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चारामा नगर पंचायत अधिकारी को टेंडर फॉर्म न देना पड़ गया भारी, प्लेसमेंट कंपनी ने की राज्यपाल से शिकायत

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  •  सीएमओ पर टेंडर घोटाला करने का लगा आरोप
  • प्लेसमेंट कंपनी संचालक पाण्डेय ने की उच्च स्तरीय जांच एवं कार्रवाई की मांग
  •  व्यक्ति या फर्म विशेष को लाभ पहुंचाने की मंशा है सीएमओ की: अरुण पांडेय

जगदलपुर बस्तर संभाग के कांकेर जिले की नगर पंचायत चारामा द्वारा प्लेसमेंट कम्पनियों के माध्यम से कुल 36 कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इसके लिए मुख्य नगर पंचायत अधिकारी हेमंत नेताम द्वारा पात्र ठेकेदार को निविदा प्रपत्र जारी नहीं किये जाने का मामला अब विवाद में घिर चुका है। बात राजयपाल तक पहुंच गई है।

प्लेसमेंट कम्पनी संचालक अरुण पाण्डेय ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा नगर पंचायत चारामा में 13 मार्च को शासन के वेबसाइट में प्रकाशित निविदा सूचना के तहत निविदा प्रपत्र प्राप्त करने हेतु विधिवत आवेदन 24 मार्च को दिया गया था। जिसके बाद पूर्व निर्धारित तिथि 27 मार्च 2025 को जब उनके संस्था के प्रतिनिधि नगर पंचायत कार्यालय में निविदा प्रपत्र प्राप्त करने के लिए सुबह 11 बजे पहुंचे, तो वहां के जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे। लगातार उप अभियंता को फ़ोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने एक भी बार फ़ोन नहीं उठाया। नगर पंचायत अधिकारी हेमंत नेताम अपने कार्यालय में शाम लगभग 4:40 बजे पहुंचे लेकिन उसके बाद भी निविदा प्रपत्र जारी नहीं किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। प्लेसमेंट कम्पनी संचालक ने बताया कि उनके द्वारा आवश्यक दस्तावेज़ जैसे जीएसटी पंजीकरण, राज्य श्रम आयुक्त कार्यालय से ईपीएफ पंजीकरण, कर्मचारी बीमा निगम से ईएसआसी पंजीकरण, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि पहले ही आवेदन के साथ नगर पंचायत कार्यालय में जमा कर दिए गए थे। फिर भी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी ने बिना किसी स्पष्ट कारण के निविदा प्रपत्र देने से इंकार किया और एक के बाद एक नियम विरुद्ध दस्तावेज़ों की मांग करने लगे। ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि इस समस्त प्रक्रिया में उनके क़ीमती समय की बर्बादी हुई और निविदा प्रपत्र जारी नहीं होने के कारण मानसिक उत्पीड़न भी झेलना पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्य नगर पंचायत अधिकारी हेमंत नेताम द्वारा किए गए नियम विरुद्ध आचरण के कारण उनके द्वारा निविदा में भाग लेने के कानूनी अधिकार का हनन हुआ है, जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है।प्लेसमेंट कंपनी के संचालक पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्य नगर पंचायत अधिकारी हेमंत नेताम द्वारा यह कदम किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया होगा, जो पूरी तरह से अनैतिक और नियमों के खिलाफ है। प्लेसमेंट संचालक अरुण पाण्डेय द्वारा 27 मार्च 2025 को ही शाम तक इलेक्ट्रॉनिक मेल के माध्यम से नगरीय प्रशासन और विकास विभाग में इसकी शिकायत दर्ज़ कराई है। उन्होंने नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अलावा, ज़िला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, ज़िला कलेक्टर एनके महादेव, ज़िला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी समेत संबंधित एसडीएम और ज़िला उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत की प्रतिलिपि देकर इस मामले पर ध्यानाकर्षण कराते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में प्लेसमेंट कम्पनी के मालिक अरुण पाण्डेय ने लिखा है कि समय रहते ही नगर पंचायत चारामा के मुख्य नगर पंचायत अधिकारी को निर्देश दिया जाए कि उन्हें इस निविदा प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निविदा प्रपत्र जारी किया जाए या फिर इस सम्पूर्ण निविदा प्रक्रिया को ही रद्द कर नए सिरे से निविदा आमंत्रण जारी करें।साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मुख्य नगर पंचायत अधिकारी हेमंत नेताम द्वारा किए गए इस नियम विरोधी कार्य के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे कृत्यों को रोका जा सके।

नक्सलियों के लिए “त्रिकाल” हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छग के गृहमंत्री विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय

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  •  बस्तर में नक्सल आतंक के जख्मों को करीब से देखा है सांसद संतोष पांडे ने
  • गृहमंत्री अमित शाह से मिले सांसद संतोष पाण्डेय

अर्जुन झा

जगदलपुर नक्सलवाद से निपटने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए जा रहे महति प्रयास के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के दंश से मुक्त कराने पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। उधर राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे भी अपने संसदीय क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में अमन चैन कायम रखने प्रण प्राण से लगे हुए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छग के गृहमंत्री विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय नक्सलियों के लिए त्रिकाल साबित हो रहे हैं।

बस्तर संभाग में जिस बड़े पैमाने पर नक्सली मारे जा रहे हैं, उसे देखते हुए लगता है कि केंद्रीय गृहमंत्रीअमित शाह द्वारा जारी डेड लाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो जाएगा। अमित शाह समय समय पर बस्तर संभाग आते रहे हैं। उनका हर बस्तर प्रवास इतिहास जरूर रचता है। दृढ़ संकल्प अमित शाह केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों से रूबरू होकर उनकी हौसला अफजाई करते हैं। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी लगातार बस्तर के घोर नक्सलप्रभावित गांवों और बीहड़ों के बीच स्थित सुरक्षा बलों के कैंपों में अक्सर पहुंचते ही रहते हैं। श्री शर्मा जहां गांवों में जाकर ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर उनका दर्द साझा करते हैं, समस्याएं दूर करते हैं, वहीं सुरक्षा बलों के कैंप में जवानों का मनोबल बढ़ाते हैं। विजय शर्मा को इस बात के लिए भी दाद देनी होगी कि मुठभेड़ में घायल होने वाले जवानों, नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आकर घायल होने वाले ग्रामीणों से मिलने आधी रात को अस्पताल पहुंच जाते हैं। विजय शर्मा छत्तीसगढ़ के पहले गृहमंत्री हैं जो नक्सलियों की नक्सलियों की नर्सरी कहे जाने वाले गांव तक पहुंचे हैं।शाह और शर्मा की यह पहल ग्रामीणों के साथ ही जवानों में यह भरोसा बढ़ाती है कि राज्य एवं केंद्र की सरकारें उनके साथ हर पल खड़ी हैं।

यही भरोसा नक्सलियों के खिलाफ जारी लड़ाई में बड़ा काम आ रहा है। उधर अपने संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव के मोहला, मानपुर, खड़गांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घोरतालाब, पनियाजोब, खैरागढ़ आदि के नक्सल प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के बीच सांसद संतोष पाण्डेय की भी आमद रफ्त बनी रहती है। श्री पांडे हरदम सुरक्षा बलों के भी टच में रहते हैं। बस्तर संभाग प्रभारी रहते संतोष पांडे ने यहां नक्सल दंश को करीब से देखा समझा है। सांसद संतोष पांडे ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जारी लड़ाई में सुरक्षा बलों को मिल रही अप्रत्याशित सफलता को लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद दिया। विदित हो कि बीजेपी सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार ने छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा जो कि गृहमंत्री भी हैं, के लगातार कुशल निर्देशन में अर्ध सैनिक बलों के जवान और प्रदेश पुलिस बल ने लगभग नक्सलियों को काफी पीछे धकेल दिया है।सांसद संतोष पाण्डेय इन्ही उपलब्धियों के सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प पूर्ति हेतु किये जा रहे सार्थक प्रयासों एवं प्रदेश में चल रहे नक्सल ऑपरेशन में मिल रही सफलता के लिए उनसे शिष्टाचार भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ में दुर्ग सांसद विजय बघेल भी थे।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा है कि”परित्राणाय साधुनाम्” के अपने लक्ष्य को पूरा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री शविष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पुलिस व सुरक्षा बलों के जवान,नक्सलवाद को समूल नष्ट करने के लिए कटिबद्ध हैं।

सवा लाख दीपों से की गई भारत माता की आरती

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  •  नव वर्ष पर लोकोत्सव का हुआ भव्य आयोजन

दल्लीराजहरा भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष की तरह सर्व समाज समरसता समिति द्वारा इस वर्ष भी दो दिवसीय लोकोत्सव का आयोजन किया गया। 29 मार्च को चिखलकसा और दल्ली राजहरा नगर के 100 स्थानों पर सवा लाख दीपों के साथ भारत माता की सामूहिक आरती की गई तथा द्वितीय दिवस 31 मार्च को अपराह्न 4 बजे शिव संस्कार धाम से नववर्ष जागरण के लिए वक्ता सनातन महासंघ के संस्थापक, सनातन मर्मज्ञ और ओजस्वी व प्रखर वक्ता गौतम खट्टर की उपस्थिति में मोटर साइकिल यात्रा निकाली गई।

संध्या 7 बजे मोटर साइकिल यात्रा के समापन पश्चात कार्यक्रम स्थल राम मंदिर टाउनशिप में मुख्य वक्ता गौतम खट्टर के साथ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के द्वारा 1001 दियों से मां भारती की दिव्य व भव्य सामूहिक आरती की गई। पश्चात सिंधी समाज के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इसके उपरांत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता गौतम खट्टरऔर कार्यक्रम के अध्यक्ष संतोष यादव को मंचासीन कराकर समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक अभिनंदन किया गया।स्वागत अभिनंदन के पश्चात समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने अध्यक्षीय उद्बोधन और स्वागत भाषण दिया। सचिवीय प्रतिवेदन समिति के महासचिव सुमीत साहू ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संगठन सचिव कृष्णा साहू ने किया। कार्यक्रम के समापन में आभार प्रदर्शन समिति के संरक्षक तोरण लाल साहू ने किया। समिति द्वारा सप्ताह भर पहले से ही नगर के चौक चौराहों व मुख्य मार्ग के दोनों छोर के खम्बो को छोटे बड़े केसरिया ध्वज व तोरण पताकों व बैनर पोस्टर से सजाया गया था। भारतीय नववर्ष को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न समूहों के साथ लगातार बैठकें कर व्यक्ति- व्यक्ति, समाज – समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया था। परिणामतः नगर के सभी वर्गों द्वारा आयोजन को तन- मन -धन से सहयोग और समर्थन दिया। समिति द्वारा पिछले 10 वर्ष से लगातार क्षेत्र में सामाजिक समरसता के लिए कार्य किया जा रहा है। उसका परिणाम अब धीरे धीरे आने लगा है। कार्यक्रम में सभी राजनितिक पार्टी के कार्यकर्ता, स्वयं सेवी संगठन के कार्यकर्ता, सभी हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता व विभिन्न समाज के प्रमुख पदाधिकारी व सदस्यों की उपस्थिति रही।

सांसद संतोष पाण्डेय के प्रयासों से अब भोरम देव मंदिर लेगा भव्य एवं दिव्य रूप

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  • पर्यटन मंत्रालय ने दी 146 करोड़ रू. की स्वीकृति
  •  सांसद पाण्डेय ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को दिया साधुवाद

रायपुर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले और राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में स्थित छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से सुविख्यात भोरमदेव मंदिर से देश व प्रदेश के लाखों भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। क्षेत्रीय सांसद संतोष पाण्डेय इसके सतत विकास एवं मंदिर को भव्य-दिव्य स्वरूप देने के लिए सतत प्रयासरत हैं। पिछले दिनों सांसद  पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर के विकास और मंदिर में शेड निर्माण, मंदिर के रख-रखाव व विशेष मरम्मत कार्य सहित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, लैंड स्कैपिंग व श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र सौंपकर मांग की थी। पाण्डेय की मांग पर मंत्री  शेखावत द्वारा 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस हेतु सांसद  पाण्डेय नई दिल्ली में मंत्री शेखावत से भेंट कर पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में केंद्र सरकार हमारे धार्मिक स्थलों के संरक्षण व पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए अनवरत प्रयास कर रही है। पर्यटन के मामले में भोरम देव मंदिर के साथ ही बस्तर और समूचे छत्तीसगढ़ को समृद्ध बनाने हमारी सरकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

शबरी नदी में डूबने से छात्र की मौत; प्रशासनिक लापरवाही उजागर

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  •  जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रशासन को ठहराया दोषी

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक की इंजरम ग्राम पंचायत में स्थित बालक आश्रम के छात्र कोडी नवीन की शबरी नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक चौथी कक्षा में पढ़ता था। आश्रम प्रबंधन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम एवं उपाध्यक्ष महेश कुंजाम ने बालक आश्रम का निरीक्षण कर छात्रों से चर्चा की और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम ने इस मामले में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नोडल अधिकारी राजू टंडिया, मंडल संयोजक, आश्रम अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके साथ कोंटा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी थे। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मृत छात्र के पैतृक गांव भी पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल होकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने का भरोसा दिलाया।

प्रशासन जिम्मेदार: सोयम

जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम ने बच्चे की मौत पर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। श्रीमती सोयम ने कहा यह हादसा शिक्षा विभाग व छात्रावास प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। छात्र की सुरक्षा की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। ऐसे में संबंधित अधिकारियों, गार्ड, मैट्रन और आश्रम के कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए छात्रावासों में सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। यदि प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो इसका संपूर्ण जिम्मेदार शासन होगा।

लापरवाही का नतीजा: कुंजाम

इस घटना को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महेश कुंजाम ने कहा यह घटना प्रशासनिक लचरता और शिक्षा व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। लगातार छात्रों के साथ इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। आखिर बच्चे नदी तक कैसे पहुंचे? कौन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा?” उन्होंने आगे कहा विगत दिनों कोंटा में भी आश्रम के छात्रों का नदी में नहाने का वीडियो वायरल हुआ था। इससे साफ है कि प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। इस मौत की उचित जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

वर्सन

अधीक्षक सस्पेंड

आश्रम के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। मंडल संयोजक एवं संस्था के सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच जारी है, कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शरदचंद्र शुक्ला,

सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, सुकमा

दर्जनों गांवों के किसानों को मिली बड़ी राहत; मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छोड़ा गया नहर में पानी

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  •  मक्के की फसल को मिलेगा बड़ा लाभ 

जगदलपुर बस्तर के किसानों की समस्याओं को देखते हुए जल सांसधान मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर कोसारटेंडा बांध से किसानों के हित में पानी छोड़ा गया है। गौरतलब है कि फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान किसान इंद्रावती नदी से पानी की मांग को लेकर लगातार पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे थे।

इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति के किसानों ने मंत्री केदार कश्यप से पानी की समस्या दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। इसके साथ ही खंडसरा, नहरनी, केशरपाल, कुम्हली, फाफनी, मुरकुची, बेसोली, बाकेल, सोरगांव, भानपुरी, फरसागुड़ा के किसानों ने सिंचाई के लिए पानी कि मांग की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए विभागीय मंत्री केदार कश्यप ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन करने के बाद 1 अप्रैल को कोसारटेंडा जलाशय से रबी सिंचाई हेतु तीसरी बार जलाशय से 6 क्यूमेक जल नहरों के माध्यम से छोड़ा गया। कुल 10 एमसीएम पानी सिंचाई हेतु बांध से विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसानों ने मंत्री केदार कश्यप जी को धन्यवाद देते हुए नवीन जलाशयों के अविलंब निर्माण की मांग की है।

किसान पहली प्राथमिकता

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार की पहली प्राथमिकता में प्रदेश के किसान हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। किसानों की मांग पूरी होने से उन्हें राहत मिलेगी और उनकी फसलों को पानी मिलेगा। नहर में पानी छोड़ने से किसानों की सिंचाई की समस्या हल होगी।

सट्टा पट्टी लिखते दो आरोपी को किया गया गिरफ्तार

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  • आरोपी के कब्जे से मोबाईल, सट्टा पट्टी, नगदी रकम को किया गया जप्त

श्रीमान पुलिस अधीक्षक एस. आर. भगत एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अशोक कुमार जोशी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा डॉ 0 चित्रा वर्मा के मार्गदर्शन में थाना दल्लीराजहरा पुलिस द्वारा अवैध जुआ, सट्टा, शराब के विरूध्द चलाये जा रहे अभियान के तहत दो आरोपी को गिर0 किया गया जेल भेजा गया।

 

1 प्रकरण – राजहरा वार्ड क्र0 25 निवासी नाम संतोष चिकवा उर्फ सुदामा पिता फूलचंद चिकवा उम्र वर्ष 38 द्वारा फुटबाल ग्राउंट जिम मैदान में बैठकर अंको के आगे रूपये पैसों का दावं लगाकर सट्टा पट्टी नामक जुआ खेला रहा है की सूचना पर राजहरा पुलिस द्वारा रेड कार्यवाही कर आरोपी को सट्टा पट्टी लिखते रंगे हाथ पकडा गया । आरोपी के कब्जे से एक टच मोबाईल विवो मोबाईल एक लाईलिंग कागज में लिखा सट्टा पट्टी व नगदी, एक डाट पेन, 460 रकमरूपये को जप्त किया गया। आरोपी के विरूद्ध थाना राजहरा में 86/25 धारा 4 क जुआ एक्ट व छ0ग0 जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया

 

2 प्रकरण सुरज सिंह राजपूत पिता श्री प्रहलादसिंह उम्र टेबलरसीट राजहरा 04 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 27 द्वारा चौक 256वार्ड राजहरा फुटबाल ग्राउण्ड के पीछे 05 बैठकर अंको के आगे रूपये पैसों का दावं लगाकर सट्टा पट्टी नामक जुआ खेला रहा है की सूचना पर राजहरा पुलिस द्वारा रेड कार्यवाही कर आरोपी को सट्टा पट्टी लिखते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से लाईलिंग कागज में लिखा सट्टा पट्टी व नगदी रकम 510 रूपये को जप्त किया गया। आरोपी के विरूद्ध थाना राजहरा में 87/25 धारा 4 क जुआ एक्ट व छ0ग0 जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया

 

थाना राजहरा पुलिस द्वारा क्षेत्रांतर्गत अवैध व्यवसाय जुआ, सट्टा, शराब के विरूद्ध वरिष्ट अधिकारियों के दिशानिर्देश व मार्गदर्शन में लगातार सक्त कार्यवाही की जा रही है।

संविलियन के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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  • वेतन वृद्धि की भी मांग उठाई संविदा कर्मियों ने

लोहंडीगुड़ा स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के बस्तर संभाग महासचिव राहुल कुमार पांडेय के नेतृत्व में लोहंडीगुड़ा ब्लॉक में कार्यरत संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम लोहंडीगुड़ा को ज्ञापन सौंपा।

संघ के बस्तर संभाग महासचिव राहुल कुमार पांडेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2020 से शुरू स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी अंग्रेजी माध्यम योजना के 751 वि‌द्यालय वर्तमान में संचालित हैं, जहां 5 लाख से अधिक छात्र छात्राएं अध्ययनरत है जिसमें 12 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर कार्यरत हैं। इस वि‌द्यालय का उद्‌देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के बैनर तले आज राजयपाल और मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षित करवाने हेतु एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में पूर्व शिक्षामंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सदन में की गई घोषणा अनुसार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को भंग करने तथा शिक्षा विभाग में संविलियन की कार्यवाही को पूर्णता प्रदान करने और दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए पिछले 4 वर्ष से एकमुश्त वेतन पर कार्यरत सेजेस संविदा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की मांग को प्राथमिकता से पूरा करने का आग्रह किया गया है। इस दौरान लोहंडीगुड़ा ब्लॉक से सेजस के शैलेंद्र साहू, विवेक मिश्रा, श्रीकांत कश्यप, मनीष कुजूर, रत्नाप्रिया पांडेय, रेखा ठाकुर, स्पंदन पाराशर एवं अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

सरकार स्कूल, अस्पताल और कॉलेज खोले, शराब दुकान नहीं: विक्रम मंडावी

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  •  नई शराब दुकानें खोलने का विधायक विक्रम मंडावी ने किया कड़ा विरोध
  • बीजापुर जिले में नहीं खुलने देंगे नई शराब दुकानें

जगदलपुर बीजापुर के विधायक एवं कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी ने नई शराब दुकाने खोलने के भाजपा सरकार के फैसले का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार शराब दुकान खोलने के बजाय स्कूल, कॉलेज, अस्पताल खोलने पर ध्यान दे।

 

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा है कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब सरकार ने स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खोलने के साथ साथ राज्य में विकास के काम किए थे। अब भाजपा की सरकार स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को बंद कर नई शराब दुकानें खोलने में लगी है। बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र के आवापल्ली, मद्देड, कुटरू, नैमेड, गुदमा और गंगालूर सहित जिले के अन्य इलाक़ों में सरकार शराब दुकानें खोलने जा रही है। इससे जिले में अव्यवस्था फैलेगी। कांग्रेस नेता और विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा के अपने चुनावी घोषणा पत्र को याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” में कहा था कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी तो शराब दुकानों को कम करने का काम करेंगे। लेकिन भाजपा सरकार अब बीजापुर जिले के साथ साथ प्रदेश में बड़े स्तर पर शराब दुकानें खोलने जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी भाजपा सरकार ने बड़े स्तर पर शराब दुकानें खोली थी और आने वाले नए वित्त वर्ष में 76 और नई शराब दुकानें खोलने जा रही है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। बीजापुर के विधायक और कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि बड़े पैमाने पर बीजापुर जैसे क्षेत्र में और शराब दुकानें खोलने से जिले में अव्यवस्था फैलेगी।इसलिए भाजपा सरकार को चाहिए की अव्यवस्था को रोकने के लिए नई शराब दुकान खोलने के फैसले को वापस ले। अन्यथा जिले में भाजपा सरकार द्वारा खोले जाने वाली नई शराब दुकानों के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।

जान दे देंगे, मगर नहीं होने देंगे नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण: रैनू बघेल

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  •  झाड़ेश्वर परिवहन समिति ने इस्पात सचिव संदीप पौड्रिक को सौंपा ज्ञापन 
  • निजीकरण के मुद्दे पर परिवहन समिति गंभीर 

जगदलपुर नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण को ले कर एकबार फिर मामला गरमा चुका है। प्लांट निजीकरण के विरोध में जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति सड़क पर उतर चुकी है।

रविवार को झाड़ेश्वर परिवहन समिति के सदस्यों द्वारा इस्पात के निजीकरण को ले कर धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया था। मंगलवार को इस्पात सचिव संदीप पौड्रिक इस्पात संयत्र के दौरे पर जगदलपुर पहुंचे थे।इस दौरान इस्पात संयंत्र के विनिवेशीकरण का विरोध कर रहे जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति के सदस्यों ने अध्यक्ष रैनू बघेल के नेतृत्व में इस्पात सचिव से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति के अध्यक्ष रैनू बघेल ने बताया कि नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेशीकरण का हमारी परिवहन समिति पुरजोर विरोध कर रही है। रविवार को समिति की ओर से इस मामले को ले कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। आज नगरनार प्लांट पहुंचे इस्पात सचिव से समिति के सदस्यों ने मुलाकात की। इस दौरान उनसे समिति नगरनार प्लांट के विषय मे चर्चा की हैं। साथ ही कई विषयों को ले कर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।

रैनू बघेल ने कहा कि नगरनार प्लांट के विनिवेशीकरण को ले कर हम अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे और जान भी दे देंगे मगर प्लांट का निजीकरण हरगिज नहीं होने देंगे। जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति ने ज्ञापन में इस्पात सचिव से कहा है कि नगरनार के आसपास बस्तर संभाग के आदिवासियों की पुस्तैनी जमीन पर एनएमडीसी द्वारा स्टील प्लांट स्थापित किया गया है। यह कंपनी हमारे विकास में सहायक बनी है। हमें रोजी-रोटी, रोजगार, बच्चों की नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं देकर हमें लाभान्वित कर रही है। इसीलिए हमने अपने जीवन के एकमात्र आधार जंगल और जमीन एनएमडीसी के सुरक्षित हाथों में सौंपी थी। यह सोचकर कि भारत सरकार की यह संस्था संवैधानिक तरीके से हमारे हितों के संरक्षण और संवर्धन में सहायक होगी। कंपनी ने अपने सेवा कार्यों से हमेशा इसका अहसास भी कराया और हमें कभी मायूस नहीं होने दिया। एनएमडीसी एकमात्र ऐसी कंपनी है, जो बस्तर के आसपास के आदिवासी समुदाय को अपना परिवार समझकर उनकी देखभाल करती है। हम आदिवासी भी मानते हैं कि अपने पुरखों की संचित जमीन को जिस उद्देश्य से हमने कंपनी को ट्रांसफर किया था वो पूरा हो रहा है।

नगरनार का एनएमडीसी स्टील प्लांट केवल प्लांट नहीं है, यह बस्तर के आदिवासियों के जीवन की आशा, उम्मीद और जीने का आधार है। हमारा जीवन, हमारा प्राण एवं हमारे परिवारों की भावनाएं नगरनार इस्पात संयंत्र से जुड़ी हुई हैं। ऐसा स्नेह और परस्पर विश्वास का बंधन कोई भी निजी कंपनी से नहीं बन सकता, चाहे वो कितनी बड़ी क्यों ना हो। हम सब ये जानते और मानते हैं कि प्राइवेट कंपनियों का पहला लक्ष्य मुनाफा कमाना होता है। वे हमारे हितों की रक्षा नहीं कर सकतीं। आगेकहा गया है- हम मानते हैं कि प्राइवेट हाथों में नगरनार इस्पात संयंत्र का जाना, यहां के आदिवासी समाज की भावनाओं के साथ धोखा है। उनकी जीवन भर की जमा पूंजी से खिलवाड़ है। हमारी सदियों की आस्था और भावना का निरादर है। हमारी संवेदना और सपनों के साथ क्रूर मजाक है। एनएमडीसी स्टील प्लांट नगरनार के साथ जैसा हमारा अपनापन और प्रेम है, जो प्यार एवं सम्मान हमें मिलता रहा है वो किसी प्राईवेट कंपनी के हाथों में प्रबंधन सौंपे जाने के बाद नहीं मिल सकता। हम लोगों ने अपने परिवार, समाज और पर्यावरण के व्यापक हितों को देखते हुए अपनी जमीन कंपनी को सौंपी थी, निजी हाथों देने के लिए नहीं। इस कंपनी से हमारे बच्चों का भविष्य जुड़ा है। हमारे सपने बड़े हो रहे हैं। हम एक बेहतर भविष्य की ओर उन्मुख हो रहे हैं। ऐसे में सरकार का निजीकरण का फैसला हमारे अस्तित्व को मिटाने जैसा प्रतीत हो रहा है। एक पंक्ति में कहें तो नगरनार स्टील प्लांट का प्राइवेट हाथों में जाना हमारे प्राण लेने के बराबर है। यदि कोई प्राईवेट कंपनी इसका प्रबंधन संभालती है तो हम आदिवासी इसे कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे।

घुसने नहीं देंगे विदेशी कंपनी को

रैनू बघेल ने आगे कहा है- जानकारी मिली है कि नगरनार स्टील प्लांट को आरसी मित्तल कंपनी को देने की बात कही जा रही है। आरसी मित्तल एक विदेशी कंपनी है। हम आदिवासी लोग अंग्रेजों से लड़कर अपने जमीन को बचाया है हम आदिवासी लोगों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं। हम आदिवासी लोग भारत सरकार के उद्यम एनएमडीसी स्टील लिमिटेड को किसी विदेशी कंपनी के हाथ में नहीं जाने देंगें और बस्तर में विदेशी कंपनी नहीं चलने देंगे। इस दौरान खगेश्वर पुजारी, सियाराम, जालंधर नाग, वीरेंद्र साहू, गणेश काले, रघु सेठिया, तपन राय, गीता मिश्रा, प्रकाश नायडू, अशोक साहू सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

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