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मृत आदिवासी का पहले फर्जी व्यक्ति को बनाया वारिस, फिर वारिस की पत्नी के नाम पर भूमि का नामांतरण

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  •  तहसीलदार ने एक ही प्रकरण में जारी की अलग अलग दो आर्डर शीट 

अर्जुन झा-

 जगदलपुर बस्तर में भू-माफिया, राजस्व कर्मियों का संगठित गिरोह नित नए- नए कारनामों को अंजाम देता आ रहा है। लोगाें की जमीन नक्शे से गायब करने से लेकर भूत-प्रेत तक के नाम से फर्जी नामांतरण किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला यहां से लगे ग्राम तुसेल में सामने आया है।

            माड़िया जनजाति के बुजुर्ग मासे की मौत के 15 साल बाद उसकी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करवा दिया गया। भू-माफियाओं ने तत्कालीन पटवारी की मिलीभगत और फर्जी गवाहों की दस्तखत के आधार पर कोंडागांव निवासी मुरिया जाति के भदरू के नाम पर फर्जी फौती नामांतरण करवा लिया गया। अब भदरू की मौत के बाद उसकी पत्नी रूकाय बाई के नाम नामांतरण का आदेश करवा लिया गया है। भू-स्वामी व वारिसान की जाति अलग-अलग होने तथा बिना परीक्षण के इस प्राकर का नामांतरण करना अपने आप में फर्जीवाड़े को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त होने की तस्दीक करने लिए काफी है। ज्ञात हो कि जगदलपुर से सटे ग्राम तुसेल निवासी मासे पिता डोरा की मृत्यु

के बाद उनकी जमीन को हड़पने की साजिश रची गई। घोटाले में स्थानीय अधिकारियों, विशेषकर पटवारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिन्होंने राजस्व अभिलेखों में बिना दस्तावेजों के नाम दर्ज किया और आदिवासी की जमीन को गलत तरीके से दूसरों के नाम पर दर्ज किया। घोटाले की शुरुआत तब हुई जब मासे पिता डोरा, जो माड़िया जनजाति से थे, की मृत्यु हो गई। उसके बाद उनकी ज़मीन पर भूमाफियाओं ने अपनी नजरें गड़ा दी। मासे की जमीन को कोंडागांव निवासी भदरू पिता चैतू के नाम राजस्व अभिलेखों में फर्जी तरीके से दर्ज कराया गया। इसमें स्थानीय पटवारी की मिलीभगत की पुष्टि होती है। जिसने बिना किसी दस्तावेज़ या वैध दावे के यह बदलाव कर दिया। इस प्रकार 15 वर्ष तक एक डमी के माध्यम से यह भूमि माफियाओं के कब्जे में रही। इसे बेचने मोटे आसामी की तलाश की जाती रही।

 तहसीलदार और बाबू की भूमिका

इस घोटाले में तहसीलदार और बाबू की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। पहले तहसीलदार रुपेश मरकाम ने 31 मई 2024 को मामले का निपटारा

नियमानुसार किया था, लेकिन दो महीने बाद, एक अन्य नायब तहसीलदार ने बिना दस्तावेजों का परीक्षण किए जमीन फौती करने का आदेश जारी कर दिया। वहीं ग्राम पंचायत की लिखित आपत्ति के बावजूद अवैध रूप से नामांतरण आदेश जारी करना जमीन दलालों से मिलीभगत को दर्शाता है।

अबपत्नी को बनाया मोहरा

भदरू की मृत्यु के बाद, उसकी पत्नी रुकाय ने तहसील न्यायालय फ्रेजरपुर में फौती का आवेदन पेश किया। इसमें उसने जमीन को अपने पति की निजी संपत्ति बताया, जबकि असल में यह ज़मीन शासन द्वारा 1961 में आदिवासी मासे पिता डोरा जाति माड़िया को आबंटित की गई थी। रुकाय ने अपने आवेदन में यह दावा किया कि वह मुरिया जनजाति से है। जबकि असल खातेदार कि जाति अभिलेखों में माड़िया दर्ज थी। यह दावा भी प्रशासनिक फर्जीवाड़े का हिस्सा था, जिसे भूमाफियाओं ने तहसील स्तर पर आगे बढ़ाया।

वर्सन

दर्ज कराएं अपील

एसडीएम के समक्ष पंचायत की ओर से पेश की गई आपत्ति के बारे में मुझे पता नहीं है। अगर नियम विरूद्ध फौती नामांतरण किया गया है तो पंचायत या असली वारिसान की ओर

से एसडीएम न्यायालय में नियमानुसार अपील दायर करनी चाहिए।

     रूपेश कुमार सोरी, तहसीलदार जगदलपुर

बस्तर जिले में चल रहा है जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खेल, पटवारी से लेकर ऊपर तक बहुत से लोग हैं मिले हुए

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  • निजी जमीन भी दूसरों के नाम करवा ले रहे हैं लोग
  • मृत निसंतान आदिवासी की जमीन फर्जी वारिस ने करवा ली नाम
  • भूमाफिया और पटवारी की सांठगांठ से जलसाजी

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर जिले में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खेल चल रहा है। पटवारी से लेकर ऊपर तक कई लोग इस खेल में लिप्त हैं और करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब किसी मृत आदिवासी की जमीन फर्जी वारिस खड़े कर उसके नाम कर दी जाती है और फिर वह जमीन किसी और के पास बेच दी जाती है। ऐसा ही एक बड़ा ही गंभीर मामला जगदलपुर से लगे ग्राम तुसेल का सामने आया है। इस मामले में पटवारी, राजस्व कर्मियों, अधिकारियों और भू माफियाओं की सांठगांठ स्पष्ट नजर आ रही है। बस्तर जिले में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री, नामांतरण व सरकारी भूमि को बेचने, उस पर कब्जा करवाने के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। अब तो यह गठजोड़ गिरोह मरे हुए लोगों की भूमि को भी नहीं बख्श रही है।

शहर से सटे ग्राम तुसेल में ऐसा ही मामला सामने आया है। तुसेल एक बुजुर्ग आदिवासी के निधन के बाद उसकी चार एकड़ मरहान जमीन पर न केवल कब्जा कर लिया गया, बल्कि जमीन खाते में भी मृतक का फर्जी वारिसान दर्शाकर फौती उठवा ली गई और नामांतरण भी करवा लिया गया है। वहीं मृतक के वास्तविक नाती ग्राम जाटम निवासी युवक को इसकी भनक तक नहीं लगी। आरोप है कि कुछ

भू-माफियाओं ने स्थानीय पटवारी की मिलीभगत से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इन लोगों मृतक के नाम से दर्ज जमीन अपने एक ऐसे परिचित के नाम करवा ली, जो दीगर जिले का निवासी है। मृतक मासे पिता डोरा जाति माड़िया निवासी ग्राम तुसेल को 1961

के आसपास शासन द्वारा खसरा नंबर 104 की चार एकड़ भूमि खेती के लिए

आवंटित की गई थी। यह भूमि उनके परिवार के जीवनयापन का प्रमुख साधन थी। डोरा की मृत्यु के बाद यह ज़मीन उनके बेटे मासे के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दी गई। जिससे उसकी ज़मीन पर पूरी तरह कानूनी हकदारी सुनिश्चित हो गई। वर्ष 2009 में मासे की भी मृत्यु हो गई। इसके बाद भू-माफियाओं ने इसका फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। उन्होंने तात्कालीन पटवारी की मिलीभगत से जमीन का फौती नामांतरण अपने संपर्क में रहने वाले कोंडागांव निवासी भदरू पिता चैतू के नाम करवा लिया, जो कि भू-माफियाओं का डमी बताया जा रहा है।

जाति में भी फर्जीवाड़ा

राजस्व अभिलेखों का अवलोकन करने पर ज्ञात हुआ कि डोरा ‘माड़िया’ जनजाति से संबंधित थे, जबकि फर्जी कागज़ों में ज़मीन का नामांतरण जिस भदरू के नाम हुआ, उसकी जाति मुरिया बताई जा रही है। यह भी एक प्रमुख बिंदु है कि किस प्रकार आदिवासी जातियों के नाम का हेरफेर कर धोखाधड़ी की गई, वह इस मामले को और भी गंभीर बनाता है।

तत्कालीन पटवारी का बड़ा रोल

इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन पटवारी ने फौती नामांतरण के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों का बिना परीक्षण किए ग्राम तुसेल के दो गवाहों सुबराय व अमलसाय के साथ

सांठगांठ कर नियमों का उल्लंघन करते हुए फर्जी दस्तावेज़ के आधार पर

ज़मीन के फौती नामांतरण की प्रक्रिया को भी गुपचुप तरीके से अंजाम दे दिया।इसके बाद कुछ भू-माफियाओं ने इसे दूसरे लोगों के पास बेचने का प्रयास शुरू कर दिया। तब कहीं इसकी भनक ग्राम पंचायत को लगी।

पंचायत ने दिया है आवेदन

वहीं इस मामले में तुसेल ग्राम पंचायत के उप सरपंच सुरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि मासे की मौत के 15 साल बाद शहर के कुछ भू-माफिया गांव में आकर लोगों को जमीन दिखवा रहे थे। तब पंचायत को यह जानकारी मिली कि फर्जी गवाहों की मदद से मासे की जमीन का फौती नामांतरण कोंडागांव निवासी भदरू पिता चयतू के नाम पर हो चुका है, जबकि इस व्यक्ति का मृतक के परिवार से कोई संबंध ही नहीं है। इसके बाद पंचायत ने तीन माह पूर्व एसडीएम जगदलपुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

वर्सन

*होगी जांच, करेंगे कार्रवाई

संभव है शिकायत मिली हो, लेकिन मामला फिलहाल मेरे नॉलेज में नहीं है। पंचायत वालों को चाहिए कि फिर से आवेदन दें। जांच होगी और प्रक्रिया के मुताबिक करवाई भी की जाएगी।

भरत कौशिक,

 एसडीएम जगदलपुर

दशहरा पर्व पर बालोद पुलिस का अभिनव पहल बनाया साइबर रावण

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आज बालोद नगर के सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम में सार्वजनिक दुर्गोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसके प्रवेश द्वार पर पुलिस द्वारा साइबर रावण एवं साइबर प्रहरी साइबर जागरूकता सेल्फी स्टैंड बनाया गया था जो नागरिकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा ,जहां लोगों में सेल्फी लेने के लिए होड़ लगी रही l संजारी बालोद विधायिका श्रीमती संगीता सिंहा जी ने भी सेल्फी लेते हुए पुलिस के अभिनव पहल की तारीफ की l साइबर रावण लोगों से अपील कर रहा था कि ओटीपी बता दो मुझे,

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साइबर रावण के द्वारा इस तरीके से आपको साइबर फ्रॉड का शिकार बनाने के लिए बताया जाता है इस पर जीत पाने के लिए साइबर जागरूकता होना जरूरी है इसी साइबर जागरूकता के ज्ञानी के तीर से आप इस साइबर फ्रॉड रूपी रावण का दहन कर सकते हैं और यदि साइबर फ्रॉड के शिकार होते हैं तो टोल फ्री नंबर 1930 रुपए तीर से फ्रॉड के शिकार से बच सकते हैं साइबर जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने सीखाने की इस अभिनव पहल की लोगों ने तारीफ की l

दंतेवाड़ा में एसपी और अन्य पुलिस अफसरों ने दी बलि

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  • दशहरा पर पुलिस लाइन दंतेवाड़ा में शस्त्र पूजन 
  • शस्त्र पूजन के दौरान दी गई बलि राखिया की
  • एसपी समेत अफसर व जवान हुए शामिल

जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में तमाम पुलिस अफसरों की मौजूदगी में विधि विधान से शास्त्रों का पूजन किया गया।इसके बाद बलि दी गई। एक रखिये को बलि स्वरूप काट कर शास्त्रों को अर्पित किया गया। पूजा विधि दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने पूरी की। फिर बारी बारी से एएसपी, डीएसपी निरीक्षकों और अन्य पुलिस कर्मियों ने शास्त्रों की पूजा की।

दशहरा पर्व पर पुलिस महकमे में शस्त्र पूजन की परंपरा प्रचलित है। इसी परंपरा का पालन करते हुए दंतेवाड़ा पुलिस बल ने एसपी गौरव राय की अगुआई में पुलिस लाइन कारली में पारंपरिक मान्यताओं के मद्देनजर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित दंतेवाड़ा पुलिस के सभी राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए।एसपी समेत तमाम अधिकारी धोती कुर्ता अथवा पाजामा कुर्ता पहनकर पूजा में शामिल हुए। वहीं महिला पुलिस अधिकारी साड़ी पहनी हुई थीं। इस दौरान सांकेतिक रूप से एक रखिया फल की बलि दी गई। इसके बाद रक्षित केंद्र दंतेवाड़ा में शस्त्रों की भी पूजा की गई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन, उप पुलिस अधीक्षक कल्पना वर्मा, आशा सेन, कमलजीत पाटले, रुचि वर्मा, नसर सिद्धीकी, राहुल उईके, ठाकुर गौरव सिंह, आकांक्षा पांडे, रक्षित निरीक्षक सुशील नौटियाल व रक्षित केंद्र दंतेवाड़ा के अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों और कर्मकारियों के परिजन भी पूजा में शामिल हुए।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने लाखों के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का दिया निर्देश

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नगर पंचायत अध्यक्ष लोकेश्वरी साहू ने 78 लाख के निर्माण कार्यों को जनहित लोकहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्य प्रारंभ कराए और समय सीमा में पूर्ण कराये चुंकि हमारे लिए नगर हित, लोकहित, नागरिक हित ,सर्वोपरि है इसका विशेष ध्यान रखें मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत डौंडीलोहारा

लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक चौबे और उप अभियंता उमियंती ठाकुर को नगर में स्वीकृत 78 लाख के निर्माण कार्यों को आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम नागरिकों को मूल्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके इसका विशेष ध्यान रखें साथ ही साथ लोकेश्वरी साहू ने 9 अगस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक चौबे और उप अभियंता उमयंती ठाकुर को सतत नगर भ्रमण कर मूलभूत सुविधा का निरीक्षण करते हुए आवश्यकता अनुसार संबंधित कर्मचारी को निर्देश देकर सफाई व्यवस्था पानी बिजली सुचारू संचालन कार्य के लिए कार्य के साथ-साथ प्रशासनिक कसावट लाने के लिए के लिए बधाई भी दिए हैं दिनांक 7.9.2024 प्रेसिडेंट इन काउंसलिंग में लिए गए निर्णय अनुसार सभी निर्माण कार्यों के निविदा समिति दर अनुमोदन के पश्चात आगे के नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसी आर आर कंस्ट्रक्शन दास कंस्ट्रक्शन अरिहंत डेवलपर्स जलाराम कंस्ट्रक्शन एजेंटीयों को नियमानुसार निर्माण कार्यों के अंतर के राशि नगर पंचायत में जमा करते हुए संबंधित फर्म के साथ अनुबंध कर तत्काल वर्क आर्डर देने के निर्देश दिए गए हैं और अंतर की राशि समय सीमा में जमा नहीं करने वाले संबंधित फार्मो पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण करते हुए पूर्ण कार्यों पर संबंधित ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं और प्रगतिव्रत निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए संबंधित ठेकेदारों को रनिंग भुगतान करना सुनिश्चित करने का भी निर्देश अध्यक्ष द्वारा दिए गए हैं लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अगुवाई में स्वीकृत 78 लाख निर्माण कार्य संबंधित वार्ड में इस प्रकार हैं जिसे अभी कराया जाना है वार्ड क्रमांक12 13 14 विवेकानंद चौक से फॉरेस्ट नाका तक एलईडी लाइट की स्थापना कार्य , वार्ड क्रमांक 15 अंडी चौक से सामुदायिक संस्कृतिक भवन साहू सदन तक सीसी रोड निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 15 अंडी चौक से संस्कृतिक भवन तक एलईडी लाइट की स्थापना कार्य वार्ड क्रमांक 10 जैतखाम से प्रहलाद मालेकर घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 13 योगेश श्रीवास्तव घर से टैकसिह पाड़े घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य , वार्ड क्रमांक 14 बाजार चौक से विवेकानंद चौक तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 11 कान्हा जनरल से चर्च तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 15 आंगनवाड़ी से कृष्णा रजक घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 4 अशोक सिंन्हा घर से खेमू लोहार घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 1 नागेंद्र दो घर से कचरू घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक सुनाओ गुरुदेव कुशमा घर से पवन घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 9 उमेश्वर निषाद घर से कोकिला सर घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 10 माह सिंह घर से प्रेम निषाद घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 5 रवि टंडन का घर से पटेल शांप पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 13 दुर्गा चौक से डॉक्टर मनोज साहू घर तक पाइपलाइन उसे विस्तारीकरण कार्य है वार्ड क्रमांक 10 सोसाइटी से राम प्रसाद सोनकर घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 11 सार्वजनिक सुलभ शौचालय से थाना परिसर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 14 मस्जिद चौक से तिलक निषाद घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 8 जिला सहकारी बैंक से पिंकू सोनी घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 15 लालाराम यादव घर से दीवान सर घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य वार्ड क्रमांक 12 मनोहर साहू घर से ईदगाह तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य लोकेश्वरी साहू द्वारा स्वीकृत कराया गया है जिसके लिए लोकेश्वरी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा के साथ-साथ प्रेसिडेंट इन काउंसलिंग के सदस्य विद्या शर्मा उपाध्यक्ष सभापति अनीता साहू ममता शर्मा अशोक चनाप और झूमुक लाल कोसमा ने छत्तीसगढ़ शासन के नगरी निकाय मंत्री माननीय अरुण साहू जी का आभार व्यक्त करते हुए स्वीकृति प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किए हैं

दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर मंगड़ू कचोरा में नवरात्रि की रही धूम

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  • 45 भक्तों ने प्रज्जवलित करवाए थे ज्योत 

जगदलपुर बस्तर जिले के प्रसिद्ध दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में ग्रामवासियों और पुजारी हिरमन देशमुख के नेतृत्व में शारदीय नवरात्रि धूमधाम से मनाई गई। विभिन्न गांवों और शहरों के भक्तों नेमंदिर में 45 ज्योत कलश स्थापित करवाए थे।

 

मंदिर के पुजारी हिरामन देशमुख ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के दौरान मंगड़ू कचोरा गांव में श्रद्धा भक्ति का अतुलनीय वातावरण देखने को मिला। प्रतिदिन मंदिर परिसर में महिला एवं पुरुष भजन मंडलियों द्वारा मातारानी और हनुमान जी के भजनों की प्रस्तुति दी जाती रही। पंचमी और अष्टमी पर मंदिर परिसर में मंगड़ू कचोरा की भजन मंडली की विशेष भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें मंगड़ू कचोरा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने भजनों का आनंद उठाया। सभी लोग भक्तिरस में डूबकर झूमते रहे। पुजारी हिरामन देशमुख ने बताया कि पूरे नौ दिनों तक मंदिर में श्रद्धालु दर्शनर्थियों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु मातारानी और हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर लौटे। पूरे गांव में नौ दिनों तक उल्लास भरा वातावरण रहा और कार्यक्रम में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला।

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण बनाकर अगली पीढ़ी को करना है हस्तांतरित: मंत्री केदार कश्यप

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  • वनमंत्री केदार कश्यप ने बस्तर मड़ई और सरस मेला का किया उद्घाटन 

जगदलपुर बस्तर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बस्तर मड़ई और पंचायत ग्रामीण विकास द्वारा जगदलपुर शहर के लालबाग मैदान पर आज से प्रारंभ हुए क्षेत्रीय सरस मेले का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। यह मेला 12 से 19 अक्टूबर तक आयोजित किया गया है।

मेले में विभिन्न विभागों के शासकीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की प्रदर्शनी और विक्रय स्टाल लगाए गए हैं। इस अवसर पर वनमंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण बनाकर आगामी पीढ़ी को अवगत करवाना है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरस मेला का आयोजन का करने के लिए जिला प्रशासन का आभार।  कश्यप ने कहा कि यह सरस मेला न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक प्रमुख साधन है, बल्कि यह स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त भी बनाएगा। मेले में कई जिलों के स्व सहायता समूहों ने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, कपड़े, और अन्य स्थानीय वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। उन्होंने विजयदशमी की सभी को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा में सभी समाजों का सहयोग और उनके द्वारा दायित्व का निर्वहन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसका लाभ सभी लेवें। सरस मेला में विभिन्न जिलों से पहुंचे स्व सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदी कर प्रोत्साहित करें। विधायक किरणदेव ने कहा कि बस्तर की परंपरा में शामिल बस्तर दशहरा के अवसर पर शासन की जन कल्याण योजनाओं के स्टाल विभागों द्वारा लगाए गए हैं।इसका लाभ सभी नागरिक लें। साथ कार्यक्रम में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसका आनंद भी लें। उद्घाटन के अवसर पर केदार कश्यप, विधायक  देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मेले में लगे विभिन्न विभागों के स्टालों और स्व-सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया।अतिथियों ने विभागों के स्टालों में योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., सीसीएफ आरसी दुग्गा, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, एनआरएलएम की मिशन संचालक जयश्री जैन, जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उद्घाटन के अवसर पर नागलसर के स्कूली बच्चों ने धुरवा मड़ई के आकर्षक नृत्य का प्रदर्शन किया जिसका सभी ने सराहना की। सरस मेले में नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई और लोगों ने विभिन्न स्टालों पर खरीदारी करते हुए स्थानीय उत्पादों के प्रति रुचि दिखाई। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को भी बढ़ावा देंगे।

नक्सलियों के बिछाए आईईडी में पैर गंवाने वालों का सहारा बन गए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

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  •  दिव्यांग हो चुके नक्सल पीड़ितों को लगे कृत्रिम पैर
  • आभार जताने चलकर पहुंचे मंत्री शर्मा के पास

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर की धरती पर कदम दर कदम नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी को उखाड़ फेंकने और नक्सलियों के पूरी तरह खात्मे के संकल्प के साथ काम कर रहे छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशीलता की दिल को छू लेने वाली एक और खबर सामने आई है। यह खबर इस बात की तस्दीक करती है कि मंत्री विजय शर्मा बस्तर के विकास में रोड़ा और आम बस्तरिहा ग्रामीणों की जान के दुश्मन बन चुके नक्सलियों के प्रति जितना कठोर रुख अपना रहे हैं, उससे कई गुना ज्यादा नरम दिल बस्तर के लोगों के प्रति रखते हैं। यह दिल को छू लेने वाली तस्वीर आज रायपुर स्थित विजय शर्मा के बंगले में देखने को मिली। यह भी पता चला कि बस्तर के पीड़ित शोषित ग्रामीण गृहमंत्री विजय शर्मा से किस कदर प्यार करते हैं।

दरअसल कहानी कुछ इस तरह है कि वनोपज संग्रहण या खेती बाड़ी कार्य के लिए जंगलों के रास्ते से गुजरते समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बमों के ब्लास्ट की घटनाओं में अपने पैर गंवाने के बाद अपाहिज बनकर दर्द भरी जिंदगी जी रहे बस्तर के ग्रामीणों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर कृत्रिम पैर का संबल मिल रहा है। पहले चरण में नक्सल हिंसा प्रभावित ऐसे 6 लोगों को फिजिकल रेफरल रिहेबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाकर चलने की ट्रेनिंग दी गई। आईईडी ब्लास्ट में पैर खोने के बाद से चलने फिरने के लिए दूसरों पर निर्भर हो गए ये लोग अब कृत्रिम पैर पाकर इतने उत्साहित हैं कि खुद अपने इन कृत्रिम पैरों से चलकर आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निवास पर खुशी व्यक्त करते हुए उनका आभार जताने पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के लगभग 70 नक्सल पीड़ितों ने बस्तर शांति समिति की पहल पर विगत सितंबर माह में दिल्ली जाकर जंतर मंतर में प्रदर्शन करने के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें आप बीती बताते हुए बस्तर में शांति बहाली की गुहार लगाई थी। दिल्ली से लौटकर वे आए तो उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास कार्यालय में एक- एक पीड़ितों से बात कर उनका हालचाल जाना उनका हौसला बढ़ाया था। आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके पीड़ितों के कृत्रिम पैर लगवाने के निर्देश दिए थे।

 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आईईडी ब्लास्ट में अपने अंग खोने वाले ग्रामीणों का समाज कल्याण विभाग के सहयोग से कृत्रिम अंग लगाने की शुरुआत हो गई है। कृत्रिम पैर लगाने के लिए बस्तर से 9 नक्सल पीड़ितों का जाना तय हुआ था, किंतु व्यक्तिगत कारणों से 3 पीड़ित नहीं पहुंच पाए। इस प्रकार 6 नक्सल पीड़ित गुड्डू लेकाम बीजापुर, अवलम मारा बीजापुर, सुक्की मड़कम सुकमा, सोमली खत्री बीजापुर, खैरकम जोगा बीजापुर, राजाराम बीजापुर को फिजिकल रेफरल रिहेबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए गए। कृत्रिम पैर लगने के बाद इनकी जिंदगी एक नई करवट ले रही है। उप मुख्यमंत्री शर्मा के निवास पहुंचे इन नक्सल पीड़ितों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं। कदम- कदम पर किसी और के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिंदगी में अब आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने की सोच सकते हैं। हालांकि नक्सलियों ने जो छीना है उसकी भरपाई नहीं हो सकती। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता से उन्हें कृत्रिम पैर सुलभ होने के साथ जीवन में नया उत्साह आया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया।

सट्टा पट्टी लिखते एक आरोपी के ‍विरूध्द की गई कार्यवाही 

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  • आरोपी के कब्जे से सट्टा पट्टी एवं रकम 17,320 रूपये जप्त
  • टाउन में जुआरी, सट्टोरिये एवं शराब कोचियों पर लगातार कार्यवाही जारी है, मुखबीर तैनात कर लगातार कार्यवाही की जा रही है

 

दल्लीराजहरा:- पुलिस अधीक्षक  एस.आर. भगत के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी, नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा डॉ0 चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजहरा  सुनील तिर्की के नेतृत्व में अवैध जुआ, सट्टा, शराब के विरूध्द चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना राजहरा स्टाफ द्वारा दिनांक 10.10.2024 को घटना स्थल वार्ड क्रमांक 03 आरोपी राकेश पीपरे के घर बरामदा में आरोपी राकेश पीपरे पिता लल्लू राम पीपरे उम्र 34 वर्ष साकिन वार्ड क्रमांक 03 वल्लभ नगर राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद को अंको के सामने रूपये पैसों को दांव लगाकर सट्टा पट्टी लिखते रंगे हाथों पकडा गया आरोपी के कब्जे से 03 नग सट्टा पट्टी पर्ची एवं सट्टा पट्टी का नगदी रकम 17,320 रूपये को जप्त कर आरोपी विरूध्द छ0ग0 जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत कार्यवाही किया गया है ।

निरीक्षक सुनील तिर्की थाना प्रभारी दल्ल्रीराजहरा द्वारा नवरात्रि पर्व के दौरान आबकारी एक्ट के तहत 09 प्रकरण, जुआ एक्ट के तहत 01 प्रकरण एवं सट्टा एक्ट के तहत 02 प्रकरण इस प्रकार नवरात्रि पर्व दौरान आबकारी, जुआ सट्टा के विरूध्द कुल 12 कार्यवाही किया जा चूका है तथा सूचना ‍मिलने पर लगातार कार्यवाही की जा रही है ‍जिसके लिये टाउन के सभी क्षेत्र में मुखबीर तैनात कर दिया गया है ।

बस्तर दशहरा के लिए आ रही है माई दंतेश्वरी

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  •  देवी दंतेश्वरी व मावली माता की डोली को विदाई 
  • पहली बार नवमी को रवाना हुई माता की डोली 

जगदलपुर बस्तर के दंतेवाड़ा जिले से संभाग मुख्यालय जगदलपुर में चल रहे बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने शुक्रवार को महानवमी पर देवी दंतेश्वरी और मावली माता की डोली रवाना हुई। यह पहला मौका है, जब अष्टमी की जगह महानवमी पर देवी की डोली रवाना हुई है। देवी की डोली को विदा करने जन समूह उमड़ पड़ा।

परंपरा के अनुसार देवी की डोली को कंधे पर लेकर करीब 1 किमी दूर डंकनी नदी के उस पार स्थित चबूतरे तक लाया गया। आदिवासी नर्तक दलों के नृत्य और बाजे-गाजे के साथ यह काफिला पहुंचा। चबूतरे पर डोली को रखकर पूजा-अर्चना की गई। प्रधान पुजारी हरेंद्र नाथ जिया, सहायक पुजारी लोकेंद्र नाथ, परमेश्वर नाथ जिया, पुजारी विजेंद्र नाथ की उपस्थिति में विधायक चैतराम अटामी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मंडावी, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी गौरव राय समेत जनसमूह ने देवी की पूजा अर्चना की। इसके बाद फूलों से सुसज्जित वाहन पर देवी की डोली को सवार कर विदा किया गया। रास्ते में आंवराभाटा, कारली, गीदम समेत जगह-जगह लोगों ने देवी की डोली का स्वागत कर दर्शन-पूजन किया।

बोदराज को नगर का जिम्मा

रवाना होने से पहले परम्परानुसार देवी दंतेश्वरी ने बोदराज बाबा की शिला के पास रूककर उन्हें वापसी तक नगर की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी। पुजारी विजेंद्रनाथ के मुताबिक वापसी पर देवी परम्परानुसार फिर यहां रुकती हैं और उन्हें उपहार भेंटकर अपने मंदिर में प्रवेश करती हैं। आंवराभांठा में बस्तर आराध्या देवी दंतेश्वरी की डोली की अगवानी के लिए वहां के निवासियों ने टेकनार चौक से कलेक्ट्रेट के द्वार तक सड़क पर फूलों की पंखुड़ियां बिछाई। महिलाओं व युवतियों ने यहां पर रंगोली भी सजाई थी। हर साल इस तरह की व्यवस्था की जाती है, ताकि देवी का काफिला फूलों की पंखुड़ियों से होकर गुजर सके।

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