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360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के सामाजिक भवन का सपना हुआ साकार

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  • छत्तीसगढ़ की कॉंग्रेस सरकार ने उपलब्ध कराई 5 हजार वर्गफुट जमीन और 50 लाख की राशि

जगदलपुर बस्तर जिला मुख्यालय के शिव मंदिर वार्ड में 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज का प्रस्तावित सामाजिक भवन निर्माण हेतु आज गुरूवार को भूमि पूजन किया गया। यह संभव हो सका छत्तीशगढ़ के कॉंग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल की सामाजिक सरोकार की सवेदनसील पहल हैँ कि हर समाज के लोगों को भूमि आबंटित किया जाय और भवन निर्माण हेतु राशि उपलब्ध कराया जाय।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बस्तर कलेक्टर ने 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज को लगभग 5 हजार वर्गफुट की ज़मीन उपलब्ध कराई जिसकी वजह से वर्षो पुरानी समाज की मंशा पूरी हुई जिससे पूरा समाज गदगद है। समाज को अतिशीघ्र 50 लाख रूपये भी मिलेगा। दुसरी तरफ अध्यक्ष ईश्वर खंबारी ने अपनी धर्मपत्नि,समाज के पाढ़ी उमाशंकर पाढ़ी एवं पानीग्राही राधाकांत पानीग्राही की उपस्थिति मे भूमि पूजन किया । इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के सदस्य भी शामिल हुए। सामाजिक भवन के निर्माण के लिए समाज के सदस्यों ने बढ़-चढक़र आर्थिक योगदान प्रदान किया है, इसके बाद सामाजिक भवन के निर्माण की दिशा में 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज अग्रसर हुआ है। 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर खंबारी ने बताया कि प्रस्तावित सामाजिक भवन का प्रथम चरण में तीन मंजिल का आधुनिक सभी सुविधाओं के साथ इसका निर्माण कार्य भूमि पूजन के साथ ही शुरू हो जायेगा। उन्होंने सामाजिक भवन के निर्माण के लिए समाज के सदस्यों के द्वारा दिए जा रहे योगदान के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सामाजिक भवन के बनकर पूरी तरह से तैयार होते तक समाज के प्रत्येक सदस्यों को इसके लिए अनवरत अपना योगदान देने की आवश्यकता है।इस दौरान गजेन्द्र पाणिग्राही, आत्मा राम जोशी, विवेक पांडे, सुदर्शन पाणिग्राही, बिम्बाधर पांडे, ललित पांडे, बलभद्र पाणिग्राही, देवशंकर पंडा, सोहन पांडे, ओंकार पाण्डे, हेमंत पांडे, भानु मंडन, डीलेश्वर पांडे, मुरलीधर पाणिग्राही, दीनदयाल जोशी, उमेश पाणिग्राही, किशोर पांडे, दीप्ति पांडे, भूपेश पाणिग्राही, पुरूषोत्तम पाणिग्राही, हरीश पाणिग्राही एवं समाज प्रमुख बड़ी संख्या में मौजूद थे।

बस्तर बना चुनावी रणनीति का अखाड़ा

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  • कांग्रेस – भाजपा के नेता बस्तर की धरती पर आकर बना रहे हैं रणनीति

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर की धरती छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख राजनैतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति बनाने के अखाड़े में तब्दील हो गई है। लगता है बस्तर की आबोहवा दोनों दलों को रास आ गई है और यहां बैठकर लिए जाने वाले फैसले शायद इन दलों को पूरे राज्य में सियासी प्रदूषण से मुक्ति दिला सकते हैं। यही वजह है कि यहां दोनों दलों के आला नेताओं की आमदरफ्त लगातार बनी हुई है। छत्तीसगढ़ के सत्ता शीर्ष पर पहुंचने के लिए पहली सीढ़ी बस्तर ही है। बस्तर संभाग में आदिवासियों का एकछत्र साम्राज्य है। आदिवासियों की आबादी संभाग में लगभग 80 फीसदी है। जबकि पूरे राज्य में आदिवासियों की अच्छी खासी आबादी है। ऐसे में जाहिर है कि आदिवासियों को साधकर ही सत्ता शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है। इसीलिए आदिवासी बहुल बस्तर संभाग की धरती दोनों दल राजनीतिक प्रयोग करने और सियासी रणनीति बनाने की प्रयोगशाला बनी हुई है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बस्तर संभाग के सभी बारह विधानसभा क्षेत्रों में धुआंधार बैठकें कर चुके हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जगदलपुर में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में भाग ले चुके हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बस्तर आगमन अमूमन हर माह होता है।

बस्तर में बिखरी है ‘दीपक’ की रौशनी

कांग्रेस समाज के सभी तबकों को साधने में लगी हुई है। बस्तर के युवा सांसद दीपक बैज की राजनीति की शुरुआत छात्र नेता के रूप में हुई थी। उनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता आज भी छात्र छात्राओं और युवाओं के बीच बराबर बनी हुई है। श्री बैज आम नागरिकों तथा सभी समुदायों के बीच लोकप्रियता उतनी ही है, जितनी कि आदिवासी समाज में। दीपक बैज स्वयं आदिवासी समुदाय के हैं और उच्च शिक्षित हैं। वे आदिवासियों के उत्थान और कल्याण के लिए लगातार काम करते रहते हैं। संसद में भी वे बस्तर के हित में हमेशा आवाज उठाते रहते हैं। बस्तर में कांग्रेस की पैठ को मजबूत करने में बैज के अहम योगदान को कतई नकारा नहीं जा सकता।

सक्रिय हैं सभी बारह विधायक

बस्तर संभाग की सभी बारह विधानसभा सीटों पर अभी कांग्रेस का कब्जा है। इनमें से 11 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि एकमात्र जगदलपुर विधानसभा सीट सामान्य है और इस सीट का प्रतिनिधित्व फिलवक्त कांग्रेस के युवा विधायक रेखचंद जैन कर रहे हैं। बस्तर की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट कोंटा सुकमा है, जहां के विधायक कवासी लखमा छत्तीसगढ़ सरकार में उद्योग, आबकारी एवं वाणिज्य मंत्री हैं। कोंटा सुकमा में लखमा की तूती बोलती है। सर्वहारा वर्ग के नेता के रूप में उनकी अच्छी पहचान और पैठ स्थापित हो चुकी है। बस्तर सीट से लखेश्वर बघेल, चित्रकोट से राजमन बेंजाम, नारायणपुर से चंदन कश्यप, बीजापुर से विक्रम मंडावी, दंतेवाड़ा से देववती कर्मा, कोंडागांव से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, केशकाल से संतराम नेताम, कांकेर से शिशुपाल सोरी, भानुप्रतापपुर से सावित्री मंडावी, अंतागढ़ से अनूप नाग विधायक हैं। इन सभी की सक्रियता कमोबेश बराबर बनी हुई है।

भाजपा नेता भी बहा रहे हैं पसीना

चुनावी तैयारी में भाजपा भी पीछे नहीं है। भाजपा के नेता भी बस्तर में जमकर पसीना बहा रहे हैं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और संभाग प्रभारी संतोष पाण्डेय बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों का दौरा करते ही रहते हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी बस्तर संभाग से ही हैं। भाजपा के ये सभी बड़े नेता और संभाग के 12 विधानसभा क्षेत्रों में धुआंधार बैठकें कर भाजपा की जमीनी हकीकत का अवलोकन कर विशेष रणनीति तैयार कर चुके हैं।

आरएसएस ने भी झोंक दी है ताकत

भाजपा के लिए बस्तर में जमीन तैयार करने में आरएसएस ने भी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में 28 जून को बस्तर संभाग के 7 जिलों में कार्यरत आरएसएस के सभी अनुषांगिक संगठनों के 7-7 प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में प्रारंभ हुई। बैठक में मार्गदर्शन देने के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक दीपक बीसपुते एवं प्रांत प्रचारक प्रेम सिंह सिद्धार्थ के साथ की भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय भी पहुंचे थे। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक इस बैठक को काफी गोपनीय रखा गया था और आमंत्रित लोगों को निर्देश दिया गया कि बैठक की बात बाहर नहीं जानी चाहिए। इस बैठक में नवंबर में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव और अप्रैल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई, ऐसा सूत्र बता रहे हैं।

श्रीमती फूलोदेवी नेताम का कुसुमकसा आगमन पर गुलदस्ता भेंट कर स्वागत

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कुसुमकसा – राज्य सभा सांसद व छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष श्रीमती फूलोदेवी नेताम का कुसुमकसा आगमन पर स्थानीय बस स्टैंड चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया इस अवसर पर ,फूलोदेवी नेताम ने उपस्थित समस्त कार्यकर्ताओं से औपचारिक चर्चा करते हुए सभी का कुशलक्षेम पूछते हुए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने की एवं छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं को जन जन तक पहुचाने की बात कही ,इस अवसर पर मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ,रेवा रावटे ,भोलाराम नेताम ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ,नितिन जैन ,राजकुमार सिन्हा , कुरेटी ,समीर ध्रुवे, अलीराम कृपाल ,गणेश सेवता सरपंच ग्राम पंचायत धुरवाटोला ,राधेश्याम कुरेटि सरपंच ग्राम पंचायत बम्हनी ,कन्हैयालाल भौसार्य ,सुरेशकुमार ,भूषणलाल ,सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे

मोदी सरकार द्वारा किसान हित में किये गए कार्य मिल का पत्थर साबित होगा

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खेती के लिए खर्च किया सबसे ज्यादा पैसा, खाद्यान्न उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड. जरूरतमंद देशों के लिए संकटमोचक बना भारत, कोरोना काल और रूस-यूक्रेन संकट से प्रभावित देशों को खाद्यान्न सप्लाई कर कायम की मिसाल. एमएसपी पर रिकॉर्ड गेहूं की खरीद की गई। सचमुच, यह कोई छोटी बात नहीं है कि कोरोना महामारी की चुनौतियों के बीच भारत ने कई जरूरतमंद देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति की है. अब फिर रूस-यूक्रेन युद्ध संकट के समय भी हमारा भारत एक जरूरतमंद देशों के लिए खाद्यान्न आपूर्ति का प्रमुख मददगार देश बनकर उभरा है. यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि न केवल देश में खाद्यान्न का उत्पादन लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ते हुए दिखाई दे रहा है,

बल्कि कृषि का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है, जो लगभग 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा पिछले आठ साल में किए गए चौतरफा प्रयासों के परिणाम देश के समक्ष दिखाई दे रहे हैं. मोदी सरकार के आठ साल के कार्यों ने खेती की दिशा और दशा बदलने का काम किया है.सरकार की प्रतिबद्धता एवं जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजनाओं एवं कार्यक्रमों से देश के किसानों की दिशा व दशा बदल रही है. किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है और दिल्ली से कृषि सहायता बैंक खातों के माध्यम से सीधे उन तक पूरी पारदर्शिता से पहुंच रही है. विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ी है, कृषि को व्यवसाय के रूप में स्वीकार करने के प्रति उनकी सोच को नई दिशा मिली है. सरकार की योजनाएं, कार्यक्रम एवं अन्य सारी गतिविधियां सदैव इसी प्रयास में रही हैं कि किसान पूरी इच्छाशक्ति से कृषि उद्यमी बनें.

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू जी ,वरिष्ठ नेता छगन देशमुख जी, ज़िला अध्य्क्ष किसान मोर्चे तोमन साहु मण्डल अध्यक्ष प्रेम साहू,जिला किसान वरिष्ठ नेता जगदीश देशमुख जी, पालक ठाकुर वरिष्ठ होनिल दत्त पटेल जी,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कृतिका साहू,वरिष्ठ नेत्री खिलेश्वरी साहू,श्रीमती मोहनी देंवागन,जिला महामंत्री किसान मोर्चा मनोहर सिन्हा, अशवन बारले,महामंत्री दानेश्वर मिश्रा,बिरेन्द्र साहू,गणेश साहू,सतानन्द साहू,संतोष साहू,भूपेंद्र साहू,परसोदा चौपाल में.. भोला साहू,शिवराम साहू,चन्द्रभान साहू,ॐ प्रकाश रात्रे, मणिकांतबघेल, घनश्याम, संतकुमार, दल्लू राम, बिसनाथ, पलटु राम, पंचम राम, राजेन्द्र साहू, मेहतर यादव, विष्णु राम,संतराम, श्रीमती खेदी, जितेंश्वरी साहू, कुलेश्वरी पटेल, सुनीता सोनवानी, आमित साहू, अमिरिका मरकाम,पूना बाई,पूर्णिमा साहू, वेदबाई,फगेश साहू,रत्तीराम साहू,शंकर लाल पीपरछेड़ी चौपाल में घनशाय कल्याणी,मनहरण साहू, कौशल साहू,श्रवण ठाकुर, श्याम कार्तिक साहू,दशरथ साहू,लखन साहू,सुमेर सिंग,घनश्याम साहू,निपानी चौपाल में गिरधारी साहू भूपेंद्र चंद्राकर राजू कुर्रे संतोषममता गजेंद्र हेमलाल साहू डामन गजेंद्र कन्हैया लाल साहू खम्मन लाल शांडिल्य बृजेश साहू झलमला सोसाइटी अंतर्गत महेश रामेश्वर पटेल दिनेश साहू शरद ठाकुर जयंत साहु सुग्रीव साहू छन्नूलाल साहू किशोर पटेल आदि उपस्थित रहे।

भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए विधायक लखेश्वर बघेल ने

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  • गोंचा पर्व में रथ परिक्रमा के दौरान रथ खींचा सांसद और विधायकों ने

जगदलपुर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की पूजा अर्चना की। उन्होंने सांसद दीपक बैज, अन्य विधायकों तथा श्रद्धालुओं के साथ परिक्रमा के लिए निकले भगवान के रथ को खींचा भी। इस दौरान विधायक बघेल ने कहा कि 360 अरण्यक ब्राह्मण समाज के गोंचा पर्व में आदिवासी परंपरा की भी झलक देखने को मिलती है। बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि बस्तर में मनाए जाने वाले गोंचा पर्व में तुपकी चलाने की परंपरा है। बांस से बनी तुपकी (बंदूक) की आवाज यात्रा के आनंद को और दोगुना कर देती है। खास बात यह है कि पूरे भारत में तुपकी चलाने की परंपरा बस्तर के अलावा और कहीं नहीं देखने को मिलती है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र के रथारुढ़ होने पर तुपकी से बनी से सलामी दी जाती है। तुपकी बस्तर के आदिवासियों द्वारा तैयार की जाने वाली बांस की बनी बंदूक होती है।जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि गोंचा पर्व के दौरान शहर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन को जनकपुर के रूप में संवारा जाता है ।

यहां भगवान जगन्नाथ आठ दिनों तक विश्राम करते हैं इस दौरान सिरहासार में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं यहीं पर प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष सप्तमी के दिन भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान दिनेश यदु, ईश्वर खंबारी, बालक राम जोशी, जगमोहन बघेल, ललित जोशी, बद्रीनाथ जोशी, अनुराग महतो, नीलम कश्यप, जार्ज टोप्पो, जसकेतन जोशी, राजेश कुमार, मोना पाढ़ी, मनीष कश्यप, समाज प्रमुख एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

नारायणपुर में कांग्रेस से सरपंच श्याम कुमारी ध्रुव की दावेदारी

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  • जिला सरपंच संघ नारायणपुर की अध्यक्ष और सोनारपाल की सरपंच हैं श्याम कुमारी ध्रुव

बस्तर संभाग के नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से एक नई और सशक्त दावेदार सामने आईं हैं। सोनारपाल के रहने वाली श्याम कुमारी ध्रुव कांग्रेस से नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र की दावेदार व नया चेहरा हो सकती हैं। श्याम कुमारी ध्रुव नारायणपुर जिले की ग्राम पंचायत सोनारपाल की सरपंच और जिला सरपंच संघ की अध्यक्ष हैं। वे कहती हैं कि उनकी दिली इच्छा नारायणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की है।

क्षेत्र की जनता की मंशा भी यही है। श्याम कुमारी ध्रुव ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने मौका दिया, तो वे चुनाव जीतकर दिखा देंगी। अगर टिकट नहीं मिला तो वे पूर्ववत पार्टी का काम करती रहेंगी। श्याम कुमारी ने बताया कि वे पिछले बीस वर्षों से कांग्रेस पार्टी की समर्पित सिपाही के रूप में काम करती आ रही हैं। पार्टी के साथ कभी दगाबाजी उन्होंने नहीं की। उन्होंने बताया कि बीस साल से लगातार कांग्रेस पार्टी और क्षेत्र के ग्रामीणों की सेवा करते रहने के कारण उन्हें अच्छा खासा राजनीतिक और नेतृत्व क्षमता का अनुभव प्राप्त हो चुका है। श्याम कुमारी की दावेदारी से अब नारायण क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीति में नए समीकरण बनने के आसार नजर आ रहे हैं।

विधायक जैन ने तीन पंचायतों को दिया टैंकर

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  • कोलेंग, कांदानार व मुंडागढ़ पंचायत को प्रदान किए गए टैंकर – कांग्रेस का गमछा ग्रामीणों को पहनाया गय

जगदलपुर बुधवार को संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोलेंग में बूथ कमेटियों की बैठक ली। तत्पश्चात आयोजित कार्यक्रम में तीन पंचायतों को टैंकर प्रदान किए गए। विधायक ने टैंकर प्रदान करते लोगों से जल संग्रहण व बचाने की अपील की। दोपहर बाद आयोजित कार्यक्रम में विधायक जैन ने कोलेंग, कान्दानार व मुंडागढ़ के पंचायत प्रतिनिधियों को लोगों की मौजूदगी में टैंकर सौंपा।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

गांव के लिए टैंकर पाकर लोगों में काफी उत्साह दिखा। उत्साहित ग्रामीणों ने कहा कि कांग्रेस सरकार व विधायक रेखचंद जैन ने सच्चे अर्थों में सुध ली। ग्रामीणों का कहना था कि छत्तीसगढ़ में 15 साल भाजपा का शासन था लेकिन उनके इलाके को यह सुविधा नहीं मिली। विधायक रेखचंद जैन ने ग्रामीणों को कांग्रेस का गमछा पहनाया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान राजीव युवा मितान क्लब, गोठान पदाधिकारियों समेत शहर कांग्रेस महामंत्री हेमू उपाध्याय, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष व जनपद सदस्य नीलू राम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल, संतोष सिंह, अवधेश झा, जोन अध्यक्ष मानूराम नाग, कोलेंग सरपंच सोनादेई नाग, सोनारू मरकाम तथा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

शिक्षा सत्र शुरू होते ही डीईओ पहुंचीं बीहड़ के स्कूलों की ओर

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  • शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने घाटी के नीचे व जंगलों के बीच बसे गांवों की शालाओं का निरीक्षण

लोहंडीगुड़ा शासन – प्रशासन के निर्देशों का त्वरित पालन करने और जिले के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए सदैव तत्पर रहने वाली बस्तर की जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान नए शिक्षा सत्र के आगाज के साथ ही एक्टिव मोड में आ गई हैं। सुश्री प्रधान ने नए शिक्षा सत्र के दूसरे दिन ही संवेदनशील माने जाने वाले लोहंडीगुड़ा विकासखंड के बीहड़ और घनघोर जंगलों तथा घाटियों के तल पर बसे गांवों की शालाओं का निरीक्षण करने पहुंच गईं। इस दौरान कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले दो प्राचार्यों पर कार्रवाई की गाज गिरी। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान अनुशासन प्रिय एवं कर्तव्य परायण अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। वे कार्यालयीन कार्यों को जितनी शिद्दत से निपटाती हैं, उनकी उतनी ही कर्मठता जमीन पर भी नजर आती है। जिले की शालाओं का वे गाहे बगाहे जायजा लेने पहुंच जाती हैं। अपनी इस फितरत के मुताबिक सुश्री प्रधान नया शिक्षा सत्र के आरंभ होते ही विकासखंड लोहंडीगुड़ा की शालाओं के निरीक्षण दौरे पर पहुंच गईं। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के प्रवेश द्वार से निरीक्षण अभियान की शुरुआत कर वे विकासखंड के अंतिम छोर की शालाओं में भी पहुंचीं। सर्वप्रथम उन्होंने प्राथमिक शाला झिटकापारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों व शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल में साफ-सफाई व पंजियों के संधारण का अवलोकन किया। डीईओ भारती प्रधान ने लोहंडीगुड़ा विकासखंड की मैदानी शालाओं के साथ ही क्षेत्र में घाटी के नीचे संचालित शैक्षणिक संस्थाओं का भी निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव, खंड स्रोत समन्वयक रोमांचल ठाकुर, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र कश्यप के साथ प्राथमिक शाला करेकोट, माध्यमिक शाला बिंता, प्राथमिक शाला बिंता, हाई स्कूल बिंता का अवलोकन किया।

दो प्राचार्यों पर गिरी कार्रवाई की गाज

हाई स्कूल बिंता के प्रभारी प्राचार्य सीपी पाणिग्रही शाला से अनुपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अनुपस्थिति के लिए प्राचार्य व अन्य कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। भ्रमण कार्यक्रम के तहत निरीक्षण दल मारडूम हाई स्कूल भी पहुंचा। इस स्कूल के प्राचार्य अपरान्ह 3 बजे ही स्कूल छोड़कर चले गए थे। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया।भारती प्रधान ने शालाओं में बच्चों की नियमित उपस्थिति पर विशेष प्रयास के निर्देश दिए तथा सभी बच्चों को मौसमी बीमारियों व उससे बचाव की जानकारी देने को कहा। माध्यमिक शाला बिंता के बच्चों ने जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री प्रधान को 20 तक पहाड़ा सुनाया एवं कविता वाचन किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों के त्वरित प्रत्युत्तर एवं सामाजिक ज्ञान के लिए बच्चों की प्रशंसा की। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी नवप्रवेशी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेज संकलित कर सभी पात्र बच्चों को जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का प्रयास करने के निर्देश दिए।

बच्चों संग ग्रहण किया मध्यान्ह भोजन

जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री प्रधान तथा निरीक्षण दल में शामिल अन्य अधिकारियों ने संकुल केंद्र बिंता में बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन किया एवं मध्यान भोजन के गुणवत्ता की सराहना भी की। उच्चाधिकारियों के निर्देश एवं मार्गदर्शन में खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंड लोहंडीगुड़ा के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों की टीम गठित कर अंतर संकुल निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। बीईओ चंद्रशेखर यादव ने सभी संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि मानसून के मद्दे नजर विद्युती व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें, बिजली के तार खुले न रहें, संस्था बंद करते समय प्रतिदिन मेन स्विच ऑफ कर दें और समय रहते सभी मरम्मत कार्य पूर्ण कराकर बीईओ कार्यालय को अवगत कराएं।

नंद कुमार साय औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष नियुक्त

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रायपुर भाजपा से कन्नी काटकर हाल ही में कांग्रेस में आए आदिवासी नेता नंदकुमार साय को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नंद छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।

देर लगी आने में उनको शुक्र है फिर भी आये तो

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  • बस्तर की खातिर बाबा बने डिप्टी सीएम

(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में चुनाव के चार महीने पहले टीएस सिंहदेव की पदोन्नति हो गई। वे डिप्टी सीएम बना दिये गए। बाबा के आत्मीय संबोधन से राजनीति में विशिष्ट पहचान रखने वाले सरगुजा महाराज बस्तर की कांग्रेस राजनीति में खास दखल रखते हैं। उन्होंने 2018 के चुनाव में बहुत अधिक मेहनत यहां की थी। वनांचल ने कांग्रेस की झोली भर दी तो इसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और तब नेता प्रतिपक्ष रहे सिंहदेव की अहम भूमिका थी। सत्ता में आने पर कांग्रेस नेतृत्व के भूपेश बघेल को नेतृत्व सौंपा। तब सिंहदेव भी टक्कर के दावेदार थे। दोनों में सुलह आसान थी लेकिन आगे चलकर जो नजारे सामने आये, वे राजनीति में अचरज का विषय नहीं है। ढाई ढाई साल के फार्मूले का खूब शोर सुनाई दिया लेकिन ढाई साल के बाद 3 साल, साढ़े 3 साल, 4 साल, साढ़े 4 साल का वक्त गुजर गया। कोई फॉर्मूला फिट नहीं हुआ।

अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली से बुलावा आया। पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, टीएस सिंहदेव सहित अन्य नेताओं के साथ विचार विमर्श हुआ और उस बैठक के बाद खड़गे – राहुल ने फैसला कर लिया कि सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए। छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों को दिल्ली में रोका गया और उसके बाद खड़गे के बंगले में भूपेश बघेल और सिंहदेव को फैसला सुना दिया गया। वेणुगोपाल ने बाकायदा इसका ऐलान कर दिया। मुख्यमंत्री ने तत्काल उपमुख्यमंत्री सिंहदेव को शुभकामनाएं दे दीं। दोनों ने चुनाव के लिए तैयार होने का ऐलान कर दिया है। अब यहां देखने वाली बात यह है कि दिल्ली बैठक के पहले सिंहदेव बस्तर में थे। सूत्र बताते हैं कि उनके समर्थक विधायकों के साथ उनकी गंभीर चर्चा हुई थी। सिंहदेव समर्थक विधायकों के मन में यह भय समा रहा था कि यदि सिंहदेव अलग-थलग रहे तो उन्हें टिकट के लाले पड़ जाएंगे सिंहदेव भी यह बात अच्छी तरह समझ रहे थे कि उनकी वजह से उनके समर्थक मझधार में हैं और यदि उन्होंने कोई बड़ा फैसला नहीं किया तो इन समर्थकों को निराश होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पद के लिए अब तक आस लगाए बैठे टीएस सिंहदेव डिप्टी सीएम बनने यूं ही राजी नहीं हुए हैं। इस फैसले में सबका भला है। झटका लगा है तो केवल भाजपा को। भाजपा कह सकती है कि कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। वह अपनी जगह सही हो सकती है लेकिन असली डैमेज तो भाजपा का हुआ है। वह उम्मीद लगाए बैठी थी कि चुनाव आते आते सिंहदेव का मन डोल जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने ऐसा होने से रोक दिया। सिंहदेव के सामने मजबूरी है कि उन्हें अपने समर्थक विधायकों के भविष्य की चिंता है। कांग्रेस को यह चिंता थी कि सिंहदेव कहीं भाजपा के झांसे में न आ जाएं। वैसे सिंहदेव लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। लेकिन राजनीति में हालात बदलने की उम्मीद रहती है। लिहाजा कांग्रेस ने सिंहदेव को उप मुख्यमंत्री बनाकर उन्हें बांध दिया है। अब कांग्रेस नए कलेवर के साथ नए तेवर दिखाएगी। अब न कोई गिला है और न शिकवा है। सिंहदेव की दुविधा दूर हो गई है। अब वे पहले जैसे उत्साह के साथ मैदान में उतरेंगे तो उनके बस्तरिया समर्थकों को भी राहत का अहसास हो रहा है।

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