महासमुंद – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक सामूहिक हत्या का बड़ा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है. एक महिला और उसकी 5 बेटियों ने तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है. मृतक महिला की उम्र 45 साल की है और उसकी पांचों बेटियों की 10 साल से 18 साल के बीच है | बताया जा रहा है कि महिला का पति के साथ विवाद हुआ तब वह अपने बच्चों के साथ वहां से निकल गई थी | मृतक परिवार जिले के बेमचा गांव का निवासी है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के शराब पीने से परेशान थी और इसी कारण उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था कल रात भी महिला का पति शराब पीकर आया था और जिससे उनके बीच कहासुनी हुई और महिला अपनी पाँचों बेटियों को साथ लेकर घर से निकल गई और उसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ |
जिले के महासमुंद और बेलसोंडा रेलवे क्रासिंग के मध्य बीती रात उमा साहू (45 वर्ष), उनकी बेटी अन्नपूर्णा (18 ), यशोदा (16 ), भूमिका (14 ), कुमकुम (12 ) और तुलसी (10 वर्ष) ने रेलगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली.
केन्द्र एवं राज्य सरकार का उद्देश्य शांति के साथ-साथ बस्तर का विकास करना
कैम्प खोले जाने से जनताना सरकार में खलबली मची
सिलगेर मुठभेड़ में ग्रामीण नहीं नक्सली मारे गये
नवीन गुप्ता/अर्जुन झा जगदलपुर – बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार का उद्देश्य बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाको में कैम्प की स्थापना कर नक्सलवाद का खात्मा करना एवं बस्तर में शांति के साथ विकास करना है। इसके लिए केन्द्रीय सुरक्षा बल एवं राज्य के पुलिस बेहतर तालमेल के साथ काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि बिहड़ों में कैम्पों की स्थापना से पुलिस नक्सलियों के मांद में पहुंच रही है इससे नक्सलियों का क्षेत्र सिमटता जा रहा है। नक्सली क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को आगे कर कैम्प का विरोध कर रहे है जिसका मुख्य उदाहरण सिलगेर है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में सिलगेर के ग्रामीण नहीं मारे गये है मारे गये नक्सल संगठन के सदस्य।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सुकमा जिले के संवेदनशील क्षेत्र जहां नक्सलियों का साम्राज्य चलता है उस क्षेत्र के सिलगेर में 12 मई को कैम्प खोला गया था। कैम्प खोले जाने के बाद 12 से 16 मई के बीच ग्रामीण विरोध कर रहे थे।
पुलिस के अधिकारी वहां के ग्रामीणों को समझाने में लगभग कामयाब हो गये थे। ग्रामीण की मांग के अनुरूप सड़क, बिजली, पानी,स्कूल खोलने का आश्वासन भी दिया जा चुका था। इसकी भनक नक्सल संगठन के लोगों तक पहुंचते ही जगरगुण्डा,तरम, बासागुम सहित आसपास के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण 17 मई को उपस्थित हुए। इसी भीड़ में कई बड़े नक्सली नेता भी मौजूद थे जो ग्रामीणों को आगे कर इनके बीच में पहुंचे थे। नारेबाजी के साथ-साथ नक्सल संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बचाव में पुलिस जवानों को फायरिंग करना पड़ा इस फायरिंग में तीन नक्सली सहयोगी मारे गये थे।
उन्होंने बताया कि मारे गये ग्रामीण सिलगेर के नहीं है वह दूसरे गांव के नक्सली सहयोगी थे जो नक्सलियों के बड़े नेताओं के इशारे पर पुलिस कैम्प में हमला करने पहुंचे थे। आईजी ने बताया नक्सली नेता के द्वारा पुलिस कैम्प को आग के हवाले करने का भी प्रयास किया गया था।
नक्सली ग्रामीणों को बनाया हथियारः
बस्तर आईजी ने बताया कि जगरगुण्डा, बासागुड़ा, मद्देड़ क्षेत्र में सक्रिय दर्जनों नक्सली संगठन ग्रामीणों पर दबाव बनाकर कैम्प खोलने का विरोध करवा रहे है। विरोध में सिलगेर के नहीं दूसरे गांव के लोग पहुंचे है जो ग्रामीणों को आगे कर अपना वर्चस्व हासिल करना चाहते है।
उन्होंने बताया कि कैम्प की स्थापना से जिला मुख्यालय की दूरी भी कम हुई है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग आसानी से जिला मुख्यालय पहुंचकर आसानी से काम करा पाते है।
उन्होंने बताया कि कैम्प खोले जाने के बाद से बासागुड़ा, जगरगुण्डा सहित कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों का निर्माण हुआ है और उन इलाकों में लोगों का आवागमन बढ़ा है,नक्सलियों का साम्राज्य कम हुआ है।
स्कूल बच्चे भी आंदोलन में शामिल: बस्तर आईजी ने बताया कि मुखबीर से चूना मिली है कि पोटाकेबिन में रहने वाले बच्चे भी सिलगेर कैम्प का विरोध करने पहुंचे है। पुलिस को ऐसी सूचना मिली है कि उन बच्चों पर नक्सल संगठन का दबाव था जिसके कारण से सिलगेर आंदोलन में शरीक हुए है। ऐसे दर्जनों बच्चों को नक्सली ब्रेनवास कर नक्सल संगठन में जोडनने का दबाव भी बना रहे है जिसका लेकर उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल है।
उन्होंने बताया कि ऐसे छात्रों को पहचान कर मामला शांत होते ही बिहडों से बाहर निकालकर पोटाकेबिन पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा ताकि कलम के बदले बंदूक पकड़ने से रोका जा सके।
सिलगेर कांड शांत कराने का प्रयास जारी: आईजी ने बताया कि सिलगेर घटन की निष्पक्ष जांच कराई जायेगी। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित होने एवं कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल जांच प्रारंभ नहीं कराया जा सका है। मामला शांत होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होगी और ग्रामीणों को आंदोलन के लिए भड़काने वाले उपद्रवियें पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं पुलिस ग्रामीणों से बात कर मामला शांत कराने में जुटे है। प्रशासन द्वारा दिये गये आश्वासन के अनुरूप सिलगेर के ग्रामीण मान गये है,संभवतः एक दो दिन में आंदोलन भी समाप्त हो जायेगा। सिलगेर कैम्प भी संचालित होगा जहां से नक्सली गतिवधियों पर नजर रखते हुए नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन भी चलाया जायेगा।
जगदलपुर।कोविड के महामारी में हम सब ने महसूस किया है कि देश और प्रदेश में बड़ी संख्या में चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाये। मोदी सरकार अपनी तरफ से नए चिकित्सा संस्थानों को खोलने की कोई ठोस पहल तो कर नही रही जो राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बना कर आगे बढ़ रही उसके कामो में भी मोदी सरकार अड़ंगेबाजी कर रही है। एक तरफ जहां पूरे देश में कोविड-19 का संक्रमण फैला हुआ है और केंद्र सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है। ऐसी विपरीत स्थिति में भी छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार अपने संसाधनों से ही इस संक्रमण का डटकर मुकाबला कर रही है।
सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते ही छत्तीसगढ़ ऑक्सीजन सरप्लस स्टेट के रूप में उभर कर सामने आया है। इसको कोविड संक्रमण काल में भी छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई। बल्कि दूसरे राज्यों को भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई छत्तीसगढ़ से की गई। 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार रही लेकिन उन्होंने कभी भी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास नहीं किए।
राज्य में अस्पतालों की कमी को देखते हुए भूपेश बघेल सरकार ने महासमुंद, कांकेर और कोरबा में सौ-सौ सीटों का नया मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी की थी। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेता यह कतई नहीं चाहते छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो। इसीलिए जानबूझकर जीएसटी और बेड की कमी का हवाला देकर तीनों मेडिकल कॉलेजों की अर्जी ही रद्द कर दी है। जबकि सरकारी प्रक्रिया के अनुसार अगर आवेदन में कोई कमी थी तो उसे पत्र लिखकर सूचित किया जा सकता था और समस्या को खत्म करने के उपाय भी खोजे जा सकते थे। लेकिन जिस द्वेष की भावना से केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के साथ व्यवहार कर रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
जगदलपुर।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के बैनर तले ,कल दिनांक 11 जून 2021 (शुक्रवार) को प्रातः 10:00 बजे से कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ गलत नीतियों के कारण देश में पेट्रोलियम पदार्थ के उत्पादों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में हो रही बेतहाशा मूल्य वृद्धि के विरोध में स्थानीय स्तर पर स्थित पेट्रोल/डीजल पंप के समक्ष प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया जाना सुनिश्चित है।
शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की ग़लत नीतियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ोतरी हो रही है जिसके कारण सभी वर्गों को आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी हो रही है। केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जिले के समस्त पेट्रोल पम्पों में निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण/ स्थानीय प्रदेश/जिला/ब्लॉक एवं मोर्चा/प्रकोष्ठ/विभाग के पदाधिकारीगण प्रदर्शन करेंगे।
5.हेमन्त कवि पिता जनार्दन कवि उम्र 30 वर्ष, निवासी आसना नयापारा
आसना जंगल में चल रहे जुआ के फड़ पर रेड कार्यवाही कर 05 आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करने में कोतवाली पुलिस को सफलता हासिल हुई है । सूचना प्राप्त हुआ था कि ग्राम आसना जंगल में कुछ जुआड़ी ताश के पत्तो पर रूपये पैसे का दांव लगाकर जुआ खेल रहे है सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा, अति. पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में रेड कार्यवाही हेतु टीम तैयार कर रवाना किया गया था उक्त टीम के द्वारा दर्शित स्थल पर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया । रेड कार्यवाही के दौरान 05 जुआड़ी जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़ा गया पूछताछ पर जिन्होनें अपना नाम चन्द्रध्वज जोशी, हितेश सेठिया, नीलकंठ कश्यप, मनीराम मौय, एवं हेमन्त कवि होना बताये जिनके फड़ एवं पास से 16,100/-रूपये नगद, 07 नग मोबाईल, 06 नग मोटर सायकल, 02 नग चेक, ताश के पत्ते बरामद किया गया । ज्ञात हो की उक्त चेक के माध्यम से भी फड़ पर दांव लगाया गया था । मामले में उक्त 05 आरोपियों के विरूद्व धारा 188,269,270 भादवि, 03 महामारी अधिनियम, 13 जुआ एक्ट के तहत अपराधिक प्रकरण पंजीबद्व कर गिरफ्तार कर कार्यवाही किया गया है । उक्त जप्त सम्पत्ति की सम्पूर्ण अनुमानित कीमत – 05,00,000/- रूपये आंकी गई है ।
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी- निरी0 एमन साहू, उनि0 होरीलाल नाविक, संजय वट्टी सउनि. निलाम्बर नाग, सतीश श्रीवास्तव आर0 भुपेन्द्र नेताम, गायत्री प्रसाद तारम, प्रकाश नायक, रवि ठाकुर, रवि सरदार, दीपक कुमार
नगरनार | 9 जून, 2021 : हर साल की तरह इस वर्ष भी एन एम् डी सी के एकीकृत स्टील प्लांट परियोजना में ५ जून को विश्व पर्यावरण दिवस धूम धाम से मनाया गया। कोरोना गाइड लाइन के मद्दे नज़र सामाजिक दूरी का पालन करते हए वृक्षरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मख्य अतिथि श्री प्रशांत दास, अधिशासी निदेशक, नगरनार स्टील प्लांट एवं विशिष्ठ अतिथि श्री प्रमोद शेखर पांडे, क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल, जगदलपुर ने पहल किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में श्री प्रशांत दास ने कहा, “स्टील प्लांट के पर्यावरण नीति के अनुसार परियोजना के पूर्ण होने पर पर्यावरण हितैषी इस्पात उत्पादन का हमारा संकल्प है। हम देश के सबसे बहतरीन इस्पात संयंत्र का निर्माण कर रहे हैं जिसमें कदम कदम पर इस बात का ध्यान रखा जा रहा है की अभिनव प्रक्रियाओंको अपनाकर प्रदुषण रोकने और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव से बचने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ऐसे स्थिति में हमें पर्यावरण जागरूकता पर ज्यादा ध्यान देना होगा”।
परियोजना में कार्यरत सभी को दास ने पर्यावरण संरक्षण हेतु शपत दिलवाई
और पर्यावरण की तरफ अपने कर्तव्य को याद दिलाते हुए हर व्यक्ति को साल में काम से काम एक पौधा लगाने का आग्रह किया। इस अवसर पर दिलीप कुमार मोहंती, मुख्या महाप्रबंधक (ऑपरेशन्स ), वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और दोनों यूनियन के पदाधकारीगण उपस्थित थे।
प्रति वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस का थीम नर्धारित करती है। इस साल का थीम था “पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration)’, जिसका उद्देश्य प्रकृति और हमारे सम्बन्ध को पुनर्स्थापित करना है। इसी थीम को केंद्रित कर परियोजना में १ जून से ५ जून तक पर्यावरण पखवाड़ा मनाया गया। पर्यावरण पखवाड़े के अंतर्गत हिंदी और अंग्रेजी में निबंध तथा स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया और “वाटर तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट” पर पर्यवरण विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक श्री अजय सिंह द्वारा ऑनलाइन पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन से सभी कर्मचारियों को अवगत कराया गया।
अपनी समस्याओं के तत्काल निराकरण की पहल होने से खुश होकर लौटे ग्रामीण
जगदलपुर:- नक्सलवाद की वजह से अवरुद्ध हुए विकास कार्य का दंश अब भी अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीण झेल रहे हैं। दरभा विकासखंड के अति संवेदनशील ग्राम पंचायत मुंडागढ़ के खंगालडेरा के लोग आज भी चुआ का पानी पीने को मजबूर है। यहां शासन द्वारा बिजली का खंबा तो लगाए गए किंतु बार बार अवरोध होने की वजह से आज तक बिजली सुविधा बहाल नहीं हो पाई है। बगैर पानी और पानी के आज भी ग्रामीण जिने को मजबूर है। अपनी इस समस्याओं को लेकर आज मुंडागढ़ के उपसरपंच हिड़मा, चैतूराम कश्यप एवं ग्रामीणजन संसदीय सचिव एवम जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन से मिलने पहुंचे।
उन्होंने अपनी सारी समस्या विधायक को बताई जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जगदलपुर विधायक ने पानी की व्यवस्था के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तेंदुलकर को दुरभाष पर चर्चा करते हुए तत्काल वहाँ जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए एवं पानी की व्यवस्था के लिए तत्काल बोर खनन के निर्देश दिए। वहीं इन ग्रामीणजनों की बिजली व्यवस्था को भी प्रारंभ करने के उद्देश्य से जैन ने सीएसपीडीसीएल के कार्यपालन यंत्री पोयम को वहां तत्काल अवरुद्ध पड़े कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।इसी तरह ग्राम का निवासी युवक चैतुराम कश्यप जो की अभी बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र है उन्होंने जैन से निवेदन किया कि वह बेरोजगार है उसे किसी प्रकार का रोजगार मिल सके। इस पर जैन ने जिला कलेक्टर रजत बंसल से फोन पर कहा कि गांव में ही अगर किसी प्रकार का रिक्त पद हो तो उसे वहीं पदस्थ करने की बात कही। जिस पर कलेक्टर ने युवक से मिलने को कहा। अपनी समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही से ग्रामीणजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, उपसरपंच हिड़मा ने बताया कि ग्रामीण काफी उम्मीद लेकर जगदलपुर पहुंचे थे और उनकी बातों को विधायक ने गंभीरता से सुना और सभी विषयों पर तत्काल कार्यवाही की जिसमें वे बेहद खुश है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि हमारा गांव भी मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी का मोहताज नहीं होगा उन्हें भी सभी सुविधाएं मिलेगी। उल्लेखनीय है कि मुंडागढ़ उड़ीसा के ग्राम लुलेर छत्तीसगढ़ के चांदामेटा, दलदली, तुलसी, मुण्डागढ़ के बीच का जंक्शन है।
एनजेसीएस के घटक यूनियन के नेताओं की बैठक जूम एप पर इंटक अध्यक्ष डॉक्टर संजीवा रेड्डी की सम्मानजनक वेज रि जीवीजन, कोविड-19 में मरे इस्पात श्रमिकों के आश्रितों को नौकरी, एनपीएस सर्कुलर की वापसी, ठेका मजदूरों का वेज रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर 30 जून को इस्पात मजदूरों के एक दिवसीय हड़ताल का फैसला लिया गया ।
उसके पूर्व 28 जून को काला दिवस आयोजित कर काला बिल्ला लगाकर प्रतिरोध दिवस आयोजित करने ,29 जून को सेल और आर आई एन एल के साथ सेल के सभी स्टील प्लांट के क्षेत्रों और खदानों में सामूहिक भूख हड़ताल आयोजित करने के फैसले के साथ 14 जून को या उसके पूर्व प्रबंधन को हड़ताल नोटिस देने का फैसला लिया गया ।बैठक में इंटक अध्यक्ष संजीवा रेड्डी के अलावे मुख्य रूप से एटक अध्यक्ष रमेंद्र कुमार, सीटू महासचिव तपन सेन, एचएमएस के संजय बढ़ाओकर,बीएम एस के डी के पांडे सहित सभी स्टील प्लांट के सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियन नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में एटक के स्टील फेडरेशन के महासचिव जी आदिनारायणा, एटक सचिव विद्यासागर गिरी, बोकारो एटक के महासचिव रामाश्रय प्रसाद सिंह सहित दुर्गापुर से तरुण दास ,बर्नपुर से उत्पल सिन्हा, माइंस से कमलजीत सिंह मान ,राउरकेला से आर सेटी सहित विभिन्न श्रम संघों इंटक्, सीटू, एचएमएस एवं बीएमएस के नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में हुई फैसलों को अमल में लाने हेतु एटक के साथी अपने अपने प्लांट एवं माइंस में संयुक्त बैठक की पहल कर कार्यक्रम की सफलता हेतु पूरी ताकत से जुटे और प्रेस में बयान दिया जाय और प्रचार करें।
आज दिनांक 09/06/2021को हुई एनजेसीएस के सभी श्रमिक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में 30 जून के हड़ताल की प्रमुख मांगे
1) अविलंब वेज रिवीजन वो भी 15,35,9के फार्मूले पर और पूर्ण एरियर के साथ। 2) सेल पेंशन ट्रस्ट के अनुमति के बिना प्रबंधन द्वारा थौपे गये एनपीएस स्कीम शीघ्र वापस लिया जाए। 3) कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारियो एवं ठेका मजदूरो का नियोजन और मुआवजा। 4) ठेका मजदूरो का भी सम्मानजनक वेज रिवीजन। 5) विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेना होगा।
संघर्ष की रूपरेखा
1) दिनांक 14/06/2021 को सेल के सभी ईकाईयो और खदानों में हड़ताल नोटिस। 2) दिनांक 28/06/2021काला दिवस। 3) दिनांक 29/06/2021 को भुख हड़ताल । 4) दिनांक 30/06/2021 को संपूर्ण सेल एवं आर आई एन एल मे एक साथ हड़ताल।
आदिवासियों के लिए आरक्षित क्षेत्र में आदिवासी सुरक्षित नही
दल्लीराजहरा – जन मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि विगत दिनों बालोद जिला के डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के विद्युत मंडल डौंडी में पदस्थ जिम्मेदार शासकीय अधिकारीयो के साथ क्षेत्रीय विधायक और मंत्री का धौंस दिखाकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा दुर्व्यवहार कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया गया व तबादला करने की मांग कर छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का अपमान करने जैसे निंदनीय घटना का जनमुक्ति मोर्चा छ.ग. घोर विरोध करता है।
एक तरफ उनके मंत्री व सरकार प्रदेश में सुशासन की बात करते हैं और इनके छोटे कार्यकर्ता व मंत्री समर्थक आए दिन रोड जाम कर सरकार की पोल पट्टी खोलने में आतुर हैं। इस घटना से यह साबित होता है कि सरकार बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता को ग्रामीण इलाकों में सही ढंग से संचालित करने में असफल रही है। जिस तरह से पूर्व में भाजपा शासन के दौरान पुलिसिया दमन के साथ मंत्री व पुलिस के संरक्षण में सलवा जुडूम के बहाने आदिवासियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर दबंगई व गुंडागर्दी किया जाता था ठीक उसी तरह की कार्यशैली क्षेत्रीय विधायक व मंत्री द्वारा वर्तमान समय में अपनाया जा रहा है।
आदिवासियों के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी मंत्री विधायक होने के बावजूद आदिवासी अधिकारी व क्षेत्र की जनता सुरक्षित नहीं है । सरकार अपनी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सड़क जाम करने वालो पर और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के ऊपर कठोर कार्यवाही करें जैसे कि बाकी संगठन, पार्टी, आम जनता के ऊपर व्यवहार करने में तत्परता दिखाते हैं।
सत्ता का दुरुपयोग कर दबाव की राजनीति के तहत हुए तबादले की निष्पक्ष जांच की जाए। छत्तीसगढ़ सरकार के स्थानीय मंत्री के घोर लापरवाही के चलते ग्रामीण क्षेत्रों और हाथी विचरण क्षेत्र में एक सप्ताह से बिजली की सुचारू व्यवस्था नहीं रही। इसका ठीकरा अधिकारी और कर्मचारियों को जलील कर उन पर फोड़ा गया। इस बात को क्षेत्र की आम जनता को समझना है।
क्षेत्रीय मंत्री के कार्य में आने पर विपक्ष के बजाय उनके कार्यकर्ता सड़क जाम कर उंगली उठा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र का विकास सही ढंग से नहीं हो पा रहा है या फिर क्षेत्र में मंत्री की आड़ में उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा दबंगई किया जा रहा है जिसकी संगठन द्वारा घोर निंदा की जाती है। मंत्री के आड़ में सड़क जाम करना व आदिवासी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करना व मंत्री के राज में ग्रामीणों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल पाना तथा शासकीय कार्य में बाधा व सड़क जाम करने वालों के ऊपर कठोर कार्यवाही करने की मांग करते हैं और क्षेत्र में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने में पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया गया तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला बालोद के निर्देशानुसार लघु अधिनियम के अंतर्गत अधिक से अधिक कार्यवाही किया जा रहा है इसी अभियान के तहत थाना राजहरा, देवरी में जुआ एक्ट एवं थाना बालोद, गुरुर, अर्जुन्दा में सट्टा एक्ट के तहत् पुलिस स्टाफ द्वारा अपने थाना क्षेत्र में रेड की कार्यवाही किया गया |
अवैध रूप से सट्टा पट्टी लिखते नगदी 5600/- रूपये के साथ आरोपी गिरफ्तार
थाना बालोदं:- अपराध क्रमांक 176/2021 धारा 4(क) जुआ एक्ट आरोपी
संतोष वैष्णव पिता गणेश वैष्णव भाठापारा तरौद थाना/जिला बालोद (छ.ग.)
(1) अपराध क्रमांक 167/2021 धारा 4(क) जुआ एक्ट आरोपी बिरेन्द्र कुमार ओझा पिता पुनीत राम ओझा उम्र 27 वर्ष सा.दानीटोला पटेलपारा थाना गुरुर जिला बालोद (छ.ग.)
(2) अपराध क्रमांक 168/2021 धारा 4(क) जुआ एक्ट आरोपी खिलावन राम साहू पिता शिवप्रसाद साहू उम्र 53 वर्ष सा. गुरुर वार्ड क्रं.12 थाना गुरुर जिला बालोद (छ.ग.)