जिलाध्यक्ष अनु. जनजाति मोर्चा व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो तीन कृषि क़ानून वापस लिए जाने की घोषणा की है वो स्वागतेय है। उन्होंने कहा की देशभर को ऊहापोह और दुविधाग्रस्त बनाकर भ्रमित करने के षड्यंत्रों से किसानों को मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार बधाई की पात्र है। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करती है। ध्रुवे ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा और सिख धर्मगुरु गुरु नानकदेव जी जयंती के पावन प्रकाश-पर्व पर तीनों कृषि क़ानूनों को लेकर किसानों के एक वर्ग की असहमति का सम्मान करते हुए जो यह निर्णय लिया गया है, वह भारतीय लोकतंत्र की ‘वादे-वादे जायते तत्वबोध:’ की सर्वोच्च भावना की विनम्र अभिव्यक्ति है और यही लोकतंत्र का सौंदर्य है।

ध्रुवे ने कहा कि केंद्र सरकार ने इन क़ानूनों से जुड़े तमाम पहलुओं पर देश को समझाने का, उन पर खुली चर्चा करके समाधान करने का और जिन प्रावधानों पर सर्वाधिक आशंका या असहमति थी, उनमें ज़रूरी संशोधन करने की तत्परता दिखाने के सत्यनिष्ठापूर्वक प्रयास किए थे। ध्रुवे ने कहा कि किसानों के कल्याण की और अनेक योजनाओं पर काम करके तथा नई योजनाएँ घोषित करके केंद्र सरकार देश के अन्नदाता किसानों की चिंता करती रहेगी और भाजपा इसके लिए प्रतिबद्ध है। ध्रुवे ने कहा कि किसानों के नाम पर देश को दिग्भ्रमित करने में लगे लोगों को अब किसानों के कल्याण की सच्ची कोशिशों में जुटना चाहिए।


