जगदलपुर:- प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के गरीबों को बड़ी राहत दी है।जिसके तहत माह जुलाई से नवंबर तक का चावल निशुल्क प्रदान करने की घोषणा की है। सभी बीपीएल राशन कार्ड धारकों को 5 माह का चावल निशुल्क दिया जाएगा। सीएम के इस घोषणा को लेकर संसदीय सचिव व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।जैन ने बताया छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल काफी संवेदनशील है गरीब जनता के हित मे लगातार काम कर रहे है़ कोरोना जैसे महामारी में इस प्रकार की घोषणा करना यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री जनता की तकलीफों को भलीभांति समझते हैं।
मुख्यमंत्री के इस घोषणा से छत्तीसगढ़ प्रदेश के 67 लाख 90 हजार 987 राशन कार्ड के 2 करोड़ 51 लाख 46 हजार 424 सदस्य लाभान्वित होंगे।मालूम हो कि इससे पहले बीपीएल व अंत्योदय राशनकार्डधारियों को मई व जून माह का राशन निशुल्क दिया गया था।श्री जैन ने आगे बताया मुख्यमंत्री की इस घोषणा से गरीब परिवारों को अब जुलाई से नवंबर तक का चावल भी निशुल्क दिया जाएगा।इस निर्णय से प्रदेश के अंत्योदय राशन कार्ड, प्राथमिकता वाले राशन कार्ड,अन्नपूर्णा राशन कार्ड एवं निराश्रित तथा निशक्त जन को जारी राशन कार्डधारियों को लाभ मिलेगा।इसके साथ ही राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी सभी राशन कार्डधारियों को पीएम गरीब कल्याण योजना के समकक्ष अतिरिक्त चावल भी प्रदान किया जाएगा।
जगदलपुर। मसीही धर्म विज्ञान के क्षेत्र में शहर के शांति नगर कुशवाहा मार्ग निवासी डॉक्टर रेव्ह. विपिन लाल ने डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की है। प्रारंभ से ही मसीह धर्म विज्ञान की बातों में रुचि रखने वाल डॉक्टर रेव्ह. विपिन लाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जगदलपुर में ही ली, वे लगातार प्रभु की बातों में रुचि रखते हुए इस क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की बचपन में ही उन्होंने ठान ली थी और वे लगातार इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सतत प्रयत्नशील थे । प्रारंभिक शिक्ष मिशन स्कूलों से ली उसके पश्चात वे यहीं से ग्रेजुएट भी हुए उनके पास कई नौकरी के बुलावे भी आए लेकिन वह चर्च की संगति में प्रभु को अपना जीवन अर्पित करते हुए उन्होंने उन्हें अपनाया और लगातार मसीह धर्म की शिक्षा की ओर अग्रसर होते चले गए प्रारंभिक तौर पर लाल चर्च में प्रभु की शिक्षा दीक्षा और बाईबिल अध्ययन में लगातार ध्यान देते हुए आगे बढ़ते चले गए । उसके पश्चात उनका चयन जबलपुर लेनार्ड कॉलेज मे हुआ जो मसीह धर्म का एक बहुत प्रसिद्ध थियोलॉजिकल कॉलेज जो पूरे भारत में प्रसिद्ध है अपनी पूरी धार्मिक शिक्षा यहीं से उन्होंने ली ।उसके पश्चात उनको पास्टर की डिग्री मिली।
उसके पश्चात उन्होंने अपनी धार्मिक सेवा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के विभिन्न गिरजा घरों में चर्च के पासवान व जिला अधीक्षक के रूप में दी, वे मसीह धर्म के धार्मिक वक्ता के रूप में समय-समय पर राजस्थान उत्तर प्रदेश हिमाचल प्रदेश में जाकर विभिन्न चर्चों में एक धार्मिक वक्ता के रूप में प्रवचन दिए प्रभु के वचन को सुनाया उन्होंने अपनी सेवा जगदलपुर के सबसे पुराने और सबसे प्रमुख चर्च चंदैया मेमोरियल मेथाडिस्ट एपिसकोपल चर्च जगदलपुर मैं पास्टर और जिला अधीक्षक के रूप में लगभग 10 साल अपनी सेवा दिए । इस दौरान ईसाइयों के पवित्र स्थान यरूशलेम भी उन्हें जाने का अवसर मिला और वह यरूशलेम बेथलहम भी जाकर प्रभु यीशु मसीह के बारे में जाना पुरानी मसीहत यहूदी व्यवस्था के बारे में भी गहन अध्ययन किया वर्तमान में वे अपनी सेवा भोपाल क्रिश्चियन चर्च में दे रहे हैं।
मसीह धर्म विज्ञान के विषय में वे लगातार अपने ज्ञान को बढ़ाते हुए अपनी 38 साल की सेवा उपरांत वे सेवा में लगे रहते हुए मसीह धर्म विज्ञान में रिसर्च प्रारंभ किया वे लगातार कड़ी मेहनत के पश्चात 3 साल तक इस क्षेत्र में लगे रहे और उन्हें डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री उन्हें यूनाइटेड थियोलॉजिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त क्रिश्चियन लीडरशिप यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क अमेरिका जो बर्कले कैलिफोर्निया यूएसए से संबंध है उनके द्वारा यह डिग्री रिसर्च के पश्चात इन्हें प्रदान की गई। इस संबंध में मसीह समाज के बस्तर संभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रत्नेश बेंजामिन ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि पर पूरे मसीह समाज में हर्ष की लहर व्याप्त है साथ ही साथ इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम छत्तीसगढ़ मसीह महासंघ ने भी बधाई दी है एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
तोकापाल ब्लॉक के प्राथमिक शाला आंवराभाटा में “आमाराइट” प्रायोजना का शुभारंभ किया गया। शासन द्वारा चलाई जा रही योजना पढ़ई तुम्हर दुआर के अंतर्गत ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षा का संचालन, बुलटू के बोल, मिस्ड कॉल गुरुजी,प्रिंट रिच वातावरण,अंगना म शिक्षा आदि माध्यमों से शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने का निरंतर प्रयास किया गया। कोरोना के प्रकोप को ध्यान में रखते हुये अब नई योजना “आमाराइट” जिसमें शिक्षकों द्वारा छात्रों को सक्रिय करते हुए कक्षा के प्रत्येक विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट फाइल तैयार करवाना है, इस प्रोजेक्ट वर्क में विद्यार्थियों के साथ माता-पिता, घर में पारिवारिक सहयोग से कार्य करना है।
प्रोजेक्ट कार्य की मानिटरिंग जिला, विकासखंड,संकुल प्राचार्य,प्रधान पाठक,पीएलसी के सदस्यों, सीएसी एवं शिक्षकों के माध्यम से किया जाएगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने एवं बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु बीईओ बलीराम बघेल,बीआरसी अजय शर्मा, सीएसी राकेश नाग, शिक्षिका कल्पना वैध एवं नीलम शोरी, गाँव की मितानिन सुनीता ठाकुर,लता बघेल ने बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, मास्क वितरित किया।
जगदलपुर। विगत दिनों बस्तर जिला युवा कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है जोकि लंबी-चौड़ी लिस्ट हैं किंतु इसमें कई युवाओं को स्थान नहीं दिया गया है जोकि पिछले कार्यकाल में निर्वाचित हुए थे जिसके कारण यह लिस्ट विवादों में घिर गई है। बस्तर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष जीशान कुरैशी के अनुमोदन पर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रभारी के हस्ताक्षर से विगत दिनों लंबी-चौड़ी लिस्ट निकाली गई जिसमें पूर्व उपाध्यक्ष आशीष मिश्रा, जिला सचिव भूपेन्द्र सिंह, विक्रांत सिंह, शुभम नायडु , सेम्युअल नाथ सहित कई युवाओं को कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया । विगत चुनाव में यह सभी नेताओं ने लड़ाई लड़ी थी जिसके कारण यह मानकर चला जा रहा है कि एक-एक कर जिला अध्यक्ष ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाने पर लिया है जिसके कारण तरह -तरह चर्चाओं का बाजार इन दिनों गर्म है, जिससे यह सूची अब विवादों के घेरे में आ गया है।
देशी मंदिरा प्लेन शराब पौव्वा 168 नग 30.240 बल्क लीटर कीमती 13,440 रूपये परिवहन में प्रयुक्त स्कुटी काला ग्रे रंग का होण्डा ग्रेजिया क्रमांक सी.जी.-24-पी.-7643
जप्त कीमती करीबन 50,000 रूपये कुल कीमती 67,760 रूपये नाम आरोपी – (1) खेमलाल सिन्हा पिता कुंजीलाल सिन्हा उम्र 25 वर्ष ग्राम भेंड़ी वार्ड
क्रमांक 01 थाना डौण्डीलोहारा जिला बालोद (छ0ग0) (2) मनीष साहू पिता रामदास साहू उम्र 25 वर्ष डौण्डीलोहारा वार्ड क्रमांक 11 थाना डौण्डीलोहारा जिला बालोद (छ0ग0)
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के मार्गदर्शन पर एवं नगर पुलिस अधीक्षक दल्लीराजहरा के दिशा निर्देश प्राप्त पर टीम तैयार कर जिले में चलाये जा रहे अवैध शराब की मुहिम में आज दिनांक 09.01.2021 को अवैध शराब परिवहन करते देशी मदिरा प्लेन अद्धी 27 नग, व देशी मंदिरा प्लेन शराब पौव्वा 168 नग, कुल जुमला 40.365 बल्क लीटर कीमती 17760/- रूपये जप्त एवं परिवहन में प्रयुक्त स्कुटी काला ग्रे रंग का होण्डा ग्रेजिया क्रमांक सी.जी.-24-पी.-7643 जप्त कीमती करीबन 50,000 रूपये को जप्त करने में सफलता मिली।
डौण्डीलोहारा गंजईडीह मार्ग तरफ से संजारी की ओर एक स्कुटी में 02 व्यक्ति सवार होकर आ रहे हैं। स्कुटी के सामने बोरी एवं पीछे बैठे व्यक्ति भी बोरी में भारी वस्तु रखे जिसे पुलिस पार्टी द्वारा घेराबंदी कर पकड़े गवाहों के समक्ष पूछताछ करने पर स्कुटी चालक खेमलाल सिन्हा पिता कुंजीलाल सिन्हा उम्र 25 वर्ष, साकिन भेड़ी थाना डौण्डीलोहारा व पीछे बैठे व्यक्ति मनीष साहू पिता रामदास साहू उम्र 25 वर्ष डौण्डीलोहारा वार्ड क्रमांक 11 थाना डौण्डीलोहारा जिला बालोद (छ0ग0) का रहना बताया गवाहों के समक्ष स्कुटी क्रमांक सी.जी.-24-पी.-7643 को तलाशी लिया गया जो स्कुटी चालक खेमलाल एवं पीछे बैठे मनीष साहू के पास अलग-अलग प्लास्टिक के बोरी में रखे देशी मंदिरा प्लेन शराब अद्धी 27 नग 10.125 बल्क लीटर कीमती 4,320 रूपये, देशी मंदिरा प्लेन शराब पौव्वा 168 नग 30.240 बल्क लीटर कीमती 13,440 रूपये, जुमला 40.365 बल्क लीटर कीमती 17760/- एवं परिवहन में प्रयुक्त स्कुटी काला ग्रे रंग का होण्डा ग्रेजिया क्रमांक सी.जी. -24-पी.-7643 को जप्त किया गया। आरोपी के विरूद्ध थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक 103/2021 धारा 34(2) आबकारी एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक मनीष शर्मा से दिशानिर्देश प्राप्त कर गौकरण भंडारी आरक्षक 132 देवेन्द्र भंडारी, आरक्षक 306 डोमेन्द्र बघेल का सराहनीय योगदान रहा ।
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा गुप्ता चौक से रेल्वे क्षेत्र में भालू देखा गया है इससे लोगों में दहशत का वातावरण बना हुआ है | यह वही भालू हो सकता है जो वार्ड क्र 18 पुराना बाजार क्षेत्र से अचानक कहीं चला गया था, इस प्रकार बीच शहर में भालू की उपस्थिति हैरान
करने वाली नहीं है किन्तु वन परिक्षेत्र दल्लीराजहरा के अधिकारी एवं कर्मचारी चैन की नींद सो रहे है वहीँ राजहरा के बस्ती क्षेत्र में रहने वाले लोग की भय के कारण नींद उड़ी हुई है दो दिन से व्हात्सप्प एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार यह जानकारी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है किन्तु वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की सक्रियता दिखाई नहीं पड़ रही है | भालू 08 जून से शहर में ही भ्रमण कर रहा है यह तो अच्छा है कि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई | अक्सर भालू को रात में ही देखा जा रहा है कल रात को जब देखा गया उसके बाद फिर अँधेरे में कहा चला इसकी जानकारी किसी को नहीं है | इससे लोगों के मन में डर बैठा हुआ है बीच शहर में भालू का बेखौफ होकर बस्ती क्षेत्र में घूमना और प्रशासन एवं वन विभाग के लोगों का मौन रहना अचंभित कर देने वाला है |
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में एक वृद्ध ने देशी मदिरा दुकान आम बगीचा के पीछे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है | मृतक सावंत सिंह राजपूत पिता दशरथ सिंह राजपूत उम्र 72 वर्ष वार्ड क्र 25 अनिल प्रेस के पीछे निवास करता था | घटना कल रात की है | प्राप्त जानकारी के अनुसार वृद्ध सनकी था किसी बात को लेकर कल घर में विवाद हुआ था जिसे लेकर मृतक घर में ही फांसी लगाकर मरने की बात कर रहा था जिसे घर वालों द्वारा शांत कराया गया उसके थोड़ी देर बाद अचानक कहीं चला गया घर वालों को लगा कि थोड़ी देर में वापस आ जायेगा लेकिन नहीं आया फिर परिजनों द्वारा आसपास खोजबीन की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला | सुबह खबर मिली कि वृद्ध ने देशी मदिरा दुकान के पास आम बगीचे के पीछे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | मौके पर पुलिस पहुँच शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के भेजा गया है |
महासमुंद – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक सामूहिक हत्या का बड़ा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है. एक महिला और उसकी 5 बेटियों ने तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है. मृतक महिला की उम्र 45 साल की है और उसकी पांचों बेटियों की 10 साल से 18 साल के बीच है | बताया जा रहा है कि महिला का पति के साथ विवाद हुआ तब वह अपने बच्चों के साथ वहां से निकल गई थी | मृतक परिवार जिले के बेमचा गांव का निवासी है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के शराब पीने से परेशान थी और इसी कारण उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था कल रात भी महिला का पति शराब पीकर आया था और जिससे उनके बीच कहासुनी हुई और महिला अपनी पाँचों बेटियों को साथ लेकर घर से निकल गई और उसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ |
जिले के महासमुंद और बेलसोंडा रेलवे क्रासिंग के मध्य बीती रात उमा साहू (45 वर्ष), उनकी बेटी अन्नपूर्णा (18 ), यशोदा (16 ), भूमिका (14 ), कुमकुम (12 ) और तुलसी (10 वर्ष) ने रेलगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली.
केन्द्र एवं राज्य सरकार का उद्देश्य शांति के साथ-साथ बस्तर का विकास करना
कैम्प खोले जाने से जनताना सरकार में खलबली मची
सिलगेर मुठभेड़ में ग्रामीण नहीं नक्सली मारे गये
नवीन गुप्ता/अर्जुन झा जगदलपुर – बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार का उद्देश्य बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाको में कैम्प की स्थापना कर नक्सलवाद का खात्मा करना एवं बस्तर में शांति के साथ विकास करना है। इसके लिए केन्द्रीय सुरक्षा बल एवं राज्य के पुलिस बेहतर तालमेल के साथ काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि बिहड़ों में कैम्पों की स्थापना से पुलिस नक्सलियों के मांद में पहुंच रही है इससे नक्सलियों का क्षेत्र सिमटता जा रहा है। नक्सली क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को आगे कर कैम्प का विरोध कर रहे है जिसका मुख्य उदाहरण सिलगेर है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में सिलगेर के ग्रामीण नहीं मारे गये है मारे गये नक्सल संगठन के सदस्य।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सुकमा जिले के संवेदनशील क्षेत्र जहां नक्सलियों का साम्राज्य चलता है उस क्षेत्र के सिलगेर में 12 मई को कैम्प खोला गया था। कैम्प खोले जाने के बाद 12 से 16 मई के बीच ग्रामीण विरोध कर रहे थे।
पुलिस के अधिकारी वहां के ग्रामीणों को समझाने में लगभग कामयाब हो गये थे। ग्रामीण की मांग के अनुरूप सड़क, बिजली, पानी,स्कूल खोलने का आश्वासन भी दिया जा चुका था। इसकी भनक नक्सल संगठन के लोगों तक पहुंचते ही जगरगुण्डा,तरम, बासागुम सहित आसपास के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण 17 मई को उपस्थित हुए। इसी भीड़ में कई बड़े नक्सली नेता भी मौजूद थे जो ग्रामीणों को आगे कर इनके बीच में पहुंचे थे। नारेबाजी के साथ-साथ नक्सल संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बचाव में पुलिस जवानों को फायरिंग करना पड़ा इस फायरिंग में तीन नक्सली सहयोगी मारे गये थे।
उन्होंने बताया कि मारे गये ग्रामीण सिलगेर के नहीं है वह दूसरे गांव के नक्सली सहयोगी थे जो नक्सलियों के बड़े नेताओं के इशारे पर पुलिस कैम्प में हमला करने पहुंचे थे। आईजी ने बताया नक्सली नेता के द्वारा पुलिस कैम्प को आग के हवाले करने का भी प्रयास किया गया था।
नक्सली ग्रामीणों को बनाया हथियारः
बस्तर आईजी ने बताया कि जगरगुण्डा, बासागुड़ा, मद्देड़ क्षेत्र में सक्रिय दर्जनों नक्सली संगठन ग्रामीणों पर दबाव बनाकर कैम्प खोलने का विरोध करवा रहे है। विरोध में सिलगेर के नहीं दूसरे गांव के लोग पहुंचे है जो ग्रामीणों को आगे कर अपना वर्चस्व हासिल करना चाहते है।
उन्होंने बताया कि कैम्प की स्थापना से जिला मुख्यालय की दूरी भी कम हुई है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग आसानी से जिला मुख्यालय पहुंचकर आसानी से काम करा पाते है।
उन्होंने बताया कि कैम्प खोले जाने के बाद से बासागुड़ा, जगरगुण्डा सहित कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों का निर्माण हुआ है और उन इलाकों में लोगों का आवागमन बढ़ा है,नक्सलियों का साम्राज्य कम हुआ है।
स्कूल बच्चे भी आंदोलन में शामिल: बस्तर आईजी ने बताया कि मुखबीर से चूना मिली है कि पोटाकेबिन में रहने वाले बच्चे भी सिलगेर कैम्प का विरोध करने पहुंचे है। पुलिस को ऐसी सूचना मिली है कि उन बच्चों पर नक्सल संगठन का दबाव था जिसके कारण से सिलगेर आंदोलन में शरीक हुए है। ऐसे दर्जनों बच्चों को नक्सली ब्रेनवास कर नक्सल संगठन में जोडनने का दबाव भी बना रहे है जिसका लेकर उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल है।
उन्होंने बताया कि ऐसे छात्रों को पहचान कर मामला शांत होते ही बिहडों से बाहर निकालकर पोटाकेबिन पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा ताकि कलम के बदले बंदूक पकड़ने से रोका जा सके।
सिलगेर कांड शांत कराने का प्रयास जारी: आईजी ने बताया कि सिलगेर घटन की निष्पक्ष जांच कराई जायेगी। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित होने एवं कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल जांच प्रारंभ नहीं कराया जा सका है। मामला शांत होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होगी और ग्रामीणों को आंदोलन के लिए भड़काने वाले उपद्रवियें पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं पुलिस ग्रामीणों से बात कर मामला शांत कराने में जुटे है। प्रशासन द्वारा दिये गये आश्वासन के अनुरूप सिलगेर के ग्रामीण मान गये है,संभवतः एक दो दिन में आंदोलन भी समाप्त हो जायेगा। सिलगेर कैम्प भी संचालित होगा जहां से नक्सली गतिवधियों पर नजर रखते हुए नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन भी चलाया जायेगा।
जगदलपुर।कोविड के महामारी में हम सब ने महसूस किया है कि देश और प्रदेश में बड़ी संख्या में चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाये। मोदी सरकार अपनी तरफ से नए चिकित्सा संस्थानों को खोलने की कोई ठोस पहल तो कर नही रही जो राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बना कर आगे बढ़ रही उसके कामो में भी मोदी सरकार अड़ंगेबाजी कर रही है। एक तरफ जहां पूरे देश में कोविड-19 का संक्रमण फैला हुआ है और केंद्र सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है। ऐसी विपरीत स्थिति में भी छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार अपने संसाधनों से ही इस संक्रमण का डटकर मुकाबला कर रही है।
सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते ही छत्तीसगढ़ ऑक्सीजन सरप्लस स्टेट के रूप में उभर कर सामने आया है। इसको कोविड संक्रमण काल में भी छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई। बल्कि दूसरे राज्यों को भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई छत्तीसगढ़ से की गई। 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार रही लेकिन उन्होंने कभी भी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास नहीं किए।
राज्य में अस्पतालों की कमी को देखते हुए भूपेश बघेल सरकार ने महासमुंद, कांकेर और कोरबा में सौ-सौ सीटों का नया मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी की थी। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेता यह कतई नहीं चाहते छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो। इसीलिए जानबूझकर जीएसटी और बेड की कमी का हवाला देकर तीनों मेडिकल कॉलेजों की अर्जी ही रद्द कर दी है। जबकि सरकारी प्रक्रिया के अनुसार अगर आवेदन में कोई कमी थी तो उसे पत्र लिखकर सूचित किया जा सकता था और समस्या को खत्म करने के उपाय भी खोजे जा सकते थे। लेकिन जिस द्वेष की भावना से केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के साथ व्यवहार कर रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है।