संघ के प्रयास से बीएसपी के समर कैंप में शामिल हुआ शतरंज खेल
दल्लीराजहरा – छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंघानिया के निर्देशानुसार महासचिव विनोद राठी व सचिव एस के भगत के मार्गदर्शन में बालोद जिला शतरंज संघ अध्यक्ष पद पर सर्व सम्मति से शेखर गुप्ता को नियुक्त किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष शेखर गुप्ता द्वारा आगामी जिला की कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इनकी नियुक्ति पर जयंता दास, अशोक बाम्बेश्वर, सतीश काम्बले, नीलेश श्रीवास्तव, विजय शर्मा,संतोष सहारे,वी पी अनिल कुमार,दिनेश देवांगन, भोज राम साहू,ज्ञानेंद्र सिंह,जे गुरुल्लु,राजेश पटेल,शेखर रेड्डी,दामोदर राव,जयदीप गुप्ता,सुमित जैन सहित अन्य शतरंज खेल प्रमियों ने हर्ष जाहिर कर बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ (सीजीएससीए) द्वारा नवगठित बालोद जिला शतरंज संघ के प्रयास से बीएसपी द्वारा 22 मई से 14 जून तक चलने वाले समर कैम्प में इस वर्ष से शतरंज के खेल प्रशिक्षण खिलाड़ी कोच द्वारा राजहरा क्लब में ले सकेंगे। बालोद जिला शतरंज संघ अध्यक्ष शेखर गुप्ता एवं सचिव एस.के.भगत ने संघ के अनुरोध पर समर कैंप में शतरंज खेल को शामिल करने पर आईओसी महाप्रबंधक आर.बी.गहरवाल व बीएसपी प्रबंध का आभार व्यक्त किया।शतरंज संघ अध्यक्ष शेखर गुप्ता ने कहा की इस कैंप में ट्रेनर द्वारा खिलाड़ियों को चेस की बारीकियां सिखाने, फिडे नियमों, चेस क्लॉक के उपयोग के साथ ओपनिंग, मिडिल व एंड गेम, पजल्स के बारे में सिखाया जाएगा। चेस खेल से लगाव रखने वाले इस समर कैंप का लाभ ले सकते है।
जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले में फिर एक महिला नक्सली सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। दंतेवाड़ा जिले मे अब तक 805 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और इनमें 180 ईनामी नक्सली भी शामिल हैं।
बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान (घर वापस आईए) तथा छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार- प्रसार गांव गांव में किया जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप व्यापक बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में नक्सलियों का आत्मसमर्पण हो रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर उनके द्वारा की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प के साथ घर लौट रहे हैं। इसी कड़ी में मलांगेर एरिया कमेटी के प्रतिबंधित संगठन में नीलावाया पंचायत जनताना सरकार सदस्य एवं मेडिकल टीम कमांडर हांदा मंडावी, बुरगुम पंचायत मिलिशिया सदस्य शशि मड़काम, बुरगुम पंचायत सीएनएम सदस्य बंडी पोड़ियाम निवासी बुरगुम पेरमापारा थाना अरनपुर जिला दंतेवाड़ा ने 24 मई को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। इन माआवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी दंतेवाड़ा एवं 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ दंतेवाड़ा का विषेष योगदान रहा। जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ ने सभी भटके हुए माओवादियों से अपील की है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए निकटतम थाना अथवा कैंप में सम्पर्क करें और क्षेत्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान दें। पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा ने आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25-25 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदान करने का वचन दिया। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 180 ईनामी माओवादी सहित कुल 805 माओवादी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से भी पुनर्वास नीति के लिए मांगे सुझाव
नक्सलियों से वार्ता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम : विजय शर्मा
अच्छी पहल का प्रायोजित विरोध आखिर क्यों
अर्जुन झा-
जगदलपुर नक्सली समस्या के निराकरण और नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मगर जब भी सरकार कुछ अच्छा करने की कोशिश करती है कुछ संगठन प्रायोजित तरीके से विरोध में खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ इन दिनों बस्तर में देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित लोगों और नक्सलियों के लिए बनने वाली पुनर्वास नीति पर सुझाव के लिए जगदलपुर में मेल आईडी, गूगल फॉर्म जारी किए। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में नक्सलियों से वार्ता की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए पुनर्वास नीति पर सुझाव के लिए ईमेल आईडी और गूगल फॉर्म जारी कर माओवादियों से आग्रह किया है कि वे स्वयं बताएं कि उनके लिए पुनर्वास नीति कैसी होनी चाहिए? गृहमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मैं हमेशा से कहता आया हूं कि वार्ता के सारे रास्ते खुले हैं और इसके लिए हमारी भाजपा की विष्णुदेव सरकार ने नियद नेल्लानार नाम से योजना लाकर गांव में सड़क, पानी, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधा आरंभ कर समानता और विकास का एक वातावरण तैयार कर दिया है और यह बात भटके हुए युवा अच्छे से समझ रहे हैं। इसीलिए हम उन्हीं से पूछ रहे हैं कि उनकी पुनर्वास नीति क्या होनी चाहिए। ताकि मुख्यधारा से जुड़कर वे भी प्रदेश और देश के विकास में भागीदारी निभा सके।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आप और समाज नक्सलवाद की समस्या के निराकरण के लिए सबसे ज्यादा समर्थ हैं। सरकार स्वयं मानती है कि एंटी नक्सल आपरेशन ही समस्या का समाधान नहीं है। यह तो सरकार के प्रयास का बहुत छोटा सा हिस्सा मात्र है। सरकार का मुख्य प्रयास प्रभावित क्षेत्र में विकास करना, आदिवासी क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के कार्य करना है। साथ ही साथ जो युवा नक्सलवादी विचारधारा छोड़कर पुनर्वासित हुए हैं, उनके लिए हमारी सरकार कार्य कर रही है और उनके सर्वांगीण विकास की योजना आगे बढ़ा रही है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को भड़काने वाले नक्सली नेताओं से पूछा है कि चीन जैसे देशों में भी माओवाद है, लेकिन वहां सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता शून्य है।क्या वे ऐसा राज्य चाहते हैं? उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति बहुत ही अच्छी है लेकिन उसे और बेहतर बनाने के लिए किसी भी राज्य में जाकर अध्ययन करने के लिए हम तैयार हैं, परंतु मुख्य विषय यह है कि न अधिकारियों को समर्पण करना है, न पत्रकारों को, न शासन में बैठे लोगों को और ना आमजनों को। समर्पण तो माओवादियों को करना है और यह पहल उन्हीं के लिए है कि वह स्वयं बताएं कि उनके लिए पुनर्वास नीति कैसी होनी चाहिए? इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, सुभाऊ कश्यप और नगर के सभी वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित थे।
तब क्यों नहीं उठाते आवाज?
सरकार किसी भी पार्टी की हो, वह नक्सल समस्या दूर करने की दिशा में जरूर काम करती है। लेकिन सर्व आदिवासी समाज जैसे कुछ संगठन जो आदिवासियों के हितों की रक्षा करने का दावा करते हैं और हर मुद्दे पर सरकार के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित लोगों और नक्सलियों पुनर्वास के लिए नक्सली नेताओं के साथ ही सभी से सुझाव भी मांगे हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार में विजय शर्मा के गृह विभाग सम्हालते ही नक्सलियों पर चौतरफा हमले हुए, सैकड़ों नक्सली मारे गए और नक्सल प्रभावित गांवों में विकास की रौशनी पहुंचने लगी है। अब जब सरकार नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति पर कार्य कर रही है, तब यह सर्व आदिवासी समाज सरकार के विरोध में आकर बंद जैसे आयोजन कर सरकार की मंशा को डिगाने का कार्य करने लगा है। विजय शर्मा पहले गृहमंत्री हैं जिन्होंने नक्सली वारदात के बीच नक्सल गढ़ के गांवों में कदम रखे, पीड़ितों का दर्द साझा किया, उनके लिए जरूरी इंतजाम किए। अब सर्व आदिवासी समाज प्रायोजित तरीके से बीजापुर मुठभेड़ के बहाने सरकार के कदम को रोकने का प्रयास कर रहा है। ये तथाकथित आदिवासी नेता तब क्यों मौन साधे रहते हैं, ज़ब नक्सली बेकसूर आदिवासियों की हत्या उनके परिजनों के सामने कर देते हैं? आदिवासियों का अपहरण कर ले जाते हैं? बाहरी नक्सली स्थानीय आदिवासियों को ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। यह बात हर सरकार कर दौर में सामने आ चुकी है। तब नक्सलियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज के स्वयंभू नेता आवाज क्यों नहीं उठाते? वहीं बस्तर में आदिवासियों का धर्मान्तरण एक बड़ी समस्या बन गई है। इसकी वजह से आदिवासी संस्कृति, परंपराएं नष्ट होती जा रही हैं। आदिवासियों का अस्तित्व संकट में आ गया है। इसके खिलाफ सर्व आदिवासी समाज आखिर क्यों खड़ा नहीं होता? यह सवाल लाजिमी है। उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा जो कदम उठा रहे हैं, वह स्वागत योग्य है। इसमें आदिवासियों का भी हित जुड़ा हुआ है।
दल्लीराजहरा रक्तदान महादान,इंसानियत ही हमारा धर्म है मानव सेवा माधव सेवा की तर्ज पर डोनेट ब्लड वेलफेयर फाउंडेशन डीबी ग्रुप दल्ली राजहरा द्वारा एक दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर 25 मई 2024 को नगर के साहू सदन, बस स्टैण्ड के पीछे,सुबह 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
संस्था के अध्यक्ष दीपक साहू ने बताया कि इस दिन रक्तविरों का सम्मान हेलमेट और प्रमाण पत्र दे कर किया जायेगा। नगर के ब्लड बैंक में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए समय समय पर शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें रक्तविरो का महत्वपूर्ण योगदान रहता है,जो कि किसी भी समय जरूरत मंदो को रक्त दान करते है।
सालों से काम कर रहे श्रमिकों का बनाया जाता है प्रबंधन पर प्रोडक्सन का दबाव बना ठेकेदार द्वारा बनवाया जाता हैं टेंपररी गेटपास
दल्ली राजहरा भिलाई इस्पात संयंत्र की दल्ली राजहरा माईस में बीएसपी के प्रोजेक्ट में कार्यरत बी.एस.बी.के.कंपनी मजदूरों का शोषण कर रही हैं। इन कंपनी द्वारा मजदूरों के जीवन से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मामले में माइंस प्रबंधन एवं ठेकेदार की भी भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने लगी है।
प्रोजेक्ट में कार्यरत कर्मियों का भुगतान भी शासन द्वारा तय दर पर नहीं किया जा रहा है। न ही वेतन का भुगतान समय पर किया जाता हैं। वर्षो से कार्यरत श्रमिकों का टेंपररी गेट पास बनाया जाता है। जोकि मात्र 15 दिनों के लिए वैध होता है। लगातार तीन बार टेंपररी गेटपास बनाने के पश्चात नियमानुसार मजदूरों का नियमित पास बनाने हेतु उन्हें सेफ्टी ट्रेनिंग एवं , सरफेस वर्कर ट्रेनिंग देकर परमानेंट पास बनाया जाना चाहिए। किन्तु प्रोडक्सन का हवाला देकर माइंस क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा लगातार लंबे समय से टेंपररी गेट पास ही बनवाया जा रहा है। ऐसा कृत्य किसी श्रमिक की दुर्घटना होने पर कंपनी की जवाबदेही से बचने के लिए किया जा रहा है। क्योंकि टेंपरेरी पासधारी श्रमिक की पर दुर्घटना पर कंपनी अपनी जवाबदेही से बच जाती है जहां रोजगार लगाने के नाम पर माइंस में प्रोजेक्ट में कार्य कर रही कंपनियों के अधिकारियों द्वारा काम पर लगाने के लिए स्थानीय बेरोजगार युवकों से लाखों रुपए वसूल बैक डोर से एंट्री कराई जा रही है वही उनके जीवन से भी खिडवाड़ किया जा रहा है। जबकि गेट पास बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रबंधन के दबाव डलवा कर ठेकेदार द्वारा गेट पास बनवाया जाता है। इस प्रक्रिया में इस तरह की त्रुटि की केवल प्रोजेक्ट में कार्य कर रही कंपनियों एवं ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए श्रमिको के जीवन से खिडवाड किया जा रहा है। जिसकी उक्त स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। जिससे इस कार्य के लिप्त लोगों को रोका जा सके एवं स्थानीय बेरोजगार युवकों को शोषण से बचाया जा सके एवं उन्हें नियमित कार्य पर रखा जाए। भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने इस तरह हो रहे शोषण एवं बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ को तत्काल बंद करने की मांग की।
दल्ली राजहरा नेशनल पावर लिफ्टिंग 7 से 10 जून तक दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दल्ली राजहरा के 11 खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं।
नेशनल पॉवर लिफ्टिंग में भाग लेने वालों में दल्ली राजहरा से प्रिया, सृष्टि, ललिता, वेनुका, तामेश्वरी, दुर्गा, मोनिका, अंजना, रामअवतार साहू, सुरेंद्र मौर्य, रवींद्र मौर्य आदि शामिल हैं।भाजपा जिला अध्यक्ष पवन साहू ने बच्चों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कमाना की। इस दौरान राजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, पत्रकार संतोष कोसी एवं महेन्द्र सिंग गुड्डू, प्रकाश, दीपक साहू, मदन माईती, ऋतु साहू ने भी इन बच्चों को बधाई दी।
जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र में गुरुवार सुबह से फोर्स और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ चल रही है। अधिकृत जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में अब तक सात नक्सली मारे जा चुके हैं तथा सातों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं।
प्लाटून नंबर 16 और इंद्रावती एरिया कमेटी के नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के साथ एसटीएफ की टीमें संयुक्त नक्सल सर्च अभियान पर निकली थीं। आज 23 मई को सुबह 11 बजे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी मुस्तैदी से मोर्चा सम्भाला और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से दिन भर रुक रुक कर गोलीबारी चलती रही। रुक रुक कर मुठभेड़ अभी भी जारी है।जवान नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
सर्च में अब तक सात वर्दीधारी नक्सलियों के शव तथा सात हथियार बरामद हुए हैं और कई नक्सलियों के घायल होने की प्रबल संभावना है।
सरकार बताए नक्सलियों से सुझाव मांगने के पहले कोई चर्चा हुई है क्या?
जगदलपुर भाजपा सरकार द्वारा नक्सलियों से पुनर्वास नीति के तहत सुझाव मांगने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नक्सलवाद को लेकर सरकार दिग्भ्रमित है। सरकार को यह समझ ही नहीं आ रहा है उसे करना क्या है? अभी तक सरकार ने 5 माह में कोई नक्सल नीति नहीं बना पाई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीति जो पूरी तरह से सफल थी विश्वास, विकास, सुरक्षा की नीति को भाजपा सरकार ने खारिज कर दिया है। पुरानी नीति खारिज करने के बाद अभी तक वर्तमान सरकार ने नक्सलवाद को लेकर अपनी कोई नीति घोषित नहीं की है। सरकार पुनर्वास नीति लेकर आये उसके पहले नक्सल नीति तो घोषित किया जाये। जब नक्सल नीति घोषित करेंगे तब पुनर्वास नीति बनेगी, यह उसका अंश है। अभी नक्सल नीति नहीं बनाई है और दावा कर रहे पुनर्वास नीति लेकर आयेंगे। अनिर्णय वाली स्थिति से इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता
दीपक बैज ने उठाए ये सवाल
दीपक बैज ने साय सरकार के कदम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार बताए कि पुनर्वास नीति के लिए सुझाव मांगने से पहले सरकार की नक्सलियों से कोई वार्तालाप हुई है क्या? सुझाव मांगने के पहले परस्पर विश्वास का वातावरण बनाया जाना चाहिये, सरकार ने ऐसी कोई पहल की है क्या, यदि की है तो नक्सलियों की तरफ से क्या कोई सकारात्मक जवाब आया? दोनों पक्षों में नीति बनने तक युद्ध विराम (शांति की पहल) पर कोई सहमति बनी है क्या? यदि बनी है तो सरकार उसको सार्वजनिक करें। सरकार के द्वारा मांगे गए सुझाव के दौरान यदि उधर से कोई वारदात हो गई तो सरकार का उस बारे में क्या योजना है? सरकार की यह पहल एकतरफा है या दूसरा पक्ष भी इससे सहमत है, सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए।
शांति की पक्षधर है कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि राज्य में शांति की स्थापना होनी चाहिए। हिंसा पर विराम लगना ही चाहिए। नक्सलवाद एक संवेदनशील मसला है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पांच सालों में विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूलमंत्र को लेकर शांति स्थापना में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी। राज्य में नक्सलवादी घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कमी आई। प्रभावित क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य जैसे मसलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया गया। जिससे वहां के स्थानीय लोगों ने सरकार का साथ दिया और शांति स्थापना में मदद मिली।
जगदलपुर पूज्य सिंधी पंचायत एवं नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित सिंधी प्रीमियर लीग 2024 का फाइनल मुकाबला गुरुवार को स्थानीय हाता ग्राउंड में साईं झूलेलाल सेना एवं साई लीला शाह टीम के मध्य खेला गया।
साईं लीला शाह टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी साईं लीला टीम की शुरुआत हर बार की तरह ताबड़तोड़ रही। कप्तान निकेत नागवानी की आतिशी पारी की बदौलत टीम ने 152 रन का विशाल लक्ष्य झूलेलाल सेना के लिए खड़ा किया।कप्तान निकेत नागवानी ने टूर्नामेंट का अपना तीसरा शतक जड़ा। निकेत ने 45 गेंदों पर 119 रन बनाए।निकेत का विकेट झूलेलाल सेना के बॉलर राहुल लालवानी ने लिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी साई झूलेलाल सेना टीम शुरुआत में उतनी तेजी से रन नहीं बना पाई, लेकिन टीम के कप्तान सतीश दुल्हानी जब बल्लेबाजी के लिए आए तो मैच का माहौल बदल गया। सतीश ने 25 गेंदों पर 52 रन बनाए। उनका साथ देने उतरे अशोक ने 31 गेंदों पर 47 रन बनाए। झूलेलाल सेना लक्ष्य के करीब पहुंच कर रोमांचक मुकाबले में मैच हार गई। जीत के बाद लीला शाह टीम के कप्तान निक्कू को उनकी टीम के खिलाड़ियों ने कंधे पर बिठाकर जश्न मनाया। वही झूलेलाल सेना के कप्तान सतीश दुल्हानी इस पल में भावुक हो गए। टीम के सभी खिलाड़ियों ने उनको गले से लगाया।ग्राउंड पर उपस्थित सभी वरिष्ठों ने सतीश की पारी की सराहना की। सिंधी समाज के अध्यक्ष मनीष मूलचंदानी ने दोनों टीमों व उनके कप्तानों को बधाई दी एवं खूबसूरत ट्राफी व ईनाम की राशि प्रदान की। फाइनल मुकाबले में प्राप्त राशि को दोनो टीमों ने वापस क्रिकेट आयोजन समिति को अगले सीजन के लिए देने का फैसला किया। बुधवार को सुहिणी सोच महिला विंग के तत्वावधान में सिंधी प्रीमियर लीग महिला क्रिकेट का भी फाइनल मैच का आयोजन किया गया। मैच शीतला माता 11 और हिंगलाज माता 11 के मध्य मैच खेला गया। शीतला माता 11 की टीम विजयी हुई। दोनों टीमों के कप्तान प्रिया मेघानी एवं सान्वी मेठानी को आकर्षक ट्राफी और इनाम की राशि दी गई। शहर में पहली बार आयोजित महिला क्रिकेट मैच के आगाज का सभी अतिथियों ने जमकर तारीफ की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक जगदलपुर किरणदेव , महापौर सफीरा साहू, कार्यकारी अध्यक्ष छग सिंधी पंचायत महेश रोहरा, छग पंचायत उपाध्यक्ष अर्जुन दास लखवानी, कैलाश बलानी भाटापारा, दीपक भटेजा भानुप्रतापपुर, सुरेश पंजवानी, संतोष सचदेव, संदीप छाबड़ा, सौरभ सचदेव, उधाराम मूलचंदानी, गोवर्धन दास नवतानी, सुंदर भोजवानी, नीलम बसंतवानी, पुष्पा मनवानी, रजनी दंडवानी, पायल मूलचंदानी, शिवम बसंतवानी, एवं समाज के सदस्य उपस्थित थे। मंच संचालन किशोर मनवानी ने किया। कार्यक्रम में आईपीएल की तर्ज पर फाइनल पर मेगा इवेंट का आयोजन किया गया। मैदान में भव्य आतिशबाजी की गई। दर्शकों के लिए स्वल्पहार एवं सॉफ्ट ड्रिंक्स, डीजे, सेल्फी जोन, ढोल नगाड़े की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में मुख्य भूमिका विशाल दुल्हानी, यश मैथानी, मयंक नत्थानी, अतीश रामचंदानी, कुनाल बजाज, निखिल जयसिंघानी, हर्ष दंडवानी, गौरव लालवानी की रही। मैदान में फस्ट एड बॉक्स की व्यवस्था भी रही।
इस आयोजन को 13 दिन में किया गया, युवाओं के जोश को देखते हुवे सिंधी पंचायत अध्यक्ष मनीष मूलचंदानी ने कहा हम हाता ग्राउंड मैदान में जल्द ही एसपीएल सीजन 2 का आयोजन और भी भव्य रूप से करेंगे।
क्रीड़ा एवं मनोरंजन परिषद कार्मिक विभाग लौह अयस्क खदान समूह द्वारा ग्रीष्मकालीन निः शुल्क खेल प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ स्थानीय पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक श्री आर बी गहरवाल,विषेश अतिथि महाप्रबंधक मायाराम ठाकुर,सी श्रीकांत,अरुण कुमार,सहायक महाप्रबंधक कार्मिक एमके रेड्डी, नगर प्रशासक मंगेश सेलकर व अन्य थे।
22 मई से 14 जून तक होने वाले खेल प्रशिक्षण शिविर में 12 खेलो में 180 बालक व बालिकाओ ने अपना पंजियन करवाया है। सभी खेलो को प्रातः 7 से 9:30 तक अपने अपने स्थानों में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह नगरी अनेको प्रतिभागियों खिलाड़ियों की है,प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा इससे भाग लेने वाले खिलाड़ियों को इसका लाभ अवश्य मिलेगा। सभी अतिथियों ने खेलो के कोच को खेलो की सामग्री वितरण की।
संचालन कर रहे लेबर आफिसर रतीश मिश्रा ने बताया कि यह निः शुल्क ग्रीष्म कालीन शिविर बी एस पी द्वारा 52 वर्षो से की जा रही है,कोरोना काल के 2 वर्ष में आयोजन नही किया गया था।
इस शिविर में इस वर्ष तीरंदाजी और शतरंज को भी शामिल किया गया है।
शिविर में एथलेटिक्स, बैडमिंटन,क्रिकेट,फुटबाल, टेबल टेनिस, व्हालीबाल,वेट लिफ्टिंग,जुडो कराते, बाक्सिंग,पावर लिफ्टिंग, तीरंदाजी व शतरंज खेल शामिल है।