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मिथिला समाज के सदस्यों ने रेल लाईन की स्वीकृति पर बस्तर सांसद कश्यप का किया अभिनंदन

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  •  रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की मंजूरी से मिथिला समाज में खुशी की लहर
  • केंद्र सरकार व सांसद का समाज ने जताया आभार

जगदलपुर केंद्र सरकार द्वारा बस्तरवासियों को दी बड़ी सौगात के रूप में रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की स्वीकृति दी जाने पर आज बस्तर जिला मिथिला समाज बस्तर के सदस्यों ने बस्तर सांसद महेश कश्यप से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।

मिथिला समाज के सदस्यों ने सांसद के निवास पर पहुंचकर पुष्प माला के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। समाज के अध्यक्ष अजय पाठक ने बताया कि बस्तरवासियों को मिली इस सौगात से जल्द ही बस्तरवासियों को ट्रेन के माध्यम से सरल व सुगम परिवहन कर रायपुर तक जाने की सुविधा मिलेगी। सांसद कश्यप द्वारा इस रेल लाइन की मंजूरी के लिए किए गए प्रयासों की मिथिला समाज के सदस्यों ने सरहाना की। समाज के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ सदस्य बृजबिहारी झा ने कहा कि हम मिथिलांचल वासियों को बिहार जाने के लिए जगदलपुर से रायपुर तक कि दूरी बस से तय करनी पड़ती थी ,जो कि बहुत ही कष्ट भरा सफर होता था। डबल इंजन सरकार ने रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की स्वीकृति देकर इस सफर को सुगम बनाने की ओर सेतु का कार्य किया है। मै समाज की ओर से डबल इंजन सरकार के सभी नेताओं का इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। समाज के वरिष्ठ सदस्य संपत झा ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा बस्तरवासियों के बहुप्रतीक्षित सपने को पूरा करते हुए रावघाट से जगदलपुर तक की रेल लाइन परियोजना के लिए साढ़े 3 हजार 513 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। 140 किमी लंबी इस रेलवे ट्रैक के पूर्ण होने से बस्तर के जिन हिस्सों के लिए रेल का सफर एक सपने के समान था वह शीघ्र ही हकीकत में तब्दील होगा। इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूर्ण होने पर मिथिला समाज के सदस्यों द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार एवं बस्तर के सांसद महेश कश्यप का हार्दिक आभार व्यक्त कर उनका अभिनंदन किया गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मोदी सरकार द्वारा आमजनों के हितार्थ समस्त कार्यों को पूर्ण किए जाने की बात कही। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ को भाजपा सरकार ने बनाया था अब उसे संवारने का काम भी भाजपा सरकार ही कर रही है। रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन कार्य पूर्ण होने से जल्द ही अनेक ट्रेनों का संचालन भविष्य में बस्तर तक हो सकेगा। बस्तर से देश के अनेक छोर तक बस्तरवासी आरामदायक सफर का अनुभव ले सकेंगे। बस्तरवासियों व आज मिथिला समाज के सदस्यों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं सम्मान अभिनंदन के लिए सांसद ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान सूर्यकांत झा, रामशंकर झा, अरुण पाठक, भोगेंद्र राय, विजय झा, रूपेश झा, देव कुमार झा, विनय झा, विवेकानंद झा, बेचन झा, शशि भूषण झा, उमा झा, इंद्रकुमार झा, दिलीप झा, विकास झा, मनोज ठाकुर, आनंद झा सहित मिथिला समाज के सदस्य उपस्थित थे।

उद्योगों के बहाने कोंडेकसा को उजाड़ने की तैयारी; विरोध में उतरे ग्रामीण

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  •  उद्योगों के खिलाफ ग्रामीणों ने सांसद से लगाई गुहार

अर्जुन झा-

दल्लीराजहरा  लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा से लगे ग्राम कोंडेकसा के 350 परिवार विस्थापन के डर से बेचैन हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जगन्नाथ स्टील्स एंड पॉवर लिमिटेड, शारदा बेनिफिकेशन प्लांट के मालिकों और बीएसपी के अधिकारियों ने कोंडेकसा में उद्योग स्थापना के लिए झूठी जानकारी देकर मंजूरी हासिल कर ली है। कोंडेकसा आदिवासी बाहुल्य बस्ती है और यह पांचवी अनुसूची के तहत आती है। नियमानुसार यहां ग्रामसभा और सभी ग्रामीणों की सहमति के बिना कोई भी उद्योग स्थापित नहीं किया जा सकता। बिना ग्रामसभा की सहमति के बस्ती उद्योग लगाए गए हैं।

कोंडेकसा के प्रशांत नरेटी, सालिक टेकाम, माधव टेकाम, सोमन तुमरेकी, मनराखन उइके, कमल नारायण साहू, पवन साहू, रामेश्वर साहू आदि ग्रामीणों ने बताया है कि ग्राम कोंडेकसा में 1971-1972 की भांति बीएसपी प्रशासन एवं वर्तमान नवनिर्मित प्लाटों के द्वारा हमारे जल जंगल जमीन हथिया कर आदिवासियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। हमारी मांग है कि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार एंव प्रभावित 350 परिवारों को मुआवबा दिया जाए और सभी कम्पनियों से माल परिवहन में 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी जाए हमारे जल जंगल जमीन के बदले सनी कम्पनियों से 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी की नीति बनाई जाए। उद्योगों से कोंडेकसा एंव नीचेपारा अति प्रभावित हैं। यहां के लोगों जन जीवन प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उद्योगों के प्रदूषण एवं प्रदूषित पानी सड़क, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ, पानी जिसका क्षतिपूर्ति सभी कम्पनियों से कराई जाए। ग्रामीणों ने उद्योग संचालकों के इस दावे को गलत बताया है कि वर्तमान में निर्माणधीन प्लाट श्री जगननाथ स्टील्स एंड पावर लिमिटेड एवं शारदा वेरिफिकेशन के निर्माणधीन प्लांट से 20 फीट की दूरी पर सड़क है और 1 किलोमीटर की दूरी पर कोई अवासीय कालोनी, कोई शैक्षणिक संस्थान चिकित्सा केंद्र और धार्मिक संस्थान मौजूद नहीं हैं। ग्रामीणों ने इसे सरासर झूठ बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन

 

कम्पनियों द्वारा ग्राम कोंडेकसा को नक्शे से ही गायब करने की कोशिश की जा रही है, जहां 350 परिवार निवास कर रहें हैं। क्या उसे कम्पनियों को या सर्वे करने वाले अधिकारियों को दिखाई नही दे रहा है? गांव के सभी परिवारों को रोजगार तो दूर किसी भी प्रकार सुविधा नहीं दी जा रही है और बहारी व्यक्तियों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। आदिवासियों की पारंपरिक प्रथा को कुचलने की कोशिश की जा रही है।आदिवासियों एंव ग्रामीणों के साथ छल किया जा रहा है। सीएसआर मद एंव खनिज न्यास निधि से वंचित किया जा रहा है। बीएसपी एवं सभी निजी कंपनियों से पुरानी एव वर्तमान सीएसआर फंड एव खनिज न्यास निधि की राशि का गांव को भुगतान किया जाए। गांव को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार एवं प्रभावित 350 परिवारों को मुआवबा दिया जाए।आदिवासियोंi के जल जंगल जमीन अधिग्रहण कर एवं हमारे पूर्वजों के देवी देवता जो पहाड़ी पर स्थापित है वहां ग्रामीण पूजा अर्चना करने आने जाने के रास्तों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसे खुलवाया जाए।

अब बस्तर जिला भी भरेगा तरक्की की ऊंची उड़ान

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  •  रावघाट रेल लाइन और बोधघाट परियोजना से पर्यटन और औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख
  • बढ़ेगी सिंचाई क्षमता और रेल कनेक्टिविटी

अर्जुन झा

जगदलपुर दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेल चुके बस्तर के विकास को अब नए पंख लगने वाले हैं। यहां से नक्सलवाद का सफाया होने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार ने यहां की पुरानी परियोजनाओं को फिर से शुरू कर पूरे बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। 46 साल पुरानी बोधघाट परियोजना और वर्षाे पुरानी रावघाट रेल लाइन भी इसी कड़ी में मुकाम हासिल करने की पहल हैं।

बस्तर में अब यातायात के साधनों का तेजी से विकास हो रहा है। आधारभूत संरचनाओं में भी प्रगति देखी जा रही है। बस्तर को लेकर मोदी सरकार लगातार कई बड़े फैसले कर रही है। इससे बस्तर के यातायात, पर्यटन और औद्योगिक विकास को पंख लगेंगे। रावघाट और जगदलपुर को रेल लाइन से जोड़ने की मंजूरी मिल गई है। 140 किमी लंबी रावघाट जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बस्तर के लोगों का मानना है कि इस रेल लाइन के पूरा होने से बस्तर का विकास दुर्ग भिलाई जैसा हो जाएगा। जैसे दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट के बनने से विकास हुआ है और वह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समकक्ष हो गया है। उसी तरह बस्तर और रायपुर के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

परियोजना कराएगी विकास का बोध

यातायात और संचार सुविधा को बढ़ाने की पहल के साथ बस्तर संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक साबित होगी। यह परियोजना लंबे समय से इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है। इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका। छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।

बस्तर में होगा बिजली उत्पादन

बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना से 125 मेगावाट बिजली उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3 लाख 78 हजार 475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मिलियन घन मीटर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वहीं इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

अब बस्तर बनेगा आत्मनिर्भर

बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। राज्य में इंद्रावती नदी कुल 264 किमी क्षेत्र में प्रवाहित होती है। यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले की तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किमी एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 किमी दूरी पर प्रस्तावित है। परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49 हजार करोड़ रूपए है। जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रुपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है। जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रो मैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं। परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है।

इन जिलों का होगा लाभ

बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा। जबकि इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेक गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा। बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजनाएं एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।

छेड़ा है, तो छोड़ेंगे नहीं, अब तो नक्सलवाद की जड़ें खोदकर ही दम लेंगे: गृहमंत्री विजय शर्मा

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  •  एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की शहादत पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताया शोक 
  • बेहद गुस्से में हैं शर्मा, कहा- इस कायराना हरकत का देंगे माकूल जवाब 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा इलाके में सोमवार को हुई नक्सली घटना से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बेहद गुस्से में हैं। विजय शर्मा और एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत से दुखी भी हैं। उन्होंने साफ कह दिया है- छेड़ा है, तो उन्हें हम छोड़ेंगे नहीं। अब तो नक्सलवाद की जड़ें खोदकर ही दम लेंगे।

 

उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे की शहादत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। विजय शर्मा ने कहा कि आकाश राव गिरपुंजे एक निष्ठावान, साहसी और कर्तव्यपरायण अधिकारी थे, जिन्होंने बस्तर के जंगलों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएं दीं। उनकी वीरगति को मेरा और पूरे छत्तीसगढ़वासियों की ओर से कोटि-कोटि नमन। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इस कायराना हमले में घायल हुए अन्य जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा दल उनकी देखभाल में तत्परता से जुटा हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लगातार हो रही सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि बस्तर से नक्सलवाद की काली छाया को पूरी तरह समाप्त करने का हमारा संकल्प अडिग है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस कायराना कृत्य का माकूल जवाब दिया जाएगा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा- उन्होंने (नक्सली) हमें छेड़ा है, हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं, उनकी जड़ें खोदकर ही दम लेंगे।

ट्रेन से कटकर 02 मजदूरों को मौत

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दल्लीराजहरा – बालोद जिले क्षेत्र के दल्लीराजहरा एवं कुसुमकसा के बीच ट्रेन हादसे में 02 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई ।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना दल्लीराजहरा से कुसुमकसा की बीच रेलवे लाइन का हैं ।जो 11 मजदूर झारखंड से रोजी- मजदूरी करने के लिए दल्लीराजहरा आ रहे थे । जो पैदल चलते हुए  दल्लीराजहरा आ रहे थे । थकावट लगने के कारण 05 मजदूर रेल्वे लाइन पर ही बैठ गए । इसी दौरान युवक को नींद आ गई ।

वहीं प्रातः काल 04 बजे आने वाली ट्रेन मजदूरों को अपने चपेट में ले लिया । जिसमें 02 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई । उसमें से 02 मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए । स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया।

और वहीं 06 साथी आगे निकल गए थे । जो हादसा से बाल – बाल बच गए ।स्थानीय लोगों एवं उनके साथी द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया ।पुलिस को सूचना मिलते ही घटना स्थल पहुंचकर घटना की जांच कर आगे की कार्यवाही जारी है।

सुकमा आईईडी ब्लास्ट पर मंत्री केदार कश्यप ने जताया दुख

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जगदलपुर सुकमा में आईईडी विस्फोट पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा- आज सुबह सुकमा जिले के एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत अत्यंत दुखद है, और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का हमारे केंद्रीय गृहमंत्री ने संकल्प लिया है और हमारे मुख्यमंत्री लगातार उस दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रगतिशील समुदाय है भतरा समाज: सांसद महेश कश्यप

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  •  भतरा समाज विकास परिषद भवन के लोकार्पण

जगदलपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने हॉटगुड़ा जगदलपुर में भतरा समाज विकास परिषद भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस भव्य अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित समाज के बंधुओं के बीच उन्होंने एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और भतरा समाज की रीति-नीति, परंपराओं एवं सामाजिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर समाजजनों से संवाद किया। साथ ही नव निर्मित सामाजिक भवन के सामने 200 मीटर सीसी सड़क का भूमिपूजन भी किया।

अपने उद्बोधन में श्री कश्यप ने भतरा समाज की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक गरिमा एवं बस्तर के सामाजिक-सांस्कृतिक तानेबाने में इसकी विशेष भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा भतरा समाज न केवल बस्तर की संस्कृति का अभिन्न अंग है, बल्कि यह समाज अपनी परंपराओं, नैतिक मूल्यों और मेहनतकश जीवनशैली के लिए भी पहचाना जाता है। समाज का यह नया भवन सामूहिक सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह भवन सामाजिक एकता, संवाद और दिशा निर्धारण का केंद्र बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर के सर्वांगीण विकास में समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है और भतरा समाज ने सदैव शांति, एकता एवं विकास के पथ पर अग्रसर होकर प्रेरणा दी है। उन्होंने युवाओं को भी अपने उद्बोधन में प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृति से जुड़कर, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर चलकर समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाना समय की मांग है। भतरा समाज के विस्तार एवं बस्तर रियासत से संबंध के बारे में सांसद श्री कश्यप ने बताया कि भतरा समाज का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संबंध बस्तर रियासत से जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि जब बस्तर रियासत के राजा पुरी (ओडिशा) की यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने भतरा समाज के कुछ सदस्यों को भी अपने साथ ले लिया था। यात्रा के पश्चात लौटते समय कुछ भतरा परिवार ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र और उसके आसपास के स्थानों पर ही रुक गए और वहीं बस गए। यही समुदाय आज उड़ीसा में फैले हुए भतरा समाज का आधार बना

समाज की जनेऊ परंपरा

भतरा समाज जनेऊ परंपरा के आरंभ को लेकर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भतरा समाज में जनेऊ धारण करने की परंपरा भी राजा द्वारा ही प्रारंभ की गई थी। ऐसा माना जाता है कि ओडिशा में निवास स्थापित करने के समय बस्तर रियासत के राजा ने समाज को जनेऊ उपहार स्वरूप प्रदान किया। उसी समय से यह पवित्र धागा पहनने की परंपरा समाज में चली आ रही है, जो आज भी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक संस्कार के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।नाइक-पाइक परंपरा के बारे में बताते हुए  कश्यप ने कहा भतरा समाज की एक अन्य महत्वपूर्ण और अद्भुत परंपरा नाइक-पाइक की है। यह परंपरा समाज की आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी मान्यताओं से जुड़ी हुई है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक कोई पीड़ा, बीमारी या घर-वापसी दोष जैसी समस्या होती है, तो नाइक-पाइक द्वारा विशेष विधि से पानी छिड़क कर और हाथ दोष अथवा कर्म दोष को दूर किया जाता है। समाज में यह विश्वास है कि इस प्रक्रिया से व्यक्ति पर से दोष समाप्त हो जाते हैं और वह पुनः स्वस्थ एवं सामान्य जीवन जीने लगता है।

 

सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है समाज

भतरा समाज की ऐतिहासिक यात्रा, जनेऊ धारण की परंपरा, और नाइक-पाइक की आध्यात्मिक विधियां इस समाज की सांस्कृतिक समृद्धि का परिचायक हैं। ये परंपराएं आज भी समाज को उसकी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। लोकार्पण समारोह में भतरा समाज के जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, परगना नाइक पाइकगण, क्षेत्रीय विधायक, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, समाज के वरिष्ठजन, माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने आश्वस्त किया कि वे समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध हैं।

नगर निगम शुरू की आवासीय और व्यावसायिक भवनों की नापजोख

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  • जगदलपुर के करीब 35 हजार घरों एवं दुकानों की नपाई जारी

जगदलपुर नगर पालिक निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे के दिशा निर्देश पर आयुक्त प्रवीण वर्मा के मार्गदर्शन एवं राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा एवं राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव व राजस्व उप निरीक्षक राजस्व कुलदीप पाणिग्रही के नेतृत्व मे सहायक राजस्व निरीक्षकों द्वारा नगर निगम जगदलपुर में स्थित समस्त आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों की नपाई कार्य जारी है।

नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के तहत प्रति 5 वर्षो मे शहर की नपाई होनी चाहिए, मगर 14 वर्षो के उपरांत मेयर इन काउंसिल ने महापौर संजय पांडेय के निर्देशन मे निर्णय लिया है। आवासीय एवं व्यवसायिक भवनो की नपाई संपत्ति के सीमांकन और निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित के लिए की जा रही है। यह प्रक्रिया संपत्ति के सटीक माप और निर्माण के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। 2011 मे हुए सर्वे के अनुसार जगदलपुर में 27128 आवासीय एवं व्यावसायिक भवन हुआ करते थे जिससे नगर निगम को राजस्व लगभग 6 करोड़ रुपए मिलते हैं। 2025 में 14 साल बाद समस्त आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों की नपाई कार्य जारी है। यह कार्य 22 मई से प्रारंभ की गई है। जो 15 जुलाई तक चलेगा.

2025 सर्वे के अनुसार लगभग 35 हजार के आसपास आवासीय एवं व्यवसायिक भवन हैं। आज संपत्ति में लगभग 6 करोड़ नगर निगम को प्राप्त हो रहे थे, आने वाले समय में वह ल

12 करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा। आज दिनांक तक 6000 के आसपास आवासीय एवं व्यवसायिक भवनो की नपाई कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

नागरिक दें सहयोग: पांडे

महापौर संजय पांडे ने कहा नगर निगम के कर्मचारी संपत्ति का सीमांकन करते हैं। नपाई के बाद नगर निगम एक रिपोर्ट तैयार करता है जिसमें संपत्ति की सीमाओं मापो और अन्य प्रासंगिक जानकारी शामिल होती है।नपाई के माध्यम से नगर निगम यह पता लगा सकता है कि कोई अवैध निर्माण हुआ है या नहीं। जगदलपुर के समस्त जनता से आग्रह है कि निगम का सभी सहयोग प्रदान करें।

नगर के हित में है यह: राणा

राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने कहा नपाई यह सुनिश्चित करती है कि संपत्ति के निर्माण में सभी निर्माण नियमों का पालन किया जा रहा है। नपाई के माध्यम से संपत्ति का सीमांकन स्पष्ट होता है। नपाई संपत्ति के मूल्य निर्धारण मे भी मदद करती है। वर्तमान मे केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना नक्शा कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य मे तीन शहरो का चयन किया गया है। जिसके अंतर्गत नगर निगम जगदलपुर भी शामिल है। इसके तारतम्य में एजेंसी के द्वारा ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफ़ी की जा रही है।जगदलपुर के समस्त भूमि स्वामी एवं कर दाताओ से अपील है कि निगम के इस कार्य मे सहयोग करें।

मच्छरदानी वितरण में अनावश्यक विलंब व शासकीय राशि का दुरूपयोग कर मितानिनों को पंहुचाई जा रही असुविधा–राजेश चौधरी

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  • सप्ताह भर के भीतर हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण नहीं किए जाने पर सीएमएचओ कार्यालय का किया जाएगा घेराव

जगदलपुर आज जगदलपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षददल सहित कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु मच्छरदानी वितरण में अनावश्यक विलंब कर शासकीय राशि का दुरूपयोग करने व मितानिनों को पंहुचाई जा रही असुविधा को लेकर मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया

नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मलेरिया विभाग के द्वारा इस हितग्राहियों को मच्छरदानी वितरण हेतु मच्छरदानी खरीदी की गई है,तथा उन मच्छरदानियों का वितरण तत्काल ना करते हुए संबंधित वार्डों में मितानिनों के घरों पर तथा अन्य भवनों में भंडारण किया गया है भंडारण स्थल पर चूहों के द्वारा मच्छरदानियों को नुकसान पहुंचा जा रहा है और विभाग निष्क्रियता की पराकाष्ठा पार कर चुका है, जिसके कारण मितानिनों को बहुत ही असुविधाओ का सामना करना पड़ रहा है इस विषय को लेकर आज कांग्रेस पार्षददल एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।तथा स्वास्थ्य अधिकारी महोदय को बताया गया कि एक सप्ताह के भीतर जल्द से जल्द हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण न किए जाने पर कांग्रेस पार्टी के द्वारा सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

इस दौरान पार्षद सूर्य पानी लोकेश चौधरी जस्टिन भवानी,पूर्व पार्षद लता निषाद,बी ललिता एवं सचिव साइमा अशरफ आदि उपस्थित रहे।

जिला चिकित्सालय बालोद के जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा की बैठक संपन्न

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  • कलेक्टर एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हुए शामिल

अस्पताल परिसर मंे कैंटिन निर्माण करने तथा अस्पताल के मुख्य गेट के सामने लगाए गए अवैध गुमटी, हाॅटल आदि को हटाने का लिया गया निर्णय

बालोद, 09 जून 2025 कलेक्टर एवं जिला अस्पताल बालोद के जीवन दीप समिति के अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला अस्पताल के सभाकक्ष में जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं जीवन दीप समिति कार्यकारिणी सभा के मनोनित सदस्य सर्व यशवंत जैन, चेमन देशमुख, देवलाल ठाकुर, राकेश यादव, कृष्णकांत पवार, विनोद कौशिक के अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महेश सूर्यवंशी, मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरके श्रीमाली एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा चिकित्सकगण उपस्थित थे। बैठक में जिला अस्पताल की सुरक्षा, परिवेश एवं अन्य आवश्यक कारणों से जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने अवैध रूप से लगाए गए गुमटी, हाॅटल आदि को हटाने के अलावा जिला अस्पताल परिसर मंे मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन, जलपान आदि की बेहतर सुविधा प्रदान करने कैंटिन निर्माण करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में जिला अस्पताल बालोद में चिकित्सकों एवं आवश्यक मानवीय संसाधनों के अलावा अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर से बेहतर बनाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। जिससे की जिला अस्पताल बालोद में मरीजों की बेहतर इलाज के साथ-साथ उन्हें अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में निर्धारित एजेंडे के आधार पर विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कलेटक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि चिकित्सीय कार्य मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी होती है। इसलिए अस्पताल के प्रत्येक चिकित्सक एवं अधिकारी-कर्मचारियों को विपरित परिस्थितियों में भी मरीजों से मधुर एवं आत्मीय व्यवहार करना चाहिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि यदि चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों का मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ व्यवहार सौम्य एवं संयमित हो तो मरीजों को तत्काल राहत मिलने के साथ-साथ बहुत सारी समस्याओं से तत्काल राहत मिल जाता है। बैठक में कलेक्टर ने जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट के स्वीकृत कुल पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत रेडियोलाॅजिस्ट की संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा बैठक में उपस्थित सदस्यों ने ’हमर लैब’ तथा रक्तदान आदि की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और अस्पताल अधीक्षक को रक्तदान हेतु जनजागरूकता अभियान के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला अस्पताल में माईनर एवं मेजन आॅपरेशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा जीवन दीप समिति के सदस्यों ने अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा एवं हाईमास्ट लाईट लगाने की आवश्यकता बताते हुए अधिकारियों को इस पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके अलावा बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के उपायों के संबंध में चर्चा करते हुए अधिकारियों को इसके लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जिला खनिज न्यास निधि से जिला अस्पताल में जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तत्काल प्रस्ताव पे्रषित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उपस्थित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं जीवन दीप समिति के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिला अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए दान दाताओं से मदद की अपील के लिए भी पहल करने को कहा। इसके अलावा जिला चिकित्सालय बालोद से अन्य अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंश के लिए शुल्क की दर भी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्षा ऋतु के मद्देनजर सर्पदंश से होने वाले जनहानि की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जीवन दीप समिति के सदस्यों के द्वारा अस्पताल में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत करने तथा मरीजों से फीडबैक लेनेे के संबंध में भी आवश्यक सुझाव दिए गए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सभी के सहयोग से जिला अस्पताल बालोद की व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट बनाया जाएगा। जिले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

 

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