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राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर महिला किसानों के योगदान को किया नमन

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आधुनिक तकनीक और जैविक खेती अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान

बालोद :- कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, व कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला बालोद के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर महिला किसान सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला किसानों के कृषि क्षेत्र में अतुलनीय योगदान, उनकी मेहनत, संघर्ष, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने महिला किसानों को कृषि विकास की महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने का आह्वान कियाकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ’ पवन साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़’ उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ’श्री राकेश छोटू यादव, महामंत्री भाजपा जिला बालोद, ’’ प्रेम साहू, जिला मंत्री भाजपा छत्तीसगढ़, एवं ’’श्रीमती भगवती उइके, जनपद सदस्य, जनपद पंचायत बालोद’ शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के आर साहू, वैज्ञानिक गण डाॅ. बलदेव अग्रवाल, डाॅ. ए.आर. गौर, सचिन वर्मा, श्री गितेश सिन्हा, डाॅ नीतू सोनकर, डाॅ दीपशिखा मनु चंद्राकर, विनोद पैकरा, एवं कृषि विभाग से श्री महेश मार्गेय, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, के आर पिद्दा व.कृ.वि.अधिकारी, सुश्री माया ठाकुर कृ.वि.अधिकारी एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण ड्रोन दीदी, कृषि सखियां एवं उन्नत जैविक महिला किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।मुख्य अतिथि पवन साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला किसान देश की कृषि व्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं।

खेती-किसानी में महिलाओं का योगदान केवल बीज बोने, रोपाई, निराई-गुड़ाई और फसल कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बीज संरक्षण, पशुपालन, सब्जी उत्पादन, जैविक खाद निर्माण और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण तक उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं के परिश्रम और समर्पण से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।उन्होंने कहा कि महिला किसानों को सम्मान देने का अर्थ उनके श्रम, कौशल और अनुभव को पहचान देना है। आज आवश्यकता है कि महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बाजार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि वे खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकें। उन्होंने महिला किसानों से पारंपरिक ज्ञान के साथ नई तकनीक अपनाकर कृषि क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया।भाजपा जिला बालोद के महामंत्री श्री राकेश छोटू यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सफलता का अर्थ केवल कलेक्टर, अधिकारी या किसी बड़े पद तक पहुंचना ही नहीं है। सफलता का वास्तविक अर्थ है अपने ज्ञान, मेहनत, कौशल और संकल्प से समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करना।

आज महिलाएं खेती-किसानी को अपनाकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तीकरण की नई कहानी भी लिख रही हैं।श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में महिला किसानों की भूमिका विशेष महत्व रखती है। हमारी माताएं और बहनें खेतों में केवल फसल नहीं उगातीं, बल्कि परिवार के सपने, बच्चों का भविष्य और गांव की खुशहाली भी संवारती हैं। महिला किसानों को कृषि योजनाओं की जानकारी, प्रशिक्षण, कृषि उपकरणों, बाजार और आर्थिक निर्णयों में उचित भागीदारी दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने महिला किसानों से स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की।कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा छत्तीसगढ़ के जिला मंत्री श्री प्रेम साहू ने महिला किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने महिला किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अनुभव और आधुनिक तकनीक का समन्वय कृषि उत्पादन, परिवार की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती भगवती उइके सहित उपस्थित अतिथियों ने महिला किसानों के परिश्रम और समर्पण की सराहना की। डॉ. के. आर. साहू ने विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण एवं संसाधनों से जोड़ना विकसित कृषि और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आवश्यक है।डॉ. दीपशिखा मनु चंद्राकर ने अपने संबोधन में बताया कि महिलाएं खेती-किसानी की धुरी हैं। बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई, कटाई, फसल प्रबंधन, पशुपालन एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण जैसे अनेक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने महिला किसानों को धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सचिन कुमार वर्मा द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम में छः प्रगतिशील महिला कृषिकों का सम्मान अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया। केन्द्र के वैज्ञानिकों ने महिला कृषकों के समसामयिक कृषि समस्याओ का परिचर्चा के माध्यम से समाधान दिया तथा कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।सफल महिला कृषकों ने अपने-अपने उन्नत कृषि के बारे में बताया।

सेजस चेराकुर में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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भानपुरी कारितास इंडिया के अंतर्गत संचालित खुशहाल बचपन परियोजना द्वारा सेजस चेराकुर में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं को माहवारी से संबंधित सही जानकारी प्रदान करना तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम के दौरान माहवारी के समय स्वच्छता बनाए रखने, सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, समय-समय पर पैड बदलने तथा उपयोग किए गए पैड के उचित निपटान के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक झिझक को दूर करने और इस विषय पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित किया गया। किशोरी बालिकाओं को बताया गया कि माहवारी एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, जिसके बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य पी.एस. ताराम, व्याख्याता बलदेव मरकाम, मितानिन ट्रेनर जमुना कश्यप, जिला परियोजना सहायक कमलेश कुमार, कम्युनिटी एजुकेटर देवंती नाग एवं तेजेश्वर पानीग्राही सहित एकेडमिक मेंटर दुतीका, सुकमति, रूनीता, बसंती, दयावती, संगीता, नीलकुमारी, लक्ष्मी एवं सुनयना उपस्थित रहे।कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा समाज में माहवारी से संबंधित सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया। कैरिटास इंडिया की खुशहाल बचपन परियोजना के अंतर्गत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

अधूरे टूटे आमाडुला बांध के पुनर्निर्माण की उठी मांग, निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के अधिकारी

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शासन स्तर पर भेजे गए दस्तावेज, स्वीकृति और फंड मिलने का इंतजार; वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जी राम जी योजना से काम कराने की तैयारी

बालोद। जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी के अंतर्गत ग्राम आमाडुला में स्थित बांध के टूटने और अधूरा पड़े होने से किसानों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बांध का निर्माण पूरा होने से पहले ही पानी के तेज बहाव के कारण इसका गेट वाला हिस्सा टूट गया था, जो बहकर किसानों के खेतों तक पहुंच गया। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि बांध का निर्माण पूरा होने से उनके खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, लेकिन बांध के टूटने के बाद उनकी यह उम्मीद अधूरी रह गई। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बांध के पुनर्निर्माण की मांग तेज कर दी है।बांध के टूटने से किसानों के खेतों में मिट्टी जमा होने और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों के खेतों में जमा मिट्टी की सफाई कराई जाती है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। बांध की मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण किसानों को बार-बार परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का मानना है कि बांध को व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए तो सिंचाई के साथ-साथ क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार और निस्तारी के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिल सकती है।ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत आमाडुला के सरपंच कमलेश दुग्गा, डौंडी जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी तथा जनपद पंचायत डौंडी के उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम ने पूरे मामले से जल संसाधन विभाग को अवगत कराया। जनप्रतिनिधियों की मांग और ग्रामीणों की परेशानियों को संज्ञान में लेते हुए विभाग के एसडीओ सुरेश कुमार घिरेंद्र तथा इंजीनियर मौके पर पहुंचे और टूटे हुए बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष बांध का निर्माण कार्य पूरा कराने तथा समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग रखी।निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि बांध से संबंधित आवश्यक दस्तावेज शासन स्तर पर भेजे जा चुके हैं। अब स्वीकृति मिलने और फंड उपलब्ध होने का इंतजार है। राशि प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं, तब तक ग्रामीणों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत जी राम जी योजना के माध्यम से कार्य कराने के लिए प्रस्ताव मंगवाकर स्टीमेट तैयार करने की योजना है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर बांध के टूटे हुए हिस्से के ऊपर की ओर तटबंध बनाने का काम कराया जा सकता है, जिससे बांध में पानी को रोकने में मदद मिलेगी।ग्रामीणों को उम्मीद है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तटबंध का निर्माण होने से पानी का अनावश्यक बहाव रोका जा सकेगा और आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर सुधारने के साथ निस्तारी के लिए पानी उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी। हालांकि, ग्रामीणों की प्रमुख मांग बांध का स्थायी रूप से पुनर्निर्माण कर उसे पूरा करने की है, ताकि भविष्य में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उन्हें बार-बार होने वाले नुकसान से राहत मिल पाए।निरीक्षण के दौरान सरपंच कमलेश दुग्गा, जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम, लक्ष्मण दुग्गा, केशव तारम, जल संसाधन विभाग के एसडीओ सुरेश कुमार घिरेंद्र, विभागीय इंजीनियर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब ग्रामीणों की नजर शासन से मिलने वाली स्वीकृति और प्रस्तावित वैकल्पिक कार्यवाही पर टिकी हुई है।

राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग तेज, बस्तर में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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बस्तर राष्ट्रीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए पृथक कॉलम जोड़े जाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ ने अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को बस्तर जिला इकाई द्वारा बस्तर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपकर आगामी जनगणना 2027 को समावेशी, पारदर्शी और सटीक बनाने की मांग की गई है।यह ज्ञापन ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के निर्देशन, संभाग अध्यक्ष दिनेश यदु के मार्गदर्शन एवं संभागीय सचिव दिलेश्वरी ठाकुर के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने विस्तार से अपनी मांगों को रखा।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि वर्ष 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी वर्ग का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए और इसके लिए जनगणना प्रपत्र में अलग कॉलम की व्यवस्था की जाए। साथ ही जातिवार गणना के लिए राज्यवार जातियों की सूची और डिजिटल प्रणाली में ड्रॉप-डाउन विकल्प उपलब्ध कराया जाए, ताकि जनगणना के दौरान गलत वर्गीकरण, नाम में त्रुटि और आंकड़ों में गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। महासभा का कहना है कि अब तक जनगणना में ओबीसी वर्ग के आंकड़ों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से इस वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन नहीं हो पाता है।महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या के सटीक आंकड़े सरकार के पास उपलब्ध होंगे तो इससे शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी संसाधनों के उचित एवं न्यायपूर्ण आवंटन में बड़ी मदद मिलेगी। जातिवार आंकड़े सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा और इससे पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए यह आवश्यक है कि जनगणना में सभी वर्गों की स्पष्ट गणना हो।ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की गई है कि वे केंद्र सरकार को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दें, ताकि जनगणना प्रक्रिया में जरूरी बदलाव कर इसे सभी वर्गों के लिए न्यायसंगत बनाया जा सके। ओबीसी महासभा ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की मांग नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, बराबरी और अधिकारों की लड़ाई है।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मुन्ना लाल यादव, संभागीय सचिव योगेश्वरी साहू, ओबीसी महासभा बस्तर युवा मोर्चा सचिव मनोज ठाकुर, कमल दिवान, देवनाथ ठाकुर, जयप्रकाश पटेल, सदा ठाकुर, बनमाली यादव, दशामनी, पपेश्वरी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ओबीसी महासभा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।

महापौर संजय पाण्डे के निर्देश पर बस्तर दशहरा पर्व के दौरान शहर के सार्वजनिक शौचालय निःशुल्क

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जगदलपुर, 14 अक्टूबर 2026। ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जनसेवा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर पालिक निगम जगदलपुर ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महापौर संजय पाण्डे की पहल एवं मार्गदर्शन में दशहरा पर्व के दौरान शहर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम के सार्वजनिक शौचालयों में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जगदलपुर पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए महापौर श्री संजय पाण्डे ने निर्देश दिए हैं कि बाहर से आने वाले किसी भी दर्शनार्थी या ग्रामीण को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इस व्यवस्था के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों में स्नान, प्रसाधन एवं दैनिक निस्तार की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध रहेंगी। यह सुविधा दशहरा पर्व के दौरान पारंपरिक ‘मावली विदाई’ की रस्म संपन्न होने तक जारी रहेगी।

श्रद्धालुओं को सुगम सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थित सार्वजनिक शौचालयों की मैपिंग भी कराई जा रही है। नगर निगम द्वारा इन शौचालयों का विस्तृत लोकेशन मैप जारी किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले नागरिक आसानी से अपने निकटतम सुविधा केंद्र तक पहुंच सकेंगे।

निःशुल्क सार्वजनिक शौचालयों की सूची

नगर निगम जगदलपुर द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों पर स्थित सार्वजनिक शौचालयों की सूची निम्नानुसार है:

  1. महारानी अस्पताल के सामने — मोतीलाल नेहरू वार्ड 15
  2. गीदम रोड महात्मा स्कूल के पास , गांधीनगर — गांधीनगर वार्ड 22
  3. मंगल भवन के पास — मदन मोहन मालवीय वार्ड
  4. लालबाग — लाल बहादुर शास्त्री वार्ड 08
  5. शहीद पार्क के पास — श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड 39
  6. इंदिरा स्टेडियम के पास — शांतिनगर वार्ड
  7. शंकर नगर, आमागुड़ा — लाल बहादुर शास्त्री वार्ड 08
  8. लालबाग मैदान — लाल बहादुर शास्त्री वार्ड 08
  9. एयरपोर्ट चौक — गुरु घासीदास वार्ड 28
  10. नया बस स्टैंड–1 — शांतिनगर वार्ड 25
  11. नया बस स्टैंड (महिला शौचालय) — शांतिनगर वार्ड 25
  12. नया बस स्टैंड–2 — शांतिनगर वार्ड 25
  13. बस स्टैंड रोड टाउन हॉल — शांतिनगर वार्ड 25
  14. संजय बाजार सब्जी मार्केट — इंदिरा वार्ड 16
  15. संजय बाजार मटन मार्केट — इंदिरा वार्ड 16
  16. सिरासार चौक — सुभाष वार्ड 10
  17. महारानी हॉस्पिटल के पीछे हाता ग्राउंड के पास — मोतीलाल नेहरू वार्ड 15
  18. दलपत सागर के पास — रमैय्या वार्ड 17

महापौर श्री संजय पाण्डे के नेतृत्व में सेवा संकल्प अभियान के तहत की गई यह पहल श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी। साथ ही, दशहरा महापर्व के दौरान शहर में स्वच्छता, जनसुविधा और बेहतर नागरिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गुंडा बदमाशों पर लगातार कार्यवाही छेड़छाड़ करने वाले आरोपी पर बस्तर पुलिस की बड़ी कार्यवाही

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जगदलपुर दिनाॅंक- 14.10.2026 बस्तर पुलिस की बड़ी कार्यवाही कोतवाली पुलिस की हिस्ट्री शीटर आरोपी को किया गया गिरफ्तार नाम आरोपी – गौरव बिसाई पिता नंदू बिसाई, 25 साल, थाना कोतवाली, जगदलपुर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, के दिशानिर्देशन, अति0 पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन नगर पुलिस अधीक्षक धोत्रे सुमित कुमार के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित कर अपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में दिनांक 11.10.26 पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने वाले हिस्ट्री शीटर बदमाश गौरव बिसाई पर बस्तर पुलिस की बड़ी कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है

ज्ञात हो कि प्रार्थी धरमपुरा शराब दुकान मैनेजर ने थाना कोतवाली जगदलपुर में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया की वह दिनांक 11.10.2026 को शाम करीबन 06.00 बजे अपने किराए की घर पर खाना बना रही थी कि पड़ोस में रहने वाला गौरव बिसाई नाम का व्यक्ति गलत नियत से पीड़िता के हाथ बांह को पकड़ कर लज्जा भंग करने लगा की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली जगदलपुर में अपराध क्रमांक230/26 धारा 74, 331.1 BNS के तहत् अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया दौरान विवेचना प्रार्थी एवं गवाहों का कथन तथा अन्य साक्ष्य एकत्रित कर तत्काल आरोपी गौरव बिसाई को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा घटना घटित करना स्वीकार करने पर आरोपी गौरव बिसाई पिता नंदू बिसाई, 25 साल, थाना कोतवाली, जगदलपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी-निरीक्षक – लीलाधर राठौरउनि. – अरुण मरकामथाना इंचार्ज- PSI रानी सोनीHC- विनोद चांदने आरक्षक – भीम मंडावी, टामन बघेल ,हरीश कश्यप,राजू

कलेक्टर ने जारी किया नया कार्य विभाजन आदेश, अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारियां

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जिला पंचायत सीईओ खन्ना को बड़ा दायित्व

जगदलपुर बस्तर जिले में शासकीय कामकाज को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और अधिक गतिमान बनाने के लिए कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए नया प्रभार आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपर कलेक्टरों, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टरों के दायित्वों का विस्तृत निर्धारण किया गया है।

कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना को कलेक्टर की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासनिक नियंत्रण एवं चालू कार्य संपादित करने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री फ्लैगशिप योजनाओं, डीएमएफ, और हेरिटेज सोसायटी के नोडल अधिकारी होंगे। उनके पास समाज कल्याण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कृषि (आत्मा परियोजना, कृषि विज्ञान केंद्र), उद्यान, पशु, मत्स्य व रेशम, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आदिवासी विकास, सीएसआर, जिला निर्माण समिति, विशेष केन्द्रीय सहायता, मुख्यमंत्री कौशल विकास, जिला परियोजना (लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी), जिला रोजगार कार्यालय, खेल एवं युवा कल्याण, जिला योजना एवं सांख्यिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, श्रम, नक्सल पुनर्वास तथा जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर जैसे कुल 27 विभागों एवं शाखाओं की नस्तियों का परीक्षण कर कलेक्टर को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने का कार्यभार रहेगा।राजस्व तथा कानून व्यवस्था के स्तर पर दोनों अपर कलेक्टरों के मध्य प्रभार का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। अपर कलेक्टर चंद्रिका प्रसाद बघेल अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

उनके पास जगदलपुर, तोकापाल और लोहंडीगुड़ा अनुभाग के छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत अपील, पुनरीक्षण व पुनर्विलोकन (धारा 165 व 170-ख को छोड़कर) तथा कृषि खातों की उच्चतम सीमा अधिनियम 1960 के प्रकरणों की सुनवाई का जिम्मा रहेगा। साथ ही इन अनुभागों में पटवारियों के विरुद्ध पारित आदेशों की अपील, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के आर्थिक सहायता प्रकरण (कलेक्टर के मूल अधिकारों का प्रयोग), आरबीसी खंड चार-तीन (20) भूमि तबादला, संपूर्ण जिले हेतु शोध क्षमता प्रमाण-पत्र, किराया औचित्य निर्धारण, विवाह अधिनियम एवं विशेष विवाह अधिकारी, तथा जिला कार्यालय हेतु आहरण व संवितरण अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त वे अपीलीय जनसूचना अधिकारी भी होंगे तथा वित्त लेखा, स्थापना, जिला कोषालय, नजारत, वाचक शाखा, विधानसभा, संसद प्रश्न, प्रपत्र, सहायक अधीक्षक (सामान्य), चिटफंड, मालिक मकबूजा, न्यायिक, क्रेडा (सौर सुजला), उद्यमी विकास शाखा के प्रभारी अधिकारी रहेंगे और निरीक्षण रोस्टर का पालन कराएंगे। वहीं अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे अतिरिक्त कलेक्टर का प्रभार संभालेंगे। वे बस्तर एवं बकावंड अनुभाग के भू-राजस्व संहिता के अपील, पुनरीक्षण (धारा 165 व 170-ख को छोड़कर), कृषि खातों की उच्चतम सीमा अधिनियम के प्रकरण, तथा पटवारियों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई करेंगे। इसके अलावा नजूल अधिकारी जगदलपुर के आदेशों के विरुद्ध धारा 44 के तहत अपील, नजूल पट्टा नवीनीकरण, शीर्ष ब-121 मद के राजस्व मामले, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-आवश्यक वस्तु अधिनियम, जिला विपणन, नागरिक आपूर्ति निगम तथा सहकारिता का कार्य देखेंगे। उन्हें खाद्य, खनिज, आबकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, अनुज्ञप्ति, केंद्रीय जेल, जिला परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, खेल एवं युवा कल्याण, जिला अभियोजन अधिकारियों के प्रकरण, राहत, भू-अभिलेख, राजस्व शाखा, सूचना का अधिकार, मुख्य प्रतिलिपिकार, विभागीय जांच और उप जिला निर्वाचन अधिकारी का दायित्व दिया गया है। साथ ही वे नायब तहसीलदार से नीचे के कर्मचारियों के अर्जित अवकाश, जीपीएफ आंशिक-अस्थायी आहरण व त्यौहार अग्रिम के मामलों का निराकरण करेंगे।

डिप्टी कलेक्टर स्तर पर अधिकारियों के मध्य विभागों का आबंटन करते हुए सुश्री हीरा गवर्ना को नजूल अधिकारी, नजूल नवीनीकरण अधिकारी, विशेष भर्ती, जनगणना, टीएल शाखा, शिकायत, भू-अर्जन, लोक सेवा गारंटी, सहायक अधीक्षक राजस्व शाखा, कडेस्टरल सर्वे, भू-परिवर्तित शाखा, शासकीय आवास आबंटन, सांख्यिकी लिपिक, बैठकों-वीसी हेतु जानकारी तैयारी, उद्योग-पर्यावरण, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, नगर दण्डाधिकारी जगदलपुर, भाड़ा नियंत्रक अधिकारी, महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री व सांसदों से प्राप्त संदर्भ पत्रों का निराकरण तथा केन्द्रीय विद्यालय की नस्तियों का प्रभार सौंपा गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार जायसवाल ज्येष्ठ लिपिक (एक, दो, तीन), रोस्टरवार निरीक्षण, बीस सूत्रीय शाखा, अल्पबचत, नापतौल, तकनीकी व उच्च शिक्षा, अंत्यावसायी, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं (एसएससी, पीएससी, व्यापम, एनटीए), चिप्स, आवक-जावक, राजस्व अभिलेख कोष्ठ (आंग्ल व हिन्दी अभिलेखागार), सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी, सहायक अधीक्षक (निरीक्षण), पासपोर्ट सत्यापन, पुरातत्व, सैनिक कल्याण बोर्ड, रिकार्ड ऑफ राइट्स, नगर दंडाधिकारी (न्यायालयीन प्रकरणों को छोड़कर), ई-ऑफिस के नोडल अधिकारी, सहायक नोडल वित्त तथा सहायक अधिकारी जिला नजारत का दायित्व संभालेंगे। मैदानी प्रशासन को मजबूत रखने हेतु अनुभागों में अनुविभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिसके तहत सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में भू-राजस्व, पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, स्टाम्प एक्ट, शस्त्र अनुज्ञप्ति नवीनीकरण, फसल संरक्षण अनुज्ञप्ति, आपदा प्रबंधन (ग्रामीण क्षेत्र), लोक परिसर बेदखली अधिनियम के सक्षम प्राधिकारी, भू-अर्जन तथा शासकीय योजनाओं व निरीक्षण की कमान संभालेंगे।

अमित बेक बकावंड एसडीएम

जगदलपुर एवं नानगुर तहसील हेतु डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा एसडीएम होंगे, जिनके पास एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी और सत्कार प्रोटोकॉल प्रभारी का भी जिम्मा रहेगा। बस्तर एवं भानपुरी तहसील हेतु अजय कुमार शतरंज को एसडीएम बनाया गया है। तोकापाल, दरभा एवं बास्तानार तहसील के लिए सत्येंद्र कुमार बंजारे एसडीएम तोकापाल होंगे। बकावंड एवं करपावंड तहसील हेतु अमित बेक एसडीएम होंगे, जिन्हें सीएसआर, विशेष केंद्रीय सहायता और जिला निर्माण समिति का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। लोहंडीगुड़ा तहसील हेतु नंदनी साहू को लोहंडीगुड़ा अनुविभागीय दंडाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

लिंक व्यवस्था भी लागू

प्रशासनिक कार्यप्रणाली में निरंतरता बनाए रखने के लिए लिंक ऑफिसर व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अनुसार जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना एवं अपर कलेक्टर चंद्रिका प्रसाद बघेल परस्पर एक-दूसरे के लिंक अधिकारी होंगे, जबकि अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे की अनुपस्थिति में उनका कार्य चंद्रिका प्रसाद बघेल देखेंगे। इसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा और हीरा गवर्ना के लिंक अधिकारी कृष्ण कुमार जायसवाल होंगे तथा श्री जायसवाल की अनुपस्थिति में उनका दायित्व हीरा गवर्ना संभालेंगी।

सुपर गर्ल्स’ में बोरपदर की बेटियों का परचम, कविता पाठ और वाद-विवाद में हासिल किया प्रथम स्थान

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बकावंड जगदलपुर के कुम्हारवंड स्थित गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय ‘सुपर गर्ल्स’ प्रतियोगिता में प्राथमिक शाला साहूकार पारा बोरपदर की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय और विकासखंड बकावंड का नाम रोशन किया है। इन छात्राओं ने कविता पाठ और वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

प्रतियोगिता की कविता पाठ विधा में आराध्या नेताम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में खुशी बघेल ने तृतीय स्थान हासिल किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष की ओर से प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए आराध्या नेताम प्रथम रहीं, जबकि विपक्ष में अपने विचारों को मजबूती से रखते हुए खुशी बघेल ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधान अध्यापक बेणुधर जोशी तथा संकुल समन्वयक गंगाराम बघेल को भी सम्मानित किया गया। छात्राओं की सफलता को उनकी मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है।

इस उपलब्धि पर विकासखंड बकावंड के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव, खंड स्त्रोत समन्वयक सोनसिंह बघेल, संकुल समन्वयक गंगाराम बघेल, संस्था प्रमुख वेणुधर जोशी, सहायक शिक्षक डोमेंद्र कुमार गंगबेर, शाला प्रबंधन समिति, पालकों एवं विद्यालय परिवार ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सहायक कलेक्टर यशवंत नायक, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, जिला स्त्रोत समन्वयक अशोक पांडे सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक, चयनित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। बोरपदर की छात्राओं की यह सफलता ग्रामीण अंचल की प्रतिभा और बालिकाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का उदाहरण है। उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है।

बस्तर दशहरा मेला में सुरक्षा व्यवस्था, टैक्स वसूली और दुर्घटना की जवाबदेही कौन, दुकानों झूलों आदि मूल्यों कि दर कम करने की मांग

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जगदलपुर, बस्तर विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष सर्व अनुसूचित जाति समाज ने बस्तर दशहरा मेला में आम जनता की सुरक्षा, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

विक्रम लहरे ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा मेला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ घूमने आते हैं ऐसे में मेले में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

उन्होंने शासन,प्रशासन एवंजिम्मेदार अधिकारी से मांग की है कि मेले में प्रवेश के लिए जारी किए जाने वाले गेट पास की व्यवस्था,उसकी दर एवं उससे होने वाली आय की जानकारी सार्वजनिक की जाए साथ ही मेले में संचालित प्रत्येक झूले,खाने-पीने की दुकान और अन्य दुकानों से कितना शुल्क या टैक्स लिया जा रहा है,इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए संबंधित ठेकेदारों एवं संचालकों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए।

विक्रम लहरे ने विशेष रूप से झूलों और बिजली की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मेले में लगाए गए सभी झूलों की तकनीकी जांच कराई जाए तथा बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित किया जाए बिजली के खुले तार, खराब उपकरण और असुरक्षित झूलों के कारण किसी भी व्यक्ति की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए मेले में अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि मेले में किसी झूले, बिजली के तार या अन्य लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को कितना मुआवजा दिया जाएगा और मुआवजा देने की जिम्मेदारी किस अधिकारी, ठेकेदार या संबंधित संस्था की होगी? इन सभी विषयों पर पहले से स्पष्ट नियम और जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि दुर्घटना होने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े।

विक्रम लहरे ने मांग की कि जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभाग मेले की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। मेले का आयोजन मनोरंजन और खुशियों के लिए होता है, न कि लोगों की जान जोखिम में डालने के लिए। प्रशासन को चाहिए कि वह राजस्व वसूली के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता दे।

विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष सर्व अनुसूचित जाति समाज ने जिला प्रशासन से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक जांच कराई जाए और आम जनता की सुरक्षा के लिए तत्काल उचित कदम उठाए जाएं।

दशहरा मेले में झूलों, खाने-पीने की दुकानों एवं गेट पास की दरें कम करने की मांग

विक्रम लहरे ने कँहा जिला प्रशासन एवं मेला आयोजकों से मांग की है कि दशहरा मेले में प्रवेश गेट पास, सभी प्रकार के झूलों, खाने-पीने की दुकानों तथा अन्य खरीदारी की दुकानों पर वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्धारित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि दशहरा मेला केवल अमीर और संपन्न परिवारों के मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी खुशियां मनाने का अवसर है। लेकिन यदि गेट पास, झूलों और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम अधिक होंगे, तो गरीब परिवार अपने बच्चों को पर्याप्त मनोरंजन नहीं करा पाएंगे।

हमारी मांग है कि मेले में गेट पास से लेकर झूलों, खाने-पीने की सामग्री और अन्य दुकानों पर मिलने वाली वस्तुओं के उचित एवं किफायती मूल्य निर्धारित किए जाएं। मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि दुकानदार मनमाने दाम न वसूल सकें। साथ ही, मेला आयोजक और संबंधित प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक परिवार अपने सीमित बजट में भी मेले का आनंद उठा सके।

विक्रम लहरे ने कहा कि मेले का उद्देश्य केवल व्यापार और मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशी और मनोरंजन का अवसर प्रदान करना भी होना चाहिए। जब गरीब परिवार भी अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकेगा, तभी दशहरा मेले का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा
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प्रमुख मांग: दशहरा मेले में सभी वर्गों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए गेट पास, झूलों, खाने-पीने की सामग्री एवं अन्य दुकानों के मूल्य उचित और किफायती किए जाएं, ताकि गरीब परिवार भी बिना आर्थिक बोझ के मेले का आनंद उठा सकें।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं को जागरूक करने की पहल, बड़े मोरठपाल स्कूल में चला मतदाता जागरूकता अभियान

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उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिलेराम डाहिरे के निर्देश पर विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, जिम्मेदारियों और मतदाता पंजीयन की दी गई जानकारी
बड़े मोरठपाल, बस्तर। लोकतंत्र की मजबूती जागरूक मतदाताओं से होती है और इसकी नींव युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता विकसित करने से पड़ती है। इसी उद्देश्य से उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला बस्तर दिलेराम डाहिरे के निर्देश पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े मोरठपाल में मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत 17 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के विद्यार्थियों को मतदान के महत्व, मतदाता सूची में पंजीयन तथा लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
युवाओं को बताया मतदान का महत्व


मतदाता जागरूकता अभियान के प्रभारी सुमित चौबे ने विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया और प्रत्येक वोट की अहमियत के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल मतदान के समय ही नहीं, बल्कि अभी से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। 17 वर्ष की आयु से ही वे मतदाता बनने की तैयारी कर सकते हैं तथा 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार मतदाता सूची में पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मतदान लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। जागरूक मतदाता अपने विवेक से निर्णय लेकर देश और समाज के भविष्य को दिशा देने में योगदान देता है। इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदान के प्रति प्रेरित करना चाहिए।


आज के विद्यार्थी, कल के जिम्मेदार मतदाता
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य संजीता बघेल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। उनमें प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों की समझ विकसित करना जरूरी है। आज के जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य में जिम्मेदार मतदाता बनकर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक पात्र मतदाता को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने विवेक से मतदान करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मतदाता जागरूकता के इस संदेश को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक अपने मताधिकार के महत्व को समझ सकें।


जागरूकता से मजबूत होगा लोकतंत्र
कार्यक्रम में प्रेम बाहर ठाकुर, विनय कुमार सिंधे, विकास साहू, राहुल नाग एवं कोटेश्वर राव नायडू उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने, अपने अधिकारों को समझने और भविष्य में मतदाता के रूप में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस पहल का मुख्य संदेश यही रहा कि लोकतंत्र केवल निर्वाचन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी से मजबूत होने वाली व्यवस्था है। युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता विकसित कर भविष्य में जिम्मेदार मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐसे अभियान महत्वपूर्ण हैं।

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