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इस बार बस्तर संभाग को मिल सकते हैं पांच केबिनेट मंत्री

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  •  केदार कश्यप, लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी, किरण देव और नीलकंठ टेकाम हैं शुमार

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के नए मंत्रिमंडल में बस्तर संभाग के पांच विधायकों को जगह मिल सकती है। इनमें तीन तो पहले भी मंत्री रह चुके हैं और एक रिटायर्ड आईएएस हैं। वहीं एक अन्य विधायक बस्तर संभाग की इकलौती सामान्य सीट से विधायक चुनकर आए हैं। इन पांचों को उनके अनुभवों और योग्यता के आधार पर मंत्री बनाया जा सकता है। इन्हें मंत्री पद दिलाने में भाजपा के बस्तर संभाग प्रभारी संतोष पाण्डेय की बड़ी भूमिका हो सकती है।

बस्तर संभाग में कुल जमा बारह विधानसभा सीटें हैं। ये सीटें हैं – जगदलपुर, बस्तर, चित्रकोट, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, कोंडागांव और केशकाल। इनमें से सिर्फ जगदलपुर सीट ही सामान्य है तथा शेष 11 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।भाजपा उम्मीदवार क्रमशः जगदलपुर से किरण देव, चित्रकोट से विनायक गोयल, दंतेवाड़ा से चैतराम अटामी, नारायणपुर से केदार कश्यप, अंतागढ़ से विक्रम उसेंडी, कोंडागांव से लता उसेंडी, केशकाल से नीलकंठ टेकाम चुने गए हैं। केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी और लता उसेंडी पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों में केबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्हें विभिन्न विभागों के कार्य संचालन का अच्छा तजुर्बा है। इस चुनाव में इन तीनों ने कांग्रेस उम्मीदवारों को बड़ी मार्जिन से हराया है। इसलिए भी मंत्री पद पाना इनका हक बनता है। डॉ. रमनसिंह सरकार में शिक्षा मंत्री रहे केदार कश्यप के कामकाज ने उन्हें छत्तीसगढ़ में अलग पहचान दिलाई थी। वहीं लता उसेंडी भी शुरू से भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहती आई हैं। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा। रमन सरकार में बतौर केबिनेट मंत्री लता उसेंडी की प्रशासनिक पकड़ की चर्चा तो आज भी होती है। वहीं सहज और सरल व्यवहार के धनी विक्रम उसेंडी भाजपा की पुरानी पीढ़ी के नेता माने जाते हैं। उन्हें भी मंत्री पद सम्हालने का मौका पहले मिल चुका है। वहीं नीलकंठ टेकाम उच्च शिक्षित हैं। वे आईएएस रह चुके हैं। उनके पास प्रशासन चलाने का अच्छा खासा अनुभव है। इसलिए टेकाम के मंत्री बनने के चंसेस हैंl

इसलिए बनता है किरण का हक

जगदलपुर के विधायक किरण देव समूचे बस्तर संभाग में एकमात्र सामान्य वर्ग के विधायक हैं। इस नाते उन्हें मंत्री पद दिए जाने की चर्चा और चाहत आम मतदाताओं में है। लोगों का कहना है कि बस्तर संभाग में निवासरत सामान्य वर्ग के नागरिकों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए भाजपा नेतृत्व किरण देव को जरूर मंत्री पद से नवाजेगा। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि किरण देव ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम रहे टीएस सिंहदेव के पसंदीदा कैंडिडेट को हराया है। इसलिए भी उन्हें मंत्री पद मिलना ही चाहिए। यहां इस बात का उल्लेख करना भी जरूरी है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने शासन काल के दौरान 2018 में जगदलपुर से विधायक चुने गए रेखचंद जैन को संसदीय सचिव बनाया था। श्री जैन को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। ये सभी परिस्थितियां भी किरण देव को मंत्री पद के योग्य ठहराती हैं।

एक साधै, सबहिं सधै

छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुरू से एक किवदंती चली आ रही है कि जिस भी राजनैतिक दल ने बस्तर और सरगुजा संभाग को साध लिया, उसने पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को साध लिया। ये दोनों आदिवासी बहुल संभाग हैं।बस्तर और सरगुजा से उठने वाला संदेश राजनांदगांव, मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी, कवर्धा और रायगढ़, जशपुर तक के आदिवासियों को प्रभावित करता है। इस दृष्टि से भाजपा बस्तर संभाग के अपने आदिवासी विधायकों को मंत्री पद देकर पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के दिलों में राज कर सकती है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने बस्तर को भरपूर महत्व दिया था। बस्तर से दो केबिनेट मंत्री बने थे, निगम, मंडलों व प्राधिकरणों में यहां के नेताओं को पर्याप्त जगह दी गई थी। लेकिन इनमें से कुछ ने बीते चुनाव में पार्टी की पीठ ओर खंजर घोंपने का काम किया। इस वजह से पार्टी प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।

“हमर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति ” के सदस्यों ने की आर्थिक मदद

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दल्लीराजहरा के एक निस्वार्थ सेवा संस्था के द्वारा फिर से लोगों को सहयोग मांग कर एक निर्धन और बीमार महिला की मदद की है l श्रीमती मीराबाई वार्ड नंबर 2 गणेश चौक शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला पंडर दल्ली (अनसुईया स्कूल ) के पीछे रहती है l वह अस्वस्थ होने के कारण पिछ्ले दो माह से पुष्पा हॉस्पिटल दल्ली राजहरा में भर्ती थी l डॉक्टर ने बताया कि उन्हें चेस्ट एवं स्कीन इन्फेक्शन की शिकायत है l उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और वह शारीरिक रूप से कमजोर है l उनके परिवार में मात्र दो सदस्य हैं उनकी बूढ़ी मां और वह स्वयं l दोनों की उम्र 60 और 80 के लगभग होगी l दोनों काम करने के लिए शारीरिक रूप से असमर्थ है l इलाज का खर्च पुष्पा हॉस्पिटल एवं मेरी मैडम के द्वारा उठाया गया था l लेकिन अन्य घरेलु खर्च के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी l जिसके मदद के लिए उन्होंने हमर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति से संपर्क किया l समिति के सदस्यों ने उनकी मदद के लिए हामी भरी और दानदाताओं से ” “हमर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति ” के माध्यम से ₹8000 सहयोग राशि प्राप्त कर श्रीमती मीराबाई और उनके माँ को सौंपा गया l मीराबाई पूर्व में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला पंडर दल्ली के स्कूल में सफाई का काम करती थी l स्कूल के स्टाफ के द्वारा उन्हें मदद के लिए आर्थिक सहायता भी दिया गया l कपड़ा व्यापारी जैन ट्रेडिंग कंपनी की ओर से उन्हें अच्छे क्वालिटी का कंबल सहयोग स्वरूप दिया गया l

श्रीमती मीराबाई ने कहा कि आप लोगों का सहयोग मैं जीवन भर भूल नहीं पाऊंगी l तबीयत खराब उम्र दराज होने और शारीरिक क्षीणता के कारण मैं और माँ दोनों काम करने में असमर्थ हैं l आप लोगों के द्वारा दी गई राशि से हमें बहुत मदद मिलेगी l आप लोगों का संस्था हमेशा आगे बढ़ता रहे और हमेशा आप लोग निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते रहो l

इस अवसर पर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति के सभी सदस्य जीवनलाल साहू भोज राम साहू शिव प्रसाद साहू सुश्री ममता नेताम बचित्तर सिंह संधू मिलाप कुर्रे विकास गजभिए रोहित साहू उपस्थित थे l

बड़े – बड़े महारथी क्लीन बोल्ड, लखमा ने मार दिया सिक्सर

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  • दीपक बैज, मोहन मरकाम, संतराम नेताम टिक नहीं पाए बस्तर की पथरीली पिच पर
  • एक कलेक्टर और दो पूर्व मंत्रियों ने हासिल की फतह

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर की पथरीली पिच पर कांग्रेस के कई धुरंधर खिलाड़ी जहां क्लीन बोल्ड हो गए, वहीं अपनी चुटीली बातों की फिरकी चलाकर लोगों का दिल जीतने में महारत प्राप्त कवासी लखमा ने जीत का छक्का लगा दिया और एक नया इतिहास रच दिया है। कांग्रेस के दिग्गज खिलाडियों को रन आउट कराने में उनकी अपनी ही टीम के लोगों का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे विभीषणों को इन्हीं दिग्गज नेताओं ने राजनीति का ककहरा सिखाया था। शायद इन नेताओं को इस बात का इल्म नहीं था कि आगे चलकर यही आस्तीन के सांप उन्हें डस लेंगे। इधर बस्तर संभाग से दो पूर्व मंत्री लता उसेंडी और केदार कश्यप तथा एक आईएएस नीलकंठ टेकाम भाजपा से जीत दर्ज कराने वालों में शुमार हैं।

बस्तर संभाग की अधिकतर विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम बेहद चौकाने वाले रहे हैं। जिन सीटों पर प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी मुकाबले में कहीं नजर ही नहीं आ रहे थे, वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। सबसे ज्यादा चौंकाया है चित्रकोट विधानसभा सीट के नतीजे ने। शुरू से कहा जा रहा था कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रत्याशी दीपक बैज यह सीट बड़ी ही आसानी से निकाल लेंगे। मगर जब नतीजा आया, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। किसी को भी यह बात हजम नहीं हो रही थी कि कांग्रेस हार चुकी है। वहीं राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता के चक्रव्यूह को भेदकर कवासी लखमा जीत का सिक्सर लगाने में कामयाब रहे। चाणक्य अपने ही नेताओं को समझने में भूल कर बैठे और उनकी रणनीति फेल रही।चाणक्य ने जिस भाजपा नेताओं पर आंख मूंदकर भरोसा किया था, उन्हीं में से जिला स्तर के कुछ नेताओं ने कमल का गुणगान करते हुए साथ दिया हाथ का। जिसका खामियाजा कोंटा विधानसभा क्षेत्र में 6वीं बार भाजपा को भुगतना पड़ा। प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने सुकमा में बैठक लेकर जिम्मेदार पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। प्रदेश प्रभारी की फटकार भी काम नहीं आई।चित्रकोट विधानसभा सीट पर भी पीसीसी चीफ के लिए निगम मंडल के दिग्गज नेताओं ने गड्ढा खोद रखा था। इसका खामियाजा दीपक बैज को भुगतना पड़ा। श्री बैज ने भितरघात करने वालों की शिकायत प्रदेश हाईकमान से की थी।

मांझी ने डुबाई भाजपा की नैया

कई चुनावों में भाजपा को जीत दिला चुके वरिष्ठ नेता, जिसे चाणक्य के नाम से भी पार्टी में जाना जाता है। ऐसे सुलझे हुए नेता को कोंटा विधानसभा सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चाणक्य ने कोंटा से पांच बार विधायक चुने जा चुके कवासी लखमा को फंसाने चक्रव्यूह तो बढ़िया तैयार कर लिया था, लेकिन जिला स्तर के कुछ नेता ही ऐसे मांझी साबित हुए, जिन्होंने भाजपा की नैया डुबा दी। इन्हीं भाजपा नेताओं द्वारा चक्रव्यूह भेदने का रास्ता दिखा दिए जाने के कारण कवासी लखमा छक्का लगाने में सफल हो गए और एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी सोयम मुका को पराजय का सामना करना पड़ा।

मुंह में राम, बगल में छुरी

कोंटा क्षेत्र में कमल नाम की माला जपने वालों ने हाथ को दिया साथ और खेल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के 3- 4 नेता तो गुणगान कमल का करते रहे लेकिन भीतर ही भीतर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर अपनों को दगा देने में उन्होंने कोई कसर बाकी नही छोड़ी। इसका खामियाजा भाजपा को भुगतान पड़ा। चाणक्य अपने इन तथाकथित सहयोगियों को पहचानने में चूक गए। जिन भाजपा नेताओं को चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदार सौंपी गई थी, उनमें से कुछ नेता कोंटा के निर्दलीय प्रत्याशी मनीष कुंजाम का समर्थन करने की अपील क्षेत्र के मतदाताओं से करते रहे। कोंटा क्षेत्र के संगठन में कसावट का अभाव भी भाजपा की हार का बड़ा कारण रहा।

अपनों के बुने जाल में फंस गए दीपक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व बस्तर के सांसद दीपक बैज को गैरों से ज्यादा अपनों ने ही नुकसान पहुंचाया है। खबर है कि निगम मंडल में काबिज कांग्रेस के ही कुछ जयचंद जैसे नेताओं ने चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में दीपक बैज को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। इन्हीं जयचंदों के इशारे पर भितरघात कराए जाने की खबर है। इसका फायदा भाजपा को मिला और कांग्रेस को यह सीट गंवानी पड़ गई। इन जयचंदों में शुमार एक मंत्री, पूर्व विधायक व निगम, मंडल तथा प्राधिकरण पर काबिज दो नेताओं और कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने दीपक बैज को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी। उनके खिलाफ शिकायत भी हाईकमान से दीपक बैज द्वारा की गई थी। हाईकमान ने बैज की शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। इसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ा है। सूत्र बताते हैं कि इन्हीं जयचंद नेताओं को दीपक बैज ने पहले राजनीति का क, ख, ग सिखाया और महत्वपूर्ण पद दिलाने में कभी मदद की थी। उन्हीं आस्तीन के सांपों ने दीपक बैज को डस लिया।

कोंडागांव में कांग्रेस के दोनों महारथियों की हुई हार

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  • 15 वर्ष के भाजपा शासन में उपेक्षित जनता ने 5 वर्ष में ही कांग्रेस सरकार को नकारा

कोंडागांव राजस्थान व मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी एकबार फिर से भाजपा की सरकार बन गई है। छत्तीसगढ़ की जनता ने कर्जमाफी को नकारते हुए मोदी की गारंटी पर पर भरोसा जताया और एकबार फिर से भाजपा को प्रदेश की सत्ता सौंप दी है। कोंडागांव जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं ने भी कमल फूल खिला दिया है।

जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कर्जमाफी और विकास का नारा देकर चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। कोंडागांव विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी एवं केशकाल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलकंठ टेकाम जीत हासिल करने में सफल रहे। इस तरह कोंडागांव जिले के दोनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का परचम लहराया उठा है। कोंडागांव विधानसभा सीट पर जहां पूर्व मंत्री और भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व प्रदेश सरकार में मंत्री मोहन मरकाम को मात दी है, वहीं केशकाल विधानसभा पर भाजपा के प्रत्याशी पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने कांग्रेस प्रत्याशी व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम को पराजित किया। भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी लता उसेंडी व कांग्रेस प्रत्याशी मोहन मरकाम के बीच हुए मुकाबले में 18572 मतों से भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी ने जीत हासिल की है। वहीं केशकाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी पूर्व आईएएस नीलकंठ टेकाम ने कांग्रेस प्रत्याशी संतराम नेताम को 5560 मतों से पराजित किया। कांग्रेस सरकार में पीसीसी चीफ व मंत्री रहे मोहन मरकाम एवं विधानसभा उपाध्यक्ष रहे संतराम नेताम को हराकर कोंडागांव एवं केशकाल विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का परचम लहराने वाले दोनों प्रत्याशियों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला और जमकर आतिशबाजी की।

बस्तर में 8.5 हजार से अधिक स्कूली बच्चों के बने जाति प्रमाण पत्र

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  • प्रमाण पत्र जारी करने के अभियान में बड़ी उपलब्धि

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर बस्तर जिले के स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने में बेहतर उपलब्धि हासिल हुई है। शैक्षणिक सत्र 2023- 24 में अब तक साढ़े 8 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। यही नहीं 17 से 24 नवंबर तक एक सप्ताह के दौरान ही करीब 411 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिले में स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय के लिए राजस्व, स्कूल शिक्षा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अभियान को सफलता पूर्वक चला रहे हैं। बस्तर ब्लॉक में सर्वाधिक 2217 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए इस वर्ष 8875 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके तहत 8875 फार्म भरवा कर जांच की गई और 8854 फॉर्म ऑनलाइन अपलोड कर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 8711 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए भी जा चुके हैं। बकावंड विकासखंड में 1390, बास्तानार में 1079, बस्तर में 2217, दरभा में 651, जगदलपुर में 922, लोहंडीगुड़ा में 1270 और तोकापाल विकासखंड में 1182 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। जिले में बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के अभियान के तहत स्कूल स्तर पर फार्म भराए जाते हैं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ सलंग्न कर तहसील कार्यालय में जमा किए जाते हैं। तहसील कार्यालय में फार्म को ऑनलाइन अपलोड कर जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रधान अध्यापक, पटवारी, पंचायत सचिव मिलकर कार्य को संपादित करते हैं और ब्लॉक स्तर पर तहसीलदार एवं खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। जिले में स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रगति की नियमित तौर पर समीक्षा के फलस्वरूप यह आशातीत उपलब्धि हासिल हुई है। यही वजह है कि विगत शैक्षणिक सत्र के दौरान भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए थे।

भाजपा कार्यालय में जीत का जश्न, कांग्रेस दफ्तर में मातम

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  • कांग्रेस कार्यालय में लटका ताला, भाजपा कार्यालय में रोज बंट रही मिठाई

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव परिणामों ने बड़े ही अप्रत्याशित रहे हैं। इन नतीजों ने राजनीति के प्रकांड पंडितों के होश उड़ाकर रख दिए हैं। वहीं भाजपा जश्न में डूबी हुई है, तो कांग्रेस दो दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं पाई है। भाजपा कार्यालय में दूसरे दिन भी मिठाई बंटती रही पटाखे छोड़े जाते रहे। वहीं कांग्रेस कार्यालय में ताला जड़ा रहा।

छत्तीसगढ़ समेत बस्तर संभाग में जीत का परचम लहराने के बाद संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित भाजपा कार्यालय में जश्न थमने का नाम नहीं ले रहा है। आतिशबाजी करने के साथ- साथ मिठाई बांटने का दौर आज दूसरे दिन भी चलता रहा। वहीं कांग्रेस कार्याल्य राजीव भवन में सन्नाटा छाया 3 दिसंबर दोपहर बाद से आज दूसरे दिन तक भी ताला लटका रहा। कांग्रेस के वो वरिष्ठ नेता जो चाय की चुस्की कांग्रेस दफ्तर में ही लिया करते थे, वो भी अज्ञात वास में चले गए हैं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस को इतनी करारी शिकस्त मिलेगी। राजनीति के तमाम प्रकांड पंडितों का यही अनुमान था कि इस बार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 2018 वाली अपनी ही जीत के रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए देश की राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी। तमाम सर्वे एजेंसियों का पूर्वनुमान भी कुछ इसी तरह के संकेत दे रहे थे। देश के सभी लोकप्रिय टीवी चैनलों में एग्जिट पोल्स का प्रसारण होने के बाद भाजपाई हताशा और निराशा के गर्त में जा चुके थे। वहीं कांग्रेसी खेमे में उल्लास बिखर पड़ा था। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खुशी से फुले नहीं समा रहे थे। जीत का जश्न मनाने के लिए सारी तैयारियां कांग्रेस नेताओं ने एक दिन पहले ही कर ली थी। तीन तारीख को दोपहर 12 बजे तक दोनों खेमों में यही आलम बना रहा। मगर जैसे जैसे रुझान आते गए, बयार उलटी बहने लगी। भाजपा के जो नेता और कार्यकर्ता घरों में दुबक से गए थे, वे अचानक निकल आए। जगदलपुर समेत तमाम गांव, कस्बों और शहरों में कमल की मुस्कान बिखरने लगी और कांग्रेसी खेमे में मातम पसरने लगा। जैसे जैसे धूप ढलती गई, भाजपाई जोश से लबरेज होते चले गए और कांग्रेसी कोमा की स्थिति में पहुंचने लगे। कांग्रेस नेता अपने पार्टी दफ्तर में ताला जड़कर चंपत हो गए। वहीं भाजपा कार्यालय गुलजार होता चला गया। कांग्रेस के लोगों को हार का सदमा ऐसा लगा कि दूसरे दिन भी दोपहर तक कांग्रेस भवन में ताला लटका रहा। भाजपा कार्यालय में दूसरे दिन भी बंटती रही मिठाईयां।

बस्तर ने भर दी भाजपा की झोली

कांग्रेस के तमाम दावे, वादे और पूर्वानुमान को झुठलाते हुए बस्तरवासियों ने भाजपा की खाली झोली में वोटों की बरसात कर दी। मोदी और शाह की आंधी में कांग्रेस उड़ गई। बस्तर जिले में शहर से लेकर गांव तक जश्न का माहौल है, तो वहीं जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक जीतकर आए हैं, वहां भी मातम छाया हुआ है। उन क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों की हार के बाद भी वहां के कार्यकर्ता अपनी जीत मानते हुए जश्न मना रहे हैं।संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित कांग्रेस दफ्तर में नतीजे आने के दूसरे दिन भी दोपहर तक ताला लटका रहा।परिणाम के पूर्व शहर के चौक- चौराहों से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक में चाय की चुस्की के साथ कांग्रेस के नेता अपनी जीत का दावा करते फिर रहे थे। मोदी और शाह की लहर के बाद कांग्रेसी नेता शहर के चौक चौराहों से गायब ही हो गए हैं। निगम, मंडलों में काबिज कांग्रेस के जो नेता अपने दम पर कांग्रेस को जीत दिलाने का दम भरते फिरते थे, वे भी अंडरग्राऊंड हो चुके हैं। यहां भाजपा के नेताओं को एक नसीहत या सलाह दी जा सकती है कि वे जनादेश को अपनी निजी उपलब्धि मान न बैठें, वरना 5 साल बाद बस्तर के मतदाता औकात बताने में पीछे नहीं रहेंगे। इसलिए जनादेश का सम्मान करते हुए जनापेक्षा की पूर्ति में ध्यान लगाएं।

बिखरते परिवारों वाले परिवेश में वृद्धाश्रम हैं वरदान

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  •  अहिसास इंदौर शाखा की काव्यगोष्ठी में छलका दर्द

*दल्लीराजहरा वर्तमान की ज्वलंत समस्या वृद्धाश्रम पर सभी 45 कलमकारों ने अपने अनुभवों से ओतप्रोत स्वरचित रचनाओं से नई पीढ़ी की सोच को उजागर कर रख दिया। अहिसास संस्था की 74वीं काव्यगोष्ठी में बुजुर्ग माता – पिताओं के दर्द को कवियों और कलमवीरों ने बखूबी बयां किया।

दो भागों में विभाजित होकर रह गया,भारतीय पुरानी संस्कृति के अनुरूप वृद्धाश्रम अभिशाप भी, मां बाप की छाया वट वृक्ष की तरह होती है, कोई भी संकट या समस्या परिवार को छू भी नहीं सकती, मां बाप के आशीर्वाद को ईश्वर भी टाल नहीं सकता, इतनी ताकत होती है, पर वर्तमान पीढ़ी इसका अहसास करे तब न। मानवीय संवेदना से जुड़ी इस समस्या का दूसरा पक्ष आज की पढ़ी लिखी संताने पति पत्नी दोनों नौकरी करते हो मां,बाप से दूर रहते हो, विदेशों में उनके मन में मां बाप से बढ़कर पैसा है, उनकी तनख्वाह बेशुमार होती है, उनके पास माता पिता के लिए समय नहीं रहता। पैसा भेज और माता पिता को वृद्धाश्रम में रखकर वे निश्चिंत हो जाते हैं। संस्था के अध्यक्ष डॉ. बनवारी जाजोदिया ने इस सच्चाई को यथार्थ के धरातल पर रखा। इस समस्या को और व्यवहारिक तरीके से रखने के लिए मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र से आमंत्रित डॉ. जय भगवान सिंगला ने नजदीक से बुजुर्गो की इस गंभीर समस्या का अध्ययन कर सर्व सुविधा युक्त “प्रेरणा वृद्धाश्रम, सलारपुर रोड, कुरुक्षेत्र में स्थापित कर समाज को आईना दिखाने का अद्भुत कार्य किया है। डॉ. सिंगला के अनुसार सभी रहवासी वृद्ध खुशी से और चिंतामुक्त जीवन आनंद से जीते हैं।खुद भी मस्त रहते हैं और बच्चों को भी व्यस्त रहने देते हैं। बच्चे अपना जीवन सुखमय बिताएं, हम अपना जीवन अपनी मर्जी से जीएं।कुल मिलाकर वर्तमान परिवेश में जहां एक बेटा एक बेटी होती है। बेटी सुसराल के बंधन और बेटा बहु के बंधन में।इसलिए शेष और सुखी अंत के लिए वृद्धाश्रम वरदान ही साबित होंगे। यह भविष्य की ज्वलंत आवश्यकता भी है।इस ज्वलंत समस्या पर 45 साहित्यकारों ने बेबाक राय रखी। इनमें नीति, रानी नारंग, शोभा रानी, मीना अग्रवाल, संतोष तोषनीवाल, शेष नारायण चौहान बैंगलोर, राजकुमार हांडा, स्नेह नीमा, शिशिर देसाई सनावद, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल मधुबनी, डेजी कौशिक गुरुग्राम, अंजुल कंसल, डॉ. अजीत कुमार आगरा, जयप्रकाश अग्रवाल काठमांडू, निर्मल सिंगला, आशा जाखड़, डॉ. राज गोस्वामी, मनीराम शर्मा, पूर्णचंद्र शर्मा, डॉ. अरविंद श्रीवास्तव सभी दतिया, दिनेंद्र दास बालोद, भानुप्रताप, अशोक द्विवेदी, रशीद अहमद शेख, डॉ. बनवारी जाजोदिया, सोनल शर्मा सीकर, डॉ. शिरोमणि माथुर दल्ली राजहरा, मोहन त्रिपाठी गुजरात, डॉ. विजय लक्ष्मी आगरा, डॉ. रामस्वरूप साहू मुंबई, महेंद्र शर्मा, डॉ. बिनोद हंसोड़ा दरभंगा, अनिल वर्मा अलीगढ़, डॉ. नूतन जैन आगरा और ललित सिंह ठाकुर,भाटापारा शामिल हैं। मंच संचालन शोभारानी तिवारी और राजकुमार हांडा ने किया। सरस्वती वंदना आशा ने प्रस्तुत किया। सम्मान पत्र का वाचन अशोक द्विवेदी ने किया। अतिथि परिचय और आभार प्रदर्शन राजकुमार हांडा ने किया। राष्ट्रगान से इस सफलतम कार्यक्रम का समापन हुआ।

जनसेवा में कोई कसर बाकी नहीं रखूंगा : लखेश्वर बघेल

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  • अपने विधायक को बधाई देने निवास में उमड़ रहे लोग
  • गृहग्राम गिरोला में हर दर पर हुआ आत्मीय स्वागत

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र बस्तर से पुनः निर्वाचित विधायक लखेश्वर बघेल को बधाई देने के लिए उनके जगदलपुर स्थित निवास में ग्रामीणों और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला अनवरत जारी है। सोमवार को भी सैकड़ों लोग लखेश्वर बघेल को बधाई एवं शुभकामनाएं देने पहुंचे थे।

लखेश्वर बघेल के पुनः चुनाव जीतने के बाद से उनके निवास स्थल पर पहुंचकर उन्हें बधाई देने वालों का तांता रोज देर तक लगा रहता है। बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बकावंड एवं बस्तर विकासखंडों के ग्रामीण, महिलाएं, माता बहनें, समाज प्रमुख, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता बधाई देने नित्य पहुंच रहे हैं। सोमवार को बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने अपने गृहग्राम गिरोला पहुंचकर ग्राम देवी माता हिंगलजिन की पूजा अर्चना की। उन्होंने हिंगलाजिन माता से क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि की कामना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि एकबार फिर मुझे बस्तर क्षेत्र के मतदाताओं ने आशीर्वाद देकर सेवा का अवसर दिया है। इसके लिए मैं समस्त क्षेत्रवासियों को सादर प्रणाम करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। बघेल ने कहा कि यह जीत मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि बस्तर विधानसभा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं की मेहनत की विजय है। यह विजय मैं आप सभी को समर्पित करता हूं। आपके समर्थन और सहयोग के लिए आप सभी का हार्दिक आभार प्रकट करता हूं। लखेश्वर बघेल ने कहा कि आप सबके सहयोग से बस्तर क्षेत्र के विकास की गति लगातार जारी रहेगी। आप लोगों की सेवा पूर्ववत समर्पित भाव से करता रहूंगा। गृहग्राम गिरोला में जगह- जगह युवाओं, समाज प्रमुखों, माता बहनों एवं बुजुर्गों ने लखेश्वर बघेल का स्वागत किया और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान गणेश बघेल, जगमोहन बघेल, सुखदई बघेल, आशीष मिश्रा, गोपाल कश्यप, सोनाधर, मानसिंह कवासी, हेमराज बघेल, सत्येंद्र गागड़ा, दीपक पांडे, जितेंद्र तिवारी, तुलसी राम ठाकुर, जोगेंद्र, विमल बिसाई, गणेश, राजेश कुमार, पूरन कश्यप, मोना पाढ़ी, रूद्रप्रताप यादव, रामचंद्र नाग, लोकनाथ बघेल एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित थे।

केदार कश्यप के स्वागत में उमड़ पड़े ग्रामीण, फिर मन गई दिवाली

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  • बाईक रैली के साथ विधायक की अगुआनी की युवाओं ने
  • जगह – जगह महिलाओं ने उतारी केदार कश्यप की आरती

भानपुरी (जगदलपुर) पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने एकबार फिर नारायणपुर में इतिहास रच दिया है। यह विधानसभा सीट जीतकर केदार कश्यप ने साबित कर दिया है कि पांच साल के वनवास के बावजूद क्षेत्र की जनता का अटूट विश्वास उन उनके प्रति कायम है। जब कश्यप बस्तर जिले के भानपुरी के निकट स्थित करंदोला गांव पहुंचे, तो उनका स्वागत करने सिर्फ करंदोला गांव के ही लोग नहीं, बल्कि आसपास के तमाम गांवों के ग्रामीण भी उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। करंदोला भानपुरी गांव भाजपामय हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व अन्य वरिष्ठ नेताओं के जिंदाबाद के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। केदार कश्यप का ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया।

केदार कश्यप एवं उनके भाई दिनेश कश्यप बस्तर संभाग के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। दिनेश कश्यप बस्तर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। जबकि स्वयं केदार कश्यप डॉ. रमन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उन्हें भाजपा ने इस बार के विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग की नारायणपुर विधानसभा सीट से मैदान पर उतारा था। केदार कश्यप पर क्षेत्र के मतदाताओं का भरोसा बरकरार था। यही वजह है कि उन्होंने चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को करारी शिकस्त देते हुए भाजपा की खोई हुई सीट फिर से झटक ली। यह सीट जीतकर केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और संभाग प्रभारी संतोष पाण्डेय के भरोसे को कायम रखा। जीत के बाद जब केदार कश्यप भानपुरी अंचल में पहुंचे, तो जैसे अंचल में फिर से दिवाली मन गई। जोश, जज्बे और जबरदस्त उत्साह से भरे भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के नव निर्वाचित विधायक केदार कश्यप का भव्य स्वागत किया। पूरे गांव का माहौल भाजपामय हो गया था।नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र एवं प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की भव्य एवं ऐतिहासिक जीत के बाद केदार कश्यप के भानपुरी नगर आगमन पर करंदोला से सोनारपाल तक रोड शो एवं बाइक रैली कर आतिशबाजी एवं बाजे गाजे के साथ जीत का जश्न मनाया गया। आतिशबाजी ऐसी भव्य और आकर्षक कि दीपावली की भी आतिशबाजी फीकी सी जान पड़ रही थी। जगह जगह ग्रामीण महिलाओं ने आरती उतारकर केदार कश्यप का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी।

पार्टी की प्रतिष्ठा पर न आने दें आंच

इस दौरान नवनिर्वाचित विधायक केदार कश्यप ने भानपुरी मंडल के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता ने भाजपा पर फिर से भरोसा जताया है। हमें हर हाल में क्षेत्र के नागरिकों के इस भरोसे पर खरा उतरना है। हमें भूलकर भी ऐसी कोई भूल नहीं करनी है, जिससे कि नागरिकों की भावना आहत हो और भारतीय जनता पार्टी की हिमालय जैसी ऊंची प्रतिष्ठा पर आंच आंच आ पाए। हम सभी का अस्तित्व भाजपा से है, न कि हमसे भाजपा का। श्री कश्यप ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने समूचे विश्व में मां भारती का गौरव बढ़ाया है। जो विकसित देश भारत को तुच्छ समझते थे, आज वही देश भारत के साथ दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाने को आतुर हैं। हमारे स्व. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, लेकिन हर तरह की संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ को कांग्रेस की पिछली सरकार ने लूटने का काम किया। आदिवासियों को सिर्फ ठगा, किसानों को राजीव किसान न्याय योजना के नाम पर सिर्फ धोखा दिया। तेंदूपत्ता श्रमिकों से छल किया। बस्तर के आदिवासी, किसान, युवा, महिलाएं और तेंदूपत्ता श्रमिक इस बार कांग्रेस के झांसे में नहीं आए। उन्होंने मोदी जी की गारंटी पर भरोसा किया। हमें इन सभी का कर्ज उतारने का मौका मिला है और हम इस मौके को हरगिज जाया नहीं होने देंगे।

फिर मंत्री बनेंगे ‘नारायण’ के ‘केदार’

नारायणपुर, केदार कश्यप और दिनेश कश्यप इन तीनों नामों में कहीं न कहीं ईश्वर के तीन रूप समाहित हैं। नारायणपुर में भगवान नारायण, दिनेश कश्यप में सूर्य भगवान और केदार कश्यप में देवाधि देव महादेव का एक रूप केदार समाहित है। यह भले ही संयोग हो सकता है, मगर नारायणपुर क्षेत्र के लिए यह शुभ संकेत जरूर है। डॉ. रमनसिंह मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री रहे केदार कश्यप एक अनुभवी और सुलझे हुए राजनेता हैं। भाजपा की इस नई पारी में भी उन्हें अहम जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना है। इस बार के मंत्रिमंडल में केदार कश्यप को गृह, वित्त, आदिम जाति कल्याण विभाग जैसे किसी बड़े विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है। क्षेत्र के नागरिक भी भाजपा नेतृत्व से यही उम्मीद लगाए बैठे हैं। केदार कश्यप पर गुलाल और पुष्पवर्षा करते हुए ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता इसी तरह की शुभकामनाएं उन्हें देते नजर आ रहे थे। सभी की यही मंशा थी कि केदार कश्यप को उनकी योग्यता और बस्तर के आदिवासी समुदाय की भावनाओं के अनुरूप उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।

भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक

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  •  बस्तर के सभी बीजेपी विधायक गए रायपुर

जगदलपुर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर छत्तीसगढ़ भाजपा के नव निर्वाचित 54 विधायकों को आज सोमवार 11 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर बोरिया कला पहुंचने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने सभी विधायकों को सूचित कर दिया है।

बैठक में भाग लेने के लिए जगदलपुर के विधायक किरण देव, चित्रकोट के विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी समेत बस्तर संभाग के सभी नव निर्वाचित विधायक रायपुर के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक भाजपा विधायकों की बैठक प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, सह प्रभारी नितिन नवीन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मंडाविया बैठक लेंगे और मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा करेंगे। संभावना है कि इसके पहले इन तीनों नेताओं की मौजूदगी में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार भाजपा विधायक दल के नेता का भी चयन कर लें। उसके बाद प्रदेश भाजपा के नेता इन केंद्रीय नेताओं के साथ राजभवन रवाना हो सकते हैं और राज्यपाल से भाजपा की सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का अनुरोध कर सकते हैं। संभावना है कि बहुत जल्द सरकार का गठन कर लिया जाएगा और नई सरकार का शपथ ग्रहण साइंस कॉलेज मैदान या फिर नया रायपुर के मैदान पर होने की संभावना है।

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