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शक्तिकेंद्र चिखलाकसा में भाजपा कि महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई

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  • छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर लिया गया विजय संकल्प

चिखलाकसा:–आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश आव्हान पर ,जिला आदेश अनुसार मंडल के मार्गदर्शन में शक्ति केंद्र चिखलाकसा में भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई और छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर विजय संकल्प के साथ-साथ 400 पार के नारे लगाए गए। इस बैठक की अध्यक्षता शक्ति केंद्र चिखलाकसा प्रभारी भरतभाई पटेल ने की। इस दौरान नगर पंचायत चिखलाकसा अध्यक्ष श्रीमती भिखी मासिया ,उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैयद ,वरिष्ठ भाजपाई विजय डरसेना,विरेंद्र पासवान ,राजू रावटे, तुलसी सिन्हा, देवसिंग नगर पंचायत चिखलाकसा के पाषर्दगण विमला जैन,सुनीता गुप्ता संगीता साहू कुंती देवांगन,लीला डरसेना, शान्ति रावटे,तिहारू राम आर्य, ताराचंद पथोड़े,आशीष गुप्ता बृजमनी यादव,चेतन ठाकुर,जसमीत कौर सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भरत भाई पटेल ने बताया कि हमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को घर-घर जाकर लोगों को बताना है और जो भी जरूरतमंद व्यक्ति इससे वंचित है उन्हें इस योजना का लाभ दिलवाना है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भिखी मासिया ने कहा कि हमें कांकेर लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी भोजराज नाग को प्रचंड बहुमत से जीताना है और छत्तीसगढ़ की सभी की सभी 11 सीटों पर विजय के साथ-साथ देश में 400 पार के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी है।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैयद ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है राज्य में विकास के कार्य डबल इंजन सरकार होने की वजह से तेज गति से हो रही है और आने वाले लोकसभा चुनाव में केंद्र में फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही यह विकास के कार्यों में और भी वृद्धि होगी।

भाजपा का संकल्प पत्र में झलक रही है भाजपा की हताशा : दीपक बैज

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  • भाजपा अबकी बार 150 भी पार नहीं कर पाएगी
    जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र से ही भाजपा की निराशा और हताशा झलक रही है। भाजपा अबकी बार 150 सीटों तक भी नहीं पहुंच पाएगी। भाजपा में साहस नहीं है कि वह 2014 और 2019 के समान जनता से वादा कर सके। इसीलिए भाजपा अपने संकल्प पत्र में कोई वादा करते हुए नहीं दिखी है। वैसे भी भाजपा किस नैतिकता से वादा करेगी। 2014, 2019 के वादों को तो भाजपा ने 10 सालों में पूरा नहीं किया है।
    दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा के दस साल के शासन में न हर साल 2 करोड़ रोजगार मिले, न किसी के खाते में 15 लाख आए, न 2022 तक किसानों की आय दुगनी हुई, और न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य मिला। न 100 दिन में महंगाई कम हुई, न बुलेट ट्रेन चली, न 100 स्मार्ट सिटी बन पाई, न ही 2022 तक भारत 5 ट्रिलियन इकोनामी बन पाई, न ही काले धन को लाने के लिए कोई टास्क फोर्स बन पाई। इतना जरूर हुआ कि देश पर ऋण 55 लाख करोड़ से 4 गुना बढ़कर 205 लाख करोड़ जरूर हो गया। नॉर्थ ईस्ट में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की बात भाजपा के घोषणापत्र में कही गई थी और आज मणिपुर जल रहा और प्रधानमंत्री इस बारे में एक शब्द नहीं कहना चाहते। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक ओर जहां कांग्रेस का घोषणा पत्र महिलाओं, युवाओं, कृषकों, मजदूरों, वंचित वर्गो को राहत देता है। वहीं भाजपा का घोषणा पत्र इस सब पर मौन है। युवाओं से वादा है कांग्रेस के घोषणा पत्र में 30 लाख भर्ती होगी और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। किसानों के एमएसपी में कांग्रेस के घोषणा पत्र में कानूनी गारंटी देने की बात है और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। महिलाओं के लिए लाई गई नारी न्याय योजना के माध्यम से कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं को हर साल 1 लाख, सरकारी नौकरी में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में महंगाई को नियंत्रित करने का वादा है जबकि भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में मणिपुर में शांति स्थापित करने का वचन है और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में जनजातीय क्षेत्रों को संविधान के छठे शेड्यूल में शामिल करने का वादा है और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। स्वास्थ्य में कांग्रेस के घोषणा पत्र में 25 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने की बात है और भाजपा के घोषणा पत्र में कोई जिक्र नहीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में जातिगत जनगणना कांग्रेस कराने का वचन है और भाजपा के घोषणा पत्र में इसका कोई जिक्र ही नहीं है।

आदिवासियों को साधने आए रायगढ़ के गोंड राजा देवेंद्र प्रताप सिंह

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  • पांच दिनों तक लोकसभा क्षेत्र में किया तूफानी दौरा
  •  बीजेपी के स्टार प्रचारक ने जीता आदिवासियों का दिल
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी भी अब पूरे फुलफॉर्म में है और अपने स्टार प्रचारकों को चुनाव मैदान पर उतार रही है। इसी कड़ी में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह को बस्तर में आदिवासी समाज को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। 4 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच पांच दिनों तक बस्तर संभाग में धुंआधार बैठकें, जनसंपर्क और सभाएं कर राजा देवेंद्र प्रताप सिंह ने आदिवासियों का दिल जीत लिया। उन्होंने दंतेवाड़ा, कोंडागांव व जगदलपुर में आदिवासियों को लामबंद किया तथा कुछ स्थानों पर चुनावी सभा भी ली।
    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति मोर्चा के आव्हान, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति मोर्चा के निर्देश पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी महेश कश्यप को जिताने के लिए आदिवासियों को गोलबंद करने में कामयाब रहे। राजा देवेंद्र प्रताप सिंह मूलत: राज गोंड हैं और बस्तर गोंड बाहुल्य लोकसभा क्षेत्र है। सिंह को चुनाव मैदान में स्टार प्रचारक के रुप में उतारने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। राज्यसभा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह जैसे स्टार प्रचारकों के साथ शामिल किए गए हैं। इसके कारण भारतीय जनता पार्टी में उनका कद एकाएक बढ़ गया है। गोंड राजा को चुनाव प्रचार में उतारने के पीछे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आदिवासियों को लामबंद करना है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र आदिवासियों की सर्वाधिक आबादी वाला क्षेत्र है और राजा देवेंद्र प्रताप सिंह की चलती है तो कवासी लखमा का समीकरण बिगड़ जाएगा और उनकी राह कठिन हो सकती है। देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पहले चरण के बस्तर दौरे में इस लोकसभा क्षेत्र के अधिकतर गांवों को कवर किया। वे गोंड़ आदिवासियों के साथ ही हल्बा हल्बी, भतरा व अन्य आदिवासी समुदायों के बीच भी पहुंचे और अपनी चिर परिचित अपनत्व भरे अंदाज में इन सभी वर्गों को साध लिया। राजनीति के जानकारों का कहना है कि गोंड़ आदिवासी राजा देवेंद्र प्रताप सिंह को पहले राजयसभा सदस्य फिर स्टार प्रचारक बनाकर भाजपा मास्टर स्ट्रोक खेला है और छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, ज्ञात हो कि बस्तर जिले के नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव, बालोद, सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, अंबिकापुर, चिरमिरी, धमतरी, कवर्धा, मानपुर, मोहला, चौकी आदि जिलों में भाजपा को आशातीत सफलता मिलेगी।

बनवासी ने सम्हाला मोर्चा
उधर बस्तर के वरिष्ठ भाजपा नेता वनवासी मौर्य भी दमखम के साथ चुनावी समर में डटे हुए हैं। बनवासी मौर्य भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के बस्तर संभाग के सह प्रभारी हैं। श्री मौर्य आदिवासियों को गोलबंद कर रहे हैं। बनवासी मौर्य को भी लोकसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वह साये की तरह राजा देवेंद्र प्रता सिंह के साथ कदमताल करते हुए लोकसभा प्रत्याशी महेश कश्यप के लिए प्रचार कर रहे हैं। बनवासी मौर्य बस्तर जिले में जाने पहचाने नेता हैं। आदिवासी समुदाय के साथ ही अन्य जाति धर्मों के लोगों के बीच भी उनकी खासी लोकप्रियता है।. बनवासी मौर्य लोकसभा चुनाव में शुरू से पार्टी प्रत्याशी महेश कश्यप के पक्ष में माहौल बनाने में लगे हुए हैं। वे लगातार क्षेत्र के गांवों का दौरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देकर कांग्रेस के दुष्प्रचार का कड़ा जवाब दे रहे हैं।

बजरंगदल दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तकरार

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जगदलपुर रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रामनवमी पर्व के पूर्व न्योता बाइक रैली निकाली। इस दौरान धरमपुरा के पास बाइक सवार कुछ कार्यकत्ताओं द्वारा तलवार लेकर चलने पर सीएसपी उदित पुष्कर ने आपत्ति जताई और तलवार थाने में जमा करने कहा। इससे कार्यकर्ता नाराज होकर धरने पर बैठ गए। वहीं देर शाम विरोध में दोबारा रैली निकाली गई। इस दौरान भी कार्यकर्ता तलवार लहराते नजर आए। रैली जोशीले नारों के साथ कोतवाली, एसपी दफ्तर के सामने से गुजरी।

मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं मोंगरापाल बोदागुड़ा के ग्रामीण

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  •  बिजली, पानी, सड़क के मोहताज हैं ग्रामीण 
    बकावंड जनपद पंचायत मुख्यालय बकावंड से लगभग 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मोंगरापाल के बोदागुड़ा के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बस्तर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोंगरापाल के बोदागुड़ा के ग्रामीण कई वर्षों से सीसी सड़क, पानी व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे हैं।

लेकिन उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। ग्रामीण बकावंड पहुंचकर जनपद पंचायत सीईओ को भी समक्ष लिखित आवेदन दे दिए उसके पश्चात स्थानीय विधायक को भी आवेदन दे चुके हैं। जनप्रतिनिधि इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।विभागीय अधिकारी नजरअंदाज किए बैठे हैं। बता दे कि सरपंच से लेकर जनपद पंचायत तक लिखित आवेदन और कई बार ग्रामसभा में भी सड़क पानी बिजली की मांग करने पर भी स्थानीय प्रतिनिधि, विधायक कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वैसे स्थिति को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार ने छोटी सड़कों को बड़ी सड़क से जोड़ने की योजना लागू की है, मगर इसका भी लाभ बोदागुड़ा को नहीं मिल पा रहा है। बोदागुड़ा के ग्रामीण को सरकारी दफ्तरों के सालों से चक्कर काटते आ रहे हैं।

सरजू टेकाम को तत्काल निशर्त रिहा किया जाए : माइंस श्रमिक संघ

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  •  संघ ने एसडीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन 
    दल्लीराजहरा छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा ने क्षेत्रीय आदिवासी नेता सुरजू टेकाम को तत्काल निशर्त रिहा करने की मांग करते हुए एसडीएम डौंडी लोहारा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।
    ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश एवं देश स्तर पर आदिवासियों की आवाज उठाने वाले आदिवासी नेताओं को दमनात्मक तरीके से दबाने का प्रयास लगातार जारी है। फर्जी मामलों में गिरफ्तार कर जेल में डाला जा रहा है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण छत्तीसगढ़ के मोहला- मानपुर जिले के मानपुर विकासखंड के ग्राम कलवर निवासी सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष व बस्तर जन संघर्ष समन्वय समिति के संरक्षक आदिवासी नेता सुरजू टेकाम को साजिश के तहत विस्फोटक सामग्री रखने के झूठे आरोप में गिरफ्तार किया जाना है। बस्तर में जल, जंगल, जमीन बचाने के मुद्दे पर चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों और आदिवासी नेताओं पर फर्जी धारा लगाकर आंदोलन को कुचलने की साजिश है। नक्सली गतिविधियों से निपटनें के नाम पर शस्त्रीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है, और पूंजीवादी व्यवस्था व कार्पोरेट घरानों के के लूट के खिलाफ चल रहे लोकतांत्रिक तथा शांतिपूर्वक और अहिंसकात्मक धरना प्रदर्शनों के नेतृत्व करने वाले स्थानीय आदिवासी नेताओं की गिरफ्तारी का क्रम लगातार जारी है। पिछली भाजपा सरकार में सलवा जुडुम जैसे हिंसात्मक अभियान प्रायोजित कर बड़े पैमाने पर आदिवासियों के नागरिक अधिकारों और मानवाधिकारों का हनन करने का कुचक किया गया था। इस असंवैधानिक मुहिम पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रोक लग पाई थी।

पिछले वर्षों में आदिवासी नेताओं को पुलिस हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ एवं उन्हें मानसिक व शाररिक यातनाएं दी गई थीं। नक्सली और पुलिस मुठभेड़ की जितनी भी घटनाएं अभी तक सामने आई है lजिससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने राज्य सरकारें एवं केन्द्र सरकारों पर प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। संघ ने मांग की है कि निर्दोष आदिवासी नेता सुरजू टेकाम को तत्काल निशर्त रिहा किया जाए, आदिवासियों के दमन तथा फर्जी गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगाई जाए, सरकार द्वारा फर्जी तरीके से गिरफ्तार किए गए सभी निर्दोष आदिवासियों को तत्काल निःशर्त रिहा किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष जिला किसान संघ, बालोद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत कांडे बौद्ध महासभा, जनक लाल ठाकुर आदि शामिल थे।

भाजपा के संकल्प पत्र को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया नहीं जुमला पत्र

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  • भाजपा, संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करे : बैज
    जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के संकल्प पत्र को जुमला पत्र करार दिया है। श्री बैज ने कहा कि पिछले दो बार के चुनावों में अपने वादों को भूल जाने वाले भाजपा ने किस नैतिकता से नया संकल्प पत्र जारी किया है। भाजपा को जनता से नया वादा करने का भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा के लिये घोषणा पत्र केवल जनता को ठगने का एक हथियार है। जनता में भाजपा और मोदी दोनों की ही विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। भाजपा का संकल्प पत्र नहीं माफीनामा जारी करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 2014 और 2019 के संकल्प पत्र के वादों के बारे में बात करने की भाजपाई हिम्मत नहीं करते। भाजपा बताए युवाओं के लिए सालाना 2 करोड़ नौकरियों देने का क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी करने का क्या हुआ? एमएसपी की कानूनी गारंटी का क्या हुआ? किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य देने के वादे का क्या हुआ? हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में 15 लाख देने का क्या हुआ? भाजपा बताए एससी, एसटी, के अधिकारों को सुरक्षित करने के वादे का क्या हुआ? एससी व एसटी पर 46 प्रतशित व 48 प्रतिशत अपराध क्यों बढ़ा? महिला आरक्षण लागू करने व महिला अत्याचार रोकने का क्या हुआ? 100 स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? भाजपा के सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवो का क्या हुआ? 2020 तक गंगा सफ़ाई का क्या हुआ? 2022 तक हर परिवार के सर पर छत का क्या हुआ? 2022 तक सबको चौबीस घंटे बिजली देने का क्या हुआ? 2022 तक भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का क्या हुआ? “लाल आंख“ और “मैं देश नहीं झुकने दूंगा” का क्या हुआ? हमारी जमीन पर चीन ने 2000 किलोमीटर तक कब्जा कैसे कर लिया? 2022 तक 40 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग का क्या हुआ? केंद्रीय विभागों में लाखों पद रिक्त होने के बावजूद भर्तियां क्यों बंद हुई? सेना में नियमित भर्ती बंद करके ठेके पर 4 साल के लिये अग्निवीर योजना का क्या औचित्य है? पहली बुलेट ट्रेन का क्या हुआ? मोदी और भाजपा के इन वादों का हिसाब जनता मांग रही है इस लोकसभा चुनाव में पूरा भारत जुमलेबाजों को हराएगी। दीपक बैज ने कहा कि 10 साल में वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बना चुकी भाजपा में साहस नहीं कि वह कोई नया वादा जनता से कर पाए। इसीलिए भाजपा का घोषणा पत्र पूरी तरह सतही और चुनावी औपचारिकता दिख रहा है। भाजपा के घोषणा पत्र में भाजपा की हार की झलक साफ दिख रही है। इसीलिए भाजपाई नया वादा करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। ट्रेनों को बंद करने वाले वर्ल्ड क्लास स्टेशन बुलेट ट्रेन बनाने के लिए झूठे वादे कर रहे है। कांग्रेस के घोषणा पत्र से चुराकर गिग वर्कस के बारे में भी वादा कर रहे हैं। जबकि 10 सालों के मोदी राज में सबसे ज्यादा शोषण गिग वर्कर और असंगठित क्षेत्र का हुआ है। भाजपा के घोषणा पत्र में सक्षम और स्वावलंबी भारत बनाने की दिशा में कुछ भी नहीं है।

भाजपा अजजा मोर्चा भी जुटा प्रचार अभियान में

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बकावंड बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत करपावंड मंडल के चिंउरगांव में मंडल स्तरीय अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जनजाति समुदाय के लोगों से भेंट मुलाकात व जनसंपर्क में जन चौपाल कार्यक्रम चलाया गया। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा भी बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के लिए प्रचार अभियान में जुट गई है है। इसी के तहत करपावंड मंडल में जनजातीय समाज के लोगों को एकजुट करते हुए भाजपा अजजा मोर्चा संभाग प्रभारी बनवासी मौर्य ने चिंउरगांव पंहुच कर कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी महेश कश्यप को भारी मतों से जिताकर दिल्ली भेजना है। अबकी बार 400 सौ पार, फिर एक बार मोदी सरकार के भाजपा के संकल्प को पूरा करना है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हम सभी को योगदान देना है। इस अवसर पर सोनसाय कश्यप व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौर्य 100 लोगों के साथ भाजपा में हुए शामिल

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  •  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पार्टी का गमछा पहनाकर किया भाजपा में स्वागत
  •  मौर्य ने कहा -कांग्रेस की कार्यशैली से आहत था
    जगदलपुर लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। वहीं राजनीतिक दल भी पूरा दमखम लगा रहे हैं। चुनाव प्रचार के बीच नेताओं द्वारा अपने-अपने आस्था के अनुरूप दल बदलने की राजनीति भी परवान चढ़ रही है। इसी कड़ी में आज बस्तर जिला ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बलराम मौर्य अपने 100 से अधिक समर्थकों के साथ केबिनेट मंत्री केदार कश्यप और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
    इस दौरान बलराम मौर्य ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बताया कि मैं कांग्रेस पार्टी में 27 वर्ष से काम कर रहा था,

लेकिन वर्तमान में कांग्रेस की दूषित विचारधारा से मैं आहत हूं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित भी हूं। इसलिए आज अपने 100 से अधिक साथियों के साथ मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस दौरान केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने सभी नव प्रवेशियों को भाजपाई गमछा पहनाकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई । साथ ही भाजपा प्रवेश कर मुख्यधारा में जुड़ने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएँ भी दीं। उल्लेखनीय है कि इस संवाददाता ने पहले ही यह संभावना जाहिर कर दी थी कि बलराम मौर्य कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा के पाले में जा सकते हैं। यह संभावना शत प्रतिशत सच साबित हो गई।

बलराम मौर्य के कांग्रेस से इस्तीफे में दुर्भावना और स्वार्थ की बू

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  • किसी के गले नहीं उतर रही है दुर्व्यवहार वाली बात
    अर्जुन झा
    जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य के इस्तीफे से उनके स्वार्थ और कांग्रेस के प्रति उनकी दुर्भावना की बू आ रही है।
    बलराम मौर्य ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से 13 अप्रैल को अचानक तब इस्तीफा दे दिया जब कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में शुमार राहुल गांधी बस्तर आए थे। बलराम मौर्य ने अपने इस्तीफे की जो वजह बताई है, वह भी हैरान करने वाली है और किसी के गले नहीं उतर रही है। बलराम मौर्य ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजे गए अपने लंबे चौड़े त्याग पत्र में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के पीछे अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को कारण बताया है। आज तक ऐसी कोई घटना नजर नहीं है कि जिसमें बलराम मौर्य के साथ कांग्रेस के किसी नेता ने दुर्व्यवहार या उनका अपमान किया हो। अगर ऐसा कभी हुआ भी होगा, तो बलराम मौर्य अब तक खामोश क्यों बैठे रहे, पार्टी फोरम में या फिर मीडिया में उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई? अगर ऐसी घटना कहीं हुई होती, तो बात मीडिया तक जरूर पहुंचती। क्योकि सोशल मीडिया के जमाने में ऐसी बातें प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया से छुपी नहीं रह पातीं। बलराम मौर्य के पास भी मोबइल फोन है, फिर उन्होंने अब तक यह बात क्यों जाहिर नहीं होने दी? अपमान का घूंट पीकर वे कैसे खामोश बैठे रहे? ये सारे सवाल दुर्व्यवहार और अपमान वाली बात को संदेह के दायरे में ला रहे हैं। बलराम मौर्य को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन भी बराबर सम्मान देते रहे हैं। उन्हें हर कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता रहा है। उन्हें हरमंच पर उनके पद और वरिष्ठता क्रम के आधार पर जगह दी जाती रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान दीपक बैज और रेखचंद जैन के साथ बलराम मौर्य भी नजर आते रहे हैं। ऐसे में दुर्भावना और अपमान वाली बात टिकती नजर नहीं आ रही है। त्यागपत्र में बलराम मौर्य ने स्वयं स्वीकार किया है कि कांग्रेस पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान मिला है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारियों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, बस्तर के कुछ नेताओं के प्रति आभार भी जताया है, मगर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक रेखचंद जैन का जिक्र नहीं किया है। इससे प्रतीत होता है कि दीपक बैज और रेखचंद जैन से खुन्नस रखने वाले जगदलपुर के कुछ नेताओं एवं रायपुर में बैठे एक बड़े कांग्रेस नेता के इशारे पर बलराम मौर्य ने इस्तीफा दिया है। कांग्रेस और दीपक बैज एवं रेखचंद जैन के प्रति बलराम मौर्य की दुर्भावना अब सामने आ गई है। कहा है कि अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए बलराम मौर्य ने कांग्रेस छोड़ी है।

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