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अथ श्री दलपत सागर कथा; भ्रष्टाचार के दलदल में गंदे हुए कई हाथ, फिर भी झील का नहीं हो पाया उद्धार

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  •  25 साल में फूंके करोड़ों रुपए, मगर नतीजा सिफर
  • अपनी दुर्दशा पर जार जार रो रही है शहर की विरासत 

अर्जुन झा

जगदलपुर मैं दलपत सागर हूं, मुझे बस्तर रियासत की विरासत भी कहा जाता है, मेरा दर्शन करने दूर दूर से लोग आते हैं। मैंने अपने जल से जगदलपुर और आसपास के गांवों की धरती के गर्भ को सींचा है। धरती सजल होकर आप सभी के कुओं और नलकूपों को जल से भरपूर बनाए रखती है। मेरे जल से सैकड़ों लोग स्नान कर खुद को पवित्र बनाते हैं, मगर मेरा दुर्भाग्य है कि मेरी पवित्रता का ध्यान मेरे शहर और जिले के नुमाइदों को नहीं है। हर कोई मेरी छाती पर मूंग दल रहे कीचड़ और जलकुंभी को खत्म करने के नाम पर भ्रष्टाचार की आग में अपना हाथ सेंक रहा है। 25 साल से मैं यह काला खेल देखते आ रहा हूं और अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहा रहा हूं। भगवान श्रीराम चंद्र जी ने तो अहिल्या और शबरी का उद्धार कर दिया था, मगर मेरा उद्धार कौन करेगा, मैं अपने उस राम का इंतजार कर रहा हूं।

यह कथा है बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के बड़े तालाबों में एक ऐतिहासिक दलपत सागर की, अपनी दुर्दशा पर जार जार रो रहा है। यह जलाशय अपने गर्भ में बस्तर का समृद्ध इतिहास समेटे हुए है। नगर निगम ने इस जलाशय के बाहरी आवरण का कलेवर उसी तरह बदल दिया है, जैसे ब्यूटी पार्लर में युवतियों और महिलाओं की रंगत बदल दी जाती है। मगर दलपत सागर की अंतरात्मा की आवाज सुनने की कोशिश आज तक किसी ने नहीं की। सो हमने दलपत सागर के दर्द को उसी की मंशा के अनुरूप अपने जगदलपुर और बस्तर जिले के पाठकों के बीच रखने की कोशिश की है। उम्मीद है दलपत सागर की इस व्यथा कथा को सुनने के बाद हमारे कलेक्टर विजय दयाराम के. दलपत सागर के उद्धार के लिए राम की भूमिका में जरूर आएंगे। दलपत सागर की कथा कुछ यूं है कि इस ऐतिहासिक जलाशय की समग्र सफाई पर आज तक ठोस काम नहीं हुआ है। सफाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति एवं भ्रष्टाचार का ही खेल खेला गया है। सन 2000 से अब तक करीब 25 वर्षो में करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी दलपत सागर की दशा नहीं सुधर पाई है। जलकुंभियों को नष्ट करने के लिए कभी मछलियां छोड़ी जाती हैं, तो कभी भारी भरकम मशीन चलाई जाती है, तो कभी सीड बॉल डालकर प्रयोगवादी तकनीक अपनाई जाती है। इस प्रयोगवादी कार्यों में हर बार लाखों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन परिणाम रत्तीभर भी सामने नहीं आता।

काम न आई मकड़ी और मछली

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ही सन 2000 से दलपत सागर के जीर्णोद्धार या कहें जलकुंभी हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।उस दौरान जगदलपुर की सत्ता नगर पालिका सम्हाला करती थी, जिसके अध्यक्ष संतोष बाफना हुआ करते थे। तबसे दलपत सागर के तथाकथित उद्धार की शुरुआत हुई थी। 2003 में भाजपा की डॉ. रमन सिंह सरकार में संतोष बाफना के पर्यटन मंडल अध्यक्ष रहते दलपत सागर में म्युजिकल फाउंटेन लगाए गए थे और जलकुंभी हटाने का अभियान छेड़ा गया था। नगर निगम में गितेश मल्ल महापौर बनी तब भी दलपत सागर को दुरुस्त करने का अभियान छेड़ा गया, मगर किंतु जलकुंभियां नहीं हटी। वर्तमान विधायक किरण देव के महापौर काल में जलकुंभी हटाने एक विशेष प्रकार की मछली डाली गई। दलपत सागर से पानी सुखाने की भी तैयारी थी जिसके बाद जलकुंभी हट जाने का दावा किया गया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। महापौर जतीन जयसवाल के कार्यकाल में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विशेष प्रकार की मकड़ी डाली गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 2018 में कांग्रेस पार्टी की सरकार आई और जलकुंभी हटाने तत्कालीन कांग्रेस महापौर जो अब भाजपाई महापौर हैं, ने हार्वेस्टर मशीन की खरीदी की, लेकिन वह भी जलकुंभी का बाल भी बांका तक नहीं कर सकी वर्तमान नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने अपनी अंबिकापुर की पदस्थापना के अनुभवों के आधार पर दलपत सागर में सीड बॉल्स डालवाए, लेकिन उल्टे जलकुंभियों ने पूरी तालाब को निगल लिया है। दलपत सागर के बाहरी आवरण की सुंदरता बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए और जलकुंभी को हटाने के लिए 25 वर्षों में कई करोड़ फूंक डाले गए, लेकिन जलकुंभियां कम होने की जगह दिन -प्रतिदिन बढ़ती ही चली जा रही हैं। इसको लेकर कई बार जनांदोलन भी हुए। लेकिन फिर वही ढ़ाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

मकड़ी से मछली तक, मशीन से सीड बॉल्स तक और सैकड़ों लोगों के श्रमदान का दौर देख चुके दलपत सागर की आस अभी टूटी नहीं है। दलपत सागर के उद्धार के लिए मौजूदा कलेकर विजय दयाराम के. भी श्रमदान में हाथ बंटा चुके हैं। कलेक्टर विजय संगीत प्रेमी और पर्यावरण संरक्षण में विशेष रूचि रखने वाले अधिकारी माने जाते हैं। इसलिए दलपत सागर की आस अभी टूटी नहीं है। जल से भी संगीत की तरंगें उठती हैं और पर्यावरण को समृद्ध बनाए रखने में जल का अहम योगदान होता है। इसलिए दलपत सागर से उठने वाली जल तरंगें कलेक्टर विजय दयाराम के. को पुकार रही हैं – ‘कलेक्टर साहब मुझे बचा लीजिए, मैं पूरे जगदलपुर को बचाए रखने में योगदान दूंगा।’ उम्मीद है दलपत सागर की यह करुण पुकार सहृदय कलेक्टर विजय तक जरूर पहुंचेगी और बस्तर की इस समृद्ध विरासत का संरक्षण हो पाएगा।

करप्शन में देवी -देवताओं को भी नहीं बख्शा, मंदिर की राशि में घपलेबाजी

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  •  कौड़ावंड पंचायत में मंदिर मरम्मत की रकम कर ली हजम
  • काम कराया 30 हजार का, खर्चा बताया डेढ़ लाख

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायतों कोई भी काम भ्रष्टाचार से अछूता नहीं रहता है। नाली, सड़क, भवन, शेड आदि कार्यों में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। अब तो मंदिर जैसी पवित्र जगह को भी करप्शन करने वालों ने नहीं छोड़ा है। ऐसे कई मामले पूर्व में आ चुके हैं। ताजा मामला बकावंड जनपद की ग्राम पंचायत कौड़ावंड के आश्रित ग्राम मादियागुड़ा से सामने आया है, जहां मंदिर मरम्मत के लिए स्वीकृत डेढ़ लाख रुपए में से महज 30 हजार खर्च कर बाकी रकम हजम कर ली गई है।

2022-23 में आदिवासी संस्कृति परिरक्षण एवं विकास योजना के तहत मादियागुड़ा के भंगाराम मंदिर के मरम्मत कार्य के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी राशि से एक अच्छा सा नया मंदिर निर्माण किया जा सकता था, लेकिन सरपंच सचिव ने काम चलाऊ मरम्मत कार्य कराया है। ग्रामीणों और भंगाराम मंदिर के पुजारी का कहना है कि बार-बार बोलने के बाद भी मंदिर का मरम्मत कार्य घटिया एवं गुणवत्ता विहीन कराया गया है। ग्रामीण खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि सरपंच और सचिव ने मंदिर मरम्मत के लिए मिली राशि की बंदरबांट कर ली है। ढंग का कार्य नहीं किया गया है। मरम्मत के नाम से स्वीकृत डेढ़ लाख रुपए में से महज 30 हजार रूपए ही खर्च किए गए हैं। इस देवगुड़ी के पास आस्था का प्रतीक एक चबूतरा भी है। लोग इस चबूतरे को भी देवतुल्य मानकर उसका दर्शन पूजन करते हैं। मंदिर में बैठने के लिए टाइल्स लगाए गए हैं, मगर प्लास्टर तक नहीं करवाया गया है। गांव के ग्रामीण पंचायत के सरपंच व सचिव के पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। सरपंच सचिव के कार्यों से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल लगाकर राशि हजम कर ली गई है। ग्रामीणों ने कार्य की जांच कराने की मांग उठाई है।

वर्सन

दिखवाते हैं क्या है मामला

पंचायत सचिव बघेल अभी बीमार है। इलाज कराने वाल्टेर गया है। उसके आने पर मामला क्या है दिखवाता हूं।

– एसएस मंडावी,   सीईओ, जनपद पंचायत बकावंड

अब रात 10 बजे के बाद नहीं सुनाई देगी कानफोड़ू आवाज

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  •  ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित 
  • शांति समिति की बैठक में लिया गया फैसला 

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शांति समिति की बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजकों से चर्चा के दौरान कहा कि त्यौहार को सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मनाया जाना है इसमें सभी समुदायों की सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग हेतु सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगी। जिला कार्यालय में आयोजित शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, सीएसपी श्री पुष्कर, एसडीएम भरत कौशिक सहित गणेश उत्सव आयोजक समितियों के सदस्य, डीजे संचालक और ईद मिलाद उन नबी के लिए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में गणेश की स्थापना के लिए आयोजक समितियों को कहा गया कि पंडाल बनाते वक्त आवागमन को निर्बाध गति से जाने की सुविधा और सजावट की वजह से वाहनों की निकासी में दिक्कत नहीं होने इसका ध्यान रखें।

ये व्यवस्थाएं जरूरी

पंडालों में आयोजक समिति की सदस्यों की पर्याप्त संख्या रखने, आपातकालीन सम्पर्क नंबर का प्रदर्शन, अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था करने भी कहा गया। गाड़ी में डीजे लगाकर चलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग हाईकोर्ट के निर्देशानुसार करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई जाएगी। विसर्जन के एक दिन पूर्व गणेश पंडाल समिति द्वारा थाने में सूचना देनी होगी। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए रूट भी तय किया गया। जिसमें छोटे वाहनों से विसर्जन करने वालों के लिए खड़कघाट को चिन्हाकित किया गया है और बड़े वाहनों में गणेश विसर्जन करने वाले जगदलपुर- आसना मार्ग के पुल का उपयोग करेंगे। बैठक में मुस्लिम समुदाय के साथ ईद ए मिलाद उत्सव के लिए स्थल चिन्हाकन हेतु प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के उपरांत अनुमति देने पर सहमति बनी।

ड्राइवर ने शराब लाने से इंकार किया, तो साहब ने थमा दिया नोटिस, वाहन चालक ने लगाई गुहार

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  •  सरकारी खर्चे पर बच्चों को स्कूल छोड़ने और घुमाने का दबाव
  • घर का निजी काम भी करवाता है डीपीएम 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से एक अफसर से जुड़ी हैरान करने वाली खबर सामने आई है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में एक बोलेरो वाहन चालक ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) पर शोषण का आरोप लगाया है। उसने अपने साथ हो रहे अत्याचारों की शिकायत की है। और न्याय की गुहार लगाई है।

वाहन चालक कैलाश ठाकुर ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव बघेल पर शराब मंगवाने और अपने घर के निजी कार्य करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।कैलाश ने कहा कि अधिकारी उसे न केवल सरकारी कार्यों के लिए बल्कि अपने निजी कार्यों के लिए भी परेशान करते हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना सुबह 8.30 बजे बुलाकर बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा कार्यालय बंद होने के बाद भी उसे देर रात तक रोके रखा जाता है। साप्ताहिक व अन्य अवकाश के दिनों में भी उसे बच्चों को सैर कराने और बाजार में मैम साहब को शॉपिंग के लिए ले जाने के वास्ते बुलाया जाता है। कैलाश का आरोप है कि पिछले 8 माह से यह सिलसिला लगातार चल रहा है। लेकिन उसकी आवाज अनसुनी कर दी गई है। कार्रवाई नहीं होने से डीपीएम ड्राइवर को और ज्यादा प्रताड़ित कर रहे हैं। ड्राइवर कैलाश सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव बघेल उसे प्रतिदिन शराब लाने के लिए भेजते हैं। कैलाश ने बताया कि वह खुद शराब नहीं पीता और डीपीएम द्वारा बार-बार शराब मंगवाने से उसे झिझक महसूस होती है। जब वह इस काम से इंकार करता है, तो उसे धमकी दी जाती है कि उसका वाहन कार्यालय से निकाल दिया जाएगा और नोटिस देकर परेशान किया जाता है। कैलाश ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उसकी हालत को देखते हुए वह जल्दी घर जाना चाहता है, लेकिन डीपीएम उसे देर रात तक रोके रखते हैं। इन हालातों से परेशान होकर उसने 11 बिंदुओं पर आधारित लिखित शिकायत पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिया है। इसकी प्रति नारायणपुर कलेक्टर को भी सौंपी गई है।

हटाए गए थे धमतरी से

छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से डीपीएम की मनमानी और भ्रष्टाचार की खबरों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से शराब लाने ले जाने और घरेलू नौकरों की तरह कर्मचारियों का शोषण करने के मामले थमने का नाम नही ले रहे हैं। यही कारण है कि डीपीएम सरकारी गाड़ी और ड्राइवर का इस्तेमाल अपने बच्चों को स्कूल लाने ले जाने से लेकर बाजार घुमाने और शॉपिंग के लिए कर रहे हैं। डीपीएम राजीव बघेल इससे पहले धमतरी में पदस्थ थे। वहां के तत्कालीन कलेक्टर पीएस एल्मा ने डीपीएम की ऎसी हरकतों के कारण राज्य कार्यालय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को उसका दूसरे जिले में तबादला करने के लिए पत्राचार किया था।

वर्सन

सारे आरोप निराधार

मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। ड्राइवर कैलाश कई बार सरकारी कार्य में अनुपस्थित रहता है और फोन करने पर वह फोन भी नहीं उठाता। कैलाश को रात में सिर्फ आपातकालीन स्थिति में बुलाया गया है।

राजीव बघेल,

    डीपीएम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नारायणपुर 

 

वर्सन

कराएंगे जांच

मुझे अभी ड्राइवर कैलाश का शिकायत पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही जांच कराएंगे और आरोप सही निकले, तो कार्रवाई जरूर होगी।

डॉ. एसएस राज 

           सीएमएचओ, नारायणपुर

भाजपा सरकार की कठपुतली बनकर इशारे पर नाच रही है छत्तीसगढ़ पुलिस : दीपक बैज

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  • अराजक तत्वों को बचाने में लगी है सरकार : बैज

अर्जुन झा-

जगदलपुर एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद और छत्तीसगढ़ में घटित हो रहे दुराचार सहित अन्य आपराधिक मामलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि सरकार अपराधियों को बचाने का काम कर रही है और पुलिस उसके हाथों की कठपुतली बनकर नाच रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए पीड़ित का एफआईआर दर्ज होने नहीं दिया गया। मैंने स्वयं और कांग्रेस के कार्यकर्ता, नेताओं ने सरस्वती नगर थाने में जब 5 घंटे तक धरना दिया, तब दबाव में आकर पुलिस प्रशासन ने पीड़ित का एफआईआर दर्ज की। सरकार अपराधियों को बचाने के लिए पीड़ितों के साथ अन्याय कर रही है, कानून का मखौल उड़ा रही है। दीपक बैज ने पूछा है कि क्या प्रदेश में दो प्रकार के कानून हैं? भाजपा नेताओं के लिए अलग कानून और आम जनता के लिए अलग कानून हैं। बेहद दुखद और निंदनीय है कि संविधान की शपथ लेने वाले मंत्री आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं। प्रदेश अपराधियों को बचाने के लिए पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने देते। ऐसे में अपराधियों का हौसला बढ़ेगा ही। आज प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था है, अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। पीड़ित और आम जनता डरी हुई है। प्रदेश में रोज बलात्कार, हत्या, गैंग रेप, लूट, अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि वह कानून और पुलिस को अपना काम करने नहीं दे रही है। क़ानून को कठपुतली की तरह नचाना चाहते हैं। पूरे प्रदेश में यही स्थिति है। थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए आम लोगों को पीड़ित के साथ आंदोलन करना पड़ता है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी कानून का पालन कराने में बेबस और लाचार हैं। सरस्वती नगर थाना में एफआईआर दर्ज करने के लिए जिस प्रकार से कांग्रेस को आंदोलन करना पड़ा है इससे स्पष्ट प्रमाणित होता है कि आम जनता और पीड़ित का एफआईआर दर्ज करने में क्या स्थिति रहती होगी?

उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से नवाजे गए एंकट राव

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कोंडागांव जिले के संकुल केंद्र करंजी के शिक्षक टी. एंकट राव को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक व भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने सम्मानित किया।

         इस अवसर पर विधायक सुश्री लता उसेंडी के अतिरिक कोंडागांव जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम, उपाध्यक्ष भगवती पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष दीपेश अरोरा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई, जिला शिक्षा अधिकारी आदित्य चांडक, डीएमसी महेंद्र पांडे, जिला साक्षरता अधिकारी वेणु गोपाल राव, पांचों विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड श्रोत समन्वयक

एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी, शिक्षक व छात्र छात्राएं उपस्थित थे। श्री राव ने शैक्षणिक जगत में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं।इसके अतिरिक्त टी. एंकट राव ने सामाजिक, सांस्कृतिक बौद्धिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहते हुए संस्था के छात्र छात्राओं विभिन्न गतिविधियों के साथ जोड़कर उन्हे प्रेरित कर उनका मार्गदर्शन किया।उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, पर्यावरण बचाओ अभियान, जल बचाओ अभियान, नो पॉलिथीन अभियान, आओ स्कूल चलें अभियान, मतदाता जागरूकता अभियान सहित शिक्षा की गुणवत्ता के क्षेत्र मे अपने विद्यार्थियों के साथ कई जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।इसके अलावा विशेष दिवसों पर छात्र छात्राओं के माध्यम से मानव श्रृंखला बनाकर अलग अलग विषयों पर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। इसी कड़ी में नो पॉलिथीन अभियान से जुड़कर हस्ताक्षर अभियान से लोगो को जोड़कर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।शिक्षक राव प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के दिन छात्र छात्राओं से उपहार स्वीकार न कर स्वयं अपने व्यय से तीन निर्धन छात्र छात्राओं को शाला गणवेश, जूते मोजे और विभिन्न पाठ्य सामग्रियों को उपहार स्वरूप प्रदान करते हैं। इन्होंने समय समय पर बाढ़, भूकंप पीड़ितों के लिए भी लोगो से धनराशि एकत्रित कर प्रधानमंत्री राहत कोष में भेज अपना योगदान देने का प्रयास किया है।कोरोना काल में भी उन्होंने 11 हजार की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कर मानवता का परिचय दिया था। साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं व संस्कृतिक गतिविधियों में भी आर्थिक योगदान कर उन्हे प्रोत्साहित करने का कार्य किया है।

शिक्षक राव को इसके पूर्व 2015 में राज्य स्तरीय सम्मान राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है इसके अलावा इन्हे आदिवासी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम भुवनेश्वर ओडिशा में बेस्ट स्काट पर्सन, छग राज्य युवा आयोग द्वारा कला के क्षेत्र में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छग शिक्षक संघ जिला कोंडागांव, आंध्र समाज ओडिशा इत्यादि संस्थाओं ने शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में इनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया है।इस दौरान प्राचार्य नरेंद्र नायक, छग शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष निर्मल शार्दूल, टीचर एसोसिएशन अध्यक्ष ऋषिदेव सिंह, कंवल साय मरकाम, प्राचार्य शिवलाल शर्मा, मधु तिवारी, ब्रजेश तिवारी, बलवंती कुजूर, जी.रामेश्वर राव, अशोक साहू आदि उपस्थित थे।

अब बस्तर के लोगों को भी बड़े शहरों की तरह मिलेगी चिकित्सा सुविधाएं

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  • हेल्थ मिनिस्टर जायसवाल ने स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का किया निरीक्षण

जगदलपुर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को जगदलपुर के डिमरापाल में निर्माणाधीन 240 बेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया और इसे प्रदेश का सबसे अच्छा अस्पताल बनाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस अस्पताल को सर्व सुविधायुक्त और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित बनाया जाएगा।ताकि बस्तर के लोगों को बड़े शहरों की तरह चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान अस्पताल के निर्माण की स्थिति की पूरी जानकारी ली और थर्ड फ्लोर तक भ्रमण कर विभिन्न वार्डों के निर्माण सहित सिटी स्कैन एमआईआर, तथा ऑपरेशन कक्ष इत्यादि का अवलोकन किया।

 

उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति दी और भवन को दो माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही हॉस्पिटल को अपग्रेड करने के लिए भी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। इस दौरान सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरणदेव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक बैदूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

विस्फोटक सामग्री के साथ 3 सक्रिय नक्सली गिरफ्तार

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  • नक्सलियों के कब्जे से विस्फोटक सामग्री बरामद

जगदलपुर बस्तर के बीजापुर जिले में शुक्रवार को तीन सक्रिय नक्सली विस्फोटक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किए गए हैं। उनके कब्जे से बारूद, जिलेटिन राड और अन्य विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी, थाना बासागुड़ा, कोबरा 210वीं बटालियन और सीआरपीएफ 168वीं वाहिनी की संयुक्त टीम थाना बासागुड़ा क्षेत्र के सारकेगुड़ा पेगड़ापल्ली के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सर्चिंग अभियान पर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान सारकेगुड़ा- पेगड़ापल्ली के मध्य जंगल से संदिग्ध 3 व्यक्त्यिों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में कुड़ामी सोमलू जन मिलिशिया सदस्य, लिंगू सेमला ऊर्फ लिंगा मिलिशिया सेक्शन कमांडर, सोमलू कड़ती आरपीसी अध्यक्ष शामिल हैं। इन नक्सलियों के कब्जे से कोर्डेक्स वायर, जिलेटिन, गन पावडर सफेद- काला, डेटोनेटर एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। पूछताछ करने पर प्लाटून नम्बर 10 के कमांडर मल्लेश द्वारा सारकेगुड़ा पुलिया के पास सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए बम लगाने हेतु सामग्री उपलब्ध कराया गया था। इन नक्सलियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में वैधानिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया।

आकाशीय बिजली गिरने से मौत हुई थी

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*गाज गिरने से सीआरपीएफ के तीन जवानों की मौत*
= दंतेवाड़ा के बारसूर में ट्रेनिंग के दौरान हुई घटना =
= एक दिन पहले बीजापुर में एक जवान की हुई थी मौत =
*जगदलपुर।* बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से दो दिन के भीतर सीआरपीएफ के तीन जवानों की मौत हो गई। आज शुक्रवार को दंतेवाड़ा जिले में एकसाथ दो जवान गाज गिरने से जान गंवा बैठे। दोनों जवान सीआरपीएफ 111वीं बटालियन में पदस्थ थे। एक दिन पहले ही बीजापुर जिले में भी सिआरपीएफ के एक जवान की भी
आज मृत दोनों जवान दंतेवाड़ा जिले के बारसूर में टेमरुभाटा पारा के पास संचालित नक्सल विरोधी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेने आए हुए थे। इसी दौरान शुक्रवार दोपहर लगभग 3 बजे परिसर में आकाशीय बिजली गिरी। इससे कांस्टेबल महेंन्द्र कुमार निवासी प्रयागराज उत्तर प्रदेश व एस. शहुअट आलम निवासी साहिबगंज झारखंड को गंभीर चोटें आईं। दोनों जवानों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल दंतेवाड़ा लाया गया, जहां डाॅक्टरों ने दोनों जवानों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मृत जवानों के परिजनों को सूचित कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। ज्ञात हो कि दो दिन पहले पड़ोसी जिले बीजापुर में भी गश्त के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सीआरपीएफ जवान की मौत हो चुकी है।

1000 सुहागिन नारियों को करूं भात खिलाकर श्रृंगार वितरण किया गया।

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दल्लीराजहरा संजय बैस जी (जनपद सदस्य डौंडी ब्लॉक)। ग्राम कुसुमकसा में लगातार 25 वर्ष से तीजहारिन सुहागिन नारियों को तीज की पावन पर्व पर करु भात खिलाकर श्रृंगार वितरण किया जाता है ,इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमारे ग्राम कुसुमकसा में इस वर्ष भी तीजहारिन सुहागिन नारियों को सामूहिक रूप से करू भात खिलाकर श्रृंगार वितरण किया गया ।संध्या 7:00 बजे भगवान भोलेनाथ की महा आरती की गई जिसमें बहुत सारे लोग आरती पूजन में सम्मिलित होकर स्तुति वंदन में भाग लिए।

करु भात के इस आयोजन में तीजहारिन नारियों नेअपने सखी सहेलियों से मिलकर आनंद की अनुभूति प्राप्त की ।और कार्यक्रम को बहुत सराहा ।सभी के चेहरे में खुशी के पल देखने को मिला। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है अपनी संस्कृति को बचाए रखना और लोगों को संस्कृति और परिवेश से जोड़कर रखना ।वर्तमान समय में लोग अपनी संस्कृति को छोड़कर फुहड़ संस्कृति को अपना रहे हैं तीज पर्व को सहेज कर रखना हमारा मुख्य उद्देश्य है इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ग्राम सरपंच  शिवराम सिंद्रामें में जी।डौंडी विकासखंड क्षेत्र के संजय बैस जी (जनपद सदस्य):.. उप सरपंच दीपक यादव जी , शंकर लाल पिस्दा जी,  राय सिंह लेड़िया जी । नंदकिशोर पिस्दा जी। गोविंद सिंन्हा जी । गौरी शंकर साहू जी। सुरेश कोठारी जी।  राजू सिंन्हा जी । रवि यादव जी । मोनू गुप्ता जी।  वीरेंद्र डड़सेना जी । लखन गिरी गोस्वामी जी । रजनू धनकर जी।  टीकम लाल साहू जी। हुमन कौशिक जी। पति राम चुरेंद्र जी।  सोमनाथ रावटे जी । प्रशांत सिहारे जी।  गोविंद चुरेंद्र जी  कपूर बढ़ई जी। अमर सिंह पटेल जी । द्वारिका साहू जी। इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष रूप से उपस्थिति देकर सहयोग प्रदान किये।

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