विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन के प्रयासों से प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने सूंडी समाज एवं यादव समाज समेत 14 समाजों को प्रदान की है सामाजिक भवन हेतु भूमि पट्टा सूंडी समाज एवं यादव समाज के प्रतिनिधियों ने विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन से सौजन्य भेंट कर सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी जो खुद एक किसान पुत्र हैं सामाजिक संगठनों एवं सामाजिक व्यवस्था के महत्व को समझते हैं इसलिए वे पूरे प्रदेश विभिन्न सामाजिक संगठनों को सामाजिक भवन हेतु भूमि एवं धन राशि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं जिसके परिपालन में कल 14 समाजों को भूमि पट्टा उपलब्ध कराया गया है
इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा की प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के निर्देश तथा विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के अथक प्रयासों से उनके सामाजिक भवनों के लिए जो भूमि प्रदान की गई है इसके लिए पूरा समाज माननीय मुख्यमंत्री जी एवं विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का आभार व्यक्त करते हैं इस अवसर पर सूंड़ी समाज के शेर सिंह सेठिया,खगपती सेठिया,जानकी राम सेठिया, सीताराम सेठिया,कमल सेठिया, महेश सेठिया, महेन्द्र सेठिया, नीलांबर सेठिया एवं यादव समाज के बलराम यादव, विरेन्द्र यादव, श्रीमती उषा यादव,खुशी यादव,रवि यादव, रोहित यादव, अरविंद यादव,मयंक यादव,कमल राम यादव, बिहारी लाल ग्वाल, शिव शंकर यादव संतोष यादव,धनेश यादव ,लक्ष्मण यादव, महेश यादव समेत समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फ़ेडरेशन के अध्यक्ष पद प्रत्याशी रहे शंकर साहू ने बस्तर शिक्षा जिले में हुई धांधली के खिलाफ खोला मो
मामले के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
जगदलपुर. शिक्षा जिला बस्तर में शिक्षकों की पदोन्नति और पदस्थापना में बड़े पैमाने पर हुई अवैध वसूली की जांच की मांग उठने लगी है. छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फ़ेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे एवं फेडरेशन के पूर्व राजनांदगांव जिला अध्यक्ष शंकर साहू ने इस मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम तथा प्रमुख शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला से करते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. शंकर साहू अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में सहायक शिक्षकों का समर्थन हासिल करने के लिए हाल के दिनों में बस्तर संभाग के प्रवास पर थे. इस दौरान अनेक पीड़ित शिक्षकों ने उनके संज्ञान में यह मामला लाया था. शिक्षकों ने उन्हें बताया था कि बस्तर जिला शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति सूची तैयार करने में भारी अनियमितता बरती गई है. पदोन्नति देने के नाम पर शिक्षकों से जमकर रकम वसूली गई है. अनेक ऐसे शिक्षक जो पात्र थे और जिला शिक्षा अधिकारी की डिमांड पूरी नहीं कर पाए, उन्हें पदोन्नति से वंचित कर दिया गया. वहीं पदोन्नति के बाद शिक्षकों की पदस्थापना को भी कमाई का जरिया बना लिया गया. पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को मनचाही शाला में पदस्थ करने के एवज में एक से डेढ़ लाख रुपए तक वसूले गए. पदोन्नति और पदस्थापना में लाखों की लेनदेन का खेल किया गया. जो सहायक शिक्षक रकम नहीं दे पाए उन्हें उनकी वर्तमान शाला से बहुत दूर अन्य शाला में भेज दिया गया है। वहीं डिमांड पूरी करने वाले शिक्षकों को ऐसी शालाओं में प्रधान पाठक नियुक्त कर दिया गया, जहां पहले से प्रधान पाठक कार्यरत हैं. बस्तर के शिक्षकों से ऐसी शिकायतें मिलने के बाद छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे एवं राजनांदगांव जिला ईकाइ के पूर्व अध्यक्ष शंकर साहू ने पदोन्नति और पदस्थापना में हुई गड़बड़ी की शिकायत प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम व प्रमुख शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला से करते हुए बस्तर शिक्षा जिले की पदोन्नति व पदस्थापना सूची की निष्पक्ष जांच कराने एवं सहायक शिक्षकों को न्याय दिलाने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। इधर पदोन्नति और पदस्थापना में हुई गड़बड़ी की शिकायत के आधार पर संचालक लोक शिक्षण ने छत्तीसगढ़ के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों के नाम परिपत्र जारी कर पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों की पदस्थापना के संबंध में कड़े दिशा निर्देश जारी किए थे. लेकिन बस्तर शिक्षा जिले में इन दिशा निर्देशों का रत्ती भर भी पालन नहीं किया गया. जिन शालाओं में पहले से ही प्रधान पाठक और पर्याप्त शिक्षक – शिक्षिकाएं हैं, वहां भी पदोन्नत शिक्षकों को पदस्थ कर दिया गया. जिला शिक्षा अधिकारी की भर्राशाही के चलते बस्तर जिले की कई शालाएं आज भी एक शिक्षक के भरोसे हैं. जबकि पदस्थापना में ऐसी शालाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था. संचालक के आदेश की धज्जियां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों की पदोन्नति पश्चात् पदस्थापना के संबंध में संचालक लोक शिक्षण ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को जो विभागीय निर्देश जारी किए थे, उनकी बस्तर शिक्षा जिले में खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं. संचालक द्वारा जारी परिपत्र में प्राप्त हुई शिकायतों का उल्लेख करते हुए साफ तौर पर लिखा गया है कि पदोन्नत शिक्षकों की पदस्थापना ऐसी शालाओं में प्राथमिकता से की जाए, जो शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय हैं, प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठक पद पर पदोन्नत शिक्षकों को उसी ब्लॉक की शाला में पदस्थ किया जाए, जहां वे कार्यरत हैं और अगर ब्लॉक में पद रिक्त ना हो तो नजदीकी ब्लॉक में पदस्थ किया जाए, मिडिल स्कूल के पदोन्नत शिक्षकों के मामले में भी यही मापदंड अपनाया जाए, जो शिक्षक जिस शाला में कार्यरत हैं, उन्हें यथा संभव उसी शाला में ही पदस्थ किया जाए तथा समूची प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए. संचालक के इन दिशा निर्देशों को बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी ने शायद डस्टबिन में डालकर अपनी मर्ज़ी चलाई है.
भानपूरी – भानपुरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत कावड़गांव में 68 हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टो का किया गया वितरण।इस कार्यक्रम में विधायक चंदन कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में निवास करने वाले वनवासी भाई अनुसूचित जनजाति वर्ग हो चाहे पिछड़ा वर्ग भाई हो सब को वन अधिकार पट्टा हमारी कांग्रेस सरकार दे रही है। उन्होंने कहा वन अधिकार कानून लागू किया गया है
उसे भी पिछले केंद्र में मनमोहन सिंह के द्वारा यह कानून बनाया गया है। उन्होंने बढ़ती हुई महंगाई पर कहा कि आज महंगाई चरम पर है। केंद्र में बैठी सरकार आए दिन पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सिलेंडर, खाद्य पदार्थों सरसों के तेल में कीमत बढ़ा दिए हैं। राज्य सरकारों से हमेशा सौतेला व्यवहार करती हैं। कभी धान नहीं खरीदना, मिंलिग बारदाना नहीं देना। अभी तो किसानों के उर्वरक खाद्य डीएपी, यूरिया, राखड़, पोटाश को भी रोककर रखा है। वहीं, उन्होंने राज्य सरकार के भूपेश बघेल सरकार के कामों की प्रंशसा करते हुए कहा यह देश की पहली सरकार है जो सरकार बनते ही एक घंटा में किसानों का कर्ज माफ किया। राजीव गांधी न्याय योजना के तहत पच्चीस सौ रुपये में धान खरीदी हो रही है। बिजली बिल हाफ ,नरवा, गरवा ,गुरवा, बाड़ी, योजना, तेंदुपत्ता संग्रणकर्ताओ को दो सौ बढ़ाकर चार सौ रुपए किया गया। पहली से 9वी तक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क पाढ्य पुस्तक गणवेश दिया जा रहा।
इस मौके पर कावड़गांव सरपंच सुकरी कश्यप, उपसरपंच दयालु राम कश्यप, सुदू राम बघेल, सत्यकांत कश्यप, बबलू बघेल,लोखनाथ ठाकुर,कवल नाग, सामुराम कश्यप,अर्जुन पांडे, डमरू कश्यप, रतनदास मानिकपुरी, रूपसिंग बघेल, रैतु राम बघेल गज्जा जोशी, शोमेश, चंदभान ठाकुर, दुकारू कश्यप ग्रामीणजन स्कूली बच्चे लोग उपस्थित थे
भानपुरी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने और लोगों में खेल के प्रति जागरूक लाने के लिए शुरू की गई है छत्तीसगढ़ी ओलंपिक की शुरुआत आज विकासखंड बस्तर के ग्राम पंचायत फरसा गुड़ा में राजीव युवा मितान क्लब के द्वारा खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया खेल में जिसमें स्कूल के बच्चों और यूथ क्लब के सदस्य शामिल हुए छत्तीसगढ़ी ओलंपिक के माध्यम से गांव में पारंपरिक खेल जैसे गिल्ली डंडा दौड़ पिठुल रस्साकशी फुगड़ी भंवरा खोखो सहित अन्य खेलों का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम के सरपंच मुंगई बघेल, राजीव युवा मितान क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र देवांगन, उपाध्यक्ष फाल्गुनी बघेल, सदस्य जागेश्वर देवांगन एवं ग्रामवासी मौजूद रहे।
भानपुरी में चल रहे राजीव गांधी युवा मितान क्लब के द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलो का आयोजन पुरे प्रदेश मे चल रहा है जगसको ले कर आज ग्राम पंचायत केशरपाल मे भी एक दिवसीय छत्तीसगढ़ ओलंपिक खेलो का आयोजन किया गया जिसमे महिलाएँ युवा और बच्चों ने बढ चढ कर हिस्सा लिये।
इस आयोजन मे ग्राम पंचायत के सरपंच रामदेव कश्यप, जनपद सदस्य सावित्री यादव,पूर्व जनपद सदस्य अचल बाजपेयी, रुपनाथ यादव, लक्ष्मीनाथ यादव,राजीव गांधी युवा मितान क्लब के अध्यक्ष अमीर नाथ भारती,उपध्यक्ष मकरचंद भारती,कोषाध्यक्ष हेमराज कश्यप, सचिव ग्यानु कश्यप, सदस्य लखमु यादव,निलम,सोमारू राम,जयराम,हरीचंद, गुनेश कश्यप, श्रीरधर यादव ,ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
कंकालिन माता गुड़ी एवं सेमलिया माता गुड़ी के जीर्णोद्धार कार्य हेतु स्वीकृत 3- 3 लाख रुपए का चेक प्रदान किया दुर्घटना में घायल पुजारी धनपति बघेल को मुख्यमंत्री स्वेचछानुदान मद से स्वीकृत 1 लाख रुपए का चेक प्रदान किया माता मंडारिन गुड़ी में विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की पूजा अर्चना के पश्चात ग्राम भ्रमण कर ग्रामीणों को जात्रा की बधाई एवं शुभकामनाएं दी इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं इस हेतु हर ग्राम पंचायत में माता गुड़ियों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है माता भंडारिन गुड़ी को आदिवासी विकास प्राधिकरण के मद से 18.50 लाख रुपए की लागत से माडल गुड़ी का स्वरूप प्रदान किया गया है
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ सरपंच नगरनार एवं संभागीय सरपंच संघ के अध्यक्ष लैखन बघेल , सांसद प्रतिनिधि धनुर्जय दास, विजय दास , वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह,कमलोचन, पुजारी धनपति बघेल, प्रहलाद सिरहा,डोमू सिरहा, लखेश्वर सिरहा,मंगतू सिरहा,धरमू सिरहा,पीलो राम बघेल,डूमरधर बघेल, सुखराम, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, पार्षद सूर्या पाणी, वरिष्ठ नेता विक्की निषाद समेत ग्रामीणजन उपस्थित रहे
दिनांक 10.10.2022 को थाना राजहरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम दर्राटोला मे ग्रामिणों ने एक | अज्ञात महिला को पकड़े थे जिसे बच्चा चोर होने की सूचना पुलिस को दिये जाने पर ग्राम दर्राटोला जाकर उक्त महिला को राजहरा पुलिस ने अपने साथ मे लेकर थाना आये जिसे पुछताछ किये जाने पर वह महिला पूर्ण रूप से मानसिक रूप से पूर्ण विक्षिप्त होना पाया गया, किसी प्रकार कोई बातें करने में असमर्थ थी जिसे | सोसल मिडिया, मोबाईल के माध्यम से उक्त महिला के परिजनो तक खबर पहुचाया गया कि उक्त महिला को थाना राजहरा पुलिस द्वारा सुरक्षित अपने साथ रखा है
सोसल मिडिया के माध्यम से उक्त महिला के सगा भैया यशवंत भुआर्य चचेरा भैया रविशंकरा भुआर्य ग्राम फुलकोड़ो थाना खड़गाँव जिला मानपुर ने थाना आये और उक्त महिला के संबध में बताये कि वह बी.काम पढ़ी लिखी है शादी शुदा है दो बच्चे है जो ग्राम फुलकोड़ो बोगापारा थाना खड़गाँव की रहने वाली है। उक्त महिला का नाम शारदा भुआर्य पति स्व० गुड्डी भुआर्य ग्राम फुलकोड़ो बोगापारा थाना खड़गॉव जिला मानपुर की रहने वाली है। ग्रामिणो ने अफवाहो सच मानकर एक विक्षिप्त महिला को बच्चा चोर मान लिये थे आप सभी अफवाहों से सावधान रहे पुलिस की सूझ बुझ से एक महिला के प्रति होने वाली घटना को बचाया जा सका।
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कांग्रेस हाईकमान ने बस्तर सांसद को नियुक्त किया जिला पर्यवेक्षक
बैज को दिया गया है मंडी जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा
जगदलपुर. बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अपने युवा सांसद दीपक बैज को कांग्रेस हाईकमान ने महति जिम्मेदारी सौंपी है. हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी नेतृत्व ने बैज को जिला पर्यंवेक्षक नियुक्त किया है. उन्हें हिमाचल के मंडी जिले का जिम्मा सौंपा गया है. बैज को जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश पहुंचने के लिए कहा गया है.
सांसद दीपक बैज क्षेत्र के आदिवासियों और आम मतदाताओं के बीच जितने लोकप्रिय हैं, उतने ही विश्वास पात्र पार्टी नेताओं के बीच भी हैं. प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं के बीच बैज की पहचान निर्विवाद और साफ सुथरी छवि वाले नेता के तौर पर है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा तथा बस्तर के तमाम कांग्रेस नेताओं से उनके मधुर संबंध हैं. वहीं पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं से भी बैज के ताल्लुक अच्छे हैं. बस्तर संभाग की सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को मिली शानदार जीत में बैज की भी सराहनीय भूमिका रही है. वहीं पार्टी ने बैज को अब तक जो भी जिम्मेदारी सौंपी है उसमें वे पूरी तरह खरे उतरे हैं. बैज की इन्हीं खासियतों को देखते हुए अभा कांग्रेस कमेटी ने उन्हें हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए मंडी जिले का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. सांसद बैज को मंडी जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों क्रमशः करसोग, सुंदर नगर, नाचन, सेराज और दरांग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अभा कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने इस आशय का एक पत्र बैज को भेजा है. पत्र में बैज को यथाशीघ्र हिमाचल प्रदेश रवाना होने तथा सौंपी गई जिम्मेदारी पर अमल करने के लिए कहा गया है.
मामला पदोन्नत शिक्षकों और शिक्षिकाओं की पदस्थापना का
जिला शिक्षा कार्यालय को बना दिया गया अवैध उगाही का अड्डा
वसूली कांड में शिक्षक संघ के भी कुछ पदाधिकारियों की भूमिका
जगदलपुर.बस्तर जिले में 12 सौ शिक्षकों की पदोन्नति एवं पदस्थापना में जमकर हुई वसूली में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बस्तर के कुछ बाबुओं ने अपने अफसर का एजेंट बनकर शिक्षक – शिक्षिकाओं से उगाही को अंजाम दिया. लाखों रुपयों के वारे न्यारे के इस खेल में शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी भी शामिल रहे. वहीं इस खेल से विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी तरह से दूर रखा गया. जिसका उन खंड शिक्षा अधिकारियों को मलाल भी है. जिला शिक्षा विभाग बस्तर के अधीन प्राथमिक शालाओं के 1200 शिक्षक शिक्षिकाओं को पदोन्नत कर प्रधान पाठक बनाया गया है. पहले पदोन्नति देने के नाम पर इन शिक्षक शिक्षिकाओं मोटी रकम वसूली गई. इसके बाद उन्हें जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालयों की शालाओं में पदस्थापना देने के नाम पर उनसे एक एक लाख रु. तक की डिमांड की गई. वांछित शालाओं में पदस्थापना पाने के लिए पदोन्नत शिक्षक शिक्षिकाओं ने यह डिमांड पूरी भी कर दी. विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं तथा शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों ने अपने जिला अफसर के लिए वसूली एजेंट की भूमिका निभाई. इसके एवज में उन्हें तयशुदा कमीशन दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार पदस्थापना के नाम पर प्रत्येक पदोन्नत शिक्षक से एक लाख रुपए तक की वसूली की गई है. वसूली की रकम शाला ग्राम की जिला व ब्लॉक मुख्यालयों से दूरी के आधार पर रखी गई थी. दूरी के लिहाज से रकम कम व ज्यादा तय थी. प्रायः सभी पदोन्नत शिक्षिकाओं ने जिले के अपने वरिष्ठतम अफसर की यह डिमांड पूरी भी की. अगर डिमांड पूरी ना करते तो बाद में उन्हें तरह- तरह की मुसीबतें उठानी पड़ती. जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं और शिक्षक संघ के कथित पदाधिकारियों के अलावा जरा-बहुत सियासी रसूख रखने वाले लोग भी दलाल के रूप में जिलेभर में सक्रिय रहे। बताते हैं कि पूरी रकम मिल जाने के बाद ही जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा पदस्थपना सूची पर अंतिम मुहर लगाई गई. पता चला है कि लेनदेन के इस खेल में विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को ज्यादा तवज्जो नहीं दिया गया. इस बात का मलाल विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूर रहा होगा. मलाई खाने में शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी रहे. इन पदाधिकारियों के दिए गए नामों को ही पदस्थापना सूची में वरीयता मिली है। ये पदाधिकारी पदोन्नति के दौरान भी स्कूल छोड़ डीईओ कार्यालय में ज्यादा नजर आया करते थे। जिन पदोन्नत शिक्षकों ने डिमांड पूरी नहीं की उन्हें दूर दराज की शालाओं में भेज दिया गया है. हेते स्थानों से दूर रखा गया है। ऐसे शिक्षक अब इस भ्रष्टाचार की पोल खोलने लगे हैं. ये शिक्षक अब दबी जुबान से कह रहे हैं कि अगर बस्तर जिले में हुई पदोन्नति और पदस्थापना प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई गई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे. अफसर के खास हैंतीनों बाबू सूत्रों ने बताया कि जिन तीन बाबुओं और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेतहाशा वसूली में योगदान दिया है, वे सभी अपने विभाग प्रमुख के बेहद करीबी और ख़ासमखास माने जाते हैं. विभाग से जुड़े हर उस कार्य जिसमें कमाई की गुंजाईश रहती है, उसे इन्हीं बाबुओं और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के मार्फ़त अंजाम दिलाया जाता है. चाहे वह शिक्षकों के आर्थिक हितों से जुड़ा मामला हो या ताबदले का. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के इन बाबुओं और वसूली एजेंट के रूप में काम करने वाले शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपने दलालों का नेटवर्क पूरे जिले में फैला रखा है. ये दलाल जानकारी जुटाते रहते हैं कि किस शिक्षक को जिला शिक्षा कार्यालय से कौन सा कार्य कराना है. इसके बाद लेनदेन की बात तय की जाती है. Bataते हैं कि पहले शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को ऐसे मामलों से दूर ही रखा जाता था, लेकिन जब वे विरोध में आवाज़ उठाने लगे तो उन्हें भी इस खेल में शामिल कर लिया गया. बस्तर जिला शिक्षा विभाग में चल रही बेतहाशा उगाही की भनक राजधानी में के कुछ विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को भी लग गई है. ऊपर तक जाएगी जांच की आंच शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक की मौत जहां अब तक अनसुलझी पहेली बनी हुई है, वहीं यह बस्तर के डीईओ और बीईओ के लिए मुसीबत का सबब भी बन गई है। चर्चा है कि ज्वाइंट डायरेक्टर अपना कार्य ईमानदारी के साथ करते आ रहे थे. विभाग में चल रही गफलतबाज़ी जब उनकी नज़रों के सामने आई तो उन्होंने एक्शन लेना शुरू कर दिया था. जेडी का यह कदम काली कमाई में लगे अधिकारियों को नागवार गुजरा और एक बड़ी लॉबी जेडी के खिलाफ हो गई. जेडी को परेशान करने के लिए तरह तरह के हठकंडे अपनाए जाने लगे. उन पर राजनैतिक दबाव डलवाया जाने लगा. ऐसी ही परिस्थितियों के बीच जेडी की मृत्यु हुई थी. जांच दल द्वारा जेडी की मौत के साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न मदों से प्राप्त शासन के धन का मनमाना उपयोग किए जाने के मामले की भी जांच शुरू कर दी गई है. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय चार सदस्यीय जांच दल बस्तर पहुंच कर पड़ताल शुरू कर चुका है. यह दल फिलहाल जगदलपुर बीईओ से जुड़े मामले को खंगाल रही है. लेकिन जांच की आंच जिले के दूसरे विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी तक भी पहुंच सकती है. ऐसी खबर है कि जिले के प्रायः सभी विकास खंडों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसी तरह का कारनामा किया है. इस कृत्य में जिला शिक्षा अधिकारी की भी बराबर की भूमिका रही है. जांच दल अगर ईमानदारी से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है, तो कई अधिकारी लपेटे में आ जाएंगे.
हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू राजहरा का 14 वां त्रैवार्षिक सम्मेलन 9 अक्टूबर 2022 को बीएसपी हायर सेकेंडरी स्कूल नंबर 2 के सभागार में संपन्न हुआ । दो सत्रों में संपन्न हुए इस सम्मेलन के प्रथम सत्र में झंडारोहण के साथ शहीद बेदी पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मेलन के खुले सत्र की शुरुआत की गई। इस सत्र में विगत 3 वर्षों में दिवंगत हुए यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के परिवारों को सम्मानित किया गया । स्वागत एवं अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत करते हुए यूनियन के अध्यक्ष कामरेड प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं उद्योगगत परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में हमें आने वाली चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष के लिए बेहतर रणनीति तय करनी होगी।
खुले सत्र में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड एसपी डे, उपाध्यक्ष कामरेड एम एस शांत कुमार, सीटू राजहरा के संस्थापक सदस्य कामरेड केपीजी पणिक्कर के साथ नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक बांबेश्वर जी, कैबिनेट मंत्री के मीडिया सचिव विवेक मसीह जी, एसकेएमएस यूनियन के अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र बेहरा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के संरक्षक गणेश राम चौधरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कामरेड अनिल यादव,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की पदाधिकारी द्वय कामरेड रितु शालिनी, कामरेड रंभा पवार एवं सीटू राजहरा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एम आर पाटिल, मौजूद रहे ।सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के उपाध्यक्ष कामरेड शांतकुमार ने कहा की वर्तमान समय में मजदूर वर्ग पर अपनी समस्याओं के अलावा समाज के अन्य वर्गों को बचाने की जिम्मेदारी भी आ पड़ी है । सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष के लिए मजदूर वर्ग को ही अग्रणी भूमिका निभाना होगा ।
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इसलिए इस सम्मेलन में उन तमाम प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए जिससे समाज और सभी वर्गों का उत्थान हो सके । कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी ने कहा कि नगर में मजदूरों के बीच सीटू की एक अलग छवि है। और सीटू विगत कई वर्षों से मजदूर वर्ग के लिए संघर्ष करती आ रही है तथा अपनी मांगों को हासिल करती आ रही है।सीटू ने मजदूर वर्ग के अलावा शहर के विकास के हर संघर्ष में बराबर सहयोग दिया है। इसलिए सीटू का कार्य हमेशा प्रशंसनीय रहा है । उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग की हर लड़ाई में मैं व्यक्तिगत रूप से आपके साथ खड़ा रहूंगा । ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अशोक बांबेश्वर जी ने कहा कि खदानों में कार्यरत नियमित व ठेका मजदूरों की विभिन्न समस्याओं पर संघर्ष करते हुए सीटू मजदूरों के लिए वह सब कुछ हासिल कर रही है जिसकी मजदूरों को दरकार है। सीटू ने हमेशा शानदार लड़ाइयां लड़ी हैं और विजय प्राप्त की है। मैं इस सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं ।
मंत्री जी के मीडिया सचिव विवेक मसीह जी ने कहा कि हमने बचपन से सीटू के संघर्ष को देखा है। इन्हीं के साथ पले बढ़े हैं इसलिए संघर्षों की नगरी में सीटू का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा यह सम्मेलन अच्छी तरह सफल रहे और नगर के विकास पर भी विचार किया जाना चाहिए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की पदाधिकारी रितु शालिनी ने भी सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की । छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के संरक्षक कामरेड गणेश राम चौधरी ने कहा कि मजदूरों को जो भी हासिल हुआ है वह संघर्षों से ही हासिल हुआ है, सत्ता वर्ग लगातार ताकतवर हो रहा है इसलिए हमें भी संयुक्त संघर्षों को और तेज करना होगा तभी हम एक बेहतर व्यवस्था को कायम कर पाने में सक्षम हो सकेंगे । सीटू के संस्थापक सदस्य कामरेड केपीजी पणिक्कर ने कहा कि मजदूर को जीवन भर लड़ना होता है, यह लड़ाई वह केवल अपने लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लडता है तभी मजदूरों के लिए कुछ बेहतर व्यवस्था बन पाती है। इसलिए हमें हमेशा शोषण के विरुद्ध डटकर खड़े होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सके । इस दौरान विगत 3 वर्षों में दिवंगत हुए साथी रामकुमार साहू, रोहित कुमार मंडावी, वी डी आदिनारायण, अशोक कुमार, अंजोरी राम, तीजू राम एवं प्रीतम सिंह पंवार के परिवार को अतिथियों के हाथों शाल और श्रीफल से सम्मानित कर साथियों के योगदान को याद किया गया । भोजन के बाद प्रारंभ हुए द्वितीय सत्र में यूनियन के महासचिव कामरेड पुरुषोत्तम सिमैया द्वारा सचिव प्रतिवेदन पेश किया गया ।
इस प्रतिवेदन पर लगभग 15 साथियों ने जबरदस्त चर्चा कर सचिव प्रतिवेदन एवं कोषाध्यक्ष की रिपोर्ट को सर्वसम्मति पारित किया । सम्मेलन में उजडते राजहरा को बचाने के लिए संघर्ष तेज करने, श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ, ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ संघर्ष करने, सेल प्रबंधन द्वारा एकतरफा ग्रेज्युटी सीलिंग और सेल पेंशन स्कीम को एनपीएस में डाले जाने के विरोध में संघर्ष करने तथा खदान कर्मियों की मूलभूत सुविधाओं पर आंदोलन तेज करने का प्रस्ताव पारित किया गया । सत्र के अंतिम चरण में 83 सदस्यीय समिति का प्रस्ताव पारित करते हुए 17 पदाधिकारी, 30 कार्यकारिणी,एवं 36 जोनल कमेटी सदस्यों का चयन किया गया। जिसमें पुरुषोत्तम सिमैया अध्यक्ष, प्रकाश सिंह क्षत्रिय सचिव, ज्ञानेंद्र सिंह कार्यकारी अध्यक्ष , सुजीत मुखर्जी संगठन सचिव, विनोद मिश्रा, विजय शर्मा, रामाधीन राम, राजेश खन्ना, उपाध्यक्ष ,उमेश दंडाले कार्यालय सचिव,जे गुरुवुलु कोषाध्यक्ष, चार्ली बर्गिस सहायक कोषाध्यक्ष ,आरती राम ठाकुर, बीएल रोकड़े, राम कुमार कुर्रे, मानसिंह कनवर, सुजीत मंडल व बालमुकुंद ठाकुर को सहायक सचिव चुना गया । इसके साथ ही 30 कार्यकारिणी सदस्य एवं 36 जोनल कमेटी सदस्यों का भी चयन किया गया । जो आगामी 3 वर्षों तक यूनियन की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करेंगे । सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू राजहरा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एम आर पाटिल ने कहा कि खदानों और शहर में सीटू की एक अलग ही छवि है, इसी छवि के आधार पर ही बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग सीटू यूनियन के साथ जुड़ा हुआ है और हमें हर हाल में अपने संघर्षों की छवि को कायम रखना है ।सम्मेलन में समापन भाषण प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष एवं हिंदुस्तान के स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू भिलाई के महासचिव कामरेड एसपी डे ने कहा कि आज देश में जो सरकार सत्तासीन है उसकी नीतियां निश्चित रूप से जनविरोधी है और वह पूंजी परस्त नीतियों के चलते देश के तमाम सरकारी उद्योगों सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों को बेचने पर तुली हुई है ।यह सरकार न केवल मजदूर विरोधी है, बल्कि किसानों व आम जनता पर लगातार कष्टदायी नीतियां थोप रही है। आज सेल प्रबंधन के रवैया में भी हम सरकार की नीतियों की झलक स्पष्ट रूप से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेज रिवीजन में अंतिम क्षणों में ट्रेड यूनियनों की एकता में सेंध लगाते हुए प्रबंधन ने मजदूरों के साथ धोखा किया । इसी तरह सेल पेंशन योजना में एनजेसीएस की बनी सहमति को भी दरकिनार करते हुए इसे एनपीएस में ले जाने का षड्यंत्र प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है। और अब बोनस के मामले में भी हम देख रहे हैं कि प्रबंधन का रवैया किसी भी स्तर पर सम्मानजनक नहीं है । प्रबंधन ने सेल कर्मचारियों की असीमित ग्रेज्युटी के समझौते का खुला उल्लंघन किया है । जिसके खिलाफ हमने कलकत्ता हाई कोर्ट में परिवाद दायर किया है। हम प्रबंधन के तमाम मजदूर विरोधी रवैए के खिलाफ संघर्षरत है, लेकिन इतना काफी नहीं है। जब तक सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज नहीं करते और इन्हें पलटने पर मजबूर नहीं करते तब तक उद्योग स्तर की लड़ाई में हम छोटी मोटी मांगों को हासिल कर सकते हैं,लेकिन कर्मचारी वर्ग के जीवन स्तर को उठाने के लिए जो भी जरूरी है उसे हासिल करना अब मुश्किल होते जा रहा है। इसलिए इस पर हम सबको एकता बद्ध तरीके से सभी मोर्चों पर एक साथ लड़ना होगा तभी हम अपने और अपनी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे । दोनों सत्रों का संचालन अध्यक्ष मंडल के सदस्य प्रकाश सिंह क्षत्रिय, ज्ञानेंद्र सिंह,व सुजीत मुखर्जी ने किया । इस भव्य सम्मेलन में यूनियन के 300 से अधिक सदस्यों ने भागीदारी की।