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वनों ही नहीं वन्यप्राणियों की भी सुरक्षा के लिए भी संवेदनशील हैं वन मंत्री केदार कश्यप

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  • भालू के साथ हुई क्रूरतापर नजर आई संवेदनशीलता 
  • भटके बाघ की भी जान बचा चुके हैं मंत्री कश्यप 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर आदिवासी जितना प्यार अपनी परंपरा संस्कृति और जंगलों से करते हैं, उससे भी ज्यादा लगाव वे वन्यप्राणियों के साथ रखते हैं। बस्तर के जंगलों की वादियों के बीच बसे गांव में जन्मे युवा आदिवासी नेता तथा छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप में भी यह गुण कूट कूट कर भरा हुआ है। वनों, वनभूमि, पेड़ों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए वे हर पल तत्पर रहने वाले जंगल महकमे के मंत्री केदार कश्यप की ऎसी ही सदाशयता का एक उदाहरण हमें बस्तर संभाग के सुकमा जिले में भालू के साथ क्रूरता के मामले में भी देखने को मिला है।

हाल ही में भालू के साथ क्रूरता पूर्वक व्यवहार और उसकी हत्या का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पीआईएल फाईल की गई है। भालू की हत्या की खबर से वन मंत्री केदार कश्यप बेहद व्यथित और द्रवित हो उठे। उन्होंने इसे अक्षम्य अपराध मानते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (वन्य प्राणी) को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसके बाद मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त, जगदलपुर ने वन मंत्री निर्देशानुसार प्रकरण की त्वरित जांच, जांच कमेटी के जरिए करवाई। वायरल वीडियो को देखकर मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर ने संभावना जताई कि यह घटना सुकमा क्षेत्र का हो सकती है। इसी आधार पर वन मंडलाधिकारी सुकमा द्वारा तत्काल एक टीम गठित कर जांच प्रारंभ की गई। सभी परिक्षेत्र अधिकारी एवं परिसर रक्षकों को अपने क्षेत्र के ग्रामों एवं वन क्षेत्रों में सघन पतासाजी करने, क्षेत्र के आवसीय स्कूलों में पोटा केबिनों में अध्ययनरत छात्रों, शिक्षकों, एवं पढ़‌ने वाले छात्रों, संदिग्ध ग्रामीणों की सूचीबद्ध कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए। सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक को भी उनके अधीनस्थ पुलिस थाना प्रभारियों एवं स्थानीय अधिकारियों से प्रकरण की जांच में सहयोग करने के लिए सूचित किया गया। वन मंडल सुकमा के समस्त वन अधिकारियों व कर्मचारियों को दैनिक प्रगति से अवगत कराने के लिए कहा गया था

घोषित किया 10 हजार का ईनाम

वनमंत्री केदार कश्यप हजार रुपए का ईनाम देने की भी घोषणा की थी। सुकमा जिले में भालू पाए जाने वाले संभावित प्राकृतिक आवासीय क्षेत्रों को चिन्हांकित कर जांच करने के निर्देश दिए गए। प्रकरण की जांच प्रक्रिया के आधार पर घटना क्षेत्र सुकमा जिले का किस्टाराम इलाका पाया गया। संभावित घटना स्थल डब्बामरका क्षेत्र के ग्राम पुट्टपाइ के आरोपी वंडो भीमा पिता पांडू जाति मुरिया उम्र लगभग 20 वर्ष एवं चंडो देवा पिता देवा जाति मुरिया उम्र लगभग 40 वर्ष चिन्हित किए गए। ये दोनों का गांव पुट्टेपाड़ दूरस्थ, दुर्गम एवं अत्यंत नक्सल प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण पुलिस एवं सुरक्षा बलों के सहयोग से जांच दल ने 13 अप्रैल को ग्राम पु‌ट्टेपाड़ क्षेत्र भेजा गया। आरोपी ग्राम से फरार हो गए थे। इसके बाद तेलंगाना का सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पुलिस अधिक्षक जिला भद्रकाली (कोत्तागुइन) तेलंगाना एवं वन मंडलाधिकारी, भद्राचलम वनमहल (तेलंगाना) से सहयोग मांगा गया। जांच दल सक्रियता से क्षेत्र पर तैनात थे तथा विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान में लगे हुए थे? दल सूचनाओं को आदन प्रदान करते रहे। इसी दौरान आरोपियों का पता चल गया और उन्हें 14 अप्रैल को पकड़ा लिया गया। दोनों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

वर्सन

अनमोल संपदा हैं वन्य जीव

वन्य जीव हमारे अमूल्य वन सम्पदा हैं जिनकी सुरक्षा और संवर्धन की जिम्मेदारी शासन, वन प्रशासन के साथ वनों में रहने वाले लोगों की भी है। भालू के साथ क्रूरता वह बहुत ही दुखद थी। मामले में वन विभाग को कार्रवाई करने दिशा निर्देश दिया गया था। में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कानूनी कार्रवाई के साथ न्यायलय के समक्ष उन्हें प्रस्तुत कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

मनीष कुंजाम के घर छापे के विरोध में सुकमा बंद

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जगदलपुर पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के निवास पर ईओडब्ल्यू और एसीबी की छापेमारी के विरोध में आज सुकमा जिला बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर सुकमा जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में नजर आ रहा है।

पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के सर्मथन में सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता बंद कराने निकल पड़े थे। सुकमा मुख्यालय, कोंटा, छिंदगढ़, केरलापाल, दोरनापाल, तोंगपाल, सभी जगहों पर बंद का असर नजर आ रहा है।

सांसद महेश कश्यप की पहल पर इंद्रावती को मिलेगा बस्तर के हिस्से का 49 फीसदी पानी

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  • लोकसभा में सांसद महेश कश्यप ने उठाया था इंद्रावती जल संकट का मुद्दा
  • राष्ट्रीय जल परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने भी उठाया था मुद्दा

जगदलपुर विगत एक माह से बस्तर संभाग जल संकट से जूझ रहा था। इसका कारण बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी का जल जोरा नाल में अधिक मात्रा में प्रवाहित होना था।

इस वजह से बस्तर में इंद्रावती नदी सूखने की कगार पर पहुंच गई थी और किसानों की खड़ी फसल चौपट हो गई थी। किसानों की परेशानी और इंद्रावती के जल संकट को देखकर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस विषय को विगत 3 अप्रैल को लोकसभा में उठाया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस मुद्दे पर अहम भूमिका निभाते हुए केंद्र सरकार को इंद्रावती जल संकट के विषय में अवगत कराया था। इस मुद्दे पर रविवार को ओडिशा सरकार ने कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के हिस्से का 49 फ़ीसदी पानी प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस संदर्भ में उड़ीसा सरकार ने जोरा नाला एनीकेट में लगाई गई बोरियों को भी हटाया है। जिससे बस्तर की इंद्रावती नदी में जल का प्रवाह बढ़ा है।ज्ञात रहे की बस्तर अंचल के किसानों ने सांसद महेश कश्यप से मिलकर इंद्रावती जल संकट के विषय में गुहार लगाई थी इसके बाद सांसद महेश कश्यप प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के निदान का प्रयास कर रहे थे और लोकसभा में भी इस विषय को उठाया था।

बस्तर सांसद और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में इंद्रावती में जल संकट न हो इसके लिए नदी में साढ़े तीन करोड़ की लागत से इंद्रावती-जोरानाला के अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम में जमा सिल्ट, लूज बोल्डर, पत्थर, रेत की बोरी, मिट्टी इत्यादि को स्थाई रूप से नदी से बाहर करने हेतु उड़ीसा राज्य द्वारा तैयारी की जा रहा है। जिससे पानी का बहाव नैसर्गिक तरीके से होता रहेगा एवं छत्तीसगढ़ राज्य को अपने हिस्से का 50 प्रतिशत पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इस पर आने वाला खर्च भी उड़ीसा सरकार वहन करेगी। मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी तय कर जून तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रंग लाई विधायक अनिला भेड़िया की मेहनत, राजहरा बने बनेगी बायपास सड़क और रिंग रोड

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  •  शहर के लोगों को मिलेगी हादसों और धूल से मुक्ति
  • कांग्रेस नेताओं ने माना अनिला भेड़िया का आभार

दल्लीराजहरा खनिज नगरी दल्ली राजहरा के लोगों को अब जल्द ही दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी। डौंडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया के अथक प्रयास से दल्ली राजहरा की जनता द्वारा लंबे समय से की जा रही बाईपास सड़क की मांग अंततः पूरी होने जा रही है।

शासन द्वारा बायपास एवं रिंग रोड निर्माण से संबंधित कार्यों को अपरिक्षित नवीन मद के रूप में शामिल किया गया है। जिसमें 18 किमी लंबी दल्ली राजहरा बायपास सड़क के निर्माण कार्य के लिए 500 लाख रुपए स्वीकृति दी गई है। इस कार्य के लिए वर्तमान बजट में अनिला भेड़िया के प्रयास से 100 लाख रुपए का प्रावधान किया जा चुका है। साथ ही दल्ली राजहरा शहर के मुख्य मार्ग को भी फोरलेन सड़क में तब्दील करने के लिए चार किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 500 लाख रुपए की लागत राशि का प्रावधान किया गया है। बजट में शरूआती तौर पर 100 लाख रुपया रखा गया है। इनके अलावा डौंडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र में अनेको बड़े पुल पुलिया निर्माण एवं सड़कों की मरम्मत के लिए भी राशि की स्वीकृति दी गई है। जिसमें मुख्य रूप से कुसुमकसा की बस्ती से रेलवे स्टेशन के लिए पुल निर्माण महत्वपूर्ण एवं जन उपयोगी मांग थी जिसे पूरा करने में विधायक अनिला भेड़िया ने भागीरथी प्रयास किया और सफल भी रही है। दल्ली राजहरा सहित डौंडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र के नागरिक उनके इस प्रयास से हर्षित हैं। कांग्रेस के पदाधिकारी अशोक बामेश्वर, रवि जायसवाल, के. ईश्वर राव, आशुतोष माथुर, रतिराम कोसमा, संतोष पांडे, विल्सन मैथ्यू, प्रशांत बोकाडे, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, अभय सिंह, तिलक मानकर, भूपेंद्र दिल्लीवार, सुमृत उर्वशा, रोशन पटेल, सूरज विभार, चंद्रप्रकाश सिन्हा, प्रीति सिन्हा, पूसई बाई, रुखसाना बेगम, टी. लक्ष्मी, रुक्मणी, किशोर महिंद्रा, अप्पू पप्पू पंजवानी, राकेश जायसवाल, दिनेश उर्वशा, संजय मेश्राम, जितेंद्र मेश्राम, जगदीश श्रीवास, राजकुमार साहू, जयप्रकाश आदि ने इन कार्यों की स्वीकृति के लिए विधायक अनिला भेड़िया के प्रति आभार व्यक्त किया है।

दाद देनी होगी डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के हौसले और हिम्मत की

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  •  देर रात घुस गए बीहड़ नक्सल इलाके में शर्मा 

अर्जुन झा

जगदलपुर “हिम्मत से जो कोई चले, धरती हिले कदमों तले, तू चल यूं ही अब सुबहो-शाम, रुकना- झुकना नहीं तेरा काम– पाएगा, जो लक्ष्य है तेरा, लक्ष्य तो हर हाल में पाना है।” गजब का हौसला देती हैं ये पंक्तियां। यही गीत सुनते सुनते बीती रात हमारे छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा उस इलाके में सड़क मार्ग से गुजर रहे थे, जहां कभी नक्सलियों ने दर्जनों लाशें बिछा दी थीं। अपनी जान की परवाह किए बगैर नक्सल मांद में घुसकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को साफ संदेश दे दिया कि सरकार अब रुकने और झुकने वाली नहीं है, जो लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, उसे हर हाल में पाकर रहेगी।

उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जिस कदर संवेदनाओं से भरे हुए हैं, उतने ही वे जीवट भी हैं। एकबार जो ठान लेते हैं, उसे अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेते हैं ये महाराज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का जो टास्क दे रखा है, उसे पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जी जान से जुटे हुए हैं। धुर नक्सल प्रभावित गांवों में वे सड़क मार्ग से कई बार जा चुके हैं। सुकमा जिले में एक गांव है पूवर्ती, जो नक्सलियों की नर्सरी के नाम से विख्यात है और यह गांव कई बड़े नक्सलियों का गृहग्राम है, विजय शर्मा इस गांव में भी चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन चुके हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर विजय शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे बाइक पर बैठकर धुर नक्सल प्रभावित इलाके में जा रहे थे। बीती रात गृहमंत्री विजय शर्मा ने वह कर दिखाया, जिसके बारे में सुनकर भी रूह कांप उठती है। बात दरअसल यूं है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित रात्रि सुकमा जिले के प्रवास पर थे। वहां उन्होंने सुकमा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात भी की। वहां वे इस कदर व्यस्त हो गए कि सांझ ढल गई और मौसम खराब हो गया। लिहाजा हेलीकाप्टर से वापसी संभव नहीं थी। जीवट और दुस्साहसी गृहमंत्री विजय शर्मा ने

नक्सलियों का मान मर्दन करते हुएरात लगभग 9 बजे सड़क मार्ग से कार द्वारा रायपुर के लिए निकल पड़े। उनका काफिला झीरम घाटी से गुजरते हुए निकला। झीरम घाटी वही क्षेत्र है जहां नक्सली हमले में दर्जनों जवान और कांग्रेस नेता मारे गए था। नक्सली गतिविधियों के मामले में यह घाटी बेहद खतरनाक मानी जाती रही है। इसके बावजूद विजय शर्मा ने बिना डरे इस मार्ग से वापसी का फैसला किया। ऐसा कदम उठाकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को साफ संदेश दे दिया है कि हथियार डालने में ही उनकी भलाई है, मेरा काम रुकना, झुकना नहीं है, मुझे लक्ष्य हासिल करके ही दम लेना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा का इसी दृढ़ निश्चय के चलते नक्सलियों का तेजी से सफाया हो रहा है और बस्तर की वादियों में अमन की बयार बहने लगी है। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प फलीभूत होता नजर आ रहा है।

कुसुमकसा मण्डल भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा डॉ भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती मनाया

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  • बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण भाजपा नेता संजय बैंस सभा को किया संबोधित

भारतीय जनता पार्टी मंडल कुसुमकसा के द्वारा संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर आज टेकाढ़ोड़ा मे माहार समाज के साथ सर्वप्रथम डॉ भीमराव अंबेडकर जी वा भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की गई झंडारोहण किया गया फिर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गयाl

भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख के निर्देशानुसार सेवा पख्वाड़ा के तहत डॉ भीमराव अंबेडकर की जन्म जेयंती मनाया गया भारतीय जनता पार्टी कुसुमकसा मंडल लगातार बाबा भीम राव अम्बेडकर जी की प्रतिमाओं में जाकर समाज के बीच जाकर इस कार्यक्रम को करती है कार्यक्रम के एक दिन पूर्व भी इस प्रतिमा में जाकर प्रतिमा की और आसपास की भी साफ सफाई भारतीय जनता पार्टी डौंडी मंडल के कार्यकर्ताओं ने की थी

इस पुरे कार्यक्रम में.जिला प्रतिनिधि सोमेश साहू पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस संतोष जैन पुष्पजीत बैस कमल कांत साहूजेस्ट श्रेष्ठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे lकार्यकर्ताओं के साथ-साथ माहार समाज के अनुयाई भी उपस्थित रहे

 

छिंदगांव में बना बकावंड ब्लॉक का पहला राम मंदिर

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  •  20 अप्रैल से कलश यात्रा 23 को होगी प्राण प्रतिष्ठा
  • वाराणासी के आचार्य के वैदिक मंत्रों के साथ होगी मूर्ति की स्थापना 

-अर्जुन झा-

बकावंड भगवान श्रीराम का बस्तर से गहरा नाता रहा है। अपने वनवास काल का बड़ा लंबा प्रभु श्रीराम ने बस्तर की धरती पर व्यतीत किया था। मर्यादा पुरुषोत्तम से जुड़ी कई निशानियां बस्तर की वादियां अपने दामन में समेटी हुई हैं। इसके बावजूद दुर्भाग्य की बात है कि दशरथ नंदन राम के बहुत कम मंदिर बस्तर में हैं।जिले के बकावंड ब्लॉक में तो एक भी राम मंदिर अब तक नहीं था। विकासखंड का पहला राम मंदिर छिंदगांव में बनकर तैयार हो चुका है, जहां 20 अप्रैल से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू हो रहा है।

बकावंड विकासखंड के इस पहले राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत 20 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ होगी। 23 अप्रैल को भगवान श्रीरामचंद्र की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, हवन पूजन एवं महाभंडारा होगा। छिंदगांव पंचायत के वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी जेके लाल गुप्ता ने बताया कि वाराणासी के आचार्य पंडित नागेंद्र मिश्रा और उनके सहयोगियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान राम की मूर्ति स्थापित की जाएगी।  गुप्ता ने बताया कि समस्त ग्रामीणों के सहयोग से यह मंदिर बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने बताया कि छिंदगांव के ग्रामीणों एवं विभिन्न वर्गो के दानदाताओं के सहयोग से बकावंडड ब्लॉक में पहला राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है। मंदिर की स्थापना हेतु चार दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 20 अप्रैल रविवार को कलश यात्रा के साथ राम मंदिर स्थापना का कार्यक्रम शुरू होगा। 21 अप्रैल को अन्नाधिवास, जलाधिवास, 22 अप्रैल को शक्कराधिवास, फलाधिवास, शयनाधिवास एवं 23 अप्रैल को मूर्ति भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा हवन एवं महाभंडारा के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। श्री गुप्ता ने भक्तों से निवेदन किया है कि इस धार्मिक अनुष्ठान में सहपरिवार सम्मिलित होकर ईश्वर की कृपा एवं पुण्य के भागीदारी बनें।

इंद्रावती बचाओ अभियान के तहत बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में कांग्रेस

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  • पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साय सरकार पर लगाया उदासीनता का आरोप
  •  इंद्रावती नदी को लेकर किसानों संग की बैठक 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी की बदहाली को लेकर अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा खोल दिया है। श्री बैज ने कहा है कि साय सरकार की उदासीनता की वजह से इंद्रावती नदी लगातार सूख रही है।

इंद्रावती नदी के मसले को लेकर आज किसानों एवं ग्रामीणों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ी बैठक की। दीपक बैज ने कहा आने वाले समय में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की तैयारी चल रही है। बस्तर की प्राणदायिनी नदी इंद्रावती के लिए हम जनता के साथ मिलकर हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा आने वाले समय में प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े जन आंदोलन की तैयारी चल रही है। हमारा बस्तर डबल इंजन के कुशासन की भरपाई करने के लिए मजबूर है। भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात का यह हाल देखिए। इंद्रावती नदी छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान का वह अंश और बस्तर की जीवनदायिनी है। हमारे आदिवासी, किसान, जीव-जंतु, हमारा जंगल इंद्रावती पर निर्भर है।

ओडिसा से निकलने वाली इंद्रावती नदी की कुल लंबाई 535 किमी है। जिसमें ओडिसा में 164 किमी और छत्तीसगढ़ में 233 किमी की यात्रा इंद्रावती करती है। इंद्रावती का आधा हिस्सा छत्तीसगढ़ से गुजरता है, लेकिन दोनों तरफ की डबल इंजन सरकार का कमाल देखिए कि आज छत्तीसगढ़ में केवल 16 प्रतिशत ही पानी ही छोड़ा जा रहा है।

इंद्रावती की गोद में बीता है मेरा बचपन

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात की यह हालत भाजपा सरकार की बस्तर के साथ की जा रही बेईमानी को बयां कर रही है। प्रदेश के टूरिज्म को बढ़ावा देने का दंभ भरने वाली सरकार धरती की प्यास बुझाने के काबिल भी नहीं बची है पर्यटन तो दूर की कौड़ी रही।

मेरा बचपन यहां बीता है, मैंने इस नदी में तैरना सीखा है, बहाव को काटकर आगे बढ़ना सीखा है इसलिए बस्तर और इंद्रावती के इस दर्द को महसूस कर सकता हूं। दोनों तरफ की डबल इंजन सरकार से मेरी दरख्वास्त है कि बस्तर की छाती पर आरी चलाना बंद करे। यह प्रकृति का दिया आशीर्वाद है, बस्तरवासियों से उनका अधिकार मत छीनें। बस्तर का हर आम जनमानस अब इंद्रावती को बचाने की लड़ाई लड़ने तैयार है। जल्द ही इंद्रावती नदी बचाने जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा और इस गूंगी बहरी सरकार से अपना अधिकार लिया जाएगा।

महापौर संजय पाण्डेय ने जमा किया साल 2025-26 का संपत्ति कर

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  •  छूट का लाभ भी लिया महापौर संजय पाण्डेय ने 

जगदलपुर महापौर संजय पांडेय ने वर्ष 2025-26 का संपत्ति कर अदा किया है। उन्होंने निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, राजस्व समिति के प्रभारी संग्राम सिंह राणा और राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव की मौजूदगी में संपत्ति कर की राशि जमा की।

विभिन्न प्रकार के टैक्स को सरकार की राजस्व प्राप्ति का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। रविवार को जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के संपत्ति कर का एकमुश्त का भुगतान किया। जो नगर पालिका निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 मे संपत्ति कर देने वाले दूसरे व्यक्ति बने।उनके पहले विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने संपत्ति कर जमा किया था। संपत्ति कर जमा करने के साथ-साथ महापौर ने निर्धारित समयवधि मे करों के भुगतान पर छूट का लाभ भी प्राप्त किया। रविवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित महापौर के आवास में नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन की उपस्थिति में राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव एवं राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा के नेतृत्व मे संपत्ति कर जमा किया गया। महापौर संजय पांडे ने कहा सभी संपत्ति कर पटाएं और मिलने वाली छूट का लाभ लें। हम सभी समय से पहले संपत्ति कर जमा करें। जिससे हम सभी को छूट का लाभ मिल सके और हम नगर के विकास में भागीदार बन सकें। वित्तीय वर्ष 2025–26 में 1 अप्रैल से 31 मई तक संपत्ति कर जमा करने पर 06.25 प्रतिशत, 1 जून से 31 जुलाई तक संपत्ति कर जमा करने पर 5 प्रतिशत, 1 अगस्त से 30 सितंबर तक संपत्ति कर जमा करने पर 4 प्रतिशत एवं 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक संपत्ति कर जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट नगर निगम द्वारा दी जा रही है।नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 137 के अंतर्गत मात्र चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एकमुश्त संपत्ति कर का भुगतान करने पर छूट दी गई है। इस अवसर पर निगम के अध्यक्ष खेम सिंह देवांगन, संग्राम सिंह राणा, विनय श्रीवास्तव, अभिषेक शेट्टी,जय शर्मा, पंकज आचार्य, संतोष नाग,शशि नाथ पाठक, सूरज श्रीवास्तव सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

मारे गए तीनों नक्सलियों की हुई शिनाख्त, एक महिला भी शामिल

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जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के इंद्रावती क्षेत्र के जंगल में शनिवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों नक्सलियों की शिनाख्त हो गई है।

मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली अनिल पुनेम और एक महिला नक्सली सहित तीन नक्सली मारे गए थे। अनिल पुनेम अंबेली ब्लास्ट का मास्टर माइंड था और सरकार ने उस पर पांच लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था। इंद्रावती क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 210 व 202 की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में 3 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए थे। इनमें से एक की शिनाख्त माटवाड़ा एलओएस कमांडरए सीएम अनिल पुनेम के रूप में हुई है।

अनिल पुनेम अंबेली ब्लास्ट का मास्टर माइंड था। वह पांच लाख रुपए का ईनामी था। अनिल पुनेम के विरूद्ध थाना गंगालूर, मिरतुर, भैरमगढ़ एवं जांगला में विभिन्न धाराओं में 20 आपराधिक मामले पंजीबद्ध हैं। इसके अलावा जिला दंतेवाड़ा के बारसूर में 2 मामला पंजीबद्ध हैं। जिला बीजापुर में इसके विरूद्ध 5 स्थाई वांरट लंबित हैं। दूसरे नक्सली शव की शिनाख्त

पालो पोड़ियाम के तौर पर हुई। वह माटवाड़ा एलओएस सदस्य थी और उस पर 1 लाख रुपए का ईनाम था।उसके खिलाफ जिला बीजापुर के थाना जांगला, मिरतुर, भैरमगढ, गंगालूर में 5 मामला पंजीबद्ध हैं। मारा गया तीसरा नक्सली दीवान मड़कम है, जो माटवाड़ा एलओएस सदस्य था। उस पर भी एक लाख लाख रुपए का ईनाम था। दीवान मड़कम के खिलाफ बीजापुर जिल्व के थाना जांगला, मिरतुर, भैरमगढ, नेलसनार में 4 मामले पंजीबद्ध हैं।मुठभेड़ स्थल से 3 नग 12 बोर राइफल, सिंगल शॉट राइफल्स एवं अन्य हथियार, विस्फोटक, नक्सली सामग्री बरामद की गई है।

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