जगदलपुर। नगरनार थाना क्षेत्र की ग्राम कोहकापाल में नरबलि दिए जाने संबंधी खबरें सोशल मीडिया में बीते दो दिनों से वायरल हो रही थी. दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद आज इस मामले का पटाक्षेप हुआ. नगरनार पुलिस ने नरबलि के प्रयास जैसी बातों को अफवाह बताया है. पुलिस के अनुसार ग्राम कोहकापाल में एक किशोर बालक को कुछ व्यक्तियों ने गलत तरीके से रोखकर रखा था. तंत्र-मंत्र से संबंधित गतिविधि की सूचना के बाद बीते दो दिन से लगातार जांच की जा रही थी।प्रकरण में पुलिस द्वारा पीड़ित/प्रार्थी, संबंधित व्यक्तियों एवं अन्य संभावित गवाहों से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों ने सोने का हंडा प्राप्त होने की अंधविश्वासपूर्ण धारणा के चलते किशोर बालक के साथ तंत्र-मंत्र संबंधी गतिविधि की गई थी। पुलिस जांच में अब तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिससे यह प्रमाणित हो कि किशोर की नरबली देने का प्रयास किया गया था. अथवा नरबली की कोई योजना थी।
सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रसारित हो रही नरबली संबंधी बातें जांच में पुष्ट नहीं हुई हैं।घटना को पुलिस द्वारा गंभीरता से लेते हुए थाना नगरनार में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण में अब तक दो मुख्य आरोपी गोनसाय एवं लखीराम को हिरासत में लिया गया है तथा जिन्होने पूजा पाठ किया उनका नाम भी अपराध मे जोडा गया है । आरोपियों से पूछताछ एवं अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रकरण की विवेचना कर रही है। जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने जारी की अपील पुलिस आमजन से अपील करती है कि घटना के संबंध में बिना सत्यापन के अफवाहों अथवा अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित करें। पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।पहले भी हो चुकी घटनाएं बस्तर में अंधविश्वास के चलते इस प्रकार की कई घटनाएं पहले भी सामने आई है. दो दशक पूर्व तत्कालीन क्राइम स्क्वाड ने ओड़िशा के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि एक सामान्य कांच की बोतल को जादुई बोतल बताकर शहर के एक व्यापारी को ढाई लाख में बेचा गया था. गड़े धन की लालच में नरबलि के आरोप भी पूर्व में लगे हैं पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी. इसके अलावा राम लक्ष्मण की तस्वीर मुद्रित पुराने सिक्कों के बारे में भी काफी समय तक अफवाहों का बाजार गर्म रहा। इस सिक्के की कीमत लाखों में बताई जाती रही. महानगरों से लोग बस्तर में पुराने राम लक्ष्मण के सिक्के खरीदने घूमते देखे गए थे. मान्यता थी कि यह सिक्का चावल के दाने दूर से खींच लेता था. इसमें यूरेनियम का मात्रा होने से इसे अधिक कीमतों में खरीदा जा रहा था. इन सिक्कों के चलते हत्या जैसी वारदात भी में सामने आई थी ।






