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बस्तर को बकवास सुनाने आए थे प्रधानमंत्री : जैन

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  • एम्स स्थापना, सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, टोल वसूली, एनएच की दुर्दशा पर चुप्पी क्यों साध गए मोदी

जगदलपुर स्थानीय विधायक व छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर को सौगात देने नहीं, बल्कि भाषण सुनाने आए थे। मुद्दों पर बात करने की जगह राजनीतिक बकवास सुनाकर चल दिए। उन्हें स्पष्ट रूप से घोषणा करना चाहिए थी कि नगरनार इस्पात संयंत्र निजी हाथों में नहीं दिया जाएगा। लेकिन वे गोलमोल बातें कर गए कि संयंत्र कांग्रेस को नहीं देंगे। कांग्रेस ने कब संयंत्र मांगा है? कांग्रेस तो उसे मोदी मित्रों के हाथों नीलाम होने से बचाने बस्तर की जनता के साथ खड़ी है और विनिवेश रोकने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को बस्तर आए प्रधानमंत्री से लोगों को बड़ी व अहम घोषणाओं की उम्मीद थी। ज्वलंत विषयों पर यहां के 35 लाख लोगों को राहत देने की बजाय वे चुप्पी साध गए।

नगरनार इस्पात संयंत्र बचाने के लिए बस्तर सांसद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ लगातार संघर्ष कर रहे रेखचंद जैन ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि जगदलपुर में एम्स की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल नाकों से वसूली, जगदलपुर में आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना आदि बस्तर से जुड़े तमाम मुद्दों पर उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को वर्ष 2019 में पत्र लिखा था लेकिन बस्तर की आम जनता से जुड़े किसी भी विषय पर केंद्र सरकार ने कोई ठोस पहल आज तक नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोग यह अपेक्षा कर रहे थे कि बस्तर हित से जुड़े इन मामलों पर वे सौगात देकर स्थानीय जनता को राहत प्रदान करेंगे लेकिन वे एक बार फिर भाषणबाज साबित होकर चले गए। प्रधानमंत्री मोदी एम्स स्थापना, आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना, सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, टोल वसूली, दरभा के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण, रेलवे, सड़क आदि विषयों पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करने वाली कोई भी बात नहीं कह गए हैं। इससे बस्तर के लाखों लोगों में घनघोर निराशा व्याप्त है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री यहां सार्थक पहल करने की बजाय आरोप- प्रत्यारोप की राजनीति करने आए थे।

2015 की घोषणाओं पर भी कुछ नहीं कहा

जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मई 2015 में दंतेवाड़ा प्रवास पर आए थे। तब उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की सौगात बस्तर को देने की घोषणा की थी। आज भी पीएमओ इन्हें प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट बताकर प्रचारित करता है। आठ साल पहले की प्रधानमंत्री मोदी की किन घोषणाओं पर कितना काम हुआ है? कितनी रकम खर्च कर बस्तरवासियों के हित में काम किए गए हैं ? वर्तमान में इनकी जमीनी हकीकत क्या है? यह जनता को बताया जाना था लेकिन प्रधानमंत्री ने कोई बात नहीं की। बस्तर अंचल से एनएमडीसी, रेलवे, जीएसटी आदि के मार्फत हर साल करोड़ों रुपये की कमाई करने वाली केंद्र सरकार यहां का पैसा यहां खर्च करने की बजाय आरोप- प्रत्यारोप की स्तरहीन राजनीति करने की राह पर चल रही है, जिसका जनता मुंहतोड़ जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि लामनी- सरगीपाल रेलवे खंड पर फुट ओवरब्रिज की मांग भी मेरे द्वारा की गई है। हर साल लौह अयस्क परिवहन से करोड़ों रुपये की आय अर्जित करने वाले केंद्र सरकार के विभाग रेलवे ने आज तक इस दिशा में भी कोई ठोस पहल नहीं की है। जिससे क्षेत्रीय लोगों में काफी नाराजगी है। मोदी अगर समझते हैं कि झूठी कहानियों के हवामहल में बैठकर वे बस्तर में कुछ हासिल कर लेंगे तो यह उनका भ्रम है और यह अभी विधानसभा चुनाव में टूट जाएगा, जब बस्तर की पूरी 12 सीटों पर कांग्रेस की विजय पताका फहरेगी और लोकसभा चुनाव में भी बस्तर की दोनों सीटों पर कांग्रेस जीतेगी।

अब अपनी जमीन पर ही रहकर इंजीनियर बनेंगे बस्तरिहा सपूत

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  •  जेईई और नीट के लिए भोपालपटनम में खुली सरकारी कोचिंग इंस्टीट्यूट

जगदलपुर। बस्तर के विद्यार्थी अब अपनी ही जन्मभूमि में रहकर जेईई और एनईईटी (नीट) जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। दक्ष इंजीनियर बनकर बस्तर की माटी का कर्ज उतार सकेंगे और छत्तीसगढ़ एवं राष्ट्र की सेवा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें यहीं पर कोटा की जैसी उम्दा कोचिंग मिलेगी। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भोपाल पटनम में कोचिंग सेंटर स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं शिक्षा रवींद्र चौबे ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। दरअसल यह इंस्टीट्यूट राजस्थान के कोटा में संचालित प्रसिद्ध एलेन करियर कोचिंग इंस्टीटूट है। इस संस्था में विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इस कोचिंग इंस्टीट्यूट में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। यह कोचिंग इंस्टीट्यूट उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगी, जिनके पालक ऐसी कोचिंग दिलाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने में असमर्थ रहते हैं। यह हर माता पिता के लिए राहत की खबर है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को निशुल्क कोचिंग एवंतैयारी करने का मौका मिलेगा। यह शासन का छात्र- छात्राओं के विकास एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में एक बेहतरीन पहल है, जो बच्चों के लिए वरदान साबित होगी। इस योजना के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल भोपालपटनम की छात्र – छात्राओं एवं जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उनका आभार माना। सेजेस भोपालटनम में आयोजित वर्चुअल उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष निर्मला मरपल्ली, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजार खान, जिला नोडल एमवी राव, खंड शिक्षा अधिकारी कंडिक नारायण, बीआरसी मिर्ज़ा खान, पालक मनोज कौशल, लंबाड़ी वेंकटेश्वर, गर्ल्स स्कूल के प्राचार्य बीएम राव एवं सेजेस प्राचार्य एन राजेश उपस्थित थे।

ऐतिहासिक बंद ने जाहिर कर दी बस्तर के लोगों की मंशा

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  •  विधायक रेखचंद जैन ने जनता का माना आभार
  •  नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने के पक्ष नहीं है जनता

जगदलपुर संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट को न बेचने की मांग को लेकर मंगलवार को आहूत कांग्रेस के बस्तर संभाग बंद को सफल, अविस्मरणीय, ऐतिहासिक और जनहितैषी बताया है। बंद को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए उन्होंने समस्त कांग्रेसजनों, संघ- संगठनों, समाज के विभिन्न वर्गों एवं आम जनता का दिल से शुक्रिया अदा किया है। साथ ही इस मामले में आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, प्रभारी मंत्री कवासी लखमा समेत अन्य नेताओं का आभार भी माना है।
जैन ने बंद को ऐतिहासिक रूप से शत प्रतिशत सफल बताते कहा है कि जनता के हितों की रक्षा के लिए कृत संकल्पित कांग्रेस भविष्य में भी जनहित के मामलों में इसी प्रकार के जन सहयोग की अपेक्षा रखती है। श्री जैन ने शहर तथा ग्रामीण कांग्रेस संगठनों के अध्यक्ष समेत समस्त पदाधिकारियों, कांग्रेस के विभिन्न संगठनों, प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों- कार्यकर्ताओं का भी आभार माना है, जिनकी मेहनत से बंद को सफल हो सका। रेखचंद जैन ने कहा कि बंद को व्यापक समर्थन देकर बस्तरवासियों ने जता दिया है कि वे किसी भी सूरत में नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाने की जरूरत क्यों न पड़ जाए।

कोंडागांव में साढ़े 3 करोड़ का बड़ा टेंडर घोटाला

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  •  ऑनलाइन टेंडर में अनियमितता की शिकायत कलेक्टर से
  •  ठेकेदारों ने नगर पालिका के खिलाफ खोल दिया है मोर्चा
  •  निर्माण कार्य नियम विरुद्ध कार्य करवाने का आरोप =

कोंडागांव नगर पालिका परिषद कोंडागांव में सीएमओ भूपेंद्र वाडेकर की पदस्थापना के बाद से ही उन पर लगातार निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायतें आ रही हैं।जहां नपा अध्यक्ष कक्ष के सौंदर्यीकरण करण कार्य नियमों को ताक पर रखकर करवाने का आरोप लगा है, तो अब ठेकेदार सीएमओ पर शासकिय दिशा निर्देशों की अवहेलना करते 3 करोड़ 54 लाख के तालाब सौंदर्यीकरण के कार्य में भी घोटाला करने का आरोप लगा रहे हैं।
एनआईटी नंबर 1913 /पीडब्ल्यूडी/ एनपीपी / 2023 -24 कोंडागांव 5 – 9- 2023 कार्य डेवलपमेंट एंड ब्यूटीफिकेशन वर्क ऑफ़ कोपाबेड़ा जलाशय वार्ड 15 के टेंडर में गफलत का आरोप है। जलाशय सौंदर्यीकरण कार्य नगर पालिका परिषद कोंडागांव के ऑनलाइन निविदा में विभाग के कंप्यूटर आईपी एड्रेस से नहीं लगाकर किसी अन्य निजी संस्था के कंप्यूटर आईपी एड्रेस से ऑनलाइन निविदा करने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए ठेकेदारों ने सीएमओं पर एक फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ठेकेदारों ने कोंडागांव के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

नगरनार मसले पर बस्तर को निराश किया मोदी ने : जैन

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  •  वनोपज और रोजगार समेत तमाम मामलों में झूठ परोस गए प्रधानमंत्री : रेखचंद
  •  नगरनार प्लांट को नहीं बेचने की गारंटी न देना छल

जगदलपुर मंगलवार को यहां लालबाग मैदान में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमसभा पूरी तरह से फ्लॉप रही है। प्रधानमंत्री को सुनने पहुंचे लोगों को उनकी बात सुनकर घोर निराशा हुई है। बस्तरवासियों और युवकों को नगरनार स्टील प्लांट न बेचने की गारंटी प्रधानमंत्री नहीं दे पाए। इससे साबित होता है कि वे कितने मजबूर हैं ? यह कहना है संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन का।
एक बयान में जैन ने कहा है कि वनोपज, रोजगार समेत जिन बिंदुओं जिन पर भी प्रधानमंत्री ने संबोधन दिया, वह झूठ का पुलिंदा साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने संबोधन में यह तो कहा कि नगरनार स्टील प्लांट पर आदिवासियों का अधिकार है, लेकिन वे बस्तर की 35 लाख जनता को स्टील प्लांट न बेचने की गारंटी नहीं दे पाए। साल 2023 में नगरनार स्टील प्लांट का संचालन कराने के लिए जो बोली आहूत की गई है, उसके बोलीदारों में प्रधानमंत्री  मोदी के अभिन्न मित्र की कंपनी भी शामिल है।  मोदी को जनता के सामने स्पष्ट करना था कि नगरनार स्टील प्लांट को न तो किसी निजी हाथ में सौंपा जाएगा और न ही इसका विनिवेशीकरण किया जाएगा। सच्चाई तो यह है कि स्टील प्लांट के निजीकरण व विनिवेशीकरण की जनक भाजपा है और इसे  मोदी के कार्यकाल में विस्तार दिया गया है। यही नहीं, नगरनार स्टील प्लांट से उत्पन्न होने वाले रोजगार को लेकर भी प्रधानमंत्री गलत आंकड़े परोसते रहे। जहां एक ओर वे अंचल के हजारों-लाखों युवकों को स्टील प्लांट से रोजगार मिलने का सब्जबाग दिखाते रहे, वहीं दूसरी ओर इस प्लांट में नौकरी के लिए जूझ रही नगरनार क्षेत्र की बेटियों के समर्थन में कुछ भी नहीं कहा, जबकि एनएमडीसी द्वारा ऐसा किया जाना संभव है। संयंत्र स्थापना के लिए भूमि देने वाले परिवारों की बेटियों के प्रति भाजपा एवं प्रधानमंत्री का यह नजरिया लोगों को काफी चुभ रहा है।
जैन ने प्रधानमंत्री पर वनोपजों की खरीदी मामले में भी झूठ बोलने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा है कि बेहतर होता प्रधानमंत्री जनता को यह बताते कि छत्तीसगढ़ में 15 साल तक शासन करने वाली भाजपा तथा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में कुल कितने प्रकार के वनोपजों की खरीदी की जा रही थी ? सच तो यह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 65 से अधिक वनोपजों की खरीदी सुनिश्चित कर बस्तर समेत राज्य के वनांचलों में रहने वाले लाखों आदिवासी परिवारों की बड़ी सहायता की है। प्रधानमंत्री  मोदी को जनता के सामने यह तथ्य रखना था कि 1991 में अविभाजित माध्यप्रदेश के समय जब तत्कालीन राज्यपाल कुंवर महमूद अली खां जगदलपुर आए थे तो एयरपोर्ट में एक भाजपा नेता को आदिवासियों का शोषक बताकर उसे नमक के बदले चिरोंजी खरीदने वाला बताया था। पूरे भाषण के दौरान प्रधानमंत्री गोलमोल बातें करते रहे, जिससे सभा में पहुंची जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस करती रही।

महारानी अस्पताल में नहीं है सुरक्षित मातृत्व की गारंटी

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  • महिला एवं शिशु वार्ड से नदारद रहते हैं डॉक्टर
  • प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला, नहीं हुआ ईलाज

अर्जुन झा
जगदलपुर प्रसव पीड़ा से एक महिला अस्पताल में घंटों तड़पती रही, मगर बेदर्द डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। वे अपने घरों में चैन की नींद लेते रहे। पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की चौबीस घंटे ड्यूटी रहती है, लेकिन जगदलपुर के जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल के डॉक्टरों के लिए शायद यह व्यवस्था लागू नहीं होती। यहां के डॉक्टर शाम ढलने के बाद जिला चिकित्सालय को नर्सेज के भरोसे छोड़ अपने निजी क्लीनिक या घर के लिए रवाना हो जाते हैं। इस अस्पताल के महिला एवं शिशु वार्ड का तो और भी बुरा हाल है। वार्ड के मुख्य द्वार के शीर्ष पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखा है सुरक्षित मातृत्व आश्वासन, लेकिन यहां सुरक्षित प्रसव और सुरक्षित मातृत्व की गारंटी नहीं है।
जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल, जो कि बस्तर का जिला चिकित्सालय है। यह जिला चिकित्सालय पूरे बस्तर संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। इसके अलावा यहां एक सरकारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भी संचालित है। यह भी बस्तर संभाग के इकलौता बड़ा सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल है। इन दोनों सरकारी अस्पतालों पर बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर जिलों के लोग ईलाज के लिए आश्रित रहते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इन दोनों सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प कराया है। दोनों अस्पतालों को तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।

बस्तर जिले के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी बड़ी तादाद में यहां के इलाज पर विश्वास करते हैं, किंतु अब दोनों अस्पतालों की अव्यवस्था और प्रशासनिक लचरता के कारण मरीज बहुत परेशान हो रहे हैं। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों की लापरवाही और मनमानी चरम सीमा पर पहुंच गई है। शासन से 70 हजार रु. से लेकर सवा लाख रु. तक कल की मोटी तनख्वाह लेने वाले डॉक्टर्स निरंकुश हो चले हैं। ज्यादातर डॉक्टर ड्यूटी समय पर इन अस्पतालों से गायब रहते हैं। सोमवार को महारानी अस्पताल जिला चिकित्सालय में एक बड़ा ही कारूणिक दृश्य सामने आया। प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय लाई गई महिला प्रसव वेदना से तड़पती रही, मगर उसकी सुध लेने एक भी डॉक्टर सामने नहीं आया। महिला की हालत देख आसपास मौजूद लोग द्रवित हो उठे, कुछ महिलाएं तो रोने भी लगी थीं, लेकिन पत्थर दिल डॉक्टर नहीं पसीजे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के दिन 2 अक्टूबर की देर रात एक ग्रामीण महिला को प्रसव के लिए परिजन महारानी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। महिला को अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड में रखा गया था। रात में तो कोई डॉक्टर इस वार्ड में ड्यूटी पर था ही नहीं, सुबह 6.30 बजे तक भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा था। महिला प्रसव पीड़ा से बुरी तरह तड़पने लगी थी। वह दर्द के चलते छटपटा रही थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली जा रही थी। जच्चा बच्चा की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। उसके परिजन वार्ड में मौजूद स्टॉफ से मिन्नतें करते रहे कि डॉक्टर को बुला दीजिए, मगर डॉक्टर को नींद से जगाने की हिम्मत किसी की नहीं हुई। आखिरकार परिजन किराए की गाड़ी बुलाकर महिला को दूसरे अस्पताल में ले गए। महिला को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी नहीं मिल सकी।

ये कैसा सुरक्षित मातृत्व आश्वासन?
छत्तीसगढ़ सरकार सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने सरकारी अस्पतालों को करोड़ों रुपयों का फंड उपलब्ध कराती है। प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने जननी एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित संभाग में पदस्थ डॉक्टर्स और स्टॉफ को अपेक्षाकृत ज्यादा वेतन, विशेष भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। बावजूद बस्तर में पदस्थ अधिकतर सरकारी डॉक्टर अपने कर्तव्य के प्रति सजगता नहीं दिखाते। महारानी अस्पताल जिला चिकित्सालय के मातृ शिशु वार्ड को कादंबनी नाम दिया गया है। वार्ड के मेन गेट के सामने वाले हिस्से के ऊपरी भाग में लिखा है ‘कादंबनी’ और ठीक उसके ऊपर लिखा है ‘सुरक्षित मातृत्व आश्वासन’। कादंबनी का तात्पर्य उस कदम पेड़ से है, जिस पर बाल गोपाल कान्हा खेला करते थे। मगर जगदलपुर के जिला चिकित्सालय में बाल गोपाल की किलकारी गूंजे, इसकी गुंजाईश कम ही रहती है। वहीं सुरक्षित मातृत्व आश्वासन महज शब्दों तक सीमित है। यहां पहुंचने वाली महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराकर उन्हें मातृत्व सुख देने से डॉक्टरों का शायद कोई सरोकार नहीं रह गया है।

भारत का भाग्य बदलने में छत्तीसगढ़ बहुत बड़ी भूमिका अदा करेगा- मोदी

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  •  नगरनार इस्पात संयंत्र का लोकार्पण
  • छत्तीसगढ़ के बस्तर में 27 हजार करोड़ के विकास की सौगात

जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगरनार संयंत्र, रेल परियोजनाओं के शिलान्यास लोकार्पण समारोह में करीब 27 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भारत का भाग्य बदलने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब सिद्ध होगा, जब हर प्रदेश, हर जिला, हर गांव विकसित हो। इस संकल्प को शक्ति देने के लिए आज यहां लगभग 27 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं आप सभी को, छत्तीसगढ़ की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए फिजिकल, डिजिटल, जरूरत के हिसाब से विकास होना चाहिए। यही वजह है कि हमारी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च को बढ़ाकर इस साल 10 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। यह पहले के मुकाबले 6 गुना ज्यादा है। यह जो आज देश में रेल, रोड, एयरपोर्ट पावर प्रोजेक्ट, गाड़ियां, गरीबों के घर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल बना रहे हैं, इन सब में स्टील का बहुत बड़ा महत्व है। स्टील निर्माण में भारत आत्मनिर्भर हो, इसके लिए बीते 9 वर्षों में अनेक कदम उठाए गए हैं। एक बड़ा स्टील निर्माता राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ को इसका बहुत लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की इस भूमिका को विस्तार देते हुए आज नगरनार में भारत के सबसे आधुनिकतम स्टील प्लांट में से एक का लोकार्पण हुआ है। यहां बनने वाला स्टील भारत की इंजीनियरिंग और तेजी से बढ़ते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बहुत काम आने वाला है। नई ऊर्जा देने वाला है। बस्तर में जो स्टील बनेगा, उससे हमारी सेना और भी सक्षम होगी। निर्यात में भी भारत का डंका बजेगा। नगरनार प्लांट के कारण बस्तर सहित आसपास के इलाकों के करीब करीब 50 हजार नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार बस्तर जैसे आकांक्षी जिले को जिस प्रकार प्राथमिकता दे रही है, उस मिशन को भी यह स्टील प्लांट नई गति देगा। मैं इसके लिए बस्तर के छत्तीसगढ़ के नौजवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 9 वर्षों में केंद्र सरकार का विशेष फोकस कनेक्टिविटी पर रहा है। छत्तीसगढ़ को भी इकोनामिक कॉरिडोर और आधुनिक हाईवे मिले हैं। 2014 से पहले की तुलना में छत्तीसगढ़ का रेल बजट करीब करीब 20 गुना बढ़ाया गया है। आज राज्य में रेलवे की कई बड़ी-बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं। आजादी के बाद इतने वर्षों में भी अब तक छत्तीसगढ़ के ताड़ोकी को रेलवे के नक्शे में जगह नहीं मिली थी। आज ताड़ोकी को नई ट्रेन की शुरुआत मिली है। आदिवासी साथियों को सुविधा भी मिलेगी और खेती किसानी से लेकर वन उत्पादों का भी परिवहन आसान हो जाएगा। रायपुर तक डेमू ट्रेन से आना जाना आसान हो जाएगा। जगदलपुर दंतेवाड़ा रेल लाइन दोहरीकरण से आवागमन भी आसान होगा और उद्योगों की कास्ट भी कम होगी। रेलवे की सारी परियोजनाएं इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ाएंगी।

जमीन पर नजर आया लोगों का कांग्रेस के प्रति भरोसा

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  • राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में निकली भरोसा यात्रा
  • सीएम बघेल पाटन में, प्रदेश प्रभारी शैलजा व सिंहदेव अंबिकापुर में पीसीसी चीफ बैज बस्तर में डटे रहे

रायपुर गांधी जयंती पर कांग्रेस ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में भरोसा यात्रा निकाली। प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता अपने- अपने विधानसभा क्षेत्रों में भरोसा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन के सेलूद, गाड़ाडीह, जामगांव, रानीतराई में भरोसा यात्रा में शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा और उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अंबिकापुर में निकली कांग्रेस भरोसा यात्रा में, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बस्तर की भरोसा यात्रा में, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत सक्ती, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण, प्रभारी सचिव डॉ. चंदन यादव, सह सचिव विजय जांगिड़ सरगुजा की भरोसा यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस प्रति लोगों का बढ़ता भरोसा जमीन पर साफ नजर आया। भरोसा यात्रा के दौरान विधानसभा क्षेत्रों में मोटर साईकिल रैली भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यात्रा का समापन हर विधानसभा क्षेत्र में सभा के रूप में हुआ।

जन भावनाओं का प्रतीक: रही यात्रा :बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के हर समाज का व्यक्ति कह रहा है कि उसे कांग्रेस पर भरोसा है। क्योंकि कांग्रेस ने जो कहा वो किया। दूसरी ओर जब रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में समाज का हर वर्ग दुखी था। भाजपा नेता कमीशनखोरी में डूबे हुए थे। भाजपा के 15 साल में किसानों को न 2100 रूपए प्रति क्विंटल का दाम मिला और न हर साल बोनस का वादा पूरा हुआ। दूसरी ओर कांग्रेस ने आते ही कर्ज माफी का वादा पूरा किया और प्रदेश के 18 लाख किसानों के 9000 करोड़ का कर्ज माफ किया। किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल देने का वादा निभाया और इस साल तो 2640 रूपए मिल रहे हैं। मोदी सरकार ने बोनस पर रोक लगाई तो हमारी सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू कर इनपुट सब्सिडी देना शुरू किया। आज छत्तीसगढ़ का किसान देश का सबसे खुशहाल किसान है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के आदिवासी देश के सबसे खुशहाल आदिवासी हैं। भाजपा के राज में आदिवासी महुआ को सड़कों पर फेंकने पर मजबूर थे, अब कांग्रेस सरकार महुआ 30 रूपए किलो में खरीदती है। अब 67 लघु वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदती है। तेंदूपत्ता के संग्राहक खुश हैं कि 2500 की जगह 4000 रुपए प्रति मानक बोरा मिल रहा है।

समाज का भरोसा जीता है कांग्रेस ने : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के शासन काल में लाखों लोगों के राशन कार्ड रद्द किए गए थे, कांग्रेस की सरकार ने सबके राशन कार्ड बनवाए। प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक लोगों के राशन कार्ड बन गए हैं और हर परिवार को 35 किलो चावल हर माह मिल रहा है। आदिवासी इलाकों में नमक और गुड़ भी मिलता है। भाजपा शासनकाल में 3000 स्कूल बंद किए गए थे। इनमें बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भी कई स्कूल शामिल थे। कांग्रेस ने न केवल बंद स्कूलों को खोला बल्कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना से 700 से अधिक स्कूल भी खोले। इससे बीजापुर जिले के विद्यार्थियों और पालकों को बड़ी राहत मिली है। श्री बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 1100 करोड़ रूपए दिए गए। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कॉलेज भी खुले और प्रदेश को चार नए मेडिकल कॉलेज भी मिले। स्वास्थ्य के नाम पर भाजपा के शासनकाल में अंखफोड़वा कांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, नकली दवा कांड ही था, कांग्रेस के शासनकाल में हाट बाजार क्लीनिक, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और दाई दीदी क्लीनिक जैसे चलित अस्पताल की सुविधाएं मिल रही है। कांग्रेस सरकार में धनवंतरी दवा दुकानें शुरू की गई जिसमें लाखों लोगों को 71 प्रतिशत तक सस्ती दवाओं की सुविधा मिली है। कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश के हर घर में बिजली बिल हॉफ कर दिया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों की बहुत बचत हुई है। कांग्रेस की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन लौटाई, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं की तनख्वाह बढ़ाई। भाजपा के शासनकाल में बरसों से नौकरी नहीं निकल रही थी जबकि कांग्रेस की सरकार में हजारों पदों पर भर्तियां हुई। बेरोजगारों को हर माह 2500 रूपए का भत्ता मिल रहा है। प्रदेश में उद्योग व्यापार भी बढ़ा है। प्रदेश में 500 नई राइस मिलें खुली हैं। दीपक बैज ने कहा कि कुल मिलाकर भाजपा की रमन सिंह सरकार ने जनता का भरोसा गंवा दिया था और कांग्रेस की भूपेश सरकार हर वर्ग का भरोसा जीता है।

डॉ. शिरोमणि माथुर को विश्व शांति पुरस्कार

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समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने नवाजा
दल्ली राजहरा खनिज नगरी दल्ली राजहरा की प्रतिष्ठित समाजसेविका, कवियित्री एवं साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से इंटरनेशनल पीस अवार्ड – 2023 से नवाजा गया है। डॉ. श्रीमती माथुर को यह वैश्विक सम्मान समाजसेवा एवं समाज में शांति स्थापना में उनके अतुल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
डॉ. शिरोमणि माथुर को प्रतिष्ठित विश्व शांति सम्मान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के संस्थापक मनीष शर्मा ने प्रदान किया है। डॉ. श्रीमती माथुर को यह अवार्ड मिलने से दल्ली राजहरा समेत समूचे छत्तीसगढ़ के समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और नागरिकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। जैसे ही डॉ. शिरोमणि माथुर को विश्व शांति मिलने की खबर बाहर आई, उनके निवास पर शुभचिंतकों का तांता लग गया। पचासों लोग बुके लेकर डॉ. शिरोमणि माथुर को बधाई देने पहुंचे।

चुनाव पास आते ही बढ़ता जा रहा है कांग्रेसी कुनबा

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डौण्डी के सैकड़ों युवक कांग्रेस में हो गए शामिल
अर्जुन झा

दल्ली राजहरा डौण्डी लोहारा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का कुनबा बढ़ता ही जा रहा है। इसे कांग्रेस के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। लोग बड़ी संख्या में कांग्रेस से जुड़ते चले जा रहे हैं। इस हलचल को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार रिपीट होने वाली है तथा क्षेत्रीय विधायक अनिला भेड़िया फिर से चुनकर आ रही हैं और उनका पुनः मंत्री बनना तय हो गया है। बालोद जिले के डौण्डी लोहारा क्षेत्र में स्थित आदिवासी बहुल विकासखंड डौण्डी की ग्राम पंचायत कोटगांव के सैकड़ों युवा क्षेत्रीय विधायक तथा प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया की सक्रियता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जनहितैषी कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस परिवार में इन युवाओं का स्वागत पूर्व मंत्री डोमेंद्र भेड़िया और मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी ने गमछा पहनाकर किया। ये युवा पहले कांग्रेस से दूरी बनाए रखते थे और दूसरे दलों के समर्थक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डौण्डी लोहारा विधानसभा क्षेत्र कट्टर कांग्रेसी भेड़िया परिवार का गढ़ रहा है। अविभाजित मध्यप्रदेश में केबिनेट मंत्री रहे झुमुक लाल भेड़िया इस क्षेत्र के अपराजेय योद्धा माने जाते थे। झुमुक लाल भेंड़िया के निधन के बाद भेड़िया परिवार के डोमेंद्र भेड़िया इस सीट से विधायक चुने गए और राज्य सरकार में मंत्री बने। पिछले चुनाव में इस परिवार की बहू अनिला भेंड़िया के हाथों में क्षेत्र की कमान आ गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी केबिनेट में अनिला भेंड़िया को महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया। विधायक चुने जाने के बाद से ही अनिला भेंड़िया अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास में शिद्दत से जुटी हुई हैं तथा जनता से सतत संपर्क बनाए रखी हैं। क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी बेदाग छवि और जबरदस्त लोकप्रियता बनी हुई है। उनके जेठ डोमेंद्र भेड़िया भी लगातार सक्रिय रहते हैं और उनकी अलग छवि है। कांग्रेस की साख बढ़ाने में डोमेंद्र भेंड़िया और अनिला भेंड़िया कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जन कल्याणकारी योजनाओं ने क्षेत्र के आदिवासियों और दूसरे समुदायों के लोगों का दिल जीत लिया है। लोगों का भरोसा कांग्रेस के प्रति पुनः जागृत हुआ है। यही कारण है कि सालों से भाजपा और दूसरे दलों का समर्थन करते आ रहे युवा तथा ग्रामीण लगातार कांग्रेस से जुड़ते जा रहे हैं। डौण्डी लोहारा क्षेत्र में कांग्रेस का कुनबा बढ़ता ही चला जा रहा है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि डौण्डी लोहारा सीट समेत छत्तीसगढ़ की अधिकांश विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराएगा और कांग्रेस की सरकार रिपीट होगी। इसी के साथ अनिला भेंड़िया का विधायक चुना जाना तो तय ही है, उनका मंत्री बनना भी सुनिश्चित है।

भूपेश ने जीता लोगों का भरोसा : डोमेंद्र
ग्राम कोटगांव में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डोमेंद्र भेंड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल निस्वार्थ भाव से छत्तीसगढ़ के लोगों की सेवा कर रहे हैं। भूपेश बघेल सरकार ने सर्वहारा वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं लागू की है। धान का सर्वाधिक मूल्य प्रति क्विंटल 26 सौ रु. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार दे रही है। धान खरीदी का दायरा बढ़ाकर बीस क्विंटल प्रति एकड़ कर दिया गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त राशि प्रदान की जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, बिजली, सड़क के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बेरोजगार युवाओं को ढाई हजार रुपए मासिक बेरोजगारी भत्ता हमारी सरकार दे रही है। पुल पुलिया और सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे लोगों में कांग्रेस और भूपेश बघेल के प्रति भरोसा और भी पुख्ता हुआ है। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कोमेश कोर्राम, जनपद अध्यक्ष बसंती दुग्गा, उपाध्यक्ष पुनीत राम सेन, कांग्रेस आईटी सेल के जिला अध्यक्ष विकास भेंड़िया, उर्दू अकादमी के सदस्य शब्बीर खान, कोमलेंद्र चंद्राकर, कमलेश कुमार, सरपंच जामबती चुरेंद्र, जनपद सदस्य पुष्पा कोमर्रा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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