छत्तीसगढ़ में कई ऐसे विधायक है जो अपने अंदाज़ से पहचाने जाते है | इन्ही विधायकों में कांग्रेस के केशकाल विधायक संतराम नेताम का भी नाम शामिल है जो कि कल दशहरा पर्व के दिन भोलेनाथ के वेश भूषा में लोगो के बीच उपस्थित हुए। फूल पौधे के साथ जटा स्वरूप धारण किये विधायक यह रूप लोगो को बहुत पसंद आया। बकौल विधायक मैं जनता का सेवक हु। उनके चेहरे पर प्रसन्नता दिखी ।
दल्ली राजहरा :- छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज द्वारा डॉ.अंबेडकर संस्कृतिक भवन पुराना बाजार में धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस धूमधाम से मनाया गया । प्रातः काल समाज के अध्यक्ष गुलाब मेश्राम ,महिला मंडल की अध्यक्ष शशि चुनारकर ,समाज के संरक्षक जी.एस. खोबरागड़े ,पूर्व अध्यक्ष डॉ.जे.डी. गजभिए, कार्यकारी अध्यक्ष पवन मेश्राम सहित समस्त पदाधिकारियों ने अंबेडकर सांस्कृतिक भवन पुराना बाजार एवं अंबेडकर शिशु मंदिर सुभाष चौक में पंचशील एवं नीले झंडे का ध्वजारोहण किया तत्पश्चात उपस्थित उपासक उपासिकाओ ने त्रिशरण पंचशील का पाठ कर वंदना की। सायंकाल मुख्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर विशिष्ट अतिथि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक बांबेश्वर ,विशेष अतिथि नगर पालिका की पार्षद श्रीमती टी. ज्योति, पार्षद चंद्र कुमार बोरकर , संरक्षक जी .एस .खोबरागडे , समाज के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जे.डी .गजभिए ,अनिल खोबरागडे एवं समाज के अध्यक्ष गुलाब मेश्राम की अध्यक्षता एवं समाज प्रमुखों की उपस्थिति में वंदना कक्ष का लोकार्पण किया तत्पश्चात सामूहिक वंदना की गई।
इस अवसर पर उपस्थित उपासक उपासिकाओ को संबोधित करते हुए समाज के संरक्षक जी एस खोबरागड़े ने बाबासाहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के साथ धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर विस्तार से जानकारी दी । दल्ली राजहरा नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज की बड़ी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन एवं नए भारत के निर्माण में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । तत्कालीन समाज में दलितों से हो रहे छुआछूत ,भेदभाव एवं उत्पीड़न से मुक्ति दिलाने के लिए बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाकर धम्म चक्र प्रवर्तन किया । विशिष्ट अतिथि अशोक बांबेश्वर ने बाबासाहेब का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें सिंबल ऑफ नॉलेज एवं सविधान पिता बताया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि पार्षद टी.ज्योति ,पार्षद चंद्रप्रकाश बोरकर , पूर्व अध्यक्ष डॉ . जे. डी . गजभिए ,पूर्व अध्यक्ष अनिल खोबरागडे, कार्यकारी अध्यक्ष पवन मेश्राम ने संबोधित किया। समाज
की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी तृप्ति खोबरागड़े ने बाबासाहेब आंबेडकर के धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस पर अपनी स्व लिखित कविता प्रस्तुत की ।समाज अध्यक्ष गुलाब मेश्राम ने मुख्य अतिथि को मांग पत्र सौपते हुए अध्यक्षीय भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल रंगारी एवं आभार प्रदर्शन अमित बांबेश्वर ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ईश्वर खोबरागडे ,अरूण उके ,पवन खोबरागडे, मदन चुनारकर, अनिल रामटेके, विकास खोबरागड़े ,बंटी रंगारी, ओमप्रकाश खोबरागड़े मुरली रंगारी, राजेंद्र मेश्राम ,जैनेंद्र श्रीरंगे, राजू रामटेके, निखिल जयंवते ,छत्तीसगढ़ बौद्ध महिला मंडल की अध्यक्षा शशि चुनारकर,पूर्व अध्यक्ष माया मेश्राम, गोदावरी खोबरागडे ,आशा गजभिए, शबनम खोबरागडे ,सुजाता मेश्राम ,प्रतिभा खोबरागडे ,लता मेश्राम, ममता भोयर, सीमा अलमोरे, संध्या दहीवेले ,रानू मेश्राम, वृंदा बाई ,नंदा, आदि उपस्थित थे।
जगदलपुर। दिल्ली में बस्तर की आवाज कहलाने वाले सांसद दीपक बैज का कहना है कि पंद्रह साल तक बस्तर का दिल जलाने वाले लोग अब यहां सियासी पर्यटन पर आ रहे हैं और कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार द्वारा किए जा रहे ठोस विकास को देखकर जल रहे हैं। ये लोग किसी न किसी तरह बस्तर के विकास में रोड़े अटका रहे हैं। ये बस्तर का विकास, बस्तरियों का सुख, शांति, चैन, सुकून बर्दाश्त नहीं कर पा रहे, इसलिए कभी अपनी किसी महिला नेता से अभद्र टिप्पणी करवाते हैं तो कभी किसी से भ्रम पैदा करवाने की कोशिश करते हैं। जनता से झूठ बोलते हैं।
बस्तर सांसद दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्दोष आदिवासियों को झूठे मामलों मे फंसाकर जेल में डाल देने वाले लोग, आदिवासियों की जमीन औद्योगिक उपयोग के लिए दे देने वाले लोग, बस्तर के भोले भाले आदिवासियों का हर तरह से उत्पीड़न करने वाले लोग आज बस्तर का विकास सहन नहीं कर पा रहे हैं और बस्तर की जनता के सपनों को साकार होते नहीं देख पा रहे। बस्तर से उखड़ जाने पर भी बस्तर की जन भावनाओं का सम्मान करना इन्होंने नहीं सीखा। अगर कुछ सीखे होते तो नगरनार प्लांट के डी मर्जर की नौबत नहीं आती। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जब यह संकल्प पारित करा चुकी है कि अगर एनएमडीसी नगरनार प्लांट खुद चलाने की स्थिति में नहीं है तो इसे राज्य को संचालित करने दे दिया जाय तब इन्हें क्या दिक्कत है? ये केवल औद्योगिक घरानों का हित देखने वाले लोग हैं। इन्हें गरीब आदिवासियों, गरीब किसानों, मजदूरों से, उनके हितों से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा के पंद्रह साल के राज में बस्तर अंचल को केवल अशांति और छलावा मिला। बस्तर विकास का झांसा देकर आदिवासियों की जमीन औद्योगिक घराने को दे दी गई थी, जिसे कांग्रेस की सरकार ने वापस लौटा दिया। भाजपा राज में जबरन फसाए गए आदिवासियों को कांग्रेस सरकार ने जेल से मुक्ति दिलाकर उन्हें न्याय दिलाया। आज किसान, मजदूर के साथ साथ पशु धन को भी न्याय मिल रहा है। बस्तर में विकास और विश्वास की धारा बह रही है। लोग सुरक्षित हैं। भाजपा के राज में तो उनके मंत्री तक सड़क पर नहीं उतरते थे और उड़नखटोले का सहारा लिया करते थे। आज सड़क मार्ग से हमारे जनप्रतिनिधि दूर दूर तक जनता के बीच जाते हैं और उनकी भावनाओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करते हैं। यह बुनियादी फर्क सबको दिखाई दे रहा है। सिर्फ उन्हें यह नहीं दिखता, जिनकी सोच पर परदा पड़ा है। अन्यथा उनकी राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी इस तरह की बेहूदा टिप्पणी नहीं करतीं, जैसी यहां करके जन भावनाओं का अपमान करके गई थीं। उनकी केंद्रीय मंत्री ने भी बस्तर का सियासी पर्यटन किया लेकिन बस्तर का भला करने का विचार उनके मन में होता तो नगरनार प्लांट को बचाने के लिए बस्तर का समर्थन करना चाहिए था। ये लोग बस्तर का अब हो रहा विकास देखने आएं, बस्तर का अमन चैन देखने आएं, बस्तर की धरती पर बिखरे प्रकृति के सौंदर्य को निहारने आएं, पर्यटन के लिए आएं, बस्तर में इनका स्वागत है। लेकिन अब यहां की जनता इनके सियासी पर्यटन को कोई अहमियत नहीं देने वाली। बेहतर होगा कि “न विकास करेंगे और न करने देंगे” की संकुचित मानसिकता वाले लोग यहां की खुशहाली को नज़र न लगाएं।
छत्तीसगढ़ के जसपुर जिला के ग्राम पत्थलगांव बाजार पारा में स्थापित माता दुर्गा के विसर्जन के लिए निकली जुलूस पर लखीमपुर खीरी जैसे घटना हुई जिसमें एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन कई लोगों को के बीच घुस गई और लगभग सो डेढ़ सौ की संख्या में चल रही जुलूस में 20 लोगों को रौंदा जिसमें पत्थलगांव निवासी 21 वर्षीय युवा गौरव अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई एवं चार की स्थिति नाजुक बनी हुई है 15 अन्य गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्थानीय अस्पताल में उपचार करा रहे हैं उक्त घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी एवं आक्रोश का माहौल बन गया स्थानीय लोगों द्वारा आरोपी युवकों के द्वारा चलाई जा रही गाड़ी को 5 किलोमीटर दूर सुखरापारा के पास पकड़ा एवं गाड़ी को आग के हवाले कर दी एवं आरोपी युवक की जमकर पिटाई की इसके बाद पूरा पत्थलगांव क्षेत्र बंद करा दिया गया जानकारी के अनुसार घटना को अंजाम देने वाली गाड़ी मध्य प्रदेश की बताई जा रही है जोकि उड़ीसा से गांजा तस्करी कर मध्य प्रदेश के सिंगरौली जा रही थी वाहन में बबलू विश्वकर्मा उम्र 21 वर्ष एवं शिशुपाल साहू उम्र 26 वर्ष मौजूद थे दोनों ही आरोपी मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं जिन्हें भीड़ से बचाकर स्थानीय पुलिस थाने में लाया गया मौके पर कलेक्टर रितेश अग्रवाल एवं पुलिस के उच्च अधिकारी पहुंच चुके थे उक्त घटना की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरा दुख व्यक्त किया एवं तत्काल जांच के निर्देश दिए प्रथम दृष्टया दोषी दो पुलिस अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई एवं प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया वही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने मृतक परिवार को ₹5000000 मुआवजा देने की मांग की तथा दोषियों पर कार्यवाही करने तथा घायलों को मुआवजा देने एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही |
दो अधिकारीयों पर गिरी गाज
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की घटना के बाद पुलिसकर्मियों पर गाज गिर गई है. एसपी विजय अग्रवाल ने एएसआई कृष्ण कुमार साहू को निलंबित कर दिया है. वहीं थाना प्रभारी संतलाल आयाम को लाइन अचैट कर दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला पथलगांव थाना क्षेत्र का है. कार क्रमांक एमपी 18 सी 5319 में गांजा भरा हुआ था. उस भीड़ तक पहुंचने से पहले कार सवार ने एक व्यक्ति को कुचला था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए भीड़ उसके पीछे भागी. तब कार सवार युवक ने वाहन की रफ्तार तेज कर दी. इतने में ही सामने दुर्गा विसर्जन करने जा रहे भक्तों को कुचलते हुए कार आगे निकल गई. जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना के दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. आरोपी बबलू विश्वकर्मा (21 वर्ष) और शिशुपाल साहू (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के निवासी हैं. छत्तीसगढ़ से पास हो रहे थे. पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई कर रही है. बता दें कि जशपुर जिले के पत्थलगांव में दुर्गा विसर्जन करने जा रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया है. इस हादसे में 14 ग्रामीण घायल हैं. 1 व्यक्ति की मौत और 2 लोगों को रेफर किया गया है. कार से कुचलने वाले 2 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ओडिशा से गांजा तस्करी कर दोनों आरोपी मध्यप्रदेश जा रहे थे. पुलिस ने दोनों तस्करों को पकड़ा है |
नारायणपुर जिला मुख्यालय थाना क्षेत्र बेनूर के गुम इंसान क्रमाक 09/21 मनेश्वरी प्रधान पिता सम्पत सिंह प्रधान 25 वर्ष ग्राम चिंगनार जो कल दिनाँक 13/10/21के रात्रि लगभग 11 बजे अपने घर से बिना बताये चले गई थी घर वाले व परिजन ने तत्काल बेनूर थाना में गुमशुदा बालिका का रिपोर्ट दर्ज करवाया बेनूर थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग के नेतृव में थाना बेनूर के स्टाफ के द्वारा तत्काल पता तलाश कर दस्तयाब किया गया।। 14/10/21 को थाना में गुम इंसान दर्ज किया गया महज एक दिन में पुलिस टीम द्वारा लड़की को ढूंढ कर सफलता हासिल किया और उसको परिजनों को सौंपा गया बताया अनुसार लड़की बिना बताया घर से निकल गयी थी जिसे कोंडागांव से पुलिस टीम द्वारा बेनूर थाना लाया गया इस प्रकार समझाइस देकर परिवार जन को सुपुर्द किया गया ।।
दशहरा के दिन पुतला दहन के बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाते थे, लेकिन कोरोना काल को देखते हुए कुछ समितियों द्वारा कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा उत्सव पखवाड़े भर तक चलता है। माना जा रहा है कि यह परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी।
नगर में इस बार कोरोना काल को देखते हुए प्रशासन के दिशानिर्देश का पालन न कर सकने के कारण फुटबॉल ग्राउंड स्टेडियम में किया जाने वाला क्षेत्र का सबसे भव्य दशहरा उत्सव को स्थगित करने से आम जनता के बीच निराशा होना पड़ रहा है | वहीँ श्रमिक दुर्गोत्सव एवं दशहरा समिति कैंप न 1 दल्लीराजहरा द्वारा दशहरे का पर्व भव्य होने की सम्भावना बन गई है चूँकि पौराणिक कथा के अनुसार दशहरा के दिन भगवान राम ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी. भारत अपनी शानदार सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए हर साल इस त्योहार को बड़े ही धूम धाम से मनाता आया है. इसे दशहरा या विजयदशमी के नाम से जाना जाता है. यह त्यौहार पूरे देश में पारंपरिक उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है |
पुराना बाजार में कैंप न 1 में आज दशहरा उत्सव का कार्यक्रम संध्या 6.30 बजे रंगीन आतिशबाजी के साथ प्रारंभ होगा व रावण वध किया जायेगा एवं रात्रिकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत 9 बजे रंगारंग कार्यक्रम किया जायेगा जिसमे “लोक सरगम” छुईहा गरियाबंद के कलाकारों द्वारा संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा |
सिटी मीडिया समस्त नगरवासियों/ग्रामीणवासियों से अनुरोध है कि कोरोना के नियमों का पालन करते हुए मास्क व सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें |
दशहरा के पावन अवसर पर नारायणपुर पुलिस द्वारा शस्त्र पूजा की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उदय किरण, उप पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार, उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका मरावी, रक्षित निरीक्षक दीपक साव, थाना प्रभारी मनोज बंजारे, निरीक्षक मालिकराम और निरीक्षक आकाश मसीह सहित रक्षित केंद्र नारायणपुर के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
पूजा उपरांत पुलिस अधीक्षक उदय किरण ने जवानों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए जवानों को आर्म्स / एमयुनेशन की बेहतर के रखरखाव के लिए प्रेरित किया।
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने एक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक, पारिवारिक शांति के लिए उन पुरुषों को नसीहत दी थी जो शराब पीकर अपने घर परिवार को पीड़ा पहुंचा रहे हैं। इस मामले में एक वीडियो सोशल मीडिया में छा गया और कहा जाने लगा कि महिला मंत्री ने शराब न पीने की सलाह न देकर कम पीने की समझाइश दी है। मंत्री की समझाइश पर हंगामा खड़ा हो गया और अब इस बारे में उनका कहना है कि एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उनके द्वारा कही गई बातों को राजनीतिक शरारत के साथ तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। भेंड़िया ने कहा कि जिन लोगों को शराब की लत लग चुकी है, उनसे मैंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि आप लोग थोड़ा पीना-खाना कम कर दें, क्योंकि हमारी मां-बहनों को घर चलाना होता है, गृहस्थी चलानी होती है, बच्चे पालने होते हैं, इन सब परिस्थितियों में उन्हें बहुत मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। मेरी बातों का अर्थ यही था कि शराब की लत अच्छी नहीं होती, इससे मुक्ति पानी चाहिए। शराब पीकर घर के लोगों को प्रताड़ित करना भी अच्छी बात नहीं है। बेशक, मंत्री श्रीमती भेंड़िया की भावना यही रही होगी। उनकी बातों का अर्थ भी यही रहा होगा लेकिन राजनीति में सबब और बेसबब हंगामा खड़ा न हो तो सियासत रंगहीन न हो जायेगी? यहां यह सिद्धांत एक कोने में पड़ा रहता है कि बेसबब हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं! यहां तो हंगामा खड़ा करने के मकसद से ही मुद्दे तलाशे जाते हैं। हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी सी पीने की ही तो नसीहत दी है… मंत्री श्रीमती भेंड़िया की बात का राजनीति से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। वे दरअसल महिलाओं की पीड़ा के संदर्भ में पीने वाले पुरुषों को समझाने का सामाजिक दायित्व निभा रही थीं। यहां तो बात का बतंगड़ बन गया। मंत्री श्रीमती भेंड़िया लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही थीं। उनके मन में कोई राजनीतिक भाव होता तो वे किसी चतुर राजनीतिज्ञ की तरह कोई गोलमोल जवाब देकर विषय को टाल सकती थीं। किंतु उन्होंने सहज भाव से व्यावहारिक बात कह दी। यहां छत्तीसगढ़ में कायदे से शराब पर सियासत नहीं बल्कि सम्पूर्ण चिंतन होना चाहिए। बिहार जैसी परिस्थिति यहां नहीं है। यहां की आदिवासी संस्कृति में हर अवसर विशेष पर शराब का महत्व है। एक खबर सामने आई थी कि बिहार में एक आदिवासी बेटी की शादी में पारंपरिक अनुष्ठान के लिए शराब का इंतजाम करना इतना महंगा पड़ा कि कई लोग शिकंजे में फंस गए। इस दौरान बारात उस बेटी के यहां डेरा डाले रही। समझा जा सकता है कि रीति रिवाज से समझौता और किसी पाबंदी का उल्लंघन कितना संवेदनशील मामला है। यहां यह चिंतन होना चाहिए कि शराब की बढ़ती लत पर अंकुश कैसे लगाया जाय। एक बात और, वह यह कि शराब तो छत्तीसगढ़ को विकास के लिए राजस्व दे रही है, उस धुआं धक्कड़ पर निगाह डाली जाए, जिसका साधन प्रतिबंध के बावजूद पड़ोसी राज्यों से यहां आ रहा है और पड़ोसी राज्यों में जा रहा है।
जगदलपुर। विजयदशमी के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद्र जैन के द्वारा विशाल भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमे आबकारी मंत्री ने भी माँ की आराधना करने के साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया |
बता दे कि विगत 2 वर्षों तक कोरोना के चलते बहुत से आयोजन नही हो पा रहे थे, ऐसे में बस्तर में इस बार फिर से खुशहाली के साथ ही बस्तर दशहरा देखने के लिए दूर दराज से भक्तों का सैलाब जन उमड़ गया, इस कोरोना बीमारी के कुछ कमी के चलते संसदीय सचिव रेखचंद्र जैन के द्वारा विशाल भंडारा का आयोजन किया गया, इस मौके पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा के द्वारा माता के छायाचित्र पर पूजा अर्चना करने के बाद माझी चालाकी के साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण करना शुरू किया गया, प्रसाद वितरण करने के दौरान छोटे बच्चो ने कवासी लखमा से भी प्रसाद लेने की इच्छा भी जताई, जिसके बाद कवासी लखमा के साथ ही विधायक रेखचंद्र जैन व अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रसाद का वितरण शुरू किया, वही आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि बस्तर में माँ दंतेश्वरी की कृपा बनी रहे , साथ मे बस्तर से जल्द ही नक्सलवाद भी खत्म हो जाये, यही कामना की जा रही है। इस दौरान विधायक राजमन बेंजाम, शहर जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा, अक्षय ऊर्जा के मिथिलेश स्वर्णकार, बलराम मौर्य, सफिरा साहू,कविता साहू, जीशान कुरैशी, हेमू उपाध्यक्ष, विक्रम डांगी, अवधेश झा ,रमेश जैन, वेंकट राव, अनिल , अजय बिसाई, धर्मेंद्र चौहान, अरुण गुप्ता, अरुण बरडिया, जितेंद्र कोचर, मनोज दुग्गड़, प्रकाश ठाकुर, सुंदर सोढ़ी, सामू कश्यप व अन्य मौजूद थे |
रायपुर, 14 अक्टूबर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा है कि एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उनके द्वारा कही गई बातों को राजनीतिक शरारत के साथ तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा कि जिन लोगों को शराब की लत लग चुकी है उनसे मैंने छत्तीसगढ़ी में कहा- “आप लोग थोड़ा पीना-खाना कम कर दें, क्योंकि हमारी मां-बहनों को घर चलाना होता है, गृहस्थी चलानी होती है, बच्चे पालने होते हैं, इन सब परिस्थितियों में उन्हें बहुत मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है।” मेरी बातों का अर्थ यही था कि शराब की लत अच्छी नहीं होती, इससे मुक्ति पानी चाहिए। शराब पीकर घर के लोगों को प्रताड़ित करना भी अच्छी बात नहीं है।”