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भंजदेव और कश्यप को याद कर क्या संदेश दे गए मोदी

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  • सभा में महाराज प्रवीरचंद्र भंजदेव और बलिराम कश्यप का पीएम ने किया स्मरण
  • इन दोनों हस्तियों के प्रति गहरी आस्था है बस्तर के लोगों में

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सभा में बस्तर रियासत के शासक रहे दिवंगत प्रवीरचंद्र भंजदेव और स्व. बलिराम कश्यप का स्मरण कर बस्तर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इसे सियासी नफा नुकसान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने बस्तरवासियों की नब्ज समझने के बाद ही इन दोनों हस्तियों का जिक्र किया है और ऐसा करके उन्होंने आम बस्तरिहा मतदाताओं को साधने की अच्छी कोशिश की है। श्री मोदी के मंच पर महाराज प्रवीरचंद्र भंजदेव के कुल दीपक कमलचंद्र भंजदेव भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जगदलपुर से विदा हुए 72 घंटे से भी ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, मगर उनके द्वारा कही गई कुछ बातों का जिक्र अभी भी बस्तर में हो रहा है। लोग उनके भाषण में सामने आई बातों का तरह तरह से अर्थ निकाल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अक्टूबर को जगदलपुर आए थे। उन्होंने यहां नगरनार स्टील प्लांट का लोकार्पण समेत करीब 27 हजार करोड़ रु. के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लालबाग मैदान पर बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। श्री मोदी ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी का जयकारा लगाते हुए बस्तरवासियों का अभिवादन जय जोहार कहकर किया था। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के जिस अंश की चर्चा बस्तर में अब तक हो रही है, वह है – बस्तर के दिवंगत महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव और दिवंगत भाजपा ने बलिराम कश्यप का स्मरण। श्री मोदी ने महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव को बस्तर का सच्चा माटीपुत्र बताते हुए कहा की श्री भंजदेव बस्तर और यहां के आदिवासियों की संस्कृति, परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव संघर्षरत रहे। वे बस्तर की आन बान और शान थे। श्री मोदी ने स्व. बलिराम कश्यप के साथ काम करने के अनुभव साझा करते हुए कहा था कि श्री कश्यप बस्तर के जल जंगल और जमीन तथा आदिवासियों के हितों की सुरक्षा के लिए आजीवन काम करते रहे। बस्तर के विकास में स्व. बलिराम कश्यप का अमूल्य योगदान रहा है। वे बस्तर में संघ और संगठन के संस्थापकों में से एक थे। नरेंद्र मोदी ने एक स्वयं सेवक के रूप में अपने द्वारा बस्तर संभाग में बिताए गए समय का भी जिक्र किया और कहा कि बस्तर से मेरा पुराना नाता रहा है। प्रधानमंत्री की इन बातों ने निश्चित रूप से बस्तर के एक बड़े तबके को प्रभावित किया है। महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव को बस्तर के लोग आज भी देवतुल्य मानते हैं और बस्तर राज परिवार के प्रति गहरी आस्था रखते हैं।  मोदी ने उनका जिक्र कर आम बस्तरिहा के दिल में अपने लिए जगह बनाने की अच्छी कोशिश की है। प्रवीरचंद्र भंजदेव पर मोदी द्वारा कही गई बातों को सुन मंच पर आसीन बस्तर राजवंश के कमलचंद्र भंजदेव भावविव्हल हो उठे थे। उनके चेहरे पर उनकी भावना साफ झलक रही थी। वहीं बलिराम कश्यप के भी योगदान को बस्तरवासी कभी भूल नहीं सकते। मोदी ने श्री कश्यप की तारीफ कर यहां के लोगों का दिल जीत लिया है। आमजन के बीच बलिराम कश्यप की छवि विकास पुरुष के रूप में है। इस तरह  मोदी ने दिवंगत प्रवीरचंद्र भंजदेव और बलिराम कश्यप की चर्चा कर बस्तर के लोगों की नब्ज पर हाथ रख दिया है।यह अलग बात है कि श्री मोदी के ये बोल भाजपा का वोट बैंक बढ़ाने में किस हद तक सहायक होंगे? वैसे बस्तर की राजनीति के जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने यहां के लोगों के दिलों की गहराई में जा बसने का अच्छा उपक्रम किया है और भाजपा को इसका फायदा भी होगा।

महफिल तो ‘युवराज’ ने लूट ली !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दर्जनभर से अधिक बार प्रवीरचंद्र भंजदेव का जिक्र किया। मंच पर बैठे बस्तर राजवंश के कुल दीपक कमलचंद्र भंजदेव मोदी की बातें सुन बेहद भावुक हो उठे थे। उनके दिल में उठी लहर की झलक उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। इतने बड़े नेता के मुंह से अपने पूर्वज का गुणगान सुनना वास्तव में गर्व की बात है। श्री मोदी ने जब – जब प्रवीरचंद्र भंजदेव और बलिराम कश्यप का जिक्र किया, तब – तब सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था और कमलचंद्र भंजदेव का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था। मोदी बस्तर राजमहल में भी गए। वहां उन्होंने बस्तर राज परिवार के सदस्यों के संग कुछ पल बिताए। राजनीति के पंडितों का कहना है कि वास्तव में महफिल तो युवराज कमलचंद्र भंजदेव के नाम पर हो गई। ये सियासी तजुर्बेकार कहते हैं कि जगदलपुर सीट से कमलचंद्र भंजदेव का नाम अब भाजपा प्रत्याशी के रूप में पक्का हो गया है। अब आगे देखना होगा कि राज परिवार के ‘कमल’ भाजपा के कमल को मुरझाने से बचाने में किस हद तक सफल हो पाएंगे।

राजहरा माइंस में 20 फीसदी अधिक दर पर एंबुलेंस ठेका

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  • पुराने ठेकेदार ने काले चिट्ठे खोले तो मिली प्रताड़ना

दल्लीराजहरा स्थानीय माइंस में पिछले दस वर्षों से एंबुलेंस सेवा प्रदान करती आई फर्म मेसर्स राजहरा एंबुलेंस सर्विस के संचालक अर्नेस्ट न्यूटन आएबी राम ने स्थानीय माइंस प्रबंधन पर इस वर्ष के टेंडर में गड़बड़ी करते हुए 20 प्रतिशत अधिक दर वाले बोलीदार के टेंडर को मंजूर करने का आरोप लगाया है। अर्नेस्ट न्यूटन का कहना है कि कमीशनखोरी के लिए माइंस प्रबंधन ने ऐसा किया है

इस संबंध में अर्नेस्ट न्यूटन की ओर से उनके वकील ने माइंस प्रबंधन को नोटिस भी भेजा है। कहा गया है कि राजहरा एंबुलेंस सर्विस द्वारा राजहरा, महामाया व दुलकी आयरन ओर माइंस में विभागीय आदेश दिनांक 16 फरवरी 2022 के अनुसार एंबुलेंस सेवा संचालित की जाती रही है, लेकिन एंबुलेंस ड्राईवर का गेट पास व एंबुलेंस का एरिया पास माइंस मैनेजर द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है। जबकि घटना दुर्घटना हो जाने पर एंबुलेंस संचालक जवाबदारी है कि आहत को तुरंत ईलाज के लिए अस्पताल पहुंचाए। इसी आधार पर भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने राजहरा एंबुलेंस सर्विस को एंबुलेंस संचालन का कार्य दिया है। संचालक अर्नेस्ट न्यूटन द्वारा माइंस मैनेजर को कई बार इस संबंध मे पत्राचार किया गया। आरोप है कि माइंस प्रबंधक ने अर्नेस्ट न्यूटन से र्दुव्यवहार कर उसकी एंबुलेंस सेवा को रद्द करने की धमकी दी जाने लगी। उसकी एंबुलेंस को माइंस के भीतर प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया। इसके कारण उसे आर्थिक नुकसान हुआ है और व मानसिक कष्ट भी हुआ है। अर्नेस्ट न्यूटन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 17 अप्रैल 2023 को विधिक नोटिस प्रेषित किया, लेकिन माइंस प्रबंधक द्वारा नोटिस लेने से इंकार कर दिया गया। उक्त विधिक नोटिस की प्रति सलग्न है। आरोप है कि माइंस मैनेजर द्वारा मन्नाराम एंबुलेंस महामाया दुलकी माइंस को संरक्षण दिया गया। मन्नाराम द्वारा दो जगह से वेतन एकसाथ दो स्थानो में उपस्थिति दर्ज कराकर लिया जा रहा है। साथ ही उसे मेडिकल चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है तथा मकान भी आबंटित किया गया है। इन तथ्यो की जानकारी होने पर अर्नेस्ट न्यूटन द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई, तो क्षुब्ध होकर माइंस मैनेजर ने अर्नेस्ट न्यूटन के साथ गलत बर्ताव शुरू कर दिया और उसे नौकरी से निकाल दिया।

अर्नेस्ट न्यूटन के एंबुलेंस संचालन रोक दिए जाने के कारण फरवरी माह से अब तक के किराया का रकम अप्राप्त है। कहा गया है कि अर्नेस्ट न्यूटन की फर्म द्वारा विगत 10 वर्षो से एंबुलेंस सेवा विभाग को प्रदान की जा रही थी। इस वर्ष 2023 में अर्नेस्ट न्यूटन के साथ विद्वेषपूर्ण कार्यवाही करते हुए उसे टेंडर नही दिया गया। माइंस के अधिकारी ने अपने परिचित व्यक्ति को एंबुलेंस संचालन का ठेका 20 प्रतिशत बढ़ाकर दे दिया है। इससे बीएसपी को आर्थिक नुकसान व ठेका देने वाले अधिकारियों को लाभ हो रहा है। अर्नेस्ट न्यूटन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषी लोगों पर कार्यवाही करने और स्वयं को एंबुलेंस सेवा संचालित करने की अनुमति प्रदत्त करने की मांग बीएसपी प्रबंधन से की है।

अचानक अस्पताल पहुंच गए मंत्री कवासी लखमा

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जगदलपुर प्रदेश उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने मंगलवार को सुकमा जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जाना और बेहतर उपचार के लिए डाक्टरों को निर्देश दिए।

आदिवासियों के मन की बात पढ़ नहीं पाए मोदी : राजमन

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  • केवल आदिवासी हितैषी होने का ढोंग करती है भाजपा

लोहंडीगुड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जगदलपुर प्रवास पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चित्रकोट के आदिवासी कांग्रेसी विधायक राजमन बेंजाम ने कहा कि बस्तर के लोगों के लिए केंद्र सरकार के पास न तो कोई योजना है और न ही वह आदिवासियों के विकास की सोच रखती है।
बेंजाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल तक भाजपा ने शासन चलाया, लेकिन कभी भी आदिवासी समाज के उत्थान के लिए कार्य नहीं किया। उल्टे उनसे जल, जंगल व जमीन छीन ली। भाजपा आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझती है। प्रदेश में जबसे कांग्रेस की भूपेश सरकार आई है तबसे सर्वहारा वर्ग और आदिवासियों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं लाकर कार्य कर रही है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। विश्व पटल पर आदिवासी संस्कृति का मान बढ़ रहा है। आदिवासियों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है और उन्हें मुख्यधारा में ला रही है।

स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी
बेंजाम ने कहा है कि खनिज संपदा से भरपूर हमारी बस्तर भूमि को लूटने का प्रयास केंद्र सरकार 2016 से कर रही है। बैलाडीला के पहाड़ों की लौह अयस्क खदानों को अपने अमीर मित्रों को बेचने की कोशिश की गई थी, विरोध के बाद भी फाइलें दबाकर अपने बुरे मंसूबों को साकार करने में लगी है। आज फिर वही भाजपा सरकार नगरनार स्टील प्लांट को अपने अमीर मित्रों को बेचने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी जी बस्तर आए और जुमलेबाजी करते रहे। उन्होंने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट आदिवासियों का है, मैं इसे बिकने नहीं दूंगा। किंतु अपने अमीर मित्रों के दबाव में बोल तक नहीं पाए कि नगरनार का निजीकरण नहीं होगा।बस्तर के लोग लंबे समय से एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद से बस्तर लाने की मांग रहे हैं। बस्तर की जनता को प्रधानमंत्री से उम्मीद थी कि उनकी बरसों की यह मांग आज पूरी होगी, लेकिन प्रधानमंत्री आए और जनता को झुनझुना पकड़ाकर चले गए। राजमन बेंजाम ने कहा है कि आदिवासी विरोधी मोदी सरकार आरक्षित वर्गो के विकास के लिए लागू नीति- नियमों में भी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए अड़ंगा डाल रही है। प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने सभी समाज के लिए विधानसभा से आरक्षण बिल पारित करवा कर राजभवन भेजा था। इस बिल में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 13 प्रतिशत और सामान्य गरीब वर्ग के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन मोदी सरकार ने राजभवन में बिल को रोक रखा है।

सब्जबाग दिखाती है मोदी सरकार
बेंजाम ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर की आमसभा में झूठे जुमले ही सुनाए। सभा को प्रधानमंत्री ने ऐसे संबोधित किया जैसे चुनावी सभा को संबोधित कर रहे हैं। बस्तर के आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा एवं महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री ने कुछ भी घोषणा नहीं की। जिससे बस्तर के जनता की उम्मीद प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी से उठ चुका है।

बीजेपी के शासन में बस्तर की हालत बदतर रही : लखमा

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  • 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान सरकार खरीदेगी कांग्रेस

जगदलपुर प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा का ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ा बजाकर स्वागत किया। मंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की। मंत्री लखमा ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसानों का विकास हुआ है। 15 साल के बीजेपी शासन में किसान की हालत बद से बदतर हो गई थी। किसान कर्ज के कारण आत्महत्या कर लेते थे। किंतु आज हमारी सरकार किसानों को 2500 रुपए क्विंटल में धान खरीदी का वादा किया था। उससे आगे बढ़ते हुए आज 2640 रुपए में धान खरीदी कर रही है।प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। इस प्रकार से किसानों का मान सम्मान बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी को कंधे से कंधा, हाथ से हाथ मिलाकर गांव गांव तक कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम करना है। बीजेपी शासन में स्कूल, हॉस्टल को बंद करने का काम किया गया। मडकामीपारा के आश्रम को सुकमा में स्थांनातरित कर दिया गया।

आज हमारी सरकार में पुनः सुकमा से मडकामीपारा में आश्रम खोलने का काम किया जाएगा। बोड़को पुल निर्माण प्रस्तावित है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। आने वाले समय मे मडकामीपारा से मोतोड़ी तक सड़क व पुल का निर्माण किया जाएगा। बड़े सेट्टी से मुलेकर व पलोड़ आने वालों रास्तों में पुल पुलिया का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरगामी सोच के कारण ही गरीब आदिवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। गोबर खरीदी, गौ मूत्र खरीदी, तेंदूपत्ता खरीदी, महुआ खरीदी, धान खरीदी, रीपा के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को रोजगार, भूमिहीन किसानों, पुजारी गायता, हाटपहरिया आदि को सालाना सात हजार की सहायता राशि देने का काम भूपेश बघेल सरकार कर रही है। लखमा ने कहा कि पहले बीजेपी शासन में गांव के लोगों को पुलिस वाले परेशान करते थे, उन्हें बिना वजह या फिर झूठे मामलों में फंसाकर जेल में बंद कर दिया जाता था। महिलाएं पुलिस थाना का घेराव करती थीं, जिससे उन्हें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही नक्सलियों के द्वारा भी इन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बेकसूर आदिवासियों को छोड़ने का काम किया जा रहा है। आज बस्तर बदल रहा है। हमारी सरकार का ध्येय वाक्य है गढ़बो छत्तीसगढ़ बदलबो बस्तर।

खबरिया चैनलों अनुमान छीन रहे दावेदारों का चैन

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के दो खबरिया चैनलों द्वारा विधानसभा टिकट को लेकर जारी सूची से भाजपा और कांग्रेस दोनों में ही खलबली मची हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे के ठीक पहले एक खबरिया चैनल ने भाजपा सूची फाइनल होने का दावा करते हुए थोक में नाम उजागर कर भाजपा को सकते में ला दिया। भाजपा में स्थानीय स्तर पर अफरातफरी उत्पन्न हो गई। क्योंकि भाजपा की दिल्ली बैठक के बाद यह दावा सामने आया था। भाजपा में इस बात को लेकर नाराजगी है कि इतनी उच्च स्तरीय बैठक में क्या मंत्रणा हुई, यह खबर सार्वजनिक कैसे हो गई। भाजपा की दूसरी सूची फिलहाल लटक गई। प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे के मद्देनजर वैसे भी उस दिन भाजपा उम्मीदवारों की फेहरिस्त जारी करने की स्थिति में नहीं थी। तब भी खबरिया चैनल के दावे से भाजपा के दावेदारों में भ्रम की स्थिति बन गई। हालांकि भाजपा ने मामला शांत करने में देर नहीं की। भाजपा का बवंडर जैसे तैसे थमा तो अगले रोज एक दूसरे खबरिया चैनल ने कांग्रेस में कोहराम मचा दिया। जगदलपुर सीट से पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा का नाम सामने आ गया तो मौजूदा विधायक रेखचंद जैन के समर्थकों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई। जबकि कांग्रेस में अभी रायशुमारी और दावेदारों की हर स्तर पर परख चल रही है। किसी की भी टिकट पक्की होने का दावा कोई नहीं कर सकता। अभी हाल ही एआईसीसी के पर्यवेक्षक का जगदलपुर दौरा हुआ था। तब रेखचंद और राजीव के समर्थकों ने पर्यवेक्षक के सामने शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश की तो शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने उस पर फौरन नियंत्रण किया। अब एक खबरिया चैनल ने कांग्रेस की टिकट बांट दी तो इसके पहले एक अन्य चैनल ने भाजपा की टिकट बांटने जैसा काम कर दिया। पार्टी स्तर पर पार्टियां ही अंतिम फैसला लेती हैं और जब तक वे अधिकृत तौर पर घोषणा न कर दें, तब तक सिर्फ कयास लगाये जा सकते हैं लेकिन इससे राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति बन जाती है। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहना है कि खबरिया चैनलों को इस तरह राजनीतिक पार्टियों के आंतरिक मामलों में संयम बरतने की जरूरत है।

मोदी आए लफ्फेबाजी करके जनता को झूठ बोल कर गए

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  • वर्षो से घोषणा किए कार्यों को पूरा नहीं कर पाए

जगदलपुर बस्तर जिले के कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी फितरत के अनुसार फिर झूठ बोल कर जुमलेबाजी कर गए जिसकी वजह से वह बेनकाब हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी यह बताएं कि रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव, इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान क्यों बस्तर नहीं आए । वहीं स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भी मंच से नदारद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर आते हैं और यह बन जाएगा वह बन जाएगा बोलते हैं लेकिन वह किसी भी परियोजना को पूरा नहीं कर पाते हैं जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण जगदलपुर रावघाट रेल परियोजना हैं। मौर्य ने इस दौरान मोदी को कटघरे में खड़ा किया।

 

दंतेश्वरी मंदिर में माथा टेक नगरनार स्टील प्लांट, धान व वनोपज संग्रहण पर भी मोदी का सफेद झूठ रेखचंद जैन
विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसान व आदिवासियों को लेकर भी नरेंद्र मोदी ने सफेद झूठ बोला है, वह भी बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर।  जैन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के एक-एक दाना धान, नगरनार विनिवेशीकरण व वनोपज संग्रहण पर झूठ बोल कर किसान व आदिवासियों सहित सभी वर्गों का अपमान किया।
मोदी को नकार दी जनता महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने कहा कि कल बस्तर की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नकार दिया और अपेक्षाकृत भीड़ भी नहीं जुटी जबकि कांग्रेस पार्टी की नेत्री प्रियंका गांधी की सभा में रेलमपेल भीड़ थी।

शोक संतप्त परिवारों से मिले विधायक रेखचंद

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  • परिजनों को दी सांत्वना और बंधाया ढाढ़स

जगदलपुर मंगलवार शाम संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन शहर के शोक संतप्त परिवारों से मिले। उन्होंने दुखी परिजनों को ढाढ़स बंधाया। प्रतापदेव वार्ड निवासी अनूप जैन की माताजी तथा शांतिनगर वार्ड निवासी वरिष्ठ कांग्रेस नेता व एमआईसी सदस्य उदयनाथ जेम्स की चाचीजी पूर्व पार्षद निर्मला जेम्स के निधन की जानकारी ली और परिजनों को दुख सहन करने दिलासा दिया। इस दौरान जैन के साथ परमजीत सिंह जसवाल, गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, विजय सिंह व अन्य लोग मौजूद रहे।

सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत

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दल्लीराजहरा:- सड़क दुर्घटना में अवारी नाला मोड़ पर युवक की मौत, प्राप्त जानकारी के अनुसार डौंडी में रहने वाले युवक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई युवक कच्चे माइंस में कार्यरत था नाइट शिफ्ट ड्यूटी करके घर आ चुका था कोई आवश्यक कार्य आने पर अपने निवास स्थान डौंडी से कच्चे वापस जा रहा था युवक का नाम प्रसेन्न सिंह, पिता हैशनाथ सिंह उम्र 44 वर्ष मूल निवास कलरी थाना चिरमिरी जिला कोरिया का रहने वाला था वर्तमान समय में अपने परिवार के साथ डौण्डी सेंट थॉमस स्कूल के पास किराए के मकान में रहता था आज सुबह 8:30 बजे अपने मोटरसाइकिल से निवास स्थान से वापस कच्चे की ओर जा रहा था आवरी नाला मोड पर कच्चे की ओर से आ रही ट्रक क्रमांक सीजी 04 एन.डी.9141 से टक्कर, के पश्चात ट्रक ड्राइवर ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के पश्चात शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

बस्तर में फिर झूठ बोल गए प्रधानमंत्री: दीपक बैज

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  •  नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने पर अड़गई है केंद्र सरकार
  •  आदिवासी, अनुसूचित जाति ओबीसी में वर्गभेद कर रही है मोदी सरकार
  • धान, वनोपज अपने दम पर खरीदती है भूपेश सरकार

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता की भूख में झूठ बोलकर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिरा रहे हैं। बस्तर में प्रधानमंत्री ने फिर झूठ बोला कि धान व वनोपज केंद्र सरकार खरीदती है। जबकि धान और वनोपज की खरीदी भूपेश सरकार अपने दम पर करती है। देश का 70 प्रतिशत वनोपज अकेले भूपेश सरकार खरीदती है। प्रधानमंत्री नगरनार संयंत्र नहीं बेचने के संबंध में कुछ नहीं बोले, उल्टे विनिवेशीकरण के फायदे गिना गए। इसका मतलब है मोदी सरकार बस्तर के लोगों की भावनाओं के खिलाफ नगरनार संयंत्र को बेचने पर आमादा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि  मोदी ने छत्तीसगढ़ में भाजपा के 15 साल के भ्रष्टाचार, कुशासन और बस्तर के शोषण के लिए बस्तर की जनता से माफी नहीं मांगी। बस्तर के आदिवासियों का भाजपा राज में जो कत्लेआम हुआ था, उस पर भी प्रधानमंत्री चुप रहे। बैज ने कहा कि मोदी ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में भेदभाव कर रहे थे। जब वोट लेने की बारी आती है, तब मोदी स्वयं ओबीसी बन जाते हैं और जब अधिकार देने की बारी आती है तो हिंदू- मुस्लिम की बात करके वैमनस्यता फैलाते हैं। सांप्रदायिकता का जहर घोलने का कुत्सित प्रयास संवैधानिक पद पर बैठे देश के प्रधानमंत्री ने किया। यह मानसिकता बेहद खतरनाक है। केवल चुनावी लाभ के लिए जब प्रधानमंत्री ही झूठ बोल सकता है, तो नीचे वाले संघियों भाजपाइयों से कोई उम्मीद नहीं रह जाती। मोदी ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को तार-तार कर दिया।

आरक्षण विधेयक क्यों रुकवाया?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार ने सर्व समाज के लिए आरक्षण का प्रावधान कर विधानसभा से पारित करवा कर राजभवन भेजा है। इसमें आदिवासी समाज के लिए 32 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत, सामान्य गरीब वर्ग के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। मोदी ने यह नहीं बताया कि उन्होंने आरक्षण बिल को राजभवन में क्यों रोकवा कर रखा है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सूची के विषय पर राज्य की सरकार पर आरोप लगाकर एक बार फिर मोदी जानबूझकर गलत बयानी की। 2016-17 में जब केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में रमन सिंह की सरकार थी, तब छत्तीसगढ़ के नंदराज पहाड़ और वहां के लौह अयस्क को अदानी को बेचा गया। कांग्रेस ने उस समय भी विरोध किया था और सरकार में आने के बाद नंदीराज पहाड़ लीज को निरस्त करने बाकायदा प्रस्ताव केंद्र की सरकार को भेजा, लेकिन उस पर आज तक मोदी सरकार मौन है, उल्टे गलत बयानी कर रहे हैं।

नगरनार प्लांट ‘मित्र’ को देने पर आमादा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि नगरनार प्लांट के विनिवेश के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 2017 में ईओआई जारी किया। बेचने की प्रक्रिया इस साल शुरू कर दी गई। इस ईओआई में टाटा, जिंदल, जेएसडब्ल्यू, अडानी समूह में बिड किया। अडानी के प्रतिनिधि प्लांट इंस्पेक्शन के लिए भी आए थे। 2017 में 20 हजार करोड़ से अधिक की लागत से बने एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करने के मोदी सरकार के कुत्सित प्रयासों का कांग्रेस ने आरंभ से ही विरोध किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2017 में विपक्ष में रहते हुए अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया और फिर सरकार में आने के बाद भूपेश सरकार ने शासकीय संकल्प पारित कर केंद्र को भेजा है। भूपेश सरकार ने आग्रह किया है कि सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी का नगरनार संयंत्र निजी कंपनियों को नहीं बचा जाए, यदि केंद्र की सरकार नहीं चला पा रही है तो राज्य सरकार को दे दे, लेकिन अडानी प्रेम में मोदी सरकार ने जानबूझकर ऐसी ईओआई जारी किया है, कि राज्य सरकार को बिड से दूर रखकर नगरनार प्लांट मोदी अपने मित्र को दे सके।

मित्रों के लिए जंगल भी कुर्बान
दीपक बैज ने कहा कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला के नो गो एरिया को संकुचित कर केंद्र की मोदी सरकार ने कोल माइनिंग शुरू की। मोदी सरकार आने के बाद देश के भीतर पहली बार कमर्शियल माइनिंग शुरू की। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल जैसी नवरत्न कंपनियों में खदान का काम अडानी को दिए गए। नो गो एरिया को संकुचित कर अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम को शिथिल किया, आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकार से वंचित किया। परसा कोल ब्लॉक सहित हसदेव अरण्य क्षेत्र के पांच कोल ब्लाकों का आबंटन निरस्त करने के लिए भूपेश बघेल सरकार ने विधानसभा में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर 27 जुलाई 2022 को केंद्र की मोदी सरकार को भेजा है, लेकिन 1 साल से अधिक समय से उस पर भी मोदी सरकार मौन है। असलियत यही है कि मोदी सरकार का फोकस अपने मित्रों के लाभ पर है, और छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को अडानी को सौपना चाहती है।

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