शैक्षिक नवाचार, FLN और गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए शिक्षकों का सम्मान
बस्तर ग्रामीण अंचलों में सीमित संसाधनों के बीच नवाचार के जरिए शिक्षा को बेहतर बनाने वाले छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय ‘एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। एमडी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली एवं ‘शिक्षा सारांश’ शैक्षिक मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में तथा कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी सह शिक्षाविद शिल्पी सम्मान समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सुधीर गौतम, कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव संदीप गांधी, भूमि बिल्डकॉन एंड डेवलपर्स रायपुर के प्रतिनिधि प्रमोद डेहरी एवं डॉ. अनिल कुमार प्रधान ने शिक्षकों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला ढाबामारी के सहायक शिक्षक नोगेश्वर कुमार साहू को TLM, खेल-खेल में सीखने, FLN, पालक-शिक्षक संवाद और बाल-मित्रवत वातावरण विकसित करने के लिए सम्मान मिला। उनके प्रयासों से बच्चों की उपस्थिति तथा विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता बढ़ी है।वहीं शासकीय प्राथमिक शाला दोदरगुड़ा के सहायक शिक्षक पीयूष कुमार पाल को ग्रामीण समुदाय से बेहतर समन्वय, बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ाने, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा FLN के क्षेत्र में DRG एवं BRG के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।शासकीय प्राथमिक शाला लिमऊपदर बिन्ता के सहायक शिक्षक श्याम सिंह नुरेटी को अंग्रेजी विषय में गतिविधि आधारित शिक्षण, TLM के उपयोग तथा खेलकूद, चित्रकला और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सम्मान मिला।आयोजन समिति ने शिक्षकों के नवाचार, समर्पण और ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ऐसे शिक्षक अपनी रचनात्मक पहल से बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।






