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पर्यावरण एवं नदी की बर्बादी रोकने 15 गांव के लोगों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना प्रदर्शन, प्रस्तावित आयरन एंड स्टील उद्योग का मामला, ग्रामीणों को रोकने में प्रशासन नाकाम

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संवाददाता – जसकेतन सेठिया

बस्तर ब्लॉक के ग्राम चपका , मारकंण्डेय नदी किनारे सबका में प्रस्तावित आयरन एंड स्टील उद्योग का मामला, पर्यावरण एवं नदी की बर्बादी रोकने ग्रामीण लांबा 11 गांव के लोग का बना संघर्ष समिति, मेसर्स गोपाल स्पंज एंड प्राइवेट उद्योग प्रस्तावित है जिस पर आज उसके विरोध में लगभग 15 गांव से राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल30 धरना प्रदर्शन कर विरोध कर रहे हैं जगदलपुर से रायपुर के जाने और और उधर से आने के गाड़ियां का पहिया लगभग 12:00 बजे से थम गया है सड़क के बीचो बीच बैठे लोगों का आगबबुला गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा मौके पर जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारी पहुंचे हैं लोगों को शांत कराने के लिए एड़ी चोटी जोर मार रहे हैं फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं |

क्या है मामला

बस्तर विकास खण्ड के मार्कण्डेय नदी के किनारे ग्राम चपका में मेसर्सगोपाल स्पंज एंड पावर प्रायवेट उद्योग प्रस्तावित है जिस पर ग्राम पंचायत चपका के सरपंच एवं उपसरपंच ने ग्रामीणों को बिना विश्वास में लिए ग्रामसभा कर प्रस्ताव पारित कर दिया।

इस उद्योग के विरोध में बनी संघर्ष समिति के सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित उद्योग बस्तर संभाग के 5वीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन है। बावजूद इसके ग्राम के सरपंच, उपसरपंच द्वारा ग्रामवासियों को बिना सूचना कियेही फर्जी ग्राम सभा पारित किया गया। इसके विरोध में 11 गांवों के लोगों ने संघर्ष समिति बनाई है।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थान पार्मिक मान्यता (घोड़साड़ डांड व चरुदेव) का स्थल है। साथ ही बाढ़ग्रस्त इलाका है। यदि यहां उद्योग लगता है तो बाढ़ का पानी पूरे गांव को डुबान में लेगा। इसके अलावा ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा को प्रमुख कारण बताया।

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Breaking दल्लीराजहरा के एक युवक ने की फांसी लगाकर आत्महत्या

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दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा के एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है | मृतक का नाम गगनदीप बाला उर्फ राजू पिता निंदी बाला उम्र 29 वर्ष है | मृतक शादीशुदा है  एवं 02 बच्चों का पिता है | मृतक वार्ड क्र 27 गुरुघासीदास वार्ड में रहता था | आत्महत्या का कारण अज्ञात बताया जा रहा है | कुछ समय से घर के आसपास कोरोना संक्रमण फैलने के कारण कुछ समय पूर्व अपनी पत्नी व् बच्चों अपने पिता के घर वार्ड क्र 06 हॉस्पिटल सेक्टर में भेज दिया था तथा मृतक अपने घर में अकेले रहता था व् और

कल खाना के लिए घर न जाने एवं फ़ोन न उठाने के बाद परिजनों द्वारा आसपास वालों से पता करने का प्रयास किया गया तब बंद घर को खटखटाने एवं आवाज लगाने पर न खोले जाने पर संदेह हुआ पड़ोसियों द्वारा उनके परिजनों को सुचना दी गई | पत्नी द्वारा आसपास के लोगों के मदद से दरवाजा तोड़कर देखा गया तो युवक फांसी में लटका हुआ मिला | मौके पर पुलिस को सुचना दी गई एवं पुलिस द्वारा पहुँचने के पश्चात् शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया |

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आसना सरपंच के संरक्षण में अवैध रेत उत्खनन का गोरखधंधा जारी… खनिज विभाग सेटिंगबाजी में व्यस्त…

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जगदलपुर… बस्तर जिला वैसे तो अलग-अलग प्रकार के खनिजों से शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाला जिला है जितना राजस्व बस्तर जिला खनिज उत्खनन के नियमों का पूर्ण पालन करते हुए शासन को देता है उससे ज्यादा तो खनिज विभाग अवैध उत्खनन करने वालों से सेटिंगबाजी कर जेब गर्म कर लेता है… जी हां बात थोड़ी अजब है पर यही सच्चाई है दरअसल करोड़ों रुपए का राजस्व

शासन को देने वाले खनिज विभाग को बस्तर जिला प्रशासन ने एक प्रभारी अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया है जो प्रभारी बनने से पूर्व ही अवैध खनिज का परिवहन करने वालों से सेटिंग बाजी कर पैसे वसूली के लिए मशहूर रहे हैं…

संभाग मुख्यालय जगदलपुर से लगे जनपद पंचायत जगदलपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आसना में विगत कई महीनों से सरपंच के संरक्षण में अवैध रेत उत्खनन का गोरखधंधा फल फूल रहा है जिसमें असामाजिक तत्वों की भागीदारी सरपंच के साथ होती है असामाजिक तत्व नदी से रेत निकालने के बाद अवैध रूप से भंडारित कर रखते हैं जिसे वर्षा काल में मनमाने रेट पर बेच देते हैं और खनिज विभाग सिर्फ कार्यवाही करने का दावा करता रह जाता है अवैध रेत उत्खनन के चलते ग्रामीणों का गांव की सड़कों पर चलना दूभर हो गया है बेतरतीब और बेहिसाब सड़कों पर दौड़ते ट्रैक्टरों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर अवैध रेत खनन के कार्य में लगे हुए हैं जिस पर कार्यवाही करने वाला कोई नहीं…

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आसना के आश्रित ग्राम तामाकोनी में जिस जगह इंद्रावती नदी में अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है वह जगह इंद्रावती नदी के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में आता है जहां नदी की चौड़ाई इंद्रावती की सामान्य चौड़ाई की अपेक्षा दोगुनी से भी ज्यादा है बेहिसाब और बेरोकटोक अवैध रेत उत्खनन के चलते वर्षा काल में तटबंध बहने का खतरा भी बना हुआ है जिससे नदी क्षेत्र से लगे हुए खेतों को भी नुकसान पहुंचने की संभावनाएं बनी हुई है सबसे दिलचस्प बात यह है कि अवैध रेत उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर सरपंच के घर के सामने से ही दौड़ते फिरते हैं बावजूद इसके उन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना होना आसना सरपंच को संदेह के दायरे में खड़ा करता है जब हमारे समाचार प्रतिनिधि ने गांव का दौरा किया तो ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच की जवाबदारी अब तो गांव के विकास और लोगों की सुविधाओं का ख्याल रखने की शायद खत्म हो चुकी है क्योंकि सरपंच महोदय का फोन हमेशा बंद ही रहता है यदा-कदा ही सरपंच महोदय पंचायत में नजर आते हैं दरअसल सरपंच महोदय पंचायत में आने वाले विकास कार्यों की ठेकेदारी में व्यस्त हैं उसे भी सरपंच एडवांस राशि का आहरण कर रोड रोलर की रफ्तार में चालू कर विकास की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं |

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पूर्व में भी बस्तर जिला प्रशासन का अवैध रेत उत्खनन के संबंध में समाचार के माध्यम से ध्यान आकृष्ट कराया गया था जिसके बाद दो-तीन दिनों तक तो अवैध रेत उत्खनन का कार्य बंद हो जाता है जिसके बाद पुनः धड़ल्ले से असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं जिनके गुर्गे राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर नदी घाट तक फैले रहते हैं जो शाम ढलते ही चंदा बांटने की प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं बताया जाता है कि हर ट्रैक्टर से ग्राम पंचायत आसना 200 से 300 रुपए की वसूली करती है जिसे पंचायत के राजस्व में नहीं गिना जाता और इस पैसे का रोजाना बंदरबांट होता है ग्रामीणों के अनुसार रोजाना 70 से 120 ट्रिप तक अवैध रेत का परिवहन ट्रैक्टर के माध्यम से होता है जिसका कोई हिसाब किताब पंचायत के पास नहीं है एक बार जब हमारे समाचार प्रतिनिधि ने सरपंच से बात की तो सरपंच ने अभद्रता करते हुए जानकारी देने से पहले तो इंकार कर दिया बाद में उनके द्वारा इस पूरे अवैध धंधे से उनका कोई लेना-देना नहीं होने की बात कही अब सवाल यह उठता है कि जब गांव का सरपंच इस तरीके का बात करें तो फिर गांव की व्यवस्थाओं को कौन सुधार सकता है… फिलहाल तो खनिज विभाग सेटिंग बाजी में व्यस्त है और पूरे जिले भर में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार फल फूल रहा है जिसे समय-समय पर खनिज विभाग जुर्माने की कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा कर शाबाशी देने में लगा हुआ है…

अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत आसना ने कितनी राशि का चुना अवैध रेत उत्खनन कार्य से शासन को लगाया है और इस खेल में कितने लोग शामिल हैं लेकिन इस प्रकार खनिज विभाग की मौन ग्रामीणों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है गांव की सड़कों की खस्ताहाल हालत खुद ही बयान करती है कि ग्राम पंचायत आसना की सुध लेने वाला अब नहीं रहा…

रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन कर घूमने व धारा 144 को न मानने वाले 168 लोगों पर कोतवाली पुलिस ने की कार्यवाही साथ ही कुछ लोगों को समझाइश भी दी गई कर्फ्यू नियमों का पालन करते हुए घर में रहने हिदायत दिया

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जगदलपुर:-लागातार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला पुलिस बल अपनी सख्ती बढ़ते हुए रोकथाम हेतु कार्यवाही कर दिशा निर्देश जारी किए जा रहे है। जिले में धारा 144 लागू की गई है, वही रात्रि कर्फ्यू की घोषणा भी जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। जिसे पालन कराने के लिए बस्तर के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा ने सभी थानों को लगातार निर्देश जारी किया जा रहा है जिस के पालन में आज कोतवाली पुलिस द्वारा अनावश्यक बिना कोई काम के घूमने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी।

आपको बता दे कि रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले लोगो की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, पुलिस विभाग की ओर से कई समझाईस के बाद अब सख्ती का दौर जारी हो चुका है। लगातार पुलिस विभाग बिना मास्क सहित रात्रि कर्फ्यू के दौरान सड़क पर घूमने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करते नजर आ रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम प्रकाश शर्मा व नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सागर सिदार स्वयं जगदलपुर स्थित एस बीआई चौक में खड़े होकर बेवजह घूमने वाले दो पहिया ,चार पहिया वाहनों को चेकिंग कराते हुए कार्यवाही करने का निर्देश देते नजर आए |

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कोतवाली Ti एमन साहू ने बताया कि कर्फ्यू का पालन नही करने वाले 168 लोगो के खिलाफ चलानी कार्यवाही करते हुए 23000 रु समन शुल्क लिया गया। तथा लोगों से घर के बाहर बेवजह ना घूमने की अपील पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार की जा रही है कर्फ्यू का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी करोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पूरा सख्ती बरती जायेगी।

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कोरोना टेस्ट के दौरान सही जानकारी नहीं देने पर कार्यवाही किये जाने सम्बंधी आदेश।

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वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना के चलते जिला प्रशासन द्वारा एहतिहात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं एवं आम नागरिकों की टेस्टिग लगातार की जा रही है किंतु यह संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोरोना टेस्ट के दौरान जानबूझकर अपना सही मोबाईल नवर एव पता की सही जानकारी नहीं देते हैं जिससे ऐसे लोगों के पॉजिटीव आने पर उन्हें तत्काल ट्रेस करके मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में विलम्ब होता है। ऐसे व्यक्ति अन्य लोगों से लगातार सपर्क में रहने से कोरोना सकमण का फैलाव की सभावना बनी रहती है।

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इसलिए पॉजिटीव पाये जाने पर 24 घण्टे के भीतर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपल्ब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जाता है कि अपना कोरोना टेस्ट हेतु संपल देने के दौरान अपना सही मोबाईल नबर एव सही निवास का पता टेस्टिग टीम को उपल्ब्ध कराएँ। मोबाईल नबर एवं निवास का पता की जानकारी गलत दिए जाने पर भारतीय दण्ड संहिता 1800 की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत विधि अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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नवरात्र के दौरान दंतेश्वरी मंदिर में भक्तों को नहीं दिया जायेगा प्रवेश, मनोकामना ज्योति कलश के लिए ऑनलाइन व्यवस्था

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जगदलपुर, 11 अप्रैल 2021/ मांई दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर में चैत्र नवरात्र के दौरान भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
जगदलपुर तहसीलदार एवं टेम्पल कमेटी के व्यवस्थापक ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र पर्व 13 अप्रैल से 21 अप्रैल तक मनाया जायेगा। वर्तमान में कोविड-19 (नोवेल कोरोना वायरस) महामारी के द्वितीय चरण के विस्तार को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बस्तर द्वारा धारा 144 घोषित कर प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया गया है, सुरक्षा की दृष्टि से मांई दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर में चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्वालुओं, आम नागरिकों के प्रवेश पर भी यह आदेश प्रभावशील रहेगा।

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चैत्र नवरात्र के पर्व में ज्योति कलश की स्थापना, दीप प्रज्वलन व हवन कार्य का सम्पादन, मंदिर के पुजारी एवं सेवादारों के द्वारा किया जावेगा । मांई दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर में ज्योति कलश जलाने हेतु ऑन लाईन सुविधा www.maadanteshwarijagdalpur.in के माध्यम से उपलब्ध है। इसके साथ ही माई दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर में ज्योति कलश जलाने हेतु रसीद कटवाने पृथक
से काउंटर की व्यवस्था की गई है। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रसीद कटवाई जा सकेगी।

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फिर नक्सली कोहराम, पांच वाहनों में आगजनी की वारदात को अंजाम,मिनगाछल में इंटेकवेल निर्माण में लगी थी मशीने

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बीजापुर@ जीरा गाँव में 22 जवानों की शहादत के बाबजूद जिले में नक्सली आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार अपरान्ह नक्सलियों ने पाँच वाहनों में आगजनी की। घटना बीजापुर-गीदम नेशनल हाइवे से करीब पांच सौ मीटर दूर मिनगाछल नदी किनारे निर्माणाधीन इंटकवेल के समीप की गई। जिसमें दो अजाक्स, दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर को अज्ञात माओवादियों ने आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि घटना करने पहुँचे माओवादियों ने पहले तो आपरेटरों को बंधक बनाया।

उन्हें मौके से दूर लेकर गए फिर ड्रमों से डीजल निकालकर मशीनों में आगजनी कर दी। हालांकि बंधक बनाए आपरेटरों को नक्सलियों ने बाद में रिहा कर दिया। इधर घटना की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ जवान मौके पर पहुँचे। जवानों ने रेत की मदद से कुछ हद तक आग पर काबू पाने की कोशिश की मगर आगजनी में धू धू कर जल रही मशीनों को खाक होने से रोक पाना सम्भव नही था। थोड़ी देर बाद नैमेड थाना स्टाफ के अलावा डीआरजी जवान भी मौके पर पहुँच गए।

नक्सली किस छोर से आये,घटना कर किस और फरार हुए, पुलिस इसकी तस्दीक कर रही है, इसके अलावा घटना में जिन अज्ञात माओवादियों का हाथ है,इस बारे में अधिक सुराग भी जुटाए जा रहे ताकि उनकी गिरफ्तारी जल्द हो सके।

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लम्बे वक़्त से लंबित बालोद युवा कांग्रेस की देर सवेर आज घोषणा हो गयी ।

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कई वर्षों से छात्र संघ व उसके बाद युवा कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहने वाले दल्ली राजहरा (चिखलकसा) निवासी प्रशांत बोकड़े को जिला युवा कांग्रेस की कमान सौंपी गई ।

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घोषणा होते ही नगर एवम जिला संगठन कार्यकर्ताओं के बधाई देने का दौर शुरू हो गया है ।

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कांग्रेस , युवा कांग्रेस , एन. एस. यू.आई तथा सेवादल व विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं एवम पदाधिकारियों ने बधाई दे कर नियुक्ति पर हर्ष प्रकट किया एवम सफलता पूर्वक संगठन नेतृत्व की शुभकामनाएं दी ।।

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Breaking कोरोना का दूसरा चरण – लॉकडाउन में जाने ! आज कितने मिले कोरोना संक्रमित

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इन दिनों छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले में देश के दूसरे नंबर पर आ चुके हैं यहां संक्रमितों के साथ ही मरने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

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आज डौंडी ब्लॉक के अंतर्गत जिले के इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों कि स्थिति इस प्रकार रही –

|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||

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क्या है कोरोना का दूसरा चरण –

कोरोना के दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलता है, लेकिन ये वे लोग होते हैं जो किसी ना किसी ऐसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए जो यात्रा करके लौटा हो | छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी शहरी इलाकों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रही है, जो चिंताजनक है |

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यदि लोगों द्वारा कोविड 19 का पालन नहीं किया गया तो कोरोना वायरस के तीसरे चरण कम्युनिटी ट्रांसमिशन में पहुंचने देर नहीं लगेगी | कोरोना का तीसरा चरण बहुत ज्यादा भयावह साबित हो सकता है | कोरोना का तीसरा चरण क्या है कैसे इसका प्रसार होता है | जानने के लिए जुड़े रहे सिटी मीडिया के साथ

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रासायनिक खादों के दामों में की गई वृद्धि वापस लेने की मांग की किसान सभा ने

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छत्तीसगढ़ किसान सभा ने मोदी सरकार द्वारा खाद कंपनियों को रासायनिक खाद की कीमतों में 45 से 60 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि करने की अनुमति देने की तीखी निंदा की है तथा इसे वापस लेने की मांग की है। किसान सभा ने कहा है कि इससे फसलों की लागत में काफी बढ़ोतरी होगी, जो कृषि व्यवस्था और नागरिकों की उपभोक्ता प्रणाली के लिए काफी नुकसानदेह है।

आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा है कि दो माह पहले ही इफको ने यह घोषणा की थी कि खेती-किसानी की लागत को कम करने के उद्देश्य से वह रासायनिक खादों की कीमतों में वृद्धि नहीं करेगी। लेकिन अब उसने मूल्य वृद्धि की घोषणा की है, तो स्पष्ट है कि ये कंपनियां रासायनिक खाद निर्माण के लिए सरकार से मिल रही सब्सिडी को किसानों को हस्तांतरित करने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह वृद्धि ऐसे समय की गई है, जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है और इसके बावजूद देश के किसान डीजल व अन्य कृषि आदानों की बढ़े हुए दामों के कारण और अनियोजित लॉक डाउन के चलते दोहरे आर्थिक संकट की मार झेल रहे हैं। इस वृद्धि से स्पष्ट है कि मोदी सरकार किसानों की आय को दुगुनी करने के बजाए कृषि लागत को दुगुनी करने की नीति पर चल रही है।

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उल्लेखनीय है कि हाल ही में जारी इफको के एक परिपत्र के अनुसार गैर-यूरिया रासायनिक खादों के दाम में 45 से 60% तक की वृद्धि की गई है। मीडिया को इस मूल्य वृद्धि का चार्ट जारी करते हुए किसान सभा नेताओं ने कहा है कि इससे 50 किलो वाली डीएपी बैग की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1900 रुपये हो गई है तथा एनपीके 1183 रुपये की जगह 1800 रुपये में मिलेगी। इसी प्रकार, 45 किलो वाले नीम कोटेड खाद के बोरे की कीमत 925 रुपये से बढ़कर 1350 रुपये हो गई है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि एक ओर तो मोदी सरकार सी-2 लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने से इंकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर खाद कंपनियों द्वारा अनाप-शनाप मुनाफ़ा बटोरने पर भी रोक लगाने के लिए तैयार नहीं है।

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