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चित्रकोट से उतरे बैज तो सध जाएंगी कई सीट

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बस्तर में भाजपा की सेंधमारी रोकने कांग्रेस करे तैयारी

(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी हैं। भाजपा ने रणभूमि में अपने योद्धा उतार दिए हैं। कांग्रेस की सेना के सिपहसालार अभी परदे के पीछे हैं। आखिरी दौर चल रहा है। जल्द ही कांग्रेस के रणबांकुरों के नाम उजागर हो सकते हैं। यहां बस्तर संभाग की बारह सीटों की बात करें तो इस बार पिछले चुनाव की तरह इकतरफा मुकाबला नहीं है। भाजपा ने उम्मीदवारों के ऐलान में बढ़त बना ली है लेकिन कांग्रेस चाहे तो वह इसका रणनीतिक इस्तेमाल कर बेहतर उम्मीदवार पेश कर सकती है। भाजपा इस बार जोश के साथ मैदान में है और वह कांग्रेस के इस गढ़ में सेंधमारी के लिए सियासी चक्रव्यूह की रचना कर चुकी है। इस चक्रव्यूह को तोड़ने में बस्तर में केवल एक ही सियासी योद्धा कांग्रेस के पास है जो कांग्रेस संगठन के सेनापति हैं। बस्तर के सांसद हैं और बस्तर के चित्रकोट से दो बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा ने पिछली बार पराजित अपने कई दिग्गजों के साथ नए- पुराने चेहरे उतार कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। भाजपा की पूरे छत्तीसगढ़ के लिए जो रणनीति तैयार की है, उसे देखते हुए यह राजनीतिक जरूरत जान पड़ रही है कि कांग्रेस उसी की शैली में जवाब दे। भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव को उनके लोकसभा क्षेत्र बिलासपुर के लोरमी से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारकर बिलासपुर संभाग में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश की है। इसी तर्ज पर बस्तर की अपेक्षा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस की जरूरत है कि अपने अध्यक्ष और बस्तर सांसद दीपक बैज को बस्तर संभाग मुख्यालय की ऐसी सीट से मैदान में उतारे, जहां से जगदलपुर और नारायणपुर जिले की कई सीटों पर बढ़त हासिल की जा सके। इस लिहाज से कांग्रेस के प्रदेश कमांडर सांसद दीपक बैज के लिए चित्रकोट सीट सबसे मुफीद है। यह उनके संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की सीट है और वे इस सीट से दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में बस्तर फतह करने के बाद उन्होंने यह सीट रिक्त की थी, जो अब भी कांग्रेस के पास है। अव्वल तो चित्रकोट सीट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज की गृहक्षेत्र है। अगर कांग्रेस अपने अध्यक्ष के घर में कमजोर हुई तो आसपास की चार सीटों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। आमतौर पर यह माना जा रहा है कि कांग्रेस को यह सीट बचाने के लिए प्रत्याशी बदलने की दरकार है ताकि केंद्रबिंदु की यह सीट कांग्रेस के पास सुरक्षित रहे और लगी हुई सीटों पर भी भाजपा सेंधमारी न कर सके। यहां कांग्रेस को भाजपा की इस रणनीति पर गौर करना चाहिए कि कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री रवींद्र चौबे को दुर्ग संभाग की साजा सीट पर घेरने के लिए भाजपा ने उन्मादी हिंसा में मारे गए भुवनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को प्रत्याशी घोषित किया है। इसका असर दुर्ग जिले से लेकर बेमेतरा और कवर्धा तक जाने की उम्मीद भाजपा को है। कवर्धा से भाजपा ने अपने एक प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा को ध्वजवाहक बनाया है, जहां से अभी वरिष्ठ मंत्री मो. अकबर नुमाइंदगी कर रहे हैं। भाजपा ने कवर्धा और बिरनपुर के भूकंप के केंद्रबिंदु पर फोकस किया है। बस्तर में यह केंद्रबिंदु तोकापाल है जो चित्रकोट विधानसभा में आता है। पिछले समय में धर्मांतरण को लेकर नारायणपुर में जो कुछ हुआ, उसका सियासी फायदा उठाने के लिए भाजपा एक पैर पर खड़ी है। भाजपा ने अपने एक और प्रदेश महामंत्री और पूर्व वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप को फिर अखाड़े में उतार दिया है। ऐसे में कांग्रेस को नारायणपुर में भी कड़ी टक्कर के लिए तैयार रहना होगा। चित्रकोट सीट का प्रभाव बस्तर से लेकर नारायणपुर तक है। ऐसे में यदि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को यहां से समर में उतार दिया गया तो कांग्रेस फायदे में रहेगी। वैसे भी यदि चित्रकोट में कांग्रेस ने सावधानी नहीं बरती और प्रतिकूल परिणाम आए तो इससे कांग्रेस की भद्द पिटेगी। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे स्वयं रणभूमि में उतरें और भाजपा के चक्रव्यूह को ध्वस्त करें।

भाजपा की सूची हताशा की, कांग्रेस की होगी भरोसे की सूची: जावेद खान

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  • यह चुनाव भाजपा बनाम प्रदेश की जनता रहेगा

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पीसीसी मीडिया पेनलिस्ट जावेद खान ने भाजपा प्रत्याशियों की सूची को हताशा की सूची करार दिया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को निराश किया है।

जावेद खान ने कहा है कि कुछ दिन पूर्व भाजपा की एक सूची वायरल हुई थी। तब प्रदेशभर में विरोध देखने को मिला था। यह विरोध स्थानीय स्तर से लेकर के प्रादेशिक स्तर तक चला था। कई जगह तो सड़कों पर पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही नेताओं के कपड़े फाड़ते नजर आए थे।जगदलपुर सीट के लिए सूची में जिनका नाम था, उनके विरोध में 600 लोगों ने राजधानी जाकर विरोध किया था। बावजूद इस वायरल सूची को अधिकृत सूची बनाकर भाजपा ने कार्यकर्ताओं के लिए इसे हताशा की सूची साबित कर दिया है। जबसे आधिकारिक रूप से यह सूची जारी हुई है, भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी है। भाजपा आज उन नेताओं पर भरोसा कर रही है, जिन्हें 2018 के चुनाव में प्रदेश की जनता ने सिरे से खारिज कर दिया था, जिन पर 36 हजार करोड़ के पीडीएस घोटाला करने, 44 हजार करोड़ के शराब घोटाले, प्रदेश की जनता की रकम को चिटफंड कंपनियों तक पहुंचाने, किसानों के दो साल के 4000 करोड़ बोनस को डकारने तक का आरोप हैं। 2018 का चुनाव भाजपा ने प्रदेश की जनता के विरुद्ध लड़ा था और जनता ने उसे को हराकर 15 सीटों में समेट दिया। भाजपा उन्हीं पिटे हुए चेहरों के साथ 2023 का चुनाव प्रदेश की जनता के विरुद्ध लड़ने उतारू है। प्रदेश की जनता ने भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के काम को देखा और परखा है। निश्चित तौर पर भाजपा बनाम प्रदेश की जनता के इस चुनाव में प्रदेश की जनता इस बार भाजपा को दहाई का भी आंकड़ा पूरा नहीं करने देगी और फिर से एक बार प्रदेश की जनता की जीत होगी। छत्तीसगढ़ और छत्तिसगढ़िया स्वाभिमान की जीत होगी। जावेद ने कहा जब से प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया और पूर्ण बहुमत की कांग्रेस की सरकार बनाई कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के भरोसे को लगातार मजबूत करने का कार्य किया है। प्रदेश की जनता का दिया नारा दिया भूपेश है तो भरोसा जनता के दिलों पर छाप बन चुका है। आगामी 5 साल तक प्रदेश की जनता को खुशहाल बनाए रखने, छत्तीसगढ़ को सबसे अग्रणी राज्य बनाने, नक्सलवाद को नष्ट करने, बेरोजगारी खत्म करने, नगरनार इस्पात संयंत्र को बिकने से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी भी संकल्पित है। इसीलिए कांग्रेस प्रदेश की जनता के लिए भरोसे की सूची लेकर आएगी। उस सूची के हर नाम पर प्रदेश की जनता को भरोसा होगा। आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की जो स्थिति है उसके जिम्मेदार 15 साल छत्तीसगढ़ में राज करने वाले रमन सिंह और उनका मंत्रिमंडल की वजह है। रमन और उनके मंत्रियों ने प्रदेश में अपने किसी कार्यकर्ता को आगे बढने नहीं दिया। इसलिए भाजपा को घिसे पिटे चेहरों के साथ मैदान पर उतरना पड़ा है।

लैखन बघेल ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

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नगरनार स्थानीय सरपंच लैखन बघेल को नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज की अनुशंसा पर तथा जिला प्रभारी शकील रिजवी एवं जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी फतेह सिंह परिहार की सहमति से शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने की है। श्री बघेल को नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से कार्यकर्त्ताओं में खुशी छा गई है। लैखन बघेल को तत्काल प्रभाव से कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभालने कहा गया है।

चुनाव के लिए हैं तैयार हम, अबकी बार 75 पार : बैज

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  • छग में फिर से बनेगी कांग्रेस की सरकार – दीपक बैज
  • पीसीसी चीफ ने चुनाव की घोषणा का किया स्वागत

रायपुर राज्य में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने का प्रदेश कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि हम चुनाव में जाने को तैयार हैं और अबकी बार 75 पार वाली कांग्रेस की सरकार बनाएंगे।हमारी सरकार के काम हमारी जीत के आधार हैं तथा हमारे काम ही चुनावी मुद्दा होंगे। अब की बार भाजपा दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंचेगी।

यहां जारी बयान में दीपक बैज ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के कामों से राज्य की जनता के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन हुआ है। अपनी सरकार के कामों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण है। कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने संकल्प बद्ध हैं। कार्यकर्ताओं की मजबूती और सरकार के पांच सालों के दम पर 75 से अधिक सीटों के साथ प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दा विहीन है। इसके विपरीत कांग्रेस के पास अपनी सरकार के पांच सालों के काम की लंबी फेहरिस्त है। कांग्रेस की भूपेश सरकार ने किसानों, महिलाओं, मजदूरों, युवाओं के खाते मे पौने दो लाख करोड़ रूपये सीधे डालने का काम किया है। जनता का कांग्रेस के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसी भरोसे के दम पर अबकी बार 75 पार का लक्ष्य पूरा होगा। राज्य का हर नागरिक चाहता है भूपेश सरकार को फिर से सत्ता में लाना। कांग्रेस की सरकार ने किसानों, युवाओं, मजदूरों महिलाओं, आदिवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं बनाई और उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ का किसान देश में अपनी फसल की सबसे ज्यादा कीमत पाता है तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से 9 से 10 हजार की इनपुट सब्सिडी भी किसानों को मिल रही है। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर आधा प्रतिशत छत्तीसगढ़ की है। तथा युवाओं को 2500 रू भत्ता भी कांग्रेस की सरकार देती है। आम आदमी को राहत देने के लिए भूपेश सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना लागू की है जिसक फायदा 44 लाख नागरिकों को हुआ, उनका 4000 करोड़ का बिजली बिल कांग्रेस सरकार ने माफ कर दिया। चुनाव में कांग्रेस सरकार के काम और जनकल्याणकारी योजनाएं कांग्रेस सरकार के लिए ब्रह्मास्त्र होगी। चुनाव में कांग्रेस के पास बताने के लिए अपनी सरकार के गौरवशाली जनहित के काम हैं। हमारी सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र के 95 प्रतिशत वादों को पूरा किया है। स्वामी आत्मानंद स्कूल, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, दाई दीदी क्लीनिक, हाट बाजार क्लीनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुविधा योजनाओं से प्रदेश के आम आदमी का भरोसा कांग्रेस के प्रति बढ़ा है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि जनता अब कांग्रेस सरकार बनाम भाजपा के 15 साल की तुलना कर रही है। भाजपा ने 2003 में आदिवासियों को 10 लीटर दूध देने वाली गाय देने का वादा किया था, हर आदिवासी परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी का वादा किया था, पूरा नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों से किए वादों को पूरा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पांच साल में आदिवासी वर्ग के शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य एवं कानूनी अधिकार के लिए अनेक कार्य किए। बस्तर में आदिवासी वर्ग की शिक्षा के लिए 300 से अधिक बंद स्कूलों को खोला गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीतियों के तहत काम किया गया। रमन सरकार के दौरान दस गांवों के 1707 आदिवासी परिवारों से छीनी गई 4200 एकड़ जमीन लौटाई गई, जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से मुक्त कराया गया। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा किया गया, 65 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी की गई, चरण पादुका खरीदने नगद राशि दी गई, बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया। 24827 व्यक्तिगत और 20 हजार से अधिक सामुदायिक व 2200 वन संसाधन पट्टे वितरित किए गए। 16 लाख से अधिक हेक्टेयर भूमि आदिवासी वर्ग को आवंटित की गई है। 4 लाख 38 हजार से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए गए । 44 हजार 300 से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र जारी किए गए। 2175 से अधिक वन संसाधन अधिकार ग्रामसभा को प्रदान किए गए। मिलेट मिशन शुरू किया गया और बस्तर के वनोपज को देश विदेश तक पहुंचाया गया।

चुनाव की तैयारी में जुटी शहर जिला कांग्रेस कमेटी* = शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने ली कार्यकारिणी की पहली बैठक

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  •  लिया गया फिर से कांग्रेसी परचम लहराने का संकल्प

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की पहली बैठक जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने ली। बैठक में  मौर्य ने विधानसभा चुनाव की तैयारी व संगठन की मजबूती को लेकर दिशा निर्देश दिए।

जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन जगदलपुर में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष मौर्य ने उपस्थित पदाधिकारियों व सदस्यों को बधाई दी। बैठक के मुख्य विषय पर प्रकाश डालते हुए सुशील मौर्य ने कहा कि जिले में पार्टी को सबल, सुदृढ़ व धारदार बनाना हम सभी का पहला कर्तव्य है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विकास योजनाओं को नगर के अंतिम व्यक्ति तक कार्यकर्ताओं के माध्यम पंहुचाया जाए।  मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी व संगठन की मजबूती को लेकर दिशा निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ जनों से आपसी समन्वय बनाकर कांग्रेस पार्टी की विचारधारा व महत्वाकांक्षी योजनाओं को जनता के बीच ले जाने हेतु पुरजोर तरीके से कार्यकर्ताओ को कार्य करने निर्देशित भी किया। जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता ही कांग्रेस पार्टी का सबसे मजबूत आधार स्तंभ हैं। कार्यकर्ता ही कांग्रेस की ताकत हैं और चुनाव जीतने में सबसे अहम योगदान भी कार्यकर्त्ताओं का ही होता है। विधानसभा के चुनाव में बस कुछ दिनों का वक्त बच गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे हर स्तर पर कांग्रेस सरकार की योजनाओं का प्रचार और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को लाभ पहुंचाने का कार्य करें। उम्मीद करता हूं कि सभी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कांग्रेस का परचम फिर से लहराएंगे।। बैठक को विधानसभा क्षेत्र प्रभारी फतेह सिंह परिहार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व एमआईसी सभापति यशवर्धन राव, महामंत्री बलराम यादव, कार्यकारी सदस्य सुनीता सिंह, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान व बलिराम कश्यप ने भी जिला कार्यकारिणी की प्रथम बैठक को संबोधित किया। बैठक में फतेह सिंह परिहार, यशवर्धन राव, उपाध्यक्ष महेंद्र महापात्र, रेखा सिंह, कल्पना मेश्राम, सपना दीवान, महामंत्री बलराम यादव, विजय सिंह, अंजना नाग, सुषमा सुता, कनकदाई नाग, जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, अभिषेक नायडू, पापिया गार्डन, कोषाध्यक्ष असीम सुता, जावेद खान, बीरेंद्र सिंह, टीवी रवि, नरेंद्र शंकर तिवारी, राजकुमार राम, मीडिया प्रभारी शादाब अहमद, जयशंकर श्रीवास, उस्मान रज़ा, लक्ष्मी राव, अंकित सिंह, रविशंकर तिवारी, एम ज्योति राव, शहनवाज खान, निकेत राज, कावेराम बघेल, जॉर्ज टोप्पो, आदर्श दलाई, ईश्वर बघेल, राजू बघेल, बनोराम मौर्य, जीवन बघेल, मानसिंह ठाकुर, लोकेश सेठिया, हरिबंधु नाग, अल्ताफ खान, संदीप दास, राम साहू, अब्दुल सईद, गुरमेल सिंह, डॉ. हितेंद्र सिंह, शेख सद्दाम, गीता नाग, रजत जोशी, शहनाज खान, अमरनाथ सिंह, रिम्पी साहनी, माही श्रीवास्तव, प्रवीण पांडे, सुबीर ढाली सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

नगर के सभी दुर्गा पूजा समितियां से निवेदन संध्याकालीन आरती के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए

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दल्लीराजहरा सभी समस्त दल्ली राजहरा नगर में माता दुर्गा जी के पंडालों में अभी पावन नवरात्रि पर्व में गरबा का आयोजन समितियों द्वारा होना है सभी से आग्रह है की माता रानी का आगमन स्वच्छ स्वस्थ और पवित्र विचारों के साथ हो एवं उनकी विदाई भी शालीनतापूर्वक की जाए साथ ही यदि सभी दुर्गा समितियों द्वारा ये व्यवस्था की जाए की माँ दुर्गा के पंडालों में मंगलवार एवं शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ एवं सम्पूर्ण नौ दिनों तक दुर्गा चालीसा माताओं बहनों एवं समिति के सदस्यों द्वारा प्रातः तथा संध्या आरती के पश्चात् हो सके तो अतिउत्तम होगा ऐसा विचार एवं आग्रह है एवं इसी में हम सभी एवं सम्पूर्ण विश्व का कल्याण है… जय श्रीराम 🙏

धर्मो रक्षति रक्षितः

आप धर्म की रक्षा कीजिए धर्म आपकी रक्षा करेगा

शंकर लाल साहू नगर अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद दल्ली राजहरा

नगर के सभी दुर्गा पूजा समितियां से निवेदन संध्याकालीन आरती के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए

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दल्लीराजहरा सभी समस्त दल्ली राजहरा नगर में माता दुर्गा जी के पंडालों में अभी पावन नवरात्रि पर्व में गरबा का आयोजन समितियों द्वारा होना है सभी से आग्रह है की माता रानी का आगमन स्वच्छ स्वस्थ और पवित्र विचारों के साथ हो एवं उनकी विदाई भी शालीनतापूर्वक की जाए साथ ही यदि सभी दुर्गा समितियों द्वारा ये व्यवस्था की जाए की माँ दुर्गा के पंडालों में मंगलवार एवं शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ एवं सम्पूर्ण नौ दिनों तक दुर्गा चालीसा माताओं बहनों एवं समिति के सदस्यों द्वारा प्रातः तथा संध्या आरती के पश्चात् हो सके तो अतिउत्तम होगा ऐसा विचार एवं आग्रह है एवं इसी में हम सभी एवं सम्पूर्ण विश्व का कल्याण है..

भाजपा के गले की फांस बना नगरनार स्टील प्लांट

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  •  निजीकरण के प्रयासों का हो रहा है चौतरफा विरोध मुख्यमंत्री ने भी कांकेर की धरती से कर दिया ऐलान

अर्जुन झा

जगदलपुर राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) द्वारा नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र भाजपा के गले की फांस बन गया है।. इस संयंत्र के निजीकरण के प्रयासों का चौतरफा विरोध लगातार हो रहा है। चुनाव आते तक यह मामला और भी गरमा सकता है और यह बड़ा चुनावी मुद्दा बनने वाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी साफ संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार नगरनार स्टील प्लांट का किसी भी सूरत में निजीकरण नहीं होने देगी। अब देखना यह है कि चारों ओर से घिर चुकी भाजपा इस मुश्किल से उबरने के लिए क्या कदम उठाती है।

बस्तर के पहाड़ों के गर्भ में मौजूद लाखों टन लौह अयस्क भंडार के दोहनकर्ता एनएमडीसी ने करीब बीस हजार करोड़ रुपए खर्च कर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगरनार में विशाल इस्पात संयंत्र की स्थापना की है। इस संयंत्र में उत्पादन गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं। बीते 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगरनार इस्पात संयंत्र का लोकार्पण किया था। संयंत्र स्थापना के दौर से ही इसके निजीकरण की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। चर्चा है कि केंद्र सरकार बस्तर के एकमात्र इस बड़े इस्पात कारखाने को निजी क्षेत्र के उस बड़े उद्योगपति के हाथों बेचने जा रही है, जिसे कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल प्रधानमंत्री का परम मित्र बताते आ रहे हैं। कहा जा रहा है की प्लांट के विक्रय की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का फैसला भाजपा के गले की फांस बन गया है। न निगलते बन रहा है, न उगलते। भाजपा के एक भी बड़े नेता ने अब तक यह नहीं कहा है कि नगरनार संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा, विपक्षी दल केवल दुष्प्रचार कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि संयंत्र का बस्तरवासियों के हाथ से निकलना तय है।

जनभावना जुड़ी है इस प्लांट से

नगरनार इस्पात संयंत्र से बस्तर की जनभावना जुड़ी हुई है और अब तो यह बस्तर की अस्मिता का सवाल भी बन गया है। स्टील प्लांट की स्थापना के लिए नगरनार समेत लगभग बारह ग्राम पंचायतों के आदिवासियों ने अपनी उपजाऊ जमीन एनएमडीसी को खुशी -खुशी सौंप दी थी। उन्हें भरोसा था कि प्लांट में उनके बेटे बेटियों को नौकरी मिलेगी, उद्योग व्यवसाय फूलेंगे फलेंगे और बस्तर का विकास होगा। अब यह भरोसा टूटता प्रतीत हो रहा है और जनभावना आहत हो रही है। इस प्लांट के प्रति आम बस्तरिहा का विशेष लगाव हो गया है। अगर इस लगाव को तोड़ने का प्रयास हुआ, तो बस्तर में जन विद्रोह की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

बस्तर के सम्मान का सवाल:भूपेश

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नगरनार स्टील प्लांट के मामले में लगातार संवेदनशील नजर आ रहे हैं। कुछ ही दिन पहले कांकेर में आयोजित पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने नगरनार इस्पात संयंत्र को बस्तर के मान सम्मान, अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक बताया था। मुख्यमंत्री बघेल ने साफ तौर पर कहा था कि अगर बात हमारे मान सम्मान और स्वाभिमान पर आएगी, तो हम चुप बैठे रहने वाले नहीं हैं। संयंत्र का निजीकरण रोकने हर जरूरी कदम उठाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने निजीकरण का विरोध करते हुए प्रस्ताव केबिनेट में लाया था। श्री लखमा ने कहा था कि नगरनार संयंत्र का संचालन राज्य सरकार करे। केबिनेट में यह प्रस्ताव पारित हो गया और केंद्र सरकार के पास भेज भी दिया गया है।

सांसद बैज संसद में कर चुके हैं विरोध

बस्तर लोकसभा क्षेत्र के मुखर सांसद दीपक बैज नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शुरू से आवाज बुलंद करते आए हैं। लोकसभा में भी श्री बैज संयंत्र के निजीकरण का कई बार विरोध कर चुके हैं। वे साफ तौर पर कह चुके हैं कि नगरनार इस्पात संयंत्र को केंद्र सरकार स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के अधीन कर दे और भिलाई इस्पात संयंत्र की तरह नगरनार इस्पात संयंत्र का भी संचालन सेल ही करे। सांसद दीपक बैज यह भी कह चुके हैं कि अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकती, तो नगरनार प्लांट को छत्तीसगढ़ सरकार के हवाले कर दे। छत्तीसगढ़ सरकार उसे चला लेगी। दीपक बैज लोकसभा में यह दलील भी दे चुके हैं कि नगरनार इस्पात संयंत्र के निजी हाथों में चले जाने से वहां नौकरियों में अनुसूचित जाति -जनजाति, ओबीसी, गरीब वर्गों के युवाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज की यह मुहिम और धारदार हुई है। उन्होंने आम बस्तरवासियों को इस मामले में जगाने का काम किया है।

शुरू से मुखर रहे हैं रेखचंद जैन

स्टील प्लांट प्रभावित नगरनार व अन्य सभी गांव जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। इस क्षेत्र का विधायक होने के नाते रेखचंद जैन नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में शुरू से मुखर रहे हैं। संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन हर मंच पर निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। ग्रामीणों के आंदोलन, धरना प्रदर्शन में भी जैन उपस्थिति दर्ज कराते आए हैं। बीते दिनों प्लांट से उत्पादित माल के परिवहन का काम देने की मांग को लेकर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और बस्तर परिवहन संघ द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन को भी समर्थन देने  जैन और शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य नगरनार पहुंचे थे। इसके अलावा निजीकरण के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और सर्व आदिवासी समाज एवं पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा 3 अक्टूबर को आयोजित बस्तर संभाग महाबंद को सफल बनाने में भी  जैन और  मौर्य ने अहम भूमिका निभाई थी।  जैन का कहना है कि बस्तर के आदिवासियों की भावना का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।

गंगानगर वार्ड में बहने लगी अब विकास की गंगा

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  • वार्ड में 35 लाख रु. से अधिक के विकास कार्यों का विधायक और मेयर ने किया भूमिपूजन

जगदलपुर विधायक जगदलपुर तथा संसदीय सचिव नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग रेखचंद जैन और महापौर सफीरा साहू ने शहर के गंगानगर वार्ड – 23 में 35 लाख 11 हजार रुपए लागत के बीटी सड़क नवीनीकरण, आरसीसी नाली निर्माण एवं सीसी सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों , मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सफाई कर्मचारियों का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। मलेरिया, डेंगू एवं मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए मच्छरदानी वितरित की गई। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें शीतला होटल से अशरफ घर तक बीटी सड़क नवीनीकरण कार्य लागत 9.24 लाख रुपए, ध्रुव घर से माड़िया सराय एवं कर्मा गली तक आरसीसी नाली निर्माण कार्य लागत 12.19 लाख रुपए एवं पंप हाउस से सरदार घर तक सीसी सड़क निर्माण कार्य लागत 13.68 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शहर के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। शहर के हर वार्ड में लाखों रुपए के आधारभूत संरचना के कार्य किए जा रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार में जहां शहर का विकास कुछ विशेष वार्डों तक सीमित था, आज हर वार्ड में बिना किसी भेदभाव के विकास हो रहा है। उन्होंने वार्ड पार्षद एवं एमआईसी सदस्य राजेश राय की तारीफ करते हुए कहा कि आपके जुझारू पार्षद वार्ड के विकास के लिए लगातार संघर्षशील रहते हैं। वार्ड विकास के लिए उनकी लगन का ही परिणाम है कि आपके वार्ड में करोड़ों रुपए के कार्य कराए गए हैं। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की अवधारणा अनूरूप गढ़बो नवा जगदलपुर को साकार किया जा रहा है। शहर विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया तथा विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का लगातार आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा , वरिष्ठ पार्षद एवं एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, राजेश राय, पार्षद सुखराम नाग, सूर्या पाणी मनोनीत पार्षद सुरेंद्र झा ,अम्माजी राव, वरिष्ठ नेता अंगद प्रसाद त्रिपाठी, ओमकार सिंह जसवाल, परमजीत सिंह जसवाल, जगजीत सिंह बेनीपाल, वरिष्ठ नागरिक बृजबिहारी झा, बटोही शर्मा, भोगी झा, सूरज महंत, रियाज खान, रमजान बेग, प्रेमलाल यादव, लोकेश यादव, मोटम बेसरा, आयुष मोहंती, गोलू यादव, हीरा यादव समेत बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

अधिकारी की लापरवाही बच्चों पर पड़ रही है भारी

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  •  धरना प्रदर्शन के चलते आंगनबाड़ी केंद्र हो गए बंद 

जगदलपुर बस्तर जिले के सुदूर वनांचल बास्तानार विकासखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला खोब्रागढ़े की मनमानी और लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। परियोजना अधिकारी के रवैए के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता एवं सहायिकाएं आंदोलन पर चली गई हैं। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था चरमरा गई है। विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटक रहे हैं।

दरअसल विगत पांच वर्षों से बतौर प्रभारी विकासखंड में पदस्थ परियोजना अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं से समन्वय बनाने और शासन की योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में नाकाम रही हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं परियोजना अधिकारी पर आतंक का राज कायम करने का आरोप लगाते हुए आंदोलित हो उठी हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि परियोजना अधिकारी कभी भी आकस्मिक रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान करने का कार्य करती हैं। जिसके चलते उन्हें बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान अनावश्यक आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर कई कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने की धमकी भी परियोजना अधिकारी द्वारा दी जाती है। साथ ही प्रतिमाह मानदेय राशि और अन्य देयकों को बेवजह रोक दिया जाता है। इसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजरना पड़ रहा है।

विकासखंड के अधिकारियों की पदस्थापना पर गौर किया जाए तो 5 वर्षों में जनपद पंचायत बास्तानार के कई मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की पद स्थापना और स्थानांतरण विकासखंड से हो चुका है, लेकिन परियोजना अधिकारी उर्मिला खोब्रागढ़े पांच साल से यहीं पदस्थ हैं। उन्हें को वर्तमान में दो विकासखंड संभालने की जिम्मेदारी दे दी गई है। उनके अधीन दरभा ब्लॉक और बास्तानार ब्लॉक शामिल हैं।लगातार 5 वर्षों से बास्तानार विकासखंड की प्रभारी होने की वजह से दोनों ही

विकासखंडों का शासकीय कार्य लगातार बाधित हो रहा है। दोनों ब्लॉकों में आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों के साथ परियोजना अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करने में अब तक नाकाम रही हैं। उनकी मनमानी और लापरवाही के चलते नौनिहालों के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में बास्तानार विकासखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं द्वारा परियोजना अधिकारी को हटाने की मांग को लेकर विकासखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्र बंद पड़े हुए हैं और महिला बाल विकास विभाग की लगातार किरकिरी भी हो रही है।

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