City Media - Page 749 of 1863 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
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एसडीएम व बीईओ की दबिश के दौरान नशे में धुत्त मिले बड़े गुरूजी

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  • रोज नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं प्रधान पाठक

लोहंडीगुड़ा प्राथमिक शाला विकासखंड लोहंडीगुड़ा की प्राथमिक शाला इरिकपाल का अनुविभागीय अधिकारी मायानंद चंद्रा व विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संस्था के प्रधान अध्यापक नशे में धुत्त पाए गए। प्रधान पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की जा रही है। प्रधान पाठक के खिलाफ में पूर्व में भी ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई थी।

तब उन्हें कड़ी चेतावनी व समझाईश दी गई थी।बारंबार चेतावनी देने के बाद भी हेड मास्टर के आचरण में बदलाव नहीं आया। उनके खिलाफ पुनः शिकायत प्राप्त होने पर अधिकारियों द्वारा आज प्राथमिक शाला इरिकपाल का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रधान की हरकतें अजीब लग रही थीं। इसे देखते हुए उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इससे उनके नशे में धुत्त होना प्रमाणित हुआ। अनुविभागीय अधिकारी ने शिक्षक के कृत्य को घोर आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज का आईना होता है। उसे अपनी छवि का सदैव ध्यान रखना चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने प्रधान अध्यापक के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही बाबत प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया है। श्री यादव ने कहा है कि भविष्य में भी विकासखंड में इस प्रकार के दौरा कार्यक्रम जारी रहेगा। सभी शिक्षक अपने कर्तव्य के प्रति सजग एवं तत्पर रहें।

वर्सन

किया जा रहा है निलंबित निरीक्षण के दौरान हेड मास्टर नशे की हालत में मिले। हेड मास्टर का डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया, जिसमें उनके नशे में रहने की पुष्टि हुई है। प्रधान पाठक के निलंबन की कार्यवाही की जा रही है।

भाजपा हमेशा आदिवासियों पर अत्याचार करती है : सांसद बैज

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  • मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक के साथ हुई घटना पर बस्तर सांसद दीपक बैज ने जताई नाराजगी

लोहंडीगुड़ा बस्तर सांसद व अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक बैज ने मध्यप्रदेश में एक आदिवासी युवक के साथ भाजपा नेता द्वारा किए गए अमनवीय व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा आदिवासियों का अत्याचार व शोषण करती रही है। बैज ने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक पर भारतीय जनता पार्टी के नेता का पेशाब करना इसका ताज़ा उदाहरण है। मध्यप्रदेश के सीभी जिले में सड़क किनारे बैठे एक आदिवासी युवक पर भारतीय जनता पार्टी के नेता द्वारा पेशाब करना निंदनीय घटना है। बैज ने कहा भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा आदिवासियों का अत्याचार व शोषण किया है साथ ही उन्हें तुच्छ समझने का काम किया है। छत्तीसगढ़ और बस्तर की बात करें तो यहां भी नक्सलियों के नाम पर आदिवासियों का फर्जी एनकाउंटर किया जाता रहा है। जंगल में गई माता बहनों के साथ बलात्कार किया जाता था, उन्हे घर से ले जाकर गोली मार दी जाती थी। बैज ने कहा कि ताड़मेटला में सैकड़ों बेकसूर आदिवासियों के घर जला दिए गए। इस तरह के अनेक उदाहरण देते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि वर्तमान में जिस तरह मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक के घटना घटना हुई उसे लेकर आदिवासी समाज भाजपा कभी माफ नहीं करेगा। इससे भारतीय जनता पार्टी का आदिवासी विरोधी चाल और चेहरा बेनकाब हुआ है। दिखावे के लिए भाजपा नेता पर कानूनी कार्यवाही की जा रही है। लेकिन पूरी सरकार उसको बचाने पर लगी हुई है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के विरोध में आदिवासी समाज के बीच जाकर मुद्दे को जोर शोर से उठाया जाएगा भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों के नाम पर हमेशा राजनीति करती आई है, लेकिन आज उनका चेहरा इस घटना के बाद से बेनकाब हो चुका है मध्यप्रदेश में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।

वंचित तबके को भी ऊपर उठा रही है हमारी सरकार : लखेश्वर

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  • बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने 56 परिवारों को दिए वनभूमि पट्टे

बस्तर क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर ने बुधवार को नगर में आयोजित भव्य समारोह में वनभूमि पर काबिज 56 परिवारों को वनभूमि के पट्टे प्रदान किए। उन्होंने हस्तशिल्प शो रूम भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यकर्त्तााओं ने नगर पंचायत कार्यालय के समीप बघेल का शानदार पूर्वक स्वागत किया। बघेल ने छतीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना की। नगर में निवासरत 56 परिवारों को वन अधिकार पट्टे वितरित करते हुए श्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार गांवों, किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार ने वंचित तबके तक उनके सामाजिक और आर्थिक अधिकार पहुंचाने का काम किया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने से पहले ही हमने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी थी। इन्हीं पर छत्तीसगढ़ सरकार काम कर रही है। वन अधिकार पट्टा योजना के तहत पट्टाधारियों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान करने की योजना से पट्टाधारकों को जमीन का मालिकाना हक मिलने लगा है। स्थायी पट्टा मिल जाने से हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल का आभार व्यक्त किया। श्री बघेल ने कहा कि वन अधिकार पट्टा आबादी भूखंड पर धारक के स्वामित्व को सिद्ध करने का स्थाई दस्तावेज है जो उत्ताधिकारी हक में हैं।

भूमि विवाद की स्थिति में आबादी भूखंड का सीमांकन कराया जा सकेगा। आबादी भूखंड का क्रय विक्रय किया जा सकेगा साथ में बिजली, नल इत्यादि के कनेक्शन के लिए यह प्रमाण पत्र स्वामित्व प्रमाणित करने का प्रमाण होगा। बघेल ने बस्तर में हस्तशिल्प औद्योगिक सहकारी समिति मर्यादित के शोरूम भवन लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में प्रेमशंकर शुक्ला, फतेह सिंह परिहार, चंपा ठाकुर, गणेश बघेल, दिलीप सेंगर, आशीष मिश्रा, अनूप तिवारी, भृगु तिवारी, शोभा मारकंडेय, हुसैन खान, अंकित पारख, रियाज खान, महेंद्र बघेल, पिंटू यादव, हेमबती, जयंती नेताम, हेमराज बघेल, तुलसीराम, जितेंद्र ठाकुर, राजेश कुमार, राजशेखर, छोटू परिहार, निलंबर, पूरन शर्मा, सकरू जयदेव, लक्ष्मण, मनीराम, भागरथी, जितेंद्र पटेल, दयाराम, रामनाथ, सोमारु, मंधर, यशवंत, दशरथ, रामधर, बलराम, अमलसिंह, सीएमओ श्री राव एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

किसान हित में काम कर रहा है सहकारी बैंक : रेखचंद जैन

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  • साल दर साल धान खरीदी का रिकार्ड बना रही भूपेश सरकार
  • वनभूमि पट्टाधारकों को योजनाओं का लाभ दिलाने अपील की जैन ने

जगदलपुर किसानों के हित में कार्य करने वाली सर्वोच्च संस्था केंद्रीय सहकारी बैंक है। बस्तर के विकास में इसकी अग्रणी भूमिका है। बुधवार को छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान रायपुर द्वारा प्राथमिक सहकारी साख समितियों के नव नियुक्त अध्यक्षों व प्राधिकृत अधिकारियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने यह बात कही। उन्होंने जगदलपुर में पहली बार इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित करने पर खुशी जाहिर की। कार्यक्रम के प्रारंभ में विधायक रेखचंद जैन का स्वागत फूल मालाएं पहनाकर किया गया। तत्पश्चात बैंक के अधिकारियों ने सहकारी बैंक की गतिविधियों और किसान हित में बैंक द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। जैन ने प्रशिक्षण प्रदान करने की पहल के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व अपेक्स बैंक चेयरमैन बैजनाथ चंद्राकर का आभार माना। उन्होंने कहा कि साल दर साल राज्य में धान खरीदी का रिकार्ड बन रहा है। किसानों को सर्वाधिक समर्थन मूल्य भी दिया जा रहा है। उन्होंने राजीव गांधी न्याय योजना में अन्य उपजों को भी सम्मिलित किए जाने की जानकारी दी। गोधन न्याय योजना की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देकर गोबर की खरीदी की जा रही है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्राधिकृत अधिकारियों से किसानों की समस्याओं का समाधान करने, शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा यथोचित सहयोग प्रदान करने की अपील भी की। विधायक जैन ने लैम्प्स अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। विधायक ने वनभूमि के समस्त पट्टाधारकों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।

25 हजार किसानों ने पहली बार बेचा धान

विधायक एवं संसदीय सचिव जैन ने बताया कि जगदलपुर डिवीजन के अंतर्गत 25 हजार किसानों ने पहली बार धान बेचा है। इस साल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक धान की खरीदी की गई है। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण राज्य के मैदानी इलाकों के बराबर किया गया है। जैन ने जब यह बातें बताई, तो प्रशिक्षण कक्ष तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्री जैन ने प्रशिक्षण में आए प्राधिकृत अधिकारियों व अध्यक्षों को प्रमाणपत्र का वितरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त पंजीयक एलएल बृंझ, उप पंजीयक विनोद बुनकर, सीईओ एसके जोशी, प्रबंधक अपेक्स बैंक आनंद लहरे, अतिरिक्त प्रबंधक एसए रजा, नोडल अधिकारी केएस ध्रुव, पूर्व उप सरपंच हाट कचोरा दिनेश सिंह, पार्षद दयाराम कश्यप, संतोष सिंह, निदेशक मंडल के शंकर नाग, सुदरू, बोंजाराम, रूपनाथ बघेल, विद्याधर जीराम, मेघनाथ, सहदेव नाग, जयमन मौर्य, फागूराम मौर्य, रामूराम, साधुराम समेत अन्य सदस्य, केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारी- कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

आंगनबाड़ी और पीडीएस दुकानों के लिए तलाशें जमीन : मेयर

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जगदलपुर महापौर सफीरा साहू ने नगर निगम कार्यालय में नगर निगम के उप अभियंता व नजूल विभाग के राजस्व निरीक्षकों की बैठक ली। बैठक में नगर निगम के 48 वार्डों में आंगनबाड़ी भवन व पीडीएस भवन के निर्माण के संबंध में अधिकारियों व कर्मचारियों से चर्चा की गई। कई वार्डो में आंगनबाड़ी भवन व पीडीएस दुकानों के लिए शासकीय जमीन नहीं मिलने के कारण पीडीएस दुकान व आंगनबाड़ी भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। नतीजतन इन वार्डों के पार्षदों व वार्ड के नागरिकों को काफी असुविधा हो रही है। वर्तमान में कई वार्डों में आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकानों में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए शासन ने राशि जारी कर दी है। जमीन उपलब्ध न रहने के कारण भवन का निर्माण नहीं किया जा सक रहा है। इन समस्याओं के समाधान करने के संबंध में महापौर श्रीमती साहू ने नजूल विभाग के राजस्व निरीक्षकों व उप अभियंताओं से कहा कि जिन वार्डों में शासकीय जमीन उपलब्ध है, वहां आंगनबाड़ी भवन बनाएं और जिन वार्डों में शासकीय भूमि नहीं है, उन वार्डो में शासकीय जमीन की तलाश कर जल्द आंगनबाड़ी भवन व पीडीएस दुकानों का निर्माण कराएं। वही इस बैठक के तुरंत पश्चात महापौर श्रीमती सफीरा साहू ,आयुक्त केएस पैकरा व नजूल विभाग के राजस्व निरीक्षक व उप अभियंता के साथ शहर के विभिन्न वार्डो में जाकर स्थल चयन कर आंगनबाड़ी भवन हेतु कार्यों को प्रारंभ करने की कार्रवाई सुनिश्चित किया गया । इस बैठक में पीडब्ल्यूडी सभापति यशवर्धन राव ,आयुक्त केएस पैकरा ,नजूल विभाग के राजस्व निरीक्षक ,नगर निगम के उप अभियंता व कर्मचारी गण उपस्थित थे ।

तारापुर हाई स्कूल में विद्यार्थियों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

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  • समय पर स्कूल नहीं पहुंचते प्राचार्य और शिक्षक, अध्यापन चौपट
  • तारापुर हाई स्कूल में विद्यार्थियों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
  • समय पर स्कूल नहीं पहुंचते प्राचार्य और शिक्षक, अध्यापन चौपट


बकावंड नया शैक्षणिक सत्र आरंभ होते ही शालाओं में अध्ययन अध्यापन कार्य शुरू हो चुका है। मगर शासकीय हाई स्कूल तारापुर में पढ़ाई का भट्ठा बैठ गया है। इस स्कूल के शिक्षक अपनी मर्जी के मालिक बन गए हैं। वे टाईम शेड्यूल का जरा भी पालन नहीं कर रहे हैं।शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और शाला बंद होने से पहले ही अपने घर लौट जाते हैं। प्राचार्य भी समय के पाबंद नहीं रह गए हैं। शिक्षकों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। ऐसे में स्कूल के शिक्षा स्तर का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।


जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के निर्देश पर बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयक शालाओं का सतत निरीक्षण कर में शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन व अध्यापन की जानकारी ले रहे है, किंतु बकावंड ब्लाक के तारापुर हाई स्कूल में शिक्षकों द्वारा भारी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामवासियों के अनुसार इस हाई स्कूल के प्राचार्य अपने मातहतों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। शिक्षक कभी भी समय पर शाला नहीं पहुंचते हैं। अक्सर वे पूर्ण अवकाश होने से पहले ही स्कूल को भगवान भरोसे छोड़कर घरों को लौट जाते हैं। शिक्षक जब तक स्कूल में रहते हैं, आपस में गप्पें मारते हुए समय गुजार देते हैं। क्लास लेने में वे दिलचस्पी नहीं दिखाते। विद्यार्थी भी अपनी कक्षाओं में धमा चौकड़ी करते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक खुद प्राचार्य भी हमेशा लेट स्कूल आते हैं। सरकार गांवों में शिक्षा स्तर सुधारने लाखों रु. खर्च कर रही है। वहीं शिक्षकों की ऐसी लापरवाही से बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

नया शैक्षणिक सत्र आरंभ होते ही शालाओं में अध्ययन अध्यापन कार्य शुरू हो चुका है। मगर शासकीय हाई स्कूल तारापुर में पढ़ाई का भट्ठा बैठ गया है। इस स्कूल के शिक्षक अपनी मर्जी के मालिक बन गए हैं। वे टाईम शेड्यूल का जरा भी पालन नहीं कर रहे हैं।शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और शाला बंद होने से पहले ही अपने घर लौट जाते हैं। प्राचार्य भी समय के पाबंद नहीं रह गए हैं। शिक्षकों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। ऐसे में स्कूल के शिक्षा स्तर का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के निर्देश पर बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयक शालाओं का सतत निरीक्षण कर में शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन व अध्यापन की जानकारी ले रहे है, किंतु बकावंड ब्लाक के तारापुर हाई स्कूल में शिक्षकों द्वारा भारी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामवासियों के अनुसार इस हाई स्कूल के प्राचार्य अपने मातहतों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। शिक्षक कभी भी समय पर शाला नहीं पहुंचते हैं। अक्सर वे पूर्ण अवकाश होने से पहले ही स्कूल को भगवान भरोसे छोड़कर घरों को लौट जाते हैं। शिक्षक जब तक स्कूल में रहते हैं, आपस में गप्पें मारते हुए समय गुजार देते हैं। क्लास लेने में वे दिलचस्पी नहीं दिखाते। विद्यार्थी भी अपनी कक्षाओं में धमा चौकड़ी करते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक खुद प्राचार्य भी हमेशा लेट स्कूल आते हैं। सरकार गांवों में शिक्षा स्तर सुधारने लाखों रु. खर्च कर रही है। वहीं शिक्षकों की ऐसी लापरवाही से बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

सुरक्षा गार्डों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा तय वेतनमान लागू किया जावे, भारतीय मजदूर संघ

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भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा वाच एंड वार्ड (अन-आर्म्ड) सुरक्षा गार्ड्स के लिए निविदा निकाली जाती है जिसमें राजहरा खदान के विभिन्न प्रतिष्ठानों के देख-रेख हेतु आवश्यक सुरक्षा गार्ड्स के लिए भी निविदा सम्मिलित है। उक्त प्रक्रिया विगत कई वर्षों से चली आ रही है और सुरक्षा कर्मियों को भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा राज्य सरकार के तय न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। प्रबंधन के इस कृत्य को गलत मानते हुए भा.म.सं. द्वारा विरोध किया गया और इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए भा.म.सं. से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष (केंद्रीय) एम.पी.सिंह ने बताया कि यहाँ यह गौर करने की बात है कि वाच एंड वार्ड (अन-आर्म्ड) सुरक्षा गार्ड्स का कार्य केंद्र सरकार द्वारा सूचीबद्ध रोजगार के श्रेणी में आता है और इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा शहर के आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया गया है।

खदान में कार्यरत सभी सुरक्षा गार्ड्स से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के निराकरण के लिए उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर का कार्यालय अधिकृत है। ऐसे में बीएसपी प्रबंधन द्वारा इन गार्ड कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन दिया जाने को गलत मानते हुए इस कृत्य के विरुद्ध भारतीय मजदूर संघ ने उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर के समक्ष जनवरी 2022 में औद्योगिक विवाद दायर की थी जिसपर जून 2022 को उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर ने संघ को क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर के समक्ष न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत क्लेम करने का आदेश दिया। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए भा.म.सं. से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष (केंद्रीय) एम.पी.सिंह ने बताया कि उक्त आदेश के उपरान्त भा.म.सं. द्वारा क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर के समक्ष न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत क्लेम किया गया जिसकी सुनवाई अभी भी जारी है। इस बीच बीएसपी प्रबंधन ने नए निविदा हेतु राजहरा खदान समूह को अधिकृत करते हुए वाच एंड वार्ड (अन-आर्म्ड) सुरक्षा गार्ड्स के लिए निविदा निकालने को कहा। भा.म.सं. को यह जानकारी मिली कि राजहरा खदान समूह से बनने वाले उक्त निविदा में प्रबंधन द्वारा केंद्र सरकार के खदान में कार्य करने वाले अकुशल श्रेणी के कर्मियों के लिए तय किये गए न्यूनतम वेतन (INR 494/-) को आधार माना गया है। यह जानकारी प्राप्त होते ही संघ ने न केवल प्रबंधन के समक्ष इसका मौखिक विरोध किया

बल्कि 16.06.2023 को इसकी शिकायत क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर से भी की और निवेदन किया कि या तो लंबित प्रकरण में जल्द से जल्द निर्णय देवें या फिर इस प्रकरण के निर्णय होते तक प्रबंधन को नया निविदा निकालने हेतु मना किया जावे। संघ के इस निवेदन पर क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर ने तत्काल केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन की प्रतिलिपि उपलब्ध करते हुए संघ के प्रतिनिधियों को कहा कि इसकी प्रतिलिपि तत्काल प्रबंधन को उपलब्ध करा देवें और उनसे स्पष्ट कहें कि केंद्र सरकार द्वारा वाच एंड वार्ड (अन-आर्म्ड) सुरक्षा गार्ड्स के लिए शहरों के आधार पर तय किये गए न्यूनतम वेतन को आधार मानकर निविदा प्रक्रिया की जावे। साथ ही उन्होंने प्रबंधन पक्ष के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक) श्री एम.डी.रेड्डी को भी उक्त नोटिफिकेशन की प्रतिलिपि देते हुए स्पष्ट हिदायत दी कि केंद्र सरकार द्वारा शहरों के आधार पर सुरक्षा गार्ड्स हेतु तय न्यूनतम वेतन को आधार मानकर ही निविदा निकाली जावे। संघ द्वारा इस सम्बन्ध में राजहरा खदान समूह के नगर प्रशासक महोदय वी.के.श्रीवास्तव को केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के साथ ज्ञापन देते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने चर्चा की जिसपर उन्होंने आवश्यक कारवाई करने की बात कही। साथ ही संघ के प्रतिनिधियों ने इस सम्बन्ध में महाप्रबंधक कार्मिक खदान मुख्यालय श्री एस.के.सोनी एवं अधिशासी निदेशक खदान श्री समीर स्वरुप से भी चर्चा की जिसपर उन्होंने सकारत्मक पहल करने का आश्वासन दिया।इस बीच एक अन्य श्रम संगठन ने भी प्रबंधन से इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार के वेतनमान को देने की बात की और इस सम्बन्ध में विज्ञपति भी जारी की। किन्तु उक्त श्रम संगठन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि गार्ड्स को केंद्र सरकार द्वारा तय कौन सा न्यूनतम वेतन दिया जावे क्योंकि उक्त श्रम संगठन ने वर्ष 2019 से उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर के कार्यालय में औद्योगिक विवाद दायर की हुई थी जिसमें उनके द्वारा गार्ड्स को खदान हेतु केंद्र सरकार द्वारा तय अकुशल श्रेणी के न्यूनतम वेतन की मांग की गयी थी। आज भी उक्त श्रम संगठन सुरक्षा गार्ड्स कर्मियों के वास्तविक हक़ को मारते हुए उन्हें अकुशल श्रेणी के वेतन देने की मांग कर रहे हैं जो कि पूर्णतः गलत है और एक तरह से प्रबंधनपरस्ती को उजागर करता है। यहाँ यह गौर करने की बात है कि जब स्वयं केंद्र सरकार ने गार्ड्स के लिए किसी तरह के श्रेणी का निर्धारण नहीं किया है तो ऐसे में कोई श्रम संगठन अथवा प्रबंधन यह कैसे तय करने का अधिकार रखते है कि गार्ड्स अकुशल श्रेणी के कामगार हैं? दरअसल में ऐसी मांग करने वाले श्रम संगठन श्रमिकों की समस्यायों का निराकरण नहीं चाहते हैं बल्कि समस्या को बनाये रखने और कर्मियों को गुमराह करते हुए प्रबंधनपरस्त नीतियों का पालन करते हैं।अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ किसी भी समस्या के पूर्ण निराकरण को ध्यान में रखकर काम करता है और सभी कर्मियों से यह अपील करता है कि वे चाहे किसी भी श्रम संगठन में हों किन्तु अपने मौलिक अधिकार के प्रति सचेत रहे अन्यथा उन्हें पूर्व में नुकसान उठाना पड़ा है और भविष्य में भी उठाना पड़ सकता है। साथ ही प्रबंधन से भी संघ यह उम्मीद करता है कि महारत्न कंपनी होने के नाते यह प्रबंधन का दायित्व बनता है कि वह कर्मियों के सभी वाजिब वैधानिक हकों की रक्षा करे और ऐसा कोई भी निर्णय न लेवे जिससे स्वयं प्रबंधन पर ही श्रमिकों के शोषण का आरोप लगे।

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संचालक के प्रस्ताव को लागू करे राज्य सरकार : अजय परिहार

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  • स्वास्थ्य कर्म संघ के उप प्रांताध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
  • कर्मचारियों की तमाम समस्याओं, मांगों से अवगत कराया सीएम को

जगदलपुर छ्ग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष एवं बस्तर जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन प्रेषित कर राज्य के स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं का निराकरण और मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। परिहार ने ज्ञापन में कहा है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्मचारी न्यूनतम वेतन और अल्प सुविधाओं के बीच जनसेवा का कार्य कर रहे हैं। विभाग में अधिकांश संवर्ग एकल पद के हैं तथा 2- 3 स्टाफ वाले स्वास्थ्य केंद्रों और बड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। शासन के समक्ष बार बार मांगें रखने पर भी निराकरण नहीं किया जा रहा है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, संचालक चिकित्सा शिक्षा, संचालक आयुष द्वारा संघ की मांग व शासन के निर्देश पर संचालनालय स्तर पर संचालक एवं संबंधित अधिकारियों की समिति गठित कर परीक्षण एवं आवश्यक व्यय भार की गणना कर सभी स्तर के कर्मियों के वेतनमान संशोधन संबंधित प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर प्रस्तावित वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग की परिहार ने की है। परिहार ने छग स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को केंद्र शासन के समान पेट्रोल भत्ता, मोबाईल भत्ता, जोखिम भत्ता एवं रेडियेशन भत्ता देने, स्टाफ नर्सों को पूर्वानुसार 3- 4 अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ जारी रखने तथा लाभान्वितों से वसूली पर रोक के आदेश जारी करने, पुलिस विभाग की तरह स्वास्थ्य कर्मचारियों को वर्ष में 13 माह का वेतन प्रदान करने, केंद्र शासन की भांति स्टाफ नर्स को नर्सिंग अधिकारी या वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी पदनाम देने, सभी कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ देने, कर्मचारियों का 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कराकर उन्हें कैशलेस ईलाज की सुविधा दिलाने, चिकित्सकों की तरह स्वास्थ्य विभाग के नव नियुक्त कर्मचारियों को स्टायफंड प्रथा समाप्त कर पूर्ण वेतन देने, स्वास्थ्य कर्मचारियों को चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान देने एवं एकल पदों के लिए पदोन्नति चैनल बनाने, दैनिक वेतनभोगी, संविदा, अनियमित, जीवनदीप समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का शासन की घोषणा के अनुरूप नियमितीकरण करने तथा समान कार्य समान वेतन का लाभ देने, ड्रेसर को समयमान वेतनमान का लाभ देते हुए पदनाम आर्थोपेडिक टेक्नीशियन करने, आयुष विभाग में 1997 के पूर्व से कार्यरत अंशकालीन स्वच्छकों को नियमित करने की मांग की गई है।

मैदानी कर्मियों को मिले यात्रा भत्ता

अजय प्रताप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री से मैदानी कर्मचारियों को उनके वेतन लेवल के अनुपात में निश्चित यात्रा भत्ता देने तथा कठिन व कठिनतम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को प्रोत्साहन राशि देने, अनिवार्य ड्रेस कोड वाले स्वास्थ्य कर्मचारी, स्टाफ नर्स, चतुर्थ श्रेणी व अन्य को संचालक के प्रस्ताव अनुसार 6 हजार रु. धुलाई भत्ता प्रतिवर्ष देने, सर्टिफिकेट पैरामेडिकल कोर्स का उन्नयन कर डिप्लोमा, डिग्री कोर्स प्रारंभ करने, सभी स्वीकृत पदों हेतु 25 प्रतिशत पदोन्नति पद स्वीकृत करने की मांग रखी गई है। साथ ही तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति हेतु शासन के व्यय पर प्रशिक्षण दिलाने, चिकित्सक विहीन स्वास्थ्य केंद्रों में अन्य राज्यों की भांति स्टाफ नर्स व फर्मासिस्ट को सामान्य ईलाज की अनुमति प्रदान करने, वेलनेस सेंटर में कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों एवं द्वितीय एएनएम को नियमित करने विकासखंड स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन पूर्वानुसार बीईटीओ के माध्यम से कराने की मांग की है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं की विभागीय पदोन्नति जून 2020 के अनुसार बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक स्टाफ नर्स को जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों में सिस्टर ट्यूटर के पद पर पदोन्नत करने, रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन, रेडियोथेरेपी को मूल वेतन का 25 प्रतिशत विकिरण भत्ता देने, डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति प्रस्तावित आदर्श सेवा भर्ती नियम लागू कर सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, भारी वाहन लाईसेंसधारी वाहन चालकों को लेवल-6 वेतनमान देने का भी आग्रह परिहार ने मुख्यमंत्री से किया है।

गांव-गांव जाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं बेंजाम

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  • लोगों की मांगों और सुझावों को सुन समाधान कर रहे हैं विधायक
  • तुमचो विधायक, तुमचो गांव मुहिम चला रहे हैं एमएलए राजमन बेंजाम

लोहंडीगुड़ा चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम द्वारा चलाया जा रहा ‘तुमचो विधायक तुमचो गांव’ अभियान ग्रामीणों को खूब रास आ रहा है। इस अभियान के तहत विधायक श्री बेंजाम गांव – गांव जाकर चौपाल लगाते हैं और ग्रामीणों की मांगें, समस्याएं एवं सुझाव सुन सुझाव अनुरूप समस्याओं व मांगों का निदान कर रहे हैं। विधायक की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में खुशी की लहर देखी जा रही है।अभियान के तहत विधायक राजमन बेंजाम लोहंडीगुड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत नेंगानार एवं मांदर पहुंचे और वहां जन चौपाल लगाकर लोगों से रूबरू हुए। श्री बेंजाम गांव के हर वर्ग के ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा में मशगूल नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ पत्ते के दोने में स्वल्पाहार भी ग्रहण किया। विधायक ने ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को सुना। ग्रामीणों की मांग पर श्री बेंजाम ने तत्काल ग्राम नेंगानार में देवगुड़ी के पास 5 लाख रु. की लागत से सामुदायिक शेड निर्माण की स्वीकृति की घोषणा की। श्री बेंजाम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे आप लोगों ने जनसेवा के लिए चुना है और जीवन की आखिरी सांस तक मैं आप लोगों की सेवा करता रहूंगा।

आदिवासियों के सच्चे हितैषी हैं भूपेश बघेल

विधायक राजमन बेंजाम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके नेतृत्व वाली छ्ग की कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य के आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, पशु पालकों, युवाओं, विद्यार्थियों के हित में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा है कि हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासियों के परम हितैषी और शुभचिंतक हैं। मुख्यमंत्री बघेल की उदारता का सबसे बड़ा उदाहरण उनके द्वारा कराए जा रहे आदिवासियों के आस्था स्थल देवगुड़ी और मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार, संरक्षण एवं संवर्धन है। मुख्यमंत्री आदिवासी संस्कृति और रीति रिवाजों की पुर्नस्थापना के लिए भी उल्लेखनीय पहल कर रही हैं। आदिवासी तीज त्यौहारों के आयोजन के लिए हमारी कांग्रेस सरकार प्रदेश की आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों को राशि भी उपलब्ध करा रहे हैं। श्री बेंजाम ने कहा कि प्रदेश की सत्ता में पंद्रह साल तक रहने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने आदिवासियों की भलाई के बारे में कभी नहीं सोचा। श्री बेंजाम ने कहा कि जो दल और नेता आदिवासियों की उपेक्षा करते हैं, वे कभी सत्ता में नहीं आ सकते। श्री बेंजाम के इस वक्तव्य से कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और लोग भूपेश बघेल, सांसद दीपक बैज एवं विधायक राजमन बेंजाम जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

मनाया गया माटकसा के दोनों स्कूलों का संयुक्त प्रवेश उत्सव

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  • समारोह में पदोन्नत शिक्षक शंकर साहू का किया गया सम्मान भी

अंबागढ़ चौकी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला माटकसा में संयुक्त रूप से शाला प्रवेश उत्सव तथा पदोन्नत शिक्षक शंकर साहू की विदाई एवं सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम थीं। अध्यक्षता शेरपार की सरपंच खिलेश्वरी गुणेंद्र ने की। विशिष्ट अतिथि जिला सचिव कन्हैया सिंह राजपूत, उप सरपंच मनीराम नेताम, ईश्वरी मंडावी, दुर्गा बघेल, अनिता सहारे, पंच रमदसिया पुसरिया व गोरे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र की पूजा अर्चना कर किया। कक्षा पहली व छठवीं के नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत अतिथियों ने तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर किया। पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती नेताम ने नवप्रवेशी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और राज्य में बच्चों के अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, साफ सफाई व अन्य गतिविधियों में भी शामिल होने की प्रेरणा दी । कार्यक्रम को सरपंच खिलेश्वरी गुणेंद्र व कन्हैया राजपूत ने भी संबोधित किया।

शिक्षक शंकर साहू को दी बिदाई

प्राथमिक शाला माटकसा से पदोन्नत होकर माध्यमिक शाला शेरपार में पदास्थ होने पर शिक्षक शंकर साहू को मुख्य अतिथि श्रीमती नेताम, प्राथमिक व माध्यमिक शाला परिवार, ग्रामवासियों, महिला स्वसहायता समूह, मध्यान्ह भोजन स्व सहायता समूह द्वारा शाल, श्रीफल, पेन, डायरी, प्रतीक चिन्ह, काष्ठ प्रतिमा व अन्य सामग्री भेंटकर सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि शिक्षक शंकर साहू विगत 13 वर्षों से इसी शाला में सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान यहां के बच्चों का शैक्षणिक स्तर बहुत अच्छा रहा तथा खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भी बच्चों का उल्लेखनीय योगदान रहा। शिक्षक शंकर साहू का व्यवहार शिक्षकों, बच्चों तथा ग्रामवासियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रहा। शंकर साहू की कार्यकुशलता व उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए ग्रामवासियों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा ससम्मान विदाई दी। शंकर साहू ने शिक्षकों, ग्रामवासियों व स्कूली बच्चों को उनके सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित कर हमेशा उनके हर सुख-दुख में शामिल रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संकुल समन्वयक जेआर साहू, प्रधान पाठक अनिल कुमार रामटेके, प्रधान पाठक चंदन बिहरी कुशल कुमार हदगिया, शिक्षिका ज्योति उके, श्वेता नामदेव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती साहू, कंगला राम सोरी, बेदूराम कृषाण, बहुरसिंग गोटी, श्रीराम रावटे, नागसाय खरे, तिहारु राम सोरी, मनराखन गोटी, सदाराम कोरेटी, मंगलू राम गोटी, संत्री बाई सोरी, जैन बाई कृषाण, कमला बाई कुमेटी, मोतिन बाई खड़हा, महेंद्र कुमार गोटी, मुरहा राम सोरी, मुरहा राम नेताम, सहित काफी संख्या में ग्रामवासी व स्कूली बच्चे, विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन प्रधान पाठक अनिल कुमार रामटेके ने व आभार प्रदर्शन संकुल समन्वयक जेआर साहू ने किया।

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