जगदलपुर। शनिवार सुबह किसी यात्री का बैग बस स्टैण्ड प्रांगण में मिलने पर स्थानीय आटो चालक जोगेन्द्र द्वारा उसे चौकी प्रभारी नया बस स्टैण्डके पास जमा किया गया। उसकी जानकारी देते हुए चौकी प्रभारी कांतोपानी ने बताया कि आटो चालक द्वारा उक्त बैग को जब जमा किया गया तब हमने सभी के सामने खुलवाकर देखा उसमें कुछ कपड़ों के अलावा एक एसबीआई का एटीएम कार्ड है। हमने उत बैंग को सुरक्षित चौकी में रखा है जिस किसी भी यात्री का यह बैग होगा वह अपनी पहचान बताकर बैग एवं एटीएम कार्ड ले जा सकता है। चौकी प्रभारी के अनुसार आये दिन इसी प्रकार की घटनाये आती रहती है। लेकिन पुलिस चौकी में उपस्थित कर्मचारी यात्रियों को उनक सामान वापस दिलवाने हमेशा सहयोग करते है।
जगदलपुर । शहर में 18 जुलाई की रात कालीबाड़ी स्कूल के समीप सराफा व्यापारियों से हुई लूट के मामले में जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर करीब 10 थानों की पुलिस टीम लूटेरे की तलाश में लग गई है। कुछ नई जानकारी के साथ शुक्रवार को चार टीम उड़ीसा भेजी गई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को उनके गुुप्तचरों ने जानकारी दी कि लूटेरे मुख्य मार्ग का उपयोग न कर छोटे ग्रामीण रास्तों के सहारे फरार हुए हैं। अत: संभावना बनती है कि वे बकावंड-करपावंड होते हुए उड़ीसा के सीमावर्ती क्षेत्र में प्रवेश कर कहींआस-पास छूप सकते हैं। व्यापारी संघ ने भी इस मामले में एसपी जितेन्द्र मीणा से मुलाकात कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने एवं शहर में लगे सीसी टीव्ही कैमरे को सुधारने की मांग की है। आज सराफा व्यापारी से हुई लूट के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कुछ भी सफलता नहीं मिली है। इससे सराफा व्यापारियों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है।
सराफा व्यापारियों के अनुसार अबतक पुलिस को कुछ भी सूत्र नहीं मिलना उनकी असफलता को ही उजागर करता है। हालांकि नये पुलिस कप्तान आने के साथ ही पुलिस जवाबी कार्यवाही करते हुए कुछ सुराग के आधार पर अपनी टीम नवरंगपुर, जयपुर, कोरापुट सहित उड़ीसा के कई जिलों में भेजी है ताकि वे उड़ीसा पुलिस से मुलाकात कर कुछ संदेहियों से पुछताछ कर कुछ सुराग इक्_ा कर सके। खबर है कि इस मामले में पुलिस को कुछ सफलता भी हाथ लगी है। इसी के आधार पर अब एक साथ कई टीमों को उड़ीसा के विभिन्न जिलों में अपराधियों की पतासाजी करने भेजा गया है। पुलिस कप्तान जितेन्द्र मीणा इस मामले में काफी गंभीरता बरतते हुए जिले के 10 थानों के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को इस मामले की जांच सौंपते हुए उन्हें लगातार पतासाजी करने निर्देश दिए हैं। इसी मामले में बस्तर चेंबर आफ कामर्स का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को ही एसपी से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली उनके द्वारा भी शहर में लगे सीसी टीवी कैमरों को तत्काल दुरूस्त कराने की मांग की है।
बालोद जिला के प्रभारी मंत्री व केबिनेट मंत्री उमेश पटेल जी के प्रथम बालोद आगमन पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री उमेश पटेल जी का झलमला चौक में भव्य स्वागत किया गया।
केबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय लोकप्रिय विधायक अनिला भेंडिया जी से विश्राम गृह बालोद में मुलाकात किया गया।
ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री क्षितिज चंद्राकर व AIPC बालोद जिला प्रभारी विकास भेंडिया जी के द्वारा आयोजित महादेव भवन बालोद में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की प्रथम बैठक में शामिल हुए।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर ,मंत्री मीडिया प्रभारी विवेक मसीह, जिला महामंत्री रतिराम कोसमा,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष काशीराम निषाद, जिला सचिव द्वय के ईश्वर राव, रवि जायसवाल, ब्लॉक उपाध्यक्ष जीवन लाल साहू ब्लॉक महामंत्री श्रीनिवास राव,हरिश खस,मुरली पटेल, जागेश्वर यादव, पार्षद चंद्रप्रकाश सिन्हा, कोषाध्यक्ष नवीन कथूरिया,सयुक्त सचिव विल्सन मैथ्यू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे।
जगदलपुर, 24 जुलाई । कलेक्टर रजत बंसल के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा बस्तर जिले मेें अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर बंसल इसकी सतत् माॅनीटरिंग कर आयुक्त नगर निगम तथा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों एवं सहायक संचालक नगर निवेश को अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के निर्देशानुसार नगरपालिका निगम जगदलपुर, राजस्व विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश के टीम द्वारा सर्वे कर जगदलपुर शहर में 98 अवैध प्लाट की जानकारी तैयार की गई है। इसके साथ ही अब तक नगरपालिक निगग जगदलपुर में 44 एवं ग्रामीण क्षेत्र में 54 अवैध प्लाट होने की सूचना मिली है। जिसके अनुसार शहरी क्षेत्र के सभी 44 अवैध प्लाटिंग से संबंधित मूल भूमि-स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें में कुछ भू-स्वामियों का जवाब भी प्राप्त हुआ है। निगम द्वारा पूर्व में 14 बड़े अवैध प्लाटिंग करने वालों को 4 अगस्त 2021 तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
जिला पंजीयक ने बताया कि संदिग्ध अवैध प्लाटिंग वाले खसरों की रजिस्ट्री रोक दी गई है। अवैध प्लाटिंग के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जगदलपुर द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत किया गया है। आयुक्त नगरपालिक निगम ने बताया कि नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 एवं कॉलोनाइजर रजिस्ट्रीकरण नियम 2013 के प्रावधान अनुसार अवैध प्लाटिंग करने पर 3 से 7 वर्ष की कारावास एवं संपति राजसात करने का प्रावधान है। अवैध प्लाटिंग की वजह से शासन को राजस्व हानि के अलावा सार्वजनिक सुविधाओं के लिए कम भूमि उपलब्ध होती है। साथ ही शहर का विकास भी अनियमित तरीके से होता है, जिससे आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और न्यायालयीन मामलों में अनावश्यक वृद्धि होती है।
राजस्व, जिला पंजीयक, नगर निगम और नगर एवं ग्राम निवेश द्वारा 5 अगस्त 2021 तक अवैध प्लाटिंग प्रकरण से संबंधित सभी भूमि के समीप नोटिस बोर्ड लगाया जाएगा। भूखण्ड में अप्राधिकृत निर्माण को तत्काल हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। अवैध काॅलोनी से होने वाले नुकसान एवं परेशानियों को उल्लेखित करते सूचना बोर्ड बनाकर तहसील कार्यालय, नगरपालिक निगम कार्यालय, नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय एवं पंजीयन कार्यालय में प्रदर्शित किया गया है। जिससे आम नागरिकों में अवैध काॅलोनी के संबंध में जागरूकता आएगी।
15 सितम्बर 2021 तक अवैध प्लाटिंग करने वालों को विधिवत सूचना देकर निराकरण कर न्यायालय में दाण्डिक कार्यवाही हेतु प्रकरण तैयार किया जाएगा। 30 सितम्बर 2021 तक अवैध काॅलोनी से संबंधित भूमि का प्रबंधन अपने हाथ में लेकर नगरपालिक निगम, राजस्व विभाग और नगर एवं ग्राम निवेश काॅलोनी को विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे। साथ ही नगर एवं ग्राम निवेश द्वारा 31 अगस्त 2021 तक अवैध निर्माण को चिन्हांकित कर दाण्डिक प्रकरण तैयार कर अप्राधिकृत निर्माण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। राजस्व और ग्राम एवं नगर निवेश द्वारा नगरनार एवं लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र का निवेश क्षेत्र घोषित करने की सम्पूर्णं कार्यवाही की जाएगी।
छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताते हुए मुख्य महाप्रबंधक राजहरा के माध्यम से निदेशक (प्रभारी) भारतीय इस्पात प्राधिकरण, लिमिटेड भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई को राजहरा खान समूह में कार्यरत ठेका श्रमिको की लंबित समस्या के निराकरण के लिए 29/07/2021 से सीधी कार्यवाही की सूचना आज दिनांक-12/07/2021 को देते हुए शीघ्र निराकरण के सम्बंध में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ माइस अमिक संघ के अध्यक्ष गणेश राम चौधरी के साथ शैलेष कमार, बम्बोरे, सोमनाथ उइके. राजाराम बरगद मुबारक शाह, नासिक यादव, रेवा, अमर ठाकुर रवि सहारे मोहन साह, राजेश, मोहित,सत्येन्द्र, तिलक राजपूत, सुरेन्द्र साहू, देवानंद, प्रदीप, भीमराव,किसुन इन्द्रपाल, रघुनदन एवं टोपेश्वर, एवं अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उपरोक्त दोनों संदर्भित पत्र के मातहत एवं अनेको बार उच्च प्रबंधन द्वारा इन ठेका श्रमिकों के सम्बंध में चर्चा के बावजूद अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है प्रबंधन द्वारा चिकित्सा के सम्बंध में कमेटी का गठन तो कर दिया गया है, परन्तु पूरा कोरोनाकाल निपट जाने के बावजूद ठेका श्रमिकों की चिकित्सा सुविधा पर अभी तक निर्णय नहीं लिया जा सका है। हमारी पत्र कमाक-CMSS/DR/21/37 Dated-07.04.2021 क मातहत हमन 22/04/2021 को सीधी कार्यवाही में जाने का नोटिस दिया था, परन्तु कोरोना संक्रमण के कारण उस कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था, प्रबंधन की समस्त कार्यवाही जारी थी, परन्तु ठेका रमिकों के उक्त नोटिस के सम्बंध में कोई बातचीत या कार्यवाही नही की गई, जिससे ठेका श्रमिकों में रोष व्याप्त है, तथा दिनाँक 29/07/2021 को सीधी कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे।
राजहरा खान समूह में कार्यरत ठेका श्रमिकों की आयरन ओर उत्पादन में तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उत्कृष्ठ उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्षों से ठेका श्रमिकों द्वारा उनका योगदान, कार्य कुशलता एवं वर्क-कल्चर को बनाते हुए नये-नये कीर्तिमान स्थापित किये है. तथा दुनिया में भिलाई इस्पात संयंत्र का नाम रोशन किया है।
भारत सरकार द्वारा स्थापित नयी नीतियों के तहत राजहरा खान समूह के ठेका श्रमिकों को पूर्व में प्राप्त वेतनमान तथा अन्य । सुविधाओं में भारी कटौती की गयी है, जबकि आज की पीढ़ी की ठेका श्रमिक नियमित कर्मचारियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर तीनों पालियों में माइनिंग । ऑपरेशन प्लांट ऑपरेशन मेकनिकल, क्लीनिंग, डिस्पेच, इत्यादि स्थायी व लगातार प्रवृति के कार्यो में वर्षों से लगे हुए है। फिर भी छोटी-छोटी आधिकारिक एवं तकनीकी पेंचबाजी से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बच्चों की पढ़ाई पारिवारिक स्वास्थ्य की समस्या के कारण उनके जीवन स्तर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्तमान समय में नई भर्ती नगण्य है, नियमित कर्मचारियों के रिक्त स्थान को ठेका श्रमिकों से भरपाई की जा रही है. नियमित कर्मचारियों की अपेक्षा ठेका श्रमिकों की संख्या अधिक होती जा रही है, जो निरंतर आगे बढ़ने की सम्भावना है, परन्तु ठेका श्रमिकों की वेतन भत्ते. शिक्षा स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाएं पूर्ववर्ती ठेकेदारी श्रमिकों की अपेक्षा लगातार गिर रही है।
वर्ष 2021-22 के एन्युवल बिजनेस प्लान के तहत् उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में ठेका श्रमिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, इस कठिन दौर में प्रबंधन को चाहिए कि ठेका श्रमिकों के बारे में भिलाई इस्पात संयंत्र के ही पूर्ववर्ती प्रबंधन में जो नियम व शर्ते बनायी थी. उन्हें पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। जिससे खदान व प्लांट में औद्योगिक शांति को बनाये रखा जा सके, और कार्य संचालन में उत्तरोतर गति आ सके।
अतः आपसे अनुरोध है, कि ठेका श्रमिकों के निम्नलिखित समस्याओं का अतिशीघ्र निराकरण करेंगे। (1) ठेका श्रमिकों का उन्नयन:-नियमित कर्मचारियों का वेतन समझौता लंबित है, समझौता के उपरान्त एक ही प्रकार के एवं साथ-साथ काम करने वाले ठेका श्रमिकों
के वेतन में और भी बड़ी खाई उत्पन्न होने वाली है, वर्ष 1996 के पूर्व खदानों में लगभग 7 हजार ठेका श्रमिकों के लिए प्रबंधन द्वारा समझौता किया जाता था, जो आज सिर्फ श्रमिकसहकारी समिति के ठेका कर्मचारियों पर लागू है. जबकि वर्तमान में ठेका श्रमिकों की संख्या लगभग 1700 है।
अतः आपसे से अनुरोध है, कि राजहरा खान समूह के स्थायी एवं लगातार प्रवति के कार्यो में लगे समस्त ठेका श्रमिकों का वेतनमान एवं अन्य सुविधाएँ श्रमिक सहकारी समिति के समतुल्य की जाय। :(2) डिफिकल्ट एरिया स्पेशल एलाउंसः-(DASA) भारत सरकार द्वारा बालोद जिला को नक्सली बेल्ट मानती है, कुसुमकसा से दक्षिण की ओर के इलाके को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी डिफिकल्ट एरिया जोन घोषित की है, उन इलाकों में पदस्थ सरकारी कर्मचारियों को भी डिफिकल्ट एरिया स्पेशल एलाउंस(DASA) प्राप्त होती है, इसी उद्देश्य से भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन भी अपने नियमित कर्मचारियों को 2014 से डिफिकल्ट एरिया स्पेशल एलाउंस प्रदान करती आ रही है.
इस डिफिकल्ट एरिया जोन में ठेकेदारी कर्मचारी भी कार्य करते हए भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए उत्पादन करते है। तथा नक्सली लोग नियमित व ठेका कर्मचारियों में मतभेद नही करते है, बल्कि प्रबंधन ही मतभेद पैदा करती है।
अतः आपसे अनुरोध है, कि ठेका कर्मचारियो को भी डिफिकल्ट एरिया स्पेशल एलाउंस प्रदान कराने की कृपा करे। (3) उत्पादन प्रोत्साहन स्कीम :-राजहरा खान समूह में प्रतिदिन उत्पादित ROM की 60 प्रतिशत हिस्सा ठेका कर्मचारियों द्वारा उत्पादन किया जाता है। इसी प्रकार प्लाट ।
आपरशन मन्टनस एव डिस्पेच में भी ठेका कर्मचारियों की भागीदारी नियमित कर्मचारियों के साथ समान रुप से होती है। वहीं नियमित कर्मचारियों का उत्पादन प्रात्साहन स्कीम में भागीदारी बनाया जाता है, तथा ठेका कर्मचारियों को इस स्कीम से अलग रखा गया है। जिससे ठेका कर्मचारियों के अंदर आक्रोश एव हीन भावना पदा हो रही है,जिसकासीधा असर उत्पादन तथा औद्योगिक अशांति की तरफ पनपते जा रही है।
अतः आपसे अनुरोध है, कि ठेका कर्मचारियों को भी उत्पादन प्रोत्साहन स्कीम में सम्मिलित की जाय।। (क) कॅन्टीन व्यवस्था:-यर्तमान केन्टीन व्यवस्था में ठेका श्रमिकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. पर्व की व्यवस्था में 1 रुपये में नाश्ता की व्यवस्था थी परन्तु अब उसकी । दर को बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया गया है. कूपन की व्यवस्था है, परन्तु अधिकाश ठेकेदार 7 रुपये प्रति कपन के हिसाब से 182 रुपये प्रतिमाह कर्मचारियों के वेतन से । काटलेते है, जबकि बी.एस.पी. के नियमितकर्मचारियों को 32 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है। जबकि कूपन व्यवस्था प्रारंभ हुई थी, उस समय ठेका श्रमिकों को भी फ्री में कूपन उपलब्ध कराने की बात कही गयी थी।
अतः आपसे अनुरोध है, कि ठेका कर्मचारियों के लिए भी केन्टीन भत्ता का प्रावधान किया जाय।। (5) भत्ताः- राजहरा खान समूह के अन्तर्गत में 56 ठेका संचालित हो रही है, आधे से अधिक ठेका कर्मचारियों को भत्ते के नाम से कुछ भी प्राप्त नही होता है वर्ष 2017 में
प्रबंधन द्वारा भत्तों की असमानता को दूर करने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया था. कमेटी द्वारा अपनी रिपोट प्रबंधन को अगस्त 2019 में ही साप चुकी है, परन्तु – उच्च प्रबंधन द्वारा अभी तक उसकी अनुशंसा नहीं किये जाने के कारण कर्मचारियों तक इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रबंधन से बार-बार अनुरोध के बाद भी तकनीकी पंचबाजी आड़े आ रही है, जिससेकर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
अतः आपसे अनुरोध है, कि वर्तमान समय में श्रमिक सहकारी समिति के ठेका श्रमिकों को प्राप्त होने वाली खदान भत्ता, मकान भत्ता, साइकिल एलाउंस रात्रि पाली भत्ता, को अन्य ठेका श्रमिकों के लिए भीलागू किया जाय।
उपरोक्त मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही कर ठेका श्रमिकों को राहत प्रदान करने की कृपा करेंगे। ताकि औद्योगिक शांति को बरकरार रखा जा सके, अन्यथा राजहरा खान समूह के ठेका कर्मचारी दिनॉक 29/07/2021 से सीधी कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे।
दल्लीराजहरा गायत्री परिवार दल्लीराजहरा द्वारा गायत्री शक्तिपीठ मे गुरू पुर्णिमा के पावन पर्व के पूर्व दिवस दिनांक 23/7/2021 को सुबह6.00 बजे से शाम 6.00 तक अखण्ड जाॅप किया गया जिसमे गायत्री परिवार के अलावा अनेक भगतो ने भाग लेकर गायत्री मंत्र का जाप किया ।दिनांक 24/7/2021को सुब्ह 8.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक पांच कुण्डी गायत्री यज्ञ किया गया। जिसमे सैकड़ो शिष्यो ने यज्ञ मे आहूति देकर गुरू को श्रध्दा सुमन अर्पित किए इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी शिव कुमार कलिहारी ध्दारा गुरू की महिमा का बखान करते हुए कहा कि “गुरू ब्रम्हा गुरू विष्णु:,गुरूदेवो महेश्वर: ।गुरूदेव परब्रम्हा तस्वीर श्री गुरूदेव नमः ।
गुरू को ब्रह्म के रूप मे सृजन कर्ता, विष्णु के रूप पालन कर्ता और शिव के रूप मे न्याय कर्ता माना गया है। गुरू वह ,जो कर्तव्य की सत्प्रेरणा प्रदान कर शिष्य को परम श्रेष्ठ लक्ष्य की ओर प्रवृत्त करता है ।केवल यही एक श्लोक गुरू शब्द की महत्ता को स्पष्ट करते हुए पर्याप्त है। एक सर्वोपरि विशेषता है गुरू शिष्य परंपरा।अनादिकाल से चली आ रही यह गुरू शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अति उत्तम धरोहर है।
गुरू एक तरफ शक्ति का स्रोत है तो दूसरी तरफ भक्ति का आधार है।तो तीसरी तरफ मुक्ति का मंत्र दाता है।सद्गुरु ईश्वर का दिया हुआ वरदान है।परमपूज्य गुरूदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य हमारे सर्वस्व है उनकी कृपा से ही हम स्वय का बोध प्राप्त कर सकते है। अतः गुरू पूर्णिमा के इस पुनीत अवसर पर उनके प्रति अपनी श्रध्दा व भक्ति के सुमन अर्पित करना चाहिए इसलिए आप हम सब लोग गुरू की श्रध्दा व भक्ति के सुमन अर्पित करने के लिए एकत्र हुए है।
व्यास पीठ से यज्ञ का संचालन चारू साहू कुमारी चांदनी साहु, चंचल साहु, अलका सोनी, हेमंत साहु, सोहन साहु और राणा ध्दारा संगीत मय यज्ञ का संचालन किया गया। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने मे श्री रूपराम वर्मा, भानुप्रताप साहू, पीताम्बर साहू, राधेश्याम साहु, हिमान्सु साहु नाथूराम साहु कालान्तर सिंहा, देवेन्द्र साहु, सुरेश देवांगन, धर्मेंद्र वर्मा, दीनानाथ दुबे, सविता वर्मा, निर्मला कलिहारी, रेणुका गंजीर, वीणा साहु, मंजू साहू ओमिन साहु,कल्याणी साहु, चंद्रभागा वर्मा वंदना साहु, वीणा साहु, किरण सार्वा, रेखा साहु सावित्री साहु कौशिल्या साहु, केशा देवी साहु उमा सोनी, कविता डे, उषा सिंह, इन्दिरा शिरोमणि माथुर चंचलानीआ,हेमा यादव कुसुम शर्मा, गायत्री चानाब, नागेश जैन आदि सदस्यो का सहयोग रहा |
थाना गुण्डरदेही में पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा, जिले में जुआ सट्टा अवैद्य शराब बिक्री के विरुद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत दिनांक 23/07 को मुखबीर सूचना पर सिकोसा निवासी शाहिद रजा पिता सुबराती खान उम्र 21 वर्ष साकिन सिकोसा थाना गुण्डरदेही के द्वारा बाजार चौक सिकोसा आम जगह में विभिन्न अंको के सामने रूपये पैसे का दांव लगाकर सट्टा पट्टी नामक जुला खेलने की सूचना पर सहायक उप निरीक्षक पी आर साहू को रेड कार्यवाही हेतु सिकोस रवाना किया गया ,टीम द्वारा सिकोसा बाजार चौक के पास घेराबंदी किया तो आरोपी शाहिद रजा पिता सुबराती खान उम्र 21 वर्ष साकिन सिकोसा थाना गुण्डरदेही जिला बालोद विभिन्न अंको के सामने रूपये पैसे का सट्टा पट्टी लिखते रंगे हाथो पकडा गया उसके कब्जे से नगदी रकम 1500 रूपये एवं अंको के सामने रूपये पैसे का दांव लगा एक लाईनिंगदार कागज में लिखा 01 नग सट्टा पट्टी पर्ची व एक डाट पेन मिला जिसे जपत कर आरोपी शाहिद रजा का कृत्य धारा 4(क) जुआ एक्ट में गिरफतार किया गया। एवम आरोपी को प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के तहत जेल भेजा गया है ।
नाम आरोपी- आरोपी शाहिद रजा पिता सुबराती खान उम्र 21 वर्ष साकिन सिकोसा थाना गुण्डरदेही जिला-बालोद जप्त संपत्ति-सट्टा पट्टी ,पर्ची ,1500 रुपये नगद
जिले में पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा अवैध शराब बिक्री ,सट्टा ,जुआ , के विरुद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत ,थाना गुण्डरदेही के ग्राम सिकोसा के रेलवे फाटक शराब भट्टी के नजदीक आम जगह पर लोगों को शराब पीने की सुविधा मुहैया कराने वाले आरोपीगण चंदू निषाद ,जितेंद्र सागर ,धर्मेन्द्र गोयल ,जितेंद्र सागर, राजू सारथी की अस्थाई दुकान पर रेड कार्यवाही कर पकड़ा गया मौके में शराब और डिस्पोजेबल ग्लास जप्त की गई, आम जगह में शराब पिलाने का कोई वैध लाइसेंस नही होने से सभी आरोपीगण को आबकारी एक्ट की धारा 36 सी आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर कार्यवाही की गई।
नाम आरोपी गण-
1)चंद्रु निषाद पिता बिसाहू निषाद उम्र 30 साल सा महद बी थाना गुंडरदेही
2)- धर्मेंद्र गोयल पिता स्व केशुराम उम्र 32 साकिन सिकोसा
3) जितेंद्र सागर उर्फ जीतू पिता दीनदयाल सागर उम्र 30 साल सा सिकोसा
-4) राजु सारथी पिता अशोक सारथी उम्र 34 साल सा सिकोसा थाना गुंडरदेह
5) – हरीशचंद्र देशलहरे पिता काशीराम देशलहरे उम्र 32 साल सा सिकोसा थाना गुंडरदेही
जप्त संपत्ति–
मौके पर शराब पिलाते शराब व डिस्पोजेबल ग्लॉस,पानी का पाउच
जगदलपुर। बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासियों के हक में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल ने जिस तरह धर्मांतरण के मुद्दे पर सीधे तौर पर यह कहा है कि जबरिया और प्रलोभन से धर्मांतरण का एक भी मामला हो तो जानकारी उपलब्ध कराएं, कड़ी कार्रवाई होगी, उससे ऐसा सियासी संकेत मिला है कि भाजपा को इस मामले में राजनीति करने का मौका देने के मूड में भूपेश बघेल कतई नहीं हैं। इसे इस तरह भी देखा जा सकता है कि भाजपा के परंपरागत सियासी मुद्दे पर भूपेश बघेल की नज़र है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश के समय से धर्मांतरण कानून लागू है। गौरतलब है कि भाजपा लम्बे समय से धर्मांतरण का विरोध करती रही है। उसके दिवंगत नेता दिलीप सिंह जूदेव तो बाकायदाधर्मावतरण अभियान चलाकर लोगों की धर्म वापसी कराते थे। जब भी राज्य के किसी क्षेत्र में धर्मांतरण की खबर सामने आई, तब तब भाजपा मोर्चा खोलती रही है।आदिवासी अंचलों में धर्मांतरण की घटनाओं पर भाजपा हमेशा मुखर रही है लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि किन्हीं भी कारणों से आदिवासी अंचलों में तेजी से धर्मांतरण हुआ है। अब सरकार इस मामले में संवेदनशील है और खुद मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल ने साफ तौर पर यह कहा है कि इस तरह के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम बघेल कह रहे हैं कि एक भी मामला जानकारी में हो तो बताएं। इसका अर्थ यह हुआ कि छत्तीसगढ़ में मौजूदा समय में जबरिया अथवा प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का सिलसिला पूरी तरह से रुक गया है।
यह सच है कि धर्मांतरण कानून मध्यप्रदेश के समय से लागू है तो सवाल यह उठता है कि तब से अब तक धर्मांतरण मामलों का हल्ला क्यों मचता रहा और इस दौरान राज्य में कितने लोग किस तरह धर्मांतरित हुए? वैसे आदिवासी समाज में चेतना का लगातार विस्तार होने तथा सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होने से धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर विराम लगा है। तब भी वंचित इलाके के लोगों को पर्याप्त राहत देना जरूरी है। ताकि वे किसी तरह के प्रलोभन में आकर मजबूरी में कोई समझौता न करें। भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस को आदिवासी अंचलों में जबर्दस्त सफलता मिली है तो जाहिर है कि वे आदिवासियों का भरोसा कायम रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। बस्तर के सुकमा जिले में पहले से ही धर्मांतरण के खिलाफ सख्ती की मुनादी सुनाई पड़ चुकी है। अब सीएम बघेल ने इस बाबत जो कड़ा संकेत दिया है, उसका असर पूरे राज्य में पड़ना स्वाभाविक है। आदिवासियों को अपनी भावनाओं और संस्कृति से बहुत गहरा लगाव है। इस वर्ग के जो भी लोग धर्मांतरण के लिए तैयार हुए, उन्होंने व्यवस्थित जीवन की उम्मीद में ही यह कदम उठाया होगा। जीने की जरूरतों की मजबूरी बहुत बड़ी होती है। जीवन शैली से समझौता बहुत कठिन होता है। ऐसे में कोई समझौता किया जाय तो यह तय है कि यह कदम न उठाए जाते, इसके विकल्प मौजूद नहीं थे। जो हो चुका, वह अतीत की व्यवस्था की देन है। मगर अब ऐसा न हो, कोई विषमता धर्मांतरण का रास्ता न खोले, इस दिशा में भूपेश बघेल सरकार सतर्क है। वह आदिवासियों को वहां भी भू अधिकार पट्टे वितरित कर रही है, जहां नक्सलियों की वजह से ऐसा नहीं हो सका था।
कहा जा रहा है कि जिन अंदरूनी इलाकों में भाजपा की सरकार आदिवासियों को भू अधिकार पट्टे वितरित नहीं कर सकी, वहां भूपेश बघेल की सरकार यह कर रही है। अब इससे उम्मीद है कि आदिवासियों की हालत इतनी सुधर सकती है कि वे किसी प्रलोभन का शिकार होने से बच सकें। अगर सियासी लिहाज से देखा जाए तो भूपेश बघेल का यह सकारात्मक नजरिया आदिवासियों के मन में कांग्रेस के प्रति भरोसा कायम रखने में कारगर हो सकता है।
दल्लीराजहरा – राजहरा माइंस के सेंट्रल गैरेज में कार्यरत जन मुक्ति मोर्चा के ग्राम इकाई आलिखूटा के ठेका श्रमिक बहल सिंग का बीएसपी के गाड़ी ट्रायल के दौरान हुई मौत…
सेंट्रल गैरेज पर कार्यरत बहल सिंग, कलीराम, तेजसिंग कुमेटी (वाहन चालक) और एक सीआईएसएफ जवान ये सभी लोग बीएसपी के गाड़ी का ट्रायल लेने मनकुंवर (हवाई पट्टी) गए थे जिसमें ट्रायल के दौरान वाहन पलटने से बहल सिंग गाड़ी के सामने का ग्लास (काँच) को तोड़ कर बाहर गिरा जिससे मौके पर मौत हुई और कली राम को सेक्टर 9 रिफर किया गया दो लोग को स्थानीय बीएसपी हॉस्पिटल के वार्ड पर भर्ती कराया गया…
जन मुक्ति मोर्चा छतीसगढ़ के मुखिया साथी बीएसपी हॉस्पिटल में बहल सिंग के परिवार के एक सदस्य को बीएसपी नौकरी और आर्थिक सहायता देने पर अड़े…