायत के सचिव पर सभी सचिवों ने जताया भरोसा

बकावंड पंचायत सचिव संघ ब्लाक इकाई बकावंड के ब्लाक अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश पंचायत सचिव संघ छग के निर्देश पर कराया गया। सरगीपाल के पंचायत सचिव रमेशचंद्र ठाकुर निर्विरोध ब्लॉक अध्यक्ष चुन लिए गए।ब्लॉक के सभी पंचायत सचिवों की मौजूदगी में ठाकुर को अध्यक्ष घोषित किया गया।

11दिसंबर को प्रातः11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई।ब्लाक अध्यक्ष हेतु एक मात्र नाम निर्देशन पत्र रमेशचंद्र ठाकुर सचिव ग्राम पंचायत सरगीपाल का प्राप्त हुआ। अध्यक्ष पद के लिए किसी और सचिव ने दावेदारी नहीं की। फलतः ठाकुर को निर्विरोध अध्यक्ष पंचायत सचिव संघ ब्लॉक बकावंड घोषित करते हुए निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर संघ के संरक्षक एवं प्रभारी पंचायत इंस्पेक्टर प्रहलाद चंद्राकर द्वारा अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों को फूल माला पहनाकर एवं तिलक लगाकर बधाई दी गई। इस अवसर पर जनपद पंचायत क्षेत्र बकावंड की सभी ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित थे।

उलनार के ग्रामीणों की आस्था पर भारी पड़ रहा है भ्रष्टाचार

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  • आठ माह बाद भी पूरा नहीं हो पाया मातागुड़ी निर्माण

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर के आदिवासियों को गांवों में स्थापित मातागुड़ी एवं डेवगुड़ियों के प्रति अटूट आस्था रहती है। वे इन देव स्थानों में पूजा अर्चना करके ही अपने हर शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं। मगर ग्राम पंचायत के कारिंदे ग्रामीणों की आस्था पर आघात पहुंचाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ ग्राम उलनार में भी हो रहा है, जहां आठ माह से मातागुड़ी का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायत उलनार की पुरानी मातागुड़ी जीर्ण शीर्ण हो चली थी। ग्रामीण नई मातागुड़ी बनवाने की मांग लंबे समय से करते आ रहे थे। ग्रामीणों की आस्था और भावनाओं को देखते हुए 8- 9 माह पूर्व जिला खनिज निधि न्यास ट्रस्ट (डीएमएफटी) से उलनार में नई मातागुड़ी के निर्माण के लिए पांच लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। ग्राम सरपंच और पंचायत सचिव ने निर्माण कार्य शुरू करा भी दिया, लेकिन अधूरा काम कराकर निर्माण बीच में ही रोक दिया गया। आठ माह बीत जाने के बाद भी निर्माण अधूरा पड़ा है। निर्माण के नाम पर अब तक ढाई फीट ऊंची प्लींथ के साथ पिलरों और ऊपर छत के लिए दीवार भर खड़ी कर दी गई है। मातागुड़ी भवन के चारों ओर दीवार निर्माण और छत ढलाई का काम अब तक नहीं कराया गया है। नतीजतन ग्रामीण वहां धर्मलाभ नहीं ले पा रहे हैं।पंचायत सचिव और सरपंच ग्रामीणों की आस्था से खिलवाड़ करने पर तुल गए हैं। उलनार के आदिवासी समुदाय तथा माता पर आस्था रखने वाले अन्य जाति समुदायों के लोगों में पंचायत सचिव की मनमानी को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। उलनार के सारे नागरिक मातागुड़ी को दशकों से पूजते आ रहे हैं। इस ग्राम देवी पर यहां के लोगों में गहरी आस्था है। साल 2022 के अंत में मातागुड़ी निर्माण की मांग ग्रामीणों द्वारा की गई थी। तब जाकर राशि स्वीकृत हुई थी।

तो दो माह में ही गुड़ी बन जाती

स्वीकृत पूरी राशि खाते से निकाल लेने के बाद भी थोड़ा बहुत काम कराया गया। इसके बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। आठ माह बीत जाने के बाद भी मातागुड़ी का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। वहीं पंचायत आचार संहिता का रोना रोते हुए बहाना बना रहे हैं कि आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के कारण काम बीच में रोकना पड़ा है।दूसरी ओर ग्रामीण मातागुड़ी के लिए स्वीकृत 5 लाख रु. की अफरा तफरी की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मातागुड़ी निर्माण के लिए स्वीकृत राशि अगर स्थानीय निवासियों की सार्वजनिक समिति बनाकर समिति को दी गई होती, तो इतनी बड़ी रकम से भव्य मातागुड़ी का निर्माण दो माह के भीतर ही पूर्ण कर लिया गया होता। उल्लेखनीय है कि उलनार में आदिवासी समुदाय और दीगर समुदायों के लोग हर सार्वजनिक एवं पारिवारिक कार्यों की शुरुआत मातागुड़ी में पूजा अर्चना कर व उनसे आशीर्वाद लेकर ही करते हैं। ऐसे में मातागुड़ी का निर्माण अधूरा रहने से यहां के लोगों की आस्था आहत हो रही है।

वर्सन

आचार संहिता से रुका काम

निर्माण जारी रहने के दौरान चुनाव आचार संहिता लग गई थी। इस कारण मातागुड़ी का काम रोकना पड़ गया था। कार्य अब जल्द शुरू करा देंगे।

राजेश कश्यप,   सचिव, ग्राम पंचायत उलनार

रात्रिकालीन सफाई होने से बदल रही है संजय मार्केट की सूरत

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  •  बाजार की व्यवस्था को और बेहतर बनाने आयुक्त मंडावी ने की सहयोग की अपील

जगदलपुर नगर निगम द्वारा रात में की जाने वाली साफ सफाई से संजय मार्केट व सड़कों की सूरत बदल रही है। अभियान का असर दिखने भी लगा है।

शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन एक कार्ययोजना के साथ शहर की सफाई में लगातार कार्य कर रहा है । निगम आयुक्त हरेश मंडावी शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए प्लानिंग कर स्वच्छता विभाग की टीम के साथ शहर के वार्डों, मुख्य मर्गों,सार्वजनिक स्थलों, बाजारों वअन्य स्थानों में लगातार सफाई अभियान चला रहे हैं। इसमें शहरवासियों को जोड़कर शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने वे प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में शहर के मुख्य बाजार संजय मार्केट में नगर निगम द्वारा रात्रिकालीन सफाई का कार्य किया जा रहा है। निगम द्वारा रात को ही बाजार परिसर के कचरे व सब्जियों के अवशेष को जेसीबी मशीन के जरिए एकत्रित कर बाहर ले जा रहा है। साथ ही स्वच्छता कंमाडोज द्वारा भी बाजार में रात के समय झाड़ू लगाकर बाजार परिसर के कचरे को कचरा वाहन में डालकर उसका निपटाने किया जा रहा है। रात में बाजार बंद रहने से नाइट स्वीपिंग में आसानी हो रही है। इस अभिनव पहल के चलते सुबह जब व्यापारी और खरीदार मार्केट में पहुंचते हैं, तो मार्केट को पूरी तरह चकाचक देख खुशी से झूम उठते हैं। दिन के समय निगम स्वचछता विभाग के कर्मचारी संजय बाजार के सब्जी विक्रेताओं एवं दुकानदारों को अपने दुकानों के कचरे को जहां तहां न फेंकने की समझाईश देते हुए नगर निगम का सहयोग करने की अपील भी उनसे करते हैं। संजय बाजार के व्यापारी और नागरिक निगम के इस प्रयोग की सराहना कर रहे हैं।

अबकी बार छत्तीसगढ़ में चलेगा आदिवासियों का ही राज

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  • बस्तर से केदार कश्यप, लता उसेंडी और विक्रम उसेंडी बनाए जा सकते हैं मंत्री
  • हटेगा भाजपा के आदिवासी विरोधी होने का लेबल

अर्जुन झा

जगदलपुर अपने आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाकर भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि तेलंगाना, ओड़िशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के आदिवासियों का भी दिल जीत लिया है। अब आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव के मंत्रिमंडल में बस्तर के भी कम से कम तीन आदिवासी विधायकों को जगह मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। ये विधायक हैं केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी और लता उसेंडी। ये तीनों ही पहले भी मंत्री रह चुके हैं तथा उन्हें राजकाज का खासा अनुभव है। इन्हें मंत्री बनाकर भाजपा आदिवासी समुदाय के बीच फैलाई गई गलतफहमी को न सिर्फ दूर कर लेगी बल्कि लोकसभा चुनावों में देश के आदिवासी बहुल राज्यों में अच्छी जीत दर्ज भी करा सकती है। बस्तर के आदिवासी तो भाजपा के इस फैसले से आल्हादित होकर कहने भी लगे हैं कि अबकी बार छत्तीसगढ़ में चलेगा आदिवासियों का राज और 2024 में फिर आएगा मोदी का राज।

वोट और तुष्टिकरण की राजनीति के वशीभूत कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, जेडीयू, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी और अन्य तमाम विपक्षी दलों ने भाजपा के खिलाफ तरह -तरह की थ्योरियां गढ़ डाली हैं। ये सभी दल भाजपा पर आदिवासी, ओबीसी व मुस्लिम ईसाई विरोधी होने की तोहमत लगाते नहीं थकते। हर मंच पर इन दलों के नेता भाजपा को पानी पी पीकर कोसते रहते हैं कि भाजपा सिर्फ ऊंची जातियों और धन्ना सेठों का भला करने वाली पार्टी है, उसे आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, ओबीसी की कोई चिंता नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास का मंत्र देते आए हैं और उस पर अच्छा काम भी कर रहे हैं। बावजूद मोदी सरकार के खिलाफ नरेटिव खड़ा करने में विपक्षी दल पीछे नहीं रहते। इस नरेटिव को भाजपा ने सबसे पहले दलित समुदाय से आने वाले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाकर तोड़ा, फिर आदिवासी समुदाय की द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर विपक्षी दलों का मुंह बंद करने का शानदार प्रयास किया। बावजूद विपक्ष अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से न कराए जाने को आदिवासी विरोधी होने का मुद्दा बनाकर खूब हो हल्ला मचाने लगा। मणिपुर हिंसा की घटनाओं में भी आदिवासी तड़का लगाकर भाजपा पर तीर छोड़ने में कोई कमी नहीं की गई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनावों में भी आदिवासी विरोध वाला मुद्दा हावी रहा, मगर छत्तीसगढ़ को विष्णुदेव साय के रूप में पहला आदिवासी मुख्यमंत्री देकर भाजपा ने विपक्ष की बोलती ही बंद कर दी है। हालांकि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी खुद को आदिवासी समुदाय का बताते रहे हैं, लेकिन उनकी जाति को लेकर विवाद रहा है और विष्णुदेव साय विशुद्ध रूप से आदिवासी हैं। श्री साय को मुख्यमंत्री बनाए जाने से बस्तर के आदिवासियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। यही नहीं बस्तर संभाग की सीमाओं से जुड़े तेलंगाना, ओड़िशा, आंध्रप्रदेश एवं महाराष्ट्र के साथ ही आदिवासी बहुल पड़ोसी राज्य झारखंड के आदिवासी भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बस्तर के सबसे वरिष्ठ आदिवासी नेता, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम भी भाजपा के इस कदम के मुरीद बन गए हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में शुमार रहे अरविंद नेताम ने तो विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाए जाने का स्वागत करते हुए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की तारीफ करने में जरा भी गुरेज नहीं किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा ने ऐसा कदम उठाकर आदिवासियों का दिल जीत लिया है। बस्तर के आदिवासी यह कहते नहीं अघा रहे हैं कि अबकी बार छत्तीसगढ़ में आदिवासी सरकार और 2024 में फिर से मोदी सरकार। साथ ही बस्तर के आदिवासियों की चाहत है कि बस्तर संभाग से चुने गए ज्यादा से ज्यादा आदिवासी विधायकों को साय मंत्रिमंडल में जगह दी जाए।

बस्तर का हक तो बनता है

छत्तीसगढ़ में गठित होने जा रही भाजपा सरकार में सम्मानजनक स्थान पाने का हक तो बस्तर का बनता ही है। बस्तर संभाग से चुने गए वरिष्ठ भाजपा विधायकों में केदार कश्यप नारायणपुर सीट, लता उसेंडी कोंडागांव सीट और विक्रम उसेंडी अंतागढ़ सीट मंत्री पद पाने के वाजिब हकदार हैं। ये तीनों पहले भी भाजपा की सरकारों में मंत्री रह चुके हैं तथा उन्हें राजकाज और प्रशासन चलाने का व्यापक अनुभव है। बस्तर का आदिवासी समाज चाहता है कि केदार कश्यप, लता उसेंडी और विक्रम उसेंडी की वरिष्ठता और अनुभव का सम्मान करते हुए उन्हें मंत्री पद दिया ही जाना चाहिए। यहां यह बताना जरुरी है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बस्तर के आदिवासी नेताओं को पर्याप्त महत्व दिया गया था। सुकमा जिले के कोंटा सीट के विधायक कवासी लखमा को आबकारी एवं उद्योग मंत्री बनाया गया था। कोंडागांव के निवर्तमान विधायक मोहन मरकाम को केबिनेट मंत्री व इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नारायणपुर के निवर्तमान विधायक चंदन कश्यप को हस्तशिल्प विकास बोर्ड का अध्यक्ष, बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष एवं बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी को सदस्य बनाया गया था। इस लिहाज से सत्तारूढ़ होने जा रही भाजपा को भी ऐसा ही कदम उठाना होगा।

लोहा चोरी, ट्रक मालिक व चालक को फरार बताकर सेटिंग का खेल

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  •  ट्रक मालिक के साथ दो दिन चली पुलिस की गुप्त बैठक
  • आयरन लोड करने नहीं गया था, अंदर से आया चालक

जगदलपुर नगरनार स्टील प्लांट से एक ही नंबर के दो ट्रकों के जरिए पिग आयरन चोरी मामले में जिस ट्रक ड्राईवर को पुलिस अधिकारी फरार बता रहे हैं उस ड्राईवर और ट्रक मालिक के साथ नगरनार पुलिस की चोकावाड़ा इलाके में गोपनीय बैठक होने की खबर है। बैठक में बात नहीं बनने पर पुलिस ड्राईवर की गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्यों में टीम भेजे जाने की थ्योरी गढ़ रही है।

खबर है कि जिस ट्रक क्रमांक सीजी 04 एमके 9383 पर पिग आयरन लोड कराया गया था। इस ट्रक और चालक को प्लांट के मुख्य गेट पर ही रोक लिया गया था। प्लांट से ड्राईवर मुख्य द्वार पर पहुंचा और ट्रक को कच्चा लोड साईट के पास लोडिंग कराकर ट्रक को बाहर निकालने की तैयारी में था। सीआईएसएफ के जवानों ने लोहा चोरी की इस योजना पर पानी फेर दिया। खबर है कि राजधानी के लोहा कारोबारी एवं एनएमडीसी के कर्मचारी की सांठगांठ पर दो माह से पिग आयरन चोरी का खेल चल रहा था। खबर है कि चामुंडा ट्रांसपोर्ट के संचालक ने पूछताछ में कई राज खोले हैं। इस खुलासे से कई लोहा कारोबारी और प्लांट के कर्मी बेनकाब हो सकते हैं। मामला हाई प्रोफाईल होने के कारण पुलिस सावधानी तो बरत रही है, लेकिन पड़ताल की दिशा बदलने के भी फेर में है।नगरनार स्टील प्लांट से विगत दो तीन माह में राजधानी के लोहा कारोबारी करोड़ों के पिग आयरन को पार करवा चुके हैं। प्लांट के कर्मचारियों एवं लोहा कारोबारी की सांठगांठ से यह गोलमाल चल रहा है। पता चला है कि प्लांट से अब तक 60 – 70 हजार टन पिग आयरन की बिक्री की जा चुकी है। चामुंडा ट्रांसपोर्ट के बयान अनुसार 3 माह से परिवहन का कार्य चल रहा था, लेकिन पुलिस पहली बार परिवहन किये जाने का हवाला दे रही है। ट्रांसपोर्टर एवं पुलिस के परसपर विरोधाभासी बयान यह इशारा कर रहे हैं कि राजधानी का वह कौन कारोबारी है जिसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि पिग आयरन चोरी के मामले में जिस ट्रक चालक को फरार बताया जा रहा है वह पुलिस के संपर्क में है। करीम अहमद एवं अन्य दो व्यक्तियों के साथ पुलिस की चोकावाड़ा के पास एक मकान में गुपचुप वार्ता होने की खबर है। मगर वार्ता असफल हो गई। वहीं राजधानी का लोहा कारोबारी मामले को रफादफा कराने के लिए लगातार पुलिस के संपर्क में है।

गेट पर ही रोका था वाहन चालक को

खबर है कि उक्त ट्रक चालक को प्लांट के मेन गेट पर ही यह कहकर रोक दिया गया था कि बाहर के चालक को प्लांट में प्रवेश वर्जित है। उसे मुख्य द्वार पर ही उतार दिया गया और प्लांट का ड्राईवर वाहन को लोडिंग साईट तक ले गया। अब यह प्रश्र उठने लगा है कि प्लांट के अंदर वह कौन चालक था जो मुख्य गेट से ट्रक को अंदर की ओर ले गया और नंबर प्लेट बदल दिया। इसका राज सीसीटीवी फुटेज से ही खुल सकता है, जिसकी पड़ताल अब तक नहीं की गई है। इधर पुलिस चामुंडा ट्रांसपोर्ट रायपुर के संचालक का बयान दर्ज कर चुकी है। उसने रायपुर के लोहा कारोबारी के लिए विगत 3 माह से लोहा परिवहन करने की बात स्वीकार की है।

पार हो चुका करोड़ों का लोहा

सूत्रों से जानकारी मिली है कि तीन माह के भीतर एक ही नंबर प्लेट का उपयोग कर एक ही पर्ची एवं बिल्टी के जरिए उसी वाहन नंबर से कई ट्रक कच्चा लोहा पर किया जा चुका है। ऐसी जानकारी है कि प्लांट के कर्मचारी एवं लोहा कारोबारी शासन को करोड़ों की चपत लगा चुके हैं। इसके परिणाम स्वरूप शुरूआती दौर में ही नगरनार स्टील प्लांट के घाटे में चले जाने की खबर है। इसे लेकर प्रबंधन भी चुप्पी साधे हुए है।

विधायक किरण देव आए सामने

लोहा चोरी के मामले को लेकर अब विधायक किरण देव सिंह और झाड़ेश्वर परिवहन समिति के के लोग भी सामने आ गए हैं। समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने एनएमडीसी के अधिकारियों के संरक्षण में लोहा चोरी का आरोप लगाया है। समिति ने प्लांट प्रबंधन पर लोहा कारोबारी से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए मामले की एसआईटी जांच की मांग की है। सप्ताह भर में दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दीगई है। इधर जगदलपुर के नव निर्वाचित विधायक किरण देव ने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट से लोहा चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी दोषी होंगे, जिनकी भी संलिप्तता होगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नही जाएगा।

छ्ग को आदिवासी सीएम मिलने से खुश हैं अरविंद नेताम

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  • आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री ने केंद्रीय नेतृव को सराहा
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा को दी बधाई

जगदलपुर राज्य को आदिवासी समुदाय का मुख्यमंत्री मिलने से छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नेताम बहुत ही खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई दी है। नेताम ने खास तौर पर देश के केंद्रीय नेतृत्व को बधाई देते हुए कहा है कि जनजाति क्षेत्र से मुख्यमंत्री चुने जाने से वह आदिवासी इलाके की चुनौतियों, परिस्थितियों और मनोभाव को समझेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री साय जनजाति समाजों से बातचीत कर आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति देंगे।

एक बयान में नेताम ने कहा कि जनजाति समाज से द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना और छत्तीसगढ़ में जनजाति समाज से विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना समाज के लिए बड़े गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जनजाति वर्ग के लोग कहते कम हैं और करते अधिक हैं। इसी तरह नए मुख्यमंत्री साय भी काम करेंगे। वे जनजाति समाज से होने के कारण समाज के मनोभावों को समझेंगे। नेताम ने बताया कि उन्हें छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह का आमंत्रण मिला है, जिसमें वे जरूर शामिल होंगे। नेताम ने कहा कि आदिवासी इलाके के विकास के लिए उन इलाकों को अन्य क्षेत्रों से अलग देखना आवश्यक है। सामान्य तौर पर विकास को औद्योगीकीकरण से मापा जाता है। अवधारणा है कि औद्योगीकीकरण होगा, तो विकास होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगीकीकरण आवश्यक है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों का विनाश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजाति समाज की भावना को गहराई से समझेंगे और उनसे बातचीत कर आदिवासी क्षेत्रों के लिए विकास की नई राह गढे़ंगे। नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले सालों में जनजाति समाज के विकास को लेकर उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। सरकार और जनजाति समाज के बीच संवादहीनता रही है।  विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने से उम्मीद है कि यह संवादहीनता खत्म होगी।

लंबे समय से फरार लुट के 02 आरोपियों को डौण्डी पुलिस के द्वारा लुट के समान के साथ किया गिरफ्तार

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डौण्डी पुलिस अधीक्षक जिला बालोद डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव से फरार आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी करने का आदेश प्राप्त हुआ था थाना डौण्डी के अपराध कमांक 67 / 2022 धारा 341, 392, 506 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट के फरार आरोपीगण 01. अमन खान उर्फ अमन रक्सेल पिता मजनु अहमद खान उम्र 20 साल साकिन कातुलबोड़ शिव मंदिर के पास नेपाली मोहल्ला चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला जिला दुर्ग एवं 02. आरोपी नवीन सोनी उर्फ आशु सोनी उर्फ नेपाली पिता कार्तिक सोनी उम्र 19 साल निवासी खुर्सीपार वार्ड क. 48 एकता नगर थाना खुर्सीपार जिला दुर्ग का पतासाजी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला बालोद सुशील कुमार नायक एवं नगर पुलिस अधीक्षक दल्लीराजहरा राजेश बांगड़े के मार्गदर्शन में तकनीकी साक्ष्य से लगातार पतासाजी की जा रही थी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पता चला कि उक्त दोनों फरार आरोपीगण अपने अपने सकुनत भिलाई कुर्सीपार में है तत्काल मौके टीम गठित का गिरफ्तारी हेतु रवाना किया गया ।

आरोपीगणों को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर अपराध करना स्वीकर करते हुए बताये कि दिनांक 24.05.22 के रात्रि करीब 11:00-12:00 के मध्य रात्रि करीबन आरोपीगण अपने दोस्तो (01 ) सुरज पासवान पिता स्व. रामबसावन उम्र 21 साल साकिन पुराना बाजार राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद (02) अरसद अली पिता कुरबान अली उम्र 21 साल साकिन राजाबाड़ा मंच वार्ड पुराना बाजार राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद के साथ मिलकर प्रार्थी व राहगीरों के पास रखे 05 नग मोबाईल किमती 34,000 रू. एवं नगदी रकम 1500 रू. को चाकु दिखाकर, लुटकर ले गये थे। आरोपियों द्वारा राहगीरों से लुटे हुए 02 नग मोबाईल को आरोपी 01 अमन खान उर्फ अमन रक्सेल 02. नवीन सोनी उर्फ आशु सोनी उर्फ नेपाली से बरामद किया गया है एवं आरोपीगणों को दिनांक 11.12.23 को गिर० कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया है। पूर्व में 02 आरोपीगण सुरज पासवान और अरसद अली की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रकरण को सुलझाने में निरीक्षक सुनील तिर्की, उपनिरीक्षक धनेश्वर साहू, आर. 318 खिलावन, आर. 231 रवि निर्मलकर का विशेष योगदान रहा है।

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में प्रसूता से अमानवीय बर्ताव

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  •  सिजेरियन के बाद वार्ड में शिफ्ट करते समय कर्मियों ने दिखाई संवेदनहीनता
  • ऑपरेशन से हुई डिलवरी, दर्द से तड़पती रही महिला

जगदलपुर डिमरापाल स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में में एक प्रसूता महिला के साथ अमानवीय बर्ताव किए जाने की घटना सामने आई है। ऑपरेशन से डिलवरी कराने के बाद दर्द से तड़पती महिला को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान स्टाफ नर्स और वार्ड आया ने गंभीर लापरवाही बरती। पीड़ा से बेहाल महिला को बेड उपलब्ध कराने के बजाय घंटों व्हील चेयर पर बिठाए रखा गया।

बीते 8 दिसंबर को बस्तर जिले के अति संवेदनशील क्षेत्र कोलेंग निवासी सीतावती नाग को डिलवरी हेतु मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। उसका जटिल ऑपरेशन के बाद प्रसव हुआ। महिला को दूसरे दिन लेबर वार्ड से प्रसूति वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान परिजनों से ही कह दिया गया कि मरीज को बेड से उठाकर व्हील चेयर पर बिठाओ। मौजूद कर्मियों ने महिला को स्ट्रेचर से ले जाने की जरूरत नहीं समझी। जबकि उस समय महिला की स्थिति काफी नाजुक थी और दर्द से कराह भी रही थी। परिजनों के आपत्ति करने पर नर्स और आया उनसे बदसलूकी पर उतर आए। जब दूसरे वार्ड में प्रसूता महिला को पहुंचाय गया, तो वहां कोई स्टाफ नर्स उपलब्ध नहीं थी। वार्ड आया मरीज को उसी हालात में व्हील चेयर पर छोड़कर मरीज़ के परिजनों से यह कहते हुए चलती बनी कि तुम लोग बेड पर अपनी चादर बिछाओ और मरीज को उठाकर खुद ही बेड पर रखो, यहां चादर नहीं मिलेगी। इस प्रकार लगभग 10 मिनट तक डिलवरी मरीज व्हील चैयर में दर्द से परेशान होती बैठी रही। पीड़िता के परिजनों ने स्टाफ नर्स के वार्ड में नहीं होने से हताश होकर मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के डीन को भेज दी। इसी बीच पहुंची स्टाफ नर्स परिजनों को डांटते हुए कहने लगी कि इस वक्त रात 8 बजे मरीज को तुम लोग वार्ड में लाओगे, तो कोई नहीं देखेगा। जब मामला डीन तक पहुंचा तो स्टॉफ नर्स एक दूसरे पर दोषारोपण करने लगीं। ड्यूटी पर तैनात नर्स, आया, वार्डबॉय में तालमेल का अभाव भी देखा गया। वार्ड में तैनात नर्स ने 10 दिसंबर को सुबह 7 बजे ट्रीटमेंट के दौरान महिला के परिजनों से दुर्व्यवहार करते हुए कहा कि तुम लोग वीडियो बनाकर शिकायत करते हो, अभी दवाई दे रही हूं, फिर से वीडियो बनाकर भेजो।

दूसरे राज्यों से भी जुड़े हैं स्टील प्लांट से लोहा चोरी के तार

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  •  पुलिस ने दर्ज किए पांच कर्मचारियों के बयान
  • ट्रक ड्राईवरों की तलाश चल रही है अनेक प्रदेशों में

अर्जुन झा

जगदलपुर नगरनार स्टील प्लांट से लोहा चोरी के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की खबर है। प्लांट के कुछ अधिकारी -कर्मचारियों, सीआईएसएफ जवानों और ठेकेदारों की संलिप्तता पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस ने प्लांट प्रबंधन से लोहा निकासी के दस्तावेज मंगाए हैं। फरार ट्रक ड्राईवरों की तलाश के लिए कुछ प्रदेशों में बस्तर जिला पुलिस की टीमें भेजी गई हैं।

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के नगरनार स्टील प्लांट से बीते दिनों हुई लगभग 25 लाख रु. मूल्य के पिग आयरन चोरी के मामले में फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। खबर है कि प्लांट की लोडिंग साईट के सुपरवाईजर सहित वहां ड्यूटी करने वाले 5 कर्मचारियों के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। अब तक इस मामले में पुलिस को कोई खास सफलता नहीं मिली है। खबर है कि ट्रक चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दीगर राज्य रवाना की गई है। वाहन चालक के पकड़े जाने के बाद ही रहस्य से पर्दा उठ सकता है। विशेष सूत्रों से जानकारी मिली है कि एनएमडीसी के कुछ कर्मचारी लोहा माफिया से सांठगांठ कर लोहा चोरी को अंजाम दिलाते आ रहे थे। गिरोह के जरिए विगत दो माह से कच्चा लोहा चोरी का कारोबार चल रहा है। इससे सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ज्ञात हो कि नगरनार स्टील प्लांट से 8 दिसंबर को एक ही नंबर सीजी 04 एमके 9383 के दो ट्रकों को पिग आयरन की निकासी करते पकड़ कर सीआईएसएफ ने नगरनार पुलिस के हवाले किया था। दोनों टूक अभी पुलिस की अभिरक्षा में हैं और मामले की जांच नगरनार पुलिस कर रही है। पुलिस प्लांट के दस्तावेजों को भी खंगालने में भी जुटी है। प्लांट के कई कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है।

धोखाधड़ी का मामला दर्ज

स्टील प्लांट के शुरू होने के कुछ दिन बाद से ही लोहा माफिया सक्रिय हो गए थे। चर्चा है कि छत्तीसगढ़, ओड़िशा, प. बंगाल और महाराष्ट्र के लोहा कारोबारियों से प्लांट के एक अधिकारी के अच्छे संबंध हैं। प्लांट के कर्मचारियों की मदद से लोहा माफिया कच्चे लोहे की चोरी को अंजाम देने लगे थे। इसमें सीआईएसएफ के जवानों के भी लिप्त होने की चर्चा है। खबर है कि अब तक कई ट्रक पिग आयरन पार किया जा चुका है। इससे नगरनार स्टील प्लांट को अब तक करोड़ों का चूना लगाया जा चुका है। नगरनार थाने से मिली जानकारी के अनुसार पिग आयरन लदे दोनों ट्रक अभी पुलिस अभिरक्षा में हैं। मामले में धारा 420, 468, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। ट्रक चालकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें कुछ राज्यों की ओर कूच कर चुकी हैं। चालकों की गिरफ्तारी से मामले का राजफाश हो जाएगा।

वर्सन

मंगाए गए हैं दस्तावेज

नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पिग आयरन चोरी मामले में लोडिंग साईट के सुपरवाईजर सहित 5 कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। प्लांट के अधिकारियों से दस्तावेजों की मांग की गई है। दस्तावेजों की भी पड़ताल होगी।

विकास कुमार, सीएसपी, जगदलपुर

परीक्षा दे रहे बच्चों पर गिरा स्कूल की छत का प्लास्टर

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  • मिडिल स्कूल के 6 विद्यार्थी हुए मामूली रूप से घायल

कोंडागांव मिडिल स्कूल बनियागांव में परीक्षा देते बैठे बच्चों पर भवन की छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर पड़ा। हादसे में कई बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। घायल बच्चों को उपचार के लिए प्राचार्य ने अपने वाहन से तत्काल जिला चिकित्सालय भेजा।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनियागांव की प्राचार्य ज्योति एक्का के मुताबिक विद्यालय में अर्ध वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा के दौरान कक्षा छठवीं, सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों को भवन के एक कमरे में बिठाया गया था। इसी बीच दोपहर करीब 1 बजे उसी कमरे की छत का प्लास्टर उखड़कर बच्चों पर आ गिरा। इससे 6 बच्चों को मामूली चोट आई है। उन्हें प्राचार्य की कार से कोंडागांव अस्पताल भेजकर उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। सभी बच्चे स्वस्थ हैं। विद्यालय में कक्षा छठवीं से आठवीं तक कुल 182 बच्चे अध्यनरत हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस शाला भवन का निर्माण सन 2000 में हुआ था। इन 23 वर्षों में भवन की हालत खस्ता हो गई है। छत काफी कमजोर हो चली है। छत और दीवारों से सीपेज की समस्या बनी रहती है। आएदिन छत के किसी न किसी हिस्से का प्लास्टर गिरते रहता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि शाला भवन में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मिडिल और हायर सेकंडरी स्कूल के लिए नए भवन बनवाने की मांग की है।

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