जगदलपुर। बस्तर जिले में इंद्रावती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण आए बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन आगे आया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा जगदलपुर के राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्रियां वितरित की गईं। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने अंजुमन इस्लामिया उर्दू स्कूल और भैरमगंज स्कूल जगदलपुर प्रांगण में संचालित राहत शिविरों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों को दैनिक दिनचर्या में उपयोगी वस्तुएं जैसे साबुन, तेल, शैम्पू और टूथपेस्ट आदि राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश पदाधिकारी प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, जिला सचिव मोहम्मद ताहीर शेख, जिला कोषाध्यक्ष अमित पॉल और सीएसी दीपक यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
क्षतिग्रस्त मकान पर सरकार देगी 1.20 लाख का मुआवजा, सीएम राहत कोष से भी 10 हजार: मुख्यमंत्री साय
सीएम विष्णु देव साय ने किया बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सोमवार को अतिवृष्टि एवं बाढ़ प्रभावित बस्तर संभाग के बस्तर और सुकमा जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और बारिश में पूर्णतः क्षतिग्रस्त प्रत्येक मकान के पुर्ननिर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 10-10 रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। क्षतिग्रस्त फसलों और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों का भी मुआवजा दिया जाएगा।

बस्तर में तीन दिन तक हुई घनघोर और इंद्रावती समेत तमाम नदी नालों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हालात का जायजा लेने आज बस्तर संभाग के दौरे पर आए थे। उन्होंने सुकमा और बस्तर जिलों के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। श्री साय ने प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों से मुलाकात की और इंतजामों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से भेंटकर उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने आश्वस्त किया। वहीं हरेक प्रभावित परिवार को शासन की सहायता के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से दस-दस हजार रुपए की मदद देने की घोषणा की। उन्होंने बाढ़ से उत्पन्न स्थिति, प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को उक्त दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ प्रभावित सुनील पिता दशरथी और कुशल पिता दशरथी से उनके परिवारों से चर्चा करते हुए कहा शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही अन्य बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंटकर उन्हें मदद देने भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जाए और किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रभावित परिवारों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत दलों को तत्काल सक्रिय करने के लिए कहा। विशेष तौर पर बाढ़ का पानी कम होने के बाद शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ मकान, फसल, पशुधन क्षति का सर्वे कर आंकलन किए जाने सहित संबंधित परिवारों को सहायता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विषम परिस्थितियों में शासन-प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इस दौरान महापौर संजय पाण्डेय, नगर निगम के सभापति खेमसिंह देवांगन, बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इतने गांव हुए प्रभावित
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को जानकारी दी की भारी बरसात और बाढ़ से प्रदेश के 571 गांव और 22 हजार 375 लोग प्रभावित हुए हैं। पूरे प्रदेश में 173 जगह राहत कैंप खोले गए हैं। प्रदेश भर में 16 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 199 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं। 8 जनहानि और 172 पशु धन की हानि हुई है। पूर्णतः क्षतिग्रस्त प्रत्येक मकान पर 1.20 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 10-10 हजार की मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि फसल क्षति और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर भी मुआवजा दिया जाएगा।
मेयर पांडे और कलेक्टर छिकारा की तारीफ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपदा के हालात से निपटने और पीड़ितों की मदद के लिए किए गए इंतजामों को लेकर जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय और कलेक्टर आकाश छिकारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बस्तर जिला प्रशासन, कलेक्टर, नगर निगम प्रशासन और महापौर संजय पांडे ने प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए बढ़िया व्यवस्थाएं की हैं। राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और आवास की अच्छी व्यवस्था की गई है।
बकावंड ब्लॉक में राशन की गड़बड़ी और शिक्षक की कमी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 500 ग्रामीणों ने कलेक्टरेट में किया प्रदर्शन
बकावंड विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तारेका और चारगांव के लगभग 500 ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। आदिवासी नेता एवं बस्तर जिला युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम चारगांव में राशन वितरण में लगातार अनियमितता बरती जा रही है। आरोप है कि राशन संचालक युवराज बघेल द्वारा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दिया जा रहा है।
कई हितग्राहियों से दो माह का बायोमेट्रिक सत्यापन करा लेने के बाद भी राशन नहीं दिया गया, जिससे गरीब परिवार परेशान हैं।वहीं प्राथमिक शाला चारगांव में 90 छात्र-छात्राओं पर मात्र एक शिक्षक पदस्थ होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने अतिरिक्त शिक्षक की तत्काल व्यवस्था की मांग की।संयुक्त कलेक्टर अगर सिंह राणा ने ज्ञापन लेते हुए जिला खाद्य अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा कर दो दिनों के भीतर राशन वितरण व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया।इस दौरान हेमंत कश्यप ने कहा कि गरीबों के हक के राशन और बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।प्रदर्शन में सरपंच जोगेंद्र बघेल, रवि बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
मुंगेली में रेडक्रॉस की जनसेवा गतिविधियों को मिलेगी नई गति
राज्य चेयरमैन तोमन साहू ने ली जिला समीक्षा बैठक, रक्तदान, अंगदान, स्वास्थ्य एवं जन जागरूकता अभियानों पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर, 28 सितंबर 2026।इंडिया रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के चेयरमैन तोमन साहू ने मुंगेली जिले में रेडक्रॉस की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए जिला शाखा को जनसेवा एवं मानवीय सहायता के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुंगेली में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में रेडक्रॉस के वर्तमान कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जनजागरूकता, सदस्यता विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं, नशा उन्मूलन, टीबी एवं एड्स जागरूकता, सड़क सुरक्षा तथा आपदा एवं मानवीय सहायता से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में विशेष रूप से रेडक्रॉस ब्लड बैंक के संचालन एवं सुदृढ़ीकरण, जिले में जिला रेडक्रॉस कार्यालय की व्यवस्था, शासकीय भूमि आवंटन की कार्यवाही तथा जिला अंगदान समिति के गठन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही JRC-YRC की गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को मानवीय सेवा से जोड़ने पर जोर दिया गया।

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता कर जीवन बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘थैंक यू सर्टिफिकेट’ एवं प्रोत्साहन की व्यवस्था किए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई। इसके अलावा ‘सुरक्षा मित्र’ जैसी जनभागीदारी आधारित पहल के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विचार किया गया।राज्य चेयरमैन तोमन साहू ने कहा कि रेडक्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता और मानवीय संवेदना पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला शाखाओं की सक्रियता और जनसहभागिता के माध्यम से रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, नशा मुक्ति, नेत्रदान एवं अंगदान जैसे अभियानों को गांव-गांव और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने जिले में रेडक्रॉस की गतिविधियों को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित बनाने तथा स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों के साथ बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।बैठक में कलेक्टर एवं अध्यक्ष इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा मुंगेली अमृत विकास टोप्पो, वाइस चेयरमैन रक्तदान उपसमिति बालाराम साहू, राज्य प्रबंध समिति सदस्य श्री गिरीश कुर्रे, जिला चेयरमैन महीपाल सिंह, वाइस चेयरमैन संजीव गौरहा, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह सचिव इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा मुंगेली केश कुमार गुप्ता तथा जिला संगठन आधिकारिक। मोहन लाल पटेल उपस्थित रहे।मुंगेली में रेडक्रॉस का संदेश — सेवा, सहयोग और संवेदना के साथ हर जरूरतमंद तक पहुंचबैठक के माध्यम से जिले में रेडक्रॉस की आगामी गतिविधियों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को मानवीय सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया गया।

बाढ़ में फंसे रहे गणेशजी
पानी उतरने के बाद हुआ गणपति विसर्जन
नवयुवक गणेश उत्सव समिति ने धूमधाम से दी बप्पा को विदाई
जगदलपुर बाढ़ और बारिश के चलते बस्तर विकासखंड के मधोता-2 क्षेत्र में मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रथम पूज्यनीय भगवान गणेश जी भी प्रभावित नजर आए। यहां बाढ़ के कारण गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन समय पर नहीं हो पाया था। बाढ़ का पानी कम होने के बाद नवयुवक गणेश उत्सव समिति खैरगुड़ा द्वारा आज बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन बड़े भक्तिभाव और उत्साह के साथ किया गया।

उल्लेखनीय है कि खैरगुड़ा के चारों ओर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण समिति ने परिस्थितियों को देखते हुए विसर्जन को आगे बढ़ाया था। पानी कम होने के बाद आज विधि-विधान से गणपति बप्पा को विदाई दी गई। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ गणपति बप्पा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ यात्रा में हिस्सा लिया। गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। वहीं, विसर्जन के अवसर पर समिति की ओर से महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें खिचड़ी एवं खीर का वितरण किया गया। बाढ़ से प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने महाभंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और जल्द सामान्य परिस्थितियों की कामना की। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के साथ गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
गौसेवा में जुटे कांग्रेस नेता रेखचंद जैन और निर्मल लोढ़ा
भूखे गौवंश के लिए किया चारा पानी और सुरक्षा का इंतजाम
जगदलपुर बस्तर जिले में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से मनुष्य ही नहीं जानवर भी प्रभावित हुए हैं। विशेष रूप से गाय,भैंस जिन्हें खटाल वालों ने पाला था, जल स्तर बढ़ते ही उन्होंने इन सारे मवेशियों को छुट्टा छोड़ दिया। ऐसी विकट स्थिति में कांग्रेस नेता पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने अपने सहयोगी निर्मल लोढ़ा के साथ मिलकर प्रवीर वार्ड के लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाय भैंसों को एकत्र कर उनके भोजन की व्यवस्था की, बल्कि उन्होंने खुद होकर सभी को दाना भूसा दिया और उनके सुरक्षित रहने की व्यवस्था की।
जानकारी के अनुसार दो दर्जन से ज्यादा पशुधन यहां पर सुरक्षित रूप से भोजन प्राप्त कर रहे हैं। इंद्रावती नदी में आई प्रलयंकारी बाढ़ के पीड़ितों की मदद करने कांग्रेस नेता रेखचंद जैन, निर्मल लोढ़ा और अन्य सहयोगी काफी अच्छा कार्य कर रहे हैं।कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सेवा टोली बाढ़ पीड़ितों के बीच जा जाकर पीड़ित परिवार को अपना सहयोग दे रही है।
कैबिनेट मंत्री अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष से हुआ जगदलपुर सर्किट हॉउस मे बैठक
अनुसूचित जाति वर्ग के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक और अध्यक्ष माननीय पुनीत चौहान जी कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अनुसूचित जाति आयोग छत्तीसगढ़ शासन से की मुलाकात,बस्तर जिले के जगदलपुर सर्किट हॉउस मे सर्व अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ समस्याओं से कराया अवगत
जगदलपुर- सर्व अनुसूचित जाति वर्ग के पदाधिकारियों ने अनुसूचित जाति वर्ग के आयोग अध्यक्ष से मुलाकात कर बस्तर संभाग में समाज के लोगों के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखा*। *पदाधिकारियों ने क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निराकरण की मांग की।

मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग का लाभ लेने वाले लोगों की तत्काल जांच कराने की मांग रखी एवं जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध निलंबन सहित सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई*।
पदाधिकारियों ने महारा जाति को अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण रोस्टर में वर्ष 2300 मे शामिल किए जाने के बाद तक बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति की जनसंख्या में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा एवं आवश्यक 16% वृद्धि की मांग भी रखी*।*इसके अलावा जातिगत भेदभाव, छुआछूत अथवा दुर्व्यवहार के मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और निलंबन की मांग की गई।*पदाधिकारियों ने कहा कि जाति जनगणना के आधार पर विधानसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की संख्या को देखते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखी गई।*स्थानीय निकाय एवं विधानसभा चुनावों में जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व: नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं विधानसभा जैसे चुनावों में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो की जनसंख्या का सर्वे कराकर जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी उचित सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए, ताकि राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। पदाधिकारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा पीड़ितों को कानूनी प्रकरणों में आवश्यक सहयोग और न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
पदाधिकारियों ने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से बस्तर संभाग की इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल कर जल्द निराकरण कराने का आग्रह किया।
इस बैठक मुलाक़ात मे कोंडागांव जिलाध्यक्ष धंस राज टंडन सर्व अनुसूचित जाति,बस्तर अध्यक्ष विक्रम लहरे सर्व अनुसूचित जाति वर्ग, बस्तर जिलाध्यक्ष संतु बांधे सतनामी समाज, जिला उपाध्यक्ष लाला लहरे सतनामी समाज,जिला महामंत्री सुभाष मेश्राम सर्व अनुसूचित जाति वर्ग,बौद्ध समाज से मनीष गड़पाले,हेमराज जांगड़े, प्रदीप भारती,दुर्गेश डहरिया, पीला नाग, हरीश नाथ,देवानन्द खुटे,एम डी बघेल संरक्षक, प्रेम सिँह नाग सचिव आदि मौजूद रहे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इंसानों के साथ बेज़ुबान पशुओं तक भी पहुँचाया भोजन
जगदलपुर-बस्तर की वर्तमान स्थिति से आप सभी परिचित हैं। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ बेज़ुबान पशु भी प्रभावित हुए हैं।ऐसे कठिन समय में हमारी टीम द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर जरूरतमंद लोगों के साथ-साथ बेज़ुबान पशुओं के लिए भी भोजन की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया। जितनी भी खाने की व्यवस्था हमसे हो पाई, हमने अपनी क्षमता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों तक भोजन पहुँचाने का प्रयास किया।
इस दौरान हमारी टीम द्वारा लगभग 500 से अधिक लोगों और बेज़ुबान पशुओं तक भोजन पहुँचाया गया।हमारा प्रयास है कि इस कठिन परिस्थिति में कोई भी जरूरतमंद इंसान या बेज़ुबान भूखा न रहे। संकट की इस घड़ी में हम अपनी क्षमता के अनुसार लगातार सेवा कार्य जारी रखेंगे।इस सेवा कार्य में लुप्तेश जगत, अभिषेक अवस्थी, देवर्षि समर्थ,मानसी गुप्ता, वंदना सोलंकी, संगीता भानुशाली, रिटो अब्राहम, रूपा मंडल, शैलेश शाह एवं शिवानी जगत का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
बाढ़ प्रभावित गांवों में सांसद महेश कश्यप ने पहुंचाई राहत सामग्रीआपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहना प्राथमिकता : महेश कश्यप
जगदलपुर। बाढ़ आपदा से प्रभावित ग्रामीणों तक राहत पहुंचाने के लिए बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने जगदलपुर ब्लॉक के विभिन्न बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने

भेजापदर,नदीबोड़ना,कुरुसपाल,लिटिगुड़ा,उलनार और बेलगांव में प्रभावित ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री पहुंचाई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सांसद कश्यप ने विगत दिनों सभी बाढ़ ग्रस्त इलाकों,विशेष कर भेजापदर जो की चारो ओर पानी से घिरकर टापू मे तब्दील हो गया था वहा मोटरबोट से जाकर ग्रामीणों से मुलाकात किया था और उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली थी l

बाढ़ प्रभावितों को न्याय की दरकार : जैन
बस्तर में ही 8 से 9 हजार बाढ़ प्रभावित
नष्ट दस्तावेजों से सम्बद्ध कानून को शिथिल करे शासन
वास्तविक मुआवजा की मांग
जगदलपुर. पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रदेश सरकार से कहा है कि बाढ़ प्रभावितों को न्याय की दरकार है.बस्तर में ही 8 से 9 हजार बाढ़ प्रभावित हैं. बाढ़ ने प्रभावितों का सब कुछ छीन लिया है. क्या शहर क्या गांव सभी जगह लोग समान रूप से प्रभावित हुए हैं.मुख्यमंत्री को इस मामले में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नष्ट दस्तावेजों से सम्बद्ध कानून को शिथिल करना चाहिए. बाढ़ ने मार्कशीट, राशन कार्ड, जमीन सम्बन्धी दस्तावेजों समेत अन्य प्रमुख डाक्यूमेंट्स को लील लिया है. इस मामले में उचित पहल किए जाने की दरकार पूर्व विधायक ने निरुपित की है. मीडिया को जारी बयान में उन्होंने कहा है की सीएम की घोषणाएं केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए. अपितु वास्तविकता लगनी चाहिए। जैन ने शासन- प्रशासन से वास्तविक मुआवजा की मांग की है.





