जगदलपुर शहर के धरमपुरा साईं मंदिर में प्रथम बार आयोजित महाकुंभ अभिषेक में आंध्रप्रदेश से आए पंडितों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया गया। कार्यक्रम में इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने सपरिवार शामिल होकर पूजा अर्चना और जलाभिषेक किया। शर्मा ने बस्तर एवं छत्तीसगढ़ में सुख, शांति, समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
पीसीसी की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए जिलाध्यक्ष शर्मा
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संगठनात्मक गतिविधियों सहित कार्यक्रमों की रूपरेखा व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु जिलाध्यक्षों व प्रभारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा ने इस वर्चुअल बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का प्रसार-प्रचार सोशल व इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही जन-जन तक पहुंचाने संगठन अपनी अहम व महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आसन्न चुनाव हेतु जोन, सेक्टर, बूथ व अनुभाग स्तर पर विशेष फोकस व माइक्रो मैनेजमेंट सहित तैयार कार्ययोजना का विस्तार किया जा रहा है।
पूरी रकम लेने के बाद भी पेटी ठेकेदार ने किया अधूरा काम
- तरह तरह के हठकंडे अपनाकर बाहरी ठेकेदारों को परेशान करते हैं स्थानीय छोटे ठेकेदार
- पेटी कांट्रेक्टर शेख कयामुद्दीन के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत
नारायणपुर बस्तर संभाग में नक्सली समस्या की आड़ में बाहरी बड़े ठेकेदारों को स्थानीय छोटे ठेकेदार किस कदर परेशान करते हैं, इसका एक उदाहरण नारायणपुर में सामने आया है। नारायणपुर जिले के तेलसी में पुलिस विभाग के लिए फायरिंग रेंज निर्माण का ठेका रायपुर के मेमर्स एसपी सिन्हा (मनोज सिन्हा) द्वारा लिया गया था। मेमर्स एसपी सिन्हा ने उस कार्य को वहां के लोकल पेटी ठेकेदार शेख कयामुद्दीन को दे दिया। कार्य के एवज में जितने पैसों के भुगतान की बात हुई थी, उसका पूर्ण भुगतान मेमर्स एसपी सिन्हा द्वारा कर दिया गया। इसकी पावती उनके पास उपलब्ध है।

परंतु बाहरी ठेकेदार होने के कारण देख लोकल पेटी ठेकेदार शेख कयामुद्दीन द्वारा मेसर्स एसपी सिन्हा को विगत कुछ दिनो से अतिरिक्त पैसों की मांग को लेकर परेशान किया जा रहा है। इसकी लिखित शिकायत रायपुर के ठेकेदार द्वारा कलेक्टर नारायणपुर, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नारायणपुर से की गई है। साथ ही उनके सहयोगी संस्थान मेमर्स सीपी एसोसिएट्स द्वारा उन्हें जो भुगतान किया गया था उसकी पावती की प्रति भी अधिकारियों को उपलब्ध करवा दी गई है। पेटी ठेकेदार शेख कयामुद्दीन द्वारा कार्य में देरी करने एवं कुछ कार्य को बीच में अधूरा छोड़ देने पर भी उन्हें मेमर्स एसपी सिन्हा एवं सहयोगी संस्थान मेमर्स सीपी एसोसिएट्स द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया था। साथ ही उसके छोड़े हुए कार्यों को दूसरे ठेकेदार से करवा कर अतिरिक्त भुगतान भी किया गया है। इसकी भी पावती भी उनके पास उपलब्ध है।

डराया – धमकाया जाता है बाहरी ठेकेदारों को
बहरहाल बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में विभिन्न निर्माण कार्यों को कराने के लिए बाहर से आने वाले ठेकेदारों को कुछ तथाकथित स्थानीय लोग तरह तरह के हठकंडे अपनाकर डराते धमकाते हैं, उनके कार्यों में बाधा डाली जाती है तथा जबरिया पैसों की उगाही की जाती है। बाहरी ठेकेदारों को नक्सलियों की भी धौंस दी जाती है और नक्सलियों के नाम पर ब्लैकमेल तक किया जाता है। इसकी शिकायत उच्चतर पर की जा चुकी है। रायपुर के ठेकेदार ने कहा है कि वे पेटी कांट्रेक्टर कयामुद्दीन के खिलाफ मानहानि का दावा भी करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री बघेल से 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की
- जगदलपुर में आरण्यक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए की घोषणा
स्ट्रीट पोल एवं लाइटें लगाने में जमकर हुआ भ्रष्टाचार : संजय
- करोड़ों के भ्रष्टाचार से स्पष्ट है कि रेवड़ी महापौर ने खाई- सुरेश गुप्ता
जगदलपुर नगर भाजपा के पदाधिकारियों और भाजपा पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे और मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में शहर की बदहाल स्ट्रीट लाईट व्यवस्था को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि जगदलपुर नगरीय निकाय क्षेत्र में नगर निगम जगदलपुर, लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) और नेशनल हाईवे ने स्ट्रीट लाइट पोल, हैलोजन एवं बल्ब इत्यादि लगाए हैं, परंतु लगने के बाद से ही वे बंद पड़े हैं।
शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर हाई मास्ट लाइट, रोड डिवाइडर, हैलोजन, सौंदरीकरण की लाइटें, और गीदम रोड में गुरु गोविंद सिंह चौक के डिवाइडर में एलईडी लाइट लगाकर डिवाइडर को करोड़ों की लागत से सजाया गया था। कई गुना ज्यादा दर पर लगाए गए इन स्ट्रीट पोल और लाइटें भ्रष्टाचार की कहानी खुद बयां कर रही हैं। लालबाग के हाईमास्ट लाइटें ज्यादातर पूरी तरह बंद पड़ी हैं।मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने से संजय बाजार, विवेकानंद स्कूल होते हुए गुरु गोविंद सिंह चौक और एनएमडीसी कार्यालय के सामने लगी हाई मास्ट लाइटें ज्यादातर बंद हैं। कुछ हाई मास्ट में लाईट ही जल रही हैं। पीजी कॉलेज से कालीपुर रोड में लगे 75 स्ट्रीट लाइट में से 73 लाइटें बंद हैं।दलपत सागर आईलैंड की 19 हैलोजन लाइटें बंद हैं। दलपत सागर आईलैंड में लगाई गई डेकोरेटिव 35 लाइटें बंद पड़ी हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम की हाईमास्ट लाइटें और अन्य लाइटें भी बंद हैं। सिटी ग्राउंड में लगी 8 हाई मास्ट में से 7 हाई मास्ट लाइटें बंद हैं। महाराणा प्रताप चौक से एनएमडीसी चौक नगर प्रवेश तक सारी लाइटें विगत 1 वर्ष से बंद हैं।नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने कहा है कि तीन विभागों के द्वारा मिलकर लगाई गई इन विद्युत खंभो पर बाजार दर से लगभग तीन गुना अधिक राशि व्यय करने के बाद भी आज इसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।मोटा कमीशन वसूलने के पश्चात नेता एवं अधिकारी एक दूसरे के विभागों पर आरोप – प्रत्यारोप लगाते हुए हैंडओवर की राजनीति कर रहे हैं। जबकि आम जनता इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए पूरी तरह वंचित है। पाण्डेय और गुप्ता ने कहा है कि नगर सौंदर्यीकरण का ढोंग कर रही नगर सरकार महापौर के नेतृत्व में दलपत सागर में उलझी हुई है। दलपत सागर की सफाई के लिए सालों से सारे संसाधन लगाने के बाद भी आज तक दलपत सागर जस के तस है। दलपत सागर सौंदर्यीकरण की लाइटें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं।विधायक को संभवतः नगर से कोई मतलब नहीं है। इसलिए मौन हैं। सुरेश गुप्ता ने कहा कि जिस तरह विगत 1 वर्ष में शहर के विभिन्न स्थानों पर जनता के टैक्स के पैसे से हाई मास्ट लाइटें, डिवाइडर में एलईडी लाइटें, शहर सौंदरीकरण के नाम पर करोड़ो खर्च किए गए। कुछ दिनों बाद ही इन लाइटों का अता-पता नहीं रह गया है। हाई मास्ट लाईटें बंद पड़ी हैं। कॉलेज से कालीपुर रोड की 75 में 73 लाइटें बंद हैं। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों का सुध नहीं लेना आश्चर्य का विषय है। प्रतिनिधि मंडल में संजय पांडे, सुरेश गुप्ता, निर्मल पाणिग्रही, मोतीराम बघेल, शशिनाथ पाठक, रोशन झा, केतन महानंदी, योगेश मिश्रा, आनंद झा, रवि कश्यप आदि शामिल थे।
बादल सीएम भूपेश बघेल की दूरगामी सोच का परिणाम : जैन
- समर कैंप के समापन समारोह में पहुंचे संसदीय सचिव रेखचंद जैन
जगदलपुर बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर ( बादल ) की स्थापना छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरगामी सोच का परिणाम है। जनजातीय बाहुल्य बस्तर की पहचान समूचे विश्व में है। विभिन्न जातियों में प्रचलित परंपराओं, रीति-रिवाजों तथा लोककलाओं और लोक आस्था के संरक्षण की पहल सीएम के नेतृत्व व मार्गदर्शन में किया जा रहा है। समर कैंप का आयोजन इसी की कड़ी है।उक्त उदगार संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर द्वारा आयोजित समर कैंप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए।

जैन ने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि हमारे बचपन के दिनों में हम व हमारे दौर के सारे बच्चे गर्मी की छुट्टियों में अपने नाना- मामा के यहां चले जाते थे। क्योंकि उस समय ऐसा कोई भी आयोजन नहीं होता था, लेकिन इस साल समर कैंप के माध्यम से कला, संस्कृति व बोली- भाषा का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह शानदार पहल आगामी वर्षों में भी जारी रहेगी। श्री जैन ने समाज प्रमुखों के योगदान की भी सराहना की। कार्यक्रम को पार्षद सूर्या पाणि, हल्बा समाज के जितेंद्र शार्दुल तथा अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। संस्था प्रभारी अधिकारी पूर्णिमा सरोज ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समापन अवसर पर गौरनाथ नाग, वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह, सहायक आयुक्त संजय चंदेल, समाज प्रमुख लखेश्वर खुदराम, सामूराम मौर्य, हरिश्चंद्र नाग, सदाराम समरथ, त्रिलोकी प्रभुलिया, पितांबर अड़बड़िया, विद्याधर जीराम, पूनम गुप्ता, जयंती बघेल, दीप्ति ओगरे, योगेश साहनी, नीलूराम कोर्राम, नुपुर दास, विशाल ठाकुर, विनीता पांडे, स्मृति पाढ़ी, सचिन लेवी पन्ना, दीपेश ध्रुव, दीपक कश्यप, प्रेरणा नाम, नेत्रकांत पाणीग्रही, लिबरु सोढ़ी समेत प्रशिक्षणार्थी, उनके अभिभावक व अन्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम संचालन भरत गंगादित्य व हितप्रिता ठाकुर ने किया। समापन समारोह में विविध विधाओं के प्रशिक्षणार्थियों ने अनेक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

अब उद्यमशीलता की नई ईबारत लिखेगी बस्तर की मातृशक्ति
- 1182 स्व सहायता समूहों को दिए गए 28 करोड़ 36 लाख के ऋण
- उद्यमिता के माध्यम से महिलाएं परिवार को बनाएं सशक्त: लखमा
- पहले जहां में बारुद की गंध थी, अब इसी बस्तर काॅफी और पपीते से महक रहा – दीपक बैज
जगदलपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े बस्तर जिले के 1182 स्व सहायता समूहों को बैंक लिंकेज शिविर में 28 करोड़ 36 लाख 80 हजार रुपए के ऋण वितरित किए गए।बुधवार 14 जून को पं. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार में आयोजित ऋण वितरण महा शिविर में उद्योग मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि बस्तर में परंपरागत रुप से भंडारगृह की चाबी महिलाओं के हाथों में ही होती है, क्योंकि वे अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करती हैं। महिलाओं के इसी स्वभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में सौंपी है। गांव- गांव में बने गौठान और ग्रामीण औद्योगिक पार्कों के माध्यम से आजीविकामूलक कार्य कर यह महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के साथ ही ग्रामीण और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने का कार्य भी भलीभांति कर रही हैं।मंत्री लखमा ने कहा कि पहले ऋण प्राप्त करना आसान कार्य नहीं था, किंतु अब स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बहुत ही कम ब्याज पर आसानी से ऋण प्राप्त हो जाता है। पहले बैंकों से ऋण के लिए जमानतदार के साथ ही बहुत सी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी। इससे तंग आकर लोग साहूकारों के पास अपनी संपत्ति गिरवी रखकर ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने मजबूर हो जाते थे। हमारी सरकार ने महिलाओं पर भरोसा करते हुए आसानी से ऋण उपलब्ध कराना शुरू किया है। मंत्री श्री लखमा ने महिलाओं से अपील की कि इस राशि से अपना व्यवसाय करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं। मंत्री लखमा ने कहा कि आपकी उद्यमिता के लिए सरकार ने गौठान और ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का निर्माण किया है, जहां आवश्यक अधोसंरचनाएं और संसाधन आसानी से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा तैयार उत्पादों के विक्रय के लिए भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
महिलाएं ला रहीं बस्तर में बदलाव : बैज
बस्तर के सांसद दीपक बैज ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश की जनता के पास धन रहेगा,तब ही प्रदेश आर्थिक तौर पर मजबूत होगा। स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के हाथों को मजबूत करने का कार्य मुख्यमंत्री बघेल द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के कारण बस्तर में तेजी से बदलाव दिख रहा है। पहले जहां यहां की हवा में बारुद की गंध समाई रहती थी, अब यही बस्तर काॅफी और पपीते की सुगंध से महक रहा है। अब बस्तर के कोलेंग जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में भी स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं काॅफी की खेती कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उद्योगपति व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करते हैं, वैसे ही अब महिलाओं को भी यह ऋण बहुत ही आसानी से उपलब्ध कराने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। महिलाएं भी व्यवसाय का कार्य अत्यंत निपुणता के साथ कर रही हैं, जिससे परिवार के मुखिया पर निर्भरता भी समाप्त हो रही है।
यह बस्तर के लिए सौभाग्य का दिन : जैन
संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि यह आज बस्तर के लिए सौभाग्य का दिन है कि बस्तर की महिलाओं को उद्यमिता के लिए 28 करोड़ रुपए की राशि बहुत ही आसानी के साथ प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर अपने वनोपज और विविध प्रकार के फसलों के लिए जाना जाता है। पहले यह वनोपज और फसल बिचैलियों द्वारा औने-पौने दाम पर खरीद ली जाती थी। वहीं कई बार कम दाम मिलने के कारण यहां के लोग वनोपजों को सड़कों पर फेंककर चले जाते थे, किंतु स्वसहायता समूहों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर वनोपजों की खरीदी के कारण अब स्थिति बदली है। इससे जहां वनोपज संग्राहकों को अच्छा दाम मिल रहा है, वहीं स्वसहायता समूह की सदस्याओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज के इस ऋण वितरण कार्यक्रम से अन्य महिला समूहों को भी आजीविका मूलक कार्यों के लिए अवसर प्राप्त होगा।
लक्ष्य के करीब है बस्तर : कलेक्टर
कलेक्टर विजय दयाराम के ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्व सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से सशक्त करने की मंशा के अनुसार जिले में 70 फीसदी लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई है। इन महिलाओं को गौठान तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्कों में विभिन्न आजीविका मूलक कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस अवसर पर कोडे़नार ग्रामीण औद्योगिक पार्क में मिलेट से तैयार उत्पादों की लांचिंग की गई। इसके साथ ही हर्राकोडेर जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में बुजुर्ग, दिव्यांग, श्रमिक सहित निर्धन वर्ग की सेवा का अवसर प्रदान करने के लिए बीसी सखी संतोषी ठाकुर द्वारा शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए मंत्री श्री लखमा को पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, नगर निगम सभापति कविता साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अनुविभागीय दंडाधिकारी नंदकुमार चौबे, नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा सहित जनप्रतिनिधि एवं स्व सहायता समूह की सदस्याएं उपस्थित थे।
1182 स्वसहायता समूहों को बैंक लिंकेज महा शिविर में 28 करोड़ 36 लाख रुपए से अधिक का ऋण वितरण
- उद्यमिता के माध्यम से महिलाएं परिवार को करें सशक्त: मंत्री लखमा
- पहले जहां हवा में बारुद की गंध थी वहीं अब यह बस्तर काॅफी और पपीते की सुगंध से महक रहा है- सांसद बैज
जगदलपुर 14 जून 2023 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी बस्तर जिले की 1182 समूहों को बैंक लिंकेज शिविर में 28 करोड़ 36 लाख 80 हजार रुपए का ऋण वितरित किया गया। बुधवार 14 जून को पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार में आयोजित ऋण वितरण कार्यक्रम में उद्योग मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर में परंपरागत रुप से भण्डारगृह की चाबी महिलाओं के हाथों में ही होती है,क्योंकि वे अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करती हैं। महिलाओं के इसी स्वभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में सौंपी है। गांव-गांव में बने गौठान और ग्रामीण औद्योगिक पार्कों के माध्यम से आजीविकामूलक कार्य कर यह महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के साथ ही ग्रामीण और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य भी भलीभांति कर रही हैं।
मंत्री लखमा ने कहा कि पहले ऋण प्राप्त करना आसान कार्य नहीं था, किन्तु अब स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बहुत ही कम ब्याज पर आसानी से ऋण प्राप्त हो जाता है। पहले बैंकों से ऋण के लिए जमानतदार के साथ ही बहुत सी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी। इससे तंग आकर लोग साहूकारों के माध्यम से अपनी संपत्ति गिरवी रखकर महंगे ब्याज दर पर ऋण लेने की जरुरत पड़ती थी। सरकार ने महिलाओं पर भरोसा करते हुए आसानी से ऋण उपलब्ध कराया है। इस राशि से अपना व्यवसाय करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। मंत्री लखमा ने कहा कि आपकी उद्यमिता के लिए सरकार ने गौठान और ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का निर्माण किया है, जहां आवश्यक अधोसंरचनाएं और संसाधन आसानी से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा तैयार उत्पादों के विक्रय के लिए भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। सांसद दीपक बैज ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश की जनता के पास धन रहेगा,तब ही प्रदेश आर्थिक तौर पर मजबूत होगा। स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के हाथों को मजबूत करने का कार्य मुख्यमंत्री बघेल द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के कारण बस्तर में तेजी से बदलाव दिख रहा है। पहले जहां यहां की हवा में बारुद की गंध थी,वहीं अब यह बस्तर काॅफी और पपीते की सुगंध से महक रहा है। अब कोलेंग जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में भी स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाएं काॅफी की खेती कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उद्योगपति व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करते हैं, वैसे ही अब महिलाओं को भी यह ऋण बहुत ही आसानी से उपलब्ध कराने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। महिलाएं भी व्यवसाय का कार्य अत्यंत निपूणता के साथ कर रही हैं, जिससे परिवार के मुखिया पर निर्भरता भी समाप्त हो रही है। संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन ने कहा कि यह आज बस्तर के लिए सौभाग्य का दिन है कि बस्तर की महिलाओं को उद्यमिता के लिए 28 करोड़ रुपए की राशि बहुत ही आसानी के साथ प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर अपने वनोपज और विविध प्रकार के फसलों के लिए जाना जाता है। पहले यह वनोपज और फसल बिचैलियों द्वारा औने-पौने दाम पर खरीद लिया जाता था, वहीं कई बार कम दाम मिलने के कारण यहां के लोग सड़कों में फेंककर चले जाते थे, किन्तु स्वसहायता समूहों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर वनोपजों की खरीदी के कारण अब स्थिति बदली है। इससे जहां वनोपज संग्राहकों को अच्छा दाम मिल रहा है, वहीं स्वसहायता समूह के सदस्यों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज के इस ऋण वितरण कार्यक्रम से अन्य महिला समूहों को भी आजीविकामूलक कार्यों के लिए अवसर प्राप्त होगा।कलेक्टर विजय दयाराम के ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से सशक्त करने की मंशा अनुसार जिले 70 फीसदी लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई है। इन महिलाओं को गौठान तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्कों में विभिन्न आजीविका मूलक कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस अवसर पर कोडे़नार ग्रामीण औद्योगिक पार्क में मिलेट से तैयार उत्पादों की लांचिंग की गई.इसके साथ ही हर्राकोडेर जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में बुजुर्ग, दिव्यांग, श्रमिक सहित निर्धन वर्ग की सेवा का अवसर प्रदान करने के लिए बीसी सखी संतोषी ठाकुर द्वारा शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए मंत्री लखमा को पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। इस अवसर पर हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, अनुविभागीय दण्डाधिकारी नंदकुमार चौबे,नगर निगम आयुक्त केएस पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं स्व सहायता समूह के सदस्य उपस्थित थे।
डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक में 3040 कार्यों को मंजूरी
- परिषद ने वर्ष 2023-24 की कार्ययोजना का किया अनुमोदन
जगदलपुर जिला खजिन संस्थान न्यास निधि (डीएमएफटी) शासी परिषद की बैठक जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास के तहत अब तक प्राप्त आवंटन, जारी एवं व्यय राशि के संबंध में चर्चा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उद्योग एवं जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, नगर निगम सभापति कविता साहू, इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, शासी परिषद के अन्य सदस्य, कलेक्टर विजय दयाराम के, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी डीपी साहू, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान संचालक धम्मशील गणवीर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में स्वीकृत कार्यो की प्रगति का वर्षवार, विभाग व जनपद पंचायतवार समीक्षा की गई। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बताया कि मद से 7072 स्वीकृत कार्यो में से 5704 पूर्ण कर लिए गए हैं। लंबित 1368 कार्यों को आगामी तीन-चार माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। शासी परिषद द्वारा वार्षिक कार्ययोजना वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत 3040 कार्यों की स्वीकृति दी गई। इनमें उच्च प्राथमिकता के तहत पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य एवं देखभाल, शिक्षा, कृषि एवं अन्य संबद्ध गतिविधियां, पोषण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, आजीविका कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजना, सतत जीविकोपार्जन के लिए 1379 कार्य अनुमोदित किए गए। इसके अलावा अन्य प्राथमिकता में भौतिक अद्योसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और जल विभाजक विकास, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, युवा गतिविधियों को बढ़ावा देना जैसे 1661 कार्यों का भी अनुमोदन किया गया।
आगजनी में हुई मकान की क्षति का बीमा कंपनी करेगी भुगतान और बैंक भरेगा जुर्माना: जिला उपभोक्ता आयोग
जगदलपुर जिला उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत एक परिवाद में आयोग ने बीमा कंपनी को आगजनी के फलस्वरूप मकान में हुई क्षति प्रदान करने और भारतीय स्टेट बैंक को जुर्माना भरने का आदेश दिया है।प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार हैं कि परिवादी अजितेश शुक्ला ने भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा जगदलपुर से ऋण प्राप्त कर रायपुर में एक मकान क्रय किया था।सुरक्षा की दृष्टि से उस मकान का बीमा दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी जगदलपुर के द्वारा बीमा कंपनी के प्रस्ताव पर किया गया था। दिनांक 17/01/2018 को परिवादी का मकान आगजनी से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसकी सूचना तत्काल परिवादी द्वारा बैंक को प्रदान की गई थी किंतु बैंक द्वारा निरंतर पत्राचार किए जाने के बावजूद भी बीमा कंपनी के नाम के संबंध में घटना के लगभग 8 माह पश्चात परिवादी को जानकारी प्रदान की जिस पर बीमा कंपनी द्वारा घटना के 8 माह पश्चात क्षतिग्रस्त मकान का सर्वे करवाकर विलंब का आधार लेते हुए परिवादी को लगभग 70000/-देने का प्रस्ताव रखा था जो बीमा धारक को स्वीकार्य नहीं था । जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत मकान में आगजनी के कारण हुई क्षति में मरम्मत के बिल को आधार मानते हुए बीमा कंपनी को परिवादी को ₹164000/-मानसिक क्षति हेतु ₹10000/- एवं परिवाद व्यय के रूप में ₹3000/- प्रदान करने का आदेश किया है ।साथ ही भारतीय स्टेट बैंक द्वारा की गई सेवा में कमी व्यावसायिक कदाचरण के लिए ₹10000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया है यह राशि जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में की जावेगी।जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की खंडपीठ द्वारा उपरोक्त आदेश जारी किया गया है।


