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पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं शहर जिलाध्यक्ष मौर्य

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  •  सुशील जुट गए मिशन 75 प्लस को कामयाब बनाने में
  •  नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ली बैठक =

जगदलपुर आसन्न चुनाव को देखते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य पूरी तरह इलेक्शन मोड में आ गए हैं। वे लगातार क्षेत्र का दौरा कर पदाधिकारी – कार्यकर्त्ताओं की बैठकें लेकर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के मिशन 75 प्लस को कामयाब बनाने के लिए टिप्स दे रहे हैं।
अपने इलेक्शन मोड को गति देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज के विश्वास पात्र शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने बुधवार को नगरनार ब्लाक कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में सेक्टर व बूथ प्रभारियों को विधानसभा चुनाव में बेहतर कार्य करने के लिए श्री मौर्य ने दिशा निर्देश दिए। सुशील मौर्य ने सेक्टर प्रभारियों व बूथ प्रभारियों को प्रत्येक बूथ को मजबूती प्रदान करने के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के 75 पार के संकल्प के अनुरूप कार्य करने व प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन जन तक पंहुचाने हेतु कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया और अति महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, नगरनार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लैखन बघेल, महामंत्री अभिषेक नायडू, कोषाध्यक्ष असीम सुता, सचिव रमेश पात्रो, सचिव सियाराम नाग, सरपंच दयाराम नाग, पंच संजय नाग, अभिषेक गुप्ता राजेश कश्यप, विजय बिसाई, पुरुषोत्तम कश्यप, बूथ प्रभारी व कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बस्तर में कांग्रेस के पास भाजपा के खिलाफ कई ब्रम्हास्त्र

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  • नगरनार प्लांट, नंदराज पहाड़, आरक्षण समेत अन्य मुद्दों को भुनाएगी कांग्रेस
  •  कांग्रेस की तरकश में नहीं है रामबाण की कोई कमी
    -अर्जुन झा-

जगदलपुर वैसे तो पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धारदार अंदाज में और ठोस मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, लेकिन बस्तर संभाग के मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस के पास मुद्दों की भरमार है। नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के अलावा नंदराज पहाड़, आरक्षण, स्थानीय बेरोजगारों को नौकरियों में प्राथमिकता कांग्रेस के लिए भाजपा के खिलाफ चुनावी युद्ध में रामबाण और ब्रम्हास्त्र सिद्ध हो सकते हैं।
भूपेश बघेल सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर तो कांग्रेस राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों में जाएगी, इस बात में कोई शक नहीं है। अपनी पहली पारी में ही कांग्रेस सरकार ने उच्च दर पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोबर एवं गोमूत्र खरीदी, गोठान योजना, बेरोजगारी भत्ता, रीपा योजना आदि के माध्यम से समाज के हर वर्ग का दिल जीत लिया है। छत्तीसगढ़ के किसान कुछ ज्यादा ही प्रसन्न हैं और कांग्रेस के प्रति मेहरबान नजर आ रहे हैं। पुनः सरकार बनने पर कांग्रेस ने धान की खरीदी 2650 रु. प्रति क्विंटल की दर से करने की घोषणा कर और खरीदी लिमिट को 20 क्विंटल प्रति एकड़ करके किसानों को अपने पाले में कर लिया है। छत्तीसगढ़ में कृषक परिवारों की अधिकता है और मजदूर वर्ग भी कृषि आधारित रोजगार पर ही ज्यादा निर्भर हैं। सालाना 7 हजार रु. का मान धन देकर भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ भी भूपेश बघेल सरकार ने न्याय किया है। इस तरह अभी से साफ हो गया है कि एक बहुत बड़ा तबका कांग्रेस के साथ खड़ा हो गया है। ये सारे कारक तो बस्तर में कांग्रेस के पक्ष में प्रभावी हैं ही, इनके अलावा कांग्रेस की तरकश में भाजपा के खिलाफ कई और रामबाण भी हैं। इस ब्रम्हास्त्र और रामबाण के माध्यम से भाजपा को कांग्रेस ‘बारहों खाने’ चित्त कर सकती है। आशय यह कि बस्तर संभाग की सभी बारह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस शानदार जीत दर्ज करा सकती है।

क्या है नंदराज पहाड़ का मसला?
नंदराज पहाड़ वो मसला है, जिसे लेकर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज लंबे अरसे से संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ते आ रहे हैं।लौह अयस्क के अकूत भंडार से समृद्ध बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदराज पहाड़ का गर्भ भी कच्चे लोहे से भरा हुआ है। इस पहाड़ के बड़े भाग को लौह अयस्क खनन और इस अयस्क के उपयोग के लिए अडानी समूह को लीज पर दे दिया गया है। नंदराज पहाड़ की तलहटी में बसे गांवों के ग्रामीणों के पुरजोर विरोध और ग्रामसभाओं द्वारा पारित विरोध प्रस्ताव के बावजूद डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल यह कदम उठाया गया था। सांसद दीपक बैज इस फैसले का विरोध कई बार लोकसभा में कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज इस मुद्दे को संसद के बाद सड़क पर भी ले आए। बताते हैं कि दर्जनों गांवों के ग्रामीण नंदराज पहाड़ को लीज पर दिए जाने से नाखुश हैं और विधानसभा चुनाव में लोगों की यह नाराजगी भाजपा को भारी पड़ने वाली है। कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा जरूर बनाएगी।

नगरनार पर करार : लोग बेकरार
एनएमडीसी द्वारा जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र को कथित तौर पर बेचने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा निजी क्षेत्र से किए जा रहे करार के खिलाफ भी बस्तर संभाग के ग्रामीण बेकरार नजर आ रहे हैं। जन चर्चा है कि मोदी सरकार इस स्टील प्लांट को एक बड़े औद्योगिक घराने के हवाले करने का फैसला कर चुकी है। केंद्र सरकार का यह कदम भी भाजपा पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। नगरनार समेत एक दर्जन से भी अधिक गांवों के ग्रामीणों की कृषि और पड़त भूमि अधिग्रहित की गई है। अधिग्रहण के दौरान कहा गया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र में हर प्रभावित परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाएगी। सामुदायिक विकास योजना के तहत संयंत्र के परिधीय गांवों के विकास के कार्य कराए जाएंगे, अच्छी सड़कें बनाई जाएंगी, नगरनार में उत्कृष्ट स्कूल और सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की स्थापना की जाएगी। मगर दुख की बात है कि अधिकांश दावे थोथे ही साबित हुए हैं। कई प्रभावित परिवारों को संयंत्र में नौकरी मिली और कई अभी भी नौकरी मिलने की आस लगाए बैठे हैं, आयु सीमा को पार करते जा रहे हैं। कुछ दिन पहले तक एक प्रभावित परिवार की दो बेटियां नौकरी की मांग करते हुए संयंत्र के बाहर धरने पर बैठ गईं थीं। संयंत्र में ट्रांसपोर्टिंग का काम भी बाहरी लोगों को दे दिया गया है। स्थानीय ग्रामीण ट्रांसपोर्टर और बस्तर परिवहन संघ के सदस्य ट्रांसपोर्टिंग का काम स्थानीय प्रांसपोर्टरों को देने की मांग को लेकर लंबे समय तक धरना दे चुके हैं। वहीं सर्व आदिवासी समाज और पिछड़ा वर्ग समाज भी नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में तथा संयंत्र में स्थानीय बेरोजगारों और मजदूरों को नौकरी देने की मांग को लेकर मोर्चा खोल चुका है।

जायज है सांसद बैज की चिंता
सांसद दीपक बैज और जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शुरू से मुखर रहे हैं। सांसद दीपक बैज जहां संसद में निजीकरण के विरोध में लगातार आवाज उठाते आए हैं, वहीं विधायक एवं संसदीय सचिव इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर चुके हैं। बस्तर के ये दोनों ही जागरूक जनप्रतिनिधि अपने अपने स्तर पर केंद्र सरकार के फैसले के विरुद्ध मोर्चा सम्हाले हुए हैं। सांसद दीपक बैज की चिंता यह रही है कि निजीकरण के बाद नगरनार इस्पात संयंत्र में आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और गरीब तबके के योग्य युवाओं को आरक्षण के आधार पर नौकरियों में भागीदारी नहीं मिल पाएगी। श्री बैज अपनी यह चिंता लोकसभा में भी व्यक्त कर चुके हैं। एक दफे उन्होंने संसद में कहा था कि निजी क्षेत्र में आरक्षण की बाध्यता नहीं है, ऐसे में अगर नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण हो जाने पर आरक्षित वर्गों को पर्याप्त नौकरियां नहीं मिल पाएंगी। श्री बैज की यह चिंता बिल्कुल जायज है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद दीपक बैज और बस्तर जिले के प्रभारी एवं छ्ग शासन के उद्योग मंत्री कवासी लखमा की पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को खुद चलाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेज चुकी है। भूपेश बघेल की मंशा है की संयंत्र को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के अधीन कर दिया जाए या फिर छ्ग सरकार के हवाले कर दिया जाए।

आरक्षण का लंबित प्रकरण
भूपेश बघेल सरकार अनुसूचित जाति जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीबों को सरकारी नौकरियों में पर्याप्त आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध रही है। भूपेश बघेल केबिनेट ने इन सभी वर्गों के लिए आरक्षण का प्रतिशत निर्धारित करते हुए प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राजयपाल के पास भेज दिया है। कई माह बीत जाने के बाद भी इस प्रस्ताव को राजभवन से मंजूरी नहीं मिल पाई है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में इस मसले को लटकाकर रखा गया है। कांग्रेस इसे पहले ही बड़ा मुद्दा बना चुकी है। यह मुद्दा बस्तर जैसे अनुसूचित जनजाति बहुल संभाग में भाजपा का गणित बिगाड़ सकता है। इस तरह देखा जाए तो बस्तर संभाग के लिए कांग्रेस के पास एक सेबढ़कर एक ब्रम्हास्त्र, रामबाण और मिसाइलें हैं, जो भाजपा की चुलें हिलाने में सक्षम हैं।

लोग एकबार फिर लगा रहे हैं रेखचंद के लिए पुकार

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  • जगदलपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर छंट चुकी है धुंध
  • विकास के दम पर विजय पताका फहराएंगे जैन
  • धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी तरक्की की इबारत लिख रहे हैं विधायक रेखचंद

जगदलपुर बस्तर संभाग की इकलौती सामान्य विधानसभा सीट जगदलपुर के कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर छाई धुंध लगभग छंट चुकी है और सिर्फ नाम की घोषणा बाकी है। क्षेत्र के लोग कह रहे हैं रेखचंद जैन फिर एकबार।विकास की बयार के सहारे जगदलपुर सीट पर कांग्रेस की विजय पताका फहराने का माद्दा रखने वाले को विधायक रेखचंद जैन की लोकप्रियता का कोई मुकाबला नहीं है। भूपेश बघेल सरकार की विकासपरक योजनाओं के जरिए अति संवेदनशील धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी तरक्की की इबारत लिखकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। यही विकास जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में फिर से कांग्रेस की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान ने जगदलपुर सीट के लिए प्रत्याशी का नाम तय कर लिया है। क्षेत्र के लोगों को पूरा भरोसा है कि पार्टी पुनः रेखचंद को मैदान पर उतारेगी और वे भारी अंतर से जीत भी दर्ज कराएंगे। आचार संहिता लगने से पहले तक धुर नक्सल इलाके में घूम घूमकर रेखचंद जैन लोगों से संपर्क करते रहे हैं। लोगों का दुख दर्द सुनने और कांग्रेस की जीत के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने वे रोज की तरह आज सुबह भी पैदल निकल पड़े शहर में। रेखचंद जैन कांग्रेस का प्रचार करते रहे। ‘हर कोने से केवल एक ही पुकार, रेखचंद फिर एकबार’ का नारा शहर व गांवों में प्रचलित हो चला है। रेखचंद जैन वह शख्सियत हैं, जिन्होंने परोपकार और जनसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। यही उनका परम संकल्प भी है। अपने इस संकल्प की सिद्धि के लिए रेखचंद जैन ने राजनीति को आधार बनाया है। पिछले चुनाव में जनता ने उन पर आशीष के फूल बरसाए और प्रतिद्वन्दी प्रत्याशी को उन्होंने भारी अंतर से शिकस्त दी थी। तबसे जनता जनार्दन का कर्ज उतारने के लिए विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन प्रण प्राण से जुटे हुए हैं। दैवयोग से उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बस्तर के सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया तथा अन्य मंत्रियों का भी भरपूर सहयोग मिलता आया है। इन सभी के सहयोग से रेखचंद जैन सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का ध्येय लेकर आगे बढ़ते गए। जगदलपुर शहर के साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अति संवेदनशील गांवों तक भी उन्होंने विकास की रौशनी बिखेरी है। गांव गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, स्कूल, बिजली, सड़क, नाली, सीसी रोड, बिजली, चिकित्सा आदि की सुविधा मुहैया कराने में उन्होंने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। आदिवासियों के पूजा स्थल देवगुड़ी और मातागुड़ी के जीर्णोद्धार एवं नई गुड़ी निर्माण का कार्य भी उन्होंने बड़ी तादाद में कराया है। पहली बार भूपेश बघेल सरकार के राज में आदिवासियों के आस्था स्थलों, रीति रिवाजों और परंपराओं को पोषित करने का काम हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस मिशन को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कामयाब बनाने में रेखचंद जैन ने अहम भूमिका निभाई है। विकास और आस्था की बुनियाद पर रेखचंद जैन की लोकप्रियता की ईमारत मजबूत एवं अभेद्य हो गई है। वे आज भी लोगों के सुख दुख में शामिल होने, उनकी पीड़ा दूर करने सुबह से निकल पड़ते हैं। उन्होंने व्यापक जनसंपर्क और प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है। लोग उन्हें दिल से दुआएं दे रहे हैं और विजयी होने की शुभकामनाएं भी। क्षेत्र में लोगों ने इन दिनों नारा बुलंद कर रखा है – ‘हर कोने से यही पुकार, रेखचंद फिर एकबार’। शहर में भी  जैन की लोकप्रियता चरम पर है। इसे देखते हुए लगता है कि वे इस बार के चुनाव में अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़कर रख देंगे। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने जगदलपुर के प्रत्याशी का नाम फाइनल कर लिया है। क्षेत्र के लोगों को पक्का यकीन है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के लाडले ‘रेखू’ को ही पार्टी चुनावी समर में उतारेगी।

अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 2 आरोपी को किया गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा :- अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले, सट्टा पट्टी लिखने वाले, मोहल्ले में शांतिभंग करने वाले तथा अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने वालो पर की गई कार्यवाही पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव् के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, नगर पुलिस अधीक्षक राजेश बागड़े के मार्गदर्शन में आगामी विधानसभा चुनाव 2023-24 को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी राजहरा मुकेश सिंह के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में अवैध शराब विक्रय करने वाले तथा सट्टा खेलाने वाले तथा नगर के मोहल्लों में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की गई।

जिसमे आरोपी विनोद कुमार पटेलिया पिता जवाहर लाल पटेलिया उ वार्ड क्रमांक 04 इमली झाड़ के पास आरोपी के कब्जे से एक नग सट्टा पर्ची एक डाट पेन, नगदी रकम 1260 रुपये जप्त कर आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा 4 क जुआ एक्ट एवं छ.ग. जु प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत कार्यवाही किया गया है वही आरोपी राजेश कुमार नायक डडसेना पुलिया राजहरा के पास उसके कब्जे से 17 देशी पव्वा जुमला 3060 बल्कलीटर कीमती 1360 रूपये एवं शराब बिक्री का नगदी रकम 120 रुपये तथा एक स्कूटी मोटर साकयल क्रमाव सीजी 06 जीपी – 6777 कीमती 20,000 रूपये जुमला कीमती 21,480 रूपये की पास कर आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 34 (1) क ख आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया है। इसके अतिरिक्त नगर मोहल्ले में शांतिभंग करने वाले अमरदास मानिकपुरी वार्ड क्रमांक 15 शहीद गैरेज के पास दल्लीराजहरा, दिलीप कुमार पिता स्व० फतीराम कश्यप उम्र 44 वर्ष सकिन वार्ड 07 चिखलाकसा एवं पवन पति निहारकांत बर्मन साकिन वार्ड क्रमांक 21 शास्त्री नगर दल्लीराजहरा के विरुद्ध अवैध व अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायत मिलने पर इनके विरूद्ध धारा 151/107,116 (3) जाफ़ी के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर किया गया। जिन्हें जिला जेल मे दाखिल किया गया है।

बाफना जगदलपुर छोड़कर कहीं भी करेंगे भाजपा का काम

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। बस्तर संभाग की इकलौती सामान्य सीट जगदलपुर से दो बार विधायक रहे संतोष बाफना इस बार भी टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज जगदलपुर विधानसभा के सैकड़ों कार्यकर्ता आज बाफना के निवास पहुंच गए और पार्टी के निर्णय के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया। संतोष बाफना ने अपने समर्थकों को समझाते हुए कहा कि पार्टी का फैसले का सम्मान करते हुए वे पार्टी का काम करेंगे। बाफना ने स्पष्ट किया कि जगदलपुर सीट छोड़कर वे जहां भी पार्टी निर्देश देगी, वहां काम करेंगे। जगदलपुर में काम नहीं करने के पीछे उनकी यह भावना है कि शायद कुछ लोग भरोसा न करें। उनका कहना है कि वे भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने उन्हें भी पहले जिम्मेदारी सौंपी है। अब जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनके प्रति शुभकामनाएं हैं। पार्टी का निर्णय सर्वमान्य है। उनका कहना है कि उनका पूरा परिवार भाजपा के प्रति समर्पित रहा है और रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में तत्कालीन विधायक संतोष बाफना कांग्रेस उम्मीदवार रेखचंद जैन से 27000 से अधिक मतों से पराजित हो गए थे। इस बड़े अंतर से हार की वजह से भाजपा जगदलपुर में प्रत्याशी बदलने की तैयारी काफी पहले से कर रही थी। दावेदारों के तौर पर कई सारे नाम सामने आए लेकिन आखिरकार भाजपा के बिलासपुर संभाग प्रभारी किरण देव को जगदलपुर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। इसके बाद स्वाभाविक तौर पर बाफना समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही थी, जो आज उनके राजस्थान दौरे पर रवाना होने के ठीक पहले सामने आई।

संतोष बाफना ने उनके समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी से ऊपर कोई नहीं है पार्टी का जो भी फैसला होता है, वह हर हाल में मान्य है। पार्टी के फैसले के बाहर कोई नहीं जा सकता। उन्होंने अपने समर्थकों को समझा कर शांत अवश्य कर दिया लेकिन भाजपा के गलियारों में चर्चा है कि अचानक इतने सारे समर्थक बाफना के द्वार पर कैसे पहुंच गए। हालांकि बाफना का कहना है कि उन्होंने किसी को बुलाया नहीं था। यह लोग उनके प्रति स्नेह रखते हैं इसलिए अपनी भावनाएं प्रकट करने आए थे। परंतु यह एकदम साफ है कि पार्टी का फैसला शिरोधार्य है। बाफना राजस्थान दौरे पर जा रहे हैं, इसको लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं कि टिकट से वंचित होने के बाद ही एकाएक उनका राजस्थान दौरा बन गया। यदि उन्हें टिकट मिल गई होती तो क्या वह तीर्थ पर जा सकते थे? बहरहाल, जगदलपुर में भाजपा के भीतर का असंतोष व्यक्त भी हो गया। बाफना ने बहुत सारा कुछ कह दिया तो बिना कहे भी बहुत कुछ कह दिया।

पितृपक्ष के बाद आएगी कांग्रेस की सूची: सिंहदेव

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  • पितृपक्ष में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता : टीएस सिंहदेव बाबा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनावों के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची को लेकर उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि पितृपक्ष समाप्त होते ही हमारी पहली सूची आ जाएगी।
मंगलवार को रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बाबा ने कहा कि अभी पितृपक्ष चल रहा है। हमारे कुछ वरिष्ठ साथियों की संवेदनशील भावना रही है कि पितृपक्ष में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता, इसलिए प्रत्याशियों की सूची भी पितृपक्ष में जारी नहीं की जानी चाहिए।

इसे ध्यान में रखते हुए पितृपक्ष के बाद 13 अक्टूबर को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने वाली है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रत्याशियों की पहली सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।  सिंहदेव ने कहा कि संभवतः 13 अक्टूबर के बाद ही कम से कम बीस सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। तब तक पितृपक्ष भी खत्म हो चुका होगा। सिंहदेव ने कहा कि पार्टी के आम कार्यकर्त्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की भावना को प्रत्याशी चयन में अहमियत दी जाएगी और दमदार प्रत्याशी मैदान पर उतारे जाएंगे।

सेक्टर व बूथ प्रभारियों को चुनाव के लिए रिचार्ज किया मौर्य ने

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  • शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने ली नानगुर एवं दरभा ब्लॉक की बैठक

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी बस्तर के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आसन्न विधानसभा चुनाव के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं को रिचार्ज करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने 10 अक्टूबर को दरभा एवं नानगुर ब्लाक कांग्रेस कमेटियों की बैठक ली।
बैठक में मौर्य ने सेक्टर प्रभारियों और बूथ प्रभारियों को चुनाव में बेहतर परफॉरमेंस दिखाने के लिए जरुरी दिशा निर्देश और टिप्स दिए। जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने सेक्टर प्रभारियों व बूथ प्रभारियों को प्रत्येक बूथ की जिम्मेदारी प्रदान करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन -जन तक पंहुचाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के लक्ष्य के अनुरूप 75 प्लस के संकल्प के साथ काम करते हुए जगदलपुर विधानसभा सीट समेत बस्तर संभाग की सभी सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराना है। इसके लिए सभी को प्रण प्राण से जुट जाना होगा। आज से आप सभी घर घर जाएं और भूपेश सरकार के उल्लेखनीय कार्यों के बारे में लोगों को बताएं और कांग्रेस के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित करें। आप ही संगठन की असली ताकत हैं।


इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र प्रभारी फतेह सिंह परिहार, महामंत्री व दरभा ब्लाक प्रभारी अल्ताफ उल्ला खान, जिला सचिव मानसिंह बघेल, संयुक्त सचिव गुरमेल सिंह, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव तुला कश्यप, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मुन्नालाल कश्यप, जयदेव नाग, केशव नाग, सामनाथ कश्यप, राजेश दास, चक्रधर कश्यप, भुलकुराम नाग, डमरूधर बघेल, मानसिंह बघेल, रामनाथ बघेल, जयराम नाग, महेश बघेल, सोनमत मौर्य, सहदेव कश्यप, मनीराम बघेल, मुन्नालाल कश्यप, सोनारूराम मरकाम, विजय कुमार नाग, बलिराम व नीलूराम बघेल ब्लॉक अध्यक्ष नानगुर, कमलचंद सेठिया महामंत्री, धनसिंह बघेल जनपद सदस्य, सेक्टर प्रभारी मुन्ना सेठिया, गंगाराम सेठिया सेक्टर प्रभारी, तुलाराम कश्यप, शेरसिंह सेठिया, सामनाथ नाग सेक्टर प्रभारी, लोकेश सेठिया, विजय ध्रुव सहित अन्य सेक्टर प्रभारी, बूथ प्रभारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

बजावंड के लोगों के लिए बेमानी हो गई है आजादी

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  • 76 साल बाद भी सुविधाओं से वंचित है बजावंड पंचायत

अर्जुन झा

 बकावंड स्वतंत्रता के 76 वर्ष पूरे होने पर देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं आज भी बस्तर जिले के कई गांव ऐसे हैं, जहां के बाशिंदे समस्याओं की गुलामी से जकड़े हुए हैं। बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत बजावंड के लिए भी आजादी बेमानी हो गई है। यहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, पीएम आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं पहुंच सकी हैं।

ग्राम पंचायत बजावंड के आश्रित ग्राम पनका पारा वह बदनसीब गांव है, जहां की जमीन विकास की किरण के लिए तरस रही है। ओड़िशा राज्य की सीमा से लगे पनका पारा गांव के लोग विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर हैं।जनपद पंचायत मुख्यालय बकावंड से करीब 25 किमी दूर ग्राम पंचायत बजावंड के आश्रित पनका पारा गांव के लोग कई साल से समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। उन्हें मताधिकार तो मिला हुआ है, लेकिन उनके वोटों के दम पर विधायक, सरपंच बनने वाले लोग निजी हित में इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें इन ग्रामीणों के दुख दर्द से कोई वास्ता नहीं रह गया है। चुनाव जीतने के बाद सरपंच, विधायक, सांसद को इस गांव की बेहतरी के लिए समय नहीं मिलता। गांव के ऐसे हालात यकायक नहीं बने हैं, बल्कि आजादी के बाद से ही उपेक्षा का दंश इस गांव के लोग सहते आ रहे हैं।

पनका पारा के ग्रामीण सरस्वती झाली, हेमबती नेताम, गोमती आदि ने ग्राम पंचायत के सरपंच पर उदासीनता और बस्ती की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पनका पारा के लोग अच्छी सड़क, शुद्ध पेयजल, समुचित विद्युत व्यवस्था, आवास आदि की सुविधा से कोसों दूर हैं और त्रासदी भोगते आ रहे हैं। गांव की सड़क की बुरी गत बन गई है। उसे सुधारने या नए सिरे से सड़क निर्माण पर सरपंच कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं

खतरे में नौनिहालों की जान

पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी बच्चों की जान से भी खिलवाड़ करने पर आमादा हैं। आंगनबाड़ी तक जाने वाली सड़क का बड़ा ही बुरा हाल है। गड्ढे और उखड़ आई गिट्टियां ही सड़क के नाम पर शेष रह गए हैं। इसी खतरनाक रास्ते से लोग अपने बच्चों को आंगनबाड़ी में भेजते हैं। कई बच्चे इस सड़क पर गिरकर जख्मी हो चुके हैं, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही का आलम यह है कि उन्हें मासूम बच्चों की जान की भी परवाह नहीं रह गई है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि आंगनबाड़ी पहुंचते तक बच्चे कीचड़ से लथपथ हो जाते हैं। वर्षों से सड़क बन नहीं पाई है।

आंगनबाड़ी या मौत का कुंआ ?

आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय के लिए तीन -चार वर्ष से गड्ढे खोदे गए हैं। न तो शौचालय निर्माण किया गया है, न ही गड्ढों को ढंका गया है। आंगनबाड़ी भवन में बिजली के बोर्ड को भी खुला छोड़ दिया गया है। शौचालय के गड्ढों और खुले पड़े बिजली के बोर्ड से बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है। यह सरपंच सचिव की लापरवाही की पराकाष्ठा है। अधिकारियों को कई दफे जानकारी देने के बाद भी लापरवाही बरतने वाले सरपंच सचिव पर कार्यवाही नहीं की जाती है। इस वजह से दिनों दिन भ्रष्टाचार और सरपंच सचिव की मनमानी एवं लापरवाही बढ़ती जा रही है।

लाखों रुपयों से कराए गए निर्माण कार्यों में भी जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।

जगदलपुर के कांग्रेस अखाड़े से एक पहलवान बाहर

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  • रेखचंद को अपने काम पर भरोसा

(अर्जुन झा)

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान और भाजपा की दूसरी सूची जारी होने के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित होने का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में चुनाव होगा। 7 नवंबर को बस्तर की 12, राजनांदगांव व कवर्धा की 8 सीटों सहित 20 सीटों के लिए मतदान होगा। शेष 70 सीटों पर 17 नवंबर को वोटिंग होगी। बस्तर की सभी सीटों पर पहले चरण में मतदान होगा। भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। बस्तर संभाग की एक दर्जन सीटों में एकमात्र सामान्य सीट जगदलपुर से भाजपा ने किरण देव को प्रत्याशी बना दिया है। कांग्रेस की ओर से मौजूदा विधायक रेखचंद जैन सहित चार दावेदार मुख्य रूप से सामने आए।

 

जिनमें से एक दावेदार टिकट की रेस से बाहर कर देने के बाद तीन नामों पर गहन विचार विमर्श का दौर राज्य के स्तर पर चला और अब दिल्ली में होने वाले फैसले पर सभी दावेदारों की निगाह लगी हुई है। चुनाव की तारीख का ऐलान होने की पूर्व संध्या पर खबर थी कि कांग्रेस चुनाव समिति ने 90 में से 65 सीटों पर सिंगल नाम तय कर लिए, ऐसा दावा किया जा रहा था कि इन नामों में बस्तर की 12 सीटें भी शामिल हैं। बस्तर की जगदलपुर सीट से साढ़े सत्ताइस हजार के रिकॉर्ड अंतर से जीतने वाले विधायक रेखचंद जैन के रिपीट होने की संभावना व्यक्त की जा रही हैं। जगदलपुर की कांग्रेस राजनीति में चर्चा है कि चुनाव समिति की बैठकों के दौर में रेखचंद जैन की मजबूत दावेदारी सामने आई। वे अपने कार्यकाल में सक्रियता और लोकप्रियता के कारण रिपीट होने सक्षम माने जा रहे हैं। इधर पार्टी संगठन और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ साथ अपने काम के भरोसे रेखचंद जैन को विश्वास है कि वे पार्टी की कसौटी पर खरे उतरेंगे और अवसर मिला तो जनता की अपेक्षा पर खरे उतरेंगे। रेखचंद जैन हर रोज की तरह आज भी जनता से मेल मुलाकात में व्यस्त रहे। उनका कहना है कि वे अपने स्तर पर विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ता की हैसियत से जनता के बीच पूर्ववत सक्रिय हैं। पार्टी उचित फैसला लेगी। कांग्रेस की जीत ही हमारा संकल्प है। कांग्रेस की ऐतिहासिक विजय सुनिश्चित है।

 

भाजपा की सूची हताशा की, कांग्रेस की होगी भरोसे की सूची: जावेद खान

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  • यह चुनाव भाजपा बनाम प्रदेश की जनता रहेगा

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पीसीसी मीडिया पेनलिस्ट जावेद खान ने भाजपा प्रत्याशियों की सूची को हताशा की सूची करार दिया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को निराश किया है।

जावेद खान ने कहा है कि कुछ दिन पूर्व भाजपा की एक सूची वायरल हुई थी। तब प्रदेशभर में विरोध देखने को मिला था। यह विरोध स्थानीय स्तर से लेकर के प्रादेशिक स्तर तक चला था। कई जगह तो सड़कों पर पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही नेताओं के कपड़े फाड़ते नजर आए थे।जगदलपुर सीट के लिए सूची में जिनका नाम था, उनके विरोध में 600 लोगों ने राजधानी जाकर विरोध किया था। बावजूद इस वायरल सूची को अधिकृत सूची बनाकर भाजपा ने कार्यकर्ताओं के लिए इसे हताशा की सूची साबित कर दिया है। जबसे आधिकारिक रूप से यह सूची जारी हुई है, भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी है। भाजपा आज उन नेताओं पर भरोसा कर रही है, जिन्हें 2018 के चुनाव में प्रदेश की जनता ने सिरे से खारिज कर दिया था, जिन पर 36 हजार करोड़ के पीडीएस घोटाला करने, 44 हजार करोड़ के शराब घोटाले, प्रदेश की जनता की रकम को चिटफंड कंपनियों तक पहुंचाने, किसानों के दो साल के 4000 करोड़ बोनस को डकारने तक का आरोप हैं। 2018 का चुनाव भाजपा ने प्रदेश की जनता के विरुद्ध लड़ा था और जनता ने उसे को हराकर 15 सीटों में समेट दिया। भाजपा उन्हीं पिटे हुए चेहरों के साथ 2023 का चुनाव प्रदेश की जनता के विरुद्ध लड़ने उतारू है। प्रदेश की जनता ने भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के काम को देखा और परखा है। निश्चित तौर पर भाजपा बनाम प्रदेश की जनता के इस चुनाव में प्रदेश की जनता इस बार भाजपा को दहाई का भी आंकड़ा पूरा नहीं करने देगी और फिर से एक बार प्रदेश की जनता की जीत होगी। छत्तीसगढ़ और छत्तिसगढ़िया स्वाभिमान की जीत होगी। जावेद ने कहा जब से प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया और पूर्ण बहुमत की कांग्रेस की सरकार बनाई कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के भरोसे को लगातार मजबूत करने का कार्य किया है। प्रदेश की जनता का दिया नारा दिया भूपेश है तो भरोसा जनता के दिलों पर छाप बन चुका है। आगामी 5 साल तक प्रदेश की जनता को खुशहाल बनाए रखने, छत्तीसगढ़ को सबसे अग्रणी राज्य बनाने, नक्सलवाद को नष्ट करने, बेरोजगारी खत्म करने, नगरनार इस्पात संयंत्र को बिकने से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी भी संकल्पित है। इसीलिए कांग्रेस प्रदेश की जनता के लिए भरोसे की सूची लेकर आएगी। उस सूची के हर नाम पर प्रदेश की जनता को भरोसा होगा। आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की जो स्थिति है उसके जिम्मेदार 15 साल छत्तीसगढ़ में राज करने वाले रमन सिंह और उनका मंत्रिमंडल की वजह है। रमन और उनके मंत्रियों ने प्रदेश में अपने किसी कार्यकर्ता को आगे बढने नहीं दिया। इसलिए भाजपा को घिसे पिटे चेहरों के साथ मैदान पर उतरना पड़ा है।

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